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सेवा, अनुशासन और जनसहभागिता का संदेश, सिंहस्थ को लेकर स्काउट एंड गाइड की खास संगोष्ठी

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आगामी सिंहस्थ को लेकर सेवा कार्यों की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री निवास में भारत स्काउट एंड गाइड की विशेष संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा, सहायता और व्यवस्थाओं में स्वयंसेवकों की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने, सेवा शिविरों के संचालन और विभिन्न व्यवस्थाओं में स्वयंसेवकों की भागीदारी को लेकर विचार-विमर्श किया गया। स्काउट एंड गाइड के प्रशिक्षित स्वयंसेवकों के अनुभव और कौशल का उपयोग सेवा कार्यों में प्रभावी ढंग से करने पर भी चर्चा हुई।

संगोष्ठी में श्रद्धालुओं की सुविधा, मार्गदर्शन, भीड़ प्रबंधन, प्राथमिक सहायता और आपातकालीन परिस्थितियों में सहयोग जैसे विषयों को महत्वपूर्ण बताया गया। सेवा कार्यों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों एवं स्वयंसेवी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।

इस अवसर पर सिंहस्थ को केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और जनसहभागिता का व्यापक अवसर बनाने की दिशा में कार्य करने की बात कही गई। भारत स्काउट एंड गाइड से जुड़े पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने सिंहस्थ के दौरान पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ सेवा कार्यों में योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

संगोष्ठी का उद्देश्य सिंहस्थ की तैयारियों में युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी सेवा तंत्र तैयार करना रहा।

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर CM डॉ. यादव का बड़ा संदेश, बोले- आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ और मजबूत करेंगे

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा परंपरा बताते हुए इसके संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, खान-पान और रोगों से बचाव की समग्र दृष्टि भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी मजबूत किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा और इससे जुड़ी सुविधाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थानों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ लोगों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की उपयोगिता को आधुनिक संदर्भ में और प्रभावी बनाने के लिए अनुसंधान, नवाचार तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना जरूरी है। युवा पीढ़ी को भारत की इस प्राचीन चिकित्सा विरासत से जोड़ने के प्रयास भी किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आयुर्वेद और अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी आगे बढ़ाया जाए।

गांव से शहर तक विकास की नई रफ्तार, CM साय बोले- छत्तीसगढ़ को बनाएंगे समृद्ध और आत्मनिर्भर

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। प्रदेश में अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में लगातार काम किए जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही है। प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ ही अधूरी योजनाओं को पूरा करने और नई परियोजनाओं को जमीन पर उतारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विकास की गति और तेज होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य की प्राकृतिक और मानव संसाधन क्षमता का बेहतर उपयोग कर छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों और शहरों के बीच विकास का संतुलन बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ शहरी क्षेत्रों में आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सुशासन के माध्यम से प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ाया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के सहयोग और सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा किया जाएगा। सरकार विकास की गति को और तेज करते हुए राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्राचीन ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा का संगम, आयुर्वेद को बढ़ावा देने पर CM साय का जोर

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। इसमें स्वस्थ जीवनशैली, रोगों से बचाव और उपचार से जुड़े व्यापक ज्ञान का भंडार मौजूद है। राज्य सरकार आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक समग्र दृष्टि प्रदान करता है। बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच आयुर्वेद एवं अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की उपयोगिता और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ इनके वैज्ञानिक अध्ययन और अनुसंधान को भी प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समग्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और भारतीय चिकित्सा ज्ञान भारत की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक संदर्भ में उपयोग को बढ़ावा देकर स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

वकील से मारपीट पर बड़ा एक्शन, जहांगीराबाद TI समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित

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राजधानी भोपाल में वकील के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए जहांगीराबाद थाना प्रभारी (TI) समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, वकील के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का मामला सामने आया था। घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा और वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत पहुंची। प्रारंभिक स्तर पर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।

निलंबन के साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर भी विभाग गंभीर है।

वहीं, घटना के बाद वकीलों के बीच भी नाराजगी देखी गई। मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर आगे की स्थिति जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

बीजेपी मीडिया विभाग में बड़ा बदलाव, आशीष अग्रवाल राष्ट्रीय मीडिया संयोजक; बृजगोपाल लोया को MP की जिम्मेदारी

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मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया विभाग में बुधवार को बड़ा बदलाव हुआ। ग्वालियर के आशीष उषा अग्रवाल को बीजेपी का राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बनाया गया है। इससे पहले वे राष्ट्रीय मीडिया सह-संयोजक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

आशीष अग्रवाल लंबे समय से मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया संगठन से जुड़े रहे हैं। वे प्रदेश प्रवक्ता और इसके बाद 29 अप्रैल 2023 से मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं, आशीष अग्रवाल के राष्ट्रीय संगठन में जाने के बाद रायसेन के बृजगोपाल लोया को मध्य प्रदेश बीजेपी का नया प्रदेश मीडिया प्रभारी बनाया गया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है।

इस बदलाव के साथ बीजेपी के मध्य प्रदेश मीडिया विभाग की जिम्मेदारियों में भी फेरबदल हुआ है। पार्टी के मीडिया और संचार तंत्र में यह बदलाव 2026 के संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा है।

भोपाल से होगा ‘सुगम परिवहन सेवा’ का शंखनाद, MP की सड़कों पर दौड़ेंगी हाईटेक और सुरक्षित बसें

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मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम पहल होने जा रही है। राजधानी भोपाल से ‘सुगम परिवहन सेवा’ का शुभारंभ किया जाएगा। इस सेवा के जरिए प्रदेश में यात्रियों को बेहतर सुविधाओं से लैस हाईटेक और सुरक्षित बस परिवहन उपलब्ध कराने की तैयारी है।

नई परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। बसों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे संचालन की निगरानी, यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सके।

‘सुगम परिवहन सेवा’ के जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने पर जोर रहेगा। आधुनिक बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलने के साथ ही परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

राजधानी भोपाल से इस सेवा की शुरुआत को प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ऐसी परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, जो सुरक्षित, सुविधाजनक और तकनीक आधारित हो तथा आम यात्रियों की रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाए।

शारदीय नवरात्रि का उत्साह चरम पर, बाजारों में बढ़ी रौनक और खरीदारी

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शारदीय नवरात्रि के आगमन से पहले बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। देवी आराधना के इस प्रमुख पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आ रहा है। शहर के बाजारों में पूजा सामग्री, माता की चुनरी, श्रृंगार सामग्री, फूल-माला और सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई है।

पूजा सामग्री की खरीदारी तेज
नवरात्रि की तैयारियों के लिए लोग पूजा की थाली, कलश, नारियल, चुनरी, रोली, मौली, धूप-बत्ती और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं माता की प्रतिमा और पूजा स्थलों को सजाने के लिए आकर्षक सजावटी सामग्री भी बाजार में उपलब्ध है।

देवी मंदिरों में भी तैयारियां
नवरात्रि को देखते हुए शहर के देवी मंदिरों में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों की साफ-सफाई, सजावट और रोशनी का काम तेज हो गया है। नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारियां भी चल रही हैं।

बाजारों में बढ़ी रौनक
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ कपड़ों, आभूषणों और अन्य सामान की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। व्यापारियों को नवरात्रि के दौरान कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है। श्रद्धालु भी पर्व को लेकर उत्साह के साथ खरीदारी और तैयारियों में जुटे हुए हैं।

भारत में डिजाइन, दुनिया के लिए निर्माण, ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ को बढ़ावा देने पर जोर

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भारत में नवाचार, डिजाइन और विनिर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘डिजाइन इन इंडिया’, ‘मेक फॉर इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को साकार करने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल का लक्ष्य देश की प्रतिभा, तकनीक और उत्पादन क्षमता को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।

डिजाइन और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
‘डिजाइन इन इंडिया’ के तहत देश में उत्पादों के डिजाइन, अनुसंधान और नवाचार की क्षमता को मजबूत करने पर जोर है। इसका उद्देश्य भारतीय युवाओं, स्टार्टअप्स और उद्योगों को नए उत्पाद विकसित करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

घरेलू जरूरतों से वैश्विक बाजार तक
‘मेक फॉर इंडिया’ के जरिए देश की बढ़ती घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारत में ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। वहीं ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के तहत भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है।

सरकार का जोर तकनीक, कौशल, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने पर भी है। इससे विनिर्माण क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।

इंफ्रास्ट्रक्चर से कृषि तक बड़ा फैसला, MP कैबिनेट ने 13,790 करोड़ रुपये किए स्वीकृत

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मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य विकास परियोजनाओं को तेज करना और प्रदेश में आवश्यक अधोसंरचना को और मजबूत बनाना है।

स्वीकृत राशि के माध्यम से बुनियादी ढांचे के विस्तार, कृषि क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने से जुड़े कार्यों को गति दी जाएगी। इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने और विभिन्न क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई गति
कृषि विस्तार से जुड़े कार्यों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रदेश में कृषि उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीक और किसानों तक सुविधाओं की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों को गति देने का लक्ष्य है। मध्यप्रदेश का कृषि विभाग पहले से ही कृषि यंत्रीकरण और किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए योजनाएं संचालित कर रहा है।

अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
सरकार का फोकस विकास परियोजनाओं के साथ प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर भी है। करीब 13,790 करोड़ रुपये की स्वीकृति से प्रदेश में अधोसंरचना विकास और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मंत्रिपरिषद के इस निर्णय को प्रदेश में विकास, कृषि और प्रशासन—तीनों क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।