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रक्षाबंधन पर नरम पड़े सोने के दाम, ज्वेलरी खरीदारों के लिए राहत

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रक्षाबंधन के मौके पर सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 27 अगस्त को सोने के भाव में तेज बढ़ोतरी के बाद बाजार में कीमतों में नरमी के संकेत मिले हैं। इससे त्योहार के दौरान सोने और आभूषणों की खरीदारी करने वाले ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है।

देश के अलग-अलग शहरों में सोने के दाम शुद्धता और स्थानीय बाजार के अनुसार अलग-अलग बने हुए हैं। 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव में भी अंतर देखने को मिलता है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय जीएसटी और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ने के कारण अंतिम कीमत बाजार भाव से अधिक हो सकती है।

रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान सोने और चांदी की मांग बढ़ने से कीमतों पर असर पड़ता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, डॉलर की चाल और घरेलू मांग जैसे कारक भी कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमतों में रोजाना बदलाव संभव है, इसलिए आभूषण खरीदने से पहले अपने शहर के ताजा भाव की जानकारी लेना जरूरी है। त्योहारी सीजन में कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

दो दशक बाद Khosla परिवार की वापसी, ‘Khosla Ka Ghosla 2’ को लेकर बढ़ा उत्साह

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लंबे इंतजार के बाद चर्चित फिल्म ‘Khosla Ka Ghosla 2’ आज 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। साल 2006 में आई कल्ट कॉमेडी फिल्म ‘Khosla Ka Ghosla’ के करीब 20 साल बाद इसका सीक्वल दर्शकों के बीच पहुंचा है। फिल्म को रक्षाबंधन के मौके पर रिलीज किया गया है।

फिल्म में अनुपम खेर, बोमन ईरानी और रणवीर शौरी समेत मूल फिल्म के कई कलाकार फिर नजर आ रहे हैं। किरण जुनेजा, परवीन डाबास और तारा शर्मा भी अपनी भूमिकाओं के साथ वापसी कर रहे हैं। वहीं, रवि किशन और दिव्या खोसला जैसे नए चेहरे भी फिल्म का हिस्सा हैं।

‘Khosla Ka Ghosla 2’ का निर्देशन प्रशांत भगिया ने किया है। फिल्म की कहानी और कॉमेडी को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। निर्माताओं के अनुसार, सीक्वल में Khosla परिवार की कहानी को नए अंदाज और नए ट्विस्ट के साथ आगे बढ़ाया गया है।

पहली फिल्म की तरह इस बार भी अनुपम खेर और बोमन ईरानी की जोड़ी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। फिल्म की रिलीज से पहले कलाकारों की सोशल मीडिया गतिविधियों और प्रमोशनल वीडियो ने भी दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ाई है।

अब देखना होगा कि करीब दो दशक बाद बड़े पर्दे पर लौटी यह कॉमेडी फ्रेंचाइजी दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और बॉक्स ऑफिस पर कैसी शुरुआत करती है।

सावन पूर्णिमा आज, शिव-पार्वती पूजन के साथ स्नान-दान से मिलता है पुण्य

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सावन पूर्णिमा हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करने, व्रत रखने तथा स्नान-दान की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के पवित्र महीने में शिव आराधना करने से भक्तों को भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सावन पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके साथ ही माता पार्वती की भी विधि-विधान से आराधना की जाती है। कई भक्त इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन पूर्णिमा पर पूजा, जप, तप और दान का विशेष महत्व है। पवित्र नदियों में स्नान करने और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य सामग्री का दान करने की भी परंपरा रही है। माना जाता है कि श्रद्धापूर्वक किए गए इन धार्मिक कार्यों से सुख-समृद्धि और परिवार में शांति की कामना की जाती है।

इस वर्ष सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन को लेकर तिथियों के संबंध में अलग-अलग पंचांगों में गणना का अंतर देखने को मिला है। हालांकि रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त की सुबह तक रहने की जानकारी भी विभिन्न पंचांग-आधारित स्रोतों में दी गई है।

सावन पूर्णिमा के दिन देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। भक्त भगवान शिव और माता पार्वती से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष श्रृंगार, अभिषेक और भजन-कीर्तन जैसे धार्मिक आयोजन भी किए जाते हैं।

प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन आज, देशभर में उत्सव का माहौल

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देशभर में आज शुक्रवार, 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सावन पूर्णिमा के अवसर पर मनाया जाने वाला यह त्योहार भाई-बहन के बीच प्रेम, स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है।

रक्षाबंधन के अवसर पर सुबह से ही घरों में उत्सव का माहौल है। बहनें पूजा की थाली सजाकर भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही हैं और उनके सुख, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य एवं लंबी उम्र की कामना कर रही हैं। वहीं भाई भी अपनी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट कर रहे हैं।

इस पर्व को लेकर बाजारों में भी खास रौनक देखने को मिल रही है। रंग-बिरंगी राखियों, मिठाइयों और उपहारों की दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आ रही है। कई परिवार दूर-दराज से अपने भाई-बहनों के घर पहुंचकर इस विशेष दिन को साथ मिलकर मना रहे हैं।

रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय पारिवारिक परंपराओं और आपसी स्नेह को मजबूत करने वाला पर्व भी है। यह दिन रिश्तों में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को और गहरा करता है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में रक्षाबंधन को लेकर अलग-अलग परंपराएं और रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं, लेकिन पर्व का मूल भाव भाई-बहन के स्नेह और एक-दूसरे के प्रति समर्पण से जुड़ा हुआ है।

रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर देशभर में लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं और परिवार के साथ खुशियां साझा कर रहे हैं।

CM डॉ. यादव का रक्षाबंधन संदेश, भाई-बहन के पवित्र बंधन की बताई खासियत

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को पवित्र पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आपसी प्रेम का प्रतीक है। यह पर्व परिवार और समाज में प्रेम, सौहार्द तथा आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति और परंपराओं में विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुखी एवं सुरक्षित जीवन की मंगलकामना करती हैं, वहीं भाई बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व हमें महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को याद दिलाता है। समाज में बेटियों और बहनों को समान अवसर एवं सम्मान मिलना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से पर्व को प्रेम, सौहार्द और उत्साह के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कामना की कि रक्षाबंधन का यह पावन अवसर हर परिवार में खुशियां लेकर आए और प्रदेश में आपसी भाईचारा तथा सामाजिक समरसता और मजबूत हो।

52 साल बाद महिला हॉकी टीम का शानदार प्रदर्शन, विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल

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भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह विश्व कप में भारत का 1974 के बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

मुकाबले के पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और स्कोर बराबर रहा। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरे हाफ में आक्रामक खेल दिखाते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।

भारत के लिए इशिका ने 43वें मिनट में पहला गोल किया। इसके बाद नवनीत कौर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 44वें और 47वें मिनट में लगातार दो गोल दागे। जर्मनी की ओर से लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एक गोल किया, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए 3-1 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने विश्व कप अभियान का शानदार समापन किया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक मुकाबला गंवाया। 1974 के पहले महिला हॉकी विश्व कप में भारत चौथे स्थान पर रहा था और अब 52 साल बाद टीम ने पांचवां स्थान हासिल कर एक बार फिर अपनी मजबूत वापसी का संकेत दिया है।

भारतीय टीम के इस प्रदर्शन से खिलाड़ियों और प्रशंसकों में उत्साह है। विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी भारतीय महिला हॉकी को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे नेपाल को एक और झटका, महसूस हुए भूकंप के कंपन

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नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 389 हो गई है, जबकि नेपाल और तिब्बत में 1,400 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रहे हैं।

भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा जिले के तिमुरे, स्याफ्रुबेसी समेत कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। बाढ़ का पानी अपने साथ वाहन, मकान, सड़कें और पुल तक बहा ले गया। कई इलाकों का संपर्क टूट जाने से राहत एवं बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।

शुरुआत में क्षेत्र में आए तेज झटकों को भूकंप से जोड़कर देखा गया था, लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार शुरुआती तौर पर दर्ज की गई भूकंपीय गतिविधि वास्तव में हिमनद के ढहने और मलबे के बहाव से जुड़ी थी। इस घटना के बाद भारी मात्रा में पानी, बर्फ, चट्टान और मलबा नीचे की ओर तेजी से आया, जिससे फ्लैश फ्लड की स्थिति बनी।

नेपाल में सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवान राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है। नेपाल सेना ने कई हेलीकॉप्टर और आपदा प्रतिक्रिया दल तैनात किए हैं।

इस प्राकृतिक आपदा में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की खबर है। भारत के भी कई नागरिक प्रभावित क्षेत्र में लापता बताए गए हैं। भारतीय अधिकारियों की ओर से राहत और बचाव प्रयासों के साथ नागरिकों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।

प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दुर्गम पहाड़ी इलाकों तक पहुंचना और लापता लोगों का पता लगाना है। खराब मौसम, क्षतिग्रस्त सड़कें और लगातार बने खतरे के बीच बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

चीनी के दाम बढ़ने पर CM योगी का बड़ा बयान, बोले- कमी की चिंता न करें

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उत्तर प्रदेश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाजार में उपलब्धता को लेकर लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

सीएम योगी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में हर महीने करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है, जबकि राज्य में लगभग 28 लाख टन चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। यह भंडार करीब सात महीने की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त बताया गया है।

मुख्यमंत्री ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों को बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रखने तथा अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई करने को कहा गया है।

सरकार का कहना है कि प्रदेश में आगामी पेराई सत्र शुरू होने के बाद चीनी का उत्पादन भी बढ़ेगा। रिपोर्टों के अनुसार, अक्टूबर में मिलों के दोबारा शुरू होने के बाद करीब 90 लाख टन अतिरिक्त चीनी उत्पादन की उम्मीद है। इससे आने वाले समय में आपूर्ति और मजबूत होने की संभावना है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश के बाजारों में चीनी के दाम में कुछ नरमी के संकेत भी मिले हैं। थोक बाजार में हाल के दिनों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद है।

सीएम मोहन यादव और राजनाथ सिंह ने दी जबलपुर को बड़ी सौगात, टैंक ओवरहॉल प्रोजेक्ट की रखी नींव

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जबलपुर में टी-सीरीज टैंक के ₹472 करोड़ के ओवरहॉल प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन किया। इस परियोजना को रक्षा उत्पादन और सैन्य उपकरणों के रखरखाव के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जबलपुर की रक्षा क्षेत्र में भूमिका और मजबूत होने की उम्मीद है।

भूमि-पूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश लगातार औद्योगिक और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं के विस्तार से प्रदेश में निवेश, रोजगार और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक, स्वदेशी उत्पादन और सैन्य उपकरणों के रखरखाव की मजबूत व्यवस्था आवश्यक है। इस तरह की परियोजनाएं आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

₹472 करोड़ की लागत से प्रस्तावित ओवरहॉल प्रोजेक्ट के माध्यम से टैंकों के रखरखाव, मरम्मत और तकनीकी उन्नयन से संबंधित कार्य किए जाएंगे। परियोजना के क्रियान्वयन से रक्षा प्रतिष्ठानों की क्षमता में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।

जबलपुर लंबे समय से देश के महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठानों का केंद्र रहा है। नई परियोजना के शुरू होने से शहर की रक्षा औद्योगिक पहचान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, रक्षा क्षेत्र के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जशपुर में विकास की नई पहल, मुख्यमंत्री साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के विकास को गति देने और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का शुभारंभ किया। इस योजना को जिले में विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी, प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और जनहितकारी योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ‘जशपुर एक्सप्रेस’ के माध्यम से विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं और विकास परियोजनाओं का लाभ ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक प्राथमिकता के साथ पहुंचे। साथ ही, जनसमस्याओं के निराकरण में तेजी लाते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, रोजगार, कृषि और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को आगे बढ़ाकर जशपुर को विकास की नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। योजना के शुभारंभ से जिले में विकास कार्यों की गति और सरकारी सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ने की उम्मीद जताई गई।