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नहीं टलेगी नीट पीजी परीक्षा, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

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सुप्रीम कोर्ट ने पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट पीजी) 2022 को स्थगित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नीट पीजी 2022 को स्थगित करने के अनुरोध पर विचार नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे मरीजों की देखभाल और डॉक्टरों के करियर पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि मरीजों की देखभाल सर्वोपरि है। अब नीट पीजी परीक्षा निर्धारित तिथि 21 मई को ही आयोजित होगी। शीर्ष अदालत के फैसले के बाद आज इसके एडमिट कार्ड ( NEET PG Admit Card ) जारी किए जा सकते हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि नीट पीजी की तिथि आगे बढ़ाने से जनवरी 2016 में अदालत द्वारा निर्धारित एडमिशन शेड्यूल पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इस शेड्यूल के मुताबिक नीट पीजी 2022 परीक्षा की प्रक्रिया पहले ही चार माह देरी से चल रही है। केंद्र ने कहा कि नीट पीजी 2023-24 परीक्षा जनवरी 2023 में तय की गई है। सरकार का प्रयास है कि पिछले 2 वर्षों के दौरान कोविड -19 के कारण पटरी से उतरा एडमिशन शेड्यूल वापस पटरी पर लाया जाए।

अदालत ने केंद्र के इस तर्क को स्वीकार किया कि अस्पतालों में पहले से ही रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी है क्योंकि इस साल पीजी डॉक्टरों के 2 बैच थे। कोर्ट ने कहा कि किसी भी राहत से मरीजों की देखभाल और डॉक्टरों की उपलब्धता पर असर पड़ेगा। यह उन 2.06 लाख डॉक्टरों के करियर को भी प्रभावित करेगा जिन्होंने इस साल नीट-पीजी 2022 के लिए पंजीकरण कराया है।

सुप्रीम कोर्ट डॉक्टरों के एक समूह द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें नीट पीजी परीक्षा को स्थगित करने की मांग की गई थी। याचिककर्ता डॉक्टरों का कहना था कि नीट पीजी 2022 की परीक्षा के दौरान ही नीट पीजी 2021 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग भी होगी, ऐसे में नीट पीजी 2022 को स्थगित करना चाहिए।

पिछले सप्ताह वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश खन्ना ने याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट इस पर राजी हो गया था। अधिवक्ता आशुतोष दुबे और अभिषेक चौहान के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता चिकित्सक हैं जो देश के विभिन्न अस्पतालों में इंटर्नशिप कर रहे हैं। वे 21 मई को निर्धारित नीट-पीजी परीक्षा 2022 में शामिल होना चाहते हैं। इसमें मांग की गई थी कि नीट-पीजी 2022 परीक्षा 21 मई को आयोजित करने संबंधी आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड की चार फरवरी को जारी अधिसूचना रद्द की जाए और अथवा परीक्षा का कार्यक्रम टाल दिया जाए।

शिवराज कैबिनेट: नक्सल क्षेत्रों में 5 साल के लिए विशेष दस्ते गठित, 25 हजार मानदेय

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भोपाल : राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अपना सूचनातंत्र मजबूत करने के लिए क्षेत्र के मूल निवासियों से मध्यप्रदेश विशेष सहयोगी दस्ता गठित करेगी। इसमें डेढ़ सौ पदों पर पांच साल के लिए तैनाती होगी और पच्चीस हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय भी दिया जाएगा। पांच साल तक अच्छा काम करने वाले सहयोगी को राज्य सरकार आरक्षक के पद पर विशेष नियुक्ति भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

विशेष सहयोगी दस्ता गठित किए जाने के लिए दस्यू उन्मूलन क्षेत्रों के लिए स्वीकृत  एवं रिक्त एक हजार पदों में से डेढ़ सौ पद समर्पित किए जाएंगे। इन पदों पर बालाघाट जिले के बैहर, बिरसा, परसवाड़ा, लांझी, किरनापुर, मंडला जिले के बिछिया, मवई और डिंडोरी जिले के बजाग, धमनापुर के कुल दस नक्सल प्रभावित विकासखंडों में स्थानीय युवाओं को 25 हजार रुपए प्रतिमाह की अनुबंध राशि पर पांच वर्ष के अनुबंध पर नियुक्त किया जाएगा। जो युवा पांच वर्षो की अनुबंध अवधि में संतोषप्रद सेवाएं देंगे उन्हें क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर पुलिस महानिदेशक द्वारा आरक्षक के पद पर विशेष नियुक्ति प्रदान की जाएगी।

विशेष पुलिस अधिकारी के पावर
विशेष सहयोगी दस्ते में शामिल युवाओं को अनुबंध अवधि में विशेष पुलिस अधिकारी के रुप में पुलिस अधिनियम 1861 की धारा 18 के अंतर्गत शक्तियां प्रदान की जाएंगी। दस्ते में शामिल युवाओं से नक्सलाईट प्रभावित क्षेत्रों में गश्ती दल, कानून व्यवस्था , थाना रिजर्व  बल, गार्ड ड्यूटी, आसूचना आंकलन आदि सेवाओं में उपयोग किया जाएगा।

इस पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाह योजना में वधू को दी जाने वाली सामग्री के लिए भंडार क्रय नियमों और सेवा उपार्जन नियमों को शिथिल करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई है।

राज्यपाल सचिवालय में 85 अस्थाई कर्मचारियों की तैनाती 2026 तक
राज्यपाल सचिवालय स्थापना में स्वीकृत अस्थाई पदों के लिए स्वीकृत कुल 85 अस्थाई पदों को एक मार्च 21 से 28 फरवरी 2026 तक निरंतर रखे जाने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया।

पृथ्वी शॉ को हुआ ‘टाइफाइड’

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नई दिल्ली : आईपीएल 2022 अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में पृथ्वी शॉ के बीमार होने से दिल्ली कैपिटल्स की टीम को काफी नुकसान हो रहा है। हाल ही में पृथ्वी शॉ ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा था कि तेज बुखार के चलते वह अस्पताल में भर्ती है। मगर अब टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने उनकी बीमारी के बारे में बताया है। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हुए 58वें आईपीएल मुकाबले के बाद पंत ने इस बारे में बताया है। दिल्ली कैपिटल्स ने इस मुकाबले में संजू सैमसन की राजस्थान रॉयल्स पर 8 विकेट से बड़ी जीत दर्ज कर प्लेऑफ की दौड़ में खुद को बरकरार रखा है।

मैच के बाद ऋषभ पंत ने पृथ्वी शॉ के बारे में कहा “हमें उनकी बहुत कमी खल रही है, हम चीजों पर नियंत्रण नहीं रख सकते क्योंकि उसे टाइफाइड या फिर ऐसा ही कुछ हुआ है जो डॉक्टर ने मुझे बताया। उम्मीद करते हैं वो वापस आएगा, मगर यह नहीं पता कि कब।”

वहीं टीम की परफॉर्मेंस के बारे में पंत ने कहा “एक आदर्श खेल के बहुत करीब। हमेशा विश्वास करें कि सुधार की गुंजाइश है। जब आप जानते हैं कि विकेट टर्न होने वाला है, थोड़ा ज्यादा नहीं, पहले गेंदबाजी करने या पहले बल्लेबाजी करने का अवसर है। टॉस में मैंने कहा कि 140-160 के आसपास कुछ भी हमारे लिए अच्छा होगा, और हमें 160 मिले। भाग्य हमेशा आपके हाथ में होता है, आप 100 प्रतिशत देना चाह सकते हैं। फील्डिंग के हिसाब से हम बेहतर हो सकते हैं।”

‘दुनिया में सबसे बड़ा है हमारा टीकाकरण कार्यक्रम’ – पीएम नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दूसरे ग्लोबल कोविड शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। कहा कि हमने अपने वार्षिक स्वास्थ्य देखभाल बजट में अबतक का सबसे अधिक आवंटन किया है। हमारा वैक्सीनेशन कार्यक्रम दुनिया में सबसे बड़ा है। पीएम मोदी ने कहा, ‘कोरोना महामारी जीवन को बाधित करती है। आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित और खुले समाज के लचीलेपन का परीक्षण करती है।’ हमने महामारी के खिलाफ एक जन-केंद्रित रणनीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि हमारा टीकाकरण कार्यक्रम सबसे बड़ा है। हमने लगभग 90 फीसदी वयस्क आबादी और 50 मिलियन से अधिक बच्चों को टीका लगाया है।

200 मिलियन खुराक की सप्लाई

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित चार वैक्सीन का निर्माण करता है। इस साल पांच बिलियन डोज का उत्पादन करने की क्षमता रखता है। पीएम ने कहा, ‘हमने 98 देशों को 200 मिलियन कोविड वैक्सीन की खुराक सप्लाई की है।’ भारत ने परीक्षण, उपचार और डेटा प्रबंधन के लिए कम लागत वाली कोविड शमन तकनीक विकसित की है। हमने अन्य देशों को भी इन क्षमताओं की पेशकश की है।

वैश्विक डेटाबेस में दिया योगदान

उन्होंने कहा कि हमें एक लचीली वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाा का निर्माण करना चाहिए। वहीं टीकों और दवाओं को तक समान पहुंच को सक्षम बनाना चाहिए। विश्व व्यापार संगठन के नियमों को और अधिक लचीला बनाने की जरूरत है। पीएम ने कहा, पिछले माह हमने इस सदियों पुराने ज्ञान को दुनिया को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देश में डब्ल्यूएचओ सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की नींव रखी। यह स्पष्ट है कि भविष्ट की स्वास्थ्य इमरजेंसी स्थितियों से निपटने के लिए एक समन्वित वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत के जीनोमिक्स कंसोर्टियम ने वायरस के वैश्विक डेटाबेस में योगदान दिया है।

बजा चुनावी बिगुल, मध्‍य प्रदेश में मतपत्रों से तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव

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भोपाल । सुप्रीम कोर्ट के बिना ओबीसी आरक्षण के ही चुनाव करवाने के आदेश के बाद त्रिस्तरीय पंचायत (ग्राम, जनपद और जिला) और नगरीय निकाय (नगर परिषद, नगर पालिका और नगर निगम) के चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग तैयारियों में जुट गया है। इस बार पंचायत चुनाव मतपत्र से तीन चरणों में कराए जाएंगे। नगरीय निकाय चुनाव इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से दो चरणों में होंगे। दोनों चुनाव एक साथ कराए जाने हैं, इसलिए तैयारी भी उसी हिसाब से रहे।

ये निर्देश राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने गुरुवार को कलेक्टरों को वीडियो कांफ्रेंस से हुई बैठक में दिए। उन्होंने कलेक्टरों से पूछा कि आपने सुप्रीम कोर्ट का आदेश पढ़ा या नहीं? इसके अनुरूप ही व्यवस्था रखें। जल्द ही चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। आयोग ने चुनाव की मैदानी स्तर पर तैयारियों को लेकर कलेक्टरों के साथ पहली बैठक की। इसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त ने साफ कर दिया कि कोई संशय न रखें। सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्पष्ट हैं और हमें उसका पालन करना है। पिछली बार जिला और जनपद पंचायत के सदस्यों का चुनाव ईवीएम से करवाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन उनकी सीमित उपलब्धता को देखते हुए इस बार त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव मतपत्र से कराए जाएंगे।

हालांकि नगरीय निकाय चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य में बदला जाएगा। इसके लिए शासन स्तर से जल्द ही प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कलेक्टरों से यह भी कहा

    • दोनों चुनाव साथ में कराना है, इसलिए ऐसी तैयारी करें कि कोई परेशानी न हो।
    • मतदान केंद्रों का सत्यापन कराएं
    • संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों की समीक्षा कर जानकारी आयोग को दें
    • इस बार पार्षदों को भी निर्वाचन व्यय लेखा देना है, इसके लिए तैयारी कर लें
    • आरक्षित ईवीएम को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थानों पर ही रखवाएं
    • मतपत्र मुद्रण की तैयारी अभी से करके रख लें और मतपेटियों की जांच करवा लें
    • रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति करें
    • जिला, नगरीय निकाय एवं ब्लाक स्तर पर प्रशिक्षण के लिए मास्टर ट्रेनर का चयन करें

पुलिस महानिदेशक के साथ की बैठक

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना के साथ भी बैठक की। इस दौरान कानून व्यवस्था और चुनाव के लिए बल की उपलब्धता पर चर्चा की गई। आयोग की ओर से बताया गया कि दोनों चुनाव एक साथ होंगे, इसलिए पुलिस बल भी अधिक लगेगा। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि कोई समस्या न आए। बैठक में अपर मुख्य सचिव (गृह) डा. राजेश राजौरा और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार भी मौजूद थे।

रानिल विक्रमसिंघे ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ

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श्रीलंका में गंभीर आर्थिक संकट के बीच यूनाइटेड नेशनल पार्टी (UNP) के नेता रानिल विक्रमसिंघे ने श्रीलंका के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली। श्रीलंका में इस समय सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और आगजनी की घटनाओं ने अराजकता की स्थिति पैदा कर दी है। वैसे, श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने रानिल विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री नियुक्त किया है, लेकिन इससे जनता का गुस्सा शांत होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। वजह ये है कि रानिल विक्रमसिंघे को राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री का करीबी माना जाता है। दूसरी बात ये कि पिछले चुनाव में इनकी पार्टी को 1 फीसदी से भी कम वोट मिले थे और अपनी पार्टी के एकमात्र निर्वाचित होनेवाले सांसद रानिल ही थे। ऐसे में उनकी लोकप्रियता और जनता के बीच भरोसे का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सत्ताधारी राजपक्षे परिवार के लोगों को देश छोड़कर भागने से रोकने के लिए नेताओं के आवासों का घेराव किया जा रहा है। उधर, श्रीलंका की एक कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे उनके राजनेता बेटे और 15 सहयोगियों के देश छोड़ने पर रोक लगा दी है।

रानिल विक्रमसिंघे बने नए पीएम

राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे आज देश में शांति कायम करने के लिए नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति कर दी है। इसके पहले राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने ऐलान किया था कि वह एक हफ्ते में नए प्रधानमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे। उन्होंने ये भी कहा था कि मैं मंत्रियों की नई कैबिनेट भी नियुक्त करूंगा, जिसमें राजपक्षे परिवार का कोई सदस्य नहीं होगा। लेकिन जनता पूरे राजपक्षे परिवार से नाराज है और उन्हें सत्ता से दूर देखना चाहती है। ऐसे में राष्ट्रपति की मौजूदगी में केवल प्रधानमंत्री बदलने से जनता मान जाएगी, ऐसा नहीं लगता।

पारदर्शी कपड़ा लपेट कर बोलीं उर्फी जावेद

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उर्फी जावेद (Urfi Javed) ने हाल ही में अपना लेटेस्ट लुक फैंस के साथ शेयर किया था. एक्ट्रेस का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ साथ ही उन्हें इस लुक को लिए खूब ट्रोल भी किया जा रहा है. ऐसे में अब एक्ट्रेस ने ट्रोलर्स को जवाब देने के लिए इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी तस्वीर शेयर करते हुए अपना बयान शेयर किया है.

उर्फी जावेद ने अपने फैशन सेंस के साथ नया कारमाना करते हुए ब्रा और एक पारदर्शी कपड़ा लपेटा.  खास बात ये हैं कि ये उर्फी की कोई नॉर्मल नहीं बल्कि बेहद खास ब्रालेट है. इसे एक्ट्रेस ने खुद समंदर किनारे पाई जाने वाली एनिमल शैल से तैयार किया है. एनिमल शैल को कलर कर उसे डोरी की मदद के बांधकर एक्ट्रेस मे ब्रा तैयार की है. उर्फी के इस लुक कों जहां फैंस ने पसंद किया तो वहीं दूसरी और कुछ लोग उनकी आलोचना भी करने लगे.

एक्ट्रेस का ट्रोल का रिप्लाई

ट्रोल करने वाले लोगों का कहना है कि उर्फी को थोड़ा कंट्रोल करना चाहिए. इसके साथ ही कुछ लोग उर्फी को अंडरगार्मेंट्स पहनने की भी सलाह देते दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में उर्फी ने अपने इसी लुक की तस्वीर इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर करते हुए लिखा, ‘सभी लोग बेफकूफी बंद करें! मैंने जाहिर तौर पर स्किन कलर के अंडरगार्मेंट पहने हुए हैं. आप जैसे लोग काफी कॉमन हैं. अपने कॉमन सेंस और आंखों का इस्तेमाल कीजिए.’

फैशन सेंस को लेकर छाई हैं उर्फी

आपको बता दें कि उर्फी जावेद (Urfi Javed) अपने फैशन सेंस के चलते सोशल मीडिया पर अलग ही सेंसेशन बन चुकी हैं. एक्ट्रेस की एक-एक तस्वीर और वीडियो का फैंस काफी बेसब्री से इंतजार करते हैं. और जैसी ही उर्फी (Urfi Javed Latest Look) अपना लेटेस्ट लुक फैंस के साथ शेयर करती हैं तो वो मिनटों में वायरल हो जाता है.

पारदर्शी कपड़ा लपेट पर लगीं सेंसुअल

अपने इस लुक और ज्यादा सेंसुअल बनाने के लिए उर्फी (Urfi Javed) ने पैरों में पारदर्शी कपड़ा लपेटा हुआ है. समंदर किनारे एक्ट्रेस लेटेस्ट फोटोशूट में बेहद बिंदास अंदाज में अपना ये लुक फ्लॉन्ट करती दिखाई दे रही हैं. लुक की डिटेल्स उर्फी ने अपने पोस्ट में ही शेयर की हैं. वीडियो में जुल्फे लहराते हुए उर्फी काफी खूबसूरत अदाएं दे रही हैं. वीडियो पोस्ट करते ही इंटरनेट पर छा गया है और नेटिजंस के साथ-साथ फैशन एक्सपर्स्ट को भी उर्फी का ये एक्सपेरिमेंट काफी पसंद आ रहा है.

ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे पर वाराणसी कोर्ट में सुनवाई पूरी

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ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे को लेकर वाराणसी कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गयी है। बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अगले दिन गुरुवार को दिन में 12 बजे कोर्ट इस पर अपना फैसला सुना सकता है। बता दें कि अदालत के आदेश पर ही ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मंदिर का सर्वे शुरू हुआ था। अदालत की ओर से कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा की अगुवाई में सर्वे होना था, लेकिन उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसकी वजह से सर्वे पूरा नहीं हो पाया।

वाराणसी के चर्चित श्रृंगार गौरी मामले में कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा के खिलाफ 7 मई को प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी कोर्ट पहुंची थी और उन्हें बदलने की याचिका दायर की थी। मुस्लिम पक्ष के मुताबिक कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा का रवैया पक्षपातपूर्ण है। वैसे, मामले में दोनों पक्ष इस बात को लेकर सहमत हैं कि न्यायाधीशों की निगरानी में ही सर्वे हो।

हिन्दू पक्ष ने मांग रखी है कि सर्वे के लिए टीम को मस्जिद परिसर में अंदर जाने दिया जाए। साथ ही टीम को पर्याप्त सुरक्षा मिले। सुनवाई के बाद हिन्दू पक्ष के वकील ने कहा कि सर्वे के दौरान अगर मस्जिद के सबूत मिलेंगे तो हम पीछे हट जाएंगे। वकील ने कहा कि लेकिन अगर मंदिर के साक्ष्य मिले तो मुस्लिम पक्ष को पीछे हटना चाहिए। हिन्दू पक्ष ने मांग की है कि इस दौरान श्रृंगार-गौरी की पूजा करने की अनुमति मिलनी जाहिए।

CM शिवराज OBC आरक्षण की पुनर्विचार याचिका पर सक्रिय

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भोपाल :मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अगले साल होने वाली इन्वेस्टर समिट के लिए विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने 14 मई से एक हफ्ते के लिए शुरू होने वाले विदेश दौरे को टाल दिया है। सीएम चौहान ने कहा है कि वे स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण दिलाए जाने के पक्षधर हैं और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इसको लेकर पुनर्विंचार याचिका दायर करने के लिए वे दौरा निरस्त कर रहे हैं। सीएम चौहान ने 15 से 20 मई तक अमेरिका के न्यूयार्क और ब्रिटेन के लंदन में निवेशकों से मुलाकात कर प्रदेश में रोजगार और उद्योग के लिए एमपी में मौजूद संसाधनों को लेकर चर्चा करने वाले थे।

विदेश दौरा निरस्त किए जाने की जानकारी ट्वीट के जरिये देते हुए सीएम चौहान ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा कल मध्यप्रदेश के स्थानीय निकायों में बिना पिछड़ा वर्ग के आरक्षण के चुनाव कराने का निर्णय सुनाया गया है। मेरी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। न्यायालय का निर्णय स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व को प्रभावित करने वाला है। इसलिए राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय में पुन: संशोधन याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। मेरा 14 मई से मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए विदेश प्रवास तय था, किंतु इस समय न्यायालय में पुन: अपना पक्ष रखना तथा पिछड़ा वर्ग के हितों का संरक्षण करना मेरी प्राथमिकता है। इसलिए मैं अपनी प्रस्तावित विदेश यात्रा निरस्त कर रहा हूं।

महाधिवक्ता और वकीलों से ले रहे राय
मुख्यमंत्री शिवराज ओबीसी आरक्षण को लेकर दायर की जाने वाली रिव्यू पिटीशन को लेकर महाधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट के एक्सपर्ट्स और विधि वेत्ताओं से राय ले रहे हैं। रिव्यू पिटीशन के बिन्दु तय कर रही है जिससे कोर्ट में पुनर्विचार याचिका किसी भी स्थिति में खारिज न हो।

कांग्रेस बोली-हमारा हर नेता सरकार के साथ
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं करना चाहती है। कांग्रेस का हर नेता ओबीसी को आरक्षण दिलाने के लिए सरकार के साथ है। सरकार जहां कहें वहां पर हमारे नेता हलफनामा देने को तैयार हैं।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ‘चिंतन शिविर’ से पहले मिले राकेश टिकैत से

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नई दिल्ली : उदयपुर में होने वाले कांग्रेस के ‘चिंतन शिविर’ से पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किसान नेता राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव से मुलाकात की है। बताया जा रहा है कि कृषि क्षेत्र के अजेंडे को लेकर उन्होंने किसान नेता से मुलाकात की। हालांकि इस बैठक को लेकर कई तरह की  चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हुड्डा को शिविर में कृषि क्षेत्र का कन्वेनर बनाया गया है और उनसे एक कृषि क्षेत्र का अजेंडा ड्राफ्ट करने को कहा गया है। हुड्डा ने मीडिया से बताया, हम सभी किसान नेताओं से संपर्क कर रहे हैं और उनके मुद्दों को चिंतन शिविर में डिस्कस करेंगे। हुड्डा के नेतृत्व वाले पैनल ने एमएसपी की गैरंटी, एमएसपी के नीचे निजी खरीद पर सजा के प्रावधान, इंपोर्ट और एक्सपोर्ट टैरिफ फिक्स करने को लेकर किसान नेताओं से बातचीत की। योगेंद्र यादव ने भी कहा है कि उन्होंने हुड्डा के सामने किसानों की कई समस्याओं को रखा है।

उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि किसानों की समस्याओं की चर्चा कांग्रेस के चिंतन शिविर में हो और किसानों के हित में कदम उठाए जाएं। यादव ने यह भी कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के साथ अभी प्रस्तावित एमएसपी की कमिटी को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने कुछ नाम भेजे हैं। उन्होंने कमिटी की जानकारी के लिए सरकार को पत्र लिखा है।  बता दें कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अप्रैल में कहा था कि जितनी जल्दी संयुक्त किसान मोर्चा कमिटी में शामिल होने वाले सदस्यों का नाम भेज दे, सरकार एमएसपी को लेकर कमिटी बना देगी। प्रधानमंत्री ने नवंबर 2021 में कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के साथ ही कहा था कि ऐसा एमएसपी सिस्टम बनाया जाएगा जो ज्यादा पारदर्शी होगा।