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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुंबई में इंटरेक्टिव सेशन को किया संबोधित, निवेश और औद्योगिक विकास पर दिया जोर

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित किया। इस दौरान प्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास, व्यापारिक गतिविधियों के विस्तार और निवेशकों के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं और विकास की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने, नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने राज्य में उपलब्ध संसाधनों, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार की संभावनाओं को सामने रखा। ऐसे संवादों के माध्यम से निवेशकों को प्रदेश की व्यावसायिक क्षमता से परिचित कराने तथा उद्योगों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश में निवेश बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावनाएं हैं। मुंबई में आयोजित यह इंटरेक्टिव सेशन प्रदेश को निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में संवाद का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।

मुंबई में 7 देशों के काउंसल जनरल और राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव की राउंडटेबल बैठक

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई में सात देशों के काउंसल जनरल एवं राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल बैठक की। बैठक का उद्देश्य मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी के नए अवसर तलाशना रहा।

बैठक में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, निवेश अनुकूल वातावरण, आधारभूत संरचना और राज्य में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया। विदेशी प्रतिनिधियों के साथ संवाद के माध्यम से राज्य में उद्योग, व्यापार, तकनीक और अन्य संभावित क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने तथा उद्योगों के विकास के लिए उपलब्ध अवसरों को साझा किया। इस प्रकार की बैठकों से मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलता है। साथ ही, इससे राज्य में रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।

मध्यप्रदेश सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से राज्य की आर्थिक क्षमता का विस्तार किया जाए और निवेशकों को प्रदेश में उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। बैठक के माध्यम से मध्यप्रदेश और विभिन्न देशों के बीच भविष्य में सहयोग के नए रास्ते तलाशने की दिशा में संवाद को आगे बढ़ाया गया।

अमेरिका में भारतीय IT प्रोफेशनल्स को बड़ा झटका, TCS-Infosys-Wipro समेत 8 कंपनियां PERM से सस्पेंड

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अमेरिका में काम कर रहे भारतीय IT प्रोफेशनल्स के लिए बड़ा झटका सामने आया है। अमेरिकी श्रम विभाग ने TCS, Infosys, Wipro, HCL और Cognizant समेत कई बड़ी IT कंपनियों को Permanent Labor Certification (PERM) कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। इस सूची में Microsoft, Adobe और Capgemini भी शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने यह कार्रवाई कथित वीजा दुरुपयोग और अमेरिकी कामगारों के हितों से जुड़े आरोपों के बीच की है।

नए और लंबित PERM आवेदन भी प्रभावित
अमेरिकी श्रम सचिव की घोषणा के मुताबिक, इन कंपनियों से जुड़े नए PERM आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया भी रोक दी जाएगी। PERM अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है।

भारतीय कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड राह हो सकती है लंबी
इस फैसले का असर खासतौर पर उन भारतीय IT कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जो H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं और अपने नियोक्ता के जरिए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में हैं। PERM प्रक्रिया रुकने से उनके ग्रीन कार्ड की राह में देरी और अनिश्चितता बढ़ सकती है। हालांकि, PERM पर रोक का मतलब मौजूदा H-1B वीजा अपने आप रद्द होना नहीं है।

अमेरिका ने क्या कहा?
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि H-1B और अन्य रोजगार आधारित इमिग्रेशन कार्यक्रमों का इस्तेमाल अमेरिकी कर्मचारियों की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उपराष्ट्रपति JD Vance और श्रम विभाग के अधिकारियों ने कंपनियों पर विदेशी कर्मचारियों से जुड़े सिस्टम के दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

किन कंपनियों पर हुई कार्रवाई?
PERM कार्यक्रम से निलंबित कंपनियों में Microsoft, Adobe, Cognizant, Infosys, Tata Consultancy Services (TCS), Wipro, HCL Technologies और Capgemini शामिल हैं। अमेरिकी सरकार की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब ट्रंप प्रशासन विदेशी कुशल कामगारों और H-1B कार्यक्रम पर लगातार सख्ती बढ़ा रहा है।

इस कदम से अमेरिका में काम कर रहे हजारों विदेशी IT प्रोफेशनल्स के लिए स्थायी निवास की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर भारतीय कर्मचारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय IT प्रोफेशनल्स H-1B के जरिए अमेरिका में काम करते हैं और आगे चलकर नियोक्ता-प्रायोजित ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया पर निर्भर रहते हैं।

PM मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे, CM विष्णु देव साय ने सराहा राष्ट्रसेवा का समर्पण

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का यह सफर सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर काम किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उनके मार्गदर्शन में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।

GST में बड़े सुधारों का PM मोदी ने किया स्वागत, बोले- गिरफ्तारी के प्रावधान हटने से बढ़ेगी पारदर्शिता

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जीएसटी व्यवस्था को और सरल, पारदर्शी और कारोबारी हितैषी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने कई अहम कदमों की सिफारिश की है। 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति से जुड़े प्रावधानों को हटाने और जीएसटी मामलों में अभियोजन की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों का स्वागत किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने, अपराधों को गैर-अपराध की श्रेणी में लाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सुधारों का उद्देश्य तेजी से फैसले, कम अनुपालन लागत, ऑटोमेटेड रिफंड और भरोसे पर आधारित प्रशासन बताया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ये बदलाव GST को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने के प्रयासों के अनुरूप हैं।

अभियोजन की सीमा 1 करोड़ से बढ़कर 5 करोड़
जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी से जुड़े मामलों में अभियोजन शुरू करने की मौद्रिक सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की है। साथ ही सामान्य जुर्माने की राशि को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है।

रिफंड और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी आसान
सुधारों के तहत जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया है। रिफंड आवेदन के निपटारे की अवधि को 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने और जोखिम-आधारित व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में पात्र रिफंड दावों को स्वचालित तरीके से प्रोसेस करने की सिफारिश की गई है। कम जोखिम वाले GST रजिस्ट्रेशन आवेदनों के लिए भी स्वचालित मंजूरी की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

कारोबारियों को अनुपालन में राहत
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य कारोबारियों के लिए जीएसटी अनुपालन को आसान बनाना और अनावश्यक प्रक्रियात्मक बोझ कम करना है। सरकार की ओर से इसे ट्रस्ट-बेस्ड टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

नाना पाटेकर के निधन से बॉलीवुड में शोक, अक्षय कुमार-रितेश देशमुख समेत दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

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हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 75 वर्षीय नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर 2026 को गोवा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक और सामाजिक जगत की कई हस्तियों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। अभिनेता अक्षय कुमार ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया और उनके साथ काम करने की यादें साझा कीं। वहीं अभिनेता रितेश देशमुख ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए इस क्षति को बेहद भावुक कर देने वाला बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की अभिनय में गहराई, विशिष्टता और दमदार उपस्थिति उन्हें अलग पहचान देती थी। प्रधानमंत्री ने उनके यादगार किरदारों और बहुमुखी प्रतिभा को भी याद किया।

करीब पांच दशक लंबे करियर में नाना पाटेकर ने ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय की अमिट छाप छोड़ी। उनके संवाद बोलने का अंदाज, दमदार आवाज और किरदारों में उतर जाने की क्षमता उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे अलग अभिनेताओं में शामिल करती थी। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था।

नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए पुणे में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किए जाने की घोषणा की है।

छत्तीसगढ़ में सर्पदंश के इलाज को लेकर बड़ा फैसला, अब 108 एंबुलेंस में मिलेगा एंटी स्नेक वेनम

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छत्तीसगढ़ में सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में संचालित संजीवनी एक्सप्रेस 108 एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध कराया जाएगा। इससे सर्पदंश के मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही जरूरी उपचार मिलने की उम्मीद है।

एंबुलेंस में ही शुरू होगा इलाज
नई व्यवस्था के तहत सांप के काटने की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस को मौके पर भेजा जाएगा। एंबुलेंस में एंटी स्नेक वेनम और जरूरी दवाएं उपलब्ध रहेंगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीज को मौके पर ही जीवनरक्षक इंजेक्शन दिया जा सकेगा और इसके बाद उसे नजदीकी उच्च स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाएगा।

ग्रामीण इलाकों के मरीजों को ज्यादा फायदा
स्वास्थ्य विभाग का यह कदम खासतौर पर दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां अस्पताल की दूरी अधिक होने के कारण सर्पदंश के मरीजों को इलाज मिलने में देरी हो जाती है। राज्य में पहले से ही सभी 33 जिलों में एंटी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक रखने की व्यवस्था की गई है।

बिलासपुर के सिम्स में बारिश के मौसम में रोजाना सर्पदंश के कई मामले पहुंचने की जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नई व्यवस्था से मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सांप काटे तो तुरंत 108 पर करें कॉल
विशेषज्ञों के अनुसार सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। मरीज को शांत रखते हुए काटे गए अंग की गतिविधि कम से कम करनी चाहिए और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घाव पर चीरा लगाना, जहर चूसने या कसकर पट्टी बांधने जैसे उपाय नहीं करने चाहिए।

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से सर्पदंश के मामलों में ‘गोल्डन टाइम’ के दौरान उपचार शुरू करने और गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में महत्वपूर्ण एमओयू, निवेश और विकास परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार

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मध्यप्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) किए गए। इस अवसर पर विभिन्न परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों और निवेशकों ने प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को बेहतर सुविधाएं, अनुकूल वातावरण और आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रदेश में नए उद्योग स्थापित होने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए नीतिगत स्तर पर लगातार आवश्यक कदम उठा रही है। एमओयू और लेटर ऑफ अवॉर्ड के माध्यम से प्रस्तावित परियोजनाओं के धरातल पर आने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निवेशक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अपार संभावनाएं हैं और सरकार हर स्तर पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में महत्वपूर्ण एमओयू, निवेश और विकास परियोजनाओं को मिली नई रफ्तार

गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है? भगवान विष्णु से जुड़ा है खास रहस्य

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हिंदू धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ केले के पेड़ की पूजा करने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। यही वजह है कि गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

भगवान विष्णु से जुड़ा है केले के पेड़ का संबंध
पौराणिक मान्यताओं में केले के पेड़ को भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है। गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। श्रद्धालु केले के पेड़ के पास दीपक जलाकर, जल अर्पित कर और हल्दी-चने की दाल जैसी पीली वस्तुओं का भोग लगाते हैं।

बृहस्पति ग्रह से भी है संबंध
ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार का संबंध देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है। बृहस्पति को ज्ञान, धन, संतान, वैवाहिक सुख और समृद्धि का कारक ग्रह बताया गया है। केले के पेड़ की पूजा को बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त करने का एक धार्मिक उपाय माना जाता है।

सुख-समृद्धि की होती है कामना
मान्यता है कि गुरुवार को श्रद्धा के साथ केले के पेड़ की पूजा करने से घर में सकारात्मकता आती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है। विवाह में आ रही बाधाओं और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति की कामना के लिए भी कई लोग गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा करते हैं।

कैसे करें केले के पेड़ की पूजा?
गुरुवार सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर केले के पेड़ के पास जाएं। सबसे पहले पेड़ के आसपास की जगह को साफ करें। इसके बाद जल अर्पित करें और हल्दी, अक्षत, फूल व पीले रंग की वस्तुएं अर्पित करें। घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति का ध्यान करें। अंत में अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने में सहायक मानी जाती है।

जब ओमान के सुल्तान ने तोड़ा प्रोटोकॉल, गुरु के सम्मान में खुद चलाई कार; भारत के राष्ट्रपति से जुड़ी है भावुक कहानी

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भारत और ओमान के रिश्तों से जुड़ी एक पुरानी कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में है। यह किस्सा ओमान के दिवंगत सुल्तान काबूस बिन सैद अल सैद और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा से जुड़ा है। बताया जाता है कि सुल्तान काबूस ने भारतीय राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचकर प्रोटोकॉल से अलग कदम उठाया और उन्हें खुद अपनी कार में लेकर गए।

एयरपोर्ट पर खुद पहुंचे थे सुल्तान
रिपोर्टों के अनुसार, जब डॉ. शंकर दयाल शर्मा ओमान पहुंचे, तो सुल्तान काबूस खुद उनका स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे। इतना ही नहीं, राष्ट्रपति को लेने पहुंची कार में ड्राइवर मौजूद होने के बावजूद सुल्तान ने खुद कार चलाने का फैसला किया और डॉ. शर्मा को अपने साथ लेकर गए। इस घटना को भारत-ओमान संबंधों में व्यक्तिगत गर्मजोशी के उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है।

वजह जानकर सामने आया गुरु-शिष्य का रिश्ता
इस पूरे घटनाक्रम की सबसे खास बात इसकी वजह बताई जाती है। रिपोर्टों के मुताबिक, सुल्तान काबूस ने कहा था कि डॉ. शंकर दयाल शर्मा केवल भारत के राष्ट्रपति नहीं थे, बल्कि उनके शिक्षक भी रह चुके थे। काबूस ने भारत में शिक्षा प्राप्त की थी और पुणे में पढ़ाई के दौरान डॉ. शर्मा उनके प्रोफेसर रहे थे। इसी सम्मान के चलते उन्होंने राष्ट्रपति के स्वागत को व्यक्तिगत रूप से करने का फैसला किया।

डॉ. शंकर दयाल शर्मा थे भारत के नौवें राष्ट्रपति
डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक भारत के नौवें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी उनका कार्यकाल दर्ज है। भारतीय दूतावास के अनुसार, डॉ. शर्मा ने ओमान की यात्रा की थी।

भारत-ओमान रिश्तों की अलग मिसाल
सुल्तान काबूस का भारत से पुराना शैक्षणिक और व्यक्तिगत जुड़ाव था। इसी वजह से डॉ. शर्मा के साथ उनका रिश्ता सामान्य राजनयिक संबंधों से अलग गुरु-शिष्य के सम्मान से जुड़ा हुआ बताया जाता है। यही वजह है कि दशकों पुराना यह किस्सा आज भी भारत और ओमान के संबंधों की गर्मजोशी को याद करने वाली कहानियों में शामिल है।