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छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला चैंपियन बना मैनपाट टाइटंस, फाइनल में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराया

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छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले संस्करण का खिताब मैनपाट टाइटंस ने अपने नाम कर लिया है। रविवार को रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में मैनपाट टाइटंस ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही मैनपाट टाइटंस लीग की पहली चैंपियन बन गई।

फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। शुरुआती दौर में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने अभिषेक यादव के गोल की बदौलत बढ़त बनाई। इसके बाद मैनपाट टाइटंस के प्रहलाद ने शानदार फील्ड गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। तीसरे क्वार्टर में संदीप ठाकुर ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मैनपाट को बढ़त दिलाई। हालांकि, संस्कारधानी के सारिक अहमद ने गोल कर मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर ला दिया।

अंतिम क्वार्टर में मैनपाट टाइटंस ने आक्रामक खेल दिखाया। टीम के मोहित नायक ने लगातार दो शानदार गोल दागकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। इस तरह मैनपाट ने 4-2 से मुकाबला जीतकर पहली बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

मैनपाट को 11 लाख, उपविजेता को 6 लाख रुपये
लीग में कुल 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। विजेता मैनपाट टाइटंस को 11 लाख रुपये और उपविजेता संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 6 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

व्यक्तिगत पुरस्कारों में शाहरुख अली को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। आशीष तानी पूर्ति ने 13 गोल के साथ टॉप स्कोरर का पुरस्कार हासिल किया, जबकि हिमांशु को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया। मैनपाट के मोहित नायक को सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ खिलाड़ी और संदीप कुमार को इमर्जिंग प्लेयर (अंडर-21) का सम्मान मिला।

मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय खेल मंत्री रहे मौजूद
फाइनल मुकाबले और पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान किए।

छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस पहली हॉकी लीग में प्रदेश की छह फ्रेंचाइजी टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश में हॉकी को बढ़ावा देना, स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना था।

12 लाख करोड़ का निवेश मध्यप्रदेश में धरातल पर उतरा, कृषि विकास दर 24 प्रतिशत पार : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में इन सभी क्षेत्रों में उपलब्धियों का और विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री रविवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वस्ति वाचन हुआ और उन्होंने प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की पहचान यहां की समृद्ध सांस्कृतिक चेतना, परिश्रमी संस्कृति और संस्कारवान जनमानस से है। प्रदेशवासियों की सामूहिक सहभागिता और समर्पण ही विकास की सबसे बड़ी ताकत है।

उद्योग और रोजगार को मिली नई गति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया गया, जिसके माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए गए। वहीं, वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाकर कृषि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब तक लगभग 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है और निवेश का यह सिलसिला लगातार जारी है। इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल रहा है।

कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक हो गई है। किसानों के हित में सिंचाई सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहित किए जाने पर उन्हें चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश को आगे ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है और इसे पहले स्थान पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यटन और विरासत संरक्षण पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास और ऐतिहासिक विरासतों के संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

15 जनवरी को भोपाल में होगा सेना दिवस का आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि युवा वर्ष के पहले महीने में 15 जनवरी को भोपाल में सेना दिवस का भव्य आयोजन होगा। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में सेना के जवानों का योगदान अतुलनीय है। भोपाल में सेना दिवस का आयोजन राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम की भावना को और मजबूत करेगा।

राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनियां, महिला उद्यमिता मंडप, किसान बाजार और देशज व्यंजन मेला भी आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी की गारंटियों को पूरा कर रही छत्तीसगढ़ सरकार, जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही प्रदेश की तस्वीर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से किए गए वादों और गारंटियों को छत्तीसगढ़ सरकार प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और प्रदेश के विकास को नई गति देना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ हर वर्ग और हर क्षेत्र तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास बनाए जा रहे हैं। वहीं, महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है। इन योजनाओं से गरीब परिवारों, किसानों और महिलाओं के जीवन में बदलाव आ रहा है।

बस्तर में शांति और विकास की नई उम्मीद
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित रहा है। इसके कारण कई क्षेत्रों में विकास की सुविधाएं नहीं पहुंच पाई थीं। अब सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के सहयोग से क्षेत्र शांति, विश्वास और विकास के नए दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति, खेल, पर्यटन और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से बस्तर में विकास की नई संभावनाएं बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अधोसंरचना विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक पहुंचाना और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प में महत्वपूर्ण योगदान देना है।

यह विचार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 के शुभारंभ समारोह के दौरान व्यक्त किए। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी उपस्थित रहे।

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी, पीएम मोदी बोले- कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर

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देश में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाते हुए इसे दोनों प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी के लिए गेम चेंजर बताया।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में आधुनिक सुविधाओं और आरामदायक सफर का अनुभव मिलने की उम्मीद है। इस ट्रेन में स्लीपर कोच की सुविधा होने के कारण रातभर की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आधुनिक रेल सुविधाओं का विस्तार देश की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा दे रहा है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

बेंगलुरु और मुंबई देश के प्रमुख आर्थिक एवं औद्योगिक केंद्र हैं। दोनों शहरों के बीच रेल संपर्क मजबूत होने से यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने में मदद मिल सकती है।

धार में भीषण सड़क हादसा: धरमपुरी-मांडू मार्ग पर पलटी तेज रफ्तार कार, तीन युवकों की मौत, दो घायल

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मध्य प्रदेश के धार जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धरमपुरी-मांडू मार्ग पर ग्राम तारापुर के समीप तेज रफ्तार मारुति ईको कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

गिट्टी खदान के पास हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार धरमपुरी से मांडू की ओर जा रही थी। इसी दौरान ग्राम तारापुर के पास गिट्टी खदान के नजदीक चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार कार सड़क से नीचे उतरकर पलट गई। हादसा इतना गंभीर था कि कार में सवार तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

ग्रामीणों ने पहुंचकर चलाया राहत अभियान
दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलने पर धरमपुरी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की सहायता से दोनों घायलों को निकालकर उपचार के लिए धामनोद के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, मृतकों के शव धरमपुरी अस्पताल भेजे गए।

तीनों मृतक मांडू के निवासी
पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान विक्की पिता दिनेश, भुरेसिंह पिता बाबू और गौतम पिता सुखराम के रूप में हुई है। तीनों मांडू के निवासी थे। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

बॉलीवुड को बड़ा झटका: मशहूर निर्माता-निर्देशक संजय गुप्ता का निधन, 59 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

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हिंदी फिल्म जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्माता, निर्देशक और पटकथा लेखक संजय गुप्ता का निधन हो गया है। उनके अचानक दुनिया से चले जाने की खबर से बॉलीवुड में शोक की लहर है। संजय गुप्ता 59 वर्ष के थे। उनके निधन की पुष्टि फिल्म निर्माता और करीबी सहयोगी अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के माध्यम से की।

घर पर गिरने से सिर में लगी थी चोट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता 30 अक्टूबर की रात मुंबई स्थित अपने घर पर गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। इसी चोट के कारण उनका निधन हो गया। निर्देशक मिलाप जावेरी ने भी उनके निधन की जानकारी साझा की। घटना को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

‘कांटे’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों से बनाई पहचान
संजय गुप्ता ने वर्ष 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई चर्चित फिल्में दीं। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जिंदा’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ शामिल हैं।

क्राइम थ्रिलर और एक्शन फिल्मों को स्टाइलिश अंदाज में पर्दे पर पेश करना उनकी खास पहचान थी। उनके प्रोडक्शन हाउस व्हाइट फेदर फिल्म्स के जरिए भी कई चर्चित फिल्में बनीं।

अशोक पंडित ने जताया दुख
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने संजय गुप्ता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें शानदार कहानीकार, जीवंत व्यक्तित्व और सिनेमा के प्रति जुनूनी फिल्ममेकर बताया। उन्होंने कहा कि उनका जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है।

संजय गुप्ता के निधन से उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत के सहयोगियों में शोक है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

दीपावली से पहले दो दिन बनेंगे महामुहूर्त, 128 साल बाद रवि पुष्य नक्षत्र का विशेष संयोग; खरीदारी और निवेश के लिए रहेंगे शुभ अवसर

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दीपावली के पर्व से पहले इस वर्ष ज्योतिषीय दृष्टि से कई विशेष संयोग बनने जा रहे हैं। रवि पुष्य नक्षत्र के साथ अन्य शुभ योगों का संयोग होने से खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष मुहूर्त उपलब्ध होंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दौरान सोना-चांदी, वाहन, संपत्ति और अन्य उपयोगी वस्तुओं की खरीदारी करना शुभ फलदायी माना जाता है।

रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग रविवार के दिन बनने से इसका विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में पुष्य नक्षत्र को समृद्धि, स्थायित्व और शुभता का प्रतीक माना गया है। वहीं, सूर्य से जुड़े रवि योग के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।

1 और 2 नवंबर को दो दिन विशेष संयोग
इस बार 1 नवंबर रविवार को रवि पुष्य योग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र 1 नवंबर सुबह 5:39 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर सुबह 4:30 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग रहेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, दोनों दिन खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माने जा रहे हैं।

इन वस्तुओं की खरीदारी मानी जाती है शुभ

सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के।

वाहन, मकान, जमीन और प्लॉट।

इलेक्ट्रॉनिक सामान और घरेलू उपयोग की वस्तुएं।

लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और पूजा सामग्री।

व्यापार के लिए नए बही-खाते और उपकरण।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई वस्तुएं स्थायी समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं। व्यापारी इस अवसर पर नए बही-खाते शुरू करते हैं, जबकि कई लोग नए कारोबार और निवेश की शुरुआत भी करते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं में विशेष महत्व
पुष्य नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में विशेष स्थान प्राप्त है। इसे समृद्धि, शुभता और स्थायित्व से जोड़कर देखा जाता है। रविवार को पुष्य नक्षत्र पड़ने पर रवि पुष्य योग बनता है। दीपावली से पहले इस संयोग के कारण बाजारों में सोने-चांदी, वाहन और संपत्ति की खरीदारी को लेकर विशेष उत्साह रहने की उम्मीद है।

विजय हजारे ट्रॉफी में होगी रोहित शर्मा की वापसी, मुंबई के लिए खेलेंगे हिटमैन; श्रीलंका सीरीज के बाद जुड़ेंगे टीम से

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भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा के प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर है। हिटमैन एक बार फिर घरेलू क्रिकेट में अपना जलवा दिखाते नजर आएंगे। रोहित शर्मा ने आगामी विजय हजारे ट्रॉफी 2026-27 में मुंबई की ओर से खेलने के लिए अपनी उपलब्धता मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) को बता दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहित शर्मा भारत और श्रीलंका के बीच दिसंबर में होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के बाद मुंबई की टीम से जुड़ेंगे। भारत-श्रीलंका वनडे सीरीज 13 से 19 दिसंबर तक प्रस्तावित है। इसके बाद रोहित विजय हजारे ट्रॉफी के मुकाबलों में खेल सकते हैं।

कितने मैच खेलेंगे रोहित?
विजय हजारे ट्रॉफी का लीग चरण 14 से 29 दिसंबर तक खेला जाएगा, जबकि नॉकआउट मुकाबले 2 से 8 जनवरी तक होंगे। अंतरराष्ट्रीय सीरीज के कारण रोहित शुरुआती मुकाबलों में उपलब्ध नहीं रहेंगे। हालांकि, वह कितने मैच खेलेंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। MCA के एक सूत्र के मुताबिक, रोहित बाद में अपनी उपलब्धता के बारे में विस्तार से बताएंगे।

पिछले सीजन में जड़ा था शानदार शतक
रोहित शर्मा ने पिछले सीजन में भी मुंबई की ओर से विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। सिक्किम के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने महज 94 गेंदों पर 155 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। हालांकि, अगले मुकाबले में उत्तराखंड के खिलाफ वह पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे।

रोहित की इस वापसी को आगामी 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घरेलू क्रिकेट में खेलने से उन्हें 50 ओवर के प्रारूप में अभ्यास का अच्छा अवसर मिलेगा।

मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर आज से शुरू होगा ‘राज्योत्सव’, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

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मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘राज्योत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। स्थापना दिवस समारोह के माध्यम से प्रदेश की गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति, उपलब्धियों और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।

राज्योत्सव में प्रदेश की कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक पहचान और विकास की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के स्थापना दिवस को गौरव, उत्साह और आत्मसम्मान का अवसर बताते हुए प्रदेशवासियों को विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। राज्य की उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रदेशवासियों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। राज्योत्सव प्रदेश की एकता, सांस्कृतिक विविधता और सामूहिक विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों को वितरित किए लैपटॉप और स्कूटी, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की पहल

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से लैपटॉप एवं स्कूटी वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थी देश और प्रदेश का भविष्य हैं। उनकी प्रतिभा, मेहनत और लगन ही विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का आधार है। राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक शिक्षा को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध कराने से उन्हें डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन अध्ययन और नई तकनीकों से जुड़ने में मदद मिलेगी। वहीं, स्कूटी मिलने से विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित कर पूरी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।