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मुख्यमंत्री ने जैविक, हाईटेक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के लिए किसानों को किया सम्मानित

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने खंडवा जिला मुख्यालय में हुये बलराम कृषि महोत्सव में प्रदेश के 82 लाख 70 हजार से अधिक किसानों के खातों में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत 3308 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से अंतरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई उन्नत कृषि पर केंद्रित कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती-किसानी को लाभदायी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन न होकर किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान है। यह किसानों का अपना कार्यक्रम है, किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खंडवा की बात ही अलग है। अतीत का खानदेश अब कई खासियतों के लिए मशहूर है। यहाँ की काली मिट्टी फसलों के लिए सोने जैसी है। इसीलिए यहां की फसलें भी सोने के भाव बिकती हैं। खंडवा जिले के हर खंड में किसानों की मेहनत से खुशहाली है। बात खेती-किसानी की हो, या जल और पर्यावरण बचाने की, खंडवा हर मामले में अव्वल है। यहां के परिश्रमी किसानों ने अपनी उद्यमशीलता और नवाचारों से पूरे देश और प्रदेश में खेती का एक अलग ही स्टैंडर्ड मॉडल सेट किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अनुरोध करते हुए कहा कि बलराम कृषि महोत्सव आपका अपना महोत्सव है। इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि परम्परागत खेती अब गुज़रे ज़माने की बात हो गई है। अब आधुनिक और उन्नत खेती का दौर है। किसान बंधु अपने खेत की मिट्टी की जांच करायें। मिट्टी की उत्पादकता के अनुसार ही फसल लें। बहुत अधिक रायायनिक उर्वरकों का उपयोग करने से बचें, जितनी जल्दी हो सके, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ें। फसल विविधीकरण अपनाएं। एक ही किस्म की फसल के स्थान पर एक ही समय में खेत में एकाधिक फसल लें। इससे किसानों के खेतों में नई फसल किस्मों की हरियाली आयेगी, साथ ही आमदनी भी बढ़ेगी।

किसानों के प्रति सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती से अन्न उगाते हैं और भूखों को अनाज उपलब्ध कराते हैं। किसानों के प्रति हमारी सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान है। किसान भाइयों को आज एक साथ 4000 रुपए सम्मान निधि के रूप में उनके बैंक खातों में भेजे गए हैं।

बलराम कृषि महोत्सव की स्मृति के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों ने हल भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैविक, हाईटेक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान बंधुओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों और सोशल मीडिया एन्फ्लुएंसर्स को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में विधायक नारायण पटेल, विधायक छाया मोरे, नगर निगम अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।

गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। यदि ग्राम पंचायतें सशक्त हों, गांव आत्मनिर्भर बनें और प्रत्येक ग्रामीण विकास की प्रक्रिया का सहभागी बने, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प वास्तविक रूप ले सकेगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम पंचायतें जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव बनाने का सबसे प्रभावी मंच हैं। अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों का विश्वास जीतना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव का प्रत्येक नागरिक स्वयं विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। उन्होंने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 जुलाई से लागू विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए।
इसके माध्यम से जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन बने प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

10.40 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब लक्ष्य करोड़पति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। छत्तीसगढ़ में अब तक 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास, आजीविका गतिविधियों और नई औद्योगिक नीति से उत्पन्न अवसरों से जोड़ा जाए।

बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक कभी पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, आवास, राशन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

पीएम आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित सभी योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पंचायत स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। किसानों और ग्रामीण परिवारों को सौर पंप तथा अन्य सौर ऊर्जा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल अपने सीमित उत्तरदायित्व का निर्वहन मात्र न होकर के समाज में ऐसा सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रसेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उससे प्रेरणा लेकर प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी को समाज निर्माण का अवसर मानना चाहिए।

एक व्यक्ति का संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है
मुख्यमंत्री साय ने पद्म पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या की आवश्यकता नहीं होती। यदि एक व्यक्ति भी संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 की अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार सांसद बने थे, तब युवा सांसदों के मार्गदर्शन के लिए पोपटराव पवार को आमंत्रित किया गया था। उस समय एक युवा सरपंच के रूप में उन्होंने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की जो कहानी सुनाई थी, वही आज पूरे देश के लिए आदर्श ग्राम विकास का मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में नानाजी देशमुख द्वारा विकसित ग्राम विकास मॉडल तथा ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत द्वारा शिक्षा के माध्यम से किए गए सामाजिक परिवर्तन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों, संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का अपना मॉडल तैयार किया जाए, जिससे स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

हिवड़े बाजार मॉडल ने दिखाया जनभागीदारी की ताकत
कार्यशाला में पद्म पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1989 में गांव जल संकट, पलायन, बेरोजगारी और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा था। जनसहभागिता, अनुशासन, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से गांव का व्यापक विकास किया गया। आज गांव में पलायन समाप्त हो चुका है, बीपीएल परिवार नहीं हैं, प्रतिदिन लगभग पांच हजार लीटर दूध का संग्रहण होता है तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग नौ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमरजीत सिन्हा, प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सावन में ग्रहों का महासंयोग, चार प्रमुख ग्रह बदलेंगे चाल

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भगवान भोलेनाथ का प्रिय सावन मास इस वर्ष 30 जुलाई से प्रारम्भ होकर 28 अगस्त तक चलेगा। संस्कारधानी के तिलवाराघाट, गौरीघाट और गुप्तेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक की तैयारियां शुरू हो चुकी है। धार्मिक महत्व के साथ यह सावन ज्योतिषीय दृष्टि से भी विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस माह चार प्रमुख ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा, जबकि शनि वक्री और गुरु अस्त अवस्था में रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति सभी 12 राशि व मौसम पर प्रभाव डालेगी।
चार ग्रहों का होगा राशि परिवर्तन

ज्योतिर्विद ने बताया कि एक अगस्त को शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। दो अगस्त को मंगल मिथुन राशि में जाएंगे। बुध पांच अगस्त को कर्क राशि में और 22 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन ग्रह परिवर्तनों से कई शुभ संयोग बनेंगे।

शनि की वक्री चाल का असर
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि गुरु बृहस्पति 14 जुलाई से अस्त है, जबकि शनि 27 जुलाई से वक्री रहेंगे। वहीं बुध 24 जुलाई को मार्गी होकर 25 जुलाई को उदित हो चुके है। उनका मानना है कि शनि की वक्री गति के कारण वर्षा में कुछ कमी या असमानता देखने को मिल सकती है। हालांकि, ग्रहों की समग्र स्थिति कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम और आर्थिक प्रगति के संकेत दे रही है।
इन राशियों के लिए शुभ संकेत

ज्योतिषाचार्य के अनुसार सावन में बनने वाला यह महासंयोग सभी राशियों पर अनुकूल प्रभाव डालेगा, लेकिन मेष, मिथुन, सिंह और तुला राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने सम्भावना है।
इन जातकों को लाभ योग

मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने और नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिलने के योग है। मिथुन राशि वालों के लिए नया व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने का समय अनुकूल रहेगा तथा पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। सिंह राशि के जातकों को भाग्य का पूरा साथ मिलने, पैतृक सम्पत्ति और निवेश से लाभ के संकेत है। वहीं तुला राशि वालों के लिए आय के नए स्रोत बनने, पुराने कर्ज से राहत मिलने तथा मकान या वाहन खरीदने की योजना पूरी होने की सम्भावना व्यक्त की गई है।

सिर्फ आंदोलन होने से लाठीचार्ज नहीं कर सकते – सुप्रीम कोर्ट

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्त बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सिर्फ इस आंदोलन के आधार पर लाठीचार्ज नहीं किया जा सकता। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह बयान उस समय दिया जब देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग से जुड़ी याचिकाओं का उल्लेख उसके सामने किया गया। इनमें एक याचिका उन छात्रों के समूह की ओर से दायर की गई है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील फौजिया शकील और विकास सिंह ने कोर्ट के सामने यह मामला उठाया। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चले छात्र आंदोलन की वजह से आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा।

पुलिसकर्मी भी घायल
इस घटना के दौरान न सिर्फ प्रदर्शनकारी, बल्कि पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं और उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि हर व्यक्ति की जान महत्वपूर्ण है, चाहे वह कोई भी हो। हम सरकार से यह भी जवाब मांग सकते हैं कि हिंसक प्रदर्शनकारियों से घायल हुए पुलिसकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए।

शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना विरोध-प्रदर्शन करण
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है और इसकी रक्षा की जानी चाहिए। सिर्फ इसलिए कि कहीं आंदोलन हो रहा है, पुलिस लाठीचार्ज या ज़रूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं कर सकती। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में निष्पक्ष तरीके से अदालत की सहायता करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी सभी याचिकाओं पर एक साथ 28 जुलाई को सुनवाई करेगी।

पूरे देश के लिए तय प्रोटोकॉल जरूरी
सीजेआई ने कहा कि प्रदर्शन के लिए पूरे देश में एक तय प्रोटोकॉल होना चाहिए। प्रदर्शन के लिए उचित जगह होनी चाहिए, ताकि बेवजह रोक-टोक न हो। अगर प्रदर्शन में असामाजिक तत्व हों, तो उनसे अलग तरीके से निपटा जा सकता है। यह सिर्फ दिल्ली का मामला नहीं है, ज़रूरत है कि पूरे देश में एक समान नियम हो।

इराक के एरबिल में कई धमाके, यूएस कॉन्सुलेट के पास का इलाका भी निशाने पर

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उत्तरी इराक के एरबिल शहर में मंगलवार तड़के कई जोरदार धमाके हुए। धमाकों की आवाजें शहर के अलग-अलग इलाकों में सुनी गईं। इनमें अमेरिकी वाणिज्य दूतावास यानी यूएस कॉन्सुलेट के पास का इलाका भी शामिल है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों के पीछे ईरानी ड्रोन होने की आशंका जताई जा रही है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, एरबिल के उत्तर-पूर्व में स्थित खालिफान और सोरान इलाकों को भी निशाना बनाया गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कम से कम चार ड्रोन इन इलाकों में पहुंचे। हमलों के बाद कई जगह आग लग गई। दो ड्रोन अपने लक्ष्य के पास ही गिर गए।

अमेरिकी लड़ाकू विमान हुए सक्रिय
एरबिल में हमलों के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एरबिल के आसमान में 10 से अधिक अमेरिकी लड़ाकू विमान और ड्रोन उड़ान भरते देखे गए। माना जा रहा है कि ये इलाके की निगरानी और सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं।

उधर, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने दावा किया है कि इराक के अल-अनबार प्रांत में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया गया। स्थानीय मीडिया ने हदीथा बांध के पास एक अमेरिकी ड्रोन के मलबे की तस्वीरें भी जारी की हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी दौरान सुलेमानियाह के खोर मोर गैस क्षेत्र पर भी हमले की खबर सामने आई है। इससे पूरे उत्तरी और पश्चिमी इराक में तनाव का माहौल बना हुआ है।

अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव
इराक पर हमलों के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। यदि यह बातचीत सफल नहीं होती है तो अमेरिका फिर से कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत को ज्यादा समय नहीं दिया जाएगा। उनका कहना है कि या तो जल्द समझौता होगा या फिर दूसरा रास्ता अपनाया जाएगा।

ईशा सिंह ने जीता गोल्ड, शूटिंग क्वीन मनु भाकर ने भी मेडल पर लगाया निशाना

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ईशा सिंह ने जीता गोल्ड, शूटिंग क्वीन मनु भाकर ने भी मेडल पर लगाया निशाना
चीन के हांग्जो शहर में चल रहे इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय शूटर ईशा सिंह और मनु भाकर ने कमाल कर दिया. वुमेंस 25 मीटर पिस्टल इवेंट में 21 साल की ईशा सिंह ने गोल्ड मेडल जीता. वहीं शूटिंग क्वीन के नाम से मशहूर मनु भाकर ने कांस्य (Bronze) मेडल पर अपना नाम लिखवाया.

गोल्ड मेडल अपने नाम करने वाली ईशा ने 40 हिट के स्कोर के साथ फाइनल में टॉप किया, वहीं चीन की झांग युएयुए दूसरे नंबर पर रहीं, जिन्होंने 37 हिट किए.

मनु भाकर ने 28 के स्कोर के साथ खुद को तीसरे पायदान पर काबिज किया. इस तरह पोडियम पर 3 में से भारत की 2 खिलाड़ियों को जगह मिली.

सीजन में ईशा सिंह ने जीता दूसरा गोल्ड
यह सीजन में ईशा सिंह का ISSF वर्ल्ड कप का दूसरा गोल्ड मेडल रहा. इससे पहले उन्होंने मई के म्यूनिख वर्ल्ड कप में 25 मीटर पिस्टल इवेंट भी जीता था. ईशा ने म्यूनिख में 10 मीटर इवेंट में सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया था.

मनु भाकर के लिए यह सीजन का पहला व्यक्तिगत मेडल रहा. इससे पहले उन्होंने म्यूनिख में 10 मीटर एयर पिस्टल टीम में मेडल जीता था. बता दें कि मनु भाकर ने 2024 ओलंपिक में 2 ब्रान्ज मेडल जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं.

कल एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा-वोटिंग

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कल एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा-वोटिंग
लोकसभा में सरकार और विपक्ष के बीच बना गतिरोध खत्म हो चुका है. पेपर लीक से जुड़े बिल पर कल (28 जुलाई) को सदन में चर्चा होगी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने मंगलवार से इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा शुरू करने पर सहमति जाहिर की है.

सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से अपील की थी कि यह विषय देश के करोड़ों विद्यार्थियों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ है. ऐसे में इस पर व्यापक और सार्थक चर्चा होना जरूरी है.

स्पीकर ने की फ्लोर लीडर्स से बात
स्पीकर की इस सकारात्मक पहल के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स से लोकसभा अध्यक्ष ने खुद बातचीत की. इसके परिणामस्वरूप सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सहमति बनाते हुए मंगलवार को विधेयक पर विस्तृत चर्चा कराने का फैसला लिया. इससे सदन में सहमति और संवाद की भावना को भी बल मिला है.

एंटी पेपर लीक बिल पर होगी चर्चा
यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा माफिया और अन्य अनुचित साधनों पर प्रभावी रोक लगाने के मकसद से लाया गया है. मंगलवार को होने वाली चर्चा के दौरान विभिन्न दल विधेयक के प्रावधानों पर अपने सुझाव और संशोधन भी रख सकते हैं. चर्चा के बाद सरकार इन सुझावों का जवाब देगी और इसके बाद विधेयक को सदन की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा.

संसदीय परंपराओं के तहत अध्यक्ष ओम बिरला की पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद, सहमति और विस्तृत चर्चा ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है. उनके प्रयासों से सभी दलों का चर्चा के लिए तैयार होना संसदीय गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है.

शरीर में बार-बार खुजली कैंसर का संकेत हो सकती है

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Health-शरीर में खुजली होना एक आम समस्या है। कई बार मौसम बदलने, एलर्जी, ड्राई स्किन या किसी दवा के कारण भी खुजली हो सकती है। लेकिन अगर बिना किसी साफ वजह के खुजली लंबे समय तक बनी रहे और इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में लगातार होने वाली खुजली कुछ तरह के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है।

Cleveland Clinic के मुताबिक, सिर्फ खुजली होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को कैंसर है। ज्यादातर मामलों में इसकी वजह एलर्जी, एक्जिमा, ड्राई स्किन या दूसरी सामान्य समस्याएं होती हैं। हालांकि, कुछ तरह के कैंसर में लगातार होने वाली खुजली एक लक्षण के रूप में सामने आ सकती है। अगर खुजली लंबे समय तक बनी रहे और कोई साफ कारण समझ न आए, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

किन तरह के कैंसर में हो सकती है खुजली?
MD Anderson Cancer Center के अनुसार कुछ कैंसर ऐसे हैं जिनमें खुजली की शिकायत हो सकती है। इनमें शामिल हैं-

ब्लड कैंसर जैसे लिम्फोमा
ल्यूकेमिया
लिवर से जुड़े कुछ कैंसर
बाइल डक्ट (पित्त नली) से जुड़े कैंसर
कुछ मामलों में स्किन कैंसर

हालांकि, हर मरीज में यह लक्षण दिखाई दे, ऐसा जरूरी नहीं है।
खुजली के साथ कौन से लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क?

Cleveland Clinic और MD Anderson Cancer Center के अनुसार अगर खुजली के साथ ये लक्षण भी नजर आएं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है-
बिना वजह वजन कम होना
कई दिनों तक थकान रहना
रात में ज्यादा पसीना आना
लगातार बुखार रहना
त्वचा या आंखों का पीला पड़ना
शरीर में गांठ महसूस होना
खुजली का कई हफ्तों तक ठीक न होना

स्पोक्सपर्सन के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया- विदेश मंत्रालय

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PP-CJP प्रोटेस्ट से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक वायरल पोस्ट को भ्रामक बताया है। मंत्रालय का कहना है कि MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। एमईए ने साफ किया कि उन्होंने CJP प्रोटेस्ट की कथित विदेशी फंडिंग पर ऐसा कोई दावा नहीं किया था, जैसा सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।

वायरल पोस्ट पर MEA की सख्त प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने X पर वायरल पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि यह पोस्ट गुमराह करने वाली है। मंत्रालय के अनुसार, पोस्ट में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के नाम से ऐसा बयान जोड़ा गया जो उन्होंने कभी दिया ही नहीं।

वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि MEA ने जांच के आधार पर CJP प्रोटेस्ट में किसी भी विदेशी फंडिंग से इनकार किया है। लेकिन मंत्रालय ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया। MEA ने कहा कि यह बयान आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है और लोगों को भ्रमित करता है।

विदेश मंत्रालय ने मीडिया ब्रीफिंग का हवाला देते हुए प्रवक्ता का वास्तविक बयान भी साझा किया। रणधीर जायसवाल ने कहा था कि फिलहाल उनके पास इस विषय पर साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। यानी उन्होंने न तो विदेशी फंडिंग से इनकार किया और न ही इसकी पुष्टि की। उनका जवाब सिर्फ इतना था कि उस समय मंत्रालय के पास सार्वजनिक रूप से बताने के लिए कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। MEA ने दोहराया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया गया कथित बयान पूरी तरह मनगढ़ंत है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2028 सिद्धारमैया ने नहीं लड़ने का ऐलान किया

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Ktk-कर्नाटक की सियासत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे और कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता सिद्धारमैया ने 2028 का विधानसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने इसकी जानकारी एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी है.

उन्होंने कहा, ‘मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा. मैं अब 79 साल का हो गया हूं. हमारी सरकार का कार्यकाल अभी डेढ़ साल और बाकी है. तबतक मैं 81-82 साल का हो जाऊंगा. मेरी सेहत अब वैसी नहीं रही, जैसी पहले हुआ करती थी. अब पहले जैसा जोश और उत्साह के साथ काम करना मुमकिन नहीं है.’

सिद्धारमैया मांड्या जिले के के.आर. पेट में शनिवार को आयोजित एक निजी कार्यक्रम में बोल रहे थे. सिद्धारमैया ने ऐलान करते हुए कहा, ‘आज राजनीति में भ्रष्टाचार आ गया है. इसलिए मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा. हालांकि, राजनीति में एक्टिव रहते हुए, मैं लोगों के दुख-सुख की आवाज बनता रहूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘वरुणा निर्वाचन क्षेत्र के लोग एक बार मुझसे चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे हैं. लेकिन मैंने तय किया है कि अब मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा. पहले जब मैं चुनाव लड़ता था, तो निर्वाचन क्षेत्र के लोग ही हमें पैसे देते थे. हमारी जीत सुनिश्चित करते थे, लेकिन आज वैसी स्थिति नहीं रही.’

उन्होंने उम्र का हवाला देते हुए कहा, ‘मैं अब 79 साल का हो गया हूं. हमारी सरकार का कार्यकाल अभी डेढ़ साल और बाकी है. तब तक मैं 81-82 साल का हो जाऊंगा. मेरी सेहत अब वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी. अब पहले जैसा जोश और उत्साह के साथ काम करना संभव नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘2028 तक मैं 82 साल का हो जाऊंगा. तब मेरे राजनीतिक जीवन के 50 साल पूरे हो जाएंगे. मैंने 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के तौर पर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था. मैंने हार और जीत, दोनों देखी हैं. लेकिन मुझे इस बात का संतोष है कि मैंने कभी उन सिद्धांतों के खिलाफ काम नहीं किया जिनमें मेरा विश्वास था, और न ही कभी अपनी अंतरात्मा के साथ धोखा किया.’