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शरीर में बार-बार खुजली कैंसर का संकेत हो सकती है

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Health-शरीर में खुजली होना एक आम समस्या है। कई बार मौसम बदलने, एलर्जी, ड्राई स्किन या किसी दवा के कारण भी खुजली हो सकती है। लेकिन अगर बिना किसी साफ वजह के खुजली लंबे समय तक बनी रहे और इसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में लगातार होने वाली खुजली कुछ तरह के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है।

Cleveland Clinic के मुताबिक, सिर्फ खुजली होने का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति को कैंसर है। ज्यादातर मामलों में इसकी वजह एलर्जी, एक्जिमा, ड्राई स्किन या दूसरी सामान्य समस्याएं होती हैं। हालांकि, कुछ तरह के कैंसर में लगातार होने वाली खुजली एक लक्षण के रूप में सामने आ सकती है। अगर खुजली लंबे समय तक बनी रहे और कोई साफ कारण समझ न आए, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

किन तरह के कैंसर में हो सकती है खुजली?
MD Anderson Cancer Center के अनुसार कुछ कैंसर ऐसे हैं जिनमें खुजली की शिकायत हो सकती है। इनमें शामिल हैं-

ब्लड कैंसर जैसे लिम्फोमा
ल्यूकेमिया
लिवर से जुड़े कुछ कैंसर
बाइल डक्ट (पित्त नली) से जुड़े कैंसर
कुछ मामलों में स्किन कैंसर

हालांकि, हर मरीज में यह लक्षण दिखाई दे, ऐसा जरूरी नहीं है।
खुजली के साथ कौन से लक्षण दिखें तो हो जाएं सतर्क?

Cleveland Clinic और MD Anderson Cancer Center के अनुसार अगर खुजली के साथ ये लक्षण भी नजर आएं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है-
बिना वजह वजन कम होना
कई दिनों तक थकान रहना
रात में ज्यादा पसीना आना
लगातार बुखार रहना
त्वचा या आंखों का पीला पड़ना
शरीर में गांठ महसूस होना
खुजली का कई हफ्तों तक ठीक न होना

स्पोक्सपर्सन के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया- विदेश मंत्रालय

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PP-CJP प्रोटेस्ट से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक वायरल पोस्ट को भ्रामक बताया है। मंत्रालय का कहना है कि MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। एमईए ने साफ किया कि उन्होंने CJP प्रोटेस्ट की कथित विदेशी फंडिंग पर ऐसा कोई दावा नहीं किया था, जैसा सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है।

वायरल पोस्ट पर MEA की सख्त प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय की फैक्ट-चेक यूनिट ने X पर वायरल पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि यह पोस्ट गुमराह करने वाली है। मंत्रालय के अनुसार, पोस्ट में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के नाम से ऐसा बयान जोड़ा गया जो उन्होंने कभी दिया ही नहीं।

वायरल पोस्ट में दावा किया गया था कि MEA ने जांच के आधार पर CJP प्रोटेस्ट में किसी भी विदेशी फंडिंग से इनकार किया है। लेकिन मंत्रालय ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया। MEA ने कहा कि यह बयान आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है और लोगों को भ्रमित करता है।

विदेश मंत्रालय ने मीडिया ब्रीफिंग का हवाला देते हुए प्रवक्ता का वास्तविक बयान भी साझा किया। रणधीर जायसवाल ने कहा था कि फिलहाल उनके पास इस विषय पर साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। यानी उन्होंने न तो विदेशी फंडिंग से इनकार किया और न ही इसकी पुष्टि की। उनका जवाब सिर्फ इतना था कि उस समय मंत्रालय के पास सार्वजनिक रूप से बताने के लिए कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। MEA ने दोहराया कि सोशल मीडिया पर वायरल किया गया कथित बयान पूरी तरह मनगढ़ंत है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2028 सिद्धारमैया ने नहीं लड़ने का ऐलान किया

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Ktk-कर्नाटक की सियासत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रहे और कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता सिद्धारमैया ने 2028 का विधानसभा चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने इसकी जानकारी एक्स पर एक पोस्ट के जरिए दी है.

उन्होंने कहा, ‘मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा. मैं अब 79 साल का हो गया हूं. हमारी सरकार का कार्यकाल अभी डेढ़ साल और बाकी है. तबतक मैं 81-82 साल का हो जाऊंगा. मेरी सेहत अब वैसी नहीं रही, जैसी पहले हुआ करती थी. अब पहले जैसा जोश और उत्साह के साथ काम करना मुमकिन नहीं है.’

सिद्धारमैया मांड्या जिले के के.आर. पेट में शनिवार को आयोजित एक निजी कार्यक्रम में बोल रहे थे. सिद्धारमैया ने ऐलान करते हुए कहा, ‘आज राजनीति में भ्रष्टाचार आ गया है. इसलिए मैं 2028 का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ूंगा. हालांकि, राजनीति में एक्टिव रहते हुए, मैं लोगों के दुख-सुख की आवाज बनता रहूंगा.’

उन्होंने कहा, ‘वरुणा निर्वाचन क्षेत्र के लोग एक बार मुझसे चुनाव लड़ने का आग्रह कर रहे हैं. लेकिन मैंने तय किया है कि अब मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा. पहले जब मैं चुनाव लड़ता था, तो निर्वाचन क्षेत्र के लोग ही हमें पैसे देते थे. हमारी जीत सुनिश्चित करते थे, लेकिन आज वैसी स्थिति नहीं रही.’

उन्होंने उम्र का हवाला देते हुए कहा, ‘मैं अब 79 साल का हो गया हूं. हमारी सरकार का कार्यकाल अभी डेढ़ साल और बाकी है. तब तक मैं 81-82 साल का हो जाऊंगा. मेरी सेहत अब वैसी नहीं रही जैसी पहले हुआ करती थी. अब पहले जैसा जोश और उत्साह के साथ काम करना संभव नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘2028 तक मैं 82 साल का हो जाऊंगा. तब मेरे राजनीतिक जीवन के 50 साल पूरे हो जाएंगे. मैंने 1978 में तालुक बोर्ड सदस्य के तौर पर अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था. मैंने हार और जीत, दोनों देखी हैं. लेकिन मुझे इस बात का संतोष है कि मैंने कभी उन सिद्धांतों के खिलाफ काम नहीं किया जिनमें मेरा विश्वास था, और न ही कभी अपनी अंतरात्मा के साथ धोखा किया.’

तीसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी शतक से चूके

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IndvsZim-हरारे के स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले जा रहे तीसरे टी20 में भारत ने पहले खेलने के बाद जिम्बाब्वे को 193 रनों का लक्ष्य दिया है. भारत के लिए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 49 गेंद में 81 रनों की तूफानी पारी खेली. हालांकि, वह इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने पहले शतक से चूक गए. वैभव ने 8 चौके और 4 छक्के जड़े.

एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया आसानी से 200 के पार जाएगी, लेकिन दमदार शुरुआत करने वाली भारतीय टीम अंत अच्छा नहीं कर सकी. लास्ट 5 ओवर में भारत ने सिर्फ 47 रन ही बनाए. जिम्बाब्वे के लिए ब्रैड इवांस ने दो विकेट जबकि सिकंदर रजा, वेस्ले माधेवेरे और ब्लेसिंग मुजारबानी ने एक एक विकेट लिया.

अभिषेक शर्मा फिर फ्लॉप, मुजरबानी ने आउट करने की बनाई हैट्रिक
भारत के स्टार ओपनर अभिषेक शर्मा तीसरे टी20 में भी फ्लॉप रहे. अभिषेक चार गेंद में दो रन बनाकर आउट हुए. सीरीज के तीनों ही टी20 मैच में अभिषेक शर्मा को ब्लेसिंग मुजरबानी ने आउट किया.

भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ने पारी की शुरुआत की. अभिषेक फिर फ्लॉप रहे और मात्र 2 रन बनाकर आउट हो गए. वैभव और तीसरे नंबर पर आए ईशान किशन ने पारी को संभाला. बाएं हाथ के दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 50 गेंदों पर 75 रनों की साझेदारी कर टीम का स्कोर 95 तक पहुंचाया. ईशान दूसरे विकेट के रूप में 26 गेंदों पर 29 रन बनाकर आउट हुए.

वैभव ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े, जब ऐसा लग रहा था कि वैभव अपना पहला टी20 शतक पूरा कर लेंगे, उसी समय वह 81 के स्कोर पर आउट हो गए. वैभव का यह दूसरा अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक था. 49 गेंदों की इस पारी में वैभव ने 4 छक्के और 8 चौके लगाए. उन्होंने 31 गेंद में फिफ्टी पूरी की थी.

श्रेयस अय्यर अच्छी शुरुआत को एक बार फिर बड़ी पारी में नहीं बदल पाए. भारतीय कप्तान 18 गेंदों पर 27 रन बनाकर आउट हुए. तिलक वर्मा ने 9 गेंदों पर नाबाद 11 और रिंकू सिंह ने 14 गेंदों पर 25 रन बनाकर भारतीय टीम का स्कोर 5 विकेट पर 192 तक पहुंचाया. रिंकू पारी की आखिरी गेंद पर आउट हुए.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिल रही नई उड़ान

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CG-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। राज्य शासन की प्राथमिकता है कि ग्रामीण महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ ही न मिले, बल्कि वे स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करते हुए समाज में नई पहचान भी स्थापित करें। इसी सोच को साकार करने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले के ग्राम कुरमापाली की मती पुष्पा साव की सफलता की कहानी इसी परिवर्तनकारी अभियान का प्रेरक उदाहरण है।

कुछ वर्ष पहले तक पुष्पा साव का परिवार पूरी तरह दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। दिनभर की कठिन मेहनत के बावजूद इतनी आय नहीं हो पाती थी कि परिवार की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से हो सके। बच्चों की पढ़ाई, परिवार का भरण-पोषण और भविष्य की चिंता उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी। सीमित संसाधनों के बीच बेहतर जीवन का सपना साकार होता दिखाई नहीं देता था।

इसी दौरान ग्राम पंचायत के माध्यम से उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की जानकारी मिली। उन्होंने संस्कार स्व-सहायता समूह से जुड़कर नियमित बचत की शुरुआत की। समूह के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण, सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) तथा बैंक से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। यही सहयोग उनके जीवन में बदलाव की मजबूत नींव साबित हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की नीति का लाभ उठाते हुए मती पुष्पा साव ने सीआईएफ से प्राप्त 10 हजार रुपये की सहायता राशि से अपने घर पर मशरूम उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर विशेष ध्यान दिया। उनके उत्पाद की स्थानीय बाजार में तेजी से मांग बढ़ी, जिससे उनका आत्मविश्वास भी मजबूत होता गया।

व्यवसाय में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने लगभग 70 हजार रुपये का अतिरिक्त निवेश कर मशरूम उत्पादन का विस्तार किया। आज वे मशरूम उत्पादन के माध्यम से सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि बच्चों की बेहतर शिक्षा, घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति और भविष्य के लिए बचत करना भी संभव हो पाया है। परिवार के भोजन में मशरूम शामिल होने से पोषण स्तर में भी सकारात्मक सुधार आया है।

पुष्पा साव का कहना है कि यदि उन्हें बिहान का मार्गदर्शन और सहयोग नहीं मिला होता तो संभवतः उनका परिवार आज भी मजदूरी पर ही निर्भर रहता। आज वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि सही प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं का लाभ और निरंतर मेहनत किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान आज प्रदेश की लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण का मजबूत आधार बन चुका है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय सहायता, कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण तथा विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’’ अभियान को मिल रहा जन-जन का साथ

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CG-प्रदेशभर में हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिल रही नई गति, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में वृहद वृक्षारोपण एवं एटीएम ट्री वाहन का शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से संचालित ‘‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’’अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसी कड़ी में वन महोत्सव के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नवागांव (पेण्ड्रा) में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले के प्रत्येक क्षेत्र तक पौधे पहुंचाने के उद्देश्य से एटीएम ट्री वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जनसहभागिता और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने विद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की। जनपद सदस्य मती पूर्णिमा पैकरा ने विद्यालय में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा की। जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा ने कहा कि ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रेरणादायी संदेश देता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने बादाम, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा ने आंवला, कलेक्टर विजय दयाराम के. ने आम तथा वन मण्डलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने कदम का पौधा रोपित किया। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा नागरिकों ने विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना
‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था – तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने Gen-Z से संवाद में सामूहिकता की समृद्ध परंपरा पर जोर दिया

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Mankbat-विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में युवा शक्ति का संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित गांव प्रोग्राम 2026’ के प्रतिभागियों से संवाद किया, जहां उन्होंने Gen-Z के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्र की सामूहिकता की समृद्ध परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि यह हमारी पहचान का एक अटूट हिस्सा है। यह संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने वाले युवाओं के साथ सीधे जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण क्षण था।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम को वाकई खास बताते हुए देश के लगभग 250 जिलों से आए युवा प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। उन्होंने ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) प्लेटफॉर्म की शुरुआत को याद किया, जो आज करोड़ों युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ रहा है। MY Bharat के स्वयंसेवक देशभर में सराहनीय कार्य कर रहे हैं और यह मंच युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में प्रवाहित करने का सशक्त माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत संवाद’ से लेकर ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तक युवाओं द्वारा दिखाई गई असाधारण क्षमता की सराहना की। उन्होंने ‘विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद’ के दौरान साझा किए गए अपने विचार को दोहराया कि युवाओं को वर्चुअल माध्यमों से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर उतरना चाहिए। उनका मानना है कि भारत को सही मायने में समझने, उससे जुड़ने और यहां के जीवन का अनुभव करने के लिए गांवों में जाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वहीं से विकास की असीम आकांक्षाओं का पता चलता है।

राष्ट्र निर्माण के लिए पूरी तरह समर्पित है Gen-Z: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री के इन प्रेरणादायी शब्दों के प्रत्युत्तर में Gen-Z ने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्र-निर्माण के लिए Gen-Z की एक नई और गहरी परिभाषा प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में शामिल युवा दिव्यांशु जोशी ने कहा, “प्रधानमंत्री जी, सभी MY भारत वॉलंटियर्स की ओर से मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि विकसित भारत का जो विजन आपने देखा है और हमें सौंपा है, उसे पूरा करने के लिए Gen-Z पूरी तरह समर्पित रहेगा। हमारे लिए Gen-Z का मतलब केवल एक पीढ़ी नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण है।”

इनोवेशन का प्रतिनिधित्व करता Gen-Z
दिव्यांशु जोशी ने Gen-Z के इस नए अर्थ को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि Gen-Z का मतलब है चरित्र-निर्माण, जो राष्ट्र के मूल्यों और आदर्शों को आत्मसात करने का प्रतीक है। Gen-Z सेवा का पर्याय है, जो निस्वार्थ भाव से समाज और देश के लिए कार्य करने की भावना को दर्शाता है। इसके साथ ही, Gen-Z इनोवेशन का प्रतिनिधित्व करता है, जो नए विचारों, तकनीकों और समाधानों के माध्यम से प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। इस प्रकार, Gen-Z का वास्तविक अर्थ ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ (Nation First) है। युवाओं ने सीमावर्ती गांवों के अपने दौरों के दौरान प्राप्त अनुभवों को दर्ज किया है और उन्होंने तय किया है कि इन अनुभवों के संग्रह को जल्द ही एक विस्तृत सारांश नोट के माध्यम से प्रधानमंत्री के साथ साझा किया जाएगा, जो जमीनी हकीकत की एक महत्वपूर्ण तस्वीर प्रस्तुत करेगा।

क्या है ‘विकसित गांव प्रोग्राम’?
‘विकसित गांव प्रोग्राम’ प्रधानमंत्री के उस दूरदर्शी दृष्टिकोण को साकार करने के लिए परिकल्पित किया गया है, जिसमें भारत के सीमावर्ती गांवों को राष्ट्र के पहले गांवों के रूप में देखा जाता है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के एक बयान के अनुसार, MY भारत के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा यह कार्यक्रम इन गांवों को विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाने का लक्ष्य रखता है। यह कार्यक्रम दो चरणों में 4 जून से 30 जून तक आयोजित किया गया, जिसमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 जीवंत गांवों को शामिल किया गया।

इस कार्यक्रम के लिए देशभर से 400 से अधिक युवा प्रतिभागियों का चयन एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया, जिसमें तीन लाख से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले इन युवाओं ने कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय समुदायों के साथ रहकर विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें स्वच्छता अभियान, सरकारी योजनाओं पर जागरूकता अभियान, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान, मिनी मॉडल पंचायत सिमुलेशन, स्थानीय कारीगरों के साथ बातचीत और रणनीतिक महत्व के संस्थानों का दौरा जैसी महत्वपूर्ण पहलें शामिल थीं। इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकासात्मक आकांक्षाओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया। साथ ही, इसने सामुदायिक भागीदारी, राष्ट्रीय एकता और सीमावर्ती गांवों के रणनीतिक महत्व की गहरी समझ को बढ़ावा दिया, जिससे युवा राष्ट्र निर्माण की दिशा में और अधिक प्रेरित हुए।

नौकरी की तलाश हो या करियर की रुकावट, बप्पा का यह ‘गणेश स्तोत्र’ हर मुश्किल का अचूक समाधान

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हिंदू धर्म के मुताबिक, भगवान गणेश सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय हैं, जिन्हें विघ्नहर्ता यानी बाधाओं को दूर करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि, जो भक्त पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ उनकी पूजा और उपासना करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

भगवान गणेश ज्ञान, बुद्धि, सफलता और धन के भी देवता हैं। वैसे तो शास्त्रों में उन्हें खुश करने के अनेक उपायों के बारे में बताया गया है, लेकिन मंत्र जाप और स्तोत्रम का पाठ करने से बप्पा की आशीर्वाद सदैव बना रहता है। गणेश स्तोत्रम का पाठ एक शक्तिशाली पाठ है, जो भक्तों को आंतरिक सुख और सुरक्षा प्रदान करता है।

गणेश स्तोत्रम का प्रत्येक श्लोक उनके गुणों का गुणगान करता है, जैसे कि उनका ज्ञान, करुणा, शक्ति और विघ्नहर्ता के रूप में उनकी अहम भूमिका। जो भी भक्त इस स्तोत्रम का पाठ भक्तिपूर्वक करता है, उसका मन, शरीर और आत्मा तीनों ही संतुलित हो जाते हैं।

मध्य प्रदेश में पेपर लीक पर एक्शन, 3 महीने में दोषियों को मिलेगी सजा- सीएम मोहन यादव

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‘मध्यप्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्यप्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्यप्रदेश में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बनाए जाएंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का इन फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह के भीतर निराकरण किया जाएगा।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 जुलाई को कही। वे मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विद्यार्थियों के प्रति भावना स्पष्ट है। उनके मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई। फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर ऐहतियातन सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

पीएम मोदी के कार्यकाल में दोगुनी हुईं मेडिकल सीटें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढ़ाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेजी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है। विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्विद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।