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महिला एशिया कप टी20: भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया, शानदार जीत के साथ बढ़ाया कदम

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महिला एशिया कप टी20 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने मुकाबले में गेंद और बल्ले दोनों से दमदार खेल दिखाया और पाकिस्तान को कोई मौका नहीं दिया।

पाकिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष किया और निर्धारित ओवरों में चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। जवाब में भारतीय टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भारतीय बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। टीम ने 7 विकेट से मुकाबला जीतकर टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत की। इस जीत से भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है और टीम की नजरें अब आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने पर रहेंगी।

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होने के कारण इस मैच पर क्रिकेट प्रशंसकों की खास नजर थी। भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज कर प्रशंसकों को जश्न मनाने का मौका दिया।

2027 से पहले UP में BJP की नई रणनीति, विनोद तावड़े ने संभाली कमान

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है। भाजपा के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी दर्ज किया गया है।

तावड़े आज लखनऊ पहुंचे हैं और प्रदेश में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के बाद पार्टी संगठन की चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उनके दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की रणनीति को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर
भाजपा की रणनीति में बूथ मैनेजमेंट और संगठन को मजबूत करना प्रमुख मुद्दों में शामिल है। तावड़े पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर जमीनी स्तर की तैयारियों का आकलन करेंगे। पार्टी का फोकस संवेदनशील और महत्वपूर्ण बूथों की पहचान, कार्यकर्ताओं की सक्रियता तथा मतदाताओं तक संगठन की पहुंच मजबूत करने पर है।

तावड़े ने अपने यूपी दौरे से पहले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अनावश्यक प्रचार से बचते हुए संगठन, विकास कार्यों और अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश दिया है। उनका यह लो-की और अनुशासित दृष्टिकोण आगामी चुनाव के लिए भाजपा की कार्यशैली में बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

योगी सरकार के कामकाज को भी बनाया जाएगा मुद्दा
2027 के चुनाव में भाजपा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के विकास कार्य और कानून-व्यवस्था प्रमुख मुद्दे रह सकते हैं। पार्टी संगठन इन उपलब्धियों को बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

वहीं, विपक्षी दलों की रणनीति और सामाजिक समीकरणों को देखते हुए भाजपा के सामने अपने मौजूदा जनाधार को मजबूत बनाए रखने की चुनौती भी है। ऐसे में तावड़े की संगठनात्मक क्षमता और चुनावी अनुभव पर पार्टी नेतृत्व की विशेष नजर है।

सितंबर में BJP के कई बड़े नेताओं के दौरे
उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के दौरे प्रस्तावित हैं। पार्टी नेतृत्व इन दौरों के जरिए संगठन की स्थिति, जमीनी फीडबैक और चुनावी रोडमैप पर मंथन कर रहा है।

2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा और विपक्ष दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में विनोद तावड़े के नेतृत्व में भाजपा अब संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और चुनावी रणनीति को समय रहते धार देने में जुट गई है।

वाराणसी में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करेंगे CM योगी, राहत-बचाव व्यवस्था की लेंगे जानकारी

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उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वाराणसी का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री गंगा और वरुणा नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर जमीनी हालात का जायजा लेंगे। इसके बाद वे अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री, राहत शिविरों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और बचाव अभियानों की जानकारी ली जाएगी। प्रशासन को प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए जाने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री करीब शाम 5 बजे वाराणसी पुलिस लाइन पहुंचेंगे। इससे पहले वे हेलीकॉप्टर से गंगा और वरुणा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करेंगे। इसके बाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बाढ़ की स्थिति तथा राहत कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक होगी।

राहत शिविरों का भी लिया जाएगा जायजा
वाराणसी में बढ़ते जलस्तर के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ का असर देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री इन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात और राहत सामग्री के वितरण का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ काशी विश्वनाथ और कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन भी करेंगे।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के कई जिले इस समय बाढ़ से प्रभावित हैं। वाराणसी, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, गोरखपुर, चित्रकूट और बाराबंकी समेत 26 जिलों में बाढ़ का असर बताया गया है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन राहत एवं बचाव अभियानों को लगातार तेज कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण और समीक्षा बैठक के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

कृष्ण जन्मोत्सव के बाद मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, मथुरा-वृंदावन में भक्तिमय माहौल

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भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद ब्रजभूमि में भक्ति और उल्लास का माहौल बना हुआ है। मथुरा और वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मंदिरों में विशेष दर्शन, पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों के चलते पूरा क्षेत्र कृष्णमय नजर आ रहा है।

जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर सहित वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट की गई। रात में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के समय भजन-कीर्तन, अभिषेक और आरती के आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान के दर्शन किए और जन्मोत्सव में हिस्सा लिया।

वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर समेत कई धार्मिक स्थलों पर भक्तों की भीड़ रही। मंदिर परिसर और आसपास की गलियां भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजती रहीं। इस्कॉन वृंदावन में भी विशेष सजावट, कीर्तन, अभिषेक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

नंदोत्सव को लेकर भी उत्साह
जन्माष्टमी के अगले दिन ब्रज क्षेत्र में नंदोत्सव की परंपरा मनाई जाती है। भगवान कृष्ण के जन्म की खुशी में मंदिरों में विशेष पूजा और प्रसाद वितरण किया जाता है। वृंदावन में नंदोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

ब्रजभूमि में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर मथुरा-वृंदावन की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सामने ला दिया है। मंदिरों की सजावट, भजन-कीर्तन और कृष्ण भक्ति से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना हुआ है।

रूस-यूक्रेन वार्ता पर दुनिया की नजर, अमेरिकी दूतों की कूटनीतिक गतिविधियां चर्चा में

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच एक बार फिर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर रूस और यूक्रेन की यात्रा पर हैं। दोनों दूतों का उद्देश्य शांति प्रस्ताव को आगे बढ़ाना और युद्ध समाप्त करने की संभावनाओं पर बातचीत करना है।

अमेरिकी दूतों की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब रूस और यूक्रेन के बीच सैन्य तनाव लगातार बना हुआ है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी प्रतिनिधियों की यात्रा के दौरान हवाई हमलों पर अस्थायी रोक लगाने की अपील की है, ताकि बातचीत के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जा सके। हालांकि, रूस की ओर से इस प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं मिले हैं और हमले जारी रहने की खबरें सामने आई हैं।

शांति वार्ता में कई चुनौतियां
अमेरिकी प्रयासों के बावजूद रूस और यूक्रेन के बीच कई अहम मुद्दों पर मतभेद कायम हैं। क्षेत्रीय नियंत्रण, यूक्रेन की सुरक्षा और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे किसी भी संभावित शांति समझौते के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। रूस के रुख और बातचीत में संभावित प्रगति को लेकर भी फिलहाल उम्मीदें सीमित बताई जा रही हैं।

दुनिया की नजर अब अमेरिकी दूतों की मॉस्को और कीव में होने वाली बैठकों पर टिकी है। यदि इन बैठकों से युद्धविराम या आगे की औपचारिक शांति वार्ता के लिए कोई रास्ता निकलता है, तो यह लंबे समय से चले आ रहे रूस-यूक्रेन संघर्ष में महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम साबित हो सकता है।

भोपाल-इंदौर के बीच बनेगा नया 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, ₹4,000 करोड़ से बदलेगी सफर की तस्वीर

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मध्य प्रदेश के दो प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक नए 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। करीब ₹4,000 करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की लंबाई लगभग 161 किलोमीटर बताई जा रही है।

नया एक्सप्रेसवे मौजूदा भोपाल-इंदौर मार्ग को चौड़ा करने के बजाय नए अलाइनमेंट पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य दोनों शहरों के बीच तेज और सुगम यातायात व्यवस्था तैयार करना है। मौजूदा सड़क मार्ग से यात्रा में करीब चार घंटे लगते हैं, जबकि नए कॉरिडोर के तैयार होने के बाद यह समय लगभग 2 से 2.5 घंटे तक आने की उम्मीद है।

यातायात के साथ आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से भोपाल और इंदौर के बीच आवागमन आसान होने के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

परियोजना को मध्य प्रदेश के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल किया गया है। इसके पूरा होने पर प्रदेश के दो बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच यात्रा अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

शिक्षक दिवस पर देशभर में शिक्षकों का सम्मान, राष्ट्रपति मुर्मु करेंगी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान

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देशभर में आज 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन महान शिक्षाविद् और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इस मौके पर स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नई दिल्ली में देशभर के चयनित शिक्षकों को सम्मानित करेंगी। इस वर्ष 48 स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। ये शिक्षक 27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 संगठनों से हैं।

इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षकों एवं संकाय सदस्यों को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए जाने हैं। समारोह में सम्मानित शिक्षकों के उल्लेखनीय कार्यों और उपलब्धियों को दर्शाने वाले लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों में प्रतिभा को निखारने, चरित्र निर्माण करने और उन्हें बेहतर इंसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से तकनीक अपनाने, ज्ञान को लगातार अपडेट करने और नवीन शिक्षण पद्धतियों का उपयोग करने का भी आह्वान किया।

शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से देश के भविष्य को आकार देने वाले उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन भी है।

जन्माष्टमी आज बेहद खास, रोहिणी नक्षत्र के संयोग में होगी लड्डू गोपाल की विशेष पूजा

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देशभर में आज 4 सितंबर 2026 को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष जन्माष्टमी को विशेष माना जा रहा है, क्योंकि अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

पंचांग के अनुसार इस वर्ष अष्टमी तिथि 4 सितंबर की रात 2:25 बजे से शुरू होकर 5 सितंबर की रात 12:13 बजे तक रहेगी। वहीं रोहिणी नक्षत्र 4 सितंबर को रात 11:04 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है। इस कारण जन्माष्टमी का पर्व धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है।

निशीथ काल में होगी विशेष पूजा
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मध्यरात्रि में मनाने की परंपरा है। इस वर्ष जन्माष्टमी पर निशीथ काल का पूजा मुहूर्त रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक, श्रृंगार और आरती करेंगे।

भक्त भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी और पंचमेवा का भोग अर्पित करेंगे। इसके बाद मंत्र जाप और आरती के साथ जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कई मंदिरों में आधी रात को शंखनाद और विशेष आरती के साथ भगवान के प्राकट्य का उत्सव होगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार जन्माष्टमी पर व्रत, भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान, नाम-जप और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है। देशभर के कृष्ण मंदिरों में विशेष सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच श्रद्धालु कान्हा के जन्मोत्सव में शामिल हो रहे हैं।

हालांकि एक महत्वपूर्ण बात: कुछ पंचांग विवरणों के अनुसार रोहिणी नक्षत्र रात 11:04 बजे समाप्त हो जाता है, इसलिए ठीक मध्यरात्रि के जन्मोत्सव के समय रोहिणी नक्षत्र मौजूद नहीं रहेगा।

इंदौर को मिलेगा नया बिजनेस हब, एयरपोर्ट के पास एयरोसिटी से बदल जाएगी तस्वीर

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इंदौर के विकास को नई रफ्तार देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के पास एयरोसिटी विकसित करने की योजना बनाई है। करीब 11 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तावित इस परियोजना में शुरुआती तौर पर ₹500 से ₹600 करोड़ के निवेश की उम्मीद जताई गई है।

प्रस्तावित एयरोसिटी एयरपोर्ट से करीब 500 मीटर की दूरी पर विकसित की जाएगी। यहां आवासीय गतिविधियों के साथ होटल, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को जगह दी जाएगी। इसका उद्देश्य एयरपोर्ट क्षेत्र को आधुनिक बिजनेस और हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में विकसित करना है।

इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी परीक्षित झाड़े के अनुसार, एयरोसिटी को इंदौर-पीथमपुर आर्थिक गलियारे से सीधे जोड़ने की योजना है। इससे एयरपोर्ट क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ कारोबार और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

एयरोसिटी के अलावा शहर में मेघदूत गार्डन के पास करीब 3.83 हेक्टेयर क्षेत्र में थीम आधारित एम्यूजमेंट पार्क विकसित करने की भी योजना है। इसके लिए ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है।

इस परियोजना से इंदौर में होटल, रिटेल, ऑफिस और अन्य सेवा क्षेत्रों में नई गतिविधियां बढ़ सकती हैं। साथ ही निर्माण और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, एयरपोर्ट के पास एयरोसिटी का विकास इंदौर के शहरी विस्तार, निवेश और पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकती है।

सामक्का सागर परियोजना पर बढ़ी हलचल, तेलंगाना ने CM साय से मांगी बड़ी मंजूरी

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तेलंगाना के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सामक्का सरक्का बैराज (सामक्का सागर परियोजना) के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से जल्द अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करने का अनुरोध किया।

तेलंगाना सरकार का कहना है कि NOC मिलने से बैराज में उसकी निर्धारित क्षमता के अनुसार जल भंडारण किया जा सकेगा और परियोजना के सिंचाई संबंधी लाभों को पूरी तरह हासिल करने में मदद मिलेगी। परियोजना गोदावरी नदी पर स्थित है और इससे तेलंगाना के कई क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा मजबूत होने की उम्मीद है।

बैठक के दौरान तेलंगाना के मंत्री ने छत्तीसगढ़ में बैराज के कारण डूब में आने वाली भूमि और मकानों का पूरा मुआवजा देने की बात कही। तेलंगाना सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि संबंधित आकलन के आधार पर मुआवजे की राशि पहले से जमा करने के लिए वह तैयार है।

सामक्का सागर बैराज की लंबाई करीब 1,143 मीटर है और इसमें 59 रेडियल गेट हैं। इसकी डिजाइन भंडारण क्षमता 6.94 टीएमसी है। परियोजना का उद्देश्य श्रीराम सागर परियोजना के दूसरे चरण के तहत करीब 4.40 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई को स्थिर करना तथा अतिरिक्त 30,000 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।

दोनों राज्यों के बीच यह मुद्दा अंतरराज्यीय जल परियोजना से जुड़ा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की NOC को परियोजना की आगे की मंजूरियों और निर्धारित जल भंडारण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।