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दुष्यंत गौतम बने राज्यपाल, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति

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देश के कई राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के साथ कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु और केरल में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति की खबर है। इन नियुक्तियों के तहत संबंधित राज्यों में संवैधानिक पदों पर नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

राज्यपाल राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के प्रमुख होते हैं। उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राज्यपाल राज्य सरकार और केंद्र के बीच संवैधानिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नए राज्यपालों की नियुक्ति से संबंधित राज्यों में प्रशासनिक और संवैधानिक जिम्मेदारियों का नया दौर शुरू होगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति की है। दुष्यंत गौतम को सिक्किम, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, ब्रज मोहन राम को ओडिशा और डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, ओम प्रकाश माथुर को केरल और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शारदीय नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा को अर्पित करें ये 9 भोग, जानें किस दिन क्या चढ़ाने से मिलेगा आशीर्वाद

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शारदीय नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर माना जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूप को प्रिय भोग अर्पित करने से सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की जाती है। नवरात्रि में पूजा के साथ-साथ भोग, पुष्प और मंत्रों का भी विशेष महत्व है।

नवरात्रि के नौ दिनों में किस देवी को क्या अर्पित करें?
पहला दिन – मां शैलपुत्री
नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन मां को गाय के दूध से बनी मिठाई, शुद्ध घी या घी से तैयार भोग अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है।

दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी
दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है। इस दिन देवी को शक्कर, मिश्री और पंचामृत अर्पित किया जाता है। भक्त मां से तप, संयम, धैर्य और आत्मबल का आशीर्वाद मांगते हैं।

तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होती है। इस दिन मां को दूध, खीर या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे जीवन में शांति और साहस की प्राप्ति होती है।

चौथा दिन – मां कूष्मांडा
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन देवी को मालपुआ या मीठे पकवान अर्पित किए जा सकते हैं। भक्त अच्छे स्वास्थ्य, ऊर्जा और समृद्धि की कामना करते हैं।

पांचवां दिन – मां स्कंदमाता
पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है। इस दिन केले या केले से बने भोग का अर्पण करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां की कृपा से परिवार में सुख-शांति और संतान की खुशहाली बनी रहती है।

छठा दिन – मां कात्यायनी
छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना की जाती है। इस दिन देवी को शहद का भोग अर्पित करने की परंपरा है। भक्त मां से साहस, आत्मविश्वास और जीवन में सकारात्मकता की प्रार्थना करते हैं।

सातवां दिन – मां कालरात्रि
सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन मां को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई अर्पित की जाती है। मान्यता है कि देवी अपने भक्तों को भय और नकारात्मकता से रक्षा प्रदान करती हैं।

आठवां दिन – मां महागौरी
आठवें दिन मां महागौरी की पूजा और कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन मां को नारियल, नारियल से बनी मिठाई या सफेद मिष्ठान का भोग लगाया जाता है। भक्त सुख, शांति और सौभाग्य की कामना करते हैं।

नौवां दिन – मां सिद्धिदात्री

नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन तिल, हलवा-पूरी, चना और अन्य पारंपरिक पकवान अर्पित करने की परंपरा है। कई परिवारों में कन्या पूजन कर छोटी बच्चियों को भोजन कराया जाता है और उपहार दिए जाते हैं।

भोग लगाते समय इन बातों का रखें ध्यान
नवरात्रि में मां दुर्गा को भोग अर्पित करते समय स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें। भोग सात्विक हो और पूजा स्थल साफ-सुथरा रहे। अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाज के अनुसार भोग में बदलाव भी किया जा सकता है।

धार्मिक मान्यताओं में भोग का महत्व केवल सामग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे भक्त की श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का स्मरण करते हुए सच्चे मन से पूजा-अर्चना करें।

जेलेंस्की ने मांगा 60 दिन का युद्धविराम, रूस का जवाब- चुनाव के दिन ही रोकेंगे हमले

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक खींचतान तेज हो गई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए रूस से 60 दिनों के पूर्ण युद्धविराम की मांग की है। हालांकि, रूस ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा है कि वह यूक्रेन में चुनाव के दिन हमले रोकने पर विचार कर सकता है। इस घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं।

जेलेंस्की बोले- 60 दिन का युद्धविराम मिले तो कराएंगे चुनाव
जेलेंस्की ने अमेरिकी समाचार चैनल ABC को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 60 दिनों के लिए युद्ध रोकने पर सहमत होते हैं, तो यूक्रेन राष्ट्रपति चुनाव आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

उनका तर्क है कि लगातार जारी रूसी हमलों के बीच स्वतंत्र और सुरक्षित चुनाव कराना मुश्किल है। चुनावी प्रक्रिया के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना और नागरिकों को मतदान का अवसर देना जरूरी है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति का चुनाव कौन करेगा, इसका फैसला यूक्रेन की जनता को करना चाहिए।

रूस ने 60 दिन के प्रस्ताव को किया खारिज
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जेलेंस्की की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस अस्थायी युद्धविराम के बजाय व्यापक और दीर्घकालिक शांति समझौता चाहता है। रूस का आरोप है कि यूक्रेन 60 दिनों के युद्धविराम का इस्तेमाल अपनी सैन्य स्थिति मजबूत करने के लिए कर सकता है।

पेसकोव के मुताबिक, यदि यूक्रेन वास्तव में चुनाव कराना चाहता है, तो पुतिन मतदान के दिन रूसी सेना को हमले रोकने का आदेश देने के लिए तैयार हो सकते हैं। यानी रूस ने फिलहाल 60 दिनों के युद्धविराम के बजाय केवल चुनाव के दिन हमले रोकने का संकेत दिया है।

ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे और यूक्रेन में नए राष्ट्रपति की जरूरत की बात कही थी। इसके जवाब में जेलेंस्की ने कहा कि देश के नेतृत्व का फैसला यूक्रेन के नागरिकों को ही करना चाहिए।

इस बीच, रूस और यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ट्रंप ने दोनों देशों के बीच ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के समझौते की घोषणा की थी, लेकिन यूक्रेन ने रूसी हमले जारी रहने की बात कही। ऐसे में व्यापक युद्धविराम की संभावनाओं पर अनिश्चितता बनी हुई है।

क्या युद्धविराम से चुनाव का रास्ता खुलेगा?
यूक्रेन में युद्ध के दौरान चुनाव कराने का मुद्दा लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। जेलेंस्की का कहना है कि चुनाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा और स्थिरता जरूरी है, जबकि रूस तत्काल युद्धविराम के बजाय दीर्घकालिक समझौते पर जोर दे रहा है।

फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच 60 दिनों के युद्धविराम पर सहमति नहीं बनी है। आने वाले दिनों में अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय पक्षों की कूटनीतिक पहल इस विवाद की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा अनुसंधान को मिलेगी नई ऊंचाई, BSL-3 प्रयोगशाला से बढ़ेंगे वैज्ञानिक नवाचार के अवसर: CM विष्णु देव साय

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छत्तीसगढ़ में जैव-सुरक्षा अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बीएसएल-3 (BSL-3) प्रयोगशाला की स्थापना से प्रदेश में उच्चस्तरीय वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। इससे संक्रामक रोगों के अध्ययन, रोगजनकों की पहचान और आधुनिक जैव-चिकित्सा अनुसंधान की क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

जैव-सुरक्षा अनुसंधान के लिए मजबूत होगा बुनियादी ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाएं किसी भी प्रदेश की अनुसंधान क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। बीएसएल-3 प्रयोगशाला जैसी उच्चस्तरीय सुविधा से वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को विशेष जैव-सुरक्षा मानकों के तहत अनुसंधान करने का अवसर मिलेगा। इससे स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का वैज्ञानिक समाधान खोजने में सहायता मिल सकती है।

क्या है BSL-3 प्रयोगशाला?
बीएसएल-3 यानी बायोसेफ्टी लेवल-3 प्रयोगशाला ऐसी विशेष सुविधा होती है, जहां उन सूक्ष्मजीवों और रोगजनकों पर नियंत्रित परिस्थितियों में शोध किया जाता है, जो गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं और जिनके संक्रमण का जोखिम विशेष सावधानियों की मांग करता है। ऐसी प्रयोगशालाओं में वायु प्रवाह नियंत्रण, सुरक्षित प्रवेश व्यवस्था, विशेष उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों सहित कड़े जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं।

स्वास्थ्य और वैज्ञानिक नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन
बीएसएल-3 प्रयोगशाला से प्रदेश में संक्रामक रोगों की निगरानी, रोगों के अध्ययन और संभावित स्वास्थ्य संकटों से निपटने की वैज्ञानिक तैयारियों को मजबूती मिल सकती है। इसके साथ ही शोध संस्थानों, वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच सहयोग के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक को प्रदेश के विकास से जोड़ने पर जोर दिया। इस प्रकार की सुविधाएं छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य अनुसंधान, जैव-सुरक्षा और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं।

वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प, मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित

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मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक में इस संकल्प को सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस संकल्प के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास, आर्थिक समृद्धि, जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया।

विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण पर जोर
मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक में वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। संकल्प का उद्देश्य प्रदेश में विकास की गति को तेज करना और आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।

सरकार का जोर कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास जैसे क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर है। इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध प्रयासों के जरिए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में मध्यप्रदेश की अहम भूमिका
वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में मध्यप्रदेश की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में कृषि उत्पादन, औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, पर्यटन, ऊर्जा और आधारभूत संरचना के विस्तार के माध्यम से विकास के नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।

जनकल्याण और समग्र विकास पर रहेगा फोकस
विशेष बैठक में पारित संकल्प प्रदेश के विकास को जनकल्याण से जोड़ने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार हो।

वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का यह संकल्प राज्य के दीर्घकालिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इस लक्ष्य को धरातल पर उतारने के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निवेश, रोजगार सृजन और नागरिकों की भागीदारी पर विशेष ध्यान देना होगा।

स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि स्वस्थ और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है। सरकार प्रदेश में नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य, गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं और समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, स्वस्थ समाज ही विकसित राज्य की मजबूत नींव होता है। इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने, जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने और विकास की प्रक्रिया में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलन, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, रोजगार और विकास के समान अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने स्वस्थ, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जनकल्याण और प्रदेश की प्रगति के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

भारत ने इंदौर में लिया रांची का बदला, वेस्टइंडीज को 14 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

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भारतीय क्रिकेट टीम ने इंदौर के होलकर स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को तीसरे टी-20 मुकाबले में 14 रन से हरा दिया। रांची में मिली हार का बदला लेते हुए टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। भारत की जीत में बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी और गेंदबाज अर्शदीप सिंह की शानदार गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई।

अभिषेक शर्मा ने बल्ले से मचाया धमाल
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 223 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 30 गेंदों पर 69 रन ठोक दिए। उनकी पारी में छह छक्के और पांच चौके शामिल रहे। ईशान किशन ने भी 18 गेंदों पर 37 रन बनाकर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाया।

दोनों बल्लेबाजों की तेज पारियों ने भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद की। हालांकि, मध्यक्रम में विकेट गिरने और रन आउट होने के कारण टीम इंडिया अपनी शुरुआत का पूरा फायदा नहीं उठा सकी और 223 रन पर ऑलआउट हो गई।

अर्शदीप सिंह की गेंदबाजी ने पलटा मैच
224 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने भी जोरदार संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अहम मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 44 रन देकर तीन विकेट झटके। उन्होंने विपक्षी टीम के प्रमुख बल्लेबाजों को आउट कर भारत की जीत की राह आसान की।

नमन धीर ने भी महत्वपूर्ण विकेट लेकर वेस्टइंडीज की रन गति पर अंकुश लगाया। भारतीय गेंदबाजों के दबाव के सामने कैरेबियाई टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी। इस तरह भारत ने मुकाबला 14 रन से अपने नाम कर लिया।

सीरीज में भारत 2-1 से आगे
रांची में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को छह विकेट से हराकर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी थी। इंदौर में जीत के साथ भारतीय टीम ने फिर बढ़त हासिल कर ली है। तीसरे मुकाबले में जीत से टीम इंडिया का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

अब पांच मैचों की सीरीज के चौथे टी-20 मुकाबले पर सभी की नजरें रहेंगी। भारतीय टीम की कोशिश अगले मैच में भी जीत दर्ज कर सीरीज पर अपनी पकड़ मजबूत करने की होगी।

CJI ने INDIA गठबंधन को मिलने से किया इनकार, राहुल गांधी आज करेंगे सुप्रीम कोर्ट तक मार्च

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मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA गठबंधन के नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के मुलाकात के अनुरोध को ठुकरा दिया है। विपक्षी नेताओं ने कथित चुनावी अनियमितताओं, वोट चोरी के आरोपों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए मुलाकात का समय मांगा था। इस बीच राहुल गांधी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने का ऐलान किया है।

SIR और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की मांग
राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CJI से मुलाकात के लिए समय मांगा था। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर कथित वोट चोरी पर रोक लगाने, SIR प्रक्रिया स्थगित करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाना था।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, CJI ने मुलाकात से इनकार करते हुए संकेत दिया कि जिन मुद्दों को उठाया जाना है, वे पहले से न्यायालय के विचाराधीन हैं। ऐसे मामलों में राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल से प्रशासनिक स्तर पर मुलाकात करने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखी जा सकती है। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है।

राहुल गांधी ने किया मार्च का ऐलान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि 12 अक्टूबर को विपक्षी दलों, युवाओं और नागरिक संगठनों के साथ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की है।

विपक्ष की योजना सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की है। इसमें कथित वोट चोरी, SIR प्रक्रिया पर रोक और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल है।

राजनीतिक टकराव के बीच बढ़ी हलचल
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगा रहा है, जबकि इन आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है।

अब सबकी नजरें 12 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्ष आगे अपनी मांगों को किस तरह न्यायिक प्रक्रिया के समक्ष रखता है और इस पूरे मामले में आगे क्या घटनाक्रम सामने आता है।

रियाद एयरपोर्ट पर हमले में भारतीय की मौत, 10 घायल; भारतीय समुदाय में बढ़ी चिंता

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सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और 10 लोगों के घायल होने की खबर से भारतीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। घटना के बाद प्रभावित लोगों की सुरक्षा, घायलों के उपचार और भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमले में जान गंवाने वाला भारतीय नागरिक हैदराबाद का रहने वाला था। घटना के बाद भारतीय अधिकारियों की ओर से प्रभावित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने और घायलों की स्थिति पर नजर रखने की बात सामने आई है। हालांकि, हमले की परिस्थितियों और सभी घायलों की पहचान के संबंध में आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही अंतिम विवरण स्पष्ट हो सकेगा।

विदेश में भारतीय नागरिक की मौत की खबर के बाद परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है। भारतीय समुदाय के लोग भी घटना को लेकर चिंतित हैं। संबंधित अधिकारियों से घायलों के उपचार, सुरक्षा व्यवस्था और घटना की विस्तृत जानकारी मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर नजर
विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ऐसे घटनाक्रम महत्वपूर्ण हो जाते हैं। प्रभावित परिवारों को समय पर जानकारी और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। घटना से संबंधित आधिकारिक अपडेट सामने आने के बाद मृतक की पहचान, घायलों की स्थिति और हमले के कारणों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों के सर्वांगीण विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने रविवार, 11 अक्टूबर को देवास की कृषि उपज मंडी समिति परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव एवं जिला स्तरीय किसान मेले को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने प्रदेशवासियों और अन्नदाताओं को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।

प्राकृतिक खेती और आधुनिक तकनीकों में देवास के किसान आगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के किसानों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के किसान उन्नत कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार कर रहे हैं। इन प्रयासों से देवास कृषि के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने किसानों के हित में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को सराहनीय पहल बताया।

कम पानी में अधिक उत्पादन पर जोर
बलराम कृषि महोत्सव का उद्देश्य कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती और श्रीअन्न यानी मिलेट्स के उत्पादन को बढ़ावा देना है। मेले में कृषि वैज्ञानिकों ने आगामी रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों को गेहूं, चना, मसूर और सरसों की प्रमाणित किस्मों की जानकारी दी। साथ ही कम पानी में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने, फसल चयन और कृषि संसाधनों के प्रभावी उपयोग के बारे में मार्गदर्शन दिया गया।

कृषि यंत्रों और सिंचाई तकनीकों की प्रदर्शनी
किसान मेले में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणालियों तथा कृषि नवाचारों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को इन तकनीकों के माध्यम से पानी की बचत करने, खेती की लागत घटाने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के तरीकों से अवगत कराया गया।

मेले में प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए। प्राकृतिक खेती, मॉडल फार्मिंग, पॉलीहाउस, शेडनेट और किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से कृषि उत्पादों के विपणन जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।

11 प्रगतिशील किसानों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कृषि, पशुपालन और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले देवास जिले के 11 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को नई तकनीक अपनाने और खेती में नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में किसानों के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। बलराम कृषि महोत्सव के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक खेती और बेहतर उत्पादन की जानकारी उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।