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विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार उछाल, 729.33 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड पर भारत

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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, 21 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 12.42 अरब डॉलर बढ़कर 729.33 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले फरवरी 2026 में विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और सोने का बड़ा योगदान
RBI के आंकड़ों के अनुसार, इस बढ़ोतरी में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और सोने के भंडार की अहम भूमिका रही। सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 9.48 अरब डॉलर बढ़कर 591.33 अरब डॉलर हो गईं। वहीं, भारत के सोने के भंडार का मूल्य करीब 2.8 अरब डॉलर बढ़कर 114.22 अरब डॉलर पहुंच गया।

इसके अलावा भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) करीब 18.85 अरब डॉलर और IMF में रिजर्व पोजिशन करीब 4.92 अरब डॉलर रही।

NRI जमा और विदेशी पूंजी का भी असर
विदेशी मुद्रा भंडार में इस तेज बढ़ोतरी के पीछे विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों का भी योगदान माना जा रहा है। RBI की विभिन्न सुविधाओं के तहत जून से 21 अगस्त के बीच करीब 73 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह हुआ, जिसमें लगभग 65 अरब डॉलर NRI जमा से आया।

अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है रिकॉर्ड रिजर्व?
विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति को मजबूत करता है। इससे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव या रुपये पर दबाव बढ़ने की स्थिति में RBI को विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए बड़ा सुरक्षा कवच मिलता है। मौजूदा रिजर्व देश के करीब 11 महीने के वस्तु आयात को कवर करने के लिए पर्याप्त बताया जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से निवेशकों का भरोसा बढ़ने और बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने की भारत की क्षमता मजबूत होने में मदद मिल सकती है।

 

कालीन भैया और गुड्डू पंडित की बड़े पर्दे पर वापसी, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को A सर्टिफिकेट

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लोकप्रिय वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ अब बड़े पर्दे पर अपना भौकाल दिखाने के लिए तैयार है। फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से ‘A’ सर्टिफिकेट मिल गया है। फिल्म का रनटाइम 197.19 मिनट यानी करीब 3 घंटे 17 मिनट तय किया गया है।

4 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक
गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह पहली बार है जब ‘मिर्जापुर’ की चर्चित कहानी और इसके लोकप्रिय किरदार OTT से निकलकर बड़े पर्दे पर नजर आएंगे।

फिल्म में पंकज त्रिपाठी कालीन भैया, अली फजल गुड्डू पंडित और दिव्येंदु शर्मा मुन्ना त्रिपाठी के किरदार में वापसी कर रहे हैं। इसके अलावा श्वेता त्रिपाठी शर्मा, रसिका दुग्गल, अभिषेक बनर्जी और अन्य कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

बड़े पर्दे पर फिर दिखेगी गद्दी की जंग
फिल्म की कहानी में मिर्जापुर की गद्दी को लेकर संघर्ष और पुरानी दुश्मनियों के फिर से सामने आने की झलक मिलती है। CBFC के आधिकारिक विवरण के मुताबिक, सत्ता की जंग के बीच पुराने दुश्मनों की वापसी और नए खतरों से कहानी आगे बढ़ती है।

‘A’ सर्टिफिकेट मिलने का मतलब है कि फिल्म को 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के दर्शक ही सिनेमाघरों में देख सकेंगे। करीब सवा तीन घंटे की अवधि और लोकप्रिय स्टारकास्ट के कारण फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है।

थाईलैंड के खिलाफ मैदान में उतरेगी टीम इंडिया, एशिया कप में जीत से शुरुआत पर नजर

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महिला टी20 एशिया कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम रविवार, 30 अगस्त को अपने अभियान की शुरुआत करेगी। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम का पहला मुकाबला थाईलैंड से दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में होगा। मुकाबला भारतीय समयानुसार रात 8 बजे शुरू होगा।

आठ टीमों वाले इस टूर्नामेंट में भारत को ग्रुप-ए में पाकिस्तान, थाईलैंड और हांगकांग चीन के साथ रखा गया है। भारतीय टीम की नजरें टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत करने और खिताब पर दोबारा कब्जा जमाने पर हैं।

भारत के लिए अहम है शुरुआती मुकाबला
भारतीय टीम हालिया टी20 प्रदर्शन को पीछे छोड़कर एशिया कप में मजबूत शुरुआत करना चाहेगी। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी मौका दिया जा रहा है। थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और अन्य प्रमुख खिलाड़ियों पर नजर रहेगी।

वहीं, बल्लेबाज प्रतिका रावल को टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका दिया गया है। उनकी एंट्री से भारतीय टीम के बल्लेबाजी क्रम को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

5 सितंबर को भारत-पाकिस्तान महामुकाबला
टूर्नामेंट में भारतीय टीम का सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबला 5 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होगा। इसके बाद भारत ग्रुप चरण में हांगकांग चीन से भी भिड़ेगा। टूर्नामेंट का फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा।

क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें आज के मुकाबले पर टिकी हैं। भारतीय टीम जीत के साथ शुरुआत कर खिताब की ओर अपना पहला कदम बढ़ाना चाहेगी।

जन्माष्टमी की धूम के लिए तैयार हो रहे मंदिर, लड्डू गोपाल के दरबार की सजावट शुरू

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में विशेष सजावट की जा रही है। श्रद्धालुओं में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिरों में झांकियों, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को आकर्षक पोशाक और आभूषणों से सजाने की तैयारी चल रही है। कई मंदिरों में कान्हा के लिए विशेष झूले तैयार किए जा रहे हैं। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती और पूजा का आयोजन किया जाएगा।

मंदिरों में विशेष झांकियों की तैयारी
जन्माष्टमी पर मंदिरों में भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी झांकियां सजाई जाती हैं। इनमें गोकुल, वृंदावन, माखन चोरी, कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन पर्वत जैसी लीलाओं को दर्शाने की तैयारी की जा रही है। मंदिर समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटी हैं।

भजन-कीर्तन से भक्तिमय होगा माहौल
जन्माष्टमी की पूर्व संध्या से ही कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ व्रत रखकर जन्मोत्सव मनाएंगे। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म के बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।

मथुरा-वृंदावन में खास उत्साह
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों में आकर्षक रोशनी और फूलों से सजावट की जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

जन्माष्टमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और धर्म की विजय का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण त्योहार भी माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर देशभर में भक्तिमय माहौल बनने लगा है।

CM योगी ने अपराधियों को दी चेतावनी, कानून के साथ खिलवाड़ पड़ा भारी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपराधियों और अराजक तत्वों को स्पष्ट चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपराध नियंत्रण और माफियाओं के खिलाफ चल रहे अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में पुलिस-प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहना होगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

माफिया और अवैध कब्जे पर सख्ती
CM योगी ने भूमाफिया और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अपराध की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और हर जोन व रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

जनता की शिकायतों के निस्तारण पर भी जोर
CM योगी ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का वास्तविक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई पूरी कर शिकायतों को बंद करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों को भी मिशन मोड में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री के सख्त रुख से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनशिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही के पक्ष में नहीं है।

PM मोदी ने दिया नशामुक्त भारत का संदेश, युवाओं की भागीदारी पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने देश के युवाओं से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे से मुक्त युवा ही स्वस्थ, खुशहाल और विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।

PM मोदी ने कहा कि नशे की लत का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और समाज इससे प्रभावित होता है। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशे की गिरफ्त में आए लोगों को इससे बाहर निकलने में मदद करने वाले लोगों के प्रयासों की सराहना की।

युवाओं को दिया रचनात्मक भागीदारी का संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से नशामुक्ति के संदेश को रचनात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने नशामुक्ति पर नारे, गीत, लघु नाटक और सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने की अपील की, ताकि अभियान को जनभागीदारी के जरिए और व्यापक बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि कई बार रचनात्मक प्रयास किसी औपचारिक अभियान की तुलना में लोगों पर अधिक प्रभाव डालते हैं। ऐसे में युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का इस्तेमाल समाज को नशे से दूर रखने के लिए किया जाना चाहिए।

2047 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने 2047 तक नशामुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। उन्होंने युवाओं, परिवारों और समाज के सभी वर्गों से इस अभियान को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

‘मन की बात’ में नशामुक्ति के मुद्दे को प्रमुखता दिए जाने के साथ प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश के स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य के लिए आगे आने का संदेश दिया।

‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का जिक्र, मुख्यमंत्री साय बोले- प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और विशेषताओं का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के नवाचार, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में समाज और राष्ट्रहित के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है। उन्होंने कहा कि इससे अच्छे कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है और अन्य नागरिकों को भी सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरणा मिलती है।

बस्तर ओलंपिक से काले हिरण संरक्षण तक
CM साय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ की अलग-अलग कड़ियों में बस्तर ओलंपिक, मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्र और काले हिरण के संरक्षण जैसे छत्तीसगढ़ से जुड़े विषयों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उपलब्धियों और विशिष्ट प्रयासों को देशभर में पहचान मिलना छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

छत्तीसगढ़ की बेटी महिमा राजपूत का भी उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बेटी महिमा राजपूत की उपलब्धि पर भी गर्व जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। महिमा राजपूत का मिशन शक्ति सैट से जुड़ना अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे सकारात्मक प्रयासों को एक-दूसरे से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वच्छता, नवाचार, आत्मनिर्भरता और समाजसेवा जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट का CM यादव ने किया हवाई सर्वे, पीड़ितों से भी मिले

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मध्य प्रदेश के चित्रकूट में लगातार भारी बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।

स्थिति का जायजा लेने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और इसके बाद प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल में रह रहे बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और उन्हें राहत सामग्री भी वितरित की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सहायता तत्काल पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत-बचाव कार्यों को तेज करना है। बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराने और पात्र प्रभावितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

बताया गया कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर अधिकतम बाढ़ स्तर से करीब छह मीटर ऊपर तक पहुंच गया था। प्रशासन, SDRF, NDRF और अन्य राहत दलों ने बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। फिलहाल जलस्तर में कमी के संकेत मिलने के बावजूद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चित्रकूट में जनजीवन सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जाए।

51 रोबोटिक सर्जरी के साथ इंदौर ने मेडिकल क्षेत्र में बनाया रिकॉर्ड

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शहर ने चिकित्सा और रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। प्रसिद्ध बैरिएट्रिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी के नेतृत्व में उनकी टीम ने 15 अगस्त 2026 को ‘सर्जिकल स्वराज’ अभियान के तहत एक ही दिन में 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक एवं मेटाबोलिक सर्जरी पूरी करने का दावा किया है।

इस अभियान में छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। सर्जनों के साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और अन्य चिकित्सा कर्मियों की टीम ने समन्वित तरीके से प्रक्रियाओं को पूरा किया। रिपोर्ट के अनुसार 51 मरीजों में 30 पुरुष और 21 महिलाएं शामिल थीं।

बैरिएट्रिक सर्जरी मुख्य रूप से गंभीर मोटापे और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए की जाती है। डॉ. भंडारी के अनुसार ‘सर्जिकल स्वराज’ का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और टीमवर्क के जरिए भारत की उन्नत चिकित्सा क्षमताओं को प्रदर्शित करना है।

हालांकि, विश्व रिकॉर्ड के दावे की औपचारिक पुष्टि अभी अलग से की जानी बाकी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक टीम ने रिकॉर्ड के लिए संबंधित संस्थाओं के समक्ष दस्तावेज जमा किए हैं।

इस उपलब्धि ने इंदौर को रोबोटिक और आधुनिक बैरिएट्रिक सर्जरी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञ इसे बड़े पैमाने पर उन्नत सर्जिकल तकनीक के इस्तेमाल और चिकित्सा टीम के बेहतर समन्वय का उदाहरण मान रहे हैं।

त्योहारों के रंग में रंगेगा सितंबर, जन्माष्टमी समेत इन प्रमुख पर्वों की रहेगी धूम

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रक्षाबंधन के बाद अब देशभर में आने वाले व्रत और त्योहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाद्रपद माह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, कजरी तीज, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और पितृपक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पड़ेंगे। इन पर्वों को लेकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर तैयारियां तेज होने लगी हैं।

धार्मिक पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। देशभर के कृष्ण मंदिरों में इस अवसर पर झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इसके बाद हरतालिका तीज का पर्व आएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। वहीं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। कई शहरों में गणेशोत्सव को लेकर सार्वजनिक आयोजनों की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं।

सितंबर में पितृपक्ष का भी विशेष धार्मिक महत्व रहेगा। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। गया, प्रयागराज, हरिद्वार और उज्जैन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पितृ कर्म के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

आने वाले पर्वों को देखते हुए बाजारों में भी धार्मिक सामग्री, पूजा-सामग्री, सजावटी वस्तुओं और व्रत से जुड़े सामान की मांग बढ़ने लगी है। वहीं मंदिर समितियां भी विशेष पूजा और धार्मिक आयोजनों की तैयारियों में जुट गई हैं।