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जन्माष्टमी की धूम के लिए तैयार हो रहे मंदिर, लड्डू गोपाल के दरबार की सजावट शुरू

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर देशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों में विशेष सजावट की जा रही है। श्रद्धालुओं में भी पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिरों में झांकियों, भजन-कीर्तन और विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को आकर्षक पोशाक और आभूषणों से सजाने की तैयारी चल रही है। कई मंदिरों में कान्हा के लिए विशेष झूले तैयार किए जा रहे हैं। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती और पूजा का आयोजन किया जाएगा।

मंदिरों में विशेष झांकियों की तैयारी
जन्माष्टमी पर मंदिरों में भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़ी झांकियां सजाई जाती हैं। इनमें गोकुल, वृंदावन, माखन चोरी, कालिया नाग मर्दन और गोवर्धन पर्वत जैसी लीलाओं को दर्शाने की तैयारी की जा रही है। मंदिर समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटी हैं।

भजन-कीर्तन से भक्तिमय होगा माहौल
जन्माष्टमी की पूर्व संध्या से ही कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ व्रत रखकर जन्मोत्सव मनाएंगे। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्म के बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।

मथुरा-वृंदावन में खास उत्साह
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और वृंदावन में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मंदिरों में आकर्षक रोशनी और फूलों से सजावट की जा रही है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और मंदिर प्रबंधन व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

जन्माष्टमी केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और धर्म की विजय का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण त्योहार भी माना जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर देशभर में भक्तिमय माहौल बनने लगा है।

CM योगी ने अपराधियों को दी चेतावनी, कानून के साथ खिलवाड़ पड़ा भारी

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपराधियों और अराजक तत्वों को स्पष्ट चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अपराध नियंत्रण और माफियाओं के खिलाफ चल रहे अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में पुलिस-प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहना होगा और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

माफिया और अवैध कब्जे पर सख्ती
CM योगी ने भूमाफिया और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अपराध की स्थिति की नियमित समीक्षा करने और हर जोन व रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही आगामी त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

जनता की शिकायतों के निस्तारण पर भी जोर
CM योगी ने अधिकारियों को जनता की शिकायतों का वास्तविक और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई पूरी कर शिकायतों को बंद करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों को भी मिशन मोड में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री के सख्त रुख से स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और जनशिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही के पक्ष में नहीं है।

PM मोदी ने दिया नशामुक्त भारत का संदेश, युवाओं की भागीदारी पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने देश के युवाओं से ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे से मुक्त युवा ही स्वस्थ, खुशहाल और विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।

PM मोदी ने कहा कि नशे की लत का असर केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और समाज इससे प्रभावित होता है। उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और नशे की गिरफ्त में आए लोगों को इससे बाहर निकलने में मदद करने वाले लोगों के प्रयासों की सराहना की।

युवाओं को दिया रचनात्मक भागीदारी का संदेश
प्रधानमंत्री ने युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से नशामुक्ति के संदेश को रचनात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने नशामुक्ति पर नारे, गीत, लघु नाटक और सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने की अपील की, ताकि अभियान को जनभागीदारी के जरिए और व्यापक बनाया जा सके।

उन्होंने कहा कि कई बार रचनात्मक प्रयास किसी औपचारिक अभियान की तुलना में लोगों पर अधिक प्रभाव डालते हैं। ऐसे में युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का इस्तेमाल समाज को नशे से दूर रखने के लिए किया जाना चाहिए।

2047 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने 2047 तक नशामुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई। उन्होंने युवाओं, परिवारों और समाज के सभी वर्गों से इस अभियान को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

‘मन की बात’ में नशामुक्ति के मुद्दे को प्रमुखता दिए जाने के साथ प्रधानमंत्री ने युवाओं से देश के स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य के लिए आगे आने का संदेश दिया।

‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का जिक्र, मुख्यमंत्री साय बोले- प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 137वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और विशेषताओं का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के नवाचार, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में समाज और राष्ट्रहित के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है। उन्होंने कहा कि इससे अच्छे कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है और अन्य नागरिकों को भी सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरणा मिलती है।

बस्तर ओलंपिक से काले हिरण संरक्षण तक
CM साय ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ की अलग-अलग कड़ियों में बस्तर ओलंपिक, मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्र और काले हिरण के संरक्षण जैसे छत्तीसगढ़ से जुड़े विषयों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की उपलब्धियों और विशिष्ट प्रयासों को देशभर में पहचान मिलना छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

छत्तीसगढ़ की बेटी महिमा राजपूत का भी उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बेटी महिमा राजपूत की उपलब्धि पर भी गर्व जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में लगातार नई ऊंचाइयां हासिल कर रही हैं। महिमा राजपूत का मिशन शक्ति सैट से जुड़ना अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे सकारात्मक प्रयासों को एक-दूसरे से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वच्छता, नवाचार, आत्मनिर्भरता और समाजसेवा जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

बाढ़ से प्रभावित चित्रकूट का CM यादव ने किया हवाई सर्वे, पीड़ितों से भी मिले

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मध्य प्रदेश के चित्रकूट में लगातार भारी बारिश के चलते मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई। निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रशासन और राहत-बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं।

स्थिति का जायजा लेने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को चित्रकूट पहुंचे। उन्होंने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और इसके बाद प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने आश्रय स्थल में रह रहे बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और उन्हें राहत सामग्री भी वितरित की।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सहायता तत्काल पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत-बचाव कार्यों को तेज करना है। बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कराने और पात्र प्रभावितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।

बताया गया कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर अधिकतम बाढ़ स्तर से करीब छह मीटर ऊपर तक पहुंच गया था। प्रशासन, SDRF, NDRF और अन्य राहत दलों ने बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। फिलहाल जलस्तर में कमी के संकेत मिलने के बावजूद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चित्रकूट में जनजीवन सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और प्रभावित लोगों तक हरसंभव मदद पहुंचाई जाए।

51 रोबोटिक सर्जरी के साथ इंदौर ने मेडिकल क्षेत्र में बनाया रिकॉर्ड

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शहर ने चिकित्सा और रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। प्रसिद्ध बैरिएट्रिक एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी के नेतृत्व में उनकी टीम ने 15 अगस्त 2026 को ‘सर्जिकल स्वराज’ अभियान के तहत एक ही दिन में 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक एवं मेटाबोलिक सर्जरी पूरी करने का दावा किया है।

इस अभियान में छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। सर्जनों के साथ एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और अन्य चिकित्सा कर्मियों की टीम ने समन्वित तरीके से प्रक्रियाओं को पूरा किया। रिपोर्ट के अनुसार 51 मरीजों में 30 पुरुष और 21 महिलाएं शामिल थीं।

बैरिएट्रिक सर्जरी मुख्य रूप से गंभीर मोटापे और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए की जाती है। डॉ. भंडारी के अनुसार ‘सर्जिकल स्वराज’ का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और टीमवर्क के जरिए भारत की उन्नत चिकित्सा क्षमताओं को प्रदर्शित करना है।

हालांकि, विश्व रिकॉर्ड के दावे की औपचारिक पुष्टि अभी अलग से की जानी बाकी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक टीम ने रिकॉर्ड के लिए संबंधित संस्थाओं के समक्ष दस्तावेज जमा किए हैं।

इस उपलब्धि ने इंदौर को रोबोटिक और आधुनिक बैरिएट्रिक सर्जरी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। विशेषज्ञ इसे बड़े पैमाने पर उन्नत सर्जिकल तकनीक के इस्तेमाल और चिकित्सा टीम के बेहतर समन्वय का उदाहरण मान रहे हैं।

त्योहारों के रंग में रंगेगा सितंबर, जन्माष्टमी समेत इन प्रमुख पर्वों की रहेगी धूम

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रक्षाबंधन के बाद अब देशभर में आने वाले व्रत और त्योहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाद्रपद माह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, कजरी तीज, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और पितृपक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पड़ेंगे। इन पर्वों को लेकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर तैयारियां तेज होने लगी हैं।

धार्मिक पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। देशभर के कृष्ण मंदिरों में इस अवसर पर झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इसके बाद हरतालिका तीज का पर्व आएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। वहीं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। कई शहरों में गणेशोत्सव को लेकर सार्वजनिक आयोजनों की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं।

सितंबर में पितृपक्ष का भी विशेष धार्मिक महत्व रहेगा। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। गया, प्रयागराज, हरिद्वार और उज्जैन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पितृ कर्म के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।

आने वाले पर्वों को देखते हुए बाजारों में भी धार्मिक सामग्री, पूजा-सामग्री, सजावटी वस्तुओं और व्रत से जुड़े सामान की मांग बढ़ने लगी है। वहीं मंदिर समितियां भी विशेष पूजा और धार्मिक आयोजनों की तैयारियों में जुट गई हैं।

बालाघाट में विकास का बड़ा प्लान, 100 गांवों के लिए ₹225 करोड़ मंजूर; बैगा समाज के लिए बनेगा प्राधिकरण

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को बालाघाट जिले के लिए कई बड़ी विकास घोषणाएं कीं। उन्होंने पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे जिले के 100 बेहद पिछड़े गांवों के बुनियादी विकास के लिए करीब ₹225 करोड़ की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी। इस राशि से सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने लांजी में जनविश्वास अभियान के कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि बालाघाट को सुरक्षित जिले से समृद्ध जिले में बदलने के लिए व्यापक विकास योजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

100 गांवों में मजबूत होगा बुनियादी ढांचा
₹225 करोड़ की स्वीकृत राशि से पिछड़े गांवों में सड़कों, बिजली और पानी की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने, स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने और सामुदायिक केंद्रों के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों तक विकास योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन अब उन इलाकों तक भी पहुंच रहा है, जहां वर्षों तक नक्सल गतिविधियों के कारण सरकारी योजनाओं का प्रभाव सीमित रहा। ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।

बैगा समाज के लिए बनेगा विकास प्राधिकरण
CM मोहन यादव ने बैगा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए बैगा विकास प्राधिकरण गठित करने की घोषणा भी की। इस प्राधिकरण के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कार्यों को गति देने का लक्ष्य है। बैगा समुदाय को विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

रोजगार और पर्यटन पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए पशुपालन, डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों को आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा बालाघाट में इको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान के आसपास होम-स्टे सुविधाओं का विस्तार कर स्थानीय लोगों को पर्यटन से रोजगार दिलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

‘सुरक्षित बालाघाट, समृद्ध बालाघाट’ का विजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने ‘सुरक्षित बालाघाट, समृद्ध बालाघाट’ के विजन के साथ जिले में विकास को नई गति देने की बात कही।

इन घोषणाओं के जरिए सरकार का फोकस केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और जनजातीय विकास को एक साथ आगे बढ़ाने पर है।

प्रज्ञानंद ने बढ़ाया देश का मान, ग्रैंड चेस टूर जीतकर बने पहले भारतीय चैंपियन

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भारतीय शतरंज के युवा सितारे आर. प्रज्ञानंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 2026 ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम कर लिया है। इसके साथ ही वह इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

अमेरिका के सेंट लुइस में खेले गए फाइनल में प्रज्ञानंद ने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल फैबियानो करूआना को रोमांचक मुकाबले में 15-13 से हराया। मुकाबले की शुरुआत प्रज्ञानंद के लिए चुनौतीपूर्ण रही और वह एक समय छह अंकों से पीछे थे, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दोनों रैपिड गेम जीत लिए। इसके बाद ब्लिट्ज मुकाबलों में बढ़त कायम रखते हुए खिताब पर कब्जा किया।

यह प्रज्ञानंद के लिए बेहद खास उपलब्धि है। उन्हें इस जीत के लिए 2 लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि भी मिली है। इस सफलता के साथ उन्होंने भारतीय शतरंज को वैश्विक मंच पर एक और बड़ी पहचान दिलाई है।

प्रज्ञानंद की यह जीत उनके शानदार 2026 अभियान का हिस्सा है। इससे पहले वह नॉर्वे चेस का खिताब भी जीत चुके हैं। लगातार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन ने उन्हें विश्व शतरंज के शीर्ष खिलाड़ियों की कतार में और मजबूत किया है।

CM साय ने 666 खिलाड़ियों को किया सम्मानित, ₹1.74 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित

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राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को पुरस्कार और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। सम्मान समारोह में ₹1.74 करोड़ से अधिक की पुरस्कार राशि वितरित की गई।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर उपलब्ध कराना है।

खेल प्रतिभाओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
CM साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें बड़े मंचों के लिए तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य के खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। सरकार ऐसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए लगातार काम कर रही है।

156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति का रास्ता साफ
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिससे खेल प्रतिभाओं के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खुला है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान और रोजगार के अवसर मिलने से प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ेगी। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करें।

नवा रायपुर और पंडरापाट में बनेगी तीरंदाजी अकादमी
मुख्यमंत्री ने खेल अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में करीब ₹67 करोड़ की लागत से तीरंदाजी अकादमी विकसित की जा रही है। इसके अलावा पंडरापाट में करीब ₹18 करोड़ की लागत से तीरंदाजी अकादमी बनाने की योजना है।

इन अकादमियों में खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में तीरंदाजी की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।

‘हमारे खिलाड़ी’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की उपलब्धियों और खेल क्षेत्र में उनके योगदान को दर्शाने वाली ‘हमारे खिलाड़ी’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर खेल प्रतिभाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियां प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। सरकार खेलों को केवल प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास और प्रदेश की पहचान से जोड़कर देख रही है।