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इंदौर में 15.70 लाख की एमडी ड्रग्स जब्त, आगर मालवा का तस्कर गिरफ्तार

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इंदौर में 15.70 लाख की एमडी ड्रग्स जब्त, आगर मालवा का तस्कर गिरफ्तार
इंदौर पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगर मालवा निवासी दानिश कुरैशी को लाखों रुपये की एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है।

कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने पहले साजिद कुरैशी निवासी इल्यास कॉलोनी और इसराइल पटेल निवासी न्यू हिना पैलेस कॉलोनी को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 5.60 ग्राम एमडी ड्रग्स और कार (MP 09 ZG 3434) बरामद की गई थी।

दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि यह मादक पदार्थ आगर मालवा निवासी दानिश कुरैशी से लाया गया था। इसके बाद पुलिस ने दानिश को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 42.18 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की।

मोदी जी के हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन का उत्सव बनाएगी कर्म की विशाल तिरंगा यात्रा :रामेश्वर

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मोदी जी के हर घर तिरंगा अभियान को जन-जन का उत्सव बनाएगी कर्म की विशाल तिरंगा यात्रा :रामेश्वर

14 अगस्त को आयोजित होने वाली भारत की विशाल तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर हिन्दी भवन में कर्म की पहली बैठक संपन्न
भोपाल। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तारतम्य में तथा अखंड भारत के संकल्प के साथ प्रतिवर्ष 14 अगस्त को आयोजित होने वाली भारत की विशाल तिरंगा यात्रा की तैयारियों को लेकर रविवार को भोपाल के हिन्दी भवन में कर्म की पहली एवं विशाल बैठक आयोजित हुई। बैठक में हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने कर्म के कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, राष्ट्रभक्तों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद कर यात्रा की व्यापक रूपरेखा, जनसहभागिता एवं तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि तिरंगा यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति आस्था, सम्मान और अखंड भारत के संकल्प का जन-आंदोलन है। उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि अधिक से अधिक संख्या में इस यात्रा से जुड़कर राष्ट्रभक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा, “जब तक इस शरीर में प्राण हैं, मेरी हर श्वांस भारत माता के सम्मान को समर्पित रहेगी। मेरे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी सेवा ही जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है।”

शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का स्वाभिमान और सुरक्षा दोनों सशक्त हुए हैं। भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य ने विश्व में भारत का मस्तक ऊंचा किया है। उन्होंने कहा कि यह तिरंगा यात्रा हमारे वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और राष्ट्रभक्ति की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 14 अगस्त को भोपाल की सड़कों पर हजारों-लाखों देशभक्त हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयघोष के साथ निकलेंगे और पूरा शहर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग जाएगा। बैठक में यात्रा को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क, विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी तथा युवाओं की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा की गई।

21 लाख वृक्षारोपण के संकल्प के साथ BSF की बुढ़ानिया पहाड़ी पर 51 हजार पौधे लगाकर महाअभियान का हुआ शुभारंभ

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21 लाख वृक्षारोपण के संकल्प के साथ BSF की बुढ़ानिया पहाड़ी पर 51 हजार पौधे लगाकर महाअभियान का हुआ शुभारंभ

सभी घरों में वाटर हार्वेस्टिंग कर हमें जल संकट का समाधान करना है – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
21 लाख पेड़ लगाने का हमने संकल्प लिया है और 22 लाख 50 हजार पौधारोपण के स्थान हमने चिन्हित किए हैं – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
पत्थर में पेड़ उगाना चैलेंज का काम है और मुझे चैलेंज के काम करने में मजा आता है – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

हम शहर में खाली स्थानों की खोज कर वहां पर घना वन विकसित कर रहे हैं – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर – रविवार 12 जुलाई को ग्राम बुढ़ानिया की पहाड़ी पर 51 हजार पौधे लगाकर 21 लाख वृक्षारोपण के संकल्प का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे बेहतर भविष्य के लिए वृक्षारोपण और जल संचयन दोनों जरूरी है। यदि हमें आने वाला कल बेहतर बनाना है तो हमें इन दोनों कार्यों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य करते हुए इनको आगे बढ़ाना है। बुढ़ानियां की 48 एकड़ बंजर भूमि पर कुल 1 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा।

मैं लगातार तीसरे साल इस वृक्षारोपण अभियान में शामिल हो रहा हूं – मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि माता-पिता हमें जन्म देते हैं, लेकिन वृक्ष हमें प्राण वायु प्रदान कर हमें जीवन देते हैं। वृक्ष कार्बन डाई आक्साइड ग्रहण कर हमें प्राण वायु देते हैं। ऐसे में इस प्राण दाता वायु के अभियान के लिए कैलाश जी भाई साहब का कार्य प्रशंसनीय है। उनके मार्गदर्शन में वृक्षारोपण का यह महाअभियान लगातार तीसरे साल आयोजित हो रहा है। मैं लगातार तीसरे साल इस वृक्षारोपण अभियान में शामिल हो रहा हूं। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के स्वप्न को साकार करते हुए संपूर्ण भारत में जो हरियाली की चादर ओढ़ाई जा रही है यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है। माता अहिल्या ने प्राचीन समय में पर्यावरण का ध्यान रखते हुए जल संरक्षण के लिए बड़ी संख्या में बावड़ियां बनवाई थी। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि हमारी सरकार के बनने के बाद जल संरक्षण की दिशा में हमने काफी काम किया है। इस बार हमने जल संरक्षण के लिए तीन महीने अभियान चलाया। इसलिए जल संरक्षण को लेकर देश में मध्य प्रदेश का उल्लेखनीय स्थान बना है। 10 हजार करोड़ के पौने तीन लाख कार्य इस दिशा में मध्य प्रदेश में हुए हैं। मालवा की माटी के बारे कहा जाता है कि ‘मालव माटी गहन गंभीर, पग-पग माटी, डग-डग नीर’। मालवा को नदियों का मायका कहा जाता है। वृक्ष ऋषियों के समान होते है अपने स्थान पर साधना करते हुए हमें आशीर्वाद प्रदान करते हैं। उन्होंने इस अवसर पर कैलाशजी और प्रहलादजी की जोड़ी को राम-लक्ष्मण की जोड़ी कहा।

आर्थिक दिशा तय करने वाले शहर ने अब बेहतर पर्यावरण का जिम्मा उठाया है – प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि एक पेड़ लगाना सामान्य बात है, लेकिन लाखों पेड़ों का संकल्प लेकर उनको लगाना बहुत बड़ी बात है। एक साल वृक्षारोपण अभियान चलाना सामान्य बात है, लेकिन लगातार तीसरे साल इतने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना बड़ी बात है। पहले इंदौर प्रदेश की आर्थिक दिशा तय करने वाला जिला था, लेकिन प्रदेश के पर्यावरण को बेहतर करने का जिम्मा भी इंदौर ने लिया है। मैं इसके लिए कैलाश जी और उनके साथ नगरवासियों का बहुत-बहुत अभिवादन करता हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि इंदौर भविष्य में भी रोजगार दिलाने के साथ बेहतर पर्यावरण की दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगा।

सभी पार्षद अपने क्षेत्र के घरों में वाटर हार्वेस्टिंग करवाए – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि आज दो कार्यक्रम है, जल संचयन और वृक्षारोपण। पानी बचाओ, पेड़ लगाओं। इस साल हमने जल संकट का सामना किया। हमारे 80 प्रतिशत बोरवेल सूख गए, यदि हमने आज जल संचयन किया तो आने वाले समय हमारे लिए बेहतर होगा। मैं सभी पार्षदों से निवेदन करता हूं वे अपने क्षेत्र के सभी घरों में वाटर हार्वेस्टिंग करवाए। मुझे गर्व है कि प्रधानमंत्री मोदीजी के आह्वान पर इंदौर शहर ने 51 लाख वृक्षारोपण का सफल आयोजन किया था। पिछली बार भी हमने 15 लाख 50 हजार पेड़ लगाए थे और इस बार 21 लाख पेड़ लगाने का हमने संकल्प लिया है। अभी तक 22 लाख 50 हजार पौधारोपण के स्थान हमने चिन्हित कर लिए हैं। हम 6 से लेकर 10 फीट तक के पौधे लगा रहे हैं, जो पथरीली जमीन पर आसानी से वृक्ष बन जाएंगें। मेरा दावा है कि इंदौर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने इंदौर में एक पेड़ मां के नाम से सर्वाधिक पेड़ लगाए हैं। मुझे यह बताते हुए गर्व है।

प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि 21 लाख पेड़ लगाना और उसके लिए 21 लाख गड्ढे करना कोई छोटा काम नहीं है। बारिश होने से अभी तक हम 50 से 60 हजार गड्ढे कर पाए हैं, जबकि हमारा टारगेट एक लाख का था। यहां की जमीन पथरीली है इसलिए गड्ढों में काली मिट्टी और खाद डालकर पौधे लगाए जा रहे हैं। पत्थर में पेड़ उगाना चैलेंज का काम है और मुझे चैलेंज के काम करने में मजा आता है। इंदौर कभी बगीचों का शहर था, लेकिन अब धीरे-धीरे बिल्डिंगों का शहर हो रहा है। इसलिए हम खाली स्थानों को खोज कर वहां पर घना वन विकसित कर रहे हैं। यहां पर पौधों को पेड़ बनाने की जिम्मेदारी बीएसएफ ने ली है। उन्होने कहा कि अमित शाह जी ने तय तारीख पर नक्सलवाद का खात्मा किया। इस दौरान हमारे जवानों ने बलिदान दिया और घायल भी हुए उनमें से दो जवानों का आज हमने सम्मान किया है। पृथ्वी डिफेंस अकादमी के संचालक विजय यादव नाममात्र के शुल्क पर देश के लिए सैनिक तैयार कर रहे हैं इसलिए उनका भी सम्मान किया गया।

बीएसएफ के बहादुर जवानों का किया सम्मान
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सल हमले में घायल होकर 60 प्रतिशत तक दिव्यांग हुए बीएसएफ के दो जवान रामेंद्र सिंह और रवि कुमार चौहान को सम्मानित करते हुए उनको दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के प्रयास से दी गई। दोनो जवानों ने बारुदी सुरंग की चपेट में आने के बावजूद अपने 40 साथियों की जान बचाई थी। देश के सुरक्षा बलों में अपनी कोचिंग के माध्यम से एक हजार से ज्यादा नौजवानों का चयन करवाने वाले पृथ्वी डिफेंस अकादमी के संचालक पूर्व सैनिक विजय यादव को भी सम्मानित करते हुए दो लाख की राशि दी गई। एमआईसी मेंबर मनीष मामा ने 21 लाख पेड़ लगाने के लिए राजबाड़ा में जन जागरण का आयोजन कर सभी को चाय नाश्ता करवाया और 21 घंटे लगातार संगीत महोत्सव का आयोजन कर वृक्षारोपण को लेकर माहौल बनाया। इसके लिए उनका भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक जीतू जिराती ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के जन्मदिन से संबंधित नोटों का कलेक्शन कर एक तस्वीर के रूप में सजाकर उनको भेंट किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं उनके साथ 21 विशेष अतिथियों ने मां की बगीया में आम, अमरुद, मौसंबी, अंजीर, बादाम जैसे फलदार पौधों का रोपण किया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, प्रदेश संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर रावत, सांसद शंकर लालवानी विधायक रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, ग्रामीण भाजपा अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय, सुदर्शन गुप्ता, संजय शुक्ला, , बीएसएफ के महानिरीक्षक टी.पी. एस संधू सहित बड़ी संख्या में लोग मोजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण बना जनआंदोलन

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण बना जनआंदोलन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM-G) के अंतर्गत पूरे प्रदेश में रोजगार सृजन, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है। ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के माध्यम से राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। अभियान के तहत प्रदेशभर में लाखों मानव-दिवस का रोजगार सृजित होने के साथ-साथ जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर भू-जल संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदर में जन सम्मेलन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृहद वृक्षारोपण एवं ‘मोर गांव-मोर पानी’ जनभागीदारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं कंटूर ट्रेंच की खुदाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि जल संरक्षण केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिकाधिक जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 30 एकड़ क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से वर्षाजल के संग्रहण और भू-जल संवर्धन की व्यवस्था विकसित की गई है, जबकि 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,000 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण प्रारंभ किया गया है। जल संरक्षण और हरित विकास का यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों से इस क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित हुई है। इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादकता तथा पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा VB-G RAM-G के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण तथा आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल-सुरक्षित, हरित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के समाधान, रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रत्येक निर्णय विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की सोच से प्रेरित है। OTS योजना-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, लंबित प्रकरणों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई गति मिलेगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। OTS योजना-2026 ऐसे आबंटितियों के लिए एक सकारात्मक अवसर है, जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, अनावश्यक न्यायालयीन विवाद कम होंगे, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। यह निर्णय नवा रायपुर को देश के अग्रणी नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के अंतर्गत जो आबंटी परियोजना का विकास करने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें आबंटित भूमि समर्पित कर अनुबंध से बाहर होने का विकल्प भी मिलेगा। इससे अनावश्यक न्यायालयीन विवादों में कमी आएगी तथा भूमि का प्रभावी एवं शीघ्र उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न भू-उपयोगों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।एनआरडीए के अनुसार, योजना के अंतर्गत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी तथा किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को कोई वित्तीय हानि नहीं होगी, जबकि पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।

OTS योजना-2026 के क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेशकों का विश्वास और सुदृढ़ होगा, मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय नवा रायपुर के नियोजित, संतुलित और तीव्र शहरी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

डिजिटल सुशासन से छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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डिजिटल सुशासन से छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में एक नए परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में शासन की पारंपरिक कार्यप्रणाली को बदलते हुए ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिसमें नागरिक सुविधाओं का केंद्र हो, प्रक्रियाएं सरल हों, निर्णय समयबद्ध हों और शासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह तथा तकनीक-सक्षम बने। सरकार द्वारा अब तक लागू किए गए 435 प्रशासनिक सुधार केवल कार्यालयीन प्रक्रियाओं के सरलीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने शासन की कार्य संस्कृति में व्यापक बदलाव लाते हुए आम नागरिक, किसान, उद्यमी, निवेशक और युवाओं तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को अधिक सहज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। यही कारण है कि आज छत्तीसगढ़ डिजिटल गवर्नेंस, सेवा वितरण और प्रशासनिक नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में तेजी से अपनी पहचान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन को केवल नीति का विषय नहीं, बल्कि शासन की मूल कार्यशैली बनाया है। भूमि प्रबंधन से लेकर राजस्व प्रशासन, शिकायत निवारण से लेकर ऑनलाइन नागरिक सेवाओं तक, औद्योगिक निवेश से लेकर पंजीयन व्यवस्था तक और डिजिटल कृषि से लेकर ई-गवर्नेंस तक अनेक क्षेत्रों में व्यापक सुधार लागू किए गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य नागरिकों का समय, श्रम और आर्थिक संसाधनों की बचत करना, सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाना तथा तकनीक के माध्यम से शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करना है। यही सोच आज विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत आधारशिला बन रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट उद्देश्य ऐसा प्रशासन विकसित करना है, जिसमें नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध हों और शासन की प्रत्येक प्रक्रिया पारदर्शी एवं जवाबदेह बने। डिजिटल तकनीक का उपयोग केवल सुविधा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। प्रशासनिक सुधारों की पूरी प्रक्रिया इसी सोच के साथ आगे बढ़ रही है कि शासन नागरिकों के और अधिक निकट पहुंचे तथा प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक और बिना किसी अनावश्यक बाधा के सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों का दायरा केवल ई-गवर्नेंस तक सीमित नहीं है। शिकायत निवारण, भूमि प्रबंधन, राजस्व प्रशासन, निवेश, पंजीयन, डिजिटल कृषि, ऑनलाइन सेवाएं, औद्योगिक अनुमतियां तथा सेवा वितरण के लगभग प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। इन सुधारों का सकारात्मक प्रभाव आम नागरिकों से लेकर किसानों, उद्यमियों, उद्योगों और निवेशकों तक सभी वर्गों को मिल रहा है। इससे शासन की कार्यक्षमता बढ़ी है, निर्णय प्रक्रिया तेज हुई है तथा सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत हुई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में सुशासन सबसे महत्वपूर्ण आधार है। जब प्रशासन सरल, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम होगा, तभी विकास की गति भी तेज होगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश में डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सेवाओं, एकीकृत नागरिक सेवा व्यवस्था और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समान रूप से पहुंचे और नागरिकों का विश्वास सरकार की सबसे बड़ी ताकत बने।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासनिक सुधारों की यह सतत प्रक्रिया छत्तीसगढ़ को देश में सुशासन और डिजिटल प्रशासन के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगी। पारदर्शिता, तकनीक और संवेदनशील प्रशासन के प्रभावी समन्वय से प्रदेश में विकास को नई गति मिलेगी, निवेश का बेहतर वातावरण बनेगा, नागरिक सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प और अधिक मजबूत होगा।

*डिजिटल गवर्नेंस ने बदली शासन की कार्यशैली*

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को शासन का अभिन्न हिस्सा बनाया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग और समन्वय की नई व्यवस्था विकसित की गई है। 25 दिसंबर 2023 को सुशासन दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता दोनों में उल्लेखनीय सुधार आया है।

इसी दिशा में ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल और स्वागतम पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इन प्रणालियों ने फाइलों के निस्तारण को अधिक तेज, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया है। अब प्रशासनिक निर्णयों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से हो रही है तथा विभागों के बीच समन्वय भी मजबूत हुआ है। तकनीक आधारित इन सुधारों ने शासन की कार्य संस्कृति में व्यापक परिवर्तन लाते हुए पारंपरिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक, दक्ष और नागरिक-केंद्रित बनाया है।

दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का बड़ा दांव, युवा टीम को सौंपी चुनाव प्रबंधन की कमान

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दतिया उपचुनाव में कांग्रेस का बड़ा दांव, युवा टीम को सौंपी चुनाव प्रबंधन की कमान
प्रदेश में लगातार चुनाव में हार का सामना कर रही कांग्रेस को बदली हुई परिस्थितियों में दतिया सीट के उपचुनाव में संभावनाएं नजर आ रही हैं। दिग्गज भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने को पार्टी सकारात्मक मानकर चल रही है।

उपचुनाव के मोर्चे पर कांग्रेस की युवा टीम
उपचुनाव में कांग्रेस ने युवा टीम को मोर्चे पर लगाया है। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह को चुनाव प्रबंधन की कमान दी गई है तो जयवर्धन सिंह, सचिन यादव, सिद्धार्थ कुशवाहा को अलग-अलग मोर्चे पर लगाया गया है। इनका जिम्मा संपर्क, संवाद और समन्वय बनाने का रहेगा। तय किया गया है कि बड़ी सभा करने के स्थान पर मोहल्ला स्तरीय बैठकें की जाएंगी।

चुनाव प्रबंधन में वरिष्ठ नेताओं को आगे करने के स्थान पर नई टीम को उतारने का निर्णय लिया है। प्रियव्रत सिंह दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय वार रूम की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वे राजगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनने से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस में चुनाव प्रबंधन समिति के प्रभारी थे।

नामांकन में सभी वरिष्ठ नेता होंगे शामिल
पार्टी के उम्मीदवार घनश्याम सिंह सोमवार को नामांकन पत्र जमा करेंगे। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलावा पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह समेत वरिष्ठ नेता पहुंचेंगे।

गजकेसरी और बुध पुष्य योग के महासंयोग में 15 जुलाई से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि

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गजकेसरी और बुध पुष्य योग के महासंयोग में 15 जुलाई से शुरू होगी आषाढ़ गुप्त नवरात्रि
आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक रहेगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में चार बार नवरात्रि पड़ती है। आषाढ़ मास में पड़ने वाली यह नवरात्रि तंत्र-साधकों और सिद्धियों को प्राप्त करने वाले लोगों के लिए बेहद खास मानी जाती है। इन नौ दिनों में माता के उग्र और सौम्य दोनों रूपों की पूजा होती है, जिसमें प्रमुख रूप से महाकाली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी शामिल हैं।

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि 15 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक रहेगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में चार बार नवरात्रि पड़ती है। आषाढ़ मास में पड़ने वाली यह नवरात्रि तंत्र-साधकों और सिद्धियों को प्राप्त करने वाले लोगों के लिए बेहद खास मानी जाती है। इन नौ दिनों में माता के उग्र और सौम्य दोनों रूपों की पूजा होती है, जिसमें प्रमुख रूप से महाकाली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी शामिल हैं।

गुप्त नवरात्रि पर घटस्थापना शुभ मुहूर्त
आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा तिथि का आरंभ 14 जुलाई को दोपहर तीन बजकर 14 मिनट होगा, जो 15 जुलाई को दोपहर 11 बजकर 52 मिनिट तक रहेगी। घटस्थापना शुभ मुहूर्त 15 जुलाई को सुबह पांच बजकर 33 मिनिट से 10 बजकर नौ मिनिट तक रहेगा। इस अवधि में विधि-विधान से कलश स्थापित कर मां भगवती का आह्वान करना अत्यंत शुभ माना गया है।

गुप्त नवरात्रि पर बनेगे शुभ योग
आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्र की शुरुआत 15 जुलाई से होने वाली है। इस बार की गुप्त नवरात्रि बेहद खास होने वाली है, क्योंकि इस बार हर्षण और पुष्य योग का संयोग बन रहा है। नवरात्रि के दिन हर्षण योग सुबह आठ बजकर चार मिनिट तक रहेगा, वहीं आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के पहले ही दिन पुष्य योग भी बनेगा, जो कि रात नौ बजकर 46 मिनिट तक रहेगा। इस गुप्त नवरात्रि पर गजकेसरी योग और बुध पुष्य योग के दुर्लभ संयोग बनेंगे।

एमपी फुटबॉल अकादमी का चयन ट्रायल संपन्न

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एमपी फुटबॉल अकादमी का चयन ट्रायल संपन्न
डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन के तत्वावधान में मध्य प्रदेश फुटबॉल अकादमी के लिए आयोजित दो दिवसीय चयन प्रक्रिया संपन्न हुई। चयन प्रक्रिया में जिले के सभी आयु वर्गों के 150 से अधिक युवा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव शिववीर सिंह भदौरिया ने बताया कि प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से आयोजित इस चयन शिविर में खिलाड़ियों का फिटनेस, स्किल, गेम सेंस और टीम वर्क के आधार पर मूल्यांकन किया गया।

बारीकी से परखा
चयन प्रक्रिया मध्य प्रदेश फुटबॉल एसोसिएशन के वरिष्ठ कोच आशीष पिल्लई जबलपुर, कोलकाता के प्रसिद्ध कोच डॉ. स्वपन विश्वास और डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल एसोसिएशन के कोच विनय कदम के नेतृत्व में संपन्न हुई। तीनों कोचों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बारीकी से परखा और चयनित खिलाड़ियों की सूची तैयार की।

इस अवसर पर संभागीय खेल अधिकारी महेंद्र बरिया, चंबल क्रीड़ा परिषद के सचिव भय्यू भदौरिया, बिरला नगर फुटबॉल क्लब सचिव राजेंद्र पाल सहित सुरेंद्र नरवरिया, राजवर्धन भौसले, राहुल यादव, प्रशांत चाहर आदि पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

17 जुलाई को पूरे भारत में रिलीज़ होगी ‘महाप्रभु जगन्नाथ’

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17 जुलाई को पूरे भारत में रिलीज़ होगी ‘महाप्रभु जगन्नाथ’
आध्यात्मिक आस्था और सिनेमाई प्रस्तुति को एक साथ जोड़ते हुए आगामी एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ के निर्माताओं ने इसकी नई रिलीज़ डेट की घोषणा की है। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म अब 17 जुलाई, 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। यह तारीख विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है क्योंकि यह 16 जुलाई को होने वाली पवित्र जगन्नाथ रथ यात्रा के ठीक अगले दिन है।

फिल्म का प्रचार अभियान पहले ही जबरदस्त गति पकड़ चुका है। हाल ही में रिलीज़ किए गए फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर का लॉन्च 10,000 से अधिक दर्शकों की मौजूदगी में हुआ, जहां इसे दर्शकों से जबरदस्त प्यार और भावनात्मक सराहना मिली। इस शानदार प्रतिक्रिया ने फिल्म को इस साल की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित एनिमेटेड फिल्मों में शामिल कर दिया है।

‘महाप्रभु जगन्नाथ’ एक संपूर्ण पारिवारिक मनोरंजन फिल्म है, जो उत्कृष्ट एनिमेशन के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। दुर्गा प्रसाद दलई द्वारा एले एनिमेशन्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले निर्मित यह फिल्म उनकी लोकप्रिय एनिमेटेड सीरीज़ ‘जय जगन्नाथ’ की विरासत को आगे बढ़ाती है, जिसे अपने टेलीविजन प्रसारण के दौरान लाखों दर्शकों का प्यार मिला था।

इस बार फिल्म को बड़े स्तर पर सिनेमाघरों तक पहुंचाने के लिए सिनेपोलिस के साथ साझेदारी की गई है। फिल्म 300 से अधिक स्क्रीन पर हिंदी, ओड़िया और तेलुगु भाषाओं में पूरे भारत में रिलीज़ होगी।

फिल्म का निर्देशन श्रीपाद वारखेडकर ने किया है। इसकी कहानी और संवाद पल्लवी शर्मा ने लिखे हैं, जो बच्चों और बड़ों दोनों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का वादा करते हैं। वहीं अविरल कुमार का संगीत फिल्म को और भी भव्य बनाता है।

भुवनेश्वर स्थित एले एनिमेशन्स प्राइवेट लिमिटेड वर्ष 2008 से वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाला कंटेंट तैयार कर रही है। ऐतिहासिक रथ यात्रा के पावन अवसर पर रिलीज़ होने जा रही ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ भारत के साथ-साथ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी रिलीज़ होगी।