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प्रधानमंत्री ने पावन अमरनाथ यात्रा हेतु देश के नाम विशेष संदेश

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प्रधानमंत्री ने पावन अमरनाथ यात्रा हेतु देश के नाम विशेष संदेश
ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन मुहूर्त पर हुई प्रथम पूजा के उपरांत, आज बाबा बर्फानी के दर्शन की विश्वप्रसिद्ध अमरनाथ जी यात्रा का औपचारिक और भव्य आगाज हो गया है। देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उमंग के बीच, देश के प्रधान नरेंद्र मोदी ने सभी तीर्थयात्रियों को ‘हर-हर महादेव’ और जय बाबा बर्फानी के उद्घोष के साथ अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। प्रधानमंत्री ने इस यात्रा को सनातन संस्कृति की अटूट परंपरा का जीवंत अध्याय और भारत की विविधता में एकता का सर्वोत्कृष्ट प्रतीक बताया है।

अपने विशेष संदेश में प्रधानमंत्री ने इस बात को पुरजोर तरीके से रेखांकित किया कि कैसे अलग-अलग राज्यों, भाषाओं और विविध पृष्ठभूमियों से आने वाले लोग महादेव के दर्शन के एक साझा संकल्प के साथ एकाकार हो जाते हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिकों के आतिथ्य भाव और देश भर से आए भंडारा संचालकों की निस्वार्थ सेवा की सराहना करते हुए कहा कि यही ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के महान आदर्श की सजीव अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाना महंत नृत्य गोपाल दास का हालचाल

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाना महंत नृत्य गोपाल दास का हालचाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मेदांता अस्पताल लखनऊ में भर्ती श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से भेंट कर उनका हालचाल लिया।

महंत को सांस लेने में तकलीफ और संक्रमण की शिकायत पर 29 जून को भर्ती कराया गया था, जिनको एक-दो दिन में छुट्टी मिल सकती है। महंत नृत्य गोपाल दास राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। उन्होंने भूमि पूजन, राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मौजूद रहकर प्रमुख योगदान दिया।

मेदांता अस्पताल पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के स्वास्थ्य का हाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने महंत का इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी उनकी हेल्थ का अपडेट लिया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी कंडीशन की लगातार निगरानी की जा रही है और इंफेक्शन कंट्रोल में है। उनका पांच दिन से आईसीयू में इलाज चल रहा है। गुरुवार को मेदांता ने मेडिकल बुलिटेन जारी कर उनका हेल्थ अपडेट शेयर किया।

सांस लेने में तकलीफ और संक्रमण की शिकायत के बाद लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराए गए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और उन्हें अगले दो-तीन दिन में अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है।

सराहनीय कार्य करने वाले युवाओं को सम्मानित करेगी योगी सरकार

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सराहनीय कार्य करने वाले युवाओं को सम्मानित करेगी योगी सरकार
युवा कल्याण विभाग की ओर से वित्तीय वर्ष 2025-26 में व्यक्तिगत श्रेणी के तहत विवेकानंद यूथ अवार्ड प्रदान किए जाएंगे। इसमें राष्ट्रीय और सामाजिक कार्यों में अद्वितीय व सराहनीय योगदान करने वाले युवाओं (पुरुष व महिला) को राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा।

एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2025 तक किए गए कार्यों के आधार पर यह अवॉर्ड मिलेगा। आवेदन युवा कल्याण विभाग के विकास भवन में स्थित कार्यालय पर 10 जुलाई तक जमा होंगे।

15 से 35 वर्ष आयु के लोगों को मिलेगा पुरस्कार
विभिन्न क्षेत्रों, खेलकूद, सामाजिक पौधरोपण, परिवार कल्याण, रक्तदान, नशामुक्ति, जल संरक्षण, पुस्तकालय की स्थापना, जैविक खेती, सौर ऊर्जा संयत्र की स्थापना, स्वच्छता कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन, मतदाता जागरूकता, संस्कृत और साहित्य, पारंपरिक चिकित्सा, सामुदायिक सेवा आदि में योगदान करने वाले 15 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं को प्रदान किया जाएगा।

पुरस्कार के तहत एक पदक, प्रमाण-पत्र, स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा और एक लाख रुपये मुख्यमंत्री की ओर से दिया जाएगा। प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी राजकुमार ने बताया कि जानकारी के लिए क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी विनम्र शुक्ल के 6394188538 और आलोक सिंह के 9336715416 मोबाइल नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

वरदा चतुर्थी पर करें गणेश जी के इन मंत्रों का जप, मिलेगा शुभ फल

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वरदा चतुर्थी पर करें गणेश जी के इन मंत्रों का जप, मिलेगा शुभ फल
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक मास की वरदा चतुर्थी आज यानी 20 मई को मनाई जा रही है। इस अवसर पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति है और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं। वरदा चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के 108 नामों (Bhagwan Ganesh Ke 108 Naam) का जप जरूर करना चाहिए। इससे गणेश की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही सभी कामों में सफलता मिलती है।

ऐसे करें गणेश जी को प्रसन्न
भगवान गणेश को गाय के शुद्ध घी और गुड़ का भोग लगाएं। पूजा के बाद इस भोग को किसी गाय को खिला दें। यह उपाय धन संबंधी समस्याओं को दूर करने में बहुत कारगर माना जाता है।

शुक्रवार को किया गया ये आसान उपाय खत्म कर देगा घर का झगड़ा और तनाव

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शुक्रवार को किया गया ये आसान उपाय खत्म कर देगा घर का झगड़ा और तनाव
परिवार में सदस्यों के मध्य रोज किसी बात पर झगड़े होते हैं? जीवनसाथी के साथ छोटी-छोटी बातों पर अनबन होती है या फिर बच्चों के स्वभाव की वजह से घर में अशांति का माहौल बना रहता है। यह सभी चीजें शुक्र की कमजोर दशा को दर्शाती हैं, क्योंकि शुक्र ही वह ग्रह है जो प्रेम का प्रतिनिधित्व करता है। जहां प्रेम नहीं होता है अशांति वहीं पाई जाती है।

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार या दहलीज को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी जगह से घर में एनर्जी आती है। इसलिए, धार्मिक ग्रंथों से लेकर वास्तु शास्त्र तक, हमेशा दहलीज को साफ रखने की सलाह दी जाती है। दहलीज पर नेगेटिव एनर्जी बढ़ने से घर में कई बेवजह की परेशानियां, झगड़े और कलह बढ़ सकते हैं, और आर्थिक स्थिति और सेहत खराब हो सकती है। अक्सर, लोग इन समस्याओं का कारण भी नहीं समझ पाते हैं। अगर आपके घर से खुशी, तालमेल, शांति और पॉजिटिव एनर्जी गायब हो गई है, तो वास्तु शास्त्र मुख्य द्वार के लिए कुछ उपाय बताता है। इन उपायों को अपनाकर आप अपने घर में खुशियां वापस ला सकते हैं।

आप अपने घर के अंदर की साफ-सफाई, रखरखाव और सजावट पर ध्यान देते हैं, उसी तरह मुख्य द्वार का ध्यान रखना भी उतना ही ज़रूरी है। इसलिए, मुख्य द्वार को नियमित रूप से साफ करें। अगर मुख्य द्वार का एरिया खराब हो गया है, या अगर गेट लोहे का है और उसमें जंग लग गया है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। अगर दरवाज़ा लकड़ी का है और टूटा हुआ है, तो उसे भी ठीक करवाएं। जूते-चप्पलों का ढेर तुरंत हटा दें। अगर यह एरिया गंदा या खराब होता है, तो इससे नेगेटिव एनर्जी बढ़ती है।

दहलीज पर फालतू चीजें जमा न करें। हालांकि, मुख्य द्वार को पूरी तरह से खाली भी नहीं रखना चाहिए। आप इसे फूलों, तोरण (सजावटी लटकन) आदि से सजा सकते हैं। आप स्वास्तिक या शुभ-लाभ जैसे शुभ प्रतीक भी बना सकते हैं। इससे पॉजिटिविटी बनी रहती है। ऐसा माना जाता है कि अगर दहलीज पूरी तरह से खाली होती है, तो घर में सुख-समृद्धि नहीं आती है।

वास्तु दोष दूर करने के लिए, आप एक छोटे कपड़े के बैग का इस्तेमाल करके यह उपाय भी आज़मा सकते हैं। एक लाल कपड़ा लें और उसमें 1 चम्मच नमक भरें, फिर इस बैग को अपने घर के मुख्य द्वार के ऊपर लटका दें। नमक नेगेटिव एनर्जी को पूरी तरह से सोख लेता है। हालांकि, ध्यान रखें कि आपको हर 15-20 दिन में कपड़े के बैग में नमक बदलना चाहिए और पुराने नमक को पानी में बहा देना चाहिए।

वास्तु दोष या नेगेटिव एनर्जी को दूर करने के लिए, हर सुबह एक बर्तन में पानी भरकर उसमें आम के पत्ते और फूल डालकर, उसे घर के एंट्रेंस के दाहिनी ओर रखें। शाम को मुख्य दरवाजे पर दीपक जलाएं। अगर रोज़ाना यह उपाय करना संभव न हो, तो इसे एकादशी, पूर्णिमा और शुक्रवार जैसे खास दिनों पर करें। इससे वास्तु दोष दूर होंगे और देवी लक्ष्मी आपके घर में वास करेंगी।

यूपी में नितिन नवीन के स्वागत से बड़ा संदेश देने में जुटी भाजपा

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यूपी में नितिन नवीन के स्वागत से बड़ा संदेश देने में जुटी भाजपा
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के करीब छह माह बाद प्रदेश पहुंच रहे नितिन नवीन का अभूतपूर्व स्वागत कर भाजपा बड़ा राजनीतिक संदेश देने का प्रयास करेगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के लखनऊ दौरे को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह लगातार नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों एवं मोर्चा अध्यक्षों के साथ बैठक कर रहे हैं।

प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह को कार्यक्रम का समन्वयक बनाया गया है, जो एयरपोर्ट से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक की व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे। सभी सांसदों, विधायकों, एमएलसी एवं जिलाध्यक्षों को भी लखनऊ बुलाया गया है। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष एक दिन पहले पहुंच सकते हैं।

नितिन नवीन के दौरे को देखते हुए कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय को होर्डिंगों से पाट दिया है। चारबाग से लेकर लोहिया पथ तक हर जगह नवनियुक्त पदाधिकारियों के नाम से होर्डिंग और बैनर लगाए गए हैं। गुरुवार को प्रदेश मुख्यालय पर काफी गहमागहमी रही।

प्रांगण में फूल मालाओं के बिखरे रहने से साफ है कि नए पदाधिकारियों को लेकर कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों में भरपूर उत्साह है। दोपहर दो बजे पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई, जिसमें स्वागत कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई।

शाम छह बजे प्रदेश नेतृत्व ने एक बार फिर पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ मंथन कर कार्यक्रम के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश पर बातचीत की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम को लेकर होर्डिंग, बैनर एवं पोस्टर में भी पीडीए का असर नजर आ रहा है।

यूपी में 1 लाख युवाओं को मिलेगा हाई-टेक कौशल प्रशिक्षण

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यूपी में 1 लाख युवाओं को मिलेगा हाई-टेक कौशल प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक और भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुरूप कुशल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य कौशल विकास निधि (एसएसडीएफ) योजना के अंतर्गत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण के दूसरे चरण का लक्ष्य आवंटन जारी कर दिया गया है। इस बार सरकार का फोकस युवाओं को पारंपरिक कोर्सेज से आगे ले जाकर डिजिटल युग के लिए तैयार करना है।

सादगी, समर्पण और संगठन हेमंत खंडेलवाल की यही है पहचान

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सादगी, समर्पण और संगठन हेमंत खंडेलवाल की यही है पहचान
रोशन नेमा/भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एक वर्ष के कार्यकाल में सादगी, अनुशासन और संगठन-केंद्रित कार्यशैली के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। कार्यकर्ताओं के बीच सहज उपलब्धता, निरंतर संवाद और संगठन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें एक कर्मठ संगठनकर्ता के रूप में स्थापित किया है।

प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने व्यक्तिगत प्रचार से अधिक संगठन को महत्व दिया। लगातार जिला प्रवास, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, संगठनात्मक बैठकों की नियमित समीक्षा और कार्यकर्ताओं के सुझावों को महत्व देना उनके नेतृत्व की प्रमुख विशेषताएँ रहीं।

उनके नेतृत्व में संगठन के पुनर्गठन, बूथ सशक्तिकरण, सदस्यता विस्तार, प्रशिक्षण वर्गों के आयोजन तथा सरकार–संगठन के बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के साथ-साथ जनता की अपेक्षाओं और समस्याओं को भी संगठन के माध्यम से शासन तक पहुँचाएँ।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, एक वर्ष के कार्यकाल में हेमंत खंडेलवाल ने शांत, संयमित और परिणामोन्मुख नेतृत्व का परिचय दिया है। उनकी पहचान ऐसे प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बनी है जो पद से अधिक संगठन, कार्यकर्ता और जनसेवा को महत्व देते हैं।
सादगी, सम्मान और संगठनात्मक दक्षता के साथ उन्होंने यह संदेश दिया है कि मजबूत संगठन ही किसी भी राजनीतिक दल की सबसे बड़ी शक्ति होता है। एक वर्ष का उनका कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि शांत नेतृत्व, निरंतर संवाद और समर्पित संगठन ही दीर्घकालिक सफलता की मजबूत नींव रखते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में गौरव शिखर सम्मान समारोह-2026 को किया संबोधित

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में गौरव शिखर सम्मान समारोह-2026 को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संस्कारधानी जबलपुर की प्रतिभाओं ने संपूर्ण देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। आज मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे दादा स्व. ईश्वरदास रोहाणी स्मृति गौरव शिखर सम्मान 2026 में 12 महान विभूतियों का सम्मान गौरवशाली क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. रोहाणी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम पर आधारित है। हम विश्व को एक परिवार मानते हैं। इसी प्रकार स्व. रोहाणी भी अपने कार्यों के बलबूते आज समाज कल्याण के प्रतीक बने। वे एक कर्मयोगी थे, जिन्होंने गरीब से गरीब के जीवन को रोशन करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठन निर्माण के प्रति समर्पित राष्ट्र-साधक स्व. रोहाणी का अद्वितीय योगदान प्रेरणादायी रहेगा। उनकी शुचिता और विराट व्यक्तित्व यादगार है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को जबलपुर में आयोजित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. रोहाणी की पावन स्मृति में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. रोहाणी के जीवन मूल्यों पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन भी किया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल हरविंदर सिंह चंद्रा ने की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी प्राचीन समृद्ध संस्कृति गुरुकुल परंपरा से पल्लवित थी। भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण की। इसी आश्रम में श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता की मिसाल बनीं, जो आज भी हमें कठिन समय में अपने मित्रों की सहायता के लिए प्रेरित करती है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने समाज को कर्म की श्रेष्ठता का संदेश दिया है।

इन 12 हस्तियों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में समाज के विभित्र क्षेत्रों में अपनी साधना और उत्कृष्ट योगदान से राष्ट्र निर्माण में संलग्न 12 विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य के लिए सु रेखा चुडास्मा, समाज सेवा में जीवन समर्पित करने वाले डॉ. कैलाश गुप्ता, महिला सशक्तिकरण के लिए सु ज्ञानेश्वरी दीदी, संस्कृति एवं कुटुंब प्रबोधन के लिए नंदलाल नेगांधी, युवा प्रेरणा के लिए सरबजीत सिंह कलासी, सनातन ज्ञान के लिए पंडित रोहित दुबे, उद्योग के क्षेत्र में नितिन चंडोक, चिकित्सा के क्षेत्र में डॉ. वाई. आर. यादव, पत्रकारिता के क्षेत्र में वरिष्ठ पत्रकार श्याम कटारे, सेवानिवृत्त अधिकारियों की श्रेणी में सब लेफ्टिनेंट (रिटा.) आर. एन. तिवारी, विधि के क्षेत्र में पूर्व सांसद आर. एन. सिंह, न्याय क्षेत्र में जस्टिस देवव्रत माधव धर्माधिकारी का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कार्यक्रम में सम्मानित हुईं विभूतियों के कार्य नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं।

कार्यक्रम के आयोजक और विधायक अशोक रोहाणी ने कहा कि स्व. रोहाणी ने सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अच्छा काम करने वालों को सम्मानित करने की शुरुआत की थी। उनका मानना था कि ऐसे आयोजन से समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायक नीरज सिंह लोधी, विधायक संतोष बरकड़े, विधायक अभिलाष पांडे, विधायक अजय विश्नोई, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित थे।

जल गंगा संवर्धन अभियान ने जनभागीदारी का रचा नया इतिहास – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

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जल गंगा संवर्धन अभियान ने जनभागीदारी का रचा नया इतिहास – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के मुख्य उद्देश्यों के साथ संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के साथ देश और विदेश के लगभग 7 करोड़ परिवारों तक अपनी पहुंच बनाकर जनभागीदारी का एक नया इतिहास रच दिया है। आगामी मानसून में कम वर्षा की संभावना को देखते हुए पानी की प्रत्येक बूंद को सहेजने के दूरदर्शी उद्देश्य से शुरू हुआ यह महा अभियान 30 जून 2026 को भव्यता के साथ संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दृढ़ संकल्प से यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम न रहकर एक विराट वैश्विक जन आंदोलन के रूप में स्थापित हुआ है।

इस महाअभियान को सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिला। ट्विटर (एक्स), फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सरकार के आधिकारिक माध्यमों द्वारा प्रतिदिन जागरूकता पोस्टर, लघु फिल्में और इन्फोग्राफिक्स साझा किए गए। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान, #जल_है_तो_कल_है, #WaterConservation और #SaveWater जैसे हैशटैग्स के माध्यम से प्रदेश और देश के कोने-कोने तक जल संरक्षण का संदेश फैला, जिससे कुल 6 करोड़ 95 लाख 74 हजार 820 से अधिक लोगों तक इस अभियान की डिजिटल पहुंच सुनिश्चित हो सकी और लोग जल स्रोतों को सहेजने की मुहिम से सीधे जुड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सतत मॉनिटरिंग और विशेष डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से अभियान में पूरे राज्य में रिकॉर्ड स्तर पर कार्य किए गए। प्रदेश भर में 10,514 करोड़ रुपये की लागत से 3 लाख 63 हजार से अधिक जल संरचनाओं के निर्माण और जीर्णोद्धार के कार्य पूर्ण किए गए। भू-जल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए रिकॉर्ड समय में 67,708 खेत-तालाब, 225 अमृत सरोवर और 97,614 कूप रिचार्ज संरचनाएं तैयार की गईं। इसके अलावा 10,000 से अधिक कुओं, नदियों और प्राचीन बावड़ियों की सफाई व सौंदर्यीकरण कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इन प्रामाणिक कार्यों की बदौलत मध्यप्रदेश जल संरक्षण में देश का अग्रणी राज्य बना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा कर श्रमदान किया और समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया। 19 मार्च 2026 को इंदौर से इसके तीसरे चरण की शुरुआत करने से लेकर धार में देवी सागर तालाब के गहरीकरण, उज्जैन में शिप्रा तीर्थ परिक्रमा, भोपाल के ‘सदानीरा समागम’ और राजगढ़ में आयोजित समापन समारोह तक उन्होंने सक्रिय सहभागिता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प दोहराया कि ‘जल है तो कल है’ और सरकार इसे सहेजने के लिए पूरी तरह कृत संकल्पित है, इसलिए जल संरक्षण के कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। अभियान के समापन के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए “एक पेड़ माँ के नाम” पौधरोपण अभियान और 1 जुलाई से “विकसित भारत–ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन” का भी भव्य शुभारंभ किया गया।

जल संरक्षण और जनभागीदारी के इस अभियान ने मध्यप्रदेश को देश में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया है। जल गंगा संवर्धन अभियान ने यह साबित कर दिया कि जब सरकार और समाज साथ आते हैं, तो जल संरक्षण केवल एक योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सशक्त जन आंदोलन बन जाता है।