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ISRO के बाहुबली रॉकेट LVM3 M2 से लॉन्च होंगे 36 सैटेलाइट

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भारतीय स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (ISRO) एक बड़ी कामयाबी के मुहाने पर है। 22 तारीख की आधी रात को ये अपने सबसे भारी और शक्तिशाली रॉकेट ‘एलवीएम-3’ (लॉन्च व्हीकल-3) मार्क 2 के जरिए से एक साथ 36 सैटेलाइट्स को प्रक्षेपित करेगा। इस मिशन का 24 घंटे का काउंटडाउन रात 12 बजकर 7 मिनट पर शुरू होगा। इस मिशन में ब्रिटिश स्टार्टअप वनवेब के 36 उपग्रहों को लॉन्च किया जाएगा। इस लॉन्च की कामयाबी से इसरो, ग्लोबल कमर्शियल लॉन्च सर्विस मार्केट में अपनी शानदार एंट्री दर्ज करा सकता है।
क्यों अहम है ये मिशन?
स्पेस डिपार्टमेंट के अंतर्गत हाल ही में शुरू NSIL (New Space India Ltd) ने लंदन में मौजूद वनवेब के साथ दो LVM 3 के जरिए LEO (Low Earth Orbit) सेटेलाइट्स के लॉन्च सर्विस का कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है। यह स्पेस डिपार्टमेंट के अंर्तगत इसरो के कमर्शियल लेग की तरह काम करता है। इस तरह NSIL के साथ यह पहला कमर्शियल एलवीएम3 लॉन्च होगा। यह पहली बार होगा, जब लॉन्च व्हीकल मार्क 3 (GSLV मार्क 3) के जरिए कोई कमर्शियल लांच किया जा रहा है। अगर ये मिशन कामयाब रहा, तो इसरो के लिए कॉमर्शियल लॉन्चिंग की राह आसान हो जाएगा। वहीं इस बाहुबली के कमर्शियल मार्केट में उतरने से इसरो और NSIL के लिए, इस फील्ड में तमाम दरवाजे खुल जाएंगे।
क्या है इसकी खासियत?
लॉन्च व्हीकल मार्क 3 इसरो का सबसे भारी भरकम 640 किलो वजनी रॉकेट है, जो अपने साथ करीब 4 टन पेलोड जियो सिंक्रोनस ऑर्बिट (GSO) में और 8 तो वजनी पेलोड लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में ले जाने में सक्षम है। इससे पहले इसरो, कमर्शियल लॉन्च के लिए पीएसएलवी का इस्तेमाल करता था। यह तीन स्टेज का रॉकेट है, जिसमे दो सॉलिड मोटर स्टेप्स ऑन और एक लिक्विड प्रोपोलेंट कर स्टेज है और बीच में क्रायोजेनिक स्टेज है। इसके भारी भरकम रूप के कारण इसे इसरो का बाहुबली भी कहा जाता है।

उज्जैन के ‘श्री महाकाल लोक’का नाम बदलकर ‘श्री महाकाल महालोक’किया

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उज्जैन । महाकालेश्वर मंदिर परिसर का नवविस्तारित क्षेत्र ‘श्री महाकाल लोक’ अब ‘श्री महाकाल महालोक’ ही कहलाएगा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ये जानकारी अपने ट्वीटर अकाउंट पर साझा की है। लिखा है कि ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आशीष, स्नेह हमेशा मध्य प्रदेश के साथ रहा है। जब वे उज्जैन आए थे उन्होंने इस भव्य, दिव्य, अलौकिक स्थान को देखकर विचार व्यक्त किया था कि महाकाल महालोक बहुत अद्भुत है। उनकी भावनाओं के अनुरूप अब नवनिर्मित परिसर श्री महाकाल महालोक ही कहलाएगा’।
मालूम हो कि महाकालेश्वर मंदिर परिसर के नवविस्तारित क्षेत्र के 11 अक्टूबर को हुए लोकार्पण से पहले परिसर के नामकरण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने लोगों से सुझाव आमंत्रित किए थे। कई लोगों ने महाकाल पथ, महाकालेश्वर धाम जैसे अनेक नामों का सुझाव दिया था। 27 सितंबर को उज्जैन में पहली बार हुई मध्यप्रदेश केबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने पहला निर्णय महाकालेश्वर मंदिर परिसर के नवविस्तारित क्षेत्र का नाम ‘श्री महाकाल लोक’ करने का लिया था। निर्णय के बाद इसी नाम से परिसर की ब्रांडिंग की गई। लोकार्पण समारोह का लाइव प्रसारण 40 देशों में किया गया था। इसका असर यह हुआ कि लोकार्पण समारोह मंग एक लाख से अधिक लोग जुटे और लोकार्पण के बाद परिसर को देखने के लिए भी रोज हजारों लोग पहुंच रहे हैं।
दीपावली पर एक लाख दीपकों से जगमगाएगा ‘श्री महाकाल महालोक’
ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर का नवविस्तारित क्षेत्र श्री महाकाल महालोक’ इस दीपावली पर एक लाख दीपमालाओं से जगमाएगा। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सदस्यों द्धारा शाम 6.30 बजे से 7 बजे के बीच एक साथ सारे दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मंदिर प्रशासक संदीपकुमार सोनी ने कहा है कि इस समय दृश्य अद्भुत, अलौकिक देखने लायक होगा।
मालूम हो कि पांच दिन पहले 18 अक्टूबर को उज्जैन आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने श्री महाकाल महालोक के लोकार्पण के लिए बनाई उपसमिति के सदस्यों और आमजन से अपील की थी कि इस साल दीपावली पर श्री महाकाल महालोक में एक दीपक अवश्य जलाएं, ताकि क्षेत्र दीपमालाओं से जगमगा जाएं। इसके पालन में मंदिर समिति ने पहल कर एक लाख दीये प्रज्ज्वलित करने की तैयारी की है। इसी क्रम में शनिवार को मंदिर प्रशासक ने समिति सदस्यों के साथ बैठक की। श्री महाकाल महालोक को सात सेक्टर में बांटकर दीप प्रज्ज्वलन करने का निर्णय लिया। कहा कि दीप प्रज्ज्वलन की तैयारी सुबह से ही करें। कतार बद्ध दीप लगाएं। प्रमुख स्थान पर रंगोली सजाएं। काम इस तरह हों कि देखने वाले देखते रह जाएं।

सीएम शिवराज सिंह ने कोरोना काल में अनाथ बच्चों के साथ मनाई दीपावली

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भोपाल। प्रदेश में प्रतिवर्ष भोपाल में बाल सांस्कृतिक प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें बच्चों को जोड़ा जाएगा और गीत-संगीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जाएंगे। स्वजन के साथ या बाल ग्राम जैसी संस्थाओं में रह रहे बच्चों को प्रतियोगिता से जोड़ा जाएगा। अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास में कोरोना के चलते अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों व अन्य अनाथ बच्चों के साथ दीपावली मनाते हुए की। उन्होंने बच्चों के ऊपर पुष्प की वर्षा की, दीप जलाए और बच्चों के साथ नाच-गाना किया। मुख्यमंत्री ने अपने हाथ से बच्चों को भोजन कराया और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना में हर महीने पांच हजार रुपये की सहायता और स्पान्सरशिप के तहत बच्चों को हर महीने चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री आवास पर मस्ती की पाठशाला लगी। मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा, मामा का घर मस्ती करने का है, मस्ती करो बच्चों, हम दिवाली मानने आए हैं, खुश रहो। हम छू लेंगे आसमां, आगे बढ़ेंगे। ग्राफिक डिजाइनिंग का कोर्स कर रही पावना ने ‘है दीपावली” बोल के साथ गीत सुनाया। इसके बाद संजना और मिस्टी ने भी एक गीत ‘हम कहां रहेंगे, हम कैसे जिएंगे गाया”। प्रीति पूनम ने बुंदेली बोली में गीत की एक सुंदर प्रस्तुति दी।
परेशान होने की जरूरत नहीं मामा तुम्हारे साथ है
मुख्यमंत्री ने मंच पर रहमान और दीया को बुलाकर भरोसा दिलाया कि मामा तुम्हारे साथ है, मामा बच्चों का ध्यान रखेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत नर्मदापुरम की बाल हितग्राही मोनिका, अग्नेय यादव, राजगढ़ की निकिता कुशवाह, सीहोर की शिखा बागवान और विदिशा की वैष्णवी नामदेव को चेक और आयुर्वेद दिवस पर विंध्य हर्बल की किट दी। इस कार्यक्रम में कोविड बाल सेवा योजना और बाल अशीर्वाद योजना के कुल 450 बच्चे शामिल हुए।
शिवराज ने बच्चों से की ठिठोली, पूछा- कैसा लगा मामा का फटा गला
मुख्यमंत्री ने बच्चे मन के सच्चे सारी दुनिया के आंख के तारे गीत गया। इसके बाद उन्होंने बच्चों से पूछा कि कैसा लगा मामा का फटा गला। मेरी आवाज अच्छी नहीं है और गला फटा हुआ है फिर भी मैं बच्चों के लिए गीत गाऊंगा। फिर उन्होंने नदिया चले, चले रे धारा तुझको चलना होगा… गीत गया। इस गाने पर मुख्यमंत्री बच्चों के साथ झूमने लगे। बालिका शहायना ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लिखी हुई कविता ‘आओ मिलकर दिया जलाएं” सुनाई। इसे सुनकर शिवराज इतना खुश हुए कि उन्होंने शेहायना को गोद में बैठा लिया।
कालेज की पढ़ाई कराएगी सरकार, अनाथ बच्चों का बनेगा एप
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ बच्चों की पढ़ाई का सारा खर्च सरकार उठाएगी। डाक्टर, इंजीनियर या और कोई पढ़ाई करनी हो तो करो, कालेज की पढ़ाई का सारा खर्च मामा उठाएगा। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना से माता-पिता को खो चुके बच्चों का अलग से एक वाट्सएप ग्रुप बनाया जाए। इसमें इन सभी बच्चों को जोड़ें और जब इनका मन करे, मुझे सूचना दें मैं इनसे मिलूंगा।
साधना सिंह ने बच्चियों को खिलाए गोलगप्पे
मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह ने बच्चियों को अपने पास बुलाया और उनका हालचाल जाना। उनसे पूछा कि गोल-गप्पे खाओगी। बच्चियों ने हां कहा तो उन्होंने अपने हाथ से बच्चियों को गोल-गप्पे और फिर रसगुल्ले खिलाए।

इंदौर में महालक्ष्मी को पीले चावल देकर आमंत्रित करते हैं भक्त

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इंदौर। होलकरकालीन राजवाड़ा स्थित महालक्षमी मंदिर भक्तों के बीच आस्था का केंद्र है। यहां हर वर्ष दीपावली पर पीले चावल देकर माता को सुख-समृद्धि की कामना से आमंत्रित करने के लिए 50 हजार से अधिक भक्त आते हैं। आमंत्रण देने के बाद उनके साथ होने के भाव लेकर घर पहुंचकर घर के मुख्यद्वार से कुम-कुम के पदचिन्ह बनाकर घर में प्रवेश कराया जाता है। यह परंपरा 200 साल से चली आ रही है।
इस वर्ष दीपावली के अगले दिन 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्यग्रहण होने से मंदिर के पट भक्तों के लिए 24 की रात 3 बजे ही बंद हो जाएंगे। माता को आमंत्रित करने का क्रम 1833 में मंदिर के निर्माण के साथ ही शुरू हो गया था।यहां हर साल दीपावली पर महिला-पुरुषों की एक किलोमीटर लंबी कतार सुबह से देर रात तक लगी रहती है।
माता की सेवा कर रहे पांचवी पीढ़ी के पुजारी पंडित भानुप्रकाश दुबे बताते हैं कि मंदिर के निर्माण के बाद से यह पहला मौका है जब दीपावली के अगले दिन मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए बंद रहेंगे। दीपावली के बाद दूसरे दिन भी माता के दर्शन के लिए 40-50 हजार भक्त आते हैं। इस बार अगले दिन या मध्यरात्रि को पूजन के बाद आने वाले भक्त भी माता के दर्शन के लिए दीपावली के दिन ही आएंगे। इसके इस बार दीपावली पर दर्शानार्थियों की संख्या दुगनी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
माता को अर्पित चावल भक्त बरकत के रूप में होते वितरित
दीपावली पर माता को भक्त आमंत्रण करने के लिए चावल अर्पित करते हैं वह 50 किलो से अधिक हो जाते हैं। इन चावल को बरकत के रूप में भक्त ले जाते हैं। इन चावल को कई व्यापारी अपनी तिजोरी में रखने के लिए ले जाते हैं। शेष बचे चावल जरूरतमंदों को बांट दिए जाते हैं।
राजा हरिराव होलकर ने कराया था निर्माण
यह मंदिर होलकर रियासत की श्रद्धा का प्रतीक है।इस मंदिर पर इंदौर वासियों की विशेष आस्था है।मंदिर का निर्माण राजा हरिराव होलकर ने कराया था। उस समय तीन मंजिला मंदिर था जो आगे से जर्जर हो गया था।1942 में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया।अब मंदिर ने नवीन स्वरूप ले लिया है।
दुनियाभर में माता के भक्त, वीडियों कांफ्रेंसिंग से दर्शन
इंदौर से देश-विदेश में जाकर बसे भक्त जब भी इंदौर आते हैं तो माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।शहर से बाहर जाकर बसे ऐसे लोगों की संख्या दीपावली पर सैकड़ों में होती है।इसके अतिरिक्त हर दिन ऐसे कई भक्तों के फोन आते है जो वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिए माता के दर्शन करते हैं। इसके लिए वे अपने किसी नाते-रिश्तेदार और परिचित को भेजते हैं। माता के भक्त अमेरिका, दुबई, सिंगापुर, साउथ अफ्रीका में बसे हैं।

एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की हिंदी पुस्तकें तैयार करने का काम शुरू

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भोपाल । एमबीबीएस प्रथम वर्ष की तीन किताबों के विमोचन के बाद द्वितीय वर्ष में पढ़ाई जाने वाली तीन पुस्तकों को हिंदी में तैयार करने का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में विभिन्न् लेखकों की जिन पुस्तकों को पढ़ाया जाना है, उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। अब इनका हिंदी में रूपांतरण किया जाएगा। इसके लिए समिति भी बना दी गई है। इन पुस्तकों की आवश्यकता अगले साल मई से पड़ेगी इसलिए अप्रैल तक पुस्तकें तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम वर्ष की तरह द्वितीय वर्ष की पुस्तकों में भी तकनीकी शब्द अंग्रेजी में स्पेलिंग के साथ लिखे जाएंगे।
समिति में शामिल प्राध्यापकों ने बताया कि प्रथम वर्ष की पुस्तकें तैयार करने में कई चुनौतियां थीं। अब अनुभव होने के बाद यह काम आसान हो गया है। द्वितीय वर्ष में माइक्रोबायोलाजी, पैथोलाजी और फार्माकोलाजी विषय पढ़ाया जाएगा। इस साल ज्यादा समय पुस्तकें चिह्नित करने, कापीराइट संबंधी वैधानिक चुनौतियों से निपटने और पुस्तक की सरल भाषा का चयन करने में लग गया था।
इसके लिए एक मुख्य समिति के अलावा अलग-अलग समितियां भी बनाई गई थीं। द्वितीय वर्ष में केवल पुस्तकें तैयार करने का काम ही करना होगा। अच्छी बात यह है कि एमबीबीएस में अलग-अलग वर्ष में लगने वाली पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद के लिए खुद लेखक आगे आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश के सभी 13 सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जा रही है। 16 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भोपाल के लाल परेड मैदान से इसका शुभारंभ किया था। इस साल प्रथम वर्ष में पढ़ रहे विद्यार्थी अगले वर्ष अप्रैल-मई में द्वितीय वर्ष में पहुंच जाएंगे। हिंदी में भी एमबीबीएस की पढ़ाई कराने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है। कालेजों में हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की संख्या करीब पांच प्रतिशत है।

पीएफआइ सदस्यों पर देश विरोधी गतिविधि के चलते बढ़ाई धाराएं

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भोपाल । मध्य प्रदेश के आठ जिलों से पिछले महीने गिरफ्तार किए गए प्रतिबंधित संगठन पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) के 21 में से 12 सदस्य बड़े पदाधिकारियों के संपर्क में थे। वे इस संगठन की विचारधारा में रच-बस गए थे। ये कई जगहों पर प्रशिक्षण की व्यवस्था से लेकर बाहर से आने वाले पदाधिकारियों-सदस्यों को ठहराने और उन्हें प्रमुख कार्यकर्ताओं से मिलवाने का काम कर रहे थे।
बुधवार को इनके खिलाफ गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की धारा भी बढ़ा दी गई है। सूत्रों ने बताया कि जो सदस्य पीएफआइ की विचारधारा से बहुत ज्यादा प्रभावित हो गए थे। मुख्य आरोपितों के संपर्क में रहे हैं। उनसे लगातार बातचीत करते थे, उनके खिलाफ यह सख्त कार्रवाई की गई है। बता दें, इन सभी को शांति भंग की आशंका के तहत गिरफ्तार किया गया था।
पीएफआइ सदस्यों को प्रशिक्षण देने भोपाल आता था नासिर
महाराष्ट्र पुलिस ने पिछले महीने औरंगाबाद से पीएफआइ के महाराष्ट्र प्रमुख नासिर नदवी शेख उर्फ शेख नासिर को गिरफ्तार किया था। मध्य प्रदेश एटीएस ने पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लिया है। उसने बताया है कि वह पीएफआइ सदस्यों को प्रशिक्षण देने मध्य प्रदेश आता रहता था। सदस्यों को पीएफआइ की विचारधारा के बारे में बताया जाता था। इन लोगों को मानसिक तौर पर पीएफआइ का प्रचार-प्रसार करने व अन्य कार्यों के लिए तैयार किया जाता था।

भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबले में भारत की जीत

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भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मुकाबले में भारत की जीत
भारत और पाकिस्तान के बीच ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप का मुकाबला भारत ने अपने नाम कर लिया है। भारत ने पाकिस्तान को 4 विकेट से हराया। इस मैच में टीम की जीत के हीरो रहे विराट कोहली, जिन्होंने लगभग अकेले, अपने दम पर टीम को जीत दिलाई। विराट कोहली ने 53 गेंदों में नाबाद 83 रन बनाये। उनके अलावा सिर्फ हार्दिक पांड्या पिच पर टिक पाए। उन्होंने 37 गेंदों में 40 रन बनाये। भारत ने 6 विकेट के नुकसान पर जीत के लिए जरुरी 160 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया।
इससे पहले भारत ने टॉस जीत कर फ़ील्डिंग करने का फ़ैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की टीम ने 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 159 रन बनाये। पाकिस्तान की मशहूर सलामी जोड़ी आज चल नहीं सकी। बाबर आजम बिना खाता खोले पैवेलियन लौट गये, जबकि मोहम्मद रिजवान भी सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गये। पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहे अर्शदीप सिंह ने अपने पहले ही मैच में कमाल की गेंदबाजी की और इन दोनों स्टार बल्लेबाजों को आउट किया। अर्शदीप ने 4 ओवरों में 32 रन देकर 3 विकेट लिए। हार्दिक पांडया ने भी अच्छी गेंदबाजी दिखाते हुए 3 विकेट चटकाए। मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार को 1-1 विकेट मिले। पाकिस्तान की ओर से शान मसूद ने सबसे ज्यादा नाबाद 52 रन बनाये। वहीं इफ्तिखार ने भी 51 रन बनाये। इनके अलावा कोई भी पाकिस्तानी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका।

राम कर्तव्य भावना से मुख नहीं मोड़ते – पीएम नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के दौरे पर पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी दीपावली की पूर्व संध्या पर आज (रविवार) अयोध्या पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री अयोध्या पहुंचकर भव्य दीपोत्व की शुरुआत करेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी रामलला विराजमान के सामने दीप भी जलाएंगे। 3डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग शो भी देखेंगे।
श्रीराम जैसी संकल्प शक्ति देश को नई ऊंचाई पर ले जाएगी
पीएम मोदी ने कहा कि भगवान राम ने अपने वचन, विचारों, शासन और प्रशासन में जिन मूल्यों को गढ़ा। वो सबका साथ-सबका विकास की प्रेरणा हैं। इस बार दिवाली एक ऐसे समय में आई है। जब हमने कुछ समय पहले ही आजादी के 75 साल पूरे किए हैं। हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। आजादी के इस अमृतकाल में श्रीराम जैसी संकल्प शक्ति देश को नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्री रामलला के दर्शन और उसके बाद राजा राम का अभिषेक यह सौभाग्य राम जी की कृपा से ही मिलता है। जब श्रीराम का अभिषेक होता है, तो हमारे भीतर भगवान राम के आदर्श व मूल्य और दृढ़ हो जाते हैं। भगवान राम के अभिषेक के साथ ही उनका दिखाया गया पथ और प्रदीप्त हो उठता है।

दिवाली की सुबह ये काम करने से अमीर बनेंगे और मान सम्मान में होगी वृद्धि

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दिवाली का त्योहार नजदीक है। दीपावली पांच दिवसीय पर्व है, जो धनत्रयोदशी से शुरू होता है। धनतेरस से लेकर दीपावली तक देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस दिन विधिपूर्वक लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। दिवाली के साथ ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपायों का जिक्र है।
अगर आप दिवाली के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर यह उपाय करेंगे, तो देवी लक्ष्मी की कृपा जीवन भर बनी रहेगी। शास्त्रों में कहा गया है कि जिन घरों में साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। महिलाओं का सम्मान किया जाता है। वहां देवी लक्ष्मी की संगति स्थायी होती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि दीपावली की सुबह अपने बैंक बैलेंस को बढ़ाने के लिए क्या उपाय करें।
– दिवाली के दिन लोग माता लक्ष्मी के स्वागत के लिए घरों को रंगोली, फूल और दीपक से सजाते हैं। बता दें देवी लक्ष्मी के स्थायी निवास के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज घर के मुख्य द्वार के आसपास साफ-सफाई रखना है।
– यदि आप चाहते हैं कि दीपावली के दिन आपके घर में माता लक्ष्मी का प्रवेश हो, तो ब्रह्म मुहूर्त में उठें। घर के बाहर और अंदर सफाई करें। मुख्य द्वार के आसपास चप्पल न रखें।
– दिवाली की रात पूजा करने के बाद चांदी के बर्तन में कर्पूर जलाकर देवी लक्ष्मी की आरती करनी चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य को आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता है।
– दीपावली की शाम को बरगद के पेड़ के तने में गांठ बांधने से धन लाभ होता है। यह गांठ पैसा कमाने के बाद खोलनी होती है।
– दिवाली के दिन घर के कोने में दीपक जलाएं। ऐसा करने से घर से दरिद्रता दूर होती है।

मध्य प्रदेश के रीवा में बस दुर्घटना में 15 की मौत, 12 मृतकों की हुई पहचान

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मध्य प्रदेश के रीवा जिले में नेशनल हाईवे-30 सोहागी पहाड़ पर भीषण बस हादसा बीती रात हुआ है। इसमें 15 लोगों की मौत हो गई, 27 यात्री घायल हैं। हादसे में मृतक और घायल सभी उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद सोहागी पुलिस मौके पर पहुंची और बस में फंसे यात्रियों को रेस्क्यू किया। गंभीर घायलों को एम्बुलेंस से त्योंथर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। सभी दीपावली मनाने के लिए अपने घर लौट रहे थे। रीवा जिला प्रशासन द्वारा हेल्पलाइन नंबर 8319706674 जारी किया गया है, यहां फोन कर घटना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से रीवा में हुए बस हादसे की जानकारी दी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों को एक- एक लाख रुपये तथा घायलों को 10 -10 हजार रुपये आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की।
12 मृतकों की हुई पहचान
रीवा बस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई है, इनमें से चार लोगो की पहचान राजू अंसारी पुत्र मोहम्मद शफी 30 वर्ष निवासी उतसैला जिला बलरामपुर, मोहम्मद करीम उर्फ लल्लू पुत्र मोहम्मद वसीम 40 वर्ष निवासी गांधीनगर बलरामपुर बस ड्राइवर, करन अली पुत्र मिलाप अली बलरामपुर यूपी, सुनील कुमार पुत्र सतीश कुमार महाराजगंज यूपी के रूप में हुई है। जिन शवों की पहचान नहीं हुई है उन्हें प्रयागराज भेजा जाएगा, वहीं शवों पहचान करवाई जाएगी।
रीवा में इस तरह हुई बस दुर्घटना
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब 11 बजे सोहागी पहाड़ में हादसा हुआ है। यूपी पासिंग की बस जबलपुर से रीवा के रास्ते प्रयागराज जा रही थी। पहाड़ उतरे समय हादसे का शिकार हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जिस समय हादसा हुआ है उसमें बस की रफ्तार काफी तेज थी। प्रयागराज जा रही बस सोहागी पहाड़ में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। देर रात हुए इस हासुहागी पहाड़ में हुए बस हादसे में घायलों को देखने देर रात कलेक्टर मनोज पुष्प सहित पुलिस प्रशासन टीम सिविल अस्पताल त्यौंथर पहुंचे और घायलों का हाल जाना। उपस्थित चिकित्सकों को कलेक्टर ने हर संभव चिकित्सा उपलब्ध कराने की बात कही।दसे में 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 27 यात्री घायल हो गए। बताया गया है कि बस में ज्यादातर लोग श्रमिक हैं, जो दीपावली मनाने अपने घर लौट रहे थे। प्रशासन द्वारा अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है थाना प्रभारी ओंकार तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 12 लोगों की मौके पर जबकि दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र त्योंथर तथा एक व्यक्ति की मौत संजय गांधी अस्पताल रीवा में हुई है अतिथि चकरी पर 8 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर पहले बस चालक द्वारा यात्रियों को भोजन कराया गया था। घटनास्थल से 2 किलोमीटर पहले बस चालक ने एक ट्रैक्टर को भी टक्कर मारी थी लेकिन उस दौरान हुई घटना नहीं हुई। कुछ दूर जाने के बाद बस ट्राली से जा भिड़ी थी।