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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण किया

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री ने एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण समारोह में स्वास्थ्य सेवाओं में हुए बदलाव को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज नहीं दे सकीं, बल्कि ‘हर जिले में एक माफिया पालने” का काम करती थीं, जबकि उनकी सरकार ने ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ की अवधारणा को साकार कर प्रदेश की तस्वीर बदल दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल थी। उस समय गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वयं बीमार था। उन्होंने कहा कि बीमार मेडिकल कॉलेज नहीं था, बल्कि तत्कालीन सरकारों की मानसिकता बीमार थी, जिसने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को इलाज के अभाव में मरने के लिए छोड़ दिया था। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस कार्य नहीं किया गया।

अब दूर शहरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। गोरखपुर के साथ-साथ महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, अंबेडकरनगर, बलिया, गाजीपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर और चंदौली सहित सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं और वहां पढ़ाई तथा अस्पताल दोनों संचालित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीज इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की ओर पलायन करने को मजबूर थे। एम्स दिल्ली में पूर्वांचल और बिहार के मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती थीं क्योंकि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2005 में गोरखपुर में आईसीयू, डायलिसिस और प्लेटलेट्स सेपरेशन जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।

वर्ष 2007 में गोरखनाथ चिकित्सालय में पहला 10 बेड का आईसीयू, पहली डायलिसिस मशीन और पहली ब्लड सेपरेटर यूनिट स्थापित कराई गई थी। आज गोरखपुर में दो दर्जन से अधिक अस्पताल अत्याधुनिक आईसीयू सुविधाओं से लैस हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मुफ्त इलाज नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 12 करोड़ लोगों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी हर वर्ष 1200 से 1500 करोड़ रुपये गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब मरीजों के इलाज पर खर्च किए जा रहे हैं।
मार्कण्डेय चन्द को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सराहना करते हुए कहा कि गोरखपुर के हृदयस्थल बेतियाहाता में स्थापित यह अस्पताल फोर्टिस हॉस्पिटल के सहयोग से संचालित होगा और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने अस्पताल के संस्थापक स्वर्गीय मार्कण्डेय चन्द को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया और जीवनभर गोरखपुर तथा गोरक्षपीठ के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मार्कण्डेय चन्द के पुत्र सीपी चन्द और डॉ. अरुण चन्द ने अपने पिता की स्मृति को जीवंत रखते हुए पूर्वांचल को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि एस्ट्रोमेडिक्स न केवल लोगों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराएगा बल्कि रोजगार सृजन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चढ़ावा चोरी के 8 आरोपितों को भेजा जेल, 80 लाख और 1000 डॉलर बरामद

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चढ़ावा चोरी के 8 आरोपितों को भेजा जेल, 80 लाख और 1000 डॉलर बरामद
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय और सदस्य डा. अनिल कुमार मिश्र के इस्तीफे की शुक्रवार को दिनभर चर्चाओं के बीच श्रीराम मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावा चोरी में गिरफ्तार आठों आरोपितों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया।

दीवानी न्यायालय के रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह ने सभी आरोपितों को 29 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार अयोध्या भेज दिया। शासन ने इस संवेदनशील मामले की विवेचना पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष त्रिपाठी को सौंपी है। अब इनको एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस की रिमांड अर्जी पर सुनवाई होगी।

आरोपितों के पास से कुल 79 लाख 85 हजार 493 रुपये नकद के अलावा एक हजार अमेरिकी डालर और विदेशी मुद्राएं भी बरामद हुई हैं। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर गुरुवार को मंदिर के सेवक, गिनती करने वाले कर्मचारी, पूर्व बैंक अधिकारी सहित आठ लोगों और अज्ञात के खिलाफ रामजन्मभूमि थाने में चढ़ावे में चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसके तुरंत बाद इन्हें रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

गोपाल राव ने इस्तीफे की खबरों का किया खंडन
इस घटनाक्रम के समानांतर चंपतराय और अनिल मिश्र के इस्तीफा देने की चर्चा दिन भर टीवी चैनलों से लेकर इंटरनेट मीडिया पर छायी रहीं। कुछ चैनलों ने एक पदाधिकारी के हवाले से भी इनके इस्तीफे की पुष्टि का दावा तक कर दिया।

हालांकि अयोध्या में मौजूद मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महांत नृत्य गोपाल दास और मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव ने इस्तीफे की खबरों का खंडन किया। चंपतराय और अनिल मिश्र की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आने के कारण अटकलों को बल मिलता रहा।

चंपतराय के एक प्रतिनिधि ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। उधर, दोपहर करीब तीन बजे सभी आरोपितों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सफेद मास्क से चेहरा ढककर काले शीशे वाली स्कार्पियो से दीवानी न्यायालय लाया गया। अभियोजन अधिकारी केसी वर्मा और प्रभारी संयुक्त निदेशक पीके यादव ने बताया कि आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

किसी भी स्टेज में पुलिस कर सकती है कस्टडी की रिमांड
वरिष्ठ अधिवक्ता सईद खान के अनुसार, नए बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत पुलिस विवेचना के दौरान किसी भी चरण में न्यायालय से पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग कर सकती है। मामले की शुरुआत पांच जून को तब हुई, जब पूर्व मंत्री व सपा नेता पवन पांडेय ने दानपात्रों से करोड़ों रुपये चोरी का आरोप लगाया।

सात जून को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को एक्स पर उठाया। इसके बाद मामला तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 जून को एसआइटी गठित कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

एसआइटी की प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एफआइआर दर्ज करने की संस्तुति की गई। गुरुवार रात दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस ने मंदिर व्यवस्था से जुड़े रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, ट्रस्ट कर्मी अनुकल्प मिश्र, उसके बहनोई लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल तथा सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो का किया विमोचन

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नए लोगो का किया विमोचन
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार का अपना पक्का घर होने का सपना होता है और राज्य सरकार इस सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पूर्व में केवल गृह निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आर्थिक चुनौतियों से उबरते हुए मंडल ने लगभग 7,388 संपत्तियों का विक्रय कर 1,532 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंडल के अध्यक्ष तथा पूरी टीम को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने सभी संकल्पों और वायदों को तेजी से पूरा किया है। सरकार के गठन के बाद पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद साढ़े दस लाख से अधिक परिवार के आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 नए आवास तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार से 15 हजार अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए हैं तथा विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी विशेष आवास योजना संचालित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन हमारे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से 450 से अधिक शासकीय सेवाएं अब मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी प्रारंभ की गई है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 65 हजार घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के माध्यम से सरकार घर में सोलर संयंत्र लगाने के लिए आकर्षक सब्सिडी भी दे रही है और इन परिवारों लिए आने वाले समय में बिजली पूरी तरह मुफ्त हो जाएगी और अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच पाएंगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से लंबित बिजली बिल के भुगतान का भी बड़ा अवसर दिया है और बिल पर लगने वाले सरचार्ज समेत आकर्षक छूट का प्रावधान किया है। साय ने कहा कि सरकार न केवल जनहितैषी योजनाएं लागू कर रही है बल्कि सुशासन तिहार के माध्यम से उसका फीडबैक लेने लोगों के बीच भी गई। दो महीने लगातार जनता से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार का काम किया गया है। उन्होंने इस दौरान शासन की विभिन्न नवाचारी पहल की जानकारी देते हुए सुशासन और पारदर्शी सरकार के संकल्प को दोहराया।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विभाग में व्यापक प्रशासनिक सुधार लागू किए गए हैं। गृह निर्माण मंडल को अधोसंरचना विकास मंडल के रूप में नई पहचान देकर प्रदेश के पूंजीगत व्यय और विकास कार्यों में इसकी भूमिका का विस्तार किया गया है। मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय करने वाले विभागों को वित्तीय और मानव संसाधन के माध्यम से सक्षम बनाने का काम किया है ताकि प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि अब किसी भी नई आवासीय परियोजना का निर्माण तभी प्रारंभ होगा जब पर्याप्त बुकिंग सुनिश्चित हो जाएगी, जिससे अनावश्यक निर्माण और वित्तीय जोखिम से बचा जा सके। मंत्री चौधरी ने कहा कि सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू कर वर्षों से लंबित संपत्तियों के विक्रय को गति दी तथा वित्तीय अनुशासन स्थापित किया। इसके परिणामस्वरूप मंडल की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और अब यह अधोसंरचना विकास के नए आयाम स्थापित करने के लिए तैयार है।

मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में मंडल ने नई कार्य संस्कृति अपनाई है। गृह निर्माण मंडल का विस्तार कर अधोसंरचना विकास मंडल बनाया जाना प्रदेश के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने रिकॉर्ड संपत्तियों का विक्रय कर नई उपलब्धियां हासिल की हैं और भविष्य में मांग आधारित, गुणवत्तापूर्ण तथा वित्तीय रूप से व्यवहारिक परियोजनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कार्यक्रम में लकी ड्रा के नौ विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। सारंगढ़ की श्रीमती पूजा बरेठ को प्रथम पुरस्कार के रूप में कार प्रदान की गई। इसके अलावा स्कूटी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एलईडी टीवी सहित अन्य आकर्षक पुरस्कार भी वितरित किए गए।

इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ,आयुक्त अवनीश शरण, तथा विभाग एवं मंडल के वरिष्ठ अधिकारी और हितग्राही उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी ‘ड्रोन दीदी’

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर की महिलाएं बनेंगी ‘ड्रोन दीदी’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं नई पहचान बना रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत जिले की चयनित महिलाएं इन दिनों रायपुर स्थित आईटीएम विश्वविद्यालय में ड्रोन संचालन एवं रिमोट पायलटिंग का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

यह प्रशिक्षण महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के साथ उन्हें कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं देने के लिए दक्ष बन रही हैं।

प्रशिक्षण के दौरान ड्रोन दीदियों को ड्रोन की तकनीकी संरचना, सुरक्षित उड़ान संचालन, रिमोट पायलटिंग, फसलों में उर्वरक एवं कीटनाशकों का वैज्ञानिक छिड़काव, ड्रोन के रखरखाव तथा कृषि क्षेत्र में उसके व्यावहारिक उपयोग की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद ये ड्रोन दीदियां जशपुर जिले के किसानों को ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि कार्यों की सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे कृषि कार्य कम समय में, कम लागत पर और अधिक प्रभावी ढंग से किए जा सकेंगे। साथ ही वैज्ञानिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान प्रशिक्षण के लिए रवाना हो रही ड्रोन दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इससे पूर्व 17 अप्रैल 2026 को रणजीता स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम के दौरान ड्रोन दीदी एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन भी प्रदान की गई थी।

उप संचालक कृषि, जशपुर के अनुसार प्रशिक्षण के बाद ड्रोन दीदियां जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों को तकनीक आधारित कृषि सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे खेती में समय की बचत, लागत में कमी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग का विश्वास है कि यह पहल जशपुर में तकनीक आधारित कृषि को नई गति देने के साथ महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक सशक्तता और किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कनाडा के प्रतिनिधिमंडल से की सौजन्य भेंट

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कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कनाडा के प्रतिनिधिमंडल से की सौजन्य भेंट

मध्य प्रदेश शासन के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना से आज कनाडा के उच्चायोग के सस्केचेवान इंडिया कार्यालय के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में सस्केचेवान इंडिया कार्यालय के प्रबंध निदेशक स्कॉट मैथीज तथा व्यापार आयुक्त हरीश वैद्यनाथन शामिल थे।

भेंट के दौरान मध्य प्रदेश एवं कनाडा के सस्केचेवान प्रांत के बीच कृषि, कृषि अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीक, कृषि यंत्रीकरण, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि निवेश तथा व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य सरकार किसानों की आय में वृद्धि, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने तथा आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान, नवाचार, उन्नत कृषि तकनीक, बीज उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण तथा मूल्य संवर्धन के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग से किसानों को व्यापक लाभ मिल सकता है।

कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने मध्य प्रदेश में कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों में उपलब्ध निवेश और सहयोग की संभावनाओं की सराहना करते हुए भविष्य में तकनीकी सहयोग, निवेश, ज्ञान एवं अनुभवों के आदान-प्रदान तथा व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाने में रुचि व्यक्त की।

बैठक में दोनों पक्षों ने कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग, आधुनिक तकनीकों के उपयोग, अनुसंधान एवं नवाचार तथा कृषि व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में मिलकर कार्य करने पर सहमति व्यक्त की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच को साकार कर रहा टेक्सटाइल पार्क, स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सोच को साकार कर रहा टेक्सटाइल पार्क, स्थानीय रोजगार को मिलेगी नई उड़ान

मुख्यमंत्री की पहल पर नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में लग रही पहली यूनिट, 235 करोड़ का निवेश, 4600 से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार

81 एकड़ में विकसित हो रहा टेक्सटाइल पार्क, निवेशकों के लिए तैयार की जा रही सभी जरूरी अधोसंरचनाएं

रायपुर. 26 जून 2026. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि नवा रायपुर का टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का मजबूत आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टेक्सटाइल पार्क में निवेशकों को विश्वस्तरीय अधोसंरचना और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय की गंभीर कोशिशों से नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट लगने जा रही है। 235 करोड़ रुपए के निवेश से लगने वाली इस यूनिट से 4600 से अधिक लोगों को रोजगार का मौका मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून को टेक्सटाइल पार्क की पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां अपनी मेन्युफेक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े (किड्सवियर) और यूरोपीय व अमेरिकी बाजारों में निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए निट गारमेंट्स और कपड़े बनाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के टेक्सटाइल व गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर तैयार करने के विजन को साकार करने नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र तथा सहायक उद्योगों के लिए सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इस टेक्सटाइल पार्क में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ही पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूमि आबंटित की जा चुकी है। इन तीनों इकाईयों द्वारा लगभग 445 करोड़ रुपए के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा नवा रायपुर में सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP), ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अच्छी कनेक्टीविटी, आधुनिक अधोसंरचना और सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ नवा रायपुर का यह टेक्सटाइल पार्क वस्त्र उद्योगों को एक आदर्श निवेश स्थल के रूप में आकर्षित कर रहा है।

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में विशेष प्राथमिकता दी है। रोजगार सृजन को बढ़ावा देने महिला कर्मचारियों हेतु 6 हजार रुपए तथा पुरुष कर्मचारियों हेतु 5 हजार रुपए प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया है। नई औद्योगिक नीति के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपु से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के लिए शिप्रा घाटों के निर्माण का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के लिए शिप्रा घाटों के निर्माण का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण
ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष 13 जिलों में जिन सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूर्ण हो गए हैं, उनके लोकार्पण की तैयारी कर ली गई है। आगामी 6 माह में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि करने वाली इन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में गुरूवार को मंत्रालय में हुई जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि कृषक कल्याण वर्ष में अनेक सिंचाई परियोजनाओं के लोकार्पण होंगे। इनमें बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खण्डवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मण्डला जिलों की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी 3 परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केन-मंदाकिनी लिंक अंतर प्रांतीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना से 93 हजार 310 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा और 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबाई की टनल भी बनाई जाएगी। परियोजना की लागत 8400 करोड़ रुपए से अधिक होगी।

सिंहस्थ से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यों में प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ आयोजन के उद्देश्य से पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इनमें सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82% कार्य पूर्ण हो गया है। बैठक में बताया गया कि कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66% प्रगति है। शिप्रा तट पर सिंहस्थ में करोड़ों लोगों द्वारा सुविधाजनक ढंग से पुण्य स्नान का लाभ लेने के दृष्टि से 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कार्य में भी 60% प्रगति है।

सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
प्रदेश में सिंचित रकबा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में निर्मित और निर्माणाधीन परियोजनाओं से निकट भविष्य में मिलने वाले लाभ को जोड़ें तो प्रदेश में सिंचित क्षेत्र 95. 45 लाख हैक्टेयर हो जाएगा। इसके अलावा अन्य स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं को समाहित करें तो यह आंकड़ा 108 लाख हैक्टेयर होगा। कार्यों को तेजी से पूरा किए जाने के फलस्वरूप सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। गत ढाई वर्ष में लगभग 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है।

‘प्रहार’ का टीजर देख फैंस को याद आई ‘धुरंधर’

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‘प्रहार’ का टीजर देख फैंस को याद आई ‘धुरंधर’
राजकुमार राव की नई फिल्म आ रही है ‘प्रहार’, जिसका दमदार टीजर रिलीज कर दिया गया है। टीजर रिलीज होते ही छा गया है और राजकुमार राव की तारीफ हो रही है। यह एक बायोग्राफिकल फिल्म है, जिसमें राजकुमार राव जाने-माने वकील उज्जवल निकम के रोल में हैं। यह उनके अब तक के करियर का सबसे चैलेंजिंग रोल माना जा रहा है।

‘प्रहार’ को अविनाश अरुण ने डायरेक्ट किया है और यह मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी है। इसमें राजकुमार राव के अलावा वामिका गब्बी और जयदीप अहलावत भी मौजूद हैं। यह फिल्म 7 अगस्त को थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में वामिका गब्बी ने राजकुमार राव की पत्नी का किरदार निभाया है, जबकि जयदीप अहलावत एक अन्य वकील बने हैं।

‘प्रहार’ के टीजर में क्या है?
‘प्रहार’ के टीजर की शुरुआत राजकुमार के किरदार उज्जवल निकम से होती है। वह कोर्ट में अजमल कसाब को फांसी देने की मांग करते हैं, और 26/11 आतंकवादी हमले की याद दिलाते हैं। वह कहते हैं, ‘यॉर ऑनर पिछले डेढ़ साल में इस केस के चलते बहुत बार लोगों ने मुझसे ये सवाल पूछे कि जब फोटोज-वीडियोज में साफ-साफ दिखाई दे रहा है, तो हम कसाब को फांसी क्यों नहीं दे रहे हैं? क्यों इतना पैसा, इतना वक्त बर्बाद कर रहे हैं एक आतंकवादी के ऊपर? कुछ देर के लिए अपनेआप को 26/11 की रात को इंस्पेक्टर गोविलकर की जगह रखकर देखिए, जिन्हें कसाब ने गोली मारी। बहुत ही जाहिर सी बात है कि गुस्सा भरा होगा गोलकर साहब में…और फाइनली जब कसाब को निहत्था पकड़ा, तो गोविलकार साहब ने ये नहीं कहा कि गोली मारो इसे, खत्म करो जल्दी।

अब बंगाल में UCC लागू करने की तैयारी में सरकार

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अब बंगाल में UCC लागू करने की तैयारी में सरकार
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दरअसल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली BJP सरकार 29 जून को विधानसभा में UCC विधेयक पेश कर सकती है। बताया जा रहा है कि सरकार ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है और विधानसभा सत्र में इसे पेश करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

दरअसल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य मंत्रिमंडल से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी है कि विधानसभा की बिजनेस एडवायजरी कमेटी की बैठक में UCC विधेयक पर चर्चा की गई और इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने के छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। अब सरकार तय समय से पहले ही इस दिशा में कदम बढ़ाती नजर आ रही है।

विधानसभा में पेश होने से पहले पूरी हुई तैयारी
वहीँ सरकार के मुताबिक UCC विधेयक को लेकर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कार्यमंत्रणा समिति यानी बिजनेस एडवायजरी कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद इसे विधानसभा में पेश करने की तैयारी आगे बढ़ाई गई। राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य समान नागरिक संहिता को राज्य में लागू करने की प्रक्रिया शुरू करना है। फिलहाल सभी की नजर 29 जून को होने वाली विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी है, जहां इस विधेयक को पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

समान नागरिक संहिता पर सरकार का क्या है कहना?
दरअसल शुभेंदु अधिकारी सरकार के एक मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात, असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई BJP शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता से जुड़े प्रस्ताव लागू किए जा चुके हैं। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल भी उसी दिशा में आगे बढ़ेगा, जैसा चुनाव से पहले जनता से वादा किया गया था। सरकार का दावा है कि UCC को लेकर उसकी तैयारी पूरी है और विधानसभा में विधेयक पेश होने के बाद आगे की संवैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल सरकार की ओर से यही संकेत दिए गए हैं कि 29 जून को इस विधेयक को सदन के पटल पर रखा जा सकता है।