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भोपाल में दत्तात्रेय होसबाले ने उठाया सामाजिक समरसता का मुद्दा, भेदभाव खत्म करने पर जोर

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने रविवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित स्वयंसेवक एकत्रीकरण को संबोधित करते हुए जातिगत भेदभाव और छुआछूत को लेकर महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर भेदभाव हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है और जाति के नाम पर होने वाला दुर्व्यवहार हिंदू समाज पर कलंक है।

होसबाले ने कहा कि जातिभेद और छुआछूत को केवल कानून या उपदेश के जरिए समाप्त नहीं किया जा सकता। इसके लिए लोगों को अपने घर, परिवार और व्यक्तिगत व्यवहार में बदलाव लाना होगा। उन्होंने लोगों से जाति के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करने और सामाजिक समरसता के लिए संकल्प लेने की अपील की।

उन्होंने कहा कि समाज को जाति, पंथ, भाषा और क्षेत्र के आधार पर विभाजित करने से उसकी सामूहिक शक्ति कमजोर होती है। सभी को एकजुट होकर ऊंच-नीच और हीनभावना जैसी प्रवृत्तियों को दूर करने की दिशा में काम करना चाहिए।

जागृत और संगठित समाज पर जोर
होसबाले ने कहा कि जागृत और संगठित समाज ही देश को आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने नागरिकों से केवल कानून के डर से नहीं, बल्कि अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी को समझकर समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में जुटे स्वयंसेवक
लाल परेड ग्राउंड में संघ के शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शारीरिक प्रदर्शन, संघ गीत और घोष वादन सहित विभिन्न गतिविधियां हुईं।

होसबाले ने सामाजिक समरसता के साथ परिवार एवं संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, आत्मबोध और नागरिक कर्तव्य जैसे विषयों पर भी काम करने की बात कही।

उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों का जायजा, CM यादव ने पैदल भ्रमण कर देखी जमीनी स्थिति

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में प्रस्तावित सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और विकास कार्यों का पैदल भ्रमण कर जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात व्यवस्था, आवागमन, मूलभूत सुविधाओं और शहर के समग्र विकास से जुड़े कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना है, इसलिए सभी तैयारियां व्यापक और सुव्यवस्थित तरीके से की जाएं।

डॉ. यादव ने पैदल भ्रमण के दौरान प्रमुख मार्गों और आयोजन से जुड़े क्षेत्रों की व्यवस्थाओं को भी देखा। उन्होंने अधिकारियों से विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उज्जैन के विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार का भी महत्वपूर्ण अवसर है। आयोजन से पहले शहर में स्थायी प्रकृति के ऐसे कार्य किए जाएं, जिनका लाभ सिंहस्थ के बाद भी आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को मिलता रहे।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर शासन स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के पैदल निरीक्षण को इसी तैयारियों की जमीनी समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

मैहर में किसानों के लिए CM यादव की बड़ी बातें, आधुनिक खेती और अतिरिक्त आय पर फोकस

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को नीमच से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मैहर की कृषि उपज मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित किया। उन्होंने मैहर को धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कृषि के साथ-साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है।

किसानों को दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि रात में खेतों में बिजली मिलने से किसानों को होने वाली परेशानी को कम करना सरकार की प्राथमिकता है।

मैहर में बनेगा फूड प्रोसेसिंग पार्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादन के साथ उसकी प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मैहर में फूड प्रोसेसिंग पार्क स्थापित करने की बात कही गई। इससे स्थानीय कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर विकसित करने का लक्ष्य है।

पशुपालन और अन्य गतिविधियों से बढ़ेगी अतिरिक्त आय
मुख्यमंत्री ने किसानों को खेती के साथ पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

आधुनिक खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। प्रदर्शनी के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण, मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना, समुन्नत पशु प्रजनन योजना, नंदीशाला योजना और आजीविका उत्पादों से संबंधित जानकारी किसानों तक पहुंचाई गई।

मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों से संवाद करते हुए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और कृषि में नवाचार के माध्यम से उत्पादन एवं आय बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों और मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

किसान कल्याण वर्ष में कृषि विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष-2026 के तहत किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का फोकस कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर विकसित करने पर है।

ओडिशा पहुंचे CM विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी से सौजन्य भेंट की। इस दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों और दोनों राज्यों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री माझी से मुलाकात के दौरान दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी सहयोग को लेकर भी विचार-विमर्श किया। दोनों राज्यों के बीच साझा हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की यह मुलाकात पड़ोसी राज्यों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

LPG ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, सब्सिडी लेने से पहले कराएं आधार ऑथेंटिकेशन

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घरेलू LPG सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर है। 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल की बुकिंग के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा करना जरूरी होगा। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, जिन ग्राहकों ने पहले ही बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन करा लिया है, उन्हें दोबारा कोई प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत नहीं होगी।

27.43 करोड़ उपभोक्ता करा चुके हैं ऑथेंटिकेशन
सरकार के अनुसार 19 सितंबर 2026 तक 27.43 करोड़ यानी 89.9 प्रतिशत सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ता अपना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा कर चुके हैं। बाकी उपभोक्ताओं को 1 अक्टूबर से पहले यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

कहां और कैसे होगा BAA?
उपभोक्ता कई तरीकों से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकते हैं। LPG की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी OMC मोबाइल एप के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इसके अलावा ग्राहक अपने LPG वितरक के शोरूम पर जाकर भी ऑथेंटिकेशन करा सकते हैं।

ग्राहक घर बैठे संबंधित तेल विपणन कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। Indane ग्राहकों के लिए IndianOil ONE, Bharatgas के लिए HelloBPCL और HP Gas ग्राहकों के लिए HP PAY ऐप उपलब्ध है।

ऑथेंटिकेशन नहीं कराया तो क्या होगा?
सरकार के अनुसार BAA पूरा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को LPG मिलना बंद नहीं होगा। हालांकि, सब्सिडी वाले नियंत्रित रिटेल मूल्य पर रिफिल का लाभ लेने के लिए ऑथेंटिकेशन जरूरी होगा। जो उपभोक्ता BAA नहीं कराना चाहते, वे OMC के डिजिटल माध्यमों से अपनी पसंद दर्ज करा सकते हैं और लागू बाजार मूल्य पर LPG प्राप्त कर सकते हैं।

सरकार ने क्यों बदला नियम?
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, आधार-आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का उद्देश्य सब्सिडी को वास्तविक और पात्र घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है। इससे डुप्लीकेट या अपात्र कनेक्शनों की पहचान करने और घरेलू LPG के व्यावसायिक इस्तेमाल की ओर डायवर्जन रोकने में मदद मिलने की उम्मीद है।

MP पुलिस में प्रमोशन की जांच फिर तेज, 250 DSP अधिकारियों के दस्तावेजों की होगी पड़ताल

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मध्य प्रदेश पुलिस में डीएसपी पद पर हुई पदोन्नतियों की दोबारा समीक्षा की तैयारी शुरू हो गई है। विभागीय पदोन्नति समिति (रिव्यू DPC) के जरिए निरीक्षक से डीएसपी बनाए गए करीब 250 अधिकारियों के रिकॉर्ड की फिर से जांच की जाएगी। प्रारंभिक स्तर पर पात्रता से जुड़ी गड़बड़ियों के चलते 15 से अधिक डीएसपी की पदोन्नति प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला रिव्यू DPC की जांच के बाद ही होगा।

समान नाम के कारण तीन अधिकारी भी जांच के दायरे में
रिव्यू की जरूरत सामने आने की एक वजह पदोन्नति सूची में पहचान संबंधी गड़बड़ी भी बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, समान नाम होने के कारण तीन अधिकारी पदोन्नति सूची में शामिल हो गए। इसके अलावा कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच लंबित है, जबकि कुछ अन्य निर्धारित पदोन्नति शर्तों को पूरा नहीं करते हैं।

विभागीय जांच और न्यायालयीन मामलों की भी होगी पड़ताल
डीएसपी पद पर पदोन्नति के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित इकाइयों से अधिकारियों के खिलाफ लंबित विभागीय जांच, विभागीय दंड, न्यायालयीन प्रकरण और अन्य पात्रता संबंधी जानकारी मांगी थी। इसी प्रक्रिया में कुछ ऐसे मामले सामने आए, जिनमें पदोन्नति की पात्रता पर दोबारा विचार की जरूरत महसूस हुई। अब इन्हीं रिकॉर्ड के आधार पर रिव्यू DPC में फैसला लिया जाएगा।

पहले भी रद्द हो चुकी हैं कई पदोन्नतियां
पुलिस मुख्यालय इससे पहले भी विभिन्न संवर्गों में पदोन्नतियों की समीक्षा कर चुका है। रिपोर्ट के अनुसार विभागीय जांच, दंड, न्यायालयीन प्रकरण या अन्य पात्रता संबंधी कारणों से 150 से अधिक उप निरीक्षकों और निरीक्षकों की पदोन्नतियां निरस्त की जा चुकी हैं।

फिलहाल 15 से अधिक डीएसपी के पदावनत होने की स्थिति अंतिम नहीं है। रिव्यू DPC में सभी अधिकारियों की पात्रता और संबंधित रिकॉर्ड की जांच के बाद ही तय होगा कि किन पदोन्नतियों को बरकरार रखा जाएगा और किन मामलों में बदलाव किया जाएगा।

33 जिलों में उद्यमिता केंद्रों की तैयारी, युवाओं के हुनर और कारोबार को मिलेगा सहारा

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छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार के साथ-साथ उद्यमिता और स्टार्टअप से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है। यह पहल मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन के तहत की जाएगी।

राज्य सरकार ने इस मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल, उद्यमिता, नवाचार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। मिशन के तहत युवाओं को अपने कारोबारी विचारों को विकसित करने, नई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने और स्टार्टअप शुरू करने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

100 टेक लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनेंगे
उद्यमिता विकास केंद्रों के साथ प्रदेश में 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाने की भी योजना है। सरकार के मुताबिक इससे युवाओं को नई तकनीक और उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।

रोजगार के साथ स्टार्टअप पर फोकस
मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन में स्टार्टअप, कौशल विकास, उभरती तकनीक और रोजगार को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाले के बजाय नए उद्यम और रोजगार के अवसर पैदा करने वाले उद्यमी के रूप में आगे बढ़ाने का है।

राज्य सरकार की मौजूदा स्टार्टअप नीति भी स्थानीय प्रतिभाओं, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा स्टार्टअप को शुरुआती चरण से लेकर विस्तार तक सहायता देने पर केंद्रित है।

912 युवाओं को मिली सरकारी नौकरी, CM योगी ने नियुक्ति पत्र बांटकर दिया बड़ा संदेश

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हुए रविवार को 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें 173 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से युवाओं का शासन व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है। उनके अनुसार, चयन प्रक्रिया को विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति और प्रशिक्षण तक अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर सरकार का जोर है।

नवनियुक्त अभ्यर्थियों का चयन पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) जैसे पदों के लिए किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण 6 अक्टूबर से शुरू होगा।

CM योगी ने यह भी कहा कि सरकार आने वाले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न विभागों और भर्ती संस्थाओं के माध्यम से नियुक्तियों का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

शूटिंग में भारत का जलवा, एलावेनिल वालारिवन ने जीता एक और रजत पदक

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एशियन गेम्स 2026 के पहले ही दिन भारतीय शूटिंग टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में दूसरा सिल्वर मेडल डाल दिया। महिला 10 मीटर एयर राइफल के व्यक्तिगत फाइनल में एलावेनिल वालारिवन ने रजत पदक अपने नाम किया।

एलावेनिल ने फाइनल में 252.4 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहीं। जापान की हिनाता ताइची ने 253.0 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की बान ह्यो-जिन ने कांस्य पदक हासिल किया।

खास बात यह रही कि एलावेनिल का यह एक ही दिन में दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने सोनम मास्कर और विदर्सा विनोद के साथ मिलकर महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी सिल्वर जीता था। भारतीय टीम ने कुल 1898.0 अंक हासिल किए थे।

व्यक्तिगत फाइनल में एलावेनिल लंबे समय तक बढ़त बनाए हुए थीं और आखिरी चरण तक स्वर्ण पदक की दौड़ में बनी रहीं। हालांकि अंतिम शॉट्स में जापानी निशानेबाज ने बढ़त हासिल कर ली। इसके बावजूद एलावेनिल के दो सिल्वर पदकों ने एशियन गेम्स में भारत के अभियान की मजबूत शुरुआत कराई है।

भारत के लिए खास उपलब्धि: एशियन गेम्स के पहले दिन भारत के दोनों पदक शूटिंग में आए और दोनों ही सिल्वर रहे।

अमेरिका ने पश्चिम एशिया में नागरिकों के लिए जारी की सुरक्षा चेतावनी, यात्रा को लेकर बढ़ी सतर्कता

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पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और सऊदी अरब पर हालिया मिसाइल-ड्रोन हमलों के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए नई सुरक्षा चेतावनी जारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में मौजूद नागरिकों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और संभावित सुरक्षा घटनाओं पर नजर रखने की अपील की है।

अमेरिकी चेतावनी में कहा गया है कि क्षेत्र में हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। नागरिकों को संभावित उड़ान रद्द होने, हवाई क्षेत्र बंद होने और यात्रा में व्यवधान के लिए तैयार रहने तथा एयरलाइनों और स्थानीय अधिकारियों से ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।

अमेरिका ने पश्चिम एशिया के अलग-अलग देशों के लिए पहले से भी यात्रा सलाह जारी कर रखी है। उदाहरण के लिए, सऊदी अरब, कुवैत, ओमान और बहरीन के लिए अमेरिकी विदेश विभाग ने सुरक्षा जोखिमों के कारण यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है।

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच संघर्ष तेज हुआ है और क्षेत्र में मिसाइल तथा ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं से पश्चिम एशिया की सुरक्षा के साथ-साथ हवाई और समुद्री यातायात को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं।