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यूपी में आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को मिल सकती है बड़ी सौगात

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और अन्य मानदेय आधारित कर्मियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार आगामी अनुपूरक बजट में इनके मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा कर सकती है। इस फैसले का लाभ राज्यभर में लाखों महिला कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को मिलने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा वर्करों और अन्य संविदा एवं मानदेय कर्मियों के लिए सरकार सकारात्मक रुख अपनाए हुए है। प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर वित्त विभाग और संबंधित विभागों के बीच मंथन जारी है।

सरकार का मानना है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण अभियान और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में आशा वर्करों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके मानदेय में वृद्धि से न केवल उनका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।

सूत्रों के अनुसार, अनुपूरक बजट में सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का भी प्रावधान किया जा सकता है। हालांकि, मानदेय वृद्धि की अंतिम राशि और इससे लाभान्वित होने वाले सभी वर्गों का आधिकारिक ऐलान बजट पेश होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

यदि सरकार यह फैसला लागू करती है तो प्रदेश के लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों और अन्य मानदेय कर्मियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। अब सभी की नजरें योगी सरकार के अनुपूरक बजट पर टिकी हैं, जहां इस संबंध में औपचारिक घोषणा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल पर गरमाई सियासत, लोकसभा से पास होते ही राज्यसभा में विपक्ष का प्रदर्शन

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संसद के मानसून सत्र के दौरान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक को लोकसभा से पारित करा लिया। विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सरकार ने इसे न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने कई प्रावधानों पर सवाल उठाए।

लोकसभा में लंबी बहस के बाद विधेयक को बहुमत के आधार पर मंजूरी मिल गई। सरकार का कहना है कि संशोधन से न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक सुव्यवस्थित करने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि विधेयक के कुछ प्रावधानों पर पर्याप्त चर्चा नहीं कराई गई और व्यापक सहमति बनाने का प्रयास भी नहीं हुआ।

उधर, राज्यसभा में इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधेयक पर विस्तृत चर्चा और जवाब की मांग की। सदन में शोर-शराबे के कारण कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी हुई।

सरकार की ओर से कहा गया कि विधेयक पूरी संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए लाया गया है और इसका उद्देश्य न्यायपालिका की कार्यक्षमता को बेहतर बनाना है। वहीं विपक्ष ने सरकार से विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर पुनर्विचार करने और सभी पक्षों से व्यापक चर्चा करने की मांग दोहराई।

अब इस विधेयक पर राज्यसभा में आगे की चर्चा और मतदान पर सभी की नजरें टिकी हैं। सदन में सरकार और विपक्ष के बीच इसे लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने के आसार हैं।

सावन का पहला मंगला गौरी व्रत आज, सुहागिनों ने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए रखा उपवास

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सावन मास के पहले मंगलवार को मनाया जाने वाला पहला मंगला गौरी व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने मां पार्वती के मंगला गौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना की। कई स्थानों पर अविवाहित युवतियों ने भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा से व्रत रखा।

सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद विधि-विधान से मां मंगला गौरी का पूजन किया। पूजा में लाल वस्त्र, सुहाग सामग्री, फल, फूल, मिठाई और पंचामृत अर्पित किया गया। इसके साथ ही मंगला गौरी व्रत कथा का श्रवण कर आरती की गई।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन के प्रत्येक मंगलवार को रखा जाने वाला मंगला गौरी व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है, परिवार में खुशहाली आती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सावन माह भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान मंगला गौरी व्रत का विशेष महत्व है, क्योंकि इसे सौभाग्य, अखंड सुहाग और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

देशभर के शिव और शक्ति मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और मां गौरी का आशीर्वाद लेकर परिवार के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

20 टेस्ट, 12 महीने और भारत से 5 मुकाबले… ऑस्ट्रेलिया का सबसे व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल

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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम अगले 12 महीनों में व्यस्त टेस्ट कार्यक्रम से गुजरेगी। इस दौरान टीम कुल 20 टेस्ट मैच खेलेगी, जिसमें सबसे अधिक चर्चा भारत के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज को लेकर है। क्रिकेट प्रशंसकों को दोनों टीमों के बीच एक बार फिर रोमांचक और कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी।

ऑस्ट्रेलिया का यह टेस्ट कैलेंडर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है। लगातार टेस्ट मुकाबलों के कारण खिलाड़ियों की फिटनेस, टीम संयोजन और बेंच स्ट्रेंथ की भी बड़ी परीक्षा होगी। टीम प्रबंधन को तेज गेंदबाजों के वर्कलोड और प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देना होगा।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज दोनों देशों की प्रतिष्ठा के साथ-साथ WTC अंक तालिका के लिए भी निर्णायक साबित हो सकती है। हाल के वर्षों में दोनों टीमों के बीच टेस्ट क्रिकेट की प्रतिद्वंद्विता काफी रोमांचक रही है और हर मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार 20 टेस्ट मैच खेलना किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं पर भी भरोसा करना पड़ सकता है। दूसरी ओर भारतीय टीम भी इस बहुप्रतीक्षित सीरीज में अपनी मजबूत बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया को कड़ी चुनौती देने की तैयारी करेगी।

क्रिकेट जगत की नजरें अब दोनों दिग्गज टीमों के इस बहुप्रतीक्षित टेस्ट मुकाबले पर टिकी हैं, जिसे आने वाले वर्ष की सबसे बड़ी क्रिकेट सीरीज में से एक माना जा रहा है।

दिव्यांगजनों के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरणों का वितरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने जैसी पहलें दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में ऐसा समावेशी वातावरण तैयार किया जा रहा है, जहां दिव्यांगजन बिना किसी भेदभाव के अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने समाज से भी दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि उनके अधिकारों की रक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से दिव्यांगजन अधिक सशक्त, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनेंगे।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के कल्याण और उनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं पहलों की जानकारी भी साझा की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभाशाली बेटियों को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप की राशि प्रदान की

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की मेधावी छात्राओं को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप की राशि प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा सरकार शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली बेटियां प्रदेश और देश का भविष्य हैं। उनकी शिक्षा में किया गया निवेश समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव तैयार करता है। उन्होंने छात्राओं से पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई जारी रखने तथा अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार विभिन्न छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर रही है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप का उद्देश्य आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान कर मेधावी छात्राओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस आर्थिक सहायता से उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के अभिभावकों से भी बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में बेटियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल में हुए बलराम कृषि महोत्सव को वीसी में किसानों से किया संवाद

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से किसानों से संवाद किया। उन्होंने प्रदेश के किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाने, जल संरक्षण, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा फसलों के विविधीकरण पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को सिंचाई, बीज, उर्वरक, कृषि यंत्रों और बाजार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

वीसी के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से उनकी समस्याओं और सुझावों की जानकारी भी ली। किसानों ने विभिन्न योजनाओं से मिल रहे लाभ साझा किए और कृषि क्षेत्र में सरकार की पहल की सराहना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र किसान तक समय पर पहुंचे।

बलराम कृषि महोत्सव में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन और कृषि यंत्रीकरण से जुड़ी जानकारी दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की समृद्धि ही प्रदेश के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीकों और सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से प्रदेश का कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

अनुपम खेर की रील का बड़ा कमाल, 100 मिलियन व्यूज के साथ हुई वायरल

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की एक सोशल मीडिया रील इन दिनों इंटरनेट पर जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी इस रील ने 100 मिलियन (10 करोड़) व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है, जिसके बाद फैंस लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं। रील की लोकप्रियता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनुपम खेर सिर्फ बड़े पर्दे ही नहीं, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।

अनुपम खेर ने अपनी इस उपलब्धि की जानकारी खुद सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने दर्शकों और प्रशंसकों का आभार जताते हुए कहा कि लोगों का प्यार और समर्थन ही उन्हें लगातार बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है। उनकी पोस्ट पर हजारों लोगों ने कमेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और रील की जमकर तारीफ की।

रील में अनुपम खेर का अंदाज, उनकी सादगी और प्रेरणादायक संदेश दर्शकों को खूब पसंद आया। यही वजह रही कि वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और करोड़ों लोगों तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर इसे बड़े पैमाने पर शेयर भी किया जा रहा है।

वर्क फ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों और कई नए प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। अभिनय के साथ-साथ सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों से भी लगातार जोड़ रही है।

WTC में रिकॉर्डबुक बदलने को तैयार शुभमन गिल, सिर्फ 157 रन की दरकार

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भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल के सामने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में इतिहास रचने का सुनहरा अवसर है। गिल इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एक बड़ा भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम करने से महज 157 रन दूर हैं। यदि वह यह आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो WTC इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन जाएंगे। मौजूदा शानदार फॉर्म में चल रहे गिल से टीम इंडिया को बड़ी उम्मीदें हैं और क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें उनकी अगली पारी पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि क्या गिल इस उपलब्धि को हासिल कर भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जोड़ पाते हैं।

Gen Z तक पहुंचेगा RSS, 100 से ज्यादा शहरों में संवाद अभियान की तैयारी

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अब देश की युवा पीढ़ी, खासकर Gen Z तक अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी में है। इसी कड़ी में संघ प्रमुख मोहन भागवत देश के 100 से अधिक शहरों में युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व, भारतीय संस्कृति और संगठन की विचारधारा से जोड़ना बताया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, संवाद कार्यक्रमों में कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र, युवा पेशेवर, स्टार्टअप से जुड़े युवा और विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही नई पीढ़ी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। इन बैठकों में युवाओं को अपने सवाल रखने और विभिन्न समसामयिक विषयों पर खुलकर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रमों के दौरान मोहन भागवत युवाओं के सामने बदलते वैश्विक परिदृश्य, भारत की विकास यात्रा, सामाजिक समरसता, तकनीक, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। संघ का मानना है कि डिजिटल युग में युवाओं के साथ प्रत्यक्ष संवाद संगठन और नई पीढ़ी के बीच बेहतर समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संघ से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, इस अभियान की तैयारियां तेज कर दी गई हैं और विभिन्न राज्यों में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। संवाद अभियान चरणबद्ध तरीके से आयोजित होगा, जिसमें स्थानीय स्तर पर भी युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजी से बदलते सामाजिक और डिजिटल माहौल में Gen Z तक पहुंच बनाना किसी भी बड़े सामाजिक संगठन के लिए अहम माना जा रहा है। ऐसे में RSS का यह संवाद अभियान आने वाले समय में संगठन और युवाओं के बीच संपर्क का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।