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मध्य प्रदेश मे 63.88% मतदान हुआ, पिछले चुनाव के मुकाबले 13% कम

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लोकसभा उपचुनाव के लिए आज शाम मतदान (Voting) की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई। पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदाता की उदासीनता और नाराज़गी ज्यादा नज़र आई। शाम 6  बजे मतदान थमने तक इस लोकसभा क्षेत्र में मतदान 63.88 प्रतिशत ही रहा! विधानसभा वार देखें तो सर्वाधिक मतदान बागली में 67.74 प्रतिशत रहा, जबकि खंडवा विधानसभा क्षेत्र में यह 54.39 प्रतिशत ही रहा। मांधाता में 63.74, पंधाना में 67.12, नेपानगर में 69.72, बुरहानपुर में 64.34 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि, भीकनगांव में 64 प्रतिशत और बड़वाह में 60.1 प्रतिशत ही मतदान हुआ। अमूमन शहरी क्षेत्र खंडवा, बुरहानपुर और बड़वाह में ज्यादा उदासीनता दिखी। जबकि, ग्रामीण क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से स्थिति ठीक थी।

खंडवा लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। यहाँ भाजपा की कमान जहां स्वयं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने हाथ में ले रखी थी, तो कांग्रेस की कमान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के हाथ में थी। दोनों नेताओं ने खंडवा लोकसभा क्षेत्र में अनेक सभाएँ अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में की। भाजपा की तरफ से यहाँ ज्ञानेश्वर पाटिल उम्मीदवार हैं, तो कांग्रेस से राजनारायण सिंह। ज्ञानेश्वर पाटिल जहाँ खंडवा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, तो राजनारायण सिंह मांधाता से दो बार विधायक चुने गए है। इस चुनाव में कुल 16 प्रत्याशी मैदान में थे। लेकिन, मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है।

यहाँ से 6 बार सांसद रह चुके नंदकुमार सिंह चौहान के आकस्मिक निधन के कारण यह चुनाव की नौबत बनी। कोरोना संक्रमण के बाद यहाँ जनजीवन अभी तक पूरी तरह सामान्य भी नहीं हो सका, इसका असर इस चुनाव पर भी साफ नज़र आया। यहाँ आज सुबह से ही मतदान बहुत धीमी गति से शुरू हुआ और मतदान समाप्ति तक भी यह कुछ ख़ास गति नहीं पकड़ सका। किसी भी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की कतारे देखने को नहीं मिली।

यहाँ पिछले चुनाव में मतदान की स्थिति देखें तो जहाँ 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान 76. 90 प्रतिशत था वहीं इसके पहले 2014 में यह 71.48 प्रतिशत था। ये दोनों ही चुनाव में भाजपा के नंदकुमार सिंह चौहान ने विजयश्री हासिल की थी। 2019 में वे जहाँ 2 लाख 73 हजार 303 मतों से विजयी हुए थे, तो 2014 में यह अंतर 2 लाख 59 हजार 714 था। जबकि, 2009 में यहाँ मतदान गिरकर 60.01 प्रतिशत पर सिमट गया। तब यहाँ से कांग्रेस के अरुण यादव ने चौहान को 49 हजार 801 मतों से पराजित किया था।

हालाँकि, मतदान के घटते-बढते आंकड़ों से कोई अनुमान लगा पाना इस बार भी संभव नहीं है। फिर भी यह समझा जाता है कि खंडवा जो बीते तीन दशक से भाजपा के गढ़ में तब्दील हो गया, वहां मतदान का कम होना, भाजपा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं बुरहानपुर में जहाँ अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। मतदान का कम होना कांग्रेस के लिए मुश्किल बढ़ा सकता है। इधर, बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में भी मतदान का कम होना दिखाता है कि यहाँ भी विधायक सचिन बिरला के कांग्रेस में भाजपा में जाने से मतदाताओं में निराशा बढ़ाई है।

खंडवा जिले की दो विधानसभा क्षेत्रो के दो गाँवो में मतदाताओं ने अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। पंधाना विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर गांव के लोग अपने यहाँ सड़क की समस्या से परेशान थे। वहीं उनके गांव में मतदान केंद्र नहीं बनना भी उनकी नाराज़गी की वज़ह थी। इसी तरह मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नांदिया रैयत में भी सड़क के साथ ही राशन की दुकान और वहां कब्रिस्तान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। इसी तरह बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के खनगांव में लोगो ने बाँकुड नदी पर पुल बनाने की बरसों पुरानी मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया।

गौरतलब यह है कि किसी भी पार्टी के विधायक या नेता इन ग्रामीणों को समस्या के समाधान का वादा भी नहीं कर सके जिससे उनका विरोध थम पाता। जबकि, पिछले मांधाता विधानसभा उपचुनाव में भी ग्राम सिंधखेड़ा में भी ग्रामीण चुनाव के बहिष्कार पर आमदा थे। तब तत्कालीन सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने मोबाइल पर ही ग्रामीणों से चर्चा कर उनका भरोसा हासिल किया और वे मतदान पर राजी हुए। ज़ाहिर है इस क्षेत्र में अब चौहान जैसा कोई दूसरा कद्दावर नेता अब नहीं है, जो लोगो को चुनाव का बहिष्कार करने से रोक पाता।

जैन संत ने इंदौर में आत्महत्या की

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इंदौर : जैन संत विमद सागर महाराज ने lllआत्महत्या कर ली। यह घटना नंदानगर के एक जैन मंदिर के नजदीक की एक धर्मशाला में हुई। बताया गया कि उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। FSL की टीम भी जांच के लिए वहां पहुंच गई है।

संत का नाम आचार्य श्री 108 विमद सागर है। वे चातुर्मास के लिए इंदौर आए थे। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जानकारी जुटा रही है। जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु मौके पर जमा हैं। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका।
CSP निहित उपाध्याय के मुताबिक, नंदानगर जैन मंदिर के नजदीक एक धर्मशाला में जैन मुनि रुके थे। जानकारी मिलने पर परदेशीपुरा थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।

राजस्थान मे थानों और ऑफिस में नहीं बन सकेंगे पूजा स्थल

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जयपुर : राजस्थान के किसी पुलिस थाने या ऑफिस में अब कोई पूजा स्थल नहीं बन सकेगा(No Temples in Offices & Police Stations)| पुलिस आवास विभाग (Police Housing Department) के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) ए पोन्नूचामी ने आदेश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी ADG, IG, SP और पुलिस कमिश्नर के नाम यह निर्देश जारी किया है। जबकि, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी BJP ने यह आदेश वापस लेने की मांग की।

Rajasthan Police के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (Housing) ए पोन्नूचामी के मुताबिक, ‘राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल अधिनियम 1954’ के नियमों का पालन कराए जाने के बारे में जारी परिपत्र का मकसद थानों में धार्मिक स्थल का निर्माण कराकर अनावश्यक दखल की संभावना को रोकना है।

उन्होंने बताया कि आम लोगों को मिलने वाले न्याय को प्रभावित करने के कतिपय उदाहरण सामने आए थे। इसे ध्यान में रखते हुए 1954 में जारी आदेशों के पालन के लिए परिपत्र जारी किया गया।

न्यूजीलैंड के खिलाफ इन 11 योद्धाओं के साथ मैदान में उतर सकती है इंडिया

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अबू धाबी: आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2021 (ICC Men’s T20 World Cup 2021) में भारतीय टीम (India) का दूसरा मुकाबला 31 अक्टूबर को न्यूजीलैंड (New Zealand) क्रिकेट टीम के साथ है. दोनों टीमों के बीच यह रोमांचक मुकाबला दुबई स्थित दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Dubai International Cricket Stadium) में खेला जाएगा. इस मुकाबले में टॉस के लिए दोनों टीमों के कप्तान शाम सात बजे मैदान में उतरेंगे, वहीं मैच का असल रोमांच आधे घंटे बाद यानी शाम 7.30 बजे से शुरू होगा.

 

भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जानें वाले इस मुकाबले में T20 वर्ल्ड कप 2021 में बनें रहने के लिए हर हाल में जीत हासिल करनी होगी. ऐसे में कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) इस हाईवोल्टेज मुकाबले में पिछली बार की प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव कर सकते हैं. ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ निराशानजक प्रदर्शन करने वाले मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को बाहर बैठना पड़ सकता है. वहीं मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के उपर भी गाज गिर सकती है. चक्रवर्ती पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबले में काफी औसत दर्जे की गेंदबाजी करते नजर आए थे.

CBI Court ने छोटा राजन को गवाहों के अभाव में छोड़ दिया

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मुंबई : सीबीआई की स्पेशल कोर्ट (CBI Special Court) ने कुख्यात गैंगस्टर छोटा राजन (राजेंद्र सदाशिव निकलजे) को एक मामले में 38 साल बाद बरी किया। यह मामला अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Daud Ibrahim) के दुश्मन समझे जाने वाले छोटा राजन की अपराध जिंदगी की पहली FIR से जुड़ा है। 1983 में उस पर एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने का आरोप लगा था।

घटना के मुताबिक 1983 में एक टैक्सी में स्मगलिंग की शराब ला रहे छोटा राजन(Chhota Rajan) को तिलक नगर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने रोकने की कोशिश की थी।

उस दौरान छोटा राजन ने चाकू निकालकर एक पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला कर दिया था। शराब तस्करी मामले में छोटा राजन के खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ था।

छोटा राजन के वकील तुषार खंडारे ने बताया कि इस घटना के समय पुलिस टीम में दो अधिकारी और चार कॉन्स्टेबल थे। जबकि, राजन के साथ कार में दो अन्य साथी भी मौजूद थे।

तिलक नगर पुलिस के टैक्सी रोकने पर छोटा राजन ने चाकू निकालकर एक पुलिस अधिकारी पर हमला कर दिया था। पुलिस ने छोटा राजन और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया था। जबकि, एक साथी फरार हो गया।

छोटा राजन के साथ पकडे गए साथी को बाद में कोर्ट ने बरी कर दिया, छोटा राजन जमानत पर कोर्ट से बाहर निकल गया। लेकिन, राजन के खिलाफ मुकदमा चलता रहा।

वरिष्ठ IPS मिलिंद कानस्कर DG के वेतनमान में पदोन्नत

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भोपाल: राज्य शासन ने आज भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी मिलिंद कानस्कर को पदोन्नत कर विशेष पुलिस महानिदेशक वीसबल पुलिस मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया है। यह आदेश 1 नवंबर से लागू होगा। वे अभी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विसबल हैं।

शक्तिकांत दास बने रहेंगे RBI के गवर्नर

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नई दिल्ली: शक्तिकांत दास RBI गवर्नर बने रहेंगे । केंद्र सरकार की अपॉइंटमेंट कमिटी ऑफ कैबिनेट ने उनके नाम का अनुमोदन कर, रिअपॉइंटमेंट कर उन्हें 3 साल का एक्सटेंशन भी दिया गया है।

मप्र में IAS अधिकारियों के तबादले

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भोपाल: राज्य शासन ने आज IAS अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना आदेश जारी किए हैं।

LAC पर तनाव के बीच अग्नि-5 मिसाइल का सफल परीक्षण

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एलएसी पर चीन से चल रहे तनाव के बीच भारत ने बुधवार को जमीन से जमीन पर मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइल, अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया. बेहद सटीक मार करने वाली इस मिसाइल की रेंज करीब 5000 किलोमीटर है. जब इस मिसाइल को लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी उस वक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राजधानी दिल्ली में सेना के टॉप मिलिट्री कमांडर्स को संबोधित कर रहे थे.

बुधवार की शाम करीब 7.50 पर ओडिसा के अब्दुल कलाम आईलैंड से अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया गया.‌ ये मिसाइल तीन-चरणों में सोलिड फ्यूल-इंजन इस्तेमाल करती है और 5000 किलोमीटर तक दूरी के टारेगट पर सटीक निशाना लगा सकती है.

भारत किसी के खिलाफ इस मिसाइल का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा

रक्षा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर कहा कि अग्नि का सफल परीक्षण भारत की ‘न्यूनतम विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता’ के अनुरूप है और ‘नो फर्स्ट यूज़’ पर आधारित है. यानि भारत किसी के खिलाफ इस मिसाइल का पहले इस्तेमाल नहीं करेगा. बता दें कि अग्नि-5 का पहली बार वर्ष 2012 में परीक्षण किया गया था और तब से आधा दर्जन सफल परीक्षण हो चुके हैं. ये मिसाइल न्युक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम है. इस‌ बीच राजधानी दिल्ली में आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (एसीसी) को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विश्वास जताया कि चीन सीमा (नार्दन बॉर्डर) पर भारतीय सैनिक मजबूती के साथ डटे रहेंगे, लेकिन बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने की कोशिशें जारी रहेंगी.

रक्षा मंत्री राजनाथ ने की बीआरओ के प्रयासों की सराहना

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह हमारी राष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि हम अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए विपरीत मौसम और दुश्मन की सेना का सामना करने वाले अपने सैनिकों को सर्वोत्तम हथियार, उपकरण और कपड़ों की उपलब्धता सुनिश्चित करें. रक्षा मंत्री ने दूर-दराज के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे बीआरओ के प्रयासों की भी सराहना की ताकि वहां रहने वाले नागरिक जुड़े रहें और तेजी से विकास किया जा सके.

पश्चिमी सीमा यानि पाकिस्तान का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने सीमापार से चलाए जा रहे आतंकवाद के खिलाफ भारतीय सेना की जवाबी कारवाई की प्रशंसा की. जम्मू कश्मीर में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के साथ मिलकर सेना द्वारा शांति का माहौल स्थापित करने के लिए भी राजनाथ सिंह ने बधाई दी.

क्रूज ड्रग्‍स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को मिली बेल

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मुंबई क्रूज ड्रग्‍स मामले में आज आखिरकार बॉलीवुड स्‍टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) की जमानत मिल ही गई. बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने उन्‍हेंजमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. आर्यन के साथ ही इस मामले के दो अन्‍य आरोपियों अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को भी कोर्ट ने जमानत दे दी है.आर्यन खान की ओर से वरिष्‍ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई रिकवरी अधिकतम नहीं थी. मैं अरबाज के साथ गया था, जिनके पास 6 ग्राम थी, जिसे NCB ने साजिश के तहत कमर्शियल मात्रा जोड़ी है.जो पांच अन्य लोग कर रहे हैं वह मुझ पर  लागू किया जा  रहा है. जहाज पर 1300 लोग सवार थे. इस बात का कोई सबूत नहीं है कि मैं अरबाज और अचित आरोपी नंबर 17 को जानता था.  उनके पास 2.6 ग्राम था। डीलरों के पास 2.6gms नहीं है, उनके पास 200 ग्राम है. NCB कह रही है  यह संयोग नहीं है.  मामला यह है कि अगर यह संयोग नहीं है तो यह एक साजिश है. संयोग का साजिश से कोई लेना-देना नहीं है. यदि दो कमरे में दो लोग भोजन कर रहे हैं तो क्या आप पूरे होटल को पकड़ लेंगे?

गौरतलब है कि आर्यन खान और अन्‍य आरोपियों की जमानत याचिका पर  हाईकोर्ट में बुधवार को भी सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ( NCB) ने दो अक्टूबर को मुंबई के कोर्डेलिया क्रूज शिप (Mumbai Cruise ship) पर छापेमारी के दौरान आर्यन खान और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था. सेशन कोर्ट और मजिस्ट्रेट कोर्ट से उनकी जमानत अर्जी खारिज हो गई थी और वो मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद थे.

”आर्यन खान ड्रग्स केस की जांच करते रहेंगे समीर वानखेड़े, जब तक..”: एंटी-ड्रग्स एजेंसी

कल बुधवार को जब सुनवाई शुरू हुई थी तो अरबाज मर्चेंट की ओर से पेश अमित देसाई ने कहा था, ‘आर्यन, अरबाज और मुनमुन  के खिलाफ नशीली दवाओं की बिक्री, खरीद और उपयोग का आरोप है, लेकिन पंचनामा में ‘उपयोग’ के बारे में नहीं कहा गया. उपयोग करने के आरोप का कोई उल्लेख नहीं है.यह केवल व्यक्तिगत उपभोग के बारे में है, इसलिए गिरफ्तारी पंचानमे ने  ही साजिश की बात को खारिज कर दिया है.’देसाई ने कहा, ‘इस बात के साफ संकेत हैं कि यह consumption (ड्रग्‍स के) से ज्‍यादा का मामला नहीं है. अमित देसाई ने कहा,  हम सब जांच के  लिए उपलब्ध है. जांच की गई है और आगे कुछ भी बरामद नहीं हुआ है. हमें जमानत दी जानी चाहिए. ‘

नवाब मलिक ने समीर वानखेड़े पर उठाया सवाल- पूछा- वो दाढ़ी वाला कौन था, CCTV फुटेज दिखाओ

आर्यन खान की ओर से पेश हुए  मुकुल रोहतगी ने कहा था, आर्यन का अरेस्ट मेमो देखिए.एक जैसा है. इसमें जो आइटम हैं वो मुझसे (आशय आर्यन से है) बरामद नहीं हुए हैं जबकि कानून कहता है कि आपको इसके लिए सही और सही आधार देना चाहिए. रोहतगी ने कहा, ‘सीआरपीसी के सेक्‍शन 50 से अधिक महत्‍वपूर्ण संविधान का आर्टिकल 22 है. अरेस्‍ट किए जा रहे किसी भी व्‍यक्ति को गिरफ्तारी के आधार की जानकारी दिए बिना अरेस्‍ट नहीं किया जाएगा और ऐसे शख्‍स को अपनी पसंद के वकील से परामर्श करने का अधिकार होगा.’