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ग्रामीण मिलकर बनाये अपने गाँव का मास्टर प्लान : मुख्यमंत्री चौहान

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश को आदर्श राज्य बनाने के लिए ग्रामीणों का आव्हान किया है कि सभी एक दिन गाँव में बैठकर गाँव का मास्टर प्लान बनाये। राज्य सरकार उसी अनुरूप विकास की योजनाएँ बनाएगी। मुख्यमंत्री चौहान रविवार को सीहोर जिले के शाहगंज में 36 करोड़ 21 लाख के विभिन्न विकास कार्यो का लोकार्पण और भूमि-पूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के 797 हितग्राहियों के खाते में प्रथम किस्त की राशि 7 करोड़ 97 लाख रूपये भी अंतरित की। साथ ही विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में हितलाभ वितरित किये।

मुख्यमंत्री चौहान ने शाहगंज में हुए विकास कार्यो की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी मंशा है कि प्रदेश के हर क्षेत्र में इसी तरह से व्यवस्थित विकास हो। मुख्यमंत्री ने खातेगांव से बाड़ी के मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने, करीब एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाले बमोरी से शाहगंज तक नवीन मार्ग बनाने और शाहगंज अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों का आव्हान किया कि वे अपने गाँव को स्वच्छ बनाने के साथ शाहगंज नगर परिषद को देश की सबसे स्वच्छ नगर पंचायत बनाये।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वामित्व योजना में सर्वे करवाकर सभी को उनके आवास का मालिकाना हक दिया जाएगा। आवास प्लस सर्वे के आधार पर भी सभी को पक्के मकान दिए जाएँगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास ही नहीं शिक्षा और रोजगार भी सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में हर माह रोजगार मेले लगाकर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, पथ विक्रेता योजना और ग्रामीण आजीविका मिशन में बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराए जाएँगे। मुख्यमंत्री चौहान ने जन-प्रतिनिधियों से अपील की कि वे मेधावी बच्चों को आगे लाये, जिससे गरीब परिवार का कोई बच्चा उच्च शिक्षा से वंचित नहीं हो।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि किसानों के हर दुख-दर्द में सरकार उनके साथ है। अतिवृष्टि एवं ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को अगले महीने से फसल बीमा की राशि का वितरण शुरू किया जाएगा। कार्यक्रम को प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और सांसद रमाकांत भार्गव ने भी सम्बोधित किया। विधायक विजयपाल सिंह सहित निगम मंडल के अध्यक्ष और ग्रामीण उपस्थित थे।

बजट सत्र से पहले पीएम मोदी का विपक्ष को संदेश कहा – चुनाव चलते रहेंगे, गरिमा बनाए रखें

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नई दिल्ली : संसद के बजट सत्र की आज से शुरुआत होने वाली है। पहले दिन आज आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा। इसके बाद 1 फरवरी यानी मंगलवार को आम बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। इस बीच संसद का सेशन शुरू होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी है। उन्होंने संसद पहुंचने पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि चुनाव होते रहेंगे, लेकिन सांसद गरिमा को बनाए रखें। यही नहीं पीएम मोदी ने कहा कि यह बात सही है कि बार-बार चुनाव के कारण सत्र भी प्रभावित होते हैं और चर्चाएं भी प्रभावित होती हैं। लेकिन मैं सभी सांसदों से कहूंगा कि चुनाव तो चलते रहेंगे, लेकिन इस बजट सत्र में मौजूद रहें। यदि बजट फलदायी होगा तो फिर पूरा साल हमारे लिए अवसर होगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज की वैश्विक परिस्थिति में भारत के लिए बहुत अवसर मौजूद हैं। विश्व में भारत की आर्थिक प्रगति, भारत में वैक्सीनेशन का अभियान, अपनी खोजी हुई वैक्सीन एक विश्वास पैदा कर रही है। इस बजट सत्र में हमारी ओर से की गई चर्चा दुनिया पर एक छाप छोड़ सकती है। मैं आशा करता हूं कि सभी राजनीतिकल दल औैर सांसद खुले मन से चर्चा करके देश को प्रगति की राह पर ले जाने में मदद करेंगे। यह बात सही है कि बार-बार चुनाव के कारण सत्र भी प्रभावित होते हैं और चर्चाएं भी प्रभावित होती हैं। लेकिन मैं सभी सांसदों से कहूंगा कि चुनाव तो चलते रहेंगे, लेकिन इस बजट सत्र में गरिमा बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यदि बजट फलदायी होगा तो फिर पूरा साल हमारे लिए अवसर होगा।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आम बजट साल का खाता खुलने जैसा होता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाषण के साथ ही बजट सेशन की शुरुआत होगी। इसके बाद आज ही आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा। इसमें अब तक भारत की ओर से क्या आर्थिक प्रगति की गई और भविष्य के लिए क्या अनुमान है, यह बताया जाता है। इस सर्वे रिपोर्ट में देश के आर्थिक विकास का अनुमान भी बताया जाता है। सर्वे रिपोर्ट में आगामी वित्त वर्ष का भी एक खाका पेश कर दिया जाता है। देश की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ेगी या फिर धीमी रहेगी, इसकी जानकारी दी जाती है। इसके अलावा सर्वे में सरकार को कुछ सिफारिशें भी दी जाती हैं।

बीटिंग रिट्रीट के साथ गणतंत्र दिवस समारोह का समापन, 1000 स्वदेशी ड्रोन से जगमगाया आसमान

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हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस समारोह के समापन की प्रक्रिया यानी ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह दिल्ली में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। हर साल 29 जनवरी को इस खास बीटिंग रिट्रीट का आयोजन किया जाता है। इसमें तीनों सेनाएं मैजूद रहती हैं और समारोह के समापन के बाद सेनाएं अपने-अपने बंकर में वापस चली जाती हैं। इसके अलावा पुलिस बल के स्पेशल बैंड भी इसमें हिस्सा लेते हैं।

उल्लेखनीय है कि बीटिंग रिट्रीट के साथ 24 जनवरी से शुरू करीब एक सप्ताह के गणतंत्र दिवस समारोह का समापन होता है। हालांकि, सरकार ने इस साल से 23 जनवरी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से ही गणतंत्र दिवस समारोह शुरू करने का फैसला किया है।

आज के समारोह का मुख्य आकर्षण 1,000 ड्रोन का 10 मिनट का ड्रोन शो रहा। ये ड्रोन शो स्वतंत्रता के 75 वर्ष की स्मृति में आयोजित किया गया। मंत्रालय ने कहा कि ड्रोन शो स्टार्टअप ‘बोटलैब डायनेमिक्स’ द्वारा आयोजित किया गया और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समर्थित था।

ड्रोन और लेजर शो में, भारत की स्वतंत्रता के गौरवशाली इतिहास को याद किया गया। इस दौरान ड्रोन ने भारत के इतिहास से संबंधित विभिन्न संरचनाओं को दिखाया। ये सभी ड्रोन भारत में बने हैं। केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत 10 मिनट के शो की अवधारणा, डिजाइन, निर्माण और कोरियोग्राफ किया गया था।

जबलपुर हाई कोर्ट के आदेश पर सिंगरौली के भाजपा विधायक ने जमा किए एक लाख

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जबलपुर। हाई कोर्ट के पूर्व आदेश का परिपालन करते हुए सिंगरौली के भाजपा विधायक रामलल्लू वैश्य की ओर से जुर्माने के एक लाख रुपये जमा कर दिए गए। यह राशि अधिवक्ता आपदा कल्याण कोष में काम आएगी। मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की युगलपीठ ने तथ्य छिपाकर जनहित याचिका दायर करने व शपथपूर्वक गलतबयानी करने के रवैये को आड़े हाथों लेते हुए जुर्माना लगाया था। साथ ही भ्रमित करने की कोशिश संबंधी जनहित याचिका निरस्त कर दी थी।

सिंगरौली जिले के मधोली ग्राम निवासी विधायक रामलल्लू वैश्य की ओर से यह जनहित याचिका दायर की गई थी। बहस के दौरान कोर्ट को अवगत कराया गया था कि कोल इंडिया व नार्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड मिलकर उसकी जमीन पर अवैध रूप से कोयला खनन कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। इस मामले की सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता अंकित अग्रवाल ने कोर्ट को अवगत कराया था कि इस सम्बंध में जनहित याचिकाकर्ता व अनावेदकों के बीच पुराना विवाद है। जिसे लेकर हाई कोर्ट में तीन याचिकाएं, एक मिसलिनीयस अपील व एक सिविल रिविजन पहले से विचाराधीन हैं। इसके बावजूद जनहित याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका में शपथपत्र पर उल्लेख किया है कि इस संबंध में किसी भी कोर्ट मे कोई मामला लंबित नहीं है, न ही दायर किया गया है। जब गलती पकड़ गई तो जनहित याचिकाकर्ता की ओर से क्षमायाचना सहित जनहित याचिका वापस लेने का निवेदन किया गया। इस पर कोर्ट ने सख्ती बरतते हुए साफ किया कि इस तरह के मामले में क्षमा नहीं किया जा सकता। लिहाजा, जुर्माना राशि जमा कराई जाए।

एसबीआई ग्राहकों के लिए अच्छी खबर, बैंक ने बढ़ाई FD की ब्याज दरें

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट के रेट को बढ़ा दिया है। एसबीआई ने इससे पहले छोटी अवधि की एफडी पर ब्याज दरें बढ़ाई थीं। अब बैंक ने सप्ताह के अंदर दूसरी बड़ी वृद्धि की है। स्टेट बैंक के मुताबिक इस बार दस वर्ष की अवधि वाली एफडी पर ब्याज दरें बढ़ाई गई हैं। एसबीआई ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी है।

लागू हुई ब्याज दरें

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्याज दरें 22 जनवरी से लागू हो गई हैं। हालांकि इसकी घोषणा 25 जनवरी को की गई। फिक्स्ड डिपॉजिट की बढ़ी हुई ब्याज दरें दो करोड़ से कम रकम पर लागू की गई है। एसबीआई के अनुसार सात दिन से 10 वर्ष तक की एफडी पर ब्याज दरें बढ़ाई गई हैं। बैंक ने 10 बेसिस पॉइंट वृद्धि की है।

कितनी बढ़ी ब्याज दरें

एफडी रेट बढ़ने के बाद एसबीआई अपने ग्राहकों को दो करोड़ से कम रकम पर 5.10% ब्याज देगा। पहले ब्याज दर 5 प्रतिशत थी। हफ्ते भर के अंदर स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों को तोहफा दिया है। वहीं सीनियर सिटीजन के ब्याज को भी बढ़ा दिया है। उन्हें 2 करोड़ से कम की एफडी पर 5.60% ब्याज मिलेगा।

कमिश्नर और कलेक्टर सुन लें किसी ने गड़बड़ी की तो छोड़ूंगा नहीं-सतना मे मुख्यमंत्री की दो टूक

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सतना। शनिवार को हितग्राही सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में रैगांव विधानसभा के ग्राम दुर्गापुर पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वालों को कड़ी चेतावनी दी। इसके साथ ही ग्राम वासियों द्वारा राशन वितरण में लापरवाही की शिकायत करने पर मुख्यमंत्री भड़क गए और तुरंत कलेक्टर को राशन दुकान का निरीक्षण कर जांच करने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राशन में गड़बड़ी करने वालों को वे छोड़ेंगे नहीं। उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहा कि यहां कमिश्नर और कलेक्टर दोनों मौजूद हैं, सुन लें मैं गड़बड़ी करने वालों को छोड़ूंगा नहीं। मुख्यमंत्री ने मंच से ही योजनाओं की जानकारी भी दी और योजनाओं के हितग्राहियों को चेक भी प्रदान किए। दुर्गापुर में दुर्गा स्व-सहायता समूह की बहनों से भेंट कर समूह द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया एवं गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान स्व सहायता समूह की बहनों ने सीएम को समूह द्वारा निर्मित जैकेट भेंट की। अंत में उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों की बैठक भी ली और बूथ विस्तार सहित संगठन एप की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने भाषण में यह कहा : मुख्यमंत्री ने दुर्गापुर में मंच से कहा कि रैगांव में पानी की थोड़ी कमी है। उसे दूर किया जाएगा। बाणसागर से 5 विकासखंडों के एक हजार गांव और बाणसागर फेस-2 में 785 गांव, जिनमें दुर्गापुर और आसपास के गांव जोड़कर पाइप लाइन बिछाकर पानी की टंकी बनाकर टोंटी वाले नल से पानी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैगांव क्षेत्र के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जनदर्शन के दौरान की गई सभी घोषणाएं पूरी हाेंगी। दुर्गापुर के आमजनाें ने जो प्यार दिया है, उसे क्षेत्र के विकास कार्यों के रूप में हमारी सरकार ब्याज सहित वापस करेगी। गांव में खेती के विकास के लिए इमरहा नाला पर बांध बनाया जाएगा। इसमें डूब में आने वाली 35 हेक्टेयर वन भूमि के संबंध में कलेक्टर और डीएफओ मिलकर रास्ता निकालें। वन भूमि के बदले राजस्व भूमि देकर यहां बांध बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में 40 लाख से अधिक लाडली लक्ष्मी बेटियां हैं। जब इन बेटियों को देखता हूं तो मन प्रसन्नता और उमंग से भर जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान का लाड़ली लक्ष्मी योजना की बालिकाओं एवं उनकी माताओं द्वारा अभिनंदन एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट और रेवेन्यू विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि दुर्गापुर में सर्वे कर सुचारू बिजली की व्यवस्था के लिए जितने जरूरी हैं उतने ट्रांसफार्मर का इंतजाम किया जाएगा। कोविड की तीसरी लहर में अभी खतरनाक स्थिति नहीं बनी है। लेकिन कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन अवश्य करें। जिन्होंने अभी तक टीका नहीं लगवाया है वह टीका जरूर लगवाएं। मैं प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने सबको मुफ्त में टीका उपलब्ध कराया।

गरीबों के अधिकार को छीनने नहीं देंगे : मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मैंने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि गड़बड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। गरीबों के अधिकार हम किसी को छीनने नहीं देंगे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रतिवर्ष किसानों को 6-6 हजार रुपये देते हैं और मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 4 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। प्रदेश के 78 लाख से अधिक किसानों को प्रति वर्ष 10-10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो किसान भाई योजना से शेष रह गए हैं उन्हें अभियान चलाकर जोड़ा जाएगा। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। आजीविका स्व सहायता समूह को बहनों को सशक्त करना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारा प्रयास है कि मेरी हर बहन की आमदनी दस हजार रुपया हो। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि कई स्व सहायता समूह बेहतर कार्य कर रहे हैं। हमने महीने में एक बार रोजगार दिवस मनाने का फैसला किया है। 25 फरवरी को फिर रोजगार दिवस के रूप में मनाया जाएगा। और अलग-अलग काम धंधों के लिए लोन उपलब्ध कराया जाएगा।हमने मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना शुरू की है। जिन घरों में एक से अधिक परिवार एक साथ रह रहे हैं, एक परिवार अर्थात पति, पत्नी और उनके बच्चे। ऐसे परिवारों को योजना के तहत भूखण्ड देकर रहने की जमीन का मालिक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा आप सभी से आग्रह है कि साल में एक दिन अपने गांव का जन्मदिन जरूर मनाएं। साल में एक दिन गांव के सभी लोग बैठकर अपने गांव के विकास की रूपरेखा तय करें। सरकार भी आपके साथ है।

घायल पुलिसकर्मियों की ली जानकारी : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा से घायल पुलिस कर्मियों की जानकारी ली और उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए कामना करते हुए उचित इलाज की व्यवस्था करने निर्देश दिए। दरअसल मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए सतना से दुर्गापुर जा रही पुलिस पार्टी का वाहन एक अन्य कार से टकरा गया था जिसके कारण लगभग आठ पुलिस कर्मी घायल हो गए थे जिन्हें सतना के जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है।

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, 10 फरवरी से 7 मार्च तक एग्जिट पोल पर रोक

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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए एग्जिट पोल पर रोक लगा दी है। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से 7 मार्च तक एक्जिट पोल पर बैन रहेगा। प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर कोई एग्जिट पोल जारी नहीं किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने कहा है कि 10 फरवरी को सुबह 7 बजे से 7 मार्च को शाम 6.30 बजे तक एग्जिट पोल पर रोक लगाई जा रही है। चुनाव आयोग ने जारी आदेश में कहा है कि कोई भी इस नियम का पालन नहीं करता है उसे दो साल तक की जेल हो सकती है। उस पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 ए (संक्षिप्त रूप से आरपी अधिनियम, 1951) में यह प्रावधान है कि कोई भी व्यक्ति एक्जिट पोल नहीं करेगा और इस अवधि के भीतर एक्जिट पोल का परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा। इस संबंध में चुनाव आयोग द्वारा अधिसूचित अवधि के दौरान प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या किसी अन्य तरीके से प्रकाशन या प्रचार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो इस धारा के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास, जिसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि यह जनमत सर्वेक्षण चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। इससे मतदाता भ्रमित हो रहे हैं। सपा प्रदेश अध्यक्ष ने चुनाव आयोग से कहा है कि समाचार चैनलों द्वारा ओपिनियन पोल दिखाना चुनाव आचार संहिता का घोर उल्लंघन है।

प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने आयोग से मांग की थी कि 21 जनवरी को उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान के लिए नामांकन प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है, लेकिन समाचार चैनलों पर लगातार ओपिनियन पोल दिखाए जा रहे हैं, जिससे मतदाता भ्रमित हो रहे हैं, इसलिए ऐसे जनमत सर्वेक्षणों पर रोक लगाने की आवश्यकता है क्योंकि यह चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं।

CM शिवराज ने की महाकाल मंदिर परिसर विस्तार योजना के कार्यों की समीक्षा

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भोपाल।  उज्‍जैन में कोटि तीर्थी को इस तरह विकसित करें कि यहां भव्यता और दिव्यता की अनुभूति हो। रुद्रसागर में जल शुद्ध रहे। संपूर्ण क्षेत्र आकर्षक लगे। अक्षरधाम या ऐसे ही अन्य तीर्थ स्थानों की तरह यहां जन आकर्षण बढ़ाया जाए। संपूर्ण क्षेत्र भगवान शिव की महिमा का दर्शन करवाने वाला हो। महाकाल मंदिर परिसर विस्तार योजना के काम अगले मीन माह में व्यवस्थित रूप से पूरे कर लिए जाएं।

यह निर्देश मुख्यमंत्री शि‍वराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को उज्जैन में संचालित निर्माण कार्य और सौंदर्यकरण योजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए। साथ ही कहा कि लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में पदस्थ विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी आनंद कुमार शर्मा की पुस्तक महाकाल के अद्भुत प्रसंग का विमोचन किया गया।

बैठक में उज्जैन के कलेक्टर आशीष सिंह ने महाकाल मंदिर परिसर क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान बताया गया कि पहले और दूसरे चरण में 425 करोड रुपये विभिन्न् कार्यों पर खर्च किए जा रहे हैं। इन कार्यों के पूरा होने पर महाकाल महाराज मंदिर परिसर और अन्य स्थानों पर सुविधाओं का विकास होगा। यह कार्य आने वाले सिंहस्थ 2028 की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नगर के सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए जो भी जरूरी काम हैं, उन्हें जल्द पूरा किया जाए। महाकाल मंदिर के अलावा अन्य स्थानों का इस तरह विकास हो जिससे श्रद्धालु और पर्यटक एक-दो दिन रुकना चाहें। यात्रा के बाद पूर्ण आनंद और संतोष का भाव लेकर जाएं।

मध्‍य प्रदेश में पदोन्नति के लिए अभी और इंतजार, डाटा विश्लेषण के बाद आएगा फैसला

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भोपाल( । पदोन्नति में आरक्षण मामले का फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मुद्दे तय कर दिए हैं। अब इन्हीं मुद्दों को आधार बनाकर केंद्र और राज्यों की सरकार पदोन्न्ति को लेकर निर्णय लेंगी, लेकिन मध्य प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचितजाति (एससी) एवं अनुसूचित जनजाति (एसटी) के डाटा को लेकर जो पैमाना तय किया है। उसके हिसाब से मध्य प्रदेश की पूरी तैयारी है, पर राज्य को लेकर फैसला अभी नहीं आया है। सुप्रीम कोर्ट 24 फरवरी से राज्यवार सुनवाई शुरू करेगा। पहले केंद्र सरकार के मामले सुने जाएंगे और फिर राज्यों के। तब मध्य प्रदेश का डाटा कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिसके विश्लेषण के बाद प्रदेश के संदर्भ में फैसला आएगा।

प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों का पौने छह साल बाद भी पदोन्नति का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के वकील मनोज गोरकेला कहते हैं कि सरकार ने जिन मुद्दों की ओर सुप्रीम कोर्ट का ध्यान दिलाया था। उन पर स्थिति अब साफ हो गई है। अब पदोन्नति के नए नियम बनाने की भी जरूरत नहीं है।

वे कहते हैं कि कोर्ट ने एससी-एसटी के जिस तरह के डाटा की बात की है, प्रदेश में वह तैयार है। हमारे पास संवर्गवार, वर्गवार और विभागवार डाटा उपलब्ध है। बस अब राज्य के संदर्भ में कोर्ट के फैसले का इंतजार है। गोरकेला कहते हैं कि 24 फरवरी से राज्यवार सुनवाई शुरू होगी, तब प्रदेश का डाटा कोर्ट में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने डाटा या रिव्यू का समय तय करने का दायित्व राज्यों की सरकार पर छोड़ दिया है। वर्ष 2006 में आए एम.नागराज फैसले को आधार बनाकर कुछ राज्यों में वर्ष 1994 वालों को पदावनत (रिवर्ड) कर दिया था। उन्हें भी राहत मिल गई है।

60 हजार कर्मचारी हो गए सेवानिवृत्त

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वर्ष 2016 में ‘मप्र लोक सेवा (पदोन्नति) नियम 2002″ खारिज किया है। प्रदेश के कर्मचारी लगभग पौने छह साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। इस अवधि में 60 हजार से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनमें से करीब 32 हजार कर्मचारियों को बगैर पदोन्नति के सेवानिवृत्त होना पड़ा है। सरकार ने वर्ष 2018 में सेवा की अवधि दो साल बढ़ाकर 62 साल कर दी थी। वरना, सेवानिवृत्त होने वालों का आंकड़ा 75 हजार के पार हो जाता।

पंडित जसराज सांस्कृतिक फाउंडेशन: संगीत सांसरिक कर्तव्यों का बोध कराता है, अनंत तक गूंजता है- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पंडित जसराज सांस्कृतिक फाउंडेशन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आज पंडित जसराज जी की पुण्य अवसर है। इस दिन पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन की स्थापना के इस अभिनव कार्य के लिए मैं बधाई देता हूं। विशेष रूप से मैं दुर्गा जसराज जी और पंडित सारंगदेव जी को शुभकामनाएं देता हूं। पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि उनकी शास्त्रीय विरासत को आप सब आगे बढ़ा रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि संगीत एक ऐसा माध्यम है, जो हमें सांसारिक कर्तव्यों का बोध कराता है। सांसारिक मोह से भी मुक्ति भी कराता है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘संगीत की खासियत भी यही है कि आप उसे छू भले ही नहीं सकते, लेकिन वो अनंत तक गूंजता रहता है।’ उन्होंने कहा कि संगीत एक गूढ़ विषय है। मैं इसका बहुत जानकार नहीं हू। हमारे ऋषियों ने स्वर और नाद को लेकर जितना व्यापक ज्ञान दिया। वो अद्भुत है।

पीएम मोदी ने कहा कि पंडित जसराज कल्चरल फाउंडेशन का प्राथमिक उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय विरासत कला, संस्कृति की रक्षा करना और इसका विकास और प्रचार करना होगा। मुझे जानकर अच्छा लगा कि ये फाउंडेशन उभरते हुए कलाकारों को सहयोग देगा और आर्थिक रूप सक्षम बनने के लिए प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि जब टेक्नोलॉजी का प्रभाव हर क्षेत्र में है, तो संगीत के क्षेत्र में भी टेक्नोलॉजी और आईटी का रिवॉल्यूशन होना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा, ‘देश में ऐसे स्टार्ट अप तैयार हों जो पूरी तरह संगीत को डेडिकेटेड हों, भारतीय वाद्य यंत्रों पर आधारित हों, भारत के संगीत की परंपराओं पर आधारित हों। उन्होंने आगे कहा कि काशी जैसे अपनी कला और संस्कृति के केन्द्रों का पुनर्जागरण कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति प्रेम को लेकर हमारी जो आस्था रही है