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टीवी के बाद ओटीटी पर राज करेंगी Ekta Kapoor

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टीवी के बाद ओटीटी पर राज करेंगी Ekta Kapoor
4 साल पहले छोटे पर्दे की मशहूर निर्माता एकता कपूर का रियलिटी शो लॉक अप आया था, जिसे अभिनेत्री कंगना रनौत ने होस्ट किया था। कुछ महीने पहले ये खबर सामने आई थी कि मेकर्स लॉक अप सीजन 2 (Lock UPP 2) की तैयारी में लगे हुए हैं और अब इसका कन्फर्मेशन भी आ गया है।

लॉक अप 2 का आधिकार एलान हो गया है और शो की रिलीज डेट भी सामने आ गई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि एकता कपूर का ये रियलिटी शो नए सीजन के साथ कब और कहां ऑनलाइन स्ट्रीम होने जा रहा है।

कब और कहां आएगा लॉक अप 2
लॉक अप सीजन 2 की ऑफिशियल अनाउंसमेंट के साथ ही फैंस की एक्साइटमेंट सातवें आसमान पर पहुंच गई है और वे इसकी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। गौर करें लॉक अप 2 की ओटीटी रिलीज की तरफ तो मंगलवार को मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स इंडिया की तरफ से एकता कपूर लॉक अप 2 की आधिकारिक घोषणा गई है।

इसके साथ ही नेटफ्लिक्स के एक्स हैंडल पर लॉक अप 2 का पहला प्रोमो वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे फेमस शहरों की सड़कों पर कुछ लोग हाथों में हथकड़ी, शरीर पर लाल कपड़े और चेहरे पर लाल मास्क पहने हुए घूमते हुए नजर आ रहे हैं। उनके साथ कुछ सिक्योरिटी गार्ड्स भी दिख रहे हैं, जो बॉकी टॉकी और लॉक प्रिटेंट जैकेट को पहने हुए हैं।

दुनिया के दो स्‍टेडियम की पिचों से नाखुश हुआ ICC

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दुनिया के दो स्‍टेडियम की पिचों से नाखुश हुआ ICC
इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच हुए लॉर्ड्स टेस्ट की पिच से आईसीसी नाखुश है। उन्होंने लंदन में हुए इस टेस्ट की पिच को असंतोषजनक बताते हुए एक डीमेरिट पाइंट भी दिया है।

आईसीसी ने यही फैसला गद्दाफी स्टेडियम की पिच पर भी सुनाया है। लाहौर के इस स्टेडियम में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का तीसरा वनडे मैच खेला गया था। इस पिच को भी असंतोषजनक बताते हुए इसे भी एक डीमेरिट पाइंट दिया गया।

रिपोर्ट में क्‍या बताया गया
लार्ड्स मामले में रिपोर्ट मैच रेफरी एंडी पायक्राफ्ट ने बनाई थी जबकि गद्दाफी स्टेडियम में ये काम ग्रेम ला ब्रूय ने किया। इन रिपोर्टों में मैच अधिकारियों और कप्तानों द्वारा जताई गई चिंता भी शामिल थी।

पायक्राफ्ट ने लिखा कि लार्ड्स की पिच में पूरे टेस्ट के दौरान बहुत ज्यादा सीम मूवमेंट देखने को मिला। कई बार गेंद बहुत ज्यादा नीची भी रही। पिच की वजह से बल्ले के मुकाबले गेंद का पलड़ा बहुत ज्‍यादा भारी हो गया था।

ममता सरकार के फैसले को बदलेंगे CM शुभेन्दु अधिकारी

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ममता सरकार के फैसले को बदलेंगे CM शुभेन्दु अधिकारी
पश्चिम बंगाल की कमान संभालने के बाद शुभेन्दु अधिकारी एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने हाल ही सीबीआई को जांच के लिए खुली छुट दी है। इसी कड़ी में उन्होंने एक और बड़ा फैसला लिया है। सीएम शुभेन्दु अब ममता बनर्जी की सरकार के फैसला बदलने जा रहे हैं। बता दें कि तत्कालीन बंगाल सरकार ने दीघा में जगन्नाथ मंदिर की स्थापना और उद्घाटन किया था। उसका नाम ‘जगन्नाथ धाम’ रखा गया था। अब बीजेपी सरकार इसका नाम बदलने जा रही है।

‘हम धाम शब्द हटाएंगे, पूजा-अर्चना जारी रहेगी’
पुरबा मेदिनीपुर में मीडिया से करते हुए शुभेन्दु ने कहा कि मैं इस पत्र को स्वीकार कर रहा हूं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि तत्कालीन सरकार ने इसे सांस्कृतिक केंद्र के रूप में मान्यता दी थी। हम ‘धाम’ शब्द हटा देंगे। सांस्कृतिक केंद्र परिसर बना रहेगा और पूजा-अर्चना जारी रहेगी। पूरा परिसर मंदिर के रूप में कार्य करेगा, लेकिन ‘धाम’ शब्द हटा दिया जाएगा। मुझे भी लगता है कि पिछली सरकार ने जनता की भावनाओं की अनदेखी की थी।

‘धाम’ नाम पर जताई गई थी आपत्ति
हावड़ा में भाजपा सांसद संबित पात्रा ने मामले में मीडिया से बात की। संबित पात्रा ने कहा कि सभी को पता है कि अप्रैल 2025 में तत्कालीन बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने दीघा में जगन्नाथ मंदिर की स्थापना और उद्घाटन किया था। उसका नाम ‘जगन्नाथ धाम’ रखा गया था। उन्होंने आगे कहा कि हमें जगन्नाथ मंदिरों के प्रचार या विस्तार पर कोई आपत्ति नहीं है। उस समय भी हमारे मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और हम सभी ने ‘धाम’ नाम के इस्तेमाल की आलोचना की थी।

जमीन से आसमान तक अभेद सुरक्षा, 12 परमाणु हथियार पहली बार तैनात

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जमीन से आसमान तक अभेद सुरक्षा, 12 परमाणु हथियार पहली बार तैनात
न्यूक्लियर सबरमरीन पर तैयार रखा है. हाल ही में जारी SIPRI की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के पास करीबन 190 न्यूक्लियर हथियार हैं. पिछले कुछ सालों में इनमें इजाफा भी हुआ है.

यह बदलाव भारत के न्यूक्लियर ट्रायड यानी हवाई, जमीन और समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है. भारत मिसाइलों को कैनिस्टर और समुद्री डिटरेंस पेट्रोलिंग जैसे फैसले भी ले रहा है. भारत का न्यू्क्लियर कार्यक्रम हमेशा से रक्षा करने का रहा है. हमला का नहीं रहा है.

क्या बदल गई नीति?
अब सवाल उठ रहा है कि भारत की नीति बदल गई है, तो ऐसा नहीं है. भारत की न्यूक्लियर पॉलिसी नो फर्स्ट यूज पर आधारित है. ऐसे में भारत कभी भी न्यूक्लियर अटैक पहले नहीं करेगा. ये हमला सिर्फ जवाबी कार्रवाई होगी. यानी अगर कोई देश भारत पर न्यूक्लियर हमला करता है, तो उसपर यह हमला किया जाएगा. इसका मकसद सिर्फ दुश्मनों को रोकना है.

परमाणु हथियारों पर भारी खर्च कर रहे अमेरिका और चीन, भारत ने भी बढ़ाया
परमाणु हथियारों पर भारत भारी खर्च कर रहा है. इंटरनेशनल कैंपेन टू एबोलिश न्यूक्लियर वेपन्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2025 में एटमिक वेपन पर होने वाला वैश्विक खर्च अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इस में दावा किया गया है कि भारत ने भी एटमिक वेपन्स पर अपना खर्च बढ़ाया है. खुल खर्च के मामले में चीन से काफी पीछे और अमेरिका से बहुत पीछे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में दुनिया में परमाणु हथियारों पर कुल मिलाकर 119 अरब डॉलर खर्च हो चुका है.

मध्य प्रदेश सरकार ने हटाया दो बच्चों की सीमा वाला प्रस्ताव

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मध्य प्रदेश सरकार ने हटाया दो बच्चों की सीमा वाला प्रस्ताव
मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी से जुड़े नियमों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो बच्चों की अधिकतम सीमा से जुड़े प्रस्तावित नियम को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रारूप में दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवारों को शासकीय सेवा के लिए अपात्र मानने का प्रावधान रखा गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस प्रारूप को तत्काल प्रभाव से पोर्टल से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

दरअसल सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अब नया संशोधित प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसमें दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी से अपात्र मानने वाला प्रावधान शामिल नहीं रहेगा। यह फैसला मुख्यमंत्री द्वारा मामले का संज्ञान लेने के बाद लिया गया है।

जानिए क्या था पुराना प्रावधान?
जानकारी दे दें कि मध्य प्रदेश में यह नियम पहली बार साल 2001 में लागू किया गया था। उस समय की सरकार ने फैसला लिया था कि 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवार सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। यह नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के तहत लागू किया गया था।

इसके अलावा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में भी दो से अधिक बच्चों को कदाचार की श्रेणी में रखा गया था। इसका असर सीधी भर्ती और कुछ विभागीय नियुक्तियों पर पड़ता था। हाल ही में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्तावित नए प्रारूप में भी इस प्रावधान को शामिल किया गया था। दरअसल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में निर्देश देते हुए कहा है कि प्रस्तावित प्रारूप को तत्काल निरस्त किया जाए। इसके साथ ही विभाग को आदेश दिए गए हैं कि वर्तमान ड्राफ्ट को पोर्टल से हटाकर नया प्रारूप विधिवत प्रकाशित किया जाए।

सरकार का नया आदेश
वहीं सामान्य प्रशासन विभाग को दिए गए निर्देशों में साफ कहा गया है कि दो से अधिक जीवित संतान होने के आधार पर सरकारी नौकरी से अपात्र घोषित करने वाले नियमों को नए प्रारूप से हटाया जाए। इसके बाद विभाग अब नए संशोधित नियम तैयार करेगा। दरअसल सरकार के फैसले के बाद अब पुराना प्रारूप पोर्टल से हटाया जा रहा है। नए ड्राफ्ट में भर्ती और सेवा नियमों से जुड़े संशोधित प्रावधान शामिल किए जाएंगे। फिलहाल सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि दो बच्चों की अधिकतम सीमा वाला प्रस्तावित नियम लागू नहीं किया जाएगा।

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द

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राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है, कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रिटर्निंग ऑफिसर ने ख़ारिज कर दिया है, चुनाव अधिकारी का ये फैसला भाजपा प्रत्याशियों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद आया, यानि अब मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की तरफ से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं है।

मध्य प्रदेश में पिछले दो दिन से चढ़ा सियासी पारा आज उस समय और उबाल पर आ गया जब खबर आई कि BJP ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारों पर आपत्ति जताई है, भाजपा की तरफ से कहा गया कि नामांकन फॉर्म के साथ मीनाक्षी नटराजन ने जो शपथ पत्र दिया है उसमें जानकारी छिपाई है उन्होंने उनके खिलाफ चल रहे सभी आपराधिक मामलों की जानकारी इसमें नहीं दी है, इसलिए उनका नामांकन रद्द किया जाये।

BJP ने अपराधिक रिकॉर्ड छिपाने पर जताई आपत्ति
मध्य प्रदेश विधानसभा आज सियासी अखाड़ा बन गई, भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवारों ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए उनके नामांकन फॉर्म की कमियों को जब उजागर किया तो बवाल मच गया , जैसे ही ये खबर मीडिया में आई कांग्रेस नेताओं में खलबली मच गई, जीतू पटवारी , उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह सहित कई नेता विधानसभा पहुंच गए, कई अन्य नेता भी पहुंच गए और हंगामा होने लगा।

विधानसभा में हंगामा, शोर शराबा
उधर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह सहित भाजपा के अन्य मंत्री, पदाधिकारी भी मौजूद थे आमना सामना होने पर माहौल गरमा गया शोर शराबा होने हालाँकि वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने समझाइश देकर सबको शांत किया, भाजपा ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म में कई कमियां है इसलिए उसे रद्द किया जाये.,भाजपा के प्रत्याशियों ने मीनाक्षी नटराजन पर आपराधिक केस और संपत्तियों का विवरण छिपाने के आरोप लगाए, उनके वकील ने मीडिया को इसकी विस्तार से जानकारी भी दी।

भाजपा के वकील ने बताई मीनाक्षी के फॉर्म की गड़बड़ियाँ
भाजपा की तरफ से मौजूद वकील संकेत गुप्ता ने तेलंगाना में दर्ज एक अपराधिक मामले की जानकारी देते हुए मीडिया को उसका प्रूफ दिखाया और हैदराबाद कोर्ट के समन दिखाया, यही दस्तावेज भाजपा ने अपनी आपत्ति में दिए, एडवोकेट संकेत गुप्ता ने कहा मीनाक्षी नटराजन के नामांकन फॉर्म में सिर्फ आपराधिक रिकॉर्ड ही नहीं छिपाया गया उनके फॉर्म ए और फोएम बी में जो संपत्ति की जानकारी दी गई उसमें भी भिन्नता है।

हेलियन की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का CM मोहन यादव ने किया वर्चुअल भूमिपूजन

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हेलियन की पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का CM मोहन यादव ने किया वर्चुअल भूमिपूजन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने 8 जून को पीथमपुर में स्थापित होने जा रही हेलियन ग्रुप की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का रिमोट से सांकेतिक भूमिपूजन किया। इस भूमिपूजन समारोह (वर्चुअल ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी) को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज पूरी दुनिया में ‘फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड’ के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। आज दुनिया भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद उत्पादन केंद्र, वैश्विक सप्लाई चेन पार्टनर और आर्थिक महाशक्ति के रूप में भी देख रही है।”

सीएम यादव ने कहा, ” भारत को ‘ग्लोबल फार्मा हब’ बनाने में मध्यप्रदेश की भूमिका लगातार तेजी से बढ़ रही है। मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में निवेश के नए युग में प्रवेश कर आर्थिक एवं औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, “हेलियन कंपनी ने भारत में पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए मध्यप्रदेश को चुना है। मध्यप्रदेश की उर्वर भूमि सफलता की धरती भी है। राज्य सरकार और हेलियन कंपनी के बीच आज परस्पर विश्वास की और असीम संभावनाओं की नई शुरूआत हो रही है।

निवेशकों को दिया सहयोग का भरोसा
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि, “हमारी औद्योगिक नीतियों के कारण देश-दुनिया सभी मध्यप्रदेश पर भरोसा कर रहे है। सबका यही विश्वास ही हमारी पूंजी है। यह एक नए दौर का मध्यप्रदेश है। हमारा प्रदेश अब आत्मनिर्भर बन रहा है। मध्यप्रदेश में निवेश की इच्छा रखने वाले सभी निवेशकों को उद्योग स्थापना से लेकर उत्पादन प्रारंभ होने तक हर स्तर पर राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा।” आगे उन्होंने कहा, “हम आपका यह भरोसा हर हाल में कायम रखेंगे।”

2 लाख करोड़ रुपये तक निवेश पहुंचाने का कोशिश
बताया जा रहा है कि हेलियन ग्रुप की इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के माध्यम से करीब 1000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। कंपनी ने इस प्लांट में 30% तक महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। जिसकी सराहना मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी की है। उन्होंने कहा कि, “यह हमारी सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और भी मजबूती देगा।” उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि, “कंपनी की मध्यप्रदेश में निवेश राशि दो हजार करोड़ रुपये से दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लिए हम सब मिलकर कोशिश करेंगे।”

ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बन चुका प्रदेश- सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्चुअल भूमिपूजन समारोह में बताया भारत मात्रा के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक देश है। यहां 3 हजार से अधिक कम्पनियां और 10 हजार 500 से अधिक विनिर्माण इकाइयां दवाओं का उत्पादन कर रही हैं। मध्यप्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कम्पनियां तथा 30 से अधिक एपीआई और बल्क ड्रग्स निर्माता सक्रिय हैं। इनके द्वारा निर्मित दवाएं अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों में निर्यात हो रही हैं। मध्यप्रदेश में 75 से अधिक मेडिकल डिवाइस यूनिट्स सक्रिय हैं। राज्य के कुल निर्यात में फार्मा सेक्टर का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है।

उन्होंने कहा, :मध्यप्रदेश अब केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि एक स्थापित ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बन चुका है। प्रदेश में इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप, भोपाल, देवास और उज्जैन के औद्योगिक क्षेत्र फार्मा मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर्स के रूप में विकसित हो रहे हैं।” उन्होंने आगे वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम (यूके) में हुए ‘इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो’ की चर्चा भी की।

मुख्यमंत्री साय ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री साय ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग में हुए शामिल
मुख्यमंत्री साय ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, तकनीकी विशेषज्ञों और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक ऐसी कहानी है, जो उन अनसुने और अनदेखे नायकों को सम्मान देती है, जिनके असाधारण योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि आज इस स्क्रीनिंग में सु कंगना रनौत और उनकी टीम के साथ स्वास्थ्य विभाग की बहनों की उपस्थिति इस फिल्म की भावना को और अधिक सार्थक बनाती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की माटी के पुत्र हैं। उन्होंने यहां जन्म लिया, यहीं पले-बढ़े और लंबे समय तक मुंबई में रहकर इस महत्वपूर्ण विषय पर आधारित फिल्म की कहानी लिखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा निर्दोष लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें अनेक लोगों की जान गई। उस कठिन समय में अस्पतालों में कार्यरत महिला नर्सों, डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सैकड़ों लोगों की जान बचाई और घायलों की सेवा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे अनेक योद्धा होते हैं, जिनकी कहानियां समाज के सामने नहीं आ पातीं। सु कंगना रनौत ने स्वयं नर्स की भूमिका निभाकर उन स्वास्थ्यकर्मियों के साहस, सेवा और समर्पण की कहानी देश के सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई ऐसे लोग होते हैं, जो बड़े कार्य कर जाते हैं, लेकिन उन्हें उचित पहचान नहीं मिल पाती। यह फिल्म ऐसे ही लोगों को समर्पित है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह भी अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म को ‘भारत भाग्य विधाता’ नाम प्रदान किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से सु कंगना रनौत, उनकी पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर अभिनेत्री एवं सांसद सु कंगना रनौत ने कहा कि फिल्म के निर्देशक मनोज तापड़िया छत्तीसगढ़ की धरती पर जन्मे हैं, यहीं पले-बढ़े हैं और इस प्रदेश के बेटे हैं। उन्होंने आग्रह किया था कि यदि फिल्म की स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए तो यह उनके लिए गर्व का विषय होगा। सु रनौत ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने व्यस्ततम कार्यक्रमों के बीच समय निकालकर इस आयोजन में शामिल होकर कलाकारों और पूरी टीम का सम्मान बढ़ाया है तथा सभी का उत्साहवर्धन किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में आपातकालीन परिस्थितियों में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में जागेश्वर कुमार धीवर, नारायण सिंह नायक,भुनेश्वरी तिवारी, रोहिणी वर्मा, उर्मिला भगत, रोशनी, विजय शंकर कश्यप, मीना सिंह, ममता कपूर, मीना शर्मा, जमुनाबाई, लक्ष्मी मेनन तथा विजया लक्ष्मी पिल्लई शामिल हैं।

इस अवसर पर मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, सांसद रूप कुमारी चौधरी, विधायकगण, जनप्रतिनिधि, फिल्म जगत से जुड़े कलाकार तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भोपाल के मशहूर ‘कोर्टयार्ड बाय मैरियट’ का फूड लाइसेंस सस्पेंड

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भोपाल के मशहूर ‘कोर्टयार्ड बाय मैरियट’ का फूड लाइसेंस सस्पेंड
राजधानी भोपाल के डीबी सिटी (अरेरा हिल्स) स्थित प्रतिष्ठित 5-स्टार होटल ‘कोर्टयार्ड बाय मैरियट’ (डीलीजेंट होटल कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड) का फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

राज्य और केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में होटल की रसोइयों और स्टोर रूम में चूहे पाए गए हैं।

इसके अलावा, होटल में भारी गंदगी, शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को असुरक्षित तरीके से एक साथ रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों (FSMS) की गंभीर अनदेखी जैसी बड़ी कमियां उजागर हुई हैं।

शहर के नामी होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट में खाद्य सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ती मिलीं। होटल के किचन और स्टोर में चूहों की मौजूदगी, गंदगी, खाद्य पदार्थों के असुरक्षित भंडारण और नियमों के गंभीर उल्लंघन का खुलासा हुआ है।इसके बाद केंद्रीय खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए होटल की खाद्य व्यवसाय गतिविधियां और केंद्रीय लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

राज्य और केंद्र के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम के औचक निरीक्षण में सामने आई खामियों ने होटल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।जानकारी के अनुसार अरेरा हिल्स स्थित डीलीजेंट होटल कार्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड (कोर्टयार्ड बाय मैरियट भोपाल) में खाद्य सुरक्षा को लेकर मिली गंभीर शिकायत ने होटल उद्योग में हड़कंप मचा दिया है।

होटल में चूहों की मौजूदगी की शिकायत मिलने के बाद राज्य और केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने डीबी सिटी परिसर स्थित होटल में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने होटल की चमक-दमक के पीछे छिपी लापरवाहियों को उजागर कर दिया।निरीक्षण में होटल के स्टोर और रसोई क्षेत्र में चूहों की मौजूदगी पाई गई।

पेस्ट कंट्रोल रिकार्ड की जांच में भी परिसर में चूहों की सक्रियता की पुष्टि हुई। इतना ही नहीं, होटल की विभिन्न रसोइयों में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली, जिससे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है। केंद्रीय खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विभाग ने चेतावनी दी है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले अन्य संस्थानों के खिलाफ भी इसी तरह की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।एक साथ रखा था शाकाहारी व मांसाहारी खाद्य पदार्थ टीम ने जांच में पाया कि शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को बिना किसी पृथक्करण के एक साथ रखा गया था।

555 दिन के FD पर मिलेगा 7.40% रिटर्न

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555 दिन के FD पर मिलेगा 7.40% रिटर्न
आरबीआई मौद्रिक नीति समिति ने जून में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन इसके बावजूद कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में संशोधन कर दिया है। इस सूची में प्राइवेट सेक्टर का कर्नाटक बैंक भी शामिल है। नई दरें 8 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं। बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 40 आधार अंक अतिरिक्त ब्याज मिल रहा है। हालांकि यह सुविधा एक साल से अधिक के टेन्योर पर मिल रही है।

बदलाव के बाद बैंक 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट पर सामान्य नागरिकों को न्यूनतम 3.50% से लेकर 7% ब्याज दे रहा है। भारतीय वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटरेस्ट रेट 3.75% से लेकर 7.40% है। सभी बैंक विभिन्न वित्तीय कारणों को देखते हुए एफडी के ब्याज दरों में बदलाव करते रहते हैं। इसलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा विजिट करने की सलाह दी जाती है।

इतने दिन के एफडी पर मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न
बैंक सबसे ज्यादा रिटर्न बैंक 555 दिन के स्पेशल टेन्योर पर ऑफर कर रहा है। सामान्य नागरिकों को 7% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% इंटरेस्ट मिल रहा है। पहले बैंक इस टेन्योर पर 6.75% ब्याज ऑफर करता था। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 7.15% था। लेकिन अब दरों में वृद्धि की गई है।

एक साल से लेकर 554 दिन के मैच्योरिटी स्लैब पर 6.50% रिटर्न मिल रहा है। 60 साल या इससे अधिक आयुवर्ग के लिए 7% ब्याज मिल रहा है। 556 दिन से लेकर 2 साल तक के एफडी पर 6.40% इंटरेस्ट मिल रहा है। एक साल से अधिक और 5 साल तक के सभी टेन्योर पर 6% से अधिक ब्याज मिल रहा है।