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मध्‍य प्रदेश में अगले साल से मेडिकल और इंजीनियरिंग पढ़ाई हिंदी में, एक लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी: CM शिवराज

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इंदौर। मध्‍य प्रदेश में अगले साल से मेडिकल और इंजीनियरिंग पढ़ाई हिंदी में करायी जाएगी। अगले साल तक 1 लाख युवाओं को शासकीय सेवा में लिया जाएगा,लेकिन सभी को शासकीय नौकरियां नहीं दी जा सकती,इसलिए हम प्राइवेट सेक्टर में भी अवसर बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं।

मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को यहां गणतंत्र दिवस समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्‍होंने कहा कि हमने फैसला किया है सीएम राइज स्कूल खोलने का,18 से 26 करोड़ तक के भवन बनेंगे।हर एक बच्चे में प्रतिभा होती है। अवसर मिल जाए तो गरीब,सामान्य परिवार के बच्चे असाधारण प्रतिभा का परिचय देते हैं।

उन्‍होंने कहा कि हमने पिछले 1 साल में सरकारी नौकरियों में 44 हजार सरकारी नौकरियों में हमने भर्तियां की हैं।

हमने तय किया था एक लाख रोजगार हर माह देंगे, मुझे प्रसन्नता है कि 2 महीने में ही हमने 5 लाख 26 हजार लोगों को स्वरोजगार के लिए अलग-अलग योजनाओं से ऋण दिलवाकर उनकी आजीविका की गाड़ी पटरी पर लेकर आए थे। 25 फरवरी के दिन फिर रोजगार दिवस मनाया जाएगा।

सीएम ने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से हमारी बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हों इसके प्रयास लगातार जारी हैं। अलग-अलग चीजों का निर्माण करके रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इसी साल मप्र में 38 हजार करोड़ का निवेश आया है। औद्योगिक ​हब के रूप में मप्र उभर रहा है। समाज के हर वर्ग का कल्याण हो ये हमारा संकल्प है। चिन्हित ब्लॉकों में राशन आपके द्वार योजना प्रारंभ कर दी गई है।

उन्‍होंने कहा कि 16 फरवरी संत रविदास जी की जयंती से 14 अप्रैल बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती तक अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सीएम ने कहा कि सरकार के खजाने पर सबका हक है। मेरे बहनों और भाइयों सस्ता राशन देने की योजना,मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना, 16 हजार करोड़ एक साल में हमने गरीबों को राशन देने पर खर्च किया। 7 तारीख का दिन अन्नोत्सव का होता है। गरीब को राशन प्रदान किया जाता है।

पिछले 24 घंटे में केरल में करीब 50 हजार नये मामले दर्ज, दिल्ली में फिर बढ़े केस

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देश में कोरोना की रफ्तार थोड़ी कम जरुर हुई है, लेकिन कई राज्यों में इसके आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। केरल में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 49,771 नए मामले सामने आए हैं और 63 लोगों की मृत्यु हुई है। प्रदेश में सक्रिय मामलों की संख्या 3,00,556 पहुंच गई है। वहीं कोरोना से मरनेवालों का आंकड़ा 52,281 पहुंच गया है। राज्य में कोरोना की पॉजिटिविटी दर 50 प्रतिशत के करीब हो गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार दैनिक मामलों में इजाफा हो रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि केरल में ओमिक्रॉन वेरिएंट का सामुदायिक प्रसार (Community transmission) हो चुका है, इसी वजह से मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अन्य राज्यों से तुलना करें तो महाराष्ट्र में पॉजिटिविटी रेट 19.66%, कर्नाटक में 26.70%, तमिलनाडु में 20.4% और दिल्ली में 10.56 % है। इस हिसाब से देखें तो देश में सबसे अधिक संक्रमण दर केरल में ही है।

दूसरी ओर दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 7,498 न‌ए मामले आए और संक्रमण की वजह से 29 मरीजों की मौत हुई। 25 जनवरी को 6,028 न‌ए मामले आए थे, और 26 जनवरी को तकरीबन डेढ़ हजार ज्यादा मामले दर्ज हुए। संक्रमण दर भी 10.55 फीसदी से बढ़कर 10.59 पहुंच गई है। हालांकि मौत का आंकड़ा घटा है। 26 जनवरी को 29 मरीजों की मौत हुई जबकि मंगलवार को 31 मरीजों की मौत हुई थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में कोरोना के कुल एक्टिव मामले 38,315 हैं, जिनमें से 28,733 होम आइसोलेशन में और 1887 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं।

दिल्ली में जल्द खुलनेवाले हैं स्कूल, डिप्टी CM मनीष सिसोदिया ने दिये संकेत

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राजधानी दिल्ली में जल्द ही सभी स्कूल खोले जा सकते हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने खुद इसे जरुरी बताया है। दरअसल बुधवार को लोक नीति विशेषज्ञ चंद्रकांत लहरिया के नेतृत्व में अभिभावकों के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री से मुलाकात की और स्कूलों को जल्द खोलने का अनुरोध किया। इस बारे में ट्वीट करते हुए सिसोदिया ने कहा, “दिल्ली के बच्चों के अभिभावकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्कूलों को फिर से खोलने के लिए 1600 से अधिक अभिभावकों के हस्ताक्षरों वाला एक ज्ञापन मुझे सौंपा। मैं उनकी मांगों से सहमत हूं। अगर हमने स्कूल अभी नहीं खोले, तो बच्चों की एक पूरी पीढ़ी पीछे रह जाएगी।”

इसी मुद्दे पर ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि हमने स्कूल उस समय बंद कर दिया था, जब यह बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं था। लेकिन अत्यधिक सावधानी अब हमारे बच्चों को नुकसान पहुंचा रही है। वैसे आपको बता दें कि दिल्ली में कुछ समय के लिए स्कूल फिर से खोले गए थे, लेकिन पिछले साल 28 दिसंबर को कोविड-19 की तीसरी लहर के कारण उन्हें फिर से बंद कर दिया गया था।

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने गुरुवार को कोविड-19 की स्थिति में सुधार के मद्देनजर प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार-विमर्श के लिए एक बैठक बुलाई है। इस बैठक के एजेंडे में स्कूलों को फिर से खोलने का मुद्दा भी शामिल है। माना जा रहा है कि दिल्ली सरकार कल इस बारे में कोई ठोस फैसला लेगी और स्कूलों को खोलने की तिथि का ऐलान कर देगी। अगर दूसरे राज्यों की बात करें तो दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में 1 फरवरी से स्कूल खोले जा रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र में 24 जनवरी से ही सभी स्कूल खुल गये हैं।

चुनाव में ‘मुफ्त’ की घोषणाओं पर SC ने जताई चिंता, केंद्र और ECI को जारी किया नोटिस

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नई दिल्ली. चुनाव (Election) में जनता को मुफ्त चीजें देने का वादा करने का मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है. एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को नोटिस भेजा है. याचिका में सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कर मुफ्त चीजें देने का वादा करने वाली पार्टियों के चुनाव चिह्न जब्त करने और दलों को गैर-पंजीकृत करने के निर्देश देने की मांग की गई थी.

बार एंड बेंच के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी के नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने इसे लेकर केंद्र सरकार से कानून बनाने की मांग भी की है. भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली ने याचिका पर सुनवाई की. पीठ ने कहा कि याचिका में गंभीर मुद्दा उठाया गया है. हालांकि, बेंच ने इस ओर भी इशारा किया कि याचिकाकर्ता की तरफ से चुनिंदा पार्टियों के नामों का ही जिक्र किया गया है.

सीजेआई ने कहा, ‘यह एक गंभीर मुद्दा है और मुफ्त वितरण का बजट नियमित बजट से अलग होता है. भले ही यह भ्रष्ट काम नहीं है, लेकिन यह मैदान में असमानता तैयार करता है.’ इसके अलावा सीजेआई ने कहा, ‘आपने हलफनामे में केवल दो नाम शामिल किए हैं.’ याचिका में पंजाब विधानसभा चुनाव में हुई घोषणाओं का हवाला दिया गया है. इनमें आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस का नाम शामिल है.

याचिकाकर्ता ने कहा कि मुफ्त की घोषणाएं चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई हैं. उपाध्याय ने यह घोषणा करने की भी प्रार्थना की है कि चुनाव से पहले सार्वजनिक धन के जरिए मतदाताओं को लुभाने के लिए मुफ्त की चीजों का वादा या वितरण करना संविधान के अनुच्छेद 14, 162, 266(3) और 282 का उल्लंघन है.

याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि कुछ राज्य हैं, जिन पर प्रति व्यक्ति 3 लाख रुपये के कर्ज का बोझ है और इसके बाद भी मुफ्त की घोषणाएं की जा रही हैं. बेंच की तरफ से मामले में नोटिस जारी कर दिया गया है. वहीं, अगली सुनवाई 4 हफ्तों के बाद होगी.

PKL 8 के शेड्यूल में हुआ बहुत बड़ा बदलाव, चौंकाने वाली वजह आई सामने

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प्रो कबड्डी लीग (PKL 8) में इस हफ्ते होने वाले मैचों के शेड्यूल में बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। PKL 8 के आयोजक मशाल स्पोर्ट्स ने स्टेटमेंट जारी करते हुए शेड्यूल में बदलाव का ऐलान किया। कुछ टीमों में कोविड पॉजिटिव मामले आए हैं और इसी वजह से यह मुश्किल फैसला लिया गया है।

मशाल स्पोर्ट्स ने जो स्टेटमेंट जारी किया है उसमें बताया गया है कि दो टीमें कोविड के कारण निर्धारित 12 खिलाड़ी फील्ड अभी नहीं कर पा रही हैं।

हर दिन PKL में 2 मैच होते हैं और शनिवार को ट्रिपल पंगा देखने को मिलता है, जिसमें तीन मुकाबले होते हैं। हालांकि इस हफ्ते ऐसा नहीं होने वाला है। PKL ने 25 से 3- जनवरी तक होने वाले मैचों को रीशेड्यूल किया है। अब 25 जनवरी से लेकर 28 जनवरी तक हर दिन एक-एक मुकाबला ही खेला जाएगा। इसके अलावा शनिवार 29 जनवरी को तीन मैच नहीं, बल्कि दो मुकाबले ही खेले जाएंगे। इसके अलावा रविवार 30 जनवरी को 2 मैच ही खेले जाएंगे।

सबसे पहले PKL 8 के लिए 22 दिसंबर 2021 से लेकर 20 जनवरी 2022 तक के शेड्यूल का ऐलान किया था। इसके बाद 20 जनवरी 2022 से 4 फरवरी 2022 तक के शेड्यूल का ऐलान किया गया। इस बीच पिछले 3-4 दिनों से मैचों में फेरबदल देखने को मिल रहे थे।

दिल्ली में जल्द हट सकती हैं कोरोना पाबंदियां, CM केजरीवाल ने दिए संकेत

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भारत में कोरोना की तीसरी लहर का कहर जारी है। धीरे-धीरे यह लहर चरम पर पहुंच रही है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही केस घटने लगेंगे। लेकिन जब तक राहत नहीं मिलती, तब तक नियमों का पालन और सावधानी बहुत जरूरी है। यही कारण है कि विभिन्न राज्यों ने अघोषित लॉकडाउन (Lockdown Latest News) लगा रखा है। अधिकांश राज्यों में नाइट कर्फ्यू है, कहीं-कहीं वीकेंड कर्फ्यू लगाया गया है, कुछ राज्यों ने इसे संडे शटडाउन का नाम दिया है, स्कूल बंद है, ऑफिसेस बंद हैं। दिल्ली से ताजा खबर है कि यहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना नियमों में छूट के संकेत दिए हैं। केजरीवाल ने मंगलवार को कहा, जल्द ही हम (कोविड-19) प्रतिबंधों को हटाने और आपके जीवन को सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास करेंगे… उस दिशा में सभी प्रयास करेंगे।

वैक्सीन नहीं, तो सार्वजनिक स्थानों पर एंट्री नहीं, यहां आज से लागू हुआ यह नियम

इस बीच, ताजा खबर असम से आ रही है। यहां उन लोगों को सार्वजनिक स्थानों यानी पब्लिक प्लेसेस पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाई है। असम में बढ़ते कोरोना मामलों के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया। गैर-टीकाकरण वाले लोगों के सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। हां, ऐसे लोग अस्पताल जा सकते हैं। नए आदेश के अनुसार, नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर जाते समय टीकाकरण का प्रमाण साथ रखने को कहा गया है। ये पाबंदियां 25 जनवरी को सुबह छह बजे से लागू होंगी।

बिहार: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि मौजूदा कोरोना प्रतिबंधों को 6 फरवरी तक बढ़ा दिया जाएगा। सीओवीआईडी ​​​​-19 मामलों में वृद्धि के कारण, राज्य सरकार ने 4 जनवरी से प्रतिबंध लगाए थे। प्रतिबंध 21 जनवरी को समाप्त होने वाले थे। COVID-19 की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि स्थिति को देखते हुए वर्तमान में लागू सभी प्रतिबंधों को 6 फरवरी 2022 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। आप सभी से अनुरोध है कि विशेष सावधानी बरतें और सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

10 हजार से नीचे आई प्रदेश में 24 घंटे में मिले कोरोना मरीजों की संख्या, 9451 नए मामले, सात की मौत

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भोपाल । राहत की बात है कि प्रदेश में लगातार तीन दिन से कोरोना मरीजों की संख्या कम हो रही है। सोमवार को 72 ,382 सैंपलों की जांच में 9451 मरीज मिले हैं। शुक्रवार को 24 घंटे में मिले मरीजों की संख्या 11,274 थी। शनिवार को 11,253 और रविवार को 10585 मरीज मिले थे। रविवार के मुकाबले सोमवार को करीब 900 मरीज कम मिले हैं। भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने भी अपने गणितीय आकलन से अनुमान लगाया है कि 24 जनवरी के बाद मरीजों की संख्या कम होगी। सोमवार को सात मरीजों की मौत भी हुई है।

बॉलीवुड के 12 गाने जो आपके अंदर के देशभक्त को जगा देंगे

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26 जनवरी 1950 भारत का संविधान लागू हुआ। जिससे हमारा देश एक नवगठित गणराज्य में बदल गया। तब से इस तिथि का सम्मान करने के लिए देश में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। इस तारीख को इस लिए चुना गया क्योंकि इसी दिन 1929 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज की घोषणा की गई थी। देश में गणतंत्र दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। राष्ट्रति राजपथ पर गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हैं।

फिल्म उद्योग लंबे समय से देशभक्ति के गाने बना रहे हैं। जब देश के लिए अपने प्यार का इजहार करने की बात आती है। इसे अपने पसंदीदा गाने के साथ कहने से बेहतर कोई तरीका नहीं है। इस साल भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है।

प्रदेश के डीजीपी को अमेजन कंपनी और उसके मालिक पर एफआईआर दर्ज करने के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिए निर्देश

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भोपाल । ई कॉमर्स कंपनी अमेजन की एमपी में बढ़ सकती है  मुश्किलें । ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रध्वज छपे जूते बिक रहे हैं। इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वहीं, इस पूरे प्रकरण में एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की एंट्री हो गई है। उन्होंने इस घटना को पीड़ादायी बताया है। इसे लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने एमपी के डीजीपी को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अब डीजीपी विवेक जौहरी आगे निर्णय लेंगे।

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरे संज्ञान में यह पूरा मामला आया है। राष्ट्र को अपमानित करने का कोई भी कार्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मैंने डीजीपी को निर्देश दिया है कि अमेजन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जो राष्ट्रध्वज का उपयोग किया गया है, इस मामले में राष्ट्रध्वज संहिता का प्रयोग कर कार्रवाई की जाए। यह बिल्कुल असहनीय है क्योंकि जूते पर राष्ट्रध्वज का उपयोग किया गया है। मैंने डीजीपी से कहा है कि कंपनी और अमेजन के मालिक पर तत्काल एमपी में केस दर्ज किया जाए। साथ ही उनके ऊपर कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि अमेजन कंपनी के अधिकारियों पर पहले भी एमपी के भिंड जिले में ऑनलाइन गांजा डिलीवरी को लेकर केस दर्ज है। साथ ही कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। भिंड के तत्कालीन एसपी ने उस वक्त आरोप लगाया था कि कंपनी के लोग जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। अब कपड़े और जूते पर राष्ट्रध्वज की तस्वीर को लेकर मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।

कोरोना गाइडलाइन के तहत मनाया जाएगा Republic Day, CM शिवराज करेंगे ध्वजारोहण

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भोपाल ! राजधानी भोपाल सहित सभी जिलों में 26 जनवरी (Republic day in mp) को गणतंत्र दिवस गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा. राज्य शासन ने इस वर्ष कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की है. इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर्स और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं. मुख्यमंत्री लाल परेड मैदान पर सुबह 9:00 बजे ध्वजारोहण करेंगे, जिसमें कक्षा एक से दसवीं तक के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

ऐतिहासिक स्थानों पर फहराया जाएगा राष्ट्रीय ध्वज
गणतंत्र दिवस पर राज्य के समस्त महत्वपूर्ण शासकीय भवनों एवं ऐतिहासिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा. राजधानी में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन लाल परेड ग्राउंड भोपाल में होगा. कार्यक्रम प्रातः 9 बजे शुरू होगा, जिसमें मुख्य अतिथि परेड की सलामी लेंगे तथा उपस्थित जनसभा को संबोधित करेंगे.

परेड के बाद होगी घुड़सवारी का प्रदर्शन
परेड का आयोजन पिछले वर्ष की भांति किया जाएगा. इसमें पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल, जेल वार्डन, सीआईएसएफ, आरएएफ एवं सीनियर एनसीसी छात्रों की टुकड़ियां शामिल होंगी. परेड में एनएसएस, स्काउट-गाईड एवं शौर्यादल शामिल नहीं होगें. परेड के पश्चात घुड़सवारी का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद झांकियां निकाली जायेंगी.

सीएम शिवराज सिंह देंगे संदेश का वाचन
गणतंत्र दिवस पर जिला मुख्यालयों में गत वर्षानुसार मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संदेश का वाचन किया जाएगा. परेड का आयोजन सिर्फ जिला मुख्यालयों पर ही होगा. शिक्षण संस्थाओं में कार्यालय प्रमुख द्वारा ध्वजारोहण, राष्ट्रगान का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कक्षा 1 से 10वीं तक के बच्चे शामिल नहीं होंगे.

ओबीसी आरक्षण की तैयारी में जुटी शिवराज सरकार
जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत कार्यालयों में प्रशासकीय समिति प्रधान द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा तथा राष्ट्रगान होगा. ऐसे जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत जहां प्रशासकीय समिति के प्रधान उपलब्ध नहीं होने की दशा में कार्यालय प्रमुख द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा. कार्यक्रम स्थलों पर प्राथमिक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की आवश्यक व्यवस्था अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है.