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555 दिन के FD पर मिलेगा 7.40% रिटर्न

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555 दिन के FD पर मिलेगा 7.40% रिटर्न
आरबीआई मौद्रिक नीति समिति ने जून में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। लेकिन इसके बावजूद कई बैंकों ने फिक्स्ड डिपॉजिट के ब्याज दरों (FD Rates) में संशोधन कर दिया है। इस सूची में प्राइवेट सेक्टर का कर्नाटक बैंक भी शामिल है। नई दरें 8 जून 2026 से लागू हो चुकी हैं। बैंक वरिष्ठ नागरिकों को 40 आधार अंक अतिरिक्त ब्याज मिल रहा है। हालांकि यह सुविधा एक साल से अधिक के टेन्योर पर मिल रही है।

बदलाव के बाद बैंक 3 करोड़ रुपये से कम के डिपॉजिट पर सामान्य नागरिकों को न्यूनतम 3.50% से लेकर 7% ब्याज दे रहा है। भारतीय वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटरेस्ट रेट 3.75% से लेकर 7.40% है। सभी बैंक विभिन्न वित्तीय कारणों को देखते हुए एफडी के ब्याज दरों में बदलाव करते रहते हैं। इसलिए निवेश से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा विजिट करने की सलाह दी जाती है।

इतने दिन के एफडी पर मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न
बैंक सबसे ज्यादा रिटर्न बैंक 555 दिन के स्पेशल टेन्योर पर ऑफर कर रहा है। सामान्य नागरिकों को 7% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.40% इंटरेस्ट मिल रहा है। पहले बैंक इस टेन्योर पर 6.75% ब्याज ऑफर करता था। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर 7.15% था। लेकिन अब दरों में वृद्धि की गई है।

एक साल से लेकर 554 दिन के मैच्योरिटी स्लैब पर 6.50% रिटर्न मिल रहा है। 60 साल या इससे अधिक आयुवर्ग के लिए 7% ब्याज मिल रहा है। 556 दिन से लेकर 2 साल तक के एफडी पर 6.40% इंटरेस्ट मिल रहा है। एक साल से अधिक और 5 साल तक के सभी टेन्योर पर 6% से अधिक ब्याज मिल रहा है।

सर्वार्थ सिद्धि योग में करें ये उपाय, बजरंगबली की कृपा से चमकेगी किस्मत

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सर्वार्थ सिद्धि योग में करें ये उपाय, बजरंगबली की कृपा से चमकेगी किस्मत
हनुमान भक्तों के लिए 9 जून 2026 का दिन बेहद खास माना जा रहा है। ज्येष्ठ अधिकमास के दौरान पड़ रहे बड़े मंगलों में यह छठा बड़ा मंगल है और इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है और जब शुभ योग के साथ यह दिन आता है तो पूजा-पाठ और दान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस समय मंगल ग्रह अपनी उच्च राशि मेष में स्थित है। ऐसे में साहस, आत्मविश्वास, भूमि, करियर और वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों पर इसका विशेष प्रभाव माना जा रहा है। इसी वजह से कई लोग इस दिन हनुमान जी की पूजा करके मंगल ग्रह को मजबूत करने का प्रयास करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा के साथ किए गए उपाय मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियों और कार्यों में आने वाली रुकावटों को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

बड़ा मंगल 2026 का महत्व और सर्वार्थ सिद्धि योग का असर
बड़ा मंगल उत्तर भारत के कई हिस्सों में विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा, भंडारे और विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। धार्मिक जानकारों के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग को शुभ कार्यों के लिए अच्छा समय माना जाता है। इस योग में की गई पूजा और दान का सकारात्मक प्रभाव मिलने की मान्यता है।

भक्त इस दिन सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल अर्पित करते हैं और फिर हनुमान मंदिर जाकर पूजा करते हैं। लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी के लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। कई लोग जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य उपयोगी सामग्री दान भी करते हैं। धार्मिक दृष्टि से यह दिन सेवा, संयम और भक्ति का संदेश देता है।

राशि अनुसार उपाय से बढ़ सकती है सकारात्मक ऊर्जा
ज्योतिष शास्त्र में हर राशि के लिए अलग-अलग उपाय बताए जाते हैं। मेष राशि के लोग हनुमान चालीसा का पाठ और बूंदी का भोग लगाकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वृषभ राशि वालों के लिए हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाना शुभ माना गया है। मिथुन राशि के जातक इलायची अर्पित कर सकते हैं, जबकि कर्क राशि के लोग चना-गुड़ का भोग लगाकर पूजा करें।

सिंह राशि के लिए लाल गुलाब और बजरंग बाण का पाठ, कन्या राशि के लिए तुलसी पत्र पर ‘श्रीराम’ लिखकर अर्पित करना लाभकारी माना जाता है। तुला राशि के लोग पान अर्पित कर सकते हैं, जबकि वृश्चिक राशि वालों को ‘ॐ हं हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है। धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए भी अलग-अलग पूजा और दान के उपाय बताए गए हैं।

हालांकि ज्योतिषीय उपाय आस्था और विश्वास से जुड़े होते हैं। इनका उद्देश्य व्यक्ति को सकारात्मक सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास की ओर प्रेरित करना है। छठे बड़े मंगल पर भक्ति, सेवा और सद्भाव के साथ किए गए कार्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं। इसी कारण यह दिन हनुमान भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।

उज्जैन में बनेगी 151 फीट ऊंची श्रीकृष्ण की विराट प्रतिमा

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उज्जैन में बनेगी 151 फीट ऊंची श्रीकृष्ण की विराट प्रतिमा
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर देशभर में चर्चा का केंद्र बनने जा रही है। महाकाल लोक की सफलता के बाद अब शहर में भगवान श्रीकृष्ण की 151 फीट ऊंची विराट स्वरूप वाली प्रतिमा स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। यह परियोजना उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा शिप्रा नदी के किनारे यूनिटी मॉल के पीछे विकसित की जाएगी। प्रस्तावित प्रतिमा को देश की सबसे बड़ी धातु निर्मित श्रीकृष्ण प्रतिमा के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

करीब 220 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना का मकसद केवल एक विशाल प्रतिमा बनाना नहीं है, बल्कि उज्जैन को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना भी है। परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो चुकी हैं और जल्द ही इसे अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के सामने रखा जाएगा।

भगवान श्रीकृष्ण की विराट मूर्ति बनेगी नया धार्मिक पर्यटन केंद्र
योजना के अनुसार प्रतिमा लगभग 30 फीट ऊंचे आधार मंच पर स्थापित की जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण के विराट स्वरूप को दर्शाने वाली यह प्रतिमा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगी। इसके निर्माण की जिम्मेदारी प्रसिद्ध आर्किटेक्ट डॉ. अनिल राम सुतार को दी गई है, जो देश की कई प्रतिष्ठित स्मारक परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं।

परियोजना के तहत केवल प्रतिमा ही नहीं, बल्कि उसके आसपास का पूरा क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा। लगभग 30 एकड़ जमीन पर आकर्षक उद्यान, घूमने के लिए विशेष पथ, बैठने की व्यवस्था और आधुनिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इसके साथ ही यहां आने वाले लोगों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव देने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से उज्जैन आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी लाभ मिलेगा।

लाइट एंड साउंड शो से जीवंत होगी श्रीकृष्ण की कथा
इस परियोजना की सबसे खास बात आधुनिक तकनीक का उपयोग है। प्रतिमा परिसर में अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो और प्रोजेक्शन मैपिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके जरिए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके संदेशों और भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शकों के सामने आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।

धार्मिक पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि आज के दौर में लोग केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि ज्ञान और अनुभव भी चाहते हैं। ऐसे में तकनीक और आध्यात्मिकता का यह संगम उज्जैन को नई पहचान दे सकता है। महाकाल लोक के बाद यह परियोजना शहर की पर्यटन क्षमता को और मजबूत करेगी। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक नया आकर्षण मिलेगा और उज्जैन की पहचान केवल महाकाल मंदिर तक सीमित नहीं रहेगी।

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले वर्षों में उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण की यह भव्य प्रतिमा धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विकास का नया प्रतीक बन सकती है। साथ ही यह परियोजना मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज हो सकती है।

आयरलैंड से पहले टी20 में कैसी होगी भारत की प्लेइंग इलेवन

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आयरलैंड से पहले टी20 में कैसी होगी भारत की प्लेइंग इलेवन
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम आयरलैंड दौरे पर जाएगी. हालांकि, आयरलैंड में टीम इंडिया को दो मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है. यह एकदम अलग टीम होगी. श्रेयस अय्यर को भारत की टी20 टीम का कप्तान बनाया गया है. यह उनकी पहली अग्निपरीक्षा होगा. यहां जानें आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में भारत की प्लेइंग इलेवन कैसी हो सकती है.

वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा ओपनर?
15 साल के वैभव सूर्यवंशी को भारत की टी20 में शामिल किया गया है. ऐसे में पूरी उम्मीद है कि वह पहले मैच में डेब्यू करेंगे. माना जा रहा है कि अभिषेक शर्मा के साथ वैभव सूर्यवंशी पारी का आगाज करेंगे. ऐसे में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन मिडिल ऑर्डर में खेलते दिखेंगे. इसके बाद तीन नंबर पर ईशान किशन का खेलना तय है.

ऐसा होगा मिडिल ऑर्डर, शिवम दुबे होंगे पांचवें गेंदबाज?
चार नंबर पर कप्तान श्रेयस अय्यर का खेलना भी कंफर्म है. यह बतौर कप्तान उनका पहला टी20 होगा. इसके बाद उपकप्तान तिलक वर्मा का खेलना भी तय है. छह नंबर पर संजू सैमसन नजर आ सकते हैं, क्योंकि अगर उनसे ओपनिंग नहीं कराई गई तो इससे पहले कोई पोजीशन खाली नहीं है. सात नंबर पर शिवम दुबे का खेलना भी कंफर्म है.

गेंदबाजी विभाग में स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल या वाशिंगटन सुंदर में से किसी एक को ही मौका मिलने की उम्मीद है. वहीं वरुण चक्रवर्ती टीम के मुख्य स्पिनर होंगे. इसके बाद तेज गेंदबाजी में हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह एक्शन में दिख सकते हैं.

आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन- वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह

आयरलैंड से टी20 सीरीज के लिए भारत की 16 सदस्यीय टीम- श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी.

बंगाल हार के बाद पहली बार दिल्ली में ममता

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बंगाल हार के बाद पहली बार दिल्ली में ममता
देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेतृत्व में सोमवार (8 जून, 2026) को इंडिया गठबंधन की होने वाली बैठक को लेकर इस वक्त खूब चर्चा हो रही है. कांग्रेस पार्टी इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ कल सोमवार (8 जून, 2026) को नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को ऊर्जा आपूर्ति संकट, LPG सिलेंडरों के बढ़ते दामों, सीबीएसई विवाद, नीट परीक्षा में गड़बड़ी के साथ-साथ 2029 के आगामी लोकसभा चुनावों की रणनीति पर मंथन करने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने के विषय पर चर्चा करेगी.

हालांकि, विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दलों की होने वाली अहम बैठक में तमिलनाडु के पूर्व सीएम एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके ने न शामिल होने का फैसला किया है. डीएमके ने फिलहाल खुद को इस बैठक से अलग रखा है और उसने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराने का फैसला किया है. जबकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी पहली बार दिल्ली में आयोजित बैठक में शामिल होने वाली हैं. इंडिया गठबंधन की होने वाली इस बैठक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के नेताओं की तरफ से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं.

कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ‘इंडिया गठबंधन की यह बैठक बहुत महत्वपूर्ण है. हम बैठक के बाद इसके पीछे के एजेंडे की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा करेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘इस बैठक में देश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होगी. केंद्र सरकार जिस तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर रही है, उस भी विचार-विमर्श होगा. छात्रों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के प्रमुख विषय होंगे. इसके अलावा भी बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जानी है.

आए तो ठीक, नहीं तो उन्हें जबरन नहीं बुलाया जा सकताः उदित राज
कांग्रेस नेता उदित राज ने इंडिया गठबंधन की होने वाली अहम बैठक में डीएमके के शामिल न होने को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा, ‘वे आते हैं, तो अच्छा है, नहीं तो फिर भी संविधान को और लोकतंत्र को बचाने की हमारी लड़ाई जारी रहेगी. उन्हें जबरन तो बुलाया नहीं जा सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘डीएमके की जो विचारधारा है, वो कहीं से भी आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मेल नहीं खाती है, तो आखिर में वो किसे ताकत देना चाहते हैं. इस देश में सिर्फ दो ही धूरी हैं, एक कांग्रेस और दूसरा बीजेपी. उन्हें किसी न किसी के साथ तो रहना ही है. अगर वे न्यूट्रल रहते हैं, तो ये बीजेपी को समर्थन देने जैसा ही होगा.’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कथा समापन समारोह को वीसी से किया संबोधित

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कथा समापन समारोह को वीसी से किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीमद्भागवत कथा का पुण्य-प्रताप ऐसा है कि इसे सुनने मात्र से ही मनुष्य के दुःख-दर्द दूर हो जाते हैं। भागवत कथा श्रवण से कष्टों का शमन होता है और पूरे संसार का कल्याण होता है। इस कथा का श्रवण मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति में भी सहायक होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ऐसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ये समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं और सबके जीवन में सद्भाव एवं आत्मिक शांति का संचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म के मर्म एवं नैतिकता का भान कराती है। यह मनुष्य को उसके कर्तव्यों और मानव सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञानामृत है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने में भागवत गीता कथा एक पवित्र माध्यम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन जिले के ग्राम टंकारिया पंथ में एक से सात जून तक हुई श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कथा समापन समारोह में सहभागिता की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में नाना प्रकार के कष्ट थे, परंतु उन्होंने अपने कष्टों से इतर कुशासन (कंस) का अंत किया। वे सदैव धर्म मार्ग पर बने रहे। उन्होंने समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं से कहा कि वे गीता के संदेश को अपने जीवन में भी अपनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण ने लीलाएं कीं, वहां-वहां हमारी सरकार भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बनाने जा रही है। उन्होंने बताया कि उज्जैन जिले के नारायणा गांव और धार जिले के अंका-झंका माताजी परिसर में भव्य श्रीकृष्ण तीर्थ बनाया जायेगा। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम टंकारिया पंथ से लेपड़ तक एवं इसी गांव से रानापुर फाटक तक पक्की सड़क बनाई जायेगी। यहां धर्मशाला में शेड निर्माण के लिए भी राशि और गौशाला निर्माण के लिए अनुदान दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली राखी में भी हमारी सरकार लाड़ली बहनों को शगुन के रूप में राशि भेजेगी, बुजुर्गों से कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों को हमारी सरकार तीर्थ यात्रा करायेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस कथा आयोजन को समाज में आध्यात्मिक जागृति और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सात दिवसीय भागवत् कथा के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति के सभी सदस्यों, संतजनों एवं श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी के सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार हुआ है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और संस्कारों को सुदृढ़ करने में मददगार होते हैं।

राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

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राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।

कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर, महासचिव ओमप्रकाश धीवर, नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

समृद्ध, संगठित और शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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समृद्ध, संगठित और शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस गौरवशाली समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना, संगठन क्षमता और उत्कृष्ट मूल्यों का वाहक है। यह वही समाज है जिसने देश को छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर निरंतर आगे बढ़ता है। चन्द्रनाहू समाज ने कृषि, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की नई पीढ़ी शिक्षा, तकनीकी दक्षता और नवाचार के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने छाती से झूरानवागांव तक सड़क निर्माण, ग्राम छाती को भविष्य में नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने, नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण तथा समाज के लिए नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे अधिवेशन केवल सामाजिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने के प्रभावी मंच होते हैं। जब समाज के लोग एकत्र होकर विचार-विमर्श करते हैं, अनुभव साझा करते हैं और नई पीढ़ी के लिए दिशा निर्धारित करते हैं, तब सामाजिक एकता और विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं।

उन्होंने समाज द्वारा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि सम्मान की संस्कृति समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है। ऐसे प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार बनती है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने समाज के उद्यमियों और व्यवसायियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अध्ययन करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति में युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने समाज की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर पर आधारित पुस्तक ‘अद्भुत तुलसी चरितायणम्’ का विमोचन भी किया। इस दौरान प्रशासनिक सेवाओं, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में चयनित और कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शैक्षणिक एवं खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

समाज के केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश चंद्राकर ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि केंद्रीय अधिवेशन का यह 55वां वर्ष समाज की संगठनात्मक शक्ति, सामाजिक जागरूकता और निरंतर प्रगति का प्रतीक है।

इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, विधायक अजय चंद्राकर, विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, लालबहादुर चंद्रवंशी, पूनम चंद्राकर, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

‘पेद्दी’ने तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर लगाई लंबी छलांग

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‘पेद्दी’ने तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर लगाई लंबी छलांग
राम चरण और जान्हवी कपूर की जोड़ी ने स्क्रीन पर आते ही धमाल मचा दिया है. फिल्म में जहां जान्हवी कपूर के किरदार की खूब आलोचना हो रही है. वहीं, फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर इसका फायदा भी मिलता दिख रहा है. फिल्म इंडियन बॉक्स ऑफिस पर तो तबाही मचा ही रही है साथ ही दुनियाभर में भी इसका डंका बज रहा है. इसने 200 करोड़ का आंकड़ा भी पार कर लिया है. ऐसे में चलिए बताते हैं ‘पेद्दी’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन.

‘पेद्दी’ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन
‘पेद्दी’ ने शुरुआत के तीन दिनों में छप्परफाड़ कमाई की. ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने 200 करोड़ का आंकड़ा भी दुनियाभर में पार कर लिया है. फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन महज तीन दिनों में 236.7 करोड़ पहुंच गया है. फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त हाईप है. RRR के बाद राम चरण की ये पहली फिल्म होगी, जिसे दर्शकों से इतना जबरदस्त रिस्पांस मिला है. इसके पहले ‘आचार्य’ और ‘गेम चेंजर’ जैसी फिल्में आईं लेकिन खास कमाल दिखा नहीं पाई थीं.

‘पेद्दी’ का तीसरे दिन का कलेक्शन
सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ‘पेद्दी’ रिलीज होने के बाद से ही बॉक्स ऑफिस पर छा गई है या फिर यूं कहें कि इसने कब्जा ही जमा लिया है. फिल्म ने पेड प्रीव्यूज में 18.50 करोड़, पहले दिन 51 करोड़, दूसरे दिन 26.90 करोड़ और तीसरे दिन 28.85 करोड़ का बिजनेस किया था. हालांकि, ओपनिंग के मुकाबले फिल्म की कमाई में गिरावट दर्ज की गई है.

‘पेद्दी’ की स्टोरी और स्टार कास्ट
बहरहाल, अगर राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी’ की स्टोरी और स्टार कास्ट के बारे में बात की जाए तो ये एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है, जिसके जरिए राम चरण और जान्हवी कपूर की जोड़ी पहली बार स्क्रीन शेयर करते हुए नजर आई. इसका निर्देशन बुची बाबू सना ने किया है और वेंकट सतीश किलारू ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म में राम चरण और जान्हवी के साथ ही शिवा राजकुमार, जगपति बाबी, दिव्येंदु शर्मा और बोमन ईरानी भी अहम रोल में हैं.