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कई राज्यों में कड़े प्रतिबंध, दिल्ली में वीकेंड और नाइट कर्फ्यू लगा, स्कूल-कॉलेज भी बंद

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जैसे-जैसे COVID-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट की संख्या बढ़ती जा रही है, देश में एक नया डर पैदा हो गया है। दिल्ली सरकार ने राज्य में वीकेंड (शनिवार-रविवार) कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया है। यह निर्णय दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में मंगलवार को लिया गया। पंजाब सरकार ने राज्य में 15 जनवरी तक नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया है। नाइट कर्फ्यू रात 10 से सुबह पांच बजे तक होगा। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानों को अग्रिम आदेश तक बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। बार, सिनेमा हाल, माल, रेस्तरां, स्पा सेंटर 50 फीसद की क्षमता संचालित करने की अनुमति है। चूंकि कई राज्य कोरोनोवायरस की दूसरी लहर के दौरान एक भयानक समय से गुजरे हैं, इसलिए उनमें से कई ने नए COVID-19 संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रतिबंध लगाना शुरू कर दिया है।

दिल्ली

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को घोषणा की कि दिल्ली एक वीकेंड कर्फ्यू लगाएगी और बढ़ते COVID-19 मामलों से निपटने के लिए सरकारी कार्यालयों के लिए घर से काम करेगी। उन्होंने कहा कि बसें और दिल्ली मेट्रो पूरी क्षमता से चलेंगी। दिल्ली में भी यलो अलर्ट के तहत रात का कर्फ्यू जारी किया गया है।

गुजरात

गुजरात ने 30 दिसंबर को राज्य में 7 जनवरी तक COVID प्रतिबंधों को 7 जनवरी तक बढ़ा दिया। राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, रेस्तरां अपनी बैठने की क्षमता का केवल 75 प्रतिशत भर सकते हैं। एक शादी के लिए 400 लोगों की सीमा को क्रम में नहीं बदला गया था।

महाराष्ट्र

शहर में बढ़ते मामलों के बीच बीएमसी ने सोमवार (3 जनवरी) को कक्षा 1 से 9 तक के मुंबई के स्कूलों को 31 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया। इसके अलावा, मुंबई पुलिस ने 15 जनवरी तक रोजाना शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे के बीच समुद्र तटों, खुले मैदानों, समुद्री चेहरों, सैरगाहों, बगीचों, पार्कों या इसी तरह के सार्वजनिक स्थानों पर जाने से लोगों को प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया है।

पंजाब

पंजाब सरकार ने मंगलवार (4 जनवरी) को स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने और एक रात का कर्फ्यू (रोजाना रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक) लगाने का आदेश दिया, ताकि राज्य में पिछले दिनों में मामलों में तेज वृद्धि के बाद सार्वजनिक आंदोलन को प्रतिबंधित किया जा सके।

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल ने सोमवार से नए कोरोनोवायरस रोग संबंधी प्रतिबंधों की एक श्रृंखला लागू की, जिसके तहत राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज एक बार फिर अपने गेट बंद कर देंगे। इसके अलावा, शॉपिंग मॉल, मार्केट कॉम्प्लेक्स, रेस्तरां और बार पर भी प्रतिबंधात्मक उपाय किए गए हैं, जिसमें वे अब अपनी कुल क्षमता का केवल 50 प्रतिशत ही अनुमति देंगे।

हरियाणा

हरियाणा के स्कूल और कॉलेज 12 जनवरी तक बंद कर दिए गए हैं क्योंकि राज्य ने COVID-19 मामलों में वृद्धि की रिपोर्ट के बाद ‘महामारी अलर्ट’ की घोषणा की है। हरियाणा सरकार ने यह भी कहा है कि अधिकांश सार्वजनिक स्थानों पर केवल पूर्ण टीकाकरण वाले लोगों को ही प्रवेश या घूमने की अनुमति होगी। गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, पंचकुला और सोनीपत में सभी सिनेमा हॉल, थिएटर, मल्टीप्लेक्स, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्टेडियम और स्विमिंग पूल बंद रहेंगे।

तेलंगाना

तेलंगाना सरकार ने राज्य में नए प्रतिबंध लगाए और रैलियों, सार्वजनिक सभाओं और सभी प्रकार के सामूहिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया। राज्य सरकार ने दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने पर उल्लंघन करने वालों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य सरकार ने वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए धार्मिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध लगा दिया।

तमिलनाडु

तमिलनाडु सरकार ने 1 जनवरी से कोविड -19 के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए। आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए शारीरिक कक्षाएं 10 जनवरी तक नहीं होंगी। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को केवल 50 प्रतिशत क्षमता के लिए प्रवेश की अनुमति होगी और केवल 100 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। विवाह कार्यों के लिए अनुमति दी गई है। अंतिम संस्कार में उपस्थिति 50 तक सीमित रहेगी।

झारखंड में ‘मिनी लॉकडाउन’, स्टेडियम, जिम, जू, 15 तक बंद, शाम 8 बजे तक ही खुलेंगे बाजार

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रांची. इस वक्त झारखंड की राजधानी रांची से बड़ी खबर आ रही है, जहां कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से कई पाबंदियां (Restriction In Jharkhand ) लागू की गयी हैं. दरअसल राज्य में बढ़ते कोरोना मामलों को ध्यान में रखते हुए सोमवार को सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) के नेतृत्व में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक बुलाई गयी. इस बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने कोरोना को लेकर तमाम मंत्रियों और अधिकारियों को कई निर्देश दिये हैं. इस संबंध में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता (Banna Gupta) ने ट्वीट कर जानकारी दी और बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इन निर्णयों के अनुसार अब झारखंड में 15 जनवरी तक बाजार सिर्फ रात 8 बजे तक खुले रहेंगे. इस दौरान रेस्टोरेंट, बार आदि की दुकानें खुली रहेंगी. वहीं 15 जनवरी तक झारखंड के स्टेडियम, पार्क, जिम, जू , पर्यटन स्थल, शिक्षण संस्थान सब बंद रहेंगे.

राज्य स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक के बाद बताया कि कोरोना संक्रमण का बढ़ता आंकड़ा चिंता का विषय है. इस बात को ध्यान रखते हुए 15 जनवरी या अगले आदेश तक राज्य में स्टेडियम, पार्क, जिम, जू , पर्यटन स्थल पूरी तरह से बंद रहेंगे. वहीं तमाम तरह के शिक्षण संस्थान स्कूल – कॉलेज – कोचिंग संस्थान को बंद करने का निर्णय लिया है . हालांकि शैक्षणिक संस्थानों में प्रशासनिक कार्य 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित होते रहेंगे.

वही शादी-विवाह या श्राद्ध के लिये आयोजन स्थल का क्षमता से आधा या 100 लोगों तक शामिल होने की छूट दी गई है . फिलहाल हाट – बाजार के लिये सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने की अनिवार्यता को कठोरता से पालन करने का निर्णय लिया गया है . इसके अलावा राज्य सरकार ने शादी-विवाह के लिए भी गाइडलाइन जारी किया है, जिसके अनुसार अगले आदेश तक शादियों में अधिकतम 100 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी. वहीं अंत्येष्टी में 100 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति मिली है.

जानें किन-किन  चीजों पर रहेगी पाबंदी 

स्टेडियम, आउटडोर, इंडोर, पार्क, जिम, जू, स्वीमिंग पुल, पर्यटन स्थल रहेंगे बंद.

स्कूल-कॉलेज बंद, सिर्फ प्रशानिक कार्यों के लिए 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोलने की अनुमति.

मॉल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ होंगे संचालित.

शादी और अंत्येष्टी में 100 लोगों को ही शामिल होने की अनुमति मिली है.

दुकानें रात आठ बजे तक ही खुली रहेंगी, दवाई दुकान नार्मल टाइम तक खुले रहेंगे.

रेस्टोरेंट, बार एवं दवा दुकानें अपने नॉर्मल समय पर बंद होंगे, बाकी सभी दुकाने रात्रि 8 बजे तक ही खुली रहेंगी.

आगामी 15 जनवरी 2022 तक सिनेमाहॉल, रेस्टोरेंट, बार एवं शॉपिंग मॉल 50% क्षमता के साथ खुलेंगे.

अगले आदेश तक बायोमैट्रिक सिस्टम रहेगा बंद. कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ होगा कार्य.

बुल्ली बाई एप के खिलाफ शिकायत मिली तो होगी कार्रवाई – गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा

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भोपाल । मुस्लिम महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट अपलोड करने वाले बुल्ली बाई एप पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह एप बंद कर दिया गया है लेकिन कोई शिकायत मिलती है तो हम भी कड़ी कार्रवाई करेंगे।

गृह मंत्री डा.मिश्रा ने कहा कि हमारे लिए नारी पूज्यनीय है । वह किसी भी धर्म , समाज की हो सदा सम्मानीय है । बुल्ली बाई एप को लेकर जानकारी मिली है कि उसमे मुस्लिम महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट डाले गए थे । इसकी शिकायत मिलते ही केंद्र की मोदी सरकार ने इस एप को प्रतिबंधित कर दिया। जिन लोगो ने भी यह हरकत की है उनके खिलाफ केंद्र और अन्य राज्य कार्रवाई कर रहे हैं। इसको लेकर कोई शिकायत मिलती है तो मध्य प्रदेश पुलिस भी कड़ी कार्रवाई करेगी।

डा. मिश्रा ने कहा कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की इस तरह की कोशिश स्वीकार्य नहीं है। जो भी ऐसा करेगा उसे सजा भुगतनी होगी। प्रधानमंत्री मोदी जी और भाजपा के लिए महिलाओं का सम्मान सबसे पहले है, चाहे वह किसी भी धर्म की हों। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने मुस्लिम महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए ट्रिपल तलाक खत्म करने का कानून लागू किया।मुस्लिम महिलाओं को आत्मनिर्भर व शिक्षित करने केंद्र व प्रदेश की शिवराज सरकार कई योजनाएं भी चला रही है। गृह मंत्री ने उन लोगो को चेतावनी दी, जो महिलाओं के सम्मान के खिलाफ सोशल मीडिया को टूल की तरह उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा काम अगर कोई करेगा तो उसकी जगह जेल में होगी।

भाजपा और कांग्रेस के लिए मुसीबत बना ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा

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भोपाल। भाजपा और कांग्रेस के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा मुसीबत बन गया है। पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण न होने से दोनों इस मुद्दे से किनारा करने की कोशिश में हैं, वहीं एक-दूसरे पर आरोप मढ़ने के चलते मामला ठंडा पड़ने के बजाय गरमा रहा है। इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच कमल नाथ अपनी तरफ से की गई कवायद को हमेशा सामने रखते हैं। हालांकि, अब भाजपा सरकार को इस मोर्चे पर दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है।

हला तो सरकारी भर्ती में 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शासन की कई भर्तियों में ओबीसी के लिए आरक्षण की जानकारी विधानसभा सत्र में भी दे चुके हैं। इन आंकड़ों के आधार पर दावा करते हैं कि उनकी सरकार ही ओबीसी की असली हितैषी है।

इधर, दूसरा संकट यह है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में आरक्षण खत्म करने से नाराजगी की आशंका है। पंचायत चुनाव के लिए जिन लोगों ने मैदान में ताल ठोक दी थी, उनकी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। ऐसे में सरकार के निर्णय को संगठन के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की चुनौती है। दोनों ही मोर्चों पर सरकार की राह आसान नहीं है।

कांग्रेस के सामने भी दोहरा संकट है। वह खुद को ओबीसी हितैषी कैसे साबित करे, इस पर पार्टी की कवायद ठंडी है। कांग्रेस ने पंचायत चुनाव के खिलाफ याचिका लगाई तो ओबीसी आरक्षण खत्म हो गया। यह मामला कानूनी दांवपेच में उलझ गया है। कांग्रेस इन आरोपों को तकनीकी पहलुओं की आड़ में गलत साबित करना चाहती है। कांग्रेस के सामने दूसरा बड़ा सकट ओबीसी वर्ग के नेताओं की कमी है। भाजपा जहां प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री तक कई बड़ेे पदों पर ओबीसी को मौका देने का तथ्य सामने रखती है, वहीं कांग्रेस के पास संगठन में ही ओबीसी चेहरों का अभाव है। अरुण यादव जैसे नेता संगठन में हैं, तो उपेक्षा के शिकार हैं।

भाजपा सरकार ने आज तक ओबीसी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया : पटेल

पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार ने आज तक ओबीसी वर्ग के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस सरकार ने शासकीय नौकरियों में पहले 14 और फिर 27 प्रतिशत आरक्षण दिया। पंचायत चुनाव में 25 प्रतिशत आरक्षण देने का काम कांग्रेस ने किया। रामजी महाजन आयोग बनाया और पिछड़ा वर्ग के हित में कदम उठाए।

कांग्रेस हमेशा से ही ओबीसी वर्ग की विरोधी रही है : भूपेंद्र सिंह

मंत्री भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा से ही ओबीसी वर्ग की विरोधी रही है। दरअसल, पिछड़ा वर्ग के हित में भाजपा के लगातार कामों से कांग्रेस की कलई खुलने लगी है। मेरा संपूर्ण ओबीसी समाज से आग्रह है कि कांग्रेस की साजिश को समझें और कांग्रेस से बचकर रहें । यह वह कांग्रेस है, जिसने पिछड़ा वर्ग को छलने और उसे वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का ही काम किया है।

मध्‍य प्रदेश में मतांतरण की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हो : सीएम शिवराज

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भोपाल । प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति के आधार पर भी जिलों की अलग से रैकिंग होगी। इसमें जिलों में होने वाले अपराध और उन पर की गई कार्रवाई के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। पुलिस भर्ती प्रति वर्ष होगी। थाने में अभी जब्त वाहनों का अंबार लगा रहता है। इससे ये कबाड़ की जगह नजर आते हैं। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। मतांतरण की घटनाएं हो रही हैं। एनजीओ की आड़ में चलने वाली ऐसी गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए। यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को गृह विभाग की समीक्षा के दौरान दिए।

पुलिस की धमक और जनता का विश्वास होना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की धमक होनी चाहिए। आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों में खौफ होना चाहिए। उन्होंने पूछा कि पुलिस मुख्यालय में पदस्थ अधिकारी कितने दौरे करते हैं। वरिष्ठ अधिकारी इसका ब्योरा रखें और जांच भी करें। जटिल प्रकरणों की गुत्थियां सुलझाने में फारेंसिक साइंस की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसके लिए सक्षम संस्थान और अनुसंधान प्रणाली विकसित की जाए। पुलिस थानों की भी ग्रेडिंग (सर्वश्रेष्ठ, बेहतर, नंबर दो और फिसड्डी) की जाए। साइबर क्राइम, ड्रग्स, नक्सलवाद, महिला और बच्चों के प्रति हो रहे अपराध को रोकने पर विशेष ध्यान रहे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को पुलिस में भर्ती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जनसंवाद करें और सूचना प्रौद्योगिकी में पुलिसकर्मियों को दक्ष किया जाए।

फिटनेस का रखें ध्यान

मुख्यमंत्री ने भोपाल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सचिन अतुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों की फिटनेस ऐसी ही होनी चाहिए। पेट बाहर निकला हुआ है और ढीला-ढाला शरीर नहीं होना चाहिए। एक आकर्षण होना चाहिए।

जेल में ड्रग्स और मोबाइल पहुंचने की घटनाएं रोकें

जेल विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि जेल में ड्रग्स और मोबाइल पहुंचने की घटनाओं को से गंभीरता लें। ऐसे घटनाएं नहीं होनी चाहिए। कैदियों द्वारा तैयार उत्पादों की ब्रांडिंग करें। हमें पांच साल में कितने जेल भवन बनाने हैं, यह तय कर लें। कुछ जगहों पर जेल शहर के बीच में हैं। इनकी जगह दूसरे स्थान पर जेल बनाई जाए। इससे जेल भवन भी बन जाएंगे और भूमि का सदुपयोग भी हो जाएगा। जेल भवन दो और तीन मंजिल बनाए जा सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारी जेलों का नियमित निरीक्षण करें। विचाराधीन कैदियों की संख्या भी कम हो। कैदियों के अस्वस्थ होने पर निजी चिकित्सकों से भी इलाज की व्यवस्था करें।

दो दिन मनेगी मकर संक्रांति, राशि के अनुसार करें इन सामग्रियों का दान

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इंदौर । सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व मकर सक्रांति इस बार 14 जनवरी को होगा।इस दिन सूर्य देवता धनु राशि निकलकर मकर राशि में दोपहर 2.32 बजे प्रवेश करेंगे। इसके चलते पुण्यकाल सूर्य अस्त 5.55 बजे तक 3.37 मिनिट रहेगा। इस बार सक्रांति का वाहन बाघ, उपवाहन अश्व और हाथों में गदा रूपी शस्त्र है। ज्योतिर्विदों के मुताबिक मकर सक्रांति का सामान्य फल विद्वान और शिक्षित के लिए लाभ दायक रहेगी। अनिष्टकारी न होने के बावजूद भय और चिंता का वातावरण भी निर्मित होगा।साथ ही महंगाई पर नियंत्रण बना रहेगा।

मतमतांतर के साथ सक्रांति का पर्वकाल 15 जनवरी को भी माना जाएगा।ज्योतिर्विद् आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार मकर सक्रांति इस बार पौष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि के दिन 14 जनवरी को शुक्ल और ब्रह्म योग के मंगलकारी संयोग में मनाई जाएगी।इस दिन रोहणी नक्षत्र भी रहेगा।

शास्त्रों में उल्लेख है कि सूर्य अस्त होने से पहले जिस दिन सूर्य राशि परिवर्तन करता है उसी दिन उसका पर्व माना जाता है। इसके चलते विश्वविजय, निर्णय सागर, चिंताहरण आदि पंचांगों में पर्व 14 जनवरी का बताया गया है। इसके अलावा उदया तिथि की महत्ता के अनुसार 15 जनवरी को भी सक्रांति स्नान-दान मत-मतांतर के साथ लोग करेंगे।

ऐसा होगा संक्रांति का स्वरूप

-वाहन : बाघ

-उपवाहन : अश्व

-वस्त्र : पीले

-गमन : पूर्व दिशा

-शस्त्र : गद्दा

-पात्र : रजत

-गंधद्रव्य : कुमकुम

-वय : कुमारी

राशिनुसार इन सामग्री का करें दान

– मकर व कुंभ राशि वालों को इस दिन काले तिल और जरूरतमंद को कंबल दान करना चाहिए। इससे राहु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।

– मेष, तुला, सिंह और मिथुन राशि के जातकों को अशुभ प्रभाव से निजात के लिए कंबल दान करना चाहिए।

– वृश्चिक, धनु और मीन राशि वालों को खिचड़ी और फल का दान करना चाहिए।इससे शनि की प्रसन्नता प्राप्त होती है।

– वृषभ, कर्क और कन्या राशि वालों को वस्त्र दान करना हितकर होगा।वस्त्र पुराने या इस्तामल किए नहीं होना चाहिए।

24 घंटों में मिले कोरोना के 33 हजार नए मरीज, 123 की मौत

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देश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं। ओमिक्रोन के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। ओमिक्रोन के मामलों में भी तेज बढ़ोतरी हो रही है। कुल मामले बढ़कर 1,757 हो गए हैं। इनमें से 687 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं। ओमिक्रोन के मामले 23 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में सामने आ हैं। सबसे अधिक महाराष्ट्र में 510, दिल्ली में 351 और केरल में 181 मामले मिले हैं। सोमवार को शाम छह बजे तक मिली सूचना के मुताबिक केरल में 29, कर्नाटक में 10 और गोवा में चार और नए मामले मिले हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से सोमवार सुबह आठ बजे अपडेट किए गए आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटे में 33,750 नए मामले मिले हैं और 123 और मौतें हुई हैं। एक दिन पहले 27 हजार से कुछ ज्यादा केस मिले थे। सक्रिय मामलों में 22,781 की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में सक्रिय मामले बढ़कर 1,45,582 हो गए हैं जो कुल मामलों का 0.42 प्रतिशत है। कोविन पोर्टल के शाम छह बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना रोधी वैक्सीन की 146.63 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं।.

जान्हवी कपूर बैकलेस टॉप में दिखा हॉट अवतार

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जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड अभिनेत्रियों में से एक है। जान्हवी अपनी एक्टिंग के साथ फैशन सेंस के कारण भी सुर्खियों में रहती है। हाल ही में एक्ट्रेस को न्यू ईयर पार्टी में जाते हुए देखा गया। हमेशा की तरह जान्हवी बेहद हॉट लग रही थीं। हालांकि कई नेटिजन्स ने उन्हें ट्रोल भी किया है।

विरल भयानी ने शेयर की फोटोज

जान्हवी कपूर की फोटोज को मशहूर सेलिब्रिटी फोटोग्राफर विरल भयानी ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। जिसमें एक्ट्रेस ब्लैक कलर की वन शोल्डर बैकलेस टॉप और ब्लू रिब्ड जींस पहने नजर आ रही है। उन्होंने अपने लुक को एक बैग, स्नीकर्स, गोल्डन हूप इयररिंग्स और मास्क से पूरा किया है।

फैंस के करे कमेंट

खबर लिखे जाने तक पोस्ट को 35,982 यूजर्स लाइक कर चुके थे। कई यूजर्स ने जान्हवी की फोटोज पर जमकर प्यार बरसाया है। वहीं कुछ लोगों ने जमकर ट्रोल किया। एक ने कमेंट कर लिखा कि इसको ठंड नहीं लगती क्या। जबकि एक ने पहलवान और वजन कम करने की सलाह दी। एक ट्रोल ने कपड़े को लेकर एक्ट्रेस की जमकर क्लास लगाई। वहीं कई फैंस ने उन्हें हॉट, ग्लैमरस और स्टनिंग बताया।

काम करने की इच्छा

हाल ही में एक इंटरव्यू में सारा अली खान ने जान्हवी कपूर के साथ काम करने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगर करण जौहर मेरे,जान्हवी और विजय देवरकोंडा के साथ ‘कुछ कुछ होता है’ बनाए, तो यह बहुत अच्छा होगा।

मीडिया से खुद बात करेंगे विराट कोहली

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पिछले कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में छाये रहने के बावजूद विराट कोहली खुद मीडिया के सामने नहीं आ रहे हैं। कप्तान होने के बावजूद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले विराट ने साउथ अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उठे विवादों के बाद से कोहली ने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ऐसे में मीडिया में लगातार सवाल उठाये जा रहे हैं कि आखिर विराट कोहली मीडिया के सामने आने से क्यों बच रहे हैं? अब इस सवाल का जवाब मिल गया है। टीम को कोच राहुल द्रविड़ ने ही इसका खुलासा किया। टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि दरअसल कोहली अपने मीडिया मैनेजर की सलाह पर मीडिया से दूर हैं और वो अपने 100वें टेस्ट मैच के मौके पर मीडिया से मुखातिब होंगे।

जोहानिसबर्ग में सोमवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच से पहले रविवार को आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब राहुल से पूछा गया कि कोहली क्यों प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं आ रहे हैं तो राहुल ने बताया, “अभी उनका 100वां टेस्ट होने वाला है तो तब विराट सामने आएंगे। आनंद लोग (मीडिया) ने मुझे बताया कि उनको इसलिए रोक के रखा है ताकि 100वें टेस्ट से पहले उन्हें मीडिया के सामने लाया जाए। तब वह आपके सामने आएंगे और तब आप उनसे सवाल पूछ सकते हैं।”

विराट कोहली ने अभी तक 98 टेस्ट मैच खेले हैं। जोहानिसबर्ग में खेला जाने वाला अगला मैच उनके करियर का 99वां टेस्ट मैच होगा। इसके बाद इस सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच केपटाउन में खेला जाएगा, जो कोहली के करियर का 100वां टेस्ट मैच होगा। इस मैच से पहले विराट कोहली मीडिया से बात करेंगे। उनके अभी तक के आंकड़े देखे जाएं तो 98 मैचों में कोहली ने 7854 रन बनाए हैं, जिसमें 27 शतक और इतने ही अर्धशतक शामिल हैं। कोहली ने हालांकि बीते दो साल से टेस्ट में कोई शतक नहीं जमाया है। उम्मीद है कि इस सीरीज में विराट कोहली अपने प्रशंसकों को निराश नहीं करेंगे। कोच राहुल द्रविड़ ने भी भरोसा जताते हुए कहा कि कोहली के बल्ले से जल्दी बी बड़ा स्कोर आनेवाला है।

मध्‍य प्रदेश में दिवंगत 70 शिक्षक परिवारों को अध्यापक-शिक्षक संघ ने दिया संबल

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भोपाल । शिक्षक पति या पिता के दिवंगत होने के बाद आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे उनके स्वजन का जब मामूली पेंशन से काम नहीं चला और आर्थिक तंगी के कारण वे किसी समस्या में उलझे तब आजाद अध्यापक-शिक्षक संघ ने उन्हें संबल दिया। संघ ने 20-20 हजार रुपये देकर ऐसे 70 परिवारों की मदद की है। इनमें से कुछ परिवारों को नवंबर और कुछ को दिसंबर 2021 में सहयोग किया गया।

ज्ञात हो कि इन परिवारों को ही ध्यान में रखकर संघ ने पुरानी पेंशन प्रणाली की बहाली का अभियान छेड़ा है। मनोकामना यात्रा इसी अभियान का हिस्सा थी। संघ पुरानी पेंशन की बहाली की मांग पर अड़ा है और राज्य सरकार पर दबाव बनाने की नई रणनीति तय कर रहा है। संभवत: प्रदेश का यह पहला कर्मचारी संघ है, जिसने अपने सदस्यों का इस तरह से सहयोग किया है।

प्रदेश में दो लाख 85 हजार शिक्षक हैं। यह वर्ष 2018 में अध्यापक से शिक्षक बने हैं। इन्हें वर्तमान में अंशदायी पेंशन योजना का लाभ दिया जा रहा है, पर इससे फायदा नहीं है। हालात यह हैं कि सेवानिवृत व दिवंगत शिक्षकों के स्वजनों को पेंशन के नाम पर हर माह 1200 से तीन हजार रुपये मिल रहे हैं। संघ इस राशि को भरण-पोषण के लिए नाकाफी मानता है और पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहा है।

संघ के पदाधिकारी कहते हैं कि सरकार पिछले तीन साल में कोरोना एवं अन्य कारणों से दिवंगत हुए शिक्षकों के स्वजन की ही सुध ले। मनोकामना यात्रा में भी हमने यही बात की है। इतने परिवारों का सहयोग करने पर सरकार पर ज्यादा आर्थिक भार नहीं आएगा, पर सरकार सुन नहीं रही है।

आजीवन सदस्यों के स्वजन को मिली आर्थिक मदद

संघ ने उन्हीं दिवंगत सदस्यों के स्वजन की आर्थिक मदद की है, जिन्होंने आजीवन सदस्यता ली है। संघ को पांच सौ रुपये देकर आजीवन सदस्यता लेने वाले 22 हजार शिक्षक हैं। इन सदस्यों से इकठ्ठा की गई राशि में से 14 लाख रुपये दिवंगत सदस्यों के स्वजन को दी गई है। संघ आजीवन सदस्यता शुल्क में से 50 प्रतिशत राशि जिला इकाई को देता है और शेष राशि में से किसी सदस्य की आर्थिक सहायता सहित विभिन्न् कार्यक्रमों पर खर्च करता है।