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शुभमन गिल ने 190 की स्ट्राइक रेट से बनाए रन, अर्शदीप सिंह की टीम को 1 रन से हराया

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शुभमन गिल ने एक बार फिर अपनी शानदार बल्लेबाजी का दम दिखाते हुए तेजतर्रार पारी खेली। उन्होंने करीब 190 के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर अपनी टीम को रोमांचक मुकाबले में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। मुकाबले में अर्शदीप सिंह की टीम को महज 1 रन से हार का सामना करना पड़ा।

शुभमन गिल ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। उनकी तेज बल्लेबाजी ने टीम के स्कोर को मजबूती दी और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। गिल की इस पारी की बदौलत उनकी टीम ने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी अर्शदीप सिंह की टीम ने भी मुकाबले को आखिरी गेंद तक रोमांचक बनाए रखा। बल्लेबाजों ने जीत के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन अंतिम चरण में टीम लक्ष्य से सिर्फ 1 रन पीछे रह गई।

इस बेहद करीबी मुकाबले में शुभमन गिल की आक्रामक बल्लेबाजी निर्णायक साबित हुई। वहीं अर्शदीप सिंह की टीम ने शानदार संघर्ष किया, लेकिन मामूली अंतर से मुकाबला गंवा दिया। मैच के बाद गिल की पारी और मुकाबले के रोमांचक नतीजे की क्रिकेट जगत में चर्चा रही।

एकादशी के दिन बुध करेंगे गोचर, इन राशियों की किस्मत चमकने के संकेत; करियर और धन में मिल सकता है लाभ

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल में होने वाला परिवर्तन सभी राशियों के जातकों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डालता है। इसी क्रम में एकादशी के दिन बुध ग्रह राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, शिक्षा और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में बुध का गोचर कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ फलदायी माना जा रहा है।

बुध के इस गोचर का प्रभाव नौकरी, व्यापार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक संबंधों पर देखने को मिल सकता है। जिन जातकों की कुंडली में बुध की स्थिति अनुकूल है, उन्हें इस दौरान नए अवसर मिलने और कार्यक्षेत्र में सफलता प्राप्त होने के योग बन सकते हैं।

इन राशियों को मिल सकता है लाभ
मिथुन राशि: बुध का गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और लंबे समय से अटके काम पूरे होने के योग बनेंगे। व्यापार करने वाले जातकों को भी लाभ मिल सकता है।

कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक दृष्टि से शुभ रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने के साथ धन संबंधी योजनाओं में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है।

तुला राशि: बुध के प्रभाव से तुला राशि के जातकों के आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। व्यापार और करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। बातचीत और संपर्कों के माध्यम से भी लाभ मिलने की संभावना है।

मकर राशि: मकर राशि के जातकों को इस गोचर के दौरान करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ निवेश से जुड़े मामलों में भी लाभ के संकेत हैं।

हालांकि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां सामान्य गणनाओं पर आधारित होती हैं। किसी व्यक्ति के लिए बुध के गोचर का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में बुध की स्थिति और अन्य ग्रहों के प्रभाव पर निर्भर करता है।

मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय मंच तैयार करना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य में निवेशकों के लिए दीर्घकालिक विकास साझेदारी का एक विश्वसनीय और मजबूत मंच तैयार करना है। प्रदेश सरकार उद्योगों और निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही निवेश प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी, समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों, कुशल मानव संसाधन और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण निवेश के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को केवल उद्योग स्थापित करने की सुविधा ही नहीं, बल्कि उनके दीर्घकालिक विकास और विस्तार के लिए भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों और लॉजिस्टिक सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इससे निवेशकों को बेहतर कारोबारी वातावरण मिलेगा और नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार निवेशकों को प्रदेश के विकास में सहभागी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देकर मध्यप्रदेश को औद्योगिक और आर्थिक विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार और निवेशकों के बीच मजबूत साझेदारी से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी, उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।

MP में नई यात्री परिवहन व्यवस्था की तैयारी, इंदौर में 11-12 सितंबर को होगा परिवहन विजन समिट

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मध्य प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके लिए 11 और 12 सितंबर 2026 को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में यात्री परिवहन विजन समिट-2026 आयोजित की जाएगी। दो दिवसीय समिट में प्रदेश की भविष्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और Mobility Vision 2030 को लेकर व्यापक मंथन होगा।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा फोकस
समिट का प्रमुख फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। सरकार की योजना सार्वजनिक परिवहन को केवल बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित रखने के बजाय इसे बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से जोड़ने की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समिट में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह विशिष्ट अतिथि रहेंगे।

PPP मॉडल से मजबूत होगा बस नेटवर्क
समिट में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के जरिए यात्री बस सेवाओं के विस्तार और संचालन पर चर्चा होगी। निजी बस ऑपरेटरों, बस निर्माताओं, टेक्नोलॉजी कंपनियों, निवेशकों, परिवहन विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाकर नए निवेश और साझेदारी के अवसर तलाशे जाएंगे।

ई-मोबिलिटी से AI तक पर मंथन
भविष्य की परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन मोबिलिटी, डिजिटल टिकटिंग, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS), फ्लीट मैनेजमेंट, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, AI एवं डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट बस स्टॉप और पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और डिजिटल यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना है।

Mobility Vision 2030 का तैयार होगा रोडमैप
समिट के जरिए मध्य प्रदेश की Mobility Vision 2030 को आगे बढ़ाने के लिए रोडमैप तैयार करने पर जोर रहेगा। इसमें स्वच्छ परिवहन, डिजिटल-फर्स्ट मोबिलिटी, एकीकृत टिकटिंग, बेहतर यात्री सुविधाओं और परिवहन क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। सरकार और उद्योग जगत के बीच सीधे संवाद के जरिए निवेश, पायलट प्रोजेक्ट और तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

इस समिट को मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को स्मार्ट, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

तीज हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व, मातृशक्ति की आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना का प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीज पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर मातृशक्ति को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीज छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जुड़ा पावन पर्व है। इस पर्व में मातृशक्ति के प्रेम, आस्था, त्याग और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना का भाव समाहित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज का पर्व महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। महिलाएं इस अवसर पर श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत रखकर परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और पति के दीर्घायु होने की कामना करती हैं। यह पर्व पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी माध्यम है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और पर्व-त्योहारों में यहां की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान दिखाई देती है। तीज जैसे पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकजुटता की भावना को मजबूत करते हैं। इन पर्वों के माध्यम से हमारी लोक संस्कृति और परंपराएं जीवंत बनी रहती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से तीज पर्व को श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए तथा प्रदेश में खुशहाली और सामाजिक सौहार्द की भावना और मजबूत हो।

तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपरा के प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि तीजा-पोरा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने के साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकजुटता की भावना को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा पर्व मातृशक्ति की आस्था, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ इस पर्व को श्रद्धा और उत्साह से मनाती हैं। वहीं पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। किसान और ग्रामीण समाज इस अवसर पर कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले पशुधन और कृषि उपकरणों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं में प्रकृति, कृषि और पारिवारिक जीवन का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। तीजा-पोरा तिहार इसी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का माध्यम है। ऐसे पर्व हमारी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी परंपराओं को संरक्षित रखने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से तीजा-पोरा तिहार को पारंपरिक उल्लास और सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए तथा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और सामाजिक सौहार्द को और मजबूती प्रदान करे।

मायावती का Gen-Z आंदोलन पर बड़ा बयान, बोलीं- राजनीतिक दलों ने किया ‘हाइजैक’; कार्यकर्ताओं को दी ये नसीहत

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने Gen-Z युवाओं और बेरोजगारों की समस्याओं को लेकर चल रहे आंदोलनों के राजनीतिकरण पर चिंता जताई है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब स्वतंत्र कम और राजनीतिक ज्यादा दिखाई दे रहा है।

मायावती ने आरोप लगाया कि विभिन्न राजनीतिक दल ऐसे आंदोलनों को अपने प्रभाव में ले रहे हैं। उनका कहना है कि इससे युवाओं और छात्रों के मन में आंदोलन को लेकर गंभीर शंकाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को दिखाए गए बड़े सपनों के बाद अब आंदोलन के राजनीतिक स्वरूप को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

‘युवाओं की जायज मांगों के साथ BSP’
बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी Gen-Z और Gen-Alpha सहित युवाओं की जायज मांगों और समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर है। उन्होंने कहा कि पार्टी आगे भी युवाओं की समस्याओं के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयास करती रहेगी।

BSP कार्यकर्ताओं को आंदोलन से दूर रहने की सलाह
मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से धरना, प्रदर्शन और आंदोलनों में शामिल नहीं होने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपनी शारीरिक, मानसिक और आर्थिक ऊर्जा को आगामी चुनावों के लिए बचाकर रखने को कहा। मायावती ने कहा कि BSP का लक्ष्य ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर सरकार बनाकर युवाओं समेत समाज के सभी वर्गों की समस्याओं का स्थायी समाधान करना है।

मायावती के इस बयान को उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति में युवाओं की भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Gen-Z के मुद्दों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी तेज होती दिखाई दे रही है।

SIP: सिर्फ ₹3,000 महीने के निवेश से बन सकता है ₹2 करोड़ का रिटायरमेंट फंड, जानिए कितने साल लगेंगे

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अगर आप रिटायरमेंट के लिए बड़ी रकम जुटाना चाहते हैं, तो SIP यानी Systematic Investment Plan एक लंबी अवधि का विकल्प हो सकता है। खास बात यह है कि छोटी रकम से शुरुआत करके भी कंपाउंडिंग की मदद से बड़ा कॉर्पस तैयार किया जा सकता है। SIP कैलकुलेटर भी निवेश की अवधि, अनुमानित रिटर्न और मासिक निवेश के आधार पर संभावित भविष्य की वैल्यू का अनुमान लगाते हैं।

₹3,000 की SIP से ₹2 करोड़ कब?
मान लीजिए कोई निवेशक हर महीने ₹3,000 की SIP करता है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलने की धारणा रखता है। इस अनुमान के आधार पर ₹2 करोड़ का लक्ष्य करीब 36-37 साल में हासिल हो सकता है। यानी लंबे समय तक नियमित निवेश और कंपाउंडिंग इस लक्ष्य को संभव बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

करीब 36.7 साल में कुल निवेश लगभग ₹13.2 लाख होगा, जबकि बाकी रकम अनुमानित रिटर्न और कंपाउंडिंग से बनेगी। हालांकि, यह केवल गणितीय अनुमान है—म्यूचुअल फंड के रिटर्न बाजार से जुड़े होते हैं और 12% रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।

कंपाउंडिंग का दिखेगा बड़ा असर
SIP में हर महीने निवेश की गई रकम अलग-अलग समय के लिए निवेशित रहती है। समय बढ़ने के साथ निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाने लगता है, जिससे कंपाउंडिंग का प्रभाव बढ़ता जाता है। यही वजह है कि रिटायरमेंट जैसे लंबे लक्ष्य के लिए जल्दी शुरुआत और नियमित निवेश महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

क्या ₹3,000 SIP पर्याप्त है?
यह व्यक्ति की उम्र, रिटायरमेंट की उम्र, महंगाई और भविष्य की जरूरतों पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, आज के ₹2 करोड़ की खरीद क्षमता कई दशकों बाद महंगाई के कारण काफी कम हो सकती है। इसलिए समय के साथ SIP की रकम बढ़ाना यानी Step-up SIP अपनाना रिटायरमेंट प्लान को मजबूत कर सकता है।

नोट: ऊपर की गणना 12% अनुमानित वार्षिक रिटर्न पर आधारित है। वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

यूपी में पढ़ाई के साथ रोजगार की तैयारी, योगी सरकार के ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ से हुनरमंद बनेंगे हजारों छात्र

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उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ को आगे बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत 36,103 विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ ऐसे व्यावहारिक हुनर से जोड़ना है, जो आगे चलकर रोजगार, स्वरोजगार और बेहतर करियर के अवसरों में मददगार साबित हों।

इन क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण
प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत विद्यार्थियों को उनकी रुचि और उपलब्ध प्रशिक्षण के अनुसार आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस, कृषि और मैनेजमेंट जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का जोर विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक दक्षता विकसित करने पर रहेगा।

एक बैच में अधिकतम 35 छात्र
प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक बैच में अधिकतम 35 विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। प्रशिक्षण की अवधि जरूरत के अनुसार 300 घंटे तक होगी, ताकि नियमित स्कूली पढ़ाई प्रभावित किए बिना विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा सके। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल के निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा।

स्कूल स्तर पर ही करियर की तैयारी
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अनुसार, प्रोजेक्ट प्रवीण का मूल उद्देश्य माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें भविष्य की नौकरी एवं उद्यमिता के लिए तैयार करना है। आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक योजना में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है।

AI से लेकर आधुनिक कौशल तक फोकस
प्रोजेक्ट प्रवीण को भविष्य की तकनीकी जरूरतों से जोड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी शामिल किया गया है। 2026 में ‘AI for All’ पाठ्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक से परिचित कराया गया है। इससे छात्रों में डिजिटल और तकनीकी कौशल विकसित करने पर सरकार का फोकस साफ दिखाई देता है।

सरकार का लक्ष्य है कि विद्यार्थी शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार की दिशा में आगे बढ़ें। स्कूल स्तर पर ही व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलने से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य के करियर विकल्पों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।

दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईशान का शतक, वैभव-तिलक की नोकझोंक ने बढ़ाया रोमांच; सिराज रहे बेअसर

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चेन्नई में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल के पहले दिन क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर रहा। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने शानदार शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा के बीच मैदान पर हुई तीखी बहस ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। दूसरी ओर, तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज विकेट के लिए संघर्ष करते नजर आए।

ईशान किशन का शानदार शतक
ईस्ट जोन की पारी में कप्तान ईशान किशन ने जिम्मेदारी संभालते हुए बेहतरीन बल्लेबाजी की। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना 10वां शतक पूरा किया और टीम को बड़े स्कोर की ओर पहुंचाया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक ईस्ट जोन ने 385/4 का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया था।

वैभव ने सिराज पर बरसाए चौके-छक्के
युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने मोहम्मद सिराज के ओवर में चौके-छक्के लगाकर दबाव बनाया और 44 रन की तेज पारी खेली। हालांकि वह अपना अर्धशतक पूरा करने से महज 6 रन दूर रह गए।

तिलक-वैभव की मैदान पर बहस
वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी के दौरान साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने उन्हें स्लेज करने की कोशिश की। 11वें ओवर के आसपास दोनों के बीच बातचीत देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गई। स्थिति बढ़ने पर अंपायरों को बीच-बचाव करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

सिराज नहीं दिला सके सफलता
साउथ जोन को मोहम्मद सिराज से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन पहले दिन वह प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 14 ओवर में 96 रन खर्च किए और कोई विकेट नहीं लिया। ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ खुलकर रन बनाए।

पहले दिन के प्रदर्शन ने फाइनल को बेहद रोमांचक बना दिया है। ईशान किशन का शतक, वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी और तिलक-वैभव की गर्मागर्म बहस के बाद अब दूसरे दिन साउथ जोन के गेंदबाजों पर वापसी का दबाव होगा।