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साँची दूध के टैंकर अब डिजिटल लॉक

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भोपाल : प्रबंध संचालक एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन शमीमुद्दीन ने बताया कि साँची के दूध टैंकरों में दूध की चोरी और पानी मिलाने की घटनाओं को रोकने के लिये प्रदेश के सभी दुग्ध संघों के 155 टेंकरों में डिजिटल लॉक, व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम और पी.एच. सेंसर लगाये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का संभवत: पहला राज्य होगा, जहाँ राज्य दुग्ध संघ द्वारा दूध की उच्च गुणवत्ता बनाये रखने के लिये यह पहल की जा रही है।

प्रबंध संचालक ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिये कि टैंकर अधिकृत व्यक्ति द्वारा निर्धारित स्थान पर ही खोला जा रहा है, दूध टैंकरों में इनलेट और आउटलेट पर उच्च गुणवत्ता के आईपी-68, ईएन-16864, सीईएन-4 सर्टिफाइड मेकट्रॉनिक्स डिजिटल लॉक लगाये जाएंगे। यह लॉक वॉटरप्रूफ होंगे और 20 से 65 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कार्य कर सकेंगे। लॉक्स में 128 बिट इन्क्रिप्शन होगा, जिन्हें ओटीपी आधारित ब्लूटूथ चाबियों से ही खोला जा सकेगा।

छेड़-छाड़ की स्थिति में सक्रिय होगा एलर्ट

टैंकर निगरानी का पूरा कार्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश में 4 स्थानों पर स्थापित नियंत्रण कक्ष द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। टैंकरों के संचालन की ट्रेकिंग व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। इससे टैंकर निर्धारित मार्ग से हट नहीं सकेंगे। टेंकर के पूर्व निर्धारित मार्ग से हटने, पूर्व निर्धारित समिति के अतिरिक्त अन्य स्थान पर पर खड़े होने अथवा छेड़-छाड़ किये जाने की स्थिति में संबंधितों को एलर्ट जारी होंगे। पीएच सेंसर से पता लगेगी दूध में मिलावट संबंधित अधिकारी मोबाइल एप के माध्यम से टैंकरों के परिचालन पर निगरानी रखेंगे। पीएच सेंसर के माध्यम से दूध में पानी अथवा किसी भी चीज़ की मिलावट होने पर पता लग जाएगा। उल्लेखनीय है कि साँची प्रदेश का प्रतिष्ठित ब्रांड है, जो गुणवत्ता के लिये कृत संकल्पित है।

CM शिवराजसिंह जोबट में आदिवासी भाइयों के साथ रात गुजारेंगे

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Jobat (Aalirajpur) : मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान आज जोबट उपचुनाव में चुनाव प्रचार करने आए थे। लेकिन, वे वहां से वापस नहीं लौट रहे। वे भाबरा के नजदीक कबीरसेज गांव में आदिवासी भारचंद भूरिया के घर रात्रि विश्राम करेंगे। CM का रात्रि भोज भी इस आदिवासी परिवार के साथ उनके घर पर ही होगा। CM आदिवासियों के साथ रात में बैठकर करेंगे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। भारचंद भूरिया की पत्नी की पिछले दिनों कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। CM अपने श्रद्धा सुमन भी ज्ञापित करेंगे। बताया गया कि CM शिवराजसिंह गांव के घर पर खटिया पर ही विश्राम करेंगे।

विश्वविद्यालयों के नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में लगेगा वक्त

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विश्वविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में यह देरी ऐसे समय में हो रही है जबकि यूजीसी कोरोना के चलते बुरी तरह लड़खड़ाए शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटा है।
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) सहित सभी शिक्षा बोर्डों ने बारहवीं के नतीजे भले ही 31 जुलाई तक जारी कर दिए थे, देश के ज्यादातर विश्वविद्यालयों में अभी तक नया शैक्षणिक सत्र शुरू नहीं हो सका है। अभी भी इनमें दाखिले की प्रक्रिया ही चल रही है। माना जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। ये भी संकेत मिल रहे हैं कि नए शैक्षणिक सत्र को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) जल्द ही संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।

विश्वविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में यह देरी ऐसे समय में हो रही है जबकि यूजीसी कोरोना के चलते बुरी तरह लड़खड़ाए शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटा है। यही वजह है कि यूजीसी ने समय रहते ही नए शैक्षणिक सत्र को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिया था। इसमें 30 सितंबर तक दाखिला प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया था। हर हाल में 18 अक्टूबर से नए सत्र की पढ़ाई शुरू करने और अगले साल एक अगस्त तक इस सत्र को पूरा करने के का निर्देश भी दिया था। बावजूद इसके अभी दिल्ली विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित देश के ज्यादातर विश्वविद्यालयों में दाखिले की ही प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने में अभी कम से कम 15 दिन और लगेंगे। इलाहाबाद जैसे विश्वविद्यालयों में यह अवधि और भी बढ़ सकती है।
करीब दर्जनभर विश्वविद्यालयों ने यूजीसी से मांगा मार्गदर्शन

वैसे भी नए शैक्षणिक सत्र में हो रही देरी को देखते हुए करीब दर्जनभर विश्वविद्यालयों ने यूजीसी से मार्गदर्शन भी मांगा है, जिसमें शैक्षणिक सत्र की अवधि बढ़ाना भी शामिल है। सूत्रों की मानें तो यूजीसी ने शैक्षणिक सत्र को लेकर जारी गाइडलाइन में संशोधन पर मंथन शुरू कर दिया है। इसे लेकर शिक्षाविदों से राय मांगी गई है। गौरतलब है कि यूजीसी ने नए शैक्षणिक सत्र की यह गाइडलाइन 16 जुलाई को ही जारी की थी। उस समय तक बारहवीं के नतीजे भी जारी नहीं हुए थे।

यूपी चुनाव से पहले प्रियंका गांधी का बड़ा ऐलान

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प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं उन लोगों के लिए आवाज बनूंगी जो अपनी बात नहीं कह पाते. यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस ने नया नारा भी दिया, `लड़की हूं लड़ सकती हूं.`

लखनऊ: कांग्रेस (Congress) की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने आज (मंगलवार को) प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि आज सत्ता में नफरत को बोलबाला है, उसको बदलना चाहती हूं. इसे महिलाएं बदल सकती हैं. अगर देश को जातिवाद और धर्म की राजनीति से निकाल कर समता की राजनीति की ओर ले जाना है तो महिलाओं को आगे आना पड़ेगा.

प्रियंका गांधी ने किया ये वादा

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि आज हमने तय किया है कि यूपी के आने वाले विधान चुनाव (UP Assembly Election 2022) में कांग्रेस (Congress) पार्टी 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देगी. यूपी की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी तो राष्ट्रीय तौर पर भी बढ़ेगी. मैं इस वक्त यूपी की इंचार्ज हूं. जो महिलाएं हैं वो एकजुट होकर एक फोर्स नहीं बन रही हैं. उनको भी जातियों में बांटा जा रहा है. सोच ये है कि महिलाओं को जाति और प्रदेश से ऊपर उठकर एक साथ लड़ना है.

एक्ट्रेस पूजा बेदी और उनके मंगेतर को हुआ कोरोना

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पूजा बेदी ने कोरोना वायरस के चपेट में आ गई हैं, उनके साथ उनके मंगेतर और मेड भी इस वायरस का शिकार हो गए है। पूजा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से उम्मीद व्यक्त करते हुए एक वीडियो शेयर किया है कि उनकी “नेचुरल इमिन्युटी” उन्हें ठीक होने में मदद करेगी। पूजा कोरोनो वायरस वैक्सीन नहीं लेने की अपनी “पसंद” के बारे में हमेशा मुखर थीं। बता दें, पूजा ने अभी तक वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लिया है।

 कोविड पॉजिटिव हूं
रविवार को ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में पूजा ने कहा, “सभी को नमस्कार! मैं सोच रही थी कि मुझे अब तक कोरोना वायरस क्यों नहीं हुआ। यह इतना संक्रामक है और हर कोई इसकी चपेट में आया है। अच्छा, ऐसा लगता है कि मैंने अब इसे पकड़ लिया है। मैं कोविड पॉजिटिव पाई गई हूं। ” फिर उसने खुलासा किया कि पिछले कुछ दिनों से मेरे गले में खराश और खांसी थी। मैंने कुछ दिनों पहले ही अपनी अलमारी की सफाई की थी तो मुझे लगा यह डस्ट एलर्जी है। फिर मुझे बुखार आया। टेस्ट कराया तो पता चला मुझमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं और मैं पॉजिटिव आई हूं।

सभी आवश्यक सावधानी बरत रही हूं
पूजा बेदी ने कहा, “हमें पता होना चाहिए कि वैक्सीन आने से पहले कोरोनो वायरस से पीड़ित 99% लोग बच गए हैं। टीकाकरण के बाद 99% बच गए हैं। हमें सावधानी की जरूरत है, घबराने की नहीं। मैं सभी जरूरी चीजें ताजे फल, स्टीम इनहेलेशन आदि ले रही हूं।

घबराना नहीं है
वीडियो को शेयर करते हुए पूजा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “COVID POSITIVE!!!! आखिरकार मुझे कोविड पॉजिटिव पाया गया है। मैंने कोविड वैक्सीन नहीं लगवाने का डिसीजन लिया है, और यह मेरा पर्सनल डिसीजन है क्योंकि मैं चाहती हूं कि मेरी नैचुरल इम्यूनिटी और वेलनेस प्रैक्टिस मुझे ठीक होने में मदद करें। आप वही करते हैं जो आपके लिए ठीक होता है। हम सबको अपनी सुरक्षा करनी है। घबराना नहीं है।

जेल में बढ़ाई गई आर्यन खान की सुरक्षा, विशेष बैरक में किया गया शिफ्ट

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नई दिल्ली, शाह रुख खान के बेटे आर्यन खान फिलहाल मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ उसकी हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। आर्यन की जमानत का आदेश 20 अक्टूबर के लिए सुरक्षित रखा गया है।

जेल अधिकारियों ने आर्यन खान की सुरक्षा बढ़ा दी है। कथित तौर पर, उसे एक विशेष बैरक में ले जाया गया है और अधिकारियों द्वारा उसकी निगरानी की जा रही है। स्टार किड्स भी ड्रग मामले के अन्य आरोपियों से बातचीत और मुलाकात नहीं कर रहे हैं।

आर्यन को जेल की स्थितियों और वहां का खाना रास नहीं आ रहा। पहले कुछ दिनों को आर्यन खान ने सिर्फ बिस्कुट खानकर दिन गुजारे थे। पीने के लिए भी उनके पास सिर्फ कुछ बॉटल ही मिनिरल वॉटर बचे थे। कहा जा रहा था कि आर्यन इसलिए भी कुछ नहीं खा रहे थे ताकि उन्हें जेल के गंदे टॉयलेट में जाना ना पड़ा।

 

इससे पहले, अधिकारियों ने खुलासा किया कि आर्यन के माता-पिता ने उसे कैंटीन के खर्च के लिए 4500 रुपए का मनी ऑर्डर भेजा था। कथित तौर पर उसके लिए अभी तक किसी भी घरेलू भोजन की अनुमति नहीं दी गई है।

एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने अपनी टीम के साथ हाल ही में आर्यन खान की काउंसलिंग की थी। इस दौरान आर्यन ने उनसे कहा कि जेल से बाहर निकलने के बाद वो गरीबों और कमजोरों की मदद करेंगे। काउंसलिंग सेशन में आर्यन ने ये भी वादा किया कि वो अब कभी कुछ गलत नहीं करेंगे जिसकी वजह से वो चर्चा में आएं। इसके साथ ही आर्यन ने कहा, ‘मैं एक दिन ऐसा कुछ जरूर करूंगा, जिससे आपको मुझ पर गर्व होगा।’

कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने की गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात

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भोपाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने सोमवार को गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा से उनके आवास पहुंचकर मुलाकात की। दोनों के बीच करीब आधा घंटा बंद कमरा चर्चा हुई। इसके बाद सियासी गलियारों में कांग्रेस नेताओं द्वारा गृहमंत्री से एक के बाद मुलाकात किए जाने को लेकर चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है। हालांकि, दोनों नेताओं ने इस सौजन्य भेंट करार दिया। इसके पहले विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी डा. मिश्रा से मुलाकात की थी।

पिछले कुछ समय से कांग्रेस के नेताओं द्वारा गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात करने का सिलसिला बढ़ा है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह पिछले एक माह में तीन बार उनसे मुलाकात कर चुके हैं। विधानसभा में कांग्रेस दल के मुख्य सचेतक डा. गोविंद सिंह ने भी उनसे मुलाकात की थी। हालांकि, इसे उन्होंने सौजन्य भेंट करार देते हुए कहा था कि डा. मिश्रा रिश्ते निभाना जानते हैं और सभी दलों के नेताओं से उनके व्यक्तिगत संबंध हैं।

ज्‍योतिर्मय सम्‍मान समारोह में गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने 22 गुरुजनों को किया सम्‍मानित

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भोपाल । नवदुनिया ज्‍योतिर्मय सम्‍मान समारोह में सोमवार को मुख्‍य अतिथि गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने 22 गुरुजनों को सम्‍मानित किया। उन्‍होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान हमेशा सर्वोपरि रहा है। हर किसी के घर में गुरु की तस्वीर जरूर दिखाई देती है लेकिन किसी उद्योगपति की नहीं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि गुरु का स्थान सर्वोपरि है। नवदुनिया ने लगातार पांच साल से ज्योतिर्मय सम्मान कार्यक्रम करके बहुत ही अच्छी पहल की है। यह सम्‍मान समारोह सैर-सपाटा के पास स्थित सयाजी होटल में आयोजित हुआ।

कोरोना काल में स्कूल नहीं खुल पाए लेकिन बच्चों की शिक्षण व्यवस्था शिक्षकों के कारण ही सुचारू रूप से संचालित होती रही। कई शिक्षकों ने मोहल्ला क्लास लगाकर और घर-घर जाकर पढ़ाई कराई। अब स्कूल खुल गए हैं, पर बच्चों की उपस्थिति बहुत कम है। इसके बाद भी शिक्षक आनलाइन व आफलाइन मोड से पढ़ाई कराकर अपनी पूरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। शिक्षकों के कारण ही विद्यार्थियों के अंदर व्यवहारिकता के साथ-साथ संस्कार के गुण विकसित होते हैं। गुरुजनों के इन्हीं प्रयासों की सराहना करने के लिए सोमवार को नवदुनिया ज्योतिर्मय सम्मान समारोह आयोजित किया है। कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षा जगत से जुड़े संस्थान के उच्च पदों पर आसीन अधिकारी भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में नईदुनिया के राज्य संपादक सद्गुरु शरण अवस्थी, नईदुनिया के आपरेशन हेड नरेश पांडे, स्थानीय संपादक नवदुनिया भोपाल संजय मिश्र, यूनिट हैड मानवेंद्र द्विवेदी, राज्‍य ब्यूरो धनंजय प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक सम्‍मानित

शिक्षा में उत्कृष्टता की दिशा और सेवा कार्यों के लिए नवदुनिया का यह प्रतिष्ठापूर्ण सम्मान शिक्षा जगत में सराहनीय है। अपने ज्ञान से शिष्यों का भविष्य संवारने वाले और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शहर के चुनिंदा शिक्षकों को नवदुनिया ज्योतिर्मय सम्मान दिया गया है।

किसानों के ‘रेल रोको’ आंदोलन से 130 जगहों पर असर

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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के संबंध में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने तथा गिरफ्तार करने की मांग को लेकर पंजाब और हरियाणा में किसान सोमवार को सुबह संयुक्त किसान मोर्चा के छह घंटे के ‘रेल रोको’ आंदोलन के तहत रेल की पटरियों पर बैठ गए। इस रेल रोको आंदोलन से नॉर्दन रेलवे जोन की 130 जगहों पर असर पड़ा और करीब 50 ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई हैं। रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर ने इसकी जानकारी दी है। 

उत्तर पश्चिमी रेलवे में राजस्थान और हरियाणा में कुछ जगहों पर रेल यातायात प्रभावित हुआ। इन दोनों राज्यों में 2 ट्रेनें कैंसिल हुईं और 13 ट्रेनें आंशिक तौर पर रद्द हुईं। इसके अलावा प्रदर्शन के कारण एक ट्रेन को डाइवर्ट करना पड़ा।

नॉर्दन रेलवे जोन में जो ट्रेनें प्रभावित हुई हैं उनमें चंडीगढ़-फिरोजपुर एक्सप्रेस शामिल हैं। यह ट्रेन लुधियाना से सुबह 7 बजे रवाना होनी थी, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रेन अभी तक फिरोजपुर-लुधियाना पर खड़ी है। नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस को भी शंभु स्टेशन पर पर प्रदर्शनकारियों की वजह से रोकना पड़ा।

किसानों ने हनुमानगढ़ में रेल पटरी पर प्रदर्शन किया और केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं जयपुर में मोर्चे के सदस्यों ने जयपुर जंक्शन के बाहर प्रदर्शन किया। मोर्चे के राज्य संयुक्त सचिव संजय माधव ने कहा,’ हमें जयपुर जंक्शन में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई इसलिए हमने प्रवेश द्वार पर ही धरना दिया।’

आंदोलन के कारण राजस्थान के हनुमानगढ़ व गंगानगर जिले में रेल यातायात प्रभावित हुआ है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जन सम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के अनुसार किसान आंदोलन के चलते हुए भिवानी-रेवाड़ी, सिरसा-रेवाड़ी, लोहारू-हिसार, सूरतगढ़-बठिंडा, सिरसा-बठिंडा हनुमानगढ़-बठिंडा, रोहतक-भिवानी, रेवाड़ी-सादुलपुर, हिसार-बठिंडा, हनुमानगढ़-सादुलपुर तथा श्रीगंगानगर- रेवाड़ी रेलखंडों के बीच रेल यातायात प्रभावित हुआ है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के कारण बठिण्डा-रेवाडी स्पेशल रेलसेवा व सिरसा-लुधियाना स्पेशल रेलसेवा को सोमवार को रद्द कर दिया गया। वहीं कम से कम 13 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। जबकि कुछ ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया जा रहा है।

भारतीय उद्यमी ने जीता पहला अर्थशॉट पुरस्कार

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ब्रिटेन : जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पोते प्रिंस विलियम ने “अर्थशॉट पुरस्कार” की शुरुआत की है. इसके तहत 2030 तक हर साल पांच अलग-अलग कैटेगरी में 1 मिलियन पाउंड का पुरस्कार दिया जाएगा.पहली बार दिए गए ‘अर्थशॉट पुरस्कारों’ के मुख्य विजेताओं में एक भारतीय सामाजिक उद्यम ‘टकाचार’ भी शामिल है. इसे ‘क्लीन आवर एयर’ श्रेणी में बायो-कचरे को बिकने लायक ईंधन में बदलने के लिए यह पुरस्कार दिया गया. इस सामाजिक उद्यम के प्रमुख हैं दिल्ली के उद्यमी विद्युत मोहन. यह पुरस्कार कुल पांच अलग-अलग श्रेणियों में दिए गए. कोस्टा रिका, इटली, बहामास और भारत के प्रोजेक्ट अर्थशॉट पुरस्कारों के पहले विजेता बने.

सभी विजेताओं को जलवायु परिवर्तन को खत्म करने से संबंधित प्रोजेक्ट्स के लिए 1 मिलियन पाउंड यानी करीब 10 करोड़ रूपये मिलेंगे. ब्रिटिश राजपरिवार पर्यावरण पर चिंतित ये पर्यावरणीय पुरस्कार महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पोते प्रिंस विलियम ने शुरु किए हैं. इनका उद्देश्य दुनियाभर के लोगों को नई तकनीक और नीतियों के जरिए पर्यावरणीय समस्याओं का हल निकालने के लिए प्रेरित करना है. रविवार को ये समारोह संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन 2021 (COP26) से सिर्फ दो हफ्ते पहले हुआ. COP26 का आयोजन ब्रिटेन की अध्यक्षता में ग्लासगो में किया जाना है. हाल ही में ब्रिटिश शाही परिवार की ओर से पर्यावरणीय मुद्दों पर कई बयान भी दिए गए हैं.

एक बहुचर्चित बयान में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने कहा था कि वे दुनिया के नेताओं से आजिज आ चुकी हैं, जो जलवायु परिवर्तन की चर्चा करते हैं लेकिन इसके खिलाफ कोई कड़ा कदम नहीं उठाते. प्रिंस विलियम ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में कहा, “हम मानव इतिहास के सबसे निर्णायक दौर में जी रहे हैं. अगले दस सालों में हम जो कदम उठाएंगे और जिन्हें रोकेंगे वो अगले 1 हजार सालों का धरती का भविष्य तय करेंगे” ‘धरती की मरम्मत’ के लिए एकजुट होने की अपील उन्होंने कहा, “कई उत्तर पहले ही दिए जा चुके हैं. लेकिन हमें सभी की जरूरत है, समाज के सभी हिस्सों के उद्देश्यों को ऊपर उठाने की जरूरत है ताकि हम धरती की मरम्मत में एकजुट हो सकें” अन्य विजेताओं में इटली के शहर मिलान ने ‘बिल्ड अ वेस्ट-फ्री वर्ल्ड’ पुरस्कार जीता. उसे यह पुरस्कार ‘फूड वेस्ट हब्स’ प्रोग्राम के लिए दिया गया. इसके तहत सुपरमार्केट और रेस्टोरेंट आदि से खाना जुटाया जाता है और इसे जरूरतमंदों में बांट दिया जाता है. कोस्टा रिका की सरकार को पर्यावरण बचाने और सुधारने का पुरस्कार प्रोटेक्ट एंड रिस्टोर नेचर दिया गया.

यह पुरस्कार लोगों को पेड़ लगाने के बदले पैसे दिए जाने और पर्यावास को सुधारने के कदम के लिए दिया गया. इसके अलावा बहामास के एक संगठन को मर रहीं कोरल रीफ को बचाने के लिए भी पुरस्कार मिला. प्रिंस विलियम और उनकी चैरिटी, द रॉयल फाउंडेशन ने पिछले साल अर्थशॉट पुरस्कारों की घोषणा की थी. इसकी प्रेरणा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी के साल 1962 में लॉन्च किए ‘मूनशॉट’ भाषण से ली गई है, जिसने अमेरिकी नागरिकों को चांद पर जाने की चुनौती दी थी.ये प्रतिष्ठित पुरस्कार साल 2030 तक हर साल पांच विजेताओं को दिए जाएंगे.