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सांसदों-विधायकों से मुलाकात करने राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू 15 को भोपाल आऐंगी

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भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू 15 जुलाई को भोपाल आएंगी। वे यहां मुख्यमंत्री आवास पर होने पर होने वाली बैठक में भाजपा के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के मुलाकात करेंगी। वहीं, मतदान से एक दिन पहले 17 जुलाई को भाजपा विधायक दल की बैठक भी बुलाई गई है। इसमें 18 जुलाई को मतदान से संबंधित प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा।

वरिष्ठ भाजपा विधायक और प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसौदिया ने बताया कि बैठक सुबह दस बजे प्रस्तावित है। इसमें राष्ट्रपति पद की प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू का सांसदों और विधायकों से परिचय कराया जाएगा। वे सभी से संवाद भी करेंगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारी अपनी बात रखेंगे। वहीं, 18 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए एक दिन पहले 17 जुलाई को सभी विधायक भोपाल पहुंचेंगे।

शाम को विधायक दल की बैठक होगी। सूत्रों का कहना है कि इसमें सभी को मतदान की प्रक्रिया के बारे में बताया जाएगा ताकि किसी प्रकार की कोई त्रुटि न हो। विधायक भोपाल और सांसद दिल्ली में मतदान करेंगे। प्रदेश में 230 विधायक हैं। इनमें 127 भाजपा, 96 कांग्रेस, दो बसपा, एक सपा और चार निर्दलीय हैं। जबकि, लोकसभा के 29 और राज्य सभा के 11 सदस्य हैं।

14 जुलाई को यशवंत सिन्हा करेंगे कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक

उधर, राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के प्रत्याशी यशवंत सिन्हा 14 जुलाई को कांग्रेस के विधायकों और सांसदों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में होगी। इसके लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा.गोविंद सिंह सभी विधायकों को पत्र लिखकर अनिवार्य रूप से रहने के लिए कह चुके हैं। इसमें छिंदवाड़ा से सांसद नकुल नाथ, राज्य सभा सदस्य दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और राजमणि पटेल भी उपस्थित रहेंगे।

मतदान के लिए तैयारी पूरी

उधर, विधानसभा सचिवालय ने मतदान के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं। सभी विधायक भोपाल के विधानसभा भवन स्थित मतदान केंद्र पर मतदान करेंगे। 13 जुलाई को मतपेटी दिल्ली से भोपाल लाई जाएगी, जिसे पुलिस अभिरक्षा में विमानतल से विधानसभा भवन स्थित स्ट्रांग रूम में लाकर रखा जाएगा। 18 जुलाई को मतदान के बाद सहायक रिटर्निंग आफिसर विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह शाम को इसे विमान से दिल्ली ले जाएंगे।

नगरीय निकाय चुनाव का दूसरे चरण के सोमवार को थमेगा प्रचार

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मध्य प्रदेश में दूसरे चरण के नगरीय निकाय चुनाव का आज सोमवार को प्रचार थम जाएगा। बुधवार को सुबह सात से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। इसमें पांच नगर निगम, 40 नगर पालिका और 169 नगर परिषद के लिए छह हजार 829 मतदान केंद्रों पर मतदान कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की है।

आयोग के अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण में 38 जिलों के नगरीय निकायों के लिए चुनाव कराया जा रहा है। इसमें पांच नगर निगम के महापौर, पार्षद और 209 नगर पालिका व नगर परिषद के पार्षद पद का चुनाव होगा। मतदान इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा। प्रत्येक वार्ड में अतिरिक्त ईवीएम की व्यवस्था की गई है ताकि माकपोल या मतदान के दौरान मशीन खराब होने पर तत्काल बदला जा सके।

कलेक्टरों को दी मतदान पर्ची वितरण की जिम्मेदारी

पहले चरण के नगरीय निकाय चुनाव में 60 प्रतिशत मतदान हुआ था। कम मतदान को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह से मुलाकात करके मतदान पर्ची का वितरण न होने, मतदान केंद्र के निर्धारण में मतदाता सूची का ध्यान न रखने की शिकायत की। इसे गंभीरता से लेते हुए आयोग ने सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदान से पहले सभी मतदाताओं को मतदाता पर्ची मिलना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है।

20 जुलाई को होगी मतगणना

दूसरे चरण के मतदान की मतगणना अब 20 जुलाई को होगी। पहले यह 18 जुलाई को होनी थी लेकिन राष्ट्रपति पद के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस और भाजपा के अनुरोध पर आयोग ने इसे दो दिन आगे बढ़ा दिया है। दरअसल, दोनों ही दलों ने मांग की थी कि राष्ट्रपति चुनाव के मतदान में भाग लेने के लिए सभी विधायक भोपाल में रहेंगे, इसलिए मतगणना की तारीख एक-दो दिन आगे बढ़ाई जाए।

गोवा में कांग्रेस में फूट पड़ी

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महाराष्ट्र की तरह गोवा में भी बागी विधायकों के पार्टी बदलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक गोवा कांग्रेस के 7 से 10 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और कभी भी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं। विधानसभा सत्र शुरू होने से एक दिन पहले बुलाई गई कांग्रेस पार्टी की मीटिंग से कई विधायक नदारद थे। सूत्रों के मुताबिक रविवार को गोवा कांग्रेस के तीन विधायक, विधानसभा सत्र से एक दिन पहले पार्टी की बैठक में शामिल नहीं हुए। इस बात की चर्चा जोरों पर है कि बैठक से नदारद रहे सभी विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। वैसे, गोवा कांग्रेस ने ऐसी किसी संभावना को खारिज करते हुए इसे अफवाह बताया है। वहीं कॉन्ग्रेस में फूट कूी खबरों के बीत गोवा विधानसभा के स्पीकर ने डिप्टी स्पीकर को चुने जाने का नोटिफिकेशन रद्द कर दिया है।

जिन विधायकों ने बागी तेवर अपनाए हैं, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत, मौजूदा विपक्ष के नेता माइकल लोबो, उनकी पत्नी देलिला लोबो, केदार नाइक और राजेश फलदेसाई शामिल हैं। शनिवार को कांग्रेस विधायकों की बैठक में दिगंबर कामत शामिल नहीं हुए थे। ये कांग्रेस की ओर से साल 2022 में गोवा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री उम्मीदवार थे। बताया जा रहा है कि नेता विपक्ष नहीं बनाये जाने को लेकर नाराज हैं। इसी तरह बीजेपी से कांग्रेस में आये माइकल लोबो के बारे में भी कहा जा रहा है कि वो लगातार बीजेपी के संपर्क में हैं। वैसे लोबो ने इन अटकलों को अफवाह बताते हुए कहा कि यह जो बैठक अब की गई है, एक सप्ताह पहले ही की जानी थी, लेकिन कुछ विधायक समय पर गोवा नहीं पहुंच पाए।

क्या है दलीय स्थिति?

मौजूदा समय में गोवा की 40 सीटों वाली विधानसभा में सत्ताधारी एनडीए के 25 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 11 विधायक हैं। अगर कांग्रेस के 7 से 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी, तो उनके हाथ से नेता विपक्ष का पद भी चला जाएगा। आपको बता दें कि गोवा विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रत्याशियों ने राहुल गांधी के सामने एक एफिडेविट पर साइन किया था, जिसमें उन्होंने इस बात पर सहमति जताई थी कि वे भाजपा में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा उन्होंने मंदिर, होली क्रॉस श्राइन और मस्जिद में भी इसी तरह की शपथ ली थी।

श्रीलंका में लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर जमाया कब्जा,

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श्रीलंका के लोगों ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा जमा लिया है और वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। इनका कहना है कि जब तक राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे इस्तीफा नहीं देते, वो वहां से नहीं हिलेंगे। वैसे राष्ट्रपति ने 13 जुलाई को इस्तीफे का ऐलान किया है, लेकिन लोगों का कहना है कि अब उन्हें राष्ट्रपति की बातों पर यकीन नहीं है। बता दें कि कल यानी शनिवार को बड़ी संख्या में आम जनता ने राष्ट्रपति भवन पर हमला बोल दिया था। इसके बाद राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे यहां से भाग गए थे। इसके कुछ ही देर के बाद प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने इस्तीफा दे दिया था। इस बीच रविवार को एक और कैबिनेट मंत्री ने इस्तीफा दे दिया। इस तरह अब तक 4 केन्द्रीय मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।

राष्ट्रपति भवन में मिला बंकर

राष्ट्रपति भवन में एक बंकर पाया गया है। जानकारी के मुताबिक यह बंकर अंडरग्राउंड था और नकली दरवाजों के पीछे छुपाया गया था। बंकर तक पहुंचने के लिए एक लिफ्ट का भी इंतजाम था। मीडिया सूत्रों के मुताबिक महल में तैनात विशेष कार्य बल (एसटीएफ) टीम के सदस्यों ने भी इसकी पुष्टि की। यह बंकर इस तरह से तैयार किया गया है कि किसी भी तरह के हमले से सुरक्षित रह सकता है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने भागने के लिए इसी का इस्तेमाल किया गया होगा।

लापता राष्ट्रपति का निर्देश

श्रीलंका के लापता राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे अज्ञात स्थान से ही शासन चला रहे हैं। रविवार को गोटबाया राजपक्षे ने अधिकारियों के देश में गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। आर्थिक संकट की मार झेल रहे श्रीलंका को 3700 मीट्रिंक टन एलपीजी मिली है जिसके बाद गोटबाया ने रसोई गैस का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उधर सेना प्रमुख ने लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की है। श्रीलंकाई सेना प्रमुख जनरल शैवेंद्र सिल्वा ने रविवार को कहा कि मौजूदा राजनीतिक संकट को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का अवसर अब उपलब्ध है।

भारत ने इंग्लैंड को 49 रन से हराया, सीरीज में 2-0 से बनाई बढ़त

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भारत ने दूसरे टी20 मैच में इंग्लैंड को 49 रन से हरा दिया। साथ ही तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने 20 ओवर में 8 विकेट गंवाकर 170 रन बनाए। रवींद्र जडेजा ने सबसे ज्यादा 46 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड टीम 17 ओवर में 121 रन पर आलआउट हो गई। मोइन अली ने 35 रन बनाए। भारत के लिए भुवनेश्वर कुमार ने सबसे अधिक 3 विकेट लिए। जसप्रीत बुमराह और युजवेंद्र चहल के खाते में 2-2 विकेट आए। यह रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 में लगातार 14वीं जीत है।

पंत-शर्मा ओपनिंग करने उतरे

कप्तान रोहित शर्मा के साथ विकेटकीपर ऋषभ पंत ने पारी की शुरुआत की। रोहित (31 रन) और पंत (26 रन) ने पहले विकेट के लिए तेजी से 49 रनों की साझेदारी की। ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के 29 गेंदों पर 46 रनों की पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 20 ओवर में आठ विकेट पर 170 रन बनाए। क्रिस जार्डन ने चार और रिचर्ड ग्लीसन ने तीन विकेट लिए।

भारतीय गेंदबाजों का रहा जलवा

भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह ने शुरू से ही इंग्लैंड पर दबाव बनाए रखा। जिसके कारण इंग्लैंड ने 27 रनों पर ही तीन विकेट गंवा दिए। पूरी टीम 17 ओवर में 121 रनों पर सिमट गई। भुनेश्वर ने तीन जबकि बुमराह और चहल ने दो-दो विकेट लिए।

कोहली का खराब प्रदर्शन

विराट कोहली तीन बॉल पर एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। कोहली और रोहित को ग्लीसन ने आउट किया। पूर्व कप्तान कुछ सालों से फॉर्म से परेशान हैं। पिछले साल टी20 विश्व कप के बाद से उन्होंने दो टी20 मैच खेले हैं। विराट ने इस दौरान सिर्फ आईपीएल खेला, लेकिन उसमें भी प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टेस्ट के दोनों पारियों में उनका बल्ला खामोश रहा। टीम इंडिया ने प्लेइंग इलेवन में चार बदलाव किए हैं। विराट कोहली, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा की वापसी हुई है। अर्शदीप सिंह, दीपक हुड्डा, अक्षर पटेल और ईशान किशन को बाहर किया गया है।

श्रीलंका में बदतर हुए हालात, प्रदर्शनकारियों ने पीएम विक्रमसिंघे के घर में लगाई आग

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आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की हालत अब ज्यादा खराब हो गई है। जनता ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया। राष्ट्रपति अपना आवास छोड़कर भाग गए। गुस्साई प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आधिकारिक घर पर भी जमकर तोड़फोड़ की। साथ ही कई वीडियो सामने आए, जिसमें वह स्विमिंग पूल में नहाते दिख रहे हैं। इधर रैली के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। जिसमें लगभग 100 लोग घायल हो गए।

पीएम विक्रमसिंघे पद छोड़ने को तैयार

प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे पद छोड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने एक ऑडियो जारी कर कहा कि वह कुछ शर्तों के साथ पद से इस्तीफा देंगे। उन्होंने कहा, विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख की यात्रा और इंटरनेशनल मुद्रा कोष के साथ चर्चा के लिए देश में सरकार जरूरी है। प्रशासन के बिना देश का नेतृत्व करना ठीक नहीं है।

पीएम के घर की ओर बढ़ी भीड़

पीएम विक्रमसिंघे के आवास के बाहर हालत तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की। उनके सुरक्षा अधिकारियों ने घर के बाहर पत्रकारों की पिटाई कर दी।

राष्ट्रपति से इस्तीफा देने का अनुरोध

हालात काबू में करने के लिए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। उन्होंने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की अपील की। पोदुजाना पेरामुना के 16 सांसदों ने लेटर लिखकर राष्ट्रपति से इस्तीफा देने का अनुरोध किया। इससे पहले पिछले महीने तत्कालीन पीएम महिंदा राजपक्षे अपने परिवार के साथ भाग गए। उग्र लोगों ने कोलंबे में महिंदा के सरकारी आवास को घेर लिया था।

पीएम विक्रमसिंघे इस्तीफा देने को तैयार

स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धने के घर जूम पर नेताओं की बैठक हुई। जिसमें राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पद से हटाने की बात रखी गई है। पीएम विक्रमसिंघे इस्तीफा देने को तैयार हैं। सांसद हर्षा डी सिल्वा ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।+

कम मतदान से लाभ-हानि के आकलन में जुटी भाजपा-कांग्रेस

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मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में हुए कम मतदान ने भाजपा और कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। दोनों ही दल के नेता कम मतदान से लाभ एवं हानि का आकलन करने में जुटे हैं। महापौर प्रत्याशी अपने स्तर पर वार्डवार आकलन कर रहे हैं तो पार्टी नेता भी प्रभारियों के माध्यम से जानकारी जुटा रहे हैं। कांग्रेस कम मतदान का कारण सत्ता विरोधी माहौल को बता रही है तो भाजपा ने इसके लिए अव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, पार्टी नेताओं को सरकार के विकास कार्यों पर भरोसा है और आश्वस्त हैं कि परिणाम भाजपा के पक्ष में रहेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सभी 11 नगर निगमों के महापौर प्रत्याशियों से मतदान को लेकर जानकारी ली। उन्होंने कम मतदान के बन रही स्थिति पर चर्चा की। पार्टी के चुनाव कार्य के प्रभारी जेपी धनोपिया ने बताया कि कम मतदान से साफ है कि प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी का कहना है कि कांग्रेस कम मतदान को लेकर यदि प्रसन्न् है तो 17 जुलाई बहुत दूर नहीं है। पहले चरण के नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम 17 जुलाई को आएंगे। यदि कांग्रेस इतनी ही आश्वस्त है तो फिर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन और अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका पर प्रश्न क्यों उठाए जा रहे हैं। कम मतदान का कारण वर्षा और अव्यवस्था रही है। इसको लेकर पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह को ज्ञापन भी दिया है।

प्रत्याशियों से नाराजगी भी बड़ा कारण

कम मतदान का बड़ा कारण प्रत्याशियों से नाराजगी भी रही है। भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों को लेकर कई जगह पर विरोध दर्ज कराया गया। कार्यकर्ता घर से नहीं निकले और उन्होंने मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करने का काम भी नहीं किया।

उर्फी जावेद ने दिया हेटर्स का करारा जवाब, कहा मैं एक दिन कपड़े ही नहीं पहनूंगी

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उर्फी जावेद हमेशा अपने फैशन सेंस को लेकर चर्चा में बनी रहती हैं। लेकिन वे बड़ी ही बेबाक हैं। उन्हें अपनी बात दुनिया के सामने अच्छी तरह से रखना आता है। उर्फी न तो किसी सीरियल में आ रही हैं और न ही किसी म्यूजिक वीडियो में और न ही उर्फी ने कोई फिल्म साइन की है। लेकिन इन सब के बावजूद भी उर्फी सोशल मीडिया पर छाई हुई है। उर्फी हमेशा अपने अतरंगी कपड़ों के लिए सुर्खियों में बनी रहती है। और उनके ड्रेसिंग सेंस को लेकर वे कई बार ट्रोल भी हो चुकी हैं। अब एक बार फिर उर्फी ने ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है।

उर्फी ने दिया बड़ा स्टेटमेंट

उर्फी अक्सर घर से बाहर निकलते ही पैपराजी से घिरी हुई नजर आती हैं। हाल ही में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। मुंबई का बारिश में उर्फी काफी रेडी होकर घर से बाहर निकली थी। पैपराजी भी उन्हें कैप्चर करने का कोई मौका नहीं छोड़ते हैं। उन्हें एक बार फिर घेर लिया गया। बातों ही बातों में उर्फी ने अपनी बोल्डनेस के साथ ऐसा स्टेटमेंट दे दिया जिसे सुनकर आप भी कहेंगे की उर्फी बेबाक होकर जीना पसंद करती हैं। पैपराजी से बात करते हुए उर्फी ने कहा कि ‘मैं एक दिन कपड़े ही नहीं पहनूंगी। क्या सरप्राइज यार। सारे आउटफिट ही सरप्राइज है। ऐसा मेरे दिमाग में नहीं रहता कि ऑडियंश को सरप्राइज देना है। मुझे जो पसंद आता है वो मैं पहन लेती हूं।’ इन शब्दों से समझा जा सकता है कि उर्फी जावेद ने हेटर्स का करारा जवाब दिया है। इसके बाद हर तरफ उर्फी जावेद चर्चा में बनी हुई हैं।

लाइट ब्लू कलर के ड्रेस में उर्फी के देखकर उनके फैंस काफी खुश हुए। उन्हें उर्फी का ये लुक खूब पसंद आया। वहीं कुछ लोग उर्फी को ट्रोल करने से बाज नहीं आते। इतना ही नहीं इससे पहले भी उर्फी जावेद ने एक इंटरव्यू में धर्म पर बड़ा बयान दिया था। उर्फी ने कहा था कि ‘वे किसी धर्म में विश्वास नहीं रखती हैं। उन्होंने इस्लाम का ठेका नहीं ले रखा है।’ उर्फी के इन बयानों से साफ समझा जा सकता है कि जैसे वे अपने कपड़ों से सभी को हैरान कर देती हैं वैसे ही अपने बयानों से भी वे सभी को शाॅक दे सकती हैं। उर्फी को लेकर कोई कुछ भी सोचें लेकर उन्हें किसी की बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता।

भगवंत मान की दुल्हन बनी गुरप्रीत कौर, केजरीवाल ने निभाई पिता की रस्में

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आज दूसरी शादी चंडीगढ़ में डॉक्टर गुरप्रीत कौर से हो रही है। शादी की सभी रस्में निभाई जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक इस शादी में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पहुंचे हैं और उन्होंने शादी में भगवंत मान के पिता की रस्में निभाई। केजरीवाल ने कहा, “आज बहुत खुशी का दिन है कि मेरे छोटे भाई और पंजाब के मुख्यमंत्री विवाह के बंधन में बंध रहे हैं। मैं भगवान से प्रार्थना करते हूं की उनको सुखी वैवाहिक जीवन दें।”

मुख्यमंत्री भगवंत मान का अपनी पिछली पत्नी से करीब 6 साल पहले तलाक हो गया था। भगवंत मान की पहली पत्नी इंद्रजीत कौर थी और फिलहाल इंद्रजीत और बच्चे अमेरिका में रहते हैं। मार्च में विधानसभा चुनाव के बाद जब आम आदमी पार्टी की पंजाब में सरकार बनी थी तो भगवंत मान के दोनों बच्चे शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए आए थे।

मां की इच्छा थी कि फिर बस जाए भगवंत मान का घर

भगवंत मान की मां हरपाल की इच्छा थी कि बेटे का घर एक बार फिर बस जाए। CM भगवंत मान के लिए मां-बहन ने खुद डॉक्टर गुरप्रीत कौर को चुना है। मिली जानकारी के मुताबिक डॉक्टर गुरप्रीत कौर भगवंत मान के परिवार के काफी करीबी है और लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं। इस शादी की तैयारियों की जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राघव चड्ढा पर है। राघव चड्ढा इस शादी की पूरी तैयारी कर रहे हैं।

पंचायत चुनाव के अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार को, 40 हजार पुलिसकर्मी तैनात

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प्रदेश में त्रिस्तरीय (ग्राम, जनपद और जिला) पंचायत चुनाव के अंतिम चरण का मतदान शुक्रवार को होगा। इसमें जिला पंचायत सदस्य के 242, जनपद पंचायत सदस्य के एक हजार 916, सरपंच के छह हजार 408 और पंच के 22 हजार 378 पद के लिए एक करोड़ 13 लाख 11 हजार 479 (58 लाख 36 हजार 623 पुरुष, 54 लाख 74 हजार 592 महिला एवं 264 अन्य) मतदाता 20 हजार 608 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 40 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मतदान सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक होगा।

मतदान के ठीक बाद मतदान केंद्र स्तर पर मतगणना प्रारंभ हो जाएगी लेकिन पंच, सरपंच और जनपद सदस्य के परिणाम की घोषणा 14 जुलाई को होगी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त बसंत प्रताप सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 39 जिलों के 92 विकासखंडों की छह हजार 607 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। अधिकांश मतदान दल देर शाम तक मतदान केंद्रों पर पहुंच गए।

तीसरे चरण में जिला पंचायत सदस्य के 243, जनपद पंचायत सदस्य के एक हजार 955, सरपंच के छह हजार 607 और पंच के एक लाख पांच हजार 293 पद हैं। इनमें से एक जिला पंचायत सदस्य, 39 जनपद पंचायत सदस्य, 174 सरपंच और 68 हजार 216 पंच निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। 25 सरपंच और 14 हजार 699 पंच पद के लिए कोई नामांकन पत्र प्राप्त नहीं हुआ।

यहां राज्य निर्वाचन आयोग नियमानुसार छह माह के भीतर चुनाव कराएगा। मतदान के लिए एक लाख तीन हजार 110 मतदानकर्मी तैनात किए गए हैं। मतदान केंद्र स्तर पर मतगणना मतदान के ठीक बाद प्रारंभ होगी, जबकि विकासखंड मुख्यालय पर मतगणना 11 जुलाई को होगी। 14 जुलाई को तीनों चरणों के पंच, सरपंच और जनपद सदस्य के निर्वाचन परिणाम की घोषणा की जाएगी। जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणाम की घोषणा 15 जुलाई को होगी।

जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रहेगा मतपत्र

प्रदेश में इस बार जिला और जनपद पंचायत सदस्य का चुनाव भी मतपत्र से कराया जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी और जनपद पंचायत सदस्य के लिए पीले रंग का मतपत्र रहेगा। सरपंच पद के लिए नीले और पंच पद के लिए सफेद रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है।