मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश भारत का सबसे तेजी से बढ़ता प्रदेश है। हम देश का दिल हैं। देश के मध्य में स्थित मध्यप्रदेश में वन, पर्याप्त जल तथा विद्युत आपूर्ति, लेण्डबैंक, खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि उत्पादन में हम अग्रणी हैं, यहाँ निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार मध्यप्रदेश को निवेश के लिए आदर्श राज्य के रूप में प्रस्तुत करने के लिए निरंतर सक्रिय है। मैं स्वयं प्रत्येक सोमवार को उद्योगपतियों से भेंट करता हूँ और यह मानता हूँ कि मैं मुख्यमंत्री के साथ-साथ मध्यप्रदेश का सी.ई.ओ. भी हूँ। मुख्यमंत्री चौहान निवास कार्यालय से यू.एस.ए. के उद्योगपतियों और फ्रेंड्स ऑफ एमपी से मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर वर्चुअली संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने उन्हें इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तथा प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।
प्रदेश में राज्य और निवेशक दोनों की प्रगति के लिए सकारात्मक स्थितियाँ विद्यमान
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है। यहाँ कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर है। मेन डेज़ लॉस की स्थिति नहीं है। निरंतर विकसित हो रही अधोसंरचना से देश की राजधानी दिल्ली और प्रमुख बंदरगाहों तक कम समय में पहुँचा जा सकता है। प्रदेश में विभिन्न उद्योगों के लिए प्रगतिशील नीतियाँ लागू हैं, शासकीय मशीनरी का व्यवहार मित्रवत है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस, सिंगल विण्डो सिस्टम तथा उद्योग लगाने से संबंधित सभी शासकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण से सिंगल टेबल पर अनुमोदन और समस्याओं के समाधान की व्यवस्था है। यहाँ राज्य और निवेशक दोनों की प्रगति के लिए सकारात्मक स्थितियाँ विद्यमान हैं। प्रदेश में दक्ष मानव संसाधन, आई.आई.टी., आई.आई.एम., इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेज, फॉर्मेसी, आई.टी.आई. जैसी संस्थाएँ तथा उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण की सुविधा, उद्योग स्थापना और उनके संचालन को सुगम बनाती हैं। प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्र-संस्करण, फार्मा, गारमेंट्स एवं टेक्सटाईल, इलेक्ट्रिकल व्हीकल, सूचना प्रौद्योगिकी, सायबर सिक्योरिटी में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं तथा स्पेशल निवेश प्रोत्साहन पैकेज का क्रियान्वयन भी जारी है।
हम आपको अतिथि देवो भव: की परम्परा के साथ आमंत्रित कर रहे हैं
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक और वन्य जीव आधारित पर्यटन के अपार अवसर उपलब्ध हैं। हम यू.एस.ए. के उद्योगपतियों और फ्रेंड्स ऑफ एम.पी. को मध्यप्रदेश में निवेश के साथ पर्यटन के लिए भी अतिथि देवो भव: की परम्परा के साथ आमंत्रित कर रहे हैं। आप निवेश के लिए भी आएँ और मध्यप्रदेश की विविधता को देखने के लिए भी आपका स्वागत है।
मुख्यमंत्री चौहान ने प्रतिभागियों को उपलब्ध कराई जानकारियाँ
मुख्यमंत्री चौहान के साथ आयोजित वर्चुअल सेशन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मनीष सिंह, फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश के संयोजक श्री जितेन्द्र मुछाल, सेन्टर फॉर अस्थमा एंड एलर्जी डॉ. सुधीर पारेख, बायो ऊर्जा ग्रुप के फाउंडर अमित भंडारी, डलास वेंचर केपिटल के को-फाउंडर आबिद अली नीमचवाला, आई.टी. कंसल्टिंग तथा ह्यूमन रिसोर्स के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था आरटेक के सी.एफ.ओ. पुनीत सिंघल, मंगो ट्री रियल एस्टेट होल्डिंग्स के मैनेजिंग पार्टनर राकेश भार्गव, टेक्सटाईल तथा हॉस्पिटेलिटी व होटल क्षेत्र में सक्रिय सुनील नायक तथा अन्य निवेशक व फ्रेंड्स ऑफ एम.पी. के सदस्य सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री चौहान ने सेशन में सम्मिलित प्रतिभागियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई। वर्चुअल सेशन में “मध्यप्रदेश द फ्यूचर रेडी स्टेट” विषय पर लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
आकर्षण के केन्द्र के रूप में उभरा है मध्यप्रदेश
अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि आर्थिक और वाणिज्यिक विषय भारत और अमेरिका के मध्य संबंधों का महत्वपूर्ण आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल से यह संबंध अधिक प्रगाढ़ हुए हैं तथा दोनों देशों के बीच आर्थिक और वाणिज्यिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं। कोरोना के बाद भारत को सप्लाय चेन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मध्यप्रदेश एग्री बिजनेस, खाद्य प्र-संस्करण, नवकरणीय ऊर्जा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में निवेश के लिए आकर्षण के केन्द्र के रूप में उभरा है। अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास तथा सभी पाँच काउंसलेट, मध्यप्रदेश में निवेश प्रोत्साहन के लिए निरंतर सक्रिय हैं।
इंदौर सहित प्रदेश की स्वच्छता और उद्योगों के लिए स्वस्थ वातावरण की हुई सराहना
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मनीष सिंह ने वर्चुअल सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर एवं संभावनाओं पर प्रजेन्टेशन दिया। पद्मश्री डॉ. सुधीर पारेख ने प्रदेश में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाईस पार्क, सुनील नायक ने प्रदेश में टेक्सटाईल क्षेत्र में संभावनाएँ, अमित भंडारी ने खाद्य प्र-संस्करण, आबिद नीमचवाला ने स्टार्टअप नीति और राकेश भार्गव ने चिकित्सा क्षेत्र में निवेश के संबंध में जानकारी प्राप्त की। फ्रेंड्स ऑफ एम.पी. के सदस्यों ने इंदौर सहित मध्यप्रदेश को स्वच्छता के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री चौहान का आभार माना। अमित भंडारी ने बताया कि वे इंदौर के पास 100 एकड़ भूमि पर मशरूम पार्क विकसित कर रहे हैं। सत्र में प्रदेश की स्टार्टअप नीति, उद्योग स्थापना के लिए विकसित सरल प्रक्रियाओं और स्वस्थ वातावरण की सराहना की गई। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने आभार प्रदर्शन किया।
मध्यप्रदेश निवेश के लिए आदर्श राज्य है – मुख्यमंत्री चौहान
नए वर्ष से मध्य प्रदेश में नजूल अनापत्ति की व्यवस्था हो जाएगी समाप्त
मध्य प्रदेश में अब नजूल अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं दी जाएगी। जनवरी 2023 से यह व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। जनता की सुविधा और आवेदनों की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। इसमें नए नियमों के तहत नजूल अधिकारी वार्षिक रूप से नजूल की भूमियों की जानकारी नगरीय निकायों और नगर एवं ग्राम निवेश संचालनालय (टीएंडसीपी) को उपलब्ध कराएंगे। इसी के आधार पर सभी नक्शे, निर्माण और लेआउट की अनुमतियां दी जाएगी। अलग से अनापत्ति जारी करने की प्रक्रिया बंद हो जाएगी। दो साल पहले जारी किए गए नजूल संबंधी नियमों के आधार पर काम कराने के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
रतलाम के पास भीषण हादसा
महू-नीमच हाईवे (फोरलेन) पर जिला मुख्यालय से करीब 28 किलोमीटर दूर सातरुंडा फंटे के पास बस का इंतजार कर रहे लोगों को ट्रक (ट्राला) द्वारा रौंदने से भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई व डेढ वर्षीय बालक सहित 11 व्यक्ति घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ज्यादातर मृतक व घायल धार जिले के रहने वाले हैं। ट्रक के बीच वाला टायर फट गया था, इससे ट्रक बेकाबू होकर लोगों व बाइकों पर जा चढ़ा।
मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक सहायता
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर लिखा कि रतलाम में ग्राम सातरुंडा के पास चौराहे पर हुई दुर्घटना में अमूल्य जिंदगियों के असमय काल कवलित व घायल होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि पीड़ा की इस घड़ी में परिजनों को संबल प्रदान करें। पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी तथा घायलों के इलाज की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है। शोकाकुल परिवार स्वयं को अकेला न समझे, हम सब परिवार के साथ हैं।
पीएम मोदी के बाद अमित शाह ने सपरिवार मतदान किया
गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 14 जिलों की 93 विधानसभा सीट पर मतदान हो रहा है। इस चरण में 61 राजनीतिक दलों के 833 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 285 निर्दलीय भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मतदान किया। 8 दिसंबर, गुरुवार को मतगणना होगी।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री इंदौर में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा भील बलिदान दिवस में शामिल हुए
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जनजातीय समाज को जल, जंगल और जमीन का अधिकार दिलाने के लिये पेसा एक्ट लागू किया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं जनता के बीच जाकर इसे सरल भाषा में समझा रहे हैं। पेसा एक्ट जनजातीय समाज को सफलता के शिखर पर ले जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वंचित वर्ग के कल्याण और समावेशी समाज बनाने के लिये सराहनीय प्रयास हो रहे हैं। राजय सरकार जनजातीय समाज को सिकल सेल जैसी बीमारी से बचाने के लिये भी सराहनीय कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री चौहान इस सबके लिये बधाई के पात्र हैं। जनजातीय नायकों ने जल, जंगल और जमीन बचाने के लिये अंग्रेजों के खिलाफ भीषण संघर्ष किया। आज टंट्या मामा भील के बलिदान दिवस पर मैं सभी को नमन करता हूँ।
राज्यपाल पटेल एवं मुख्यमंत्री चौहान आज नेहरू स्टेडियम इंदौर में क्रांति सूर्य टंट्या मामा भील बलिदान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज यहाँ क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या मामा के बलिदान दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम कोई कर्म कांड नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक क्रांति का शंखनाद है। मध्यप्रदेश की धरती पर जनजातीय कल्याण के संकल्प को पूरा भी किया जा रहा है। प्रदेश के 89 जनजातीय बहुल विकासखंडों में पेसा एक्ट लागू किया जा चुका है, जो जनजातीय समुदाय को जल, जंगल और जमीन का हक प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैं पेसा एक्ट समझाने वाला मास्टर ट्रेनर हूँ। आज आप सबको ट्रेंड करने आया हूँ, जिससे हमारे जनजातीय भाई-बहन अपने अधिकारों को समझे और अपना एवं अपने गाँव को समृद्ध कर आत्म-निर्भर बनाये। प्रदेश में मास्टर ट्रेनर्स बना कर प्रशिक्षण देने का काम चल रहा है। प्रत्येक विकासखंड में 15-15 कोआर्डिनेटर बनाये जायेंगे। पेसा एक्ट के माध्यम से जनजातीय वर्ग की जिंदगी बदलने का काम करना है। यह महा अभियान है, मुख्यमंत्री चौहान ने इसमें सभी को साथ मिल कर चलने का संकल्प भी दिलाया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कई लोग जनजातीय समाज की बेटियों से शादी कर उनकी जमीन हड़पने का षड़यंत्र करते हैं। मैं मध्यप्रदेश की धरती पर लव जिहाद का खेल चलने नहीं दूँगा। कोई बेटी के 35 टुकड़े कर दे, मैं यह बर्दाश्त नहीं करूँगा। जरूरत पड़ी तो लव जिहाद के खिलाफ कड़ा कानून बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार अच्छा कार्य करने वालों को सम्मानित करेगी और गड़बड़ी करने वालों को छोड़ेगी नहीं। शिवराज मामा का संकल्प है कि न खाऊँगा और न खाने दूँगा। बेईमान सावधान हो जायें। जगह-जगह छापामार कार्यवाही की जायेगी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आगामी बजट में गरीबों के लिये माइक्रो फाइनेंस योजना लायेंगे, जिसमें गरीबों को 5 हजार रूपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जायेगा। रोजगार एवं स्व-रोजगार के लिये ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराये जायेंगे। आने वाले समय में मध्यप्रदेश से पलायन को शून्य करेंगे, जिससे ग्रामीणों को रोजगार के लिये कहीं बाहर न जाने पड़े।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पेसा एक्ट में हर गाँव में समितियाँ बनेगी। इन समितियों में एक तिहाई सदस्य महिला होंगी। ग्राम सभाओं को अपने गाँव की जल, जंगल और जमीन के उपयोग का पूर्ण अधिकार होगा। पेसा एक्ट छल-कपट से छीनी गई जमीन पर जनजातीय समाज को दोबारा अधिकार दिलवायेगा। गाँव की रेत, गिट्टी, पत्थर पर पहला हक जनजातीय सहकारी समितियों का होगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में प्रारंभ की गई है। मेधावी छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा की फीस सरकार भर रही है। बच्चे खूब पढ़ें, कोई चिंता न करें, उनकी फीस मामा भरेगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि ग्रामों में धार्मिक एवं पूजा स्थलों का जीर्णोद्धार कराया जायेगा। हर ग्राम पंचायत में भोजन बनाने के बर्तन उपलब्ध कराये जायेंगे, जिससे ग्रामीणों को आयोजन के लिये बर्तन किराये से न लेना पड़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार जब मैं यहाँ आया था, तब कुछ मांगें पूरा करने का वादा किया था, वे सभी मांगे पूरी कर दी गई हैं। आज भंवरकुआं इंदौर में टंट्या मामा की प्रतिमा का अनावरण किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने घोषणा की कि ग्राम पंचायत दौलतपुरा के ग्राम नयापुरा में शहीद खाज्या नायक भील की प्रतिमा स्थापित की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौण वन संपदा जैसे अचार की गुठली, महुए का फूल, महुए की गुल्ली, हर्रा, बहेड़ा, बाँस, आंवला,तेन्दूपत्ता आदि को बेचने, बीनने और इनके मूल्य निर्धारण का अधिकार भी अब ग्राम सभा के पास होगा। साथ ही ग्राम सभा,अमृत सरोवर और तालाबों का प्रबंधन भी करेगी। तालाबों में सिंघाड़ा उगाने, मछली पालन और मत्स्याखेट की सहमति ग्राम सभा देगी।
आने वाली पीढ़ी के लिए हमें बेहतर धरती छोड़ना है – मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमें आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर धरती छोड़ने के लिए वृक्षा-रोपण आवश्यक है। हम सभी अपने जन्म-दिवस, विवाह की वर्षगाँठ तथा परिजनों की स्मृति में पौधे लगा कर इस दिशा में सकारात्मक प्रयास कर सकते हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में अशोक, सामिया केसिया और जंगल जलेबी के पौधे लगाते समय यह बात कही। मुख्यमंत्री चौहान की इस भावना के अनुरूप आज पौध-रोपण में तीन परिवार शामिल हुए। महापौर परिषद के सदस्य एवं पार्षद राजेश हिंगोरानी ने अपनी विवाह वर्षगाँठ पर पौधे लगाए। उनकी पत्नी रत्ना हिंगोरानी तथा परिवार के सदस्य कुमारी पारूल, जयश, दिनेश और प्रवीण प्रेमचंदानी शामिल हुए। मुख्यमंत्री चौहान को हिंगोरानी ने प्रसिद्ध सिंधी व्यंजन दाल पकवान तथा सिंधी पापड़ भेंट किए। न्यूज नेशन के रिपोर्टर आशु खान ने 13 नवम्बर को हुए विवाह के उपलक्ष्य में पत्नी समन खान के साथ पौध-रोपण किया। उनकी बहनें फरहा और सना साथ थी।
मुख्यमंत्री चौहान के साथ स्व. आर.सी.एस. स्मृति स्वास्थ्य शिक्षा एवं सामाजिक संगठन भोपाल के सदस्यों ने संगठन के संस्थापक डॉ. रामबाबू श्रवण की पुण्य-तिथि पर पौध-रोपण किया। पर्यावरण, शिक्षा और कुपोषण के क्षेत्र में कार्य कर रही इस संस्था के डॉ. विजय कुमार श्रवण, डॉ. अजय श्रवण, मनीष सैनी, गीत, लावण्या, बालक अंशुल तथा अर्नब ने भी पौधे लगाए।
सीएम शिवराज जनसेवा अभियान कार्यक्रम में भ्रष्टा0चारियों के खिलाफ गरजे
मुख्यशमंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को बैतूल जिले के कुंड बकाजन में ‘मुख्यकमंत्री जनसेवा अभियान’ के तहत हितग्राहियों के लिए संभाग स्तजरीय ‘स्वीरकृति पत्र वितरण कार्यक्रम’ में पहुंचे। यहां एक बार फिर भ्रष्टाीचारियों के विरुद्ध सीएम शिवराज के तेवर सख्तब नजर आए और उन्हों ने गड़बड़ी की शिकायतों पर मंच से ही बिजली कंपनी के सीएमएचओ एके तिवारी, जिला खनिज अधिकारी ज्ञानेश्वोर तिवारी व दो जेई को निलंबित करने की घोषणा कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेई पवन बारस्कर और साईं खेड़ा के जेई द्वारा लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उन्हें सस्पेंड किया जाता है। मुख्यमंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है कि भीमपुर से चिचोली तक 22 किलोमीटर 33 केवी विद्युत लाइन बिछना है। इसमें लापरवाही बरती तो मामा उसे छोड़ेंगे नही।
उपस्थिटत जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के माध्यम से पंचायतों और वॉर्डों में शिविर लगाकर जनहितकारी योजनाओं का लाभ देने का हम कार्य कर रहे हैं। अब सरकार भोपाल से नहीं चौपाल से चलेगी। सरकार जनता के घर-घर तक पहुंचे, ताकि जनता को भटकना न पड़े। मध्यप्रदेश की धरती पर किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार को हम चलने नहीं देंगे, इसके लिए हम संकल्पबद्ध होकर आये हैं। जिसने भी गड़बड़ की है, उसे प्रदेश में नौकरी करने लायक नहीं रहने दूंगा। हमारी सरकार जनता के लिए फूल से भी ज्यादा कोमल है। लेकिन गुंडा, बदमाश, दबंग, दलाल उनको मैं सावधान कर रहा हूं। अगर सुधरे नहीं तो बचोगे नहीं, सबके घरों पर बुलडोजर चलेगा। हमारी सरकार जनता की सेवा के लिए है। इसलिए जो अधिकारी और कर्मचारी अच्छा काम करते हैं, तो हम उन्हें सम्मानित करते हैं, लेकिन जो गलत करे, लापरवाही करे, उसे दण्डित करना भी आवश्यक है।
सीएम शिवराज ने आगे कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने यहां 159 गांव की घोघरी समूह जल योजना का भूमि पूजन किया है। इसमें 278 करोड़ रुपए लगेंगे और 159 गांवों में पीने का पानी आएगा। बिजली की समस्या के स्थाई समाधान के लिए ग्राम पंचायत में 132केवी का एक बड़ा सबस्टेशन 80 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने मेरे पास यह आवाज उठाई है कि मेड़ा बांध की ऊंचाई अगर बढ़ जाए तो और 10,000 एकड़ में सिंचाई की सुविधा हो सकती है। इसलिए आज मैं फैसला कर रहा हूं की मेड़ा बांध की ऊंचाई 1.80 मीटर बढ़ाई जाएगी। अगले बजट में बकाजन से भीमपुर मार्ग पर पुल बनवाने का काम शामिल कर दिया जाएगा, ताकि जनता को कोई दिक्कत ना हो। लोकतंत्र में असली मालिक जनता है। लोकतंत्र में कोई मुख्यमंत्री, अधिकारी, कर्मचारी असली मालिक नहीं हैं, मध्यप्रदेश की साढ़े 8 करोड़ जनता ही असली मालिक है।
इनामी मास्टरमाइंड हरप्रीत सिंह दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार
साल 2021 में लुधियाना कोर्ट बम ब्लास्ट मामले का मास्टरमाइंड दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 1 दिसंबर को फरार आतंकवादी हरप्रीत सिंह को मलेशिया के कौलालुम्पुर से आने पर गिरफ्तार किया है। लंबे समय से पुलिस को हरप्रीत सिंह की तलाश थी।
हरप्रीत पर था 10 लाख का इनाम
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार हरप्रीत सिंह पर 10 लाख का इनाम घोषित किया था, जिसके खिलाफ विशेष एनआईए अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था और एक लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था।
पाक में बैठ कर काम करता है लखबीर लिंह
हरप्रीत सिंह लखबीर सिंह रोडे का सहयोगी है, जो पाकिस्तान स्थित इंटरनेशल सिख यूथ फेडरेशन(ISYF) का प्रमुख सदस्य है। हरप्रीत सिंह लखबीर सिंह रोडे के साथ दिसंबर 2021 लुधियाना कोर्ट बिल्डिंग ब्लास्ट के साजिशकर्ताओं में से एक था। आपको बता दें लुधियाना विस्फोट में 1 व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। एनआईए ने बताया कि लखबीर सिंह रोडे के आदेश पर काम करते हुए हरप्रीत सिंह ने विशेष रूप से निर्मित IED की डिलीवरी का समन्वय किया, जिसे पाक से उसके भारत स्थित सहयोगियों को भेजा गया था, जिसका उपयोग लुधियाना कोर्ट कॉम्प्लेक्स विस्फोट में किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने इसरो जासूसी केस में पलटा फैसला
इसरो जासूसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए 4 आरोपियों की जमानत को रद्द कर दिया है। आपको बता दें कि केरल हाईकोर्ट ने इसरो वैज्ञानिक नंबी नारायणन को फंसाने वाले 4 आरोपियों को जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केरल हाईकोर्ट को चार हफ्तों के भीतर जमानत याचिकाओं पर फिर से फैसला करना होगा। हालांकि चारों आरोपियों की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि उनकी गिरफ्तारी अभी नहीं होगी, पहले हाईकोर्ट को याचिकाओं पर फिर से सुनवाई करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 5 हफ्ते तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाए।
ISRO साइंटिस्ट नंबी नारायणन के खिलाफ रची थी साजिश
इसरो जासूसी मामले में सुनवाई जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रवि कुमार की बेंच ने की। इन याचिका में वैज्ञानिक नंबी नारायणन के साजिश के तहत फंसाने वाले भी अधिकारियों की जमानत का विरोध किया गया था, जिन पर आरोप है कि उन्होंने इसरो साइंटिस्ट नंबी नारायणन के खिलाफ साजिश रची थी और झूठे केस में फंसाया था।
साजिश में शामिल थे ये अधिकारी
इसरो जासूसी मामले में केरल के पूर्व DGP सिबि मैथ्यूज, गुजरात के पूर्व ADGP आरबी श्रीकुमार, पूर्व IB अधिकारी पीएस जयप्रकाश और केरल के दो पुलिस अधिकारियों पर नंबी नारायणन के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बेंच ने यह भी माना कि केरल हाई कोर्ट के फैसले में कुछ खामियां है, जिन्हें सुधारने की जरूरत है। इसके लिए 4 सप्ताह का समय दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि व्यक्तिगत आरोपों की जांच नहीं की गई है और हाईकोर्ट को इसे जल्द निपटाना चाहिए।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई गो-संवर्धन बोर्ड की बैठक
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूर्ण हो रही गो-शालाओं को तेजी से गो-वंश से भरा जाए। शेष गो-वंश रखने के लिए भी समाधान ढूँढ़ लिया जाए। प्रदेश में ऐसे बड़े स्थान चिन्हित करें जहाँ अधिक संख्या में गो-वंश को रखा जा सके। मुख्यमंत्री चौहान आज निवास पर गो-संवर्धन बोर्ड की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गायों को सड़क एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर खुले में नहीं रख सकते हैं। इसलिए गो-शालाओं का निर्माण तेजी से करें। उन्होंने कहा कि गौबर धन योजना में गो-शालाओं में गोबर गैस संयंत्र लगाए जाएंगे। इससे गो-शालाएँ स्वावलंबी बनेंगी। अधिकारी रोड मेप बना कर कार्य करें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गो-वंश के लिए पर्याप्त राशि की व्यवस्था करें।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर गो अभयारण्य की स्थापना पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि गो-अभयारण्य की स्थापना के लिए एनजीओ का सहयोग लिया जाएगा। एनजीओ के माध्यम से गो-शालाओं का संचालन भी किया जाएगा। जहाँ बड़ी मात्रा में दान राशि आती है, ऐसे मंदिरों के सहयोग से गौशालाओं को राशि दी जाए।
मुख्यमंत्री चौहान ने आचार्य विद्यासागर जीवदया (गो-सेवा) सम्मान योजना के पुरस्कार वितरण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 एवं 2021-22 के पुरस्कार वितरण के लिए तिथि एवं समय निर्धारित कर लिया जाए। पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल, पशु संवर्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।





