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समान नागरिक संहिता से जुड़ा प्राइवेट मेंबर बिल भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में पेश हुआ

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राज्यसभा में शुक्रवार को भारत में समान नागरिक संहिता लागू करने से जुड़ा प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया गया। बीजेपी सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने इसे पेश किया, जिसका विपक्षी सदस्यों ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद बिल को पेश करने के मतदान हुआ जिसमें पक्ष में 63 वोट पड़े जबकि विपक्ष में 23 वोट डाले गए। इस बिल में मांग की गई है कि देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए एक National Inspection & Investigation Commission बनाया जाए। देश में इस मुद्दे पर काफी लंबे समय से सियासी घमासान मचा है। अब संसद में भी शीतकालीन सत्र के दौरान यूसीसी (UCC) पर प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया गया है।
राजस्थान से बीजेपी के सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को राज्यसभा में निजी विधेयक ‘भारत में एकसमान नागरिक संहिता विधेयक- 2020’ का प्रस्ताव रखा। विपक्ष के सदस्यों ने जमकर इस विधेयक का विरोध किया, लेकिन शोर शराबे और मत-विभाजन के बाद ‘भारत में एकसमान नागरिक संहिता विधेयक- 2020’ विधेयक राज्यसभा में पेश हो गया।

महिला आईपीएल के मीडिया राइट्स के लिए आवेदन मांगे

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने महिला आईपीएल के आयोजन को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. बोर्ड ने पहले पांच सीजन के मीडिया राइट्स बेचने के लिए आवेदन मांगे हैं. आईपीएल के गवर्निंग काउंसिल ने टेंडर के तहत 2023-27 तक के महिला आईपीएल के मीडिया राइट्स खरीदने के लिए आवेदन मांगे हैं. जिन भी लोगों को मीडिया राइट्स खरीदने होंगे उन्हें टेंडर के तहत कागजात जमा कराने होंगे और फिर बोली लगाकर इसे हासिल किया जा सकेगा.
पात्रता, बोली लगाने का तरीका, मीडिया राइट्स पैकेज और कई अन्य चीजों के बारे में अधिक जानकारी टेंडर प्रोसेस में दी जाएगी. टेंडर के लिए उन्हें ही बुलावा मिलेगा जो पांच लाख रूपये की राशि जमा कराएंगे. आपको बता दें कि ये पांच लाख रूपये की राशि वापस नहीं की जाएगी भले ही पार्टी को मीडिया राइट मिलें या नहीं. 31 दिसंबर तक कागजात खरीदे जा सकेंगे और इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी. बोर्ड ने एक प्रारूप तैयार किया है जिसे भरते हुए पेमेंट करना होगा और इसके सफल होने के बाद प्रारूप और पेमेंट का प्रमाण बोर्ड को मेल के द्वारा भेजना होगा.

हाइपरसोनिक वाहन का इसरो ने सफल परीक्षण किया

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और एकीकृत रक्षा स्टाफ ने संयुक्त रूप से शुक्रवार को हाइपरसोनिक वाहन परीक्षण किया। परीक्षणों ने सभी जरूरी पैरामीटर हासिल किए और उच्च क्षमता का प्रदर्शन किया। इस परीक्षण के बाद देश के रक्षा क्षेत्र की ताकत बढ़ेगी। खासतौर पर पाकिस्तान और चीन के खिलाफ एक मजबूत हथियार साबित होगा। हाइपरसोनिक वाहन साउंड की स्पीड से पांच गुना तेज रफ्तार से उड़ान भरती है।

दुश्मनों पर करेगा वार

हाइपरसोनिक वाहन अंतरिक्ष में तेजी से पहुंच, लंबी दूरी पर सैन्य प्रतिक्रिया और वाणिज्यिक हवाई यात्रा में सक्षण है। हाइपरसोनिक वाहन एक हवाई जहाज, अंतरिक्ष यान या मिसाइल हो सकता है। हाइपरसोनिक लेटेस्ट अत्याधुनिक तकनीक है। भारत, चीन, अमेरिका सहित कई देश हाइपरसोनिक हथियारों को बढ़ाने में लगे हुए हैं।

सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की मध्य प्रदेश के एक करोड़ से अधिक लोगों ने शपथ ली

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मध्य प्रदेश के एक करोड़ से अधिक लोगों ने शुक्रवार को अविस्मरणीय उत्साह दिखाते हुए सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने की शपथ ली। जन-जागरूकता का यह पवित्र कार्य इस आशा के साथ पूर्ण हुआ कि अब सड़क हादसों को न्यूनतम किया जा सकेगा। यह शपथ लेने का आह्वान नईदुनिया और सहयोगी प्रकाशन दैनिक जागरण समूह ने सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जागरूकता अभियान के तहत किया था।

स्कूल-कालेज के विद्यार्थियों से लेकर प्रदेश के मंत्रियों, बड़े अधिकारियों ने भी यह शपथ ली। लगभग हर सरकारी विभाग में शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक व धार्मिक संगठन भी पीछे नहीं रहे। ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर के परिसर में पुजारियों और कर्मचारियों ने शपथ ली। ग्वालियर में शपथ ग्रहण से पूर्व बच्‍चों ने जागरूकता रैली भी निकाली। जबलपुर में जैन समाज के पंच कल्याणक समारोह में मुनि श्री विशुद्ध सागर महाराज के सानिध्य में समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रमुखों, कई शहरों से आए श्रद्धालुओं और युवाओं ने शपथ ली।

टाइम मैगजीन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ चुना

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दुनिया की जानी-मानी मैगजीन टाइम ने यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) को साल 2022 का ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ घोषित किया है। टाइम मैगजीन ने बुधवार को ये घोषणा की। आपको बता दें कि हर साल ये अवॉर्ड उस व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने पिछले 12 महीनों में वैश्विक घटनाओं पर सबसे अधिक प्रभाव डाला हो। इस पुरस्कार के लिए अन्य फाइनलिस्ट में ईरान के प्रदर्शनकारी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क और यूएस सुप्रीम कोर्ट भी थे। टाइम ने जेलेन्स्की के साथ-साथ “द स्प्रिट ऑफ यूक्रेन” को इस अवार्ड में शामिल किया है। आपको बता दें कि इसी साल 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया था और तब से जंग जारी है। जेलेन्स्की ने रुस के सामने हथियार डालने के इनकार कर दिया है और कई मोर्चों पर यूक्रेनी सेना रुस जैसी महाशक्ति को कड़ी टक्कर दे रही है।
टाइम के एडिटर इन चीफ एडवर्ड फेलसेंथल ने इस फैसले की वजह को स्पष्ट करते हुए लिखा कि यूक्रेन के लिए लड़ी जा रही लड़ाई, किसी को उम्मीद से भर दे या डर से, लेकिन व्लोडिमिर जेलेंस्की ने दुनिया को जिस तरह से प्रेरित किया, वैसा हमने दशकों में नहीं देखा। मैगजीन ने कहा कि युद्ध के शुरू होने पर यूक्रेन की राजधानी कीव को छोड़ने से इनकार करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपने युद्धग्रस्त देश में यात्रा की और देश की जनता को संबोधित करते रहे।

हिमाचल की अगली सीएम प्रतिभा सिंह बन सकती हैं

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हिमाचल प्रदेश में 39 सीटों पर कांग्रेस पार्टी जीत हासिल करती दिख रही है और भाजपा 25 से 26 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है। कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को एकजुट करने के प्रयास करते हुए भूपेंदर सिंह हुड्डा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ऑर्ब्जवर बनाया है और सरकार गठन की तैयारी में जुट गई है। इस बीच कांग्रेस पार्टी से प्रतिभा सिंह के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा जोरों पर हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी हंट और फिलहाल मंडी लोकसभा सीट से सांसद हैं। प्रतिभा सिंह ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन प्रदेश कांग्रेस पर उनकी अच्छी कमान हैं। वीरभद्र सिंह की विरासत के तौर पर प्रतिभा सिंह मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा भी ठोंक रही है। मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि आखिर मैं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री क्यों नहीं हो सकती हीं। कांग्रेस ने राजा वीरभद्र के चेहरे का इस्तेमाल पूरे प्रचार अभियान में किया था और प्रतिभा सिंह ने प्रचार में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था।

मैनपुरी में डिंपल यादव की रिकॉर्ड जीत

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गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणामों के बीच देश की नजर उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभी सीट पर भी है जहां उपचुनाव हुए हैं। नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन के कारण यह सीट खाली हुई थी। समाजवादी पार्टी ने अपनी इस परंपरागत सीट पर अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को उतारा था, तो भाजपा ने रघुराज सिंह शाक्य को टिकट दिया है। पूरे चुनाव में समाजवादी पार्टी भाजपा पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाती रही है। Mainpuri लोकसभा सीट पर भाजपा एक बार भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है।

बिहार कुढ़नी उपचुनाव में बीजेपी की जीत

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गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव नतीजों के बीच बिहार की कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भी मतगणना हुई। यहां का नतीजा नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के लिए तगड़ा झटका देने वाला रहा। यहां गठबंधन के साझा उम्मीदवार जदयू उम्मीदवार मनोज कुमार सिंह उर्फ मनोज कुशवाहा को भाजपा प्रत्याशी केदार गुप्ता के हाथों हार का सामना करना पड़ा। केदार गुप्ता को 42.18 फीसदी यानी 74,009 वोट मिले, वहीं दूसरे नंबर पर रहे जदयू प्रत्याशी को 71,143 (40.54 फीसदी) मत प्राप्त हुए। यह चुनाव भी किसी टी-20 मुकाबले से कम नहीं रहा। मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशी आगे-पीछे होते रहे। आखिरी में कुशवाहा ने कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में हार स्वीकार कर ली। कुशवाहा पूरे समय मतगणना केंद्र पर रहे और आखिरी में निराश होकर बाहर निकल गए।

गुजरात कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा ने इस्तीफा दिया

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गुजरात के राज्य प्रभारी रघु शर्मा ने राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को हस्तलिखित त्याग पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा, “मैं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा, “कृपया पार्टी प्रभारी के रूप में मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गुजरात में भारी जीत की ओर बढ़ रही है और अब तक 73 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है, जबकि गुरुवार को चुनाव आयोग द्वारा घोषित 85 सीटों के परिणामों के अनुसार कांग्रेस छह सीटों पर विजयी हुई।
गुजरात में कई मुस्लिम बहुल सीटों पर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की कीमत पर जीतता हुआ दिखाई दिया। भाजपा ने उच्च मुस्लिम आबादी वाली 17 में से 12 सीटों पर नेतृत्व किया- कांग्रेस के लिए सिर्फ पांच की तुलना में छह सीटों की वृद्धि हुई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भाजपा के लिए घाटलोडिया सीट जीती। गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने सूरत की माजुरा सीट पर 1.16 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की।
जसदण सीट से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री कुंवरजी बावलिया ने जीत हासिल की है। कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने पोरबंदर में भाजपा विधायक बाबू बोखिरिया को हराकर जीत हासिल की। कांग्रेस के मौजूदा विधायक इमरान खेड़ावाला ने अपनी जमालपुर-खड़िया सीट बरकरार रखी। आणंद जिले की पेटलाड सीट पर भाजपा के कमलेश पटेल ने कांग्रेस के प्रकाश परमार को 17954 मतों के अंतर से हराया।

सीएम जयराम ठाकुर जल्‍द ही राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे

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हिमाचल प्रदेश के ताजा रुझानों में कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है और कांग्रेस को 39 सीटें मिलती दिख रही है। जाहिर है कि हिमाचल प्रदेश स्पष्ट जनादेश की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में बीजेपी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मौजूदा सीएम जयराम ठाकुर ने जनादेश को स्वीकार करते हुए कहा कि वो थोड़ी देर में राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप देंगे। अब तक नतीजों और रुझानों में बीजेपी को सिर्फ 26 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 35 है। पिछली बार हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने 44 सीटें जीतते हुए सरकार बनाई, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 21 सीटों पर ही जीत मिल सकी थी।
हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इतना तो तय है कि जनता ने विधानसभा चुनाव में अपने रिवाज को कायम रखा है, जहां हर पांच साल बाद सरकार बदलने की रवायत रही है। बीजेपी की हार में मंत्रियों के खिलाफ एंटी इन्कंबेंसी, सीएम का गृह जिले में काम करने की धारणा जैसे कारणों के अलावा ओपीएस भी बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से हिमाचल में सरकार बनने पर, राजस्थान की तर्ज पर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने का ऐलान करने ने सियासी हवा बदलने में अहम भूमिका निभाई है। बता दें कि कांग्रेस ने नवंबर में अपने जन घोषणा पत्र में जनता से ओपीएस लागू करने, महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 2 रुपये प्रति किलो गाय के गोबर की खरीद सहित 10 गारंटी देने का वादा किया था।