भोपाल। राज्य शासन ने 1997 बैच के आइएएस अधिकारी राघवेन्द्र सिंह को प्रमुख सचिव जनसंपर्क बनाया है। उन्हें आयुक्त जनसंपर्क का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सिंह वर्तमान में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग हैं। शासन ने छुट्टी के दिन (शनिवार) चार आइएएस अधिकारियों के विभाग बदले हैं। वर्तमान में पदस्थ जनसंपर्क आयुक्त डा. सुदाम पंढरीनाथ खाडे को आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं पदस्थ किया गया है। वे नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन एवं आयुक्त खाद्य सुरक्षा भी रहेंगे। वहीं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं आकाश त्रिपाठी को सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग रहेंगे। उनके पास तकनीकी शिक्षा विभाग के आयुक्त का भी प्रभार रहेगा। उल्लेखनीय है कि राघवेन्द्र सिंह द्वारा प्रमुख सचिव जनसंपर्क का प्रभार संभालने पर शिव शेखर शुक्ला इस पद से मुक्त होंगे। शुक्ला फिर प्रमुख सचिव संस्कृति, पर्यटन रहेंगे।
कोराेना की गति बढ़ रही इसलिए पंचायत चुनाव टालना सही- वीडी शर्मा
जबलपुर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने शनिवार को कहा कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने का अंदेशा बना हुआ है। ऐसे में यदि पंचायत चुनाव को टाला जाए तो अच्छा होगा। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने आए। जहां उन्होंने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव हुए तो संभव है कि संक्रमण का असर बढ़ सकता है इसलिए संभव हो तो चुनाव को टालना ही सही होगा।
दिग्विजय सिंह के बयान की निंदा : उन्होंने कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के उस बयान जिसमें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बिना पंजीयन के चल रहा है। इसके जवाब में विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे लोग जो देश विरोधी ताकतों के साथ खड़े हो। राष्ट्र विरोधी ताकतों के साथ खड़े हो। आतंकियों का समर्थन करते हो। जो कहते हैं कि मैं जनता के बीच जाऊं तो जनता वोट काट देती है। ऐसे व्यक्ति राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर सवाल खड़ा करें। ये हल्कापन है। उन्हें शर्म आनी चाहिए। स्वयं सेवक 24 घंटे राष्ट्र के लिए समर्पित होकर कार्य करता है। ऐसे संगठन पर दिग्विजय सिंह जैसे लोग मीडिया में बने रहने के लिए सवाल खड़े करते हैं। ये आप्रंसगिक हो चुके हैं इसलिए इनके संदर्भ में चर्चा करने का औचित्य नहीं है। उन्होंने निगम मंडल में नियुक्ति को लेकर कहा कि जल्द बचे हुए निगम-मंडल में नियुक्तियां की जाएगी। ज्ञात हो कि गत दिवस दर्जनभर से ज्यादा निगम-मंडल के पदों पर नियुक्ति सरकार की ओर से की गई है। कई सालों से इन पदों पर नियुक्ति नहीं की गई थी। जबलपुर से विनोद गोंटिया और अमिता चपरा को जिम्मेदारी निगम-मंडल में मिली है।
सीएम शिवराज ने इंदौर में किया स्वच्छता वीरों का सम्मान
इंदौर । सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने इंदौर प्रवास के दौरान अंबर गार्डन में आयोजित किए गए राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह में शामिल हुए। समारोह में सीएम ने स्वच्छता के क्षेत्र में विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त करने वाले 36 नगरीय निकायों को सम्मानित किया। इस दौरान सीएम शिवराज ने इंदौर नगर निगम की टीम, भोपाल निगम, देवास नगर निगम, उज्जैन नगर निगम, सिंगरौली नगर निगम, बुरहानपुर नगर निगम टीम को सम्मानित किया। इंदौर को 5 करोड़, भोपाल को 1करोड़ देवास को 1 करोड़ रुपए की राशि उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली, बुरहानपुर, धार को 50-50 लाख की राशि दी गई। खंडवा, सागर, नवगांव, दमोह, सिवनी, बड़नगर, मुंगावली, सहित अन्य नगरीय निकाय को 25-25 लाख की राशि दी गई। इंदौर को सर्वश्रेष्ठ राज्य संभाग के पुरस्कार से भी नवाजा गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस दौरान स्वच्छता मित्रों के साथ संवाद भी किया।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कार्यक्रम पहले भोपाल में होने वाला था। मैंने कहा, यह कार्यक्रम इंदौर में किया जाए। अगर भोपाल को यह कार्यक्रम करवाना है तो इंदौर से स्वच्छता में मुकाबला करें। आइडीए के नए अध्यक्ष जयपाल चावड़ा मंच से नीचे बैठे थे, सीएम ने उन्हें मंच पर बुलाकर बैठाया। उन्होंनें कहा कि इंदौर स्वच्छता में छक्का मारेगा, इंदौर के लोगों के स्वभाव में स्वच्छता है।
सीएम शिवराज ने कहा मैं प्रदेश के 407 शहरों को बदलना चाहता हूं
सीएम शिवराज ने कहा कि स्वच्छता सीखना है तो इंदौर से सीखो। मध्य प्रदेश स्वच्छता में तीसरे नंबर पर है। पहले नंबर में आने के लिए सभी प्रयास करें। प्रदेश के लोग स्वच्छता को चुनौती के रूप में ले। अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत का नाम दुनिया में रोशन किया। पहले लोग केला खाया छिलका फेका, पान खाया और थूक दिया, अपना घर साफ किया और कचरा बाहर पटक दिया। मोदी जी के संकल्प से स्वच्छता का सपना साकार हुआ। अब इंदौर में लोग चाकलेट खा रैपर जेब में रखते हैं। सोच बदल गई है। सीएम बोले हर शहर साल में एक बार अपना जन्मदिन मनाएं, शहर को सजाओ, विशिष्ट लोगो को बुला सम्मानित करें। ऐसे लोगो बुला शहर के विकास में सहयोग देने का संकल्प दिलवाए। मैं प्रदेश के 407 शहरों को बदलना चाहता हूं। केवल सरकारें शहर को बदल नहीं सकती जब तक जनता साथ न हो। मध्य प्रदेश को नंबर 1 देशभर में बनाना है!
इंदौर में स्वच्छताकर्मियों को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी
सीएम शिवराज ने इंदौर की जनता ने अद्भुत रिकार्ड बनाया है। स्वच्छता के मामले में इंदौर देश नहीं दुनिया की प्रेरणा बन गया है। इंदौर की जनता, प्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारी और स्वच्छताकर्मियों को बधाई। स्वच्छताकर्मियों को 10-10 हजार रुपये की सम्मानित भेंट कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021 कि सूचीं में ग्रुप बी के राज्यों में मध्य प्रदेश ने मारी बाजी
भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर मनाए जाने वाले सुशासन दिवस पर गुड गवर्नेंस इंडेक्स जारी किया गया। गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में इसे जारी किया, जिसमें ग्रुप बी के राज्यों में मध्य प्रदेश सबसे टाप पर रहा। मध्य प्रदेश को 4887 नंबर मिले, जबकि राजस्थान 4884 नंबर के साथ दूसरे और छत्तीसगढ़ 4862 नंबर के साथ तीसरे स्थान पर रहा। ग्रुप बी में झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल भी शामिल रहे।
लगातार बढ़ रहे मामले, असम में नाइट कर्फ्यू का ऐलान, केंद्र सरकार 10 राज्यों में भेजेगी स्पेशल टीमें
देश में कोरोना के नये वेरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ने लगा है और राज्य सरकारें तमाम प्रयासों के बावजूद इस पर काबू नहीं कर पा रही हैं। ओमिक्रॉन के बढ़ते खतरे को देखते हुए असम सरकार ने भी कल से रात का कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। ये नाइट कर्फ्यू रात साढ़े 11 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा।वैसे 31 दिसंबर को इस कर्फ्यू से छूट मिलेगी। उधर, राजस्थान में आज ओमिक्रॉन ने 21 नये मामले सामने आये हैं। इसके साथ ही प्रदेश में ऑमिक्रॉन से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 43 पहुंच गई है। भारत में अभी तक कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के कुल 436 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से सबसे अधिक 108 मामले महाराष्ट्र में सामने आए हैं। इसके बाद दिल्ली में 79, गुजरात में 43, तेलंगाना में 38, केरल में 37, तमिलनाडु में 34 और कर्नाटक में 31 मामले सामने आए हैं।
इस बढ़ते संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार भी एक्शन में आ गई है। सरकार ने 10 राज्यों में मल्टी डिसिप्लीनरी टीमों को तैनात करने का फैसला लिया है, ताकि कोरोना को और फैलने से रोका जा सके। इनमें केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पंजाब शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि जिन राज्यों में ओमिक्रोन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं या वैक्सीनेशन रेट कम है, वहां सेंट्रल टीमें तैनात की जा रही हैं। ये टीमें अगले तीन से पांच दिनों तक राज्यों में तैनात रहेंगी और रोजाना शाम 7 बजे तक इलाके की स्थिति की निगरानी कर रिपोर्ट करेंगी।
भारत में पिछले 24 घंटे में 7,189 नए मामले आने से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 3,47,79,815 पर पहुंच गयी है, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 77,032 हो गयी है. इस बीमारी से 387 और मरीजों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 4,79,520 हो गयी है.
भारत बायोटेक के वैक्सीन को 12 से 18 साल के बच्चों के लिए DGCI ने इमरजेंसी इस्तेमाल की दी मंजूरी
कोरोना के बढ़ते मामलों और बच्चों में ओमिक्रॉन वेरिएंट के ज्यादा खतरे को देखते हुए DCGI ने भारत बायोटेक (Bharat Biotech) को 12 से 18 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने अक्टूबर में DGCI को बच्चों के लिए Covaxin का आपातकालीन उपयोग देने की सिफारिश की थी। अगर दुनिया में बच्चों की वैक्सीन की बात करें तो फाइजर बायोटैक 5 साल से ऊपर बच्चों के लिए वैक्सीन बना रही है। ये वैक्सीन अमेरिका और यूरोप में लगनी शुरू भी हो चुकी है।
भारत में बच्चों के वैक्सीन की स्थिति
आपको बता दें कि Covaxin भारत में बच्चों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दूसरी वैक्सीन है, जिसे मंजूरी मिली है। इससे पहले अगस्त में, Zydus Cadila की एनकोव को 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों पर इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। भारत सरकार ने एक करोड़ डोज का ऑर्डर भी दे दिया है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की अपनी कोवोवैक्स की मंजूरी कोशिश कर रही है। ये वैक्सीन दो से 18 साल की उम्र के बच्चों को लगाई जा सकती है। इसे अभी मंजूरी नहीं मिली है।
क्रिकेटर हरभजन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लिया संन्यास
भारतीय टीम क मशहूर ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। हरभजन सिंह ने 350 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। आपको बता दें कि क्रिकेट जगत में भज्जी के नाम से मशहूर हरभजन सिंह ने अपना आखिरी मैच इसी साल अप्रैल में खेला था, जब उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए IPL खेला था। वहीं मार्च 2016 में इंटरनेशनल क्रिकेट में आखिरी मैच खेला था। इसके अलावा टी-20 इंटरनेशनल मैच में वह UAE के खिलाफ ढाका के शेर-ए-बांग्ला क्रिकेट स्टेडियम में उतरे थे और इसके बाद से ही हरभजन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने का मौका नहीं मिला था।
इस कारण हरभजन ने लिया संन्यास
पंजाब के जालंधर में जन्मे हरभजन सिंह के रिटायरमेंट के पीछे मुख्य कारण उन उम्र है। हरभजन की उम्र अब 41 साल हो चुकी है और इस उम्र को क्रिकेट के खेल में काफी माना जाता है। दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि वे किसी फ्रेंचाइजी के सपोर्ट स्टाफ के तौर पर IPL में शामिल हो सकते हैं।
राजनीति में भी आने की खबरें
आने वाले कुछ माह में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाली है। ऐसे में यह भी सुगबुगाहट है कि हरभजन सिंह राजनीति में भी शामिल हो सकते हैं। बीते दिनों यह भी खबर आई थी कि हरभजन सिंह कांग्रेस में शामिल होकर चुनाव लड़ सकते हैं।
ऐसा रहा हरभजन सिंह का करियर
हरभजन सिंह के करियर की बात करें तो मार्च 1998 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। वह चेन्नई के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक टेस्ट मैच खेलने आए थे। 2015 तक उन्होंने 103 टेस्ट मैचों में 417 विकेट लिए हैं, वहीं 236 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 269 विकेट लिए हैं। 28 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम पर 25 विकेट हैं। साथ ही टेस्ट क्रिकेट में दो शतकों के साथ 2225 रन बनाने में सफल रहे हैं, इसके अलावा वनडे क्रिकेट की बाते की जाए तो हरभजन सिंह ने 1237 रन बनाए हैं।
ओबीसी आरक्षण को लेकर अन्य राज्यों का अध्ययन कराएगी मध्य प्रदेश सरकार
भोपाल। । त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण पर रोक लगाए जाने के बाद सरकार अब रास्ता निकालने में जुट गई है। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के साथ विधानसभा से पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ कराए जाने संबंधी संकल्प पारित करने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार ओबीसी वर्ग से संबंधित जानकारी जुटाने में जुट गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसको लेकर शुक्रवार को मंत्रालय में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें निर्देश दिए गए कि अन्य राज्यों का अध्ययन कराया जाए।
बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग से ओबीसी आरक्षण को लेकर तथ्यात्मक स्थिति पर जानकारी मांगी गई। दरअसल, हाईकोर्ट में ओबीसी का आरक्षण 27 प्रतिशत बरकरार रखने के लिए सरकार ने कई जानकारियां तैयार करवाई थीं। इसमें ओबीसी की जनसंख्या सहित अन्य जानकारी भी है।
इनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का अध्ययन करके अनुशंसा करने के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग भी गठित किया है। सूत्रों के कहना है कि अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग से कहा गया है कि वो अन्य राज्यों द्वारा की जा रही कार्यवाही का अध्ययन करे और प्रतिवेदन तैयार करे।
यह भी तय किया गया कि आयोग को ओबीसी से संबंधित तथ्यात्मक जानकारी योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री अगले सप्ताह प्रस्तावित दिल्ली प्रवास के दौरान ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रियों के साथ पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा कर सकते हैं। उधर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास भी विधि विशेषज्ञों से चुनाव को लेकर परामर्श कर रहा है।
सीएम शिवराज ने की मध्य प्रदेश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा
भोपाल (राज्य ब्यूरो)। कोरोना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ रहा है। प्रदेश में भी दो सौ से ज्यादा कोरोना संक्रमण के प्रकरण हो गए हैं। पहले ये सिर्फ इंदौर और भोपाल में आ रहे थे लेकिन धीरे-धीरे अन्य जिलों में भी प्रकरण सामने आ रहे हैं। सीमावर्ती प्रदेश महाराष्ट्र और गुजरात में नए वैरिएंट के प्रकरण सामने आ रहे हैं। जनता को तीसरी लहर से बचाना है, इसलिए व्यवस्था चाकचौबंद रखें। जनता की जिंदगी की सुरक्षा के उपायों में कोई कमी न रहे। अमेरिका, इंग्लैंड में बहुत ज्यादा प्रकरण आ रहे हैं। यह मानकर चलें कि कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन हमारे यहां आ गया है।
यह निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर, कमिश्नर और पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक में दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच किसी भी स्थिति में कम नहीं होनी चाहिए। संक्रमण की रोकथाम के लिए जनता को साथ लेकर काम करें। गरीब रोजी-रोटी को बचा सके और आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव भी न पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए। आक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था रहे। इसे प्राथमिकता से लिया जाए। आपदा प्रबंधन समितियों को सक्रिय करें। प्रभारी मंत्री भी इससे जुड़ें। संक्रमण को तेजी से रोकने के लिए अनावश्यक भीड़ वाले आयोजनों से बचें।
यह दिए निर्देश
– संक्रमित के संपर्क में आने वालों की जांच कराई जाए।
– घर पर उपचार की व्यवस्था न होने पर अस्पताल में भर्ती करें।
– वेंटीलेटर और बिस्तरों की पर्याप्त व्यवस्था रखी जाए।
– आक्सीजन आपूर्ति की लाइन ठीक रहें और संयंत्र चालू हालत में रहें।
– कंसन्ट्रेटर भी चालू करके देख लें।
– कम से कम एक माह की आवश्यक दवाइयों का भंडार रखा जाए।
कोविड केयर सेंटर को फिर से चिन्हित करें।
– सभी जिले कार्ययोजना बनाएं। इसमें निजी और सरकारी अस्पतालों में बिस्तर की व्यवस्था को देखें।
– मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी का पालन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
– टीकाकरण का काम लगातार जारी रहे। सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को दोनों टीके लगे हों, यह सुनिश्चित करें।
सीएम ने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप के साथ बैठक करें, प्रभारी मंत्री भी जुड़ें, जनसहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप में कोई उपयोगी लगे जैसे डॉक्टर, समाजसेवी तो उसे आप जोड़ सकते हैं। रोको-टोको अभियान तुरंत शुरू करें, मास्क न लगाने वालों पर जुर्माना भी करें। सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी जागरूकता के प्रयास शुरू करें।
उन्होंने कहा कि आर्थिक गतिविधियां न रुकें और गरीब का काम धंधा भी प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करते हुए हमें तीसरी लहर का जनता के सहयोग से मुकाबला करना है। समस्त सरकारी एवं निजी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद रखें। बेड, ऑक्सीजन, चिकित्सक एवं दवाओं का पर्याप्त इंतजाम हो, यह सुनिश्चित करें #COVID19 की दूसरी लहर के दौरान जितने निजी कोविड सेंटर बनाये गये थे, उनकी भी व्यवस्थाएं सुचारु कर दी जायें।
लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट मामले पर गृह मंत्रालय की अहम बैठक, ISI रच रहा पंजाब को अस्थिर करने की साजिश
लुधियाना कोर्ट में हुए बम ब्लास्ट मामले को केंद्र सरकार काफी गंभीरता से ले रही है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह सचिव ने आंतरिक सुरक्षा पर एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में राज्य पुलिस के आलाधिकारियों के साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बल और जांच एजेंसियों के आला अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की तरफ से बुलाई गई इस बैठक में गृहमंत्रालय के आला अधिकारियों के अलावा आईबी निदेशक अरविंद कुमार, सीआरपीएफ और एनआईए प्रमुख कुलदीप सिंह और बीएसएफ के डीजी पंकज सिंह भी शामिल हुए। बैठक में कोर्ट ब्लास्ट से उपजी स्थिति और पंजाब में आगामी चुनावों के दौरान संभावित खतरों पर चर्चा हुई।
क्यों बुलाई गई ये मीटिंग?
शुरुआती जांच के मुताबिक लुधियाना कोर्ट में गुरुवार को बम ब्लास्ट मामले में पाकिस्तान समर्थित खालिस्तानी समूहों का हाथ माना जा रहा है। खुफिया एजेंसियों ने दावा किया है कि उन्हें पुख्ता जानकारी मिली है कि इस धमाके में पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI) समर्थित खालिस्तानी समूह शामिल है। एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स पंजाब में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने ग्राउंड वर्कर्स को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहले भी कई कोशिशें हुई हैं, लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया।
पंजाब को है खतरा?
पंजाब के उपमुख्यमंत्री ने पहले ही कहा था कि इस बम ब्लास्ट में पाकिस्तान का हाथ है। उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पाकिस्तान पर पंजाब को अस्थिर करने का आरोप लगाया था। वहीं पंजाब के गुरुद्वारों में बेअदबी के मामलों को भी पाकिस्तानी साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। सुरक्षा बलों ने भी आगामी चुनावों को देखते हुए प्रदेश में हिंसा या दंगे फैलाने की कोशिश की आशंका जताई है। पाकिस्तानी सीमा से सटे होने के कारण पंजाब में खतरा और बढ़ जाता है।





