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हार्दिक पांड्या ने एक बार फिर बनाई अपनी अलग पहचान

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भारत के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अपने करियर के सबसे सुनहरे फॉर्म से गुजर रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में उन्होंने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। गेंद से उन्होंने पहले 4 विकेट झटके और फिर 55 गेंदों में 71 रन की पारी खेली। बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने ऋषभ पंत के साथ पांचवें विकेट के लिए शतकीय साझेदारी भी निभाई।

इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे हार्दिक पांड्या ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने दिखाया है कि किस तरह उनके चोटिल कमर का ऑपरेशन होने के बाद उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर वापसी की और इस दौरान जिन लोगों ने उनका साथ दिया। उनका इस ऑलराउंडर ने धन्यवाद दिया है।

हार्दिक पांड्या ने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन दिया, “उतार-चढ़ाव के दौरान, मेरे लोगों जो मेरे साथ रहे। हर सुबह उठकर जाने का जुनून, मजबूत बनने की इच्छा के साथ और फिट होकर देश के लिए लिए खेलना। हमेशा मेरे साथ खड़े रहने वालों के लिए आभारी, जिन्होंने मुझे प्रोत्साहित किया, जिन्होंने मेरा मार्गदर्शन किया।”

2019 में कमर के ऑपरेशन के बाद हार्दिक पांड्या का फॉर्म ज्यादा अच्छा नहीं रहा था और वह अपना सौ प्रतिशत गेम को नहीं दे पा रहे थे। वह इस दौरान चोट से जूझ रहे थे और इसका असर उनकी गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी पर भी पड़ रहा था। 2021 में हुए टी20 वर्ल्ड कप में हार्दिक को बतौर स्पेशलिस्ट बल्लेबाज टीम में जगह दी गई थी। लेकिन वहां भी वह कुछ कमाल नहीं कर सके और एक समय ऐसा लग रहा था कि ये स्टार ऑलराउंडर शायद ही भारतीय टीम में वापसी कर पाएगा।

सुष्मिता सेन गोल्ड डिगर नहीं वो लव डिगर है – विक्रम भट्ट

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बॉलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन और ललित मोदी के रिश्तों को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम तरह की खबरें आ रही हैं। दोनों की रोमांटिक फोटोज वायरल होने के बाद चर्चांओं का सिलसिला तेज हो गया था। दोनों के रिश्ते को लेकर जब तरह-तरह की खबरें आने लगीं तो पहले सुष्मिता सेन और फिर ललित मोदी ने इस रिश्ते को लेकर चुप्पी तोड़ी। अब सुष्मिता सेन के एक्स बॉयफ्रेंड विक्रम भट्ट ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है।

गोल्ड डिगर नहीं लव डिगर हैं सुष्मिता सेन
इंडिया टुडे के साथ बातचीत में विक्रम भट्ट ने उन सभी लोगों को लताड़ लगाई है जो एक्ट्रेस को गोल्ड डिगर कह रहे हैं। विक्रम भट्ट ने ट्रोल्स को लताड़ते हुए कहा कि किसी को प्यार करने से पहले उसका बैंक बैलेंस चेक करने वालों की लिस्ट में शायद सुष्मिता सेन आखिरी शख्स होंगी। विक्रम भट्ट ने सुष्मिता सेन को गोल्ड डिगर नहीं बल्कि लव डिगर कहा।

विक्रम भट्ट ने याद किया सुष्मिता के साथ वाला
मालूम हो कि सुष्मिता सेन और विक्रम भट्ट के एक दूसरे को डेट करने की खबरें एक वक्त पर काफी चर्चा में रही थीं। दोनों की नजदीकियों के बारे में एक वक्त पर काफी चर्चाएं रह चुकी हैं। विक्रम भट्ट ने अपना अतीत याद करते हुए कहा कि उस वक्त मेरे पास कोई पैसे नहीं थे। मैं गुलाम मूवी डायरेक्ट कर रहा था और तब वह मुझे US लेकर गई थीं। विक्रम ने बताया कि सुष्मिता पहली शख्स थीं जो उन्हें अमेरिका लेकर गईं और सारा खर्च उठाया।

‘किसी का मजाक बनाना अब एंटरटेनमेंट है’
विक्रम भट्ट ने बताया कि जब वह अमेरिका पहुंचे तो वहां एक लिमोजीन कार खड़ी थी जो सुष्मिता ने उनके लिए मंगवाई थी। सुष्मिता विक्रम भट्ट की अमेरिका में एंट्री खास बनाना चाहती थीं। सुष्मिता सेन को ट्रोल कर रहे लोगों पर गुस्सा करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा कि लोगों के लिए किसी की जिंदगी का मजाक बनाना एंटरटेनमेंट हो गया है। जब किसी की जिंदगी में ट्रैजिडी होती है तो लोगों के लिए ये एंटरटेनमेंट होता है।

कैसा था सुष्मिता सेन और विक्रम भट्ट का रिश्ता?
जहां तक सुष्मिता सेन और विक्रम भट्ट के रिश्ते की बात है तो उन्होंने बताया कि वह साल 2006-2007 में आखिरी बार एक दूसरे से मिले थे। पिछले 15 साल से दोनों एक दूसरे के संपर्क में नहीं हैं। विक्रम ने कहा कि उनकी सुष्मिता से बातचीत नहीं है लेकिन फिर भी वह हमेशा उनके प्रति आभार महसूस करते हैं और कहा कि वह कभी भी गोल्ड डिगर महिला नहीं हो सकती हैं और वह हमेशा उनके लिए खड़े रहेंगे।

मेरे जवानों के पास ऐसे हथियार होंगे जिनके बारे में विरोधी सोच भी नहीं सकते: पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत में एक नया रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है जहां आयात कम किया जा रहा है और निर्यात बढ़ रहा है। भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित NIIO (नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन) संगोष्ठी ‘स्वावलंबन’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ये बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य, 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत जरूरी है। आत्मनिर्भर नौसेना के लिए पहले स्वावलंबन सेमिनार का आयोजन होना, इस दिशा में अहम कदम है।

नौसैनिक कार्यक्रम में बोलते हुए, मोदी ने कहा, “हमने सरलतम उत्पादों के लिए भी विदेशों पर निर्भर रहने की आदत सी डाल ली है। नशा करने वालों की तरह हम भी विदेशों से उत्पाद मंगाने के आदी थे। इस मानसिकता को बदलने के लिए ‘सबका प्रयास’ की मदद से रक्षा का एक नया पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए हमने 2014 के बाद एक मिशन मोड पर काम किया।” उन्होंने कहा, “ऐसा नहीं है कि हमारे पास टैलेंट नहीं। हमारे पास टैलेंट है। मेरे सैनिकों को उन्हीं 10 हथियारों के साथ मैदान में जाने देना जो दुनिया के पास हैं… मैं ऐसा जोखिम नहीं उठा सकता। मेरे जवान के पास वो हथियार होगा जो विरोधी सोच भी नहीं पाएगा।”

पीएम मोदी ने भारत के आत्मविश्वास और उसकी आत्मनिर्भरता को चुनौती देने वाली ताकतों के खिलाफ युद्ध तेज करने का आह्वान करते हुए सोमवार को कहा कि ऐसी हर कोशिश को नाकाम करना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत वैश्विक मंच पर खुद को स्थापित कर रहा है, वैसे-वैसे दुष्प्रचार के माध्यम से लगातार हमले हो रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘खुद पर भरोसा रखते हुए भारत के हितों को हानि पहुंचाने वाली ताकतें चाहे देश में हों या फिर विदेश में, उनकी हर कोशिश को नाकाम करना है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘देश की रक्षा के लिए हमें एक और अहम पक्ष पर ध्यान देना चाहिए। हमें भारत के आत्मविश्वास को, हमारी आत्मनिर्भरता को चुनौती देने वाले ताकतों के विरुद्ध युद्ध तेज करना है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्र की रक्षा अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बहुत व्यापक है इसलिए हर नागरिक को इसके लिए जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे आत्मनिर्भर भारत के लिए ‘होल ऑफ द गवर्नमेंट एप्रोच’ के साथ आगे बढ़ रहे हैं वैसे ही राष्ट्र रक्षा के लिए भी ‘होल ऑफ द नेशन अप्रोच’ समय की मांग है। भारत के कोटि-कोटि जनों की की यही सामूहिक राष्ट्र चेतना ही सुरक्षा और समृद्धि का सशक्त आधार है।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे भी व्यापक हो गए हैं और युद्ध के तौर-तरीके भी बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ भूमि, समुद्र और आकाश तक ही रक्षा की कल्पना की जाती थी लेकिन अब इसका दायरा अंतरिक्ष, साइबर स्पेस और आर्थिक व सामाजिक स्पेस की तरफ बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 8 वर्षों में केंद्र की सरकार ने सिर्फ रक्षा का बजट ही नहीं बढ़ाया है बल्कि ये बजट देश में ही रक्षा निर्माण इकोसिस्टम के विकास में भी काम आए, यह भी सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए तय बजट का बहुत बड़ा हिस्सा आज भारतीय कंपनियों से खरीद में ही लग रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘बीते चार-पांच सालों में हमारा रक्षा आयात लगभग 21 प्रतिशत कम हुआ है। आज हम सबसे बड़े रक्षा आयातक के बजाय एक बड़े निर्यातक की तरफ तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारतीय उद्योग और शिक्षा जगत को जोड़ना है।

द्रौपदी मुर्मू या यशवंत सिन्हा, कौन होगा देश का 15वां राष्ट्रपति?

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देश के 15वें राष्ट्रपति के लिए चुनाव संपन्न हो गए हैं। इस दौरान ओडिशा से असम तक क्रॉस वोटिंग देखने को मिली। उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी क्रॉस वोटिंग हुई। यूपी में बरेली के सपा विधायक शहजील इस्लाम ने पार्टी लाइन से हटकर द्रौपदी मुर्मू को वोट किया। बता दें कि मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ था और शाम के 5 बजे तक चला। एनडीए की तरफ से द्रौपदी मुर्मू तो विपक्ष की तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंति सिन्हा मैदान में हैं।

मतपेटी में कैद हुई किस्मत
दोनों ही उम्मीदवारों की किस्मत मत पेटी में कैद हो गई है। हालांकि माना जा रहा है कि द्रौपदी मुर्मू की जीत सुनिश्चित है। एनडीए के घठक दलों के साथ बीजू जनता दल, जेडीयू और शिवसेना जैसे क्षेत्रीय दलों ने भी मुर्मू के समर्थन में मतदान किया है। वहीं क्रॉस वोटिंग भी जमकर देखने को मिली। बताया जा रहा है कि असम में लगभग 20 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।

27 दलों के समर्थन के साथ द्रौपदी मुर्मू का पलड़ा भारी है। वहीं यशवंत सिन्हा को करीब 14 दलों का समर्थन मिला है। वहीं क्रॉस वोटिंग ने भी खेल बिगाड़ दिया है। 21 जुलाई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण होगा। दरअसल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है।

आलोचकों पर भड़के ललित मोदी, सोशल मीडिया पर दिया कड़ा जवाब, सुष्मिता संग रिश्ते को लेकर हुए थे ट्रोल

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हाल ही में सुष्मिता सेन के साथ फोटो पोस्ट करने के बाद ललित मोदी सोशल मीडिया पर बुरी तरह ट्रोल होने लगे। उनकी लव लाइफ से लेकर पिछली शादी तक को लेकर खबरें पोस्ट होने लगीं। ललित मोदी ने बॉलीवुड अभिनेत्री और मिस यूनिवर्स रहीं सुष्मिता सेन के साथ अपने रिश्ते को लेकर खुलासा किया था। जिसके बाद से ये दोनों ही लोगों के निशाने पर हैं और आए दिन ट्रोल हो रहे हैं। ऐसे में भड़के ललित मोदी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट शेयर कर आलोचकों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने सुष्मिता सेन के साथ संबंध को लेकर आई प्रतिक्रियाओं पर एतराज जताते हुए लिखा, ‘मीडिया मुझे ट्रोल करने के लिए इतना जुनूनी क्यों है? क्या कोई समझा सकता है, मैंने इंस्टा पर केवल 2 तस्वीरें क्यों पोस्ट की हैं? मुझे लगता है कि हम अभी भी मध्य युग में जी रहे हैं कि 2 लोग दोस्त नहीं हो सकते। अगर केमिस्ट्री सही है और समय अच्छा है तो हम अच्छे दोस्त क्यों नहीं बन सकते?’

दिवंगत पत्नी को लेकर दिया जवाब

मीडिया में ये खबर चल रही थी कि उन्होंने अपनी मां की सहेली के संग शादी की। इस पर उन्होंने कहा,'” मेरी सलाह है, जियो और दूसरों को जीने दो। सही खबर लिखें न कि झूठी खबर फैला दें। मैं आपको एक बात और बता दूं कि मेरी पत्नी दिवंगत मीनल मोदी मेरी बहुत अच्छी दोस्त थीं। वह मेरी मां की दोस्त नहीं थी. हम लोगों में अच्छी अंडरस्टैंडिंग थी, इसलिए हम लोगों ने एक-दूसरे से शादी की थी।”

भगौड़ा कहे जाने पर जताई आपत्ति

साथ ही उन्होंने मीडिया से यह भी गुजारिश की कि उन्हें भगौड़ा कहना बंद करें। उन्होंने कहा कि वह कोई भगौड़ा नहीं हैं। किसी भी कोर्ट ने उन्हें दोषी करार नहीं दिया है। अपने योगदान के बारे बताते हुए ललित मोदी ने कहा कि जब वह 29 नवंबर 2005 को अपने जन्मदिन पर बीसीसीआई में पदाधिकारी बने, तो BCCI के अकाउंट में केवल 40 करोड़ रुपये थे, और जब 2013 में मुझे प्रतिबंधित किया गया, तो ये बढ़कर 47,680 करोड़ रुपये हो गए थे।

भोपाल-इंदौर में भाजपा तो ग्वालियर-जबलपुर में कांग्रेस के महापौर

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मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में भाजपा ने बढ़त बनाई। भोपाल में मालती राय और इंदौर में पुष्यमित्र भार्गव निणार्यक बढ़त बना चुके हैं। वहीं, खंडवा, बुरहानपुर, सागर और सतना में भाजपा प्रत्याशी विजयी रहे हैं। कांग्रेस ने ग्वालियर और जबलपुर में निर्णायक बढ़त बना ली है। छिंदवाड़ा में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ अपना वर्चस्व बरकरार रखने में सफल रहे हैं। यहां महापौर पद पर पार्टी के विक्रम अहाके ने जीत दर्ज की है। सिंगरौली में आम आदमी पार्टी (आप) की महापौर प्रत्याशी रानी अग्रवाल विजयी रही हैं। उल्लेखनीय है कि इसके पहले सभी नगर निगमों में भाजपा के महापौर थे।

पहले चरण में 11 नगर निगम, 36 नगर पालिका और 86 नगर परिषद के चुनाव कराए गए थे। सुबह नौ बजे डाक मतपत्रों की गणना से मतगणना प्रारंभ हुई। एक घंटे बाद इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में दर्ज मतों की गणना भी साथ-साथ की गई। सबसे पहले अधिकृत परिणाम बुरहानपुर से आया। यहां भाजपा की महापौर प्रत्याशी माधुरी पटेल ने कांग्रेस की शहनाज अंसारी को कड़े मुकाबले में पराजित किया।

सतना में योगेश ताम्रकार ने कांग्रेस के सिद्धार्थ कुशवाहा को करारी शिकस्त दी। यहां कांग्रेस के बागी सईद अहमद ने 26 हजार 151 मत लेकर पार्टी प्रत्याशी को काफी नुकसान पहुंचाया। खंडवा में भाजपा की अमृता यादव ने कांग्रेस की आशा मिश्रा को पराजित किया। सागर में भाजपा की संगीता तिवारी ने कांग्रेस की निधि जैन को हराया। उज्जैन में कांग्रेस के महेश परमार की आपत्ति के बाद पुनर्गणना कराई जा रही है।

ग्वालियर में कांग्रेस विधायक डा.सतीश सिकरवार की पत्नी शोभा सिकरवार निर्णायक बढ़त ले चुकी हैं। यहां भाजपा ने सुमन शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, ज्योदिरादित्य सिंधिया, पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया सहित अन्य नेताओं ने जमकर प्रचार किया था। इसी तरह जबलपुर में कांग्रेस के जगत बहादुर सिंह ‘अन्न्ू” भी निर्णायक बढ़त बना चुके हैं। भाजपा ने डा.जितेन्द्र जामदार को मैदान में उतारा है। इंदौर में भाजपा के पुष्यमित्र भार्गव ने एक लाख से अधिक मतों से बढ़त बना ली है। यहां कांग्रेस ने संजय शुक्ला को प्रत्याशी बनाया था। उन्होंने कई लुभावनी घोषणाएं भी की थीं लेकिन मतदाताओं ने भार्गव पर ही भरोसा जताया।

आप का मध्य प्रदेश में प्रवेश

नगरीय निकाय चुनाव के माध्यम से आम आदमी पार्टी का मध्य प्रदेश में प्रवेश हो गया। भाजपा छोड़कर आप में शामिल हुईं रानी अग्रवाल को पार्टी ने महापौर प्रत्याशी बनाया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उनके पक्ष रोड शो किया था। उन्होंने भाजपा के चंद्रप्रताप विश्वकर्मा को पराजित किया है।

नगर निगम- विजयी (प्राप्त मत)-निकटतम प्रतिद्वंद्वी (प्राप्त मत)- जीत का अंतर

भोपाल- मालती राय (भाजपा)- विभा पटेल (कांग्रेस)

इंदौर- पुष्यमित्र भार्गव (भाजपा)- संजय शुक्ला (कांग्रेस)

ग्वालियर- शोभा सिकरवार (कांग्रेस)- सुमन शर्मा (भाजपा)

जबलपुर- जगत बहादुर सिंह अन्न्ू (कांग्रेस)- डा.जितेन्द्र जामदार (भाजपा)

उज्जैन- मुकेश टटवाल (भाजपा)-महेश परमार (कांग्रेस)

सागर- संगीता तिवारी (भाजपा) 70653- निधि जैन (कांग्रेस) 57939- 12,714

सिंगरौली-रानी अग्रवाल (आप)34,585- चंद्रप्रताप विश्वकर्मा (भाजपा) 25,233-9,352

छिंदवाड़ा- विक्रम अहाके (कांग्रेस)64,363- अनंत कुमार धुर्वे (भाजपा)60,577-3,786

सतना- योगेश ताम्रकार (भाजपा) 63292- सिद्धार्थ कुशवाहा (कांग्रेस) 38376-24,916

खंडवा- अमृता यादव (भाजपा) 51925- आशा मिश्रा (कांग्रेस) 32160- 19765

बुरहानपुर- माधुरी पटेल (भाजपा) 52823- शहनाज अंंसारी (कांग्रेस) 52281-542

इंग्लैंड ने भारत को दिया 260 रनों का लक्ष्य

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भारत और इंग्लैंड के बीच मैनचेस्टर (Manchester) में आज सीरीज का तीसरा वनडे खेला जा रहा है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लिश टीम ने 45.5 ओवरों में सभी विकेट खोकर 259 रन बनाये। इंग्लैंड की ओर से जॉस बटलर ने सबसे ज्यादा 60 रन बनाये। उनके अलावा सिर्फ जेसन रॉय खुल कर बल्लेबाजी कर सके। जेसन ने 41 रनों का योगदान दिया। टीम इंडिया की ओर से मोहम्मद सिराज ने शुरुआत में ही 2 विकेट लेकर इंग्लैंड को बड़ा झटका दिया। इसके बाद हार्दिक पांड्या ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मध्य क्रम के 4 विकेट ले लिए। युजवेन्द्र चहल ने भी 3 विकेट लेकर ब्रिटिश खिलाड़ियों को पिच पर जमने नहीं दिया।

आंकड़ों में देखा जाए, तो मैनचेस्टर में भारत का रिकॉर्ड अच्छा नहीं है, लेकिन इस सीरीज को जीतने के लिए टीम इंडिया पूरे जोश से उतरेगी। 3 वनडे की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है। ऐसे में आज जो भी टीम जीतेगी सीरीज उसके नाम होगी। पहले वनडे में भारत ने एकतरफ़ा जीत की तो दूसरे वनडे में वापसी करते हुए मेज़बान इंग्लैंड ने उसी अंदाज़ में जीत दर्ज कर सीरीज़ बराबर कर दिया था।

यह वनडे न केवल इस वनडे सीरीज का निर्णायक है बल्कि पूरे दौरे 2022 का भी निर्णायक मैच है। अगर मैदान की परिस्थितियों की बात करें, तो ओल्ड ट्रैफ़र्ड का ये मैदान बल्लेबाज़ों के लिए राहत भरा माना जाता है। यहां हाल के दिनों में बड़े स्कोर बने हैं। वहीं मौसम विभाग ने भी आसमान साफ रहने और तापमान के अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना जताई है।

आर माधवन के बेटे वेदांत ने स्विमिंग में तोड़ा नेशनल जूनियर रिकॉर्ड

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सेलिब्रिटीज के बच्चे जहां अपने पैरेंट्स के नक्शे कदम पर चलते हुए आमतौर पर फिल्म इंडस्ट्री में ही कदम रखते हैं। वहीं आर माधवन के बेटे वेदांत माधवन ने ग्लैमर जगत से दूर स्विमिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया। वेदांत कई प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं। माधवन अपने सोशल मीडिया पेज पर फैन्स और फॉलोवर्स के साथ बेटे के बारे में कुछ ना कुछ साझा करते रहते हैं। अब वेदांत ने राष्ट्रीय जूनियर रिकॉर्ड अपने नाम किया है। माधवन बेटे की इस उपलब्धि पर बेहद खुश हैं।

बेटे का वीडियो किया शेयर

आर माधवन ने स्विमिंग प्रतियोगिता का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वेदांत ने हिस्सा लिया है। वेदांत ने राष्ट्रीय जूनियर रिकॉर्ड 1500 मीटर फ्रीस्टाइल का रिकॉर्ड अपने नाम किया है। माधवन ने बेटे का वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, ‘कभी भी कभी नहीं मत कहिए। राष्ट्रीय जूनियर रिकॉर्ड 1500 मीटर फ्रीस्टाइल का रिकॉर्ड तोड़ा।’ माधवन ने अपने ट्वीट में वेदांत को टैग किया है।

यूजर्स ने दी बधाइयां

बेटे की इस उपलब्धि पर फैन्स माधवन को बधाइयां दे रहे हैं। एक फैन ने कहा, ‘वेदांत को बधाई। परिवार के लिए सेलिब्रेशन का मौका।’ एक यूजर कहते हैं, ‘वो पैरेंट्स खुशनसीब हैं जिन्हें उनके बच्चों की वजह से जाना जाता है। आप कमाल के पैरेंट हैं।’ एक अन्य ने लिखा, ‘उम्मीद है आपके जैसे और पैरेंट्स मिले, खासकर फिल्म इंडस्ट्री से।’

जीता था गोल्ड मेडल

इसी साल अप्रैल में वेदांत माधवन ने डेनिश ओपन में 800 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण पदक जीता था। माधवन ने ट्वीट कर लिखा, ‘और इसलिए आज भी जीत का सिलसिला जारी है…वेदांत माधवन ने डेनमार्क ओपन में स्वर्ण पदक जीता। प्रदीप सर (कोच), स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया आप सभी के निरंतर आशीर्वाद के लिए धन्यवाद।’

उद्धव कांग्रेस और एनसीपी का साथ नहीं छोड़ना चाहते है, उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साथ

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राष्ट्रपति चुनाव में भले ही उद्धव ठाकरे के गुट ने द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने का फैसला कर लिया हो लेकिन उपराष्ट्रपति के लिए होने वाले चुनाव में वे विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा का समर्थन करेंगे। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के आवास पर बैठक में भाग लेने के बाद संजय राउत ने कहा कि वह अल्वा का समर्थन करेंगे। बता दें कि भाजपा की मदद से एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में सरकार बना ली है और उद्धव ठाकरे को सत्ता से बाहर कर दिया है। इसके बावजूद एनडीए के उम्मीदवार को समर्थन देने के ऐलान के बाद कांग्रेस और एनसीपी उद्धव गुट से खुश नजर नहीं आ रही थी।

संजय राउत ने कहा कि उपराष्ट्रपति के चुनाव में विपक्षी एकता बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘द्रौपदी मुर्मू एक आदिवासी महिला हैं और देश में आदिवासियों के लिए लोगों के मन में संवेदना है। हमारे बहुत सारे विधायक और सांसद भी आदिवासी समुदाय से हैं। इसीलिए हमने उनका समर्थन करने का ऐलान किया है। हालांकि यहां हम मार्गरेट अल्वा का समर्थन करेंगे।’

राज्यसभा में शिवसेना के सांसद राउत ने पहले भी कहा था कि मुर्मू का समर्थन करने का मतलब यह नहीं है कि वे भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। बता दें कि भाजपा के साथ दशकों का गठबंधन तोड़कर शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी की सरकार बनाई थी। पिछले महीने विधायकों की बगावत के बाद उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा औऱ उनकी सरकार गिर गई। एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बन गए। अब उद्धव ठाकरे किसी तरह अपनी पार्टी बचाने में जुटे हुए हैं।

एनडीए ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को अपना उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। विपक्ष की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा, 17 पार्टियां इस फैसले से सहमत  हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी और टीएमसी भी अल्वा को समर्थन देगी। बता दें कि 80 वर्षीय अल्वा उत्तराखंड. राजस्थान, गोवा और गुजरात की राज्यपाल रह चुकी हैं। कांग्रेस सांसद  रहते हुए वह सरकार में चार बार राज्यमंत्री रहीं।

शिवराज ने सेमीफाइनल में दिखाया दम, सिंधिया के गढ़ में BJP को बड़ा झटका

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मध्य प्रदेश में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले नगरीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बड़ी जीत हासिल की है। मध्य प्रदेश की सत्ता का सेमीफानल कहे जाने वाले शहरी निकाय चुनावों में अधिकतर सीटों पर कमल खिल गया है। जिन 11 नगर निगम में रविवार को काउंटिंग हुई, उनमें भाजपा ने चार सीटों पर जीत हासिल कर ली है तो 3 पर उसके मेयर प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। कांग्रेस ने 2 नगर निगम में महापौर का पद हासिल किया तो एक में बढ़त हासिल है।

भाजपा ने राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सतना, बुरहानपुर, खंडवा और सागर में परचम लहराया है। भाजपा को छिंदवाड़ा और जबलपुर में कांग्रेस से मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा है तो सिंगरौली में आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को झटका देकर मेयर पद के साथ ही यहां की अधिकतर वार्ड पर कब्जा कर लिया है। हालांकि, बीजेपी को सबसे बड़ा झटका केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में लगा है, जहां भाजपा की मेयर प्रत्याशी लगातार पीछे चल रही हैं।

कमलनाथ ने बचाई नाक
कांग्रेस पार्टी दावे के मुताबिक, नगरीय निकाय चुनाव में अच्छा प्रदर्शन तो नहीं कर पाई, लेकिन पिछले चुनाव के मुकाबले उसने अपने प्रदर्शन में कुछ सुधार जरूर किया है। कांग्रेस ने जबलपुर और छिंदवाड़ा में मेयर पद हासिल कर लिया है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस छिंदवाड़ा में पिछड़ गई थी लेकिन कमलनाथ के गढ़ में पार्टी ने वापसी करते हुए जीत दर्ज की। ग्वालियर में भी कांग्रेस जीत की ओर बढ़ रही है। पिछले चुनाव में भाजपा ने सभी 16 नगर निगम में कब्जा किया था।

केजरीवाल के लिए भी खुशखबरी
चुनावी नतीजों में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के लिए भी बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली और पंजाब की सत्ताधारी पार्टी ने नगरीय निकाय चुनाव में धमाकेदार एंट्री मारी है। पार्टी उम्मीदवार रानी अग्रवाल ने सिंगरौली में जीत हासिल की है। सिंगरौली में अधिकतर वार्ड पर भी आप ने कब्जा जमाया है। इसके अलावा उसदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने भी प्रदेश में कुछ वार्डों पर जीत हासिल की है तो कई सीटों पर कांग्रेस की हार में अहम भूमिका निभाई है।

जीत के साथ जिम्मेदारी बढ़ी: विष्णुदत्त शर्मा

नगरीय निकाय चुनाव परिणाम पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत की वजह से पार्टी को नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद में ऐतिहासिक जीत मिली है। सभी कार्यकर्ताओं के साथ मैं मतदाता भाई-बहनों का भी धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा कि जीत के साथ हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। हम सभी मिलकर जनता के प्रति ज्यादा जवाबदेह बनकर काम करेंगे। यह जीत माननीय प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री की गरीब कल्याण की योजनाओं का परिणाम है। यह जीत संगठन तंत्र की मजबूती, कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत और हमारे नेतृत्व के प्रति जनता के विश्वास का आधार है।