उज्जैन। वैसे तो माता लक्ष्मी का वाहन उल्लू है और वह उल्लू पर सवार होकर सबको आशीर्वाद देती हैं। उज्जैन में विश्व का एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां मां लक्ष्मी गज पर सवार है। नई पेठ क्षेत्र स्थित इस मंदिर में दीपावली पर 5 हजार लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा और व्यापारी यहां से बही खाते लिखने की शुरुआत करेंगे|
एकमात्र उज्जैन में स्थित गजलक्ष्मी का मंदिर, जहां मां लक्ष्मी गज पर विराजमान है। दीपावली के पांचों दिन यह मंदिर चौबीस घंटे खुला रहेगा और दिन रात पूजा, अनुष्ठान जारी रहेगा। पुष्य नक्षत्र में धनतेरस पर सोने-चांदी के व्यापारी या जिनका कारोबार बहीखाते से जुड़ा हुआ है, वह मंदिर में मंत्र और यंत्र बनवाते हैं। मंत्र और यंत्र के माध्यम से व्यापारी मां लक्ष्मी ये यह प्रार्थना करते हैं कि खाता जल्दी पूरा हो आए और किसी तरह का कोई बकाया न रहे। धनतेरस पर ही श्रद्धालुओं को माताजी की बरकत वितरित की जाती है। सभी को पीले चावल, कोढ़ियां, एक सिक्का और हल्दी की गांठें आशीर्वाद स्वरूप प्रदान की जाती है।
उज्जैन में गज पर सवार महालक्ष्मी का मंदिर
मल्लिकार्जुन खड़गे बने कांग्रेस अध्यक्ष
कांग्रेस पार्टी में 24 साल के लंबे अंतराल के बाद आज गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति नया अध्यक्ष अब पार्टी की कमान संभालेगा। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मल्लिकार्जुन खगडे ने शानदार जीत हासिल कर ली है। अध्यक्ष पद के चुनाव में खड़गे को 7897 वोट मिले हैं, वहीं शशि थरूर को सिर्फ 1000 के करीब ही वोट मिले। समाचार एजेंसी ने जानकारी दी है कि करीब 416 वोट खारिज हो गए। चुनाव नतीजों से पहले शशि थरूर के इलेक्शन एजेंट सलमान सोज ने उत्तर प्रदेश के सभी वोट रद्द करने की मांग की है। हालांकि खुद शशि थरूर ने ट्वीट कर खडगे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने को सम्मान की बात बताया है।
कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के पदाधिकारी ने यह भी बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मुख्य टक्कर मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के मध्य है और मतगणना के दौरान दोनों ही तरफ से 5-5 एजेंट निगरानी करेंगे, जबकि दोनों पक्षों से 2 एजेंट रिजर्व में रखे जाएंगे। मतगणना से पहले दोनों ही नेताओं के समर्थक कांग्रेस मुख्यालय में इकट्ठा होना शुरू हो गए हैं।
कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने जानकारी दी है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए करीब 96 प्रतिशत मतदान था। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और कई वरिष्ठ नेताओं सहित करीब 9500 निर्वाचक मंडल के सदस्यों ने सोमवार को वोट डाला था।
कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में अभी तक अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ 6 बार चुनाव हुए हैं। कांग्रेस पार्टी के महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि कांग्रेस में 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए थे और अब 22 वर्षों के बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस चुनाव में 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर कोई नेता कांग्रेस पार्टी की कमान संभालेगा।
जल्द होगी आलिया भट्ट की डिलीवरी
आलिया भट्ट जल्द ही अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाली हैं। बता दें कि 14 अप्रैल 2022 को आलिया भट्ट और रणबीर कपूर शादी के बंधन में बंधे थे। कुछ ही दिनों में आलिया अपने बच्चे को जन्म भी दे देंगी। हाल ही में ब्रह्मास्त्र एक्ट्रेस की गोद भराई की रस्म भी उनके यहां की गई थी। जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुई थी। अब आने वाले महीनों में किसी भी वक्त आलिया भट्ट की डिलीवरी हो सकती है। कौन से महीने में और किस अस्पताल में आलिया अपने बेबी को जन्म देने वाली है। इस बात की आज हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं।
इस हॉस्पिटल में देंगी जन्म
मीडिया को मिली जानकारी के मुताबिक आलिया भट्ट नवंबर के आखिरी दिनों में या दिसंबर के शुरुआती दिनों में अपने पहले बेबी को जन्म देंगी। उनके करीबी सूत्रों की मानें तो एक्ट्रेस डिलीवरी के लिए अपना नाम अभी से हॉस्पिटल में रजिस्टर करवा चुकी हैं। उनके नाम पर एक कमरा भी बुक हो चुका है। रिपोर्ट्स की मानें तो आलिया एच एन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल में अपने बेबी को जन्म देंगी। बता दें कि ये अस्पताल मुंबई के गिरगांव में है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा गया है कि बेबी के जन्म के बाद आलिया भट्ट अपने काम से एक लंबा ब्रेक भी लेने वाली हैं। वे करीब एक पूरा साल अपने बेबी के साथ समय बिताएंगी।
इस तारीख को होगी आलिया की डिलीवरी
आलिया भट्ट ने शादी के दो महीने बाद ही अपनी प्रेग्नेंसी की अनाउंसमेंट कर दी थी। इस खबर को सुनकर सभी हैरान थे। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर हॉस्पिटल के बेड पर लेटे हुए सोनोग्राफी के एक पोस्ट के साथ अपने प्रेग्नेंट होने की जानकारी अपने फैंस को दी थी। अपने प्रेग्नेंस की दिनों में भी वे लगातार फिल्मों में एक्टिव रहने वाली आलिया हार ही में पति रणबीर कपूर के साथ फिल्म ब्रह्मास्त्र में नजर आई थीं। बेबी के जन्म से पहले ही आलिया ने अपने पुराने सभी प्रोजेक्ट की शूटिंग पूरी कर ली है।
‘आतंकवाद के खिलाफ एक साथ आये पूरी दुनिया’ – PM मोदी
भारत में 25 साल बाद इंटरपोल जेनरल असेंबली की बैठक हो रही है। प्रगति मैदान में आयोजित 90वीं इंटरपोल महासभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि यह समय भारत और इंटरपोल दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने आतंकवाद जैसे खतरे से निपटने के लिए दुनिया भर के देशों को एक साथ आने की अपील की। बता दें कि इस महासभा में 195 देशों के प्रतिनिधि शिरकत कर रहे हैं। इन प्रतिनिधियों में सदस्य देशों के मंत्री, पुलिस प्रमुख, केंद्रीय ब्यूरो के प्रमुख और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
एनआईए के देशभर में 50 ठिकानो पर छापे
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को उत्तर भारत के 50 से अधिक शहरों में छापे मारे। यह कार्रवाई इलाके के कुख्यात गैंगस्टरों के खिलाफ की गई। आरोप हैं कि ये अपराधी आतंकियों के साथ मिले हैं और ड्रग्स के धंधे में भी लिप्त हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार सुबह से छापेमारी की गई। अधिकारियों के मुताबिक, यह भारत और विदेशों में स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टर, ड्रग तस्करों के बीच गठजोड़ खत्म करने की कवायद है।
एनआईए की इस कार्रवाई के पीछे दिल्ली पुलिस से जुड़े दो मामले हैं। मामलों की गंभीरता देखते हुए इसी साल 26 अगस्त को एनआईए ने जांच शुरू की थी। गैंगस्टरों और आतंकवादी समूहों के बीच सांठगांठ के साथ ही यह भी पता चला है कि कई गिरोह को नेताओं का सहयोग प्राप्त है। जांच के दौरान पता चला कि ये गैंगस्टर भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी सक्रिय थे।
मंगलवार को कार्रवाई के तहत एनआईए ने हरियाणा के झज्जर में गैंगस्टर नरेश सेठी के घर पर भी छापा मारा। एनआईए की टीम सुबह चार बजे सेठी के घर पहुंची। डीएसपी सहित स्थानीय पुलिस भी एनआईए टीम के साथ थी। सेठी के परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई और उसकी संपत्ति, बैंक विवरणों की जांच की गई। एनआईए की टीम करीब पांच घंटे सेठी के घर पर थी।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के रोजर बिन्नी 36वें प्रेसिडेंट चुने गए
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर रोजर बिन्नी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के 36वें प्रेसिडेंट बन गए हैं। बोर्ड की एजीएम में मंगलवार को बिन्नी को प्रेसिडेंट चुना। वो सौरव गांगुली की जगह लेंगे। BCCI की वार्षिक आम बैठक में इसका फैसला किया गया है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की मंगलवार को हुई वार्षिक आम बैठक (AGM) में यह फैसला लिया। वहीं जय शाह ( सचिव), आशीष शेलार (कोषाध्यक्ष), राजीव शुक्ला (उपाध्यक्ष) और देवजीत सैकिया (संयुक्त सचिव) भी अपने पदों पर निर्विरोध चुने गए हैं। इनके अलावा निवर्तमान कोषाध्यक्ष अरुण धूमल IPL के नए अध्यक्ष होंगे।
इस बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है कि बीसीसीआई को ICC चेयरमैन पद के लिए उम्मीदवार खड़ा करना चाहिए या नहीं। राजनीतिक गलियारों में सौरव गांगुली को लेकर काफी चर्चा हो रही है और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर सौरव गांगुली के पक्ष में पीएम मोदी से दखल देने की मांग की है। लेकिन इस पद के लिए जिन अन्य नामों पर चर्चा चल रही है उनमें खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन भी शामिल हैं।
आईसीसी के शीर्ष पद के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है। फिलहाल BCCI मौजूदा चेयरमैन ग्रेग बारक्ले को ही दूसरे कार्यकाल के लिए समर्थन देने के पक्ष में है। लेकिन अगर इस शीर्ष पद के लिए सौरव गांगुली या किसी और के नाम पर विचार किया जाता है या नहीं, ये देखना दिलचस्प होगा। आपको बता दें कि आईसीसी बोर्ड की 11 से 13 नवंबर के बीच मेलबर्न में बैठक होगी।
सूर्य ग्रहण के कारण कब की जाएगी गोवर्धन पूजा
हर साल दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाता है। हालांकि इस बार ऐसा नहीं होगा। गोवर्धन पूजा 26 अक्टूबर 2022 को की जाएगी। इस साल दीपावली 24 अक्टूबर को है, लेकिन अगले दिन सूर्य ग्रहण है। जिसके कारण गोवर्धन पूजा का त्योहार 26 अक्टूबर, बुधवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण ने इंद्र देव के प्रकोप से ब्रज वासियों को बचाया था। तब से गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाने लगा। आइए जानते हैं गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा नियम।
गोवर्धन पूजा शुभ मुहूर्त 2022
– गोवर्धन पूजा तिथि: 26 अक्टूबर 2022, बुधवार
– गोवर्धन पूजा मुहूर्त: 26 अक्टूबर 2022, सुबह 06.29 बजे से सुबह 08.43 तक
पूजा अवधि: 02 घंटे 14 मिनट
– प्रतिपदा तिथि आरंभ: 25 अक्टूबर 2022, दोपहर 04.18 बजे से
– प्रतिपदा तिथि समाप्त: 26 अक्टूबर 2022, दोपहर 02.42 बजे तक
गोवर्धन पूजा विधि 2022
गोवर्धन पूजा के दिन गोबर से गोवर्धन देवता की प्रतिमा बनाई जाती है। उन्हें पुष्पों से सजाया जाता है। पूजन के दौरान देवता को दीपक, फूल, फल, दीप और प्रसाद अर्पित करें। गोवर्धन देवता को शयन मुद्रा में बनाया जाता है। उनकी नाभि के स्थान पर मिट्टी का दीपक रखा जाता है। पूजा के बाद सात बार परिक्रमा की जाती है। परिक्रमा के समय लोटे से जल गिराते हुए और जौ बोते हुए परिक्रमा करना चाहिए। इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने का भी विधान है।
दिवाली पर घर के कोनों की सफाई से होता है लक्ष्मी व कुबेर का वास
देशभर में दीपावली का त्योहार काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है और दीपावली से पहले हर घर में साफ-सफाई का दौर शुरू हो जाता है। दीपावली पर घर को दुल्हन की तरह सजाया जाता है और घर के हर कोने की अच्छे से सफाई की जाती है। यदि आप भी इन दिनों घर की सफाई में जुटे हुए हैं तो आपको बता दें कि घर में कुछ कोने ऐसे होते हैं, जहां भगवान धन्वंतरी, कुबेर देव और मां लक्ष्मी का वास होता है, इसलिए दीपावली पर घर में इन कोनों की सफाई सबसे पहले करना चाहिए –
ईशान कोण को रखें स्वच्छ
ज्योतिष व वास्तु शास्त्र के मुताबिक ईशान कोण को काफी शुभ माना जाता है और इस दिनों को देवताओं की दिशा माना जाता है। मान्यता है कि इस कोण को साफ नहीं रखने पर घर में मां लक्ष्मी का वास नहीं होता है। घर के ईशान कोण को उत्तर पूर्व दिशा कहा जाता है। ईशान कोण में कभी भी घर का कूड़ा करकट या बेकार का सामान नहीं रखना चाहिए, जिन्हें आप लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। घर के ईशान कोण की सफाई करने पर वास्तु में सुधार होता है और घर में लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है।
ब्रह्म स्थान की भी करें सफाई
घर के बीच का स्थान ब्रह्म स्थान कहलाता है। ब्रह्म स्थान को हमेशा साफ रखना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि ब्रह्म स्थान में कोई खंडित चीज, टूटा हुआ कांच, टूटा हुआ पलंग आदि नहीं रखना चाहिए।
75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स का रविवार को PM मोदी करेंगे उद्घाटन
75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स का रविवार को PM मोदी करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को जम्मू कश्मीर की 2 डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स समेत कुल 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स (Digital Banking Units -DBUs) का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन यूनिट्स का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित भी करेंगे। आपको बता दें कि वर्ष 2022-23 के बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन (Nirmala Sitharaman) ने इसकी घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर देश के 75 जिलों में 75 डीबीयू की स्थापना की जाएगी। इससे आम लोगों को फायदा ये होगा कि सेविंग अकाउंट खोलने, पासबुक प्रिंट करने, एफडी में निवेश करने, लोन के लिए अप्लाई करने, क्रेडिट/डेबिट कार्ड के लिए अप्लाई करने आदि तमाम बैकिंग कार्य को लेकर आपको बैंक तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब घर के पास ही आपको ये सुविधा मिलेगी।
डीबीयू से क्या मिलेगी सुविधाएं?
देश भर के विभिन्न बैंकों की 75 डिजिटल बैंकिंग यूनिट्स से फाइनेंशियल इन्क्लूजन (Financial Inclusion) को मजबूती मिलेगी। इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग का विस्तार करना है। DBU में सर्विसेज की शुरुआत में सेविंग और करंट अकाउंट, आरडी-एफडी, कैश निकालना, पासबुक प्रिंटिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। ग्राहकों के पास मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मास ट्रांजिट सिस्टम कार्ड, यूपीआई क्यूआर कोड, भीम आधार और प्वाइंट ऑफ सेल के लिए डिजिटल किट होगी।
आसान होगी बैंकिंग
DBU की शुरुआत में कम से कम 10 सर्विस की सुविधा मिलेगी। एक बार DBU इको-सिस्टम के गति पकड़ने के बाद यह संख्या बढ़ाकर 30 कर दी जाएगी। सामान्य बैंक शाखाओं से उलट DBU पेपरलेस होंगे। इन्हें बैंक की शाखा नहीं, बल्कि स्पेशल digital entities के रूप में गिना जाएगा। डीबीयू में जमा के लिए नकद राशि स्वीकार नहीं की जाएगी। एटीएम और कैश डिपॉजिट मशीनों की मदद से निकासी और जमा की अनुमति होगी।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ेगी पहुंच
साथ ही इसमें NEFT, IMPS, KYC , शिकायत दर्ज करने और खाता खोलने वाले कियोस्क जैसी सुविधाएं भी होंगी। ये डीबीयू, विशेष रूप से बैंक, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना सहित कई सरकारी योजनाओं के लिए ग्राहकों की डिजिटल ऑनबोर्डिंग भी सुनिश्चित करेंगे।
सपने साकार करने के लिए रूप नहीं, गुण पर दें ध्यान – हुमा कुरैशी
वजन ज्यादा होना या बहुत कम होना हर दूसरे व्यक्ति की कहानी है। इसके लिए हर किसी को बहुत कुछ सुनना पड़ता है। कई लोग इस बात का मजाक बनाते हैं, ताने देते हैं। हर व्यक्ति की अपनी कद-काठी, रंग-रूप है। क्यों बच्चों के मन में भी बार्बीडाल, सिंड्रेला आदि की छवि ‘जीरो साइज’ की बनाई जाती है। क्यों उन्हें मोटा नहीं बनाया जाता। भारत तो क्या बल्कि दुनिया में कहीं भी वयस्क व्यक्ति ‘जीरो साइज’ की बात पर खरा नहीं उतरता, बच्चों की बात अलग है। पुरानी फिल्मों की नायिकाएं तो ऐसी नहीं होती थीं, फिर भी वे पूरी दुनिया पर छाई रही तो आज दुबली लड़की की बात क्यों की जाती है। जरूरत है तो अपने गुणों से अपनी पहचान बनाने की, सपनों को साकार करने की।
यह बात माडल व अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने शनिवार को इंदौर में मीडिया से हुई चर्चा में कही। हुमा ने अपनी आगामी फिल्म ‘डबल एक्सएल’ के बारे में भी चर्चा करते हुए कहा कि फिल्म के जरिए बेशक बहुत बदलाव न हो, लेकिन लोग इस विषय पर सोचेंगे तो सही। मेरा मानना है कि बाडी शेपिंग की बात ही गलत है। जो जैसा है उसे वैसा ही रहने दें, उसके गुणों को देखें।
पर्दे के आगे और पीछे अब महिलाएं भी – हुमा ने कहा कि अब फिल्मों के विषय भी बदल रहे हैं। एक वक्त था जब पुरुष प्रधान मुद्दों पर फिल्में बनती थी क्योंकि पर्दे के आगे और पर्दे के पीछे पुरुष ही ज्यादा होते थे, इसलिए उनसे जुड़े मुद्दे ही सामने आ पाते थे। अब महिलाएं पर्दे के आगे और पीछे महत्वपूर्ण दायित्व निभा रही हैं। इसके ही परिणाम हैं कि जो उन्होंने अनुभव किया उसे वे फिल्मों के जरिए सामने ला रही हैं। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को अपने मन की आवाज सुनना चाहिए। लोग क्या सोचेंगे, कहेंगे इस बारे में हम कब तक विचार करते रहें।





