दुनिया की जानी-मानी मैगजीन टाइम ने यूक्रेन (Ukraine) के राष्ट्रपति व्लोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) को साल 2022 का ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ घोषित किया है। टाइम मैगजीन ने बुधवार को ये घोषणा की। आपको बता दें कि हर साल ये अवॉर्ड उस व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने पिछले 12 महीनों में वैश्विक घटनाओं पर सबसे अधिक प्रभाव डाला हो। इस पुरस्कार के लिए अन्य फाइनलिस्ट में ईरान के प्रदर्शनकारी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क और यूएस सुप्रीम कोर्ट भी थे। टाइम ने जेलेन्स्की के साथ-साथ “द स्प्रिट ऑफ यूक्रेन” को इस अवार्ड में शामिल किया है। आपको बता दें कि इसी साल 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया था और तब से जंग जारी है। जेलेन्स्की ने रुस के सामने हथियार डालने के इनकार कर दिया है और कई मोर्चों पर यूक्रेनी सेना रुस जैसी महाशक्ति को कड़ी टक्कर दे रही है।
टाइम के एडिटर इन चीफ एडवर्ड फेलसेंथल ने इस फैसले की वजह को स्पष्ट करते हुए लिखा कि यूक्रेन के लिए लड़ी जा रही लड़ाई, किसी को उम्मीद से भर दे या डर से, लेकिन व्लोडिमिर जेलेंस्की ने दुनिया को जिस तरह से प्रेरित किया, वैसा हमने दशकों में नहीं देखा। मैगजीन ने कहा कि युद्ध के शुरू होने पर यूक्रेन की राजधानी कीव को छोड़ने से इनकार करते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपने युद्धग्रस्त देश में यात्रा की और देश की जनता को संबोधित करते रहे।
टाइम मैगजीन ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ चुना
हिमाचल की अगली सीएम प्रतिभा सिंह बन सकती हैं
हिमाचल प्रदेश में 39 सीटों पर कांग्रेस पार्टी जीत हासिल करती दिख रही है और भाजपा 25 से 26 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है। कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को एकजुट करने के प्रयास करते हुए भूपेंदर सिंह हुड्डा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ऑर्ब्जवर बनाया है और सरकार गठन की तैयारी में जुट गई है। इस बीच कांग्रेस पार्टी से प्रतिभा सिंह के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा जोरों पर हैं।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी हंट और फिलहाल मंडी लोकसभा सीट से सांसद हैं। प्रतिभा सिंह ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन प्रदेश कांग्रेस पर उनकी अच्छी कमान हैं। वीरभद्र सिंह की विरासत के तौर पर प्रतिभा सिंह मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा भी ठोंक रही है। मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि आखिर मैं हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री क्यों नहीं हो सकती हीं। कांग्रेस ने राजा वीरभद्र के चेहरे का इस्तेमाल पूरे प्रचार अभियान में किया था और प्रतिभा सिंह ने प्रचार में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था।
मैनपुरी में डिंपल यादव की रिकॉर्ड जीत
गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणामों के बीच देश की नजर उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभी सीट पर भी है जहां उपचुनाव हुए हैं। नेताजी मुलायम सिंह यादव के निधन के कारण यह सीट खाली हुई थी। समाजवादी पार्टी ने अपनी इस परंपरागत सीट पर अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को उतारा था, तो भाजपा ने रघुराज सिंह शाक्य को टिकट दिया है। पूरे चुनाव में समाजवादी पार्टी भाजपा पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाती रही है। Mainpuri लोकसभा सीट पर भाजपा एक बार भी जीत दर्ज नहीं कर सकी है।
बिहार कुढ़नी उपचुनाव में बीजेपी की जीत
गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव नतीजों के बीच बिहार की कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भी मतगणना हुई। यहां का नतीजा नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के लिए तगड़ा झटका देने वाला रहा। यहां गठबंधन के साझा उम्मीदवार जदयू उम्मीदवार मनोज कुमार सिंह उर्फ मनोज कुशवाहा को भाजपा प्रत्याशी केदार गुप्ता के हाथों हार का सामना करना पड़ा। केदार गुप्ता को 42.18 फीसदी यानी 74,009 वोट मिले, वहीं दूसरे नंबर पर रहे जदयू प्रत्याशी को 71,143 (40.54 फीसदी) मत प्राप्त हुए। यह चुनाव भी किसी टी-20 मुकाबले से कम नहीं रहा। मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशी आगे-पीछे होते रहे। आखिरी में कुशवाहा ने कुढ़नी विधानसभा उपचुनाव में हार स्वीकार कर ली। कुशवाहा पूरे समय मतगणना केंद्र पर रहे और आखिरी में निराश होकर बाहर निकल गए।
गुजरात कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा ने इस्तीफा दिया
गुजरात के राज्य प्रभारी रघु शर्मा ने राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया है। शर्मा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को हस्तलिखित त्याग पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा, “मैं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करता हूं। उन्होंने कहा, “कृपया पार्टी प्रभारी के रूप में मेरा इस्तीफा स्वीकार करें। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गुजरात में भारी जीत की ओर बढ़ रही है और अब तक 73 सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है, जबकि गुरुवार को चुनाव आयोग द्वारा घोषित 85 सीटों के परिणामों के अनुसार कांग्रेस छह सीटों पर विजयी हुई।
गुजरात में कई मुस्लिम बहुल सीटों पर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की कीमत पर जीतता हुआ दिखाई दिया। भाजपा ने उच्च मुस्लिम आबादी वाली 17 में से 12 सीटों पर नेतृत्व किया- कांग्रेस के लिए सिर्फ पांच की तुलना में छह सीटों की वृद्धि हुई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भाजपा के लिए घाटलोडिया सीट जीती। गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने सूरत की माजुरा सीट पर 1.16 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की।
जसदण सीट से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री कुंवरजी बावलिया ने जीत हासिल की है। कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया ने पोरबंदर में भाजपा विधायक बाबू बोखिरिया को हराकर जीत हासिल की। कांग्रेस के मौजूदा विधायक इमरान खेड़ावाला ने अपनी जमालपुर-खड़िया सीट बरकरार रखी। आणंद जिले की पेटलाड सीट पर भाजपा के कमलेश पटेल ने कांग्रेस के प्रकाश परमार को 17954 मतों के अंतर से हराया।
सीएम जयराम ठाकुर जल्द ही राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे
हिमाचल प्रदेश के ताजा रुझानों में कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है और कांग्रेस को 39 सीटें मिलती दिख रही है। जाहिर है कि हिमाचल प्रदेश स्पष्ट जनादेश की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में बीजेपी ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। मौजूदा सीएम जयराम ठाकुर ने जनादेश को स्वीकार करते हुए कहा कि वो थोड़ी देर में राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप देंगे। अब तक नतीजों और रुझानों में बीजेपी को सिर्फ 26 सीटें मिलती दिख रही हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 35 है। पिछली बार हिमाचल प्रदेश में बीजेपी ने 44 सीटें जीतते हुए सरकार बनाई, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 21 सीटों पर ही जीत मिल सकी थी।
हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इतना तो तय है कि जनता ने विधानसभा चुनाव में अपने रिवाज को कायम रखा है, जहां हर पांच साल बाद सरकार बदलने की रवायत रही है। बीजेपी की हार में मंत्रियों के खिलाफ एंटी इन्कंबेंसी, सीएम का गृह जिले में काम करने की धारणा जैसे कारणों के अलावा ओपीएस भी बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। माना जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से हिमाचल में सरकार बनने पर, राजस्थान की तर्ज पर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने का ऐलान करने ने सियासी हवा बदलने में अहम भूमिका निभाई है। बता दें कि कांग्रेस ने नवंबर में अपने जन घोषणा पत्र में जनता से ओपीएस लागू करने, महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और 2 रुपये प्रति किलो गाय के गोबर की खरीद सहित 10 गारंटी देने का वादा किया था।
ग्लोबल स्किल पार्क का निर्माण तेजी से पूरा करें: मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराएँ। इसका कार्य सातों दिन 24 घंटे चले। जून 2023 तक पार्क का निर्माण कार्य पूरा होना चाहिए। मुख्यमंत्री चौहान ने निर्माणाधीन स्किल पार्क के चल रहे कार्य पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और उनकी टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री चौहान गोविंदपुरा में निर्माणाधीन संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्माणाधीन स्किल पार्क का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री चौहान ने तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग की समीक्षा भी की।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हर विकासखण्ड में एक आईटीआई होना चाहिए। प्रदेश के जिन 21 विकासखंडों में आईटीआई भवन नहीं हैं, उनकी स्वीकृति की कार्यवाही शीघ्रता से की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक घरानों से समन्वय कर आईटीआई में आवश्यकता अनुरूप कौशल विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अधिकाधिक संख्या में प्लेसमेंट हों। इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की प्रदर्शनी में ग्लोबल स्किल पार्क की सम्पूर्ण जानकारी प्रदर्शित की जाए। प्रदेश में निर्माणाधीन संभागीय आईटीआई भवन शीघ्रता से पूरा करें। निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहतर रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगरौली में माइनिंग इंजीनियरिंग कॉलेज की स्वीकृति जारी हो चुकी है, कॉलेज के भूमि-पूजन की तैयारी की जाए। ग्रामीण इंजीनियरिंग योजना में गाँव के युवाओं को प्रशिक्षण दें। इससे गाँव के लोगों को गाँव का ही इंजीनियर मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सीएम राइज स्कूल और आईटीआई को जोड़ कर व्यवसायिक शिक्षा दी जाए। आईटीआई, इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति प्राथमिकता से की जाये।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सिंगापुर के सहयोग से ड्रीम प्रोजेक्ट ग्लोबल स्किल पार्क का काम तेजी से हो रहा है। हमारा लक्ष्य इसे जून 2023 तक पूर्ण कर युवाओं को प्रवेश देने का है। इसमें प्रारंभ में ही 6 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज की आवश्यकताओं के अनुसार युवाओं को स्किल्ड करेंगे। इससे उनको तत्काल जॉब मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह काम तेजी से प्रारंभ हुआ है। आज से 10-11 माह पहले जब मैंने यहाँ निरीक्षण किया था तब यहाँ कुछ भी नहीं था।
राज्य सांख्यिकी आयोग के अध्यक्ष से मुख्यमंत्री चौहान मिले
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य सांख्यिकी आयोग के प्रथम अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव ने सौजन्य भेंट की। मध्यप्रदेश में मातृ-मृत्यु दर, नवजात शिशु-मृत्यु दर, शिशु-मृत्यु दर और कुपोषण कम करने के लिए गठित किए गए टॉस्क फोर्स की अध्यक्ष अर्थशास्त्री प्रो. शमिका रवि, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल (AIGGPA) के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी, संस्थान के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी और ओएसडी मुख्यमंत्री कार्यालय लोकेश शर्मा भी उपस्थित थे।
पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की प्रथम पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री चौहान ने विनम्र श्रद्धांजलि दी
अद्भुत शौर्य और पराक्रम के प्रतीक, देश के पूर्व थल सेनाध्यक्ष एवं प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
एक उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी के रूप में आप सदैव याद किए जाएंगे।
जनवरी में न्यूजीलैंड से वनडे और टी-20 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया
नए साल पर शहर के क्रिकेट प्रशंसकों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दावत मिलेगी। भारत दौरे पर आने वाली न्यूजीलैंड टीम शहर के होलकर स्टेडियम में 24 जनवरी को वनडे मैच खेलेगी। यह वनडे सीरीज का निर्णायक मैच होगा। इससे पहले दो मैच हैदराबाद और नागपुर में होंगे।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) की दौरा एवं कार्यक्रम निर्धारण समिति की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें न्यूजीलैंड दौरे को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरे पर तीन वनडे और तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेले जाएंगे। सीरीज के कार्यक्रम की अभी आधिकारिक घोषणा शेष है। बीसीसीआइ से जुड़े सूत्रों के अनुसार वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 18 जनवरी को हैदराबाद में जबकि दूसरा 21 जनवरी को नागपुर में होगा। इंदौर में 24 जनवरी को तीसरा व निर्णायक वनडे खेला जाएगा।
वनडे के बाद टी-20 सीरीज शुरू होगी। इसके मैच 27 जनवरी को रांची में, 29 जनवरी को लखनऊ में और एक फरवरी को अहमदाबाद में होंगे। उल्लेखनीय है कि बीसीसीआइ की रोटेशन नीति के तहत इंदौर में इसी साल वनडे मैच होना था, मगर मेजबान मप्र क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) एक साथ दो मैच की मेजबानी करने का इच्छुक नहीं था, जिसे देखते हुए इसे अगली सीरीज के लिए बढ़ा दिया गया था।





