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कैबिनेट के अहम फैसलों मे व्यापमं का नाम कर्मचारी चयन बोर्ड ओर नर्मदा एक्सप्रेस वे को सैद्धांतिक स्वीकृति दी

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भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह ढाई लाख करोड़ों रुपए से अधिक का होगा। पहली बार सरकार चाइल्ड बजट प्रस्तुत करेगी। इसमें किसान श्रमिक रोजगार और अधोसंरचना विकास पर सर्वाधिक जोर रहेगा। बैठक में बजट प्रस्ताव को लेकर वित्त विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिया। कोरोना संक्रमित होने की वजह से मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि नर्मदा एक्सप्रेस वे को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। यह एक्सप्रेसवे 906 किलोमीटर लंबा होगा। अमरकंटक के कबीर चबूतरा से प्रारंभ होकर झाबुआ में मध्य प्रदेश- गुजरात की सीमा तक रहेगा। एक्सप्रेस-वे को भारत माला परियोजना में शामिल करने के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।नर्मदा एक्सप्रेस वे मध्य प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। एक्सप्रेस वे के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके लिए उद्योग विभाग कार्य योजना तैयार करेगा।

एक्सप्रेस वे से प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने के लिए फीडर रूट्स के निर्माण को भी सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। बैठक में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत पूर्व से निर्मित 17 मार्गों पर टोल टैक्स लगाने की स्वीकृति दी गई। इनमें यात्री वाहन बस, कार और जीप को टोल टैक्स से छूट रहेगी। मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल का नाम बदलकर कर्मचारी बोर्ड किए जाने का निर्णय भी लिया गया। बोर्ड अब सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत आएगा। स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए मध्य प्रदेश शासन नीति एवं कार्यान्वयन योजना 2022 का भी अनुमोदन किया गया।

महंगाई भत्ते और राहत का अनुसमर्थन

बैठक में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अधिकारी कर्मचारियों और पेंशनर के महंगाई भत्ते एवं राहत में एक अक्टूबर 2021 से की गई आठ प्रतिशत वृद्धि के निर्णय का अनुसमर्थन किया गया। प्रदेश में कर्मचारियों को 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता और पेंशनर को 17 प्रतिशत महंगाई राहत दी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार से अनुरोध किया गया है कि महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की वृद्धि पर विचार किया जाए ताकि पेंशनर को भी कर्मचारियों की तरह महंगाई राहत मिल सके। महंगाई भत्ता और राहत वृद्धि में वृद्धि से प्रदेश सरकार पर तेरह सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा।

घुड़सवार फराज खान को एग्जाम की तैयारी के लिए भेजा जाएगा जर्मनी

घुड़सवार फराज खान को 19वें एशियन गेम्स 2022 की तैयारी करने के लिए जर्मनी भेजा जाएगा। जर्मनी में प्रशिक्षण पर जो राशि खर्च होगी, उसका भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट में 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।

कैबिनेट के अन्य निर्णय

– खरगोन के बड़वाह में नवीन आईटीआई की स्थापना के लिए 30 पदों के सृजन की अनुमति दी गई।

– पालिटेक्निक अनूपपुर में सिविल संकाय प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए 12 पदों के सृजन की अनुमति दी गई।

– राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर अशासकीय व्यक्ति को मनोनीत किए जाने की स्वीकृति दी गई।

– इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर में दो नए पाठ्यक्रम के संचालन के लिए 24 शैक्षणिक पद स्वीकृत किए गए।

मध्‍य प्रदेश मे कोरोना की तीसरी लहर लगभग खात्मे पर

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भोपाल। देश के साथ-साथ प्रदेश में भी कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप लगातार कम हो रहा है। प्रदेश में रोज मिलने वाले मरीजों का आंकड़ा भी घटकर 1000 से नीचे आ गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में कोरोना 888 नए मामले सामने आए हैं‌, जबकि 2,715 लोग ठीक हुए हैं। प्रदेश में वर्तमान में संक्रमण दर 1.45% और रिकवरी रेट 97.60% है। वर्तमान में कुल एक्टिव केस 9,706 हैं। पिछले 24 घंटे में 61,170 टेस्ट हुए हैं। कोरोना के मोर्चे पर राहत को देखते हुए जल्‍द ही नाइट कर्फ्यू भी हटाया जा सकता है। प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्‍तम मिश्रा ने इस बात के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को उन्‍होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले कम होने के बाद लगाए गए सभी प्रतिबंध करीब-करीब हटा दिए गए हैं। जल्द ही समीक्षा कर नाइट कर्फ्यू हटाने पर भी विचार किया जाएगा।

तीसरे चरण का चुनाव प्रचार खत्‍म, 20 फरवरी को 59 सीटों पर होगी वोटिंग

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उत्तर प्रदेश में तीसरे चरण के चुनाव के प्रचार का आज आखिरी दिन है। तीसरे चरण का मतदान 20 फरवरी को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे के बीच होगा। पहले दो चरणों के लिए क्रमश: 10 फरवरी और 14 फरवरी को मतदान हुआ था। तीसरे चरण में जिन सीटों पर मतदान हो रहा है उनमें ज्यादातर यादवों का दबदबा है। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मतों की गिनती 10 मार्च को होगी। तीसरे चरण में जिन 16 जिलों में 59 सीटों के लिए मतदान होगा, उनमें से पांच जिले पश्चिमी यूपी से, 6 अवध क्षेत्र से और 5 बुंदेलखंड क्षेत्र से हैं। ये जिले हैं फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर, कानपुर देहात, औरैया, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद, झांसी, जालौन, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा।

यूपी चुनाव 2022 चरण 3 के निर्वाचन क्षेत्र सूची

एटा, मरहरा, जलेसर (एससी), मैनपुरी, भोंगांव, किशनी (एससी), करहल, कैमगंज (एससी), अमृतपुर, फर्रुखाबाद, भोजपुर, छिबरामऊ, तिरवा, कन्नौज (एससी), जसवंतनगर, इटावा, भरथना (एससी), हाथरस (एससी), सादाबाद, सिकंदर राव, टूंडला (एससी), जसराना, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, सिरसागंज, कासगंज, अमनपुर, पटियाली, अलीगंज, बिधूना, दिबियापुर, औरैया (एससी), रसूलाबाद (एससी) ), अकबरपुर-रानिया, सिकंदरा, भोगनीपुर, बिल्हौर (एससी), बिठूर, कल्याणपुर, गोविंदनगर, शीशमऊ, आर्य नगर, किदवई नगर, कानपुर कैंट, महाराजपुर, घाटमपुर (एससी), माधौगढ़, कालपी, उरई (एससी), बबीना , झांसी नगर, मौरानीपुर (एससी), गरौठा, ललितपुर, महरोनी (एससी), हमीरपुर, रथ (एससी), महोबा और चरखारी।

यूपी चुनाव 2022 चरण 3 के प्रमुख उम्मीदवार

कुल मिलाकर, चुनाव में जाने वाली 59 निर्वाचन क्षेत्रों से कुल 627 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 96 उम्मीदवार महिलाएं हैं। जहां तक ​​प्रमुख उम्मीदवारों की बात है तो सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबला करहल विधानसभा क्षेत्र में है जहां समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार एसपी सिंह बघेल से भिड़ेंगे। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में जसवंतनगर सीट से सपा के शिवपाल यादव बनाम भाजपा के विवेक शाक्य, कन्नौज सीट से सपा के अनिल कुमार दोहरे बनाम भाजपा के असीम अरुण, सिरसागंज सीट से भाजपा के हरिओम यादव बनाम सपा के सर्वेश सिंह और बृज शामिल हैं। हाथरस सीट से सपा के मोहन बनाम भाजपा की अंजुला महोर।

वोटिंग के लिए आवश्यक दस्तावेज

चुनाव फोटो आईडी कार्ड मतदाताओं के लिए पहला पसंदीदा दस्तावेज है, जिनके पास अपना ईपीआईसी कार्ड नहीं है, वे अपनी पहचान साबित करने के लिए निम्नलिखित में से किसी भी दस्तावेज का उपयोग कर सकते हैं – कर्मचारियों के लिए फोटो के साथ सेवा पहचान पत्र केंद्र और राज्य सरकारों के – पीएसयू और पब्लिक लिमिटेड कंपनियां, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजनाओं के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, बैंकों या डाकघरों द्वारा जारी फोटो वाली पासबुक, एनपीआर के तहत आरजीआई द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड, फोटो के साथ पेंशन दस्तावेज, सांसदों, विधायकों और एमएलसी के लिए आधिकारिक पहचान पत्र।

ठाणे-दिवा के बीच नई पांचवीं, छठी रेल लाइन का प्रधानमंत्री मोदी ने किया शुभारंभ

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ठाणे-दिवा के बीच नई बनी पांचवीं और छठी रेल लाइन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि आज हर मुंबईकर को बहुत-बहुत बधाई। ये नई रेल लाइन, मुंबई वासियों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाएंगी, उनकी Ease of Living बढ़ाएगी। कल छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मजयंती है। सबसे पहले मैं भारत के गौरव, भारत की पहचान और देश की संस्कृति के रक्षक देश के महान महानायक के चरणों मे प्रणाम करता हूं।

आज से सेंट्रल रेलवे लाइन पर 36 नई लोकल चलने जा रही हैं। इनमें से भी अधिकतर AC ट्रेनें हैं। ये लोकल की सुविधा को विस्तार देने, लोकल को आधुनिक बनाने के केंद्र सरकार के कमिटमेंट का हिस्सा है। अहमदाबाद-मुंबई हाई स्पीड रेल आज मुंबई और देश की आवश्यकता है। ये मुंबई की क्षमता को और सपनों के शहर के रूप में मुंबई की पहचान को सशक्त करेगी। ये प्रोजेक्ट तेज गति से पूरा हो, ये हम सभी की प्राथमिकता है।

पिछले 7 सालों में मुंबई में भी मेट्रो का विस्तार हुआ है। मुंबई के आसपास के उपनगरीय केंद्रों में भी मेट्रो शुरू की जा रही हैं। 2008 में, इन लाइनों के लिए आधारशिला रखी गई थी, 2015 तक अपेक्षित पूरा होने के साथ। हमने इस पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया और इसे पूरा करना सुनिश्चित किया।

मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और इसके साथ सुरक्षित तकनीक को एकीकृत किया जा रहा है। इसकी क्षमता करीब 400 किलोमीटर बढ़ाई जा सकती है। हम 19 स्टेशनों के आधुनिकीकरण और सीबीडीसी प्रणाली को लागू करने की योजना बना रहे हैं। पिछले 7 वर्षों में, हमारी सरकार रेलवे क्षेत्र में कई सुधारों को बढ़ावा दे रही है।

इससे पहले, क्रियान्वयन की योजना में कमी थी, जिसने दशकों तक परियोजनाओं को रोक दिया था। हमने इसका मुकाबला करने के लिए प्रधान मंत्री गतिशक्ति मास्टर प्लान विकसित किया है। 6,000 से अधिक रेलवे स्टेशनों को वाईफाई से जोड़ा गया है। वंदे भारत ट्रेनें भारत के रेल पारगमन में सुधार कर रही हैं। अगले कुछ वर्षों में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जाएंगी।

पीएम मोदी ने कहा- यूपी-बिहार पर बयान शर्मनाक

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अबोहर,: अबोहर में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्‍नी के बिहार और उत्‍तर प्रदेश के लोगों के बयान का मुद्दा उठाया। उन्‍होंने कहा कि इस बयान से संत रविदास जी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की धरती का अपमान‍ किया गया है। संत रविदास जी का जन्‍म उत्‍तर प्रदेश व श्री गुरु गोबिंद सिंह का जन्‍म बिहार के पटना में हुआ था। उन्‍होंने कहा कि पंजाब में डबल इंजन की सरकार बनेगी। डबल इंजन की सरकार का मतलब है पंजाब का तेज विकास। पंजाब में देशभक्ति से विकास का संकल्‍प लेकर काम करने वाली सरकार चाहिए।  पंजाब में इस बार भाजपा व एनडीए की सरकार बनेगी। एक बार पूरे पांच साल का मौका हमें दीजिये, फिर देखिये किस तरह विकास होता है। पंजाब में आज माफिया राज है। इसे भाजपा समाप्‍त करेगी।

कहा- पंजाब ऐसा कोई गांव नहीं जहां बिहार-उत्‍तर प्रदेश के लोग मेहनत नहीं करते   

उन्‍होंने बिहार और यूपी के बारे में चरणजीत चन्‍नी के बयान पर उन्‍होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया वह शर्मनाक है और दिल्ली में बैठा एक परिवार इस पर ताली बजा रहा था। पंजाब में एक भी ऐसा गांव नहीं है जहां यूपी- बिहार के लोग मेहनत नहीं करते। संत रविदास जी भी उत्तर प्रदेश में पैदा हुए थे तो क्या उनके नाम को भी मिटा दोगे। आप कहते हो वहां के भाइयों को घुसने नहीं देंगे। गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म पटना में हुआ और आप कहते हैं बिहार के लोगों को घुसने नहीं देंगे। गुरु गोविंद सिंह जी का अपमान करोगे क्या। गुरु गोविंद सिंह जी ने जिस मिट्टी में जन्म लिया उस मिट्टी का अपमान करोगे क्या।

उन्‍होंने कहा कि इस तरह की विभाजनकारी सोच को एक पल के लिए भी पंजाब में राज करने का अधिकार नहीं है। यहां जो भी सरकार बने वह देश के लिए प्रतिबद्ध हो। जो लोग भारत को राष्ट्र ही नहीं मानते हम उनके भरोसे राज्य नहीं सौंप सकते।  कांग्रेस पंजाब को अस्थिरता की तरफ ले जाने का प्रयास कर रही है। जिनकी दिल्ली में सरकार है वह सिखों को डगर डगर पर अपमानित करते हैं। दिल्ली में एक भी सिख को मंत्री नहीं बनाया। शराब के ठेके खोलने पर जोर दे रहे हैं। दिल्ली में प्रदूषण बढ़ता है तो यह पंजाब के किसानों को गाली देते हैं। यहां आकर किसानों को गले लगाने की बात करते हैं।  कोरोना लहर के दौरान झूठ बोल कर लोगों को यहां से भगा दिया।

कुमार विश्वास की टिप्पणी पर कहा उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाया है वह बहुत खतरनाक है। इसे हर मतदाता को और देशवासी को गंभीरता से लेना चाहिए। ये लोग पंजाब को तोड़ने का सपना पाले हुए हैं। सत्ता पाने के लिए इन्हें देश भी तोड़ना पड़े तो यह उसके लिए भी तैयार हैं। यह सर्जिकल स्ट्राइक पर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते हैं। यह बीएसएफ के बढ़ते अधिकारों पर आवाज उठाते हैं। मेरे पंजाब ने कई घाव झेले हैं लेकिन मरने मिटने में हमेशा आगे रहा है।

उन्‍होंने कहा कि आज पंजाब को एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो देशभक्ति की भावना से पंजाब के विकास की प्रेरणा ले। पंजाब की सुरक्षा और विकास के संकल्प व समर्पण के साथ भाजपा आपके सामने आई है। उसे पांच साल दें। उन्‍होंने कांग्रेस पर हमले किए और राज्‍य सरकार पर निशाना साधा। उन्‍होंने अपनी सरकार के मिशन का उल्‍लेख करते हुए विभिन्‍न योजनाओं की चर्चा की।

उन्‍‍होंनेेकहा कि  जन औषधि केंद्रों में सस्ती दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 2000 की दवाई जन औषधि केंद्र में 100 से 200 में मिल रही है। हम गरीब और मध्यम वर्ग के लिए जीते हैं व उन्हीं के लिए काम करते हैं।  पंजाब के लोगों के 300 करोड़ रुपये इस योजना से बच रहे हैं। 3 हज़ार 700 करोड़ रुपये पीएम किसान निधि सम्मान योजना के तहत सीधे किसानों के खाते में जमा हुए हैं।  23 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिला। पक्के मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार मदद कर रही है। इसके लिए पंजाब को दो हजार करोड़ रुयेए से भी ज्यादा की राशि दी गई है। उजाला योजना के तहत हमने एलईडी बल्ब वितरित किए। पंजाब में इससे 900 करोड़ रुपये की बचत हुई।  मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाले पंजाब को हमेशा के लिए अंधकार में डुबोना चाहते हैं, इसलिए इन लोगों को दिल्ली में ही रोक दो।

उन्‍‍होंनेेकहा कि  जन औषधि केंद्रों में सस्ती दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं। 2000 की दवाई जन औषधि केंद्र में 100 से 200 में मिल रही है। हम गरीब और मध्यम वर्ग के लिए जीते हैं व उन्हीं के लिए काम करते हैं।  पंजाब के लोगों के 300 करोड़ रुपये इस योजना से बच रहे हैं। 3 हज़ार 700 करोड़ रुपये पीएम किसान निधि सम्मान योजना के तहत सीधे किसानों के खाते में जमा हुए हैं।  23 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिला। पक्के मकान बनाने के लिए केंद्र सरकार मदद कर रही है। इसके लिए पंजाब को दो हजार करोड़ रुयेए से भी ज्यादा की राशि दी गई है। उजाला योजना के तहत हमने एलईडी बल्ब वितरित किए। पंजाब में इससे 900 करोड़ रुपये की बचत हुई।  मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाले पंजाब को हमेशा के लिए अंधकार में डुबोना चाहते हैं, इसलिए इन लोगों को दिल्ली में ही रोक दो।

उन्‍होंने कहा कि 84 के दंगों के समय कांग्रेस के नेता क्या कर रहे थे आपसे ज्यादा और कौन जान सकता है। मैं उस वक्त गुजरात में था और एक भी सिख परिवार को तकलीफ नहीं होने दी। कोरोना काल की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि हमने सब को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाई। आयुष्मान भारत योजना की वजह से पंजाब के 11 लाख लोगों ने अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवाया है।  देश के 50 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। पंजाब के नागरिकों को हिंदुस्तान के किसी भी राज्य में यह सुविधा उपलब्ध है लेकिन दिल्ली सरकार आपको इन्‍कार कर देगी क्योंकि वह इस योजना से जुड़ने के लिए तैयार नहीं है।  ऐसे लोगों को पंजाब में वोट मांगने का हक है क्या। इस योजना से गरीबों के 2000 करोड़ रुपये बचे।

उन्‍होंने कहा कि भगवान जंभेश्वर जी को प्रणाम करता हूं। बिश्नोई समाज पर्यावरण की सेवा कर रहा है।  यह मेरी पंजाब में इस चुनाव अभियान की आखिरी सभा है।  मैंने एक ही आवाज उठाई है कि पंजाब में डबल इंजन की सरकार बनानी है। पंजाब का इस सदी में सबसे तेज विकास किया जाएगा। खनन माफिया की विदाई की जाएगी, औद्योगिक इकाइयों में नई ऊर्जा भरी जाएगी,  युवाओं को रोजगार के नए मौके दिए जाएंगे। भाजपा पंजाब की सुरक्षा का संकल्प लेकर आई है। हमें एक बार पंजाब की सेवा करने का मौका दीजिए।

उन्‍होंने कहा कि देश के कितने सारे राज्य हैं जहां कांग्रेस एक बार गई तो दोबारा लौट कर आई ही नहीं। पंजाब ने देश को सिखाया की खेती भी खुशहाली का जरिया बन सकती है। लेकिन आज यहां की मिट्टी की उपजाऊ शक्ति, कम हो रही है। मिट्टी में केमिकल मिल रहे हैं। कांग्रेस की सरकारों ने किसानों की हमेशा उपेक्षा की। हमारे समय में अनाज की रिकॉर्ड खरीद हुई।  खरीद का पैसा सीधे किसान की जेब में जा रहा है या नहीं। सोच और विजन वाली सरकार चाहिए हमारी सरकार बीज से बाजार तक नई व्यवस्था बना रही है

उन्‍होंने कहा कि नल से जल पहुंचाने के लिए तेज गति से काम कर रहे हैं। व्यापार माफिया के कब्जे में है। छोटे व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। इंडस्ट्री यहां से छोड़कर भाग रही है।  हमारे युवाओं के भविष्य पर सवाल खड़ा हो रहा है। यहां कोई आने को तैयार नहीं है। इस परिस्थिति को डबल इंजन की सरकार ही बदल सकती है। यह अगर कोई करेगा तो मोदी ही करेगा। गरीब की तकलीफ दूर हो उसका जीवन आसान बने यह हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता का काम है।

इससे पहले  मंच पर प्रधानमंत्री मोदी को हल भेंट कर सम्‍मानित किया गया। रैली में पहुंंचने पर उनका मोदी-मोदी के नारे से स्‍वागत किया गया।  प्रधानमंत्री ने बठिंडा एयरपोर्ट पर पहुंंचने के बाद अबोहर के लिए हेलीकाप्टर से निकले। अभी रैली में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का भाषण चल रहा है। रैली में पंजाब के पूर्व मंत्री राणा गुरमीत सिंह साेढ़ी भी पहुंचे हैं।

इससे पहले मंच से स्‍थानीय नेताओं का संबोधन हुआ। फाजिल्का से भाजपा के प्रत्याशी व पूर्व मंत्री सुरजीत ज्याणी भी मंच  पर हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी भी रैली में पहुंच गए।  पंजाबी कलाकार जस्सी जसराज ने भी भाषण दिया। उन्होंने कहा भगवा और केसरी में एक ही रंग है। जस्सी जसराज ने चन्नी के भांजे से पकड़े गए 10 करोड़ रुपये का मामला उठाया। जस्सी जसराज ने 2017 में आम आदमी पार्टी केे टिकट पर बठिंंडा से चुनाव लड़ा था।

संत रविदास ने भारतीय संस्कृति को बचाने का काम किया

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ग्वालियर । संत शिरोमणि रविदास महान समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज को सदाचार व भाईचारे का संदेश दिया। उनका कहना था कि मैं ऐसा राज्य चाहूंगा जहां सब मिल-जुलकर रहें। सभी को अन्न मिले। संत रविदास ने विपरीत परिस्थितियों में भारतीय संस्कृति को बचाने का काम किया। यह बात सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने संत शिरोमणि रविदास जयंती के उपलक्ष्य में अजाक्स कार्यालय में हुए जिला स्तरीय समारोह में उपस्थित सदस्यों को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।

प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सिंह चतुर्वेदी ने कहा कि संत रविदास ने समानता का संदेश दिया। उन्होंने अपने विचारों के जरिए सही मायने में देश व समाज को समानता और बंधुत्व की राह दिखाई। पूर्व मंत्री माया सिंह ने संत रविदास के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान संत रविदास के अनुयायी व संतजनों को शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से अनुसूचित जाति के प्रतिभावान विद्यार्थियों व हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि वितरित की। इनके अलावा समाज कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहीं विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण अजाक्स जिलाध्यक्ष मुकेश मौर्य व सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण एचबी शर्मा ने दिया। अध्यक्षता बीज एवं फार्म विकास निगम के अध्यक्ष मुन्नालाल गोयल ने की। अति विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री माया सिंह, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश सिंह चतुर्वेदी, प्रदेश मंत्री मदन कुशवाह थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष मनीषा यादव, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी उपस्थित थे। संचालन डा. कृष्णा सिंह और आभार अतर सिंह जाटव ने व्यक्त किया।

लक्ष्मण तलैया पर मनाई जयंती

संत रविदास जयंती लक्ष्मण तलैया पर भी मनाई गई। कार्यक्रम के संयोजक मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश संयोजक महेश मदुरिया ने बताया कि शहर जिला कांग्रेस शहर एवं ब्लाक कांग्रेस कमेटी और संत रविदास सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में जयंती मनाई। संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा पर मप्र कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुनील शर्मा, गवालियर पूर्व के कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार, कौमी एकता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय जोहरी ने 101 समाजसेवियों का सम्मान किया।

भोपाल में तैयार हुआ गोकाष्ठ, ताकि होली की आंच में न झुलसे हरियाली

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भोपाल। माघी पूर्णिमा के अवसर पर डांडा गाड़ने से होली के त्योहार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। होलिका में हर साल बड़े पैमाने पर लकड़ियों का दहन किया जाता है। इसके लिए कतिपय लोग हरे-भरे वृक्षों को काटकर होली की भेंट चढ़ा देते हैं। हरियाली के खामोश कत्ल से पर्यावरण की बिगड़ती सेहत को देखते हुए राजधानी में गठित गोकाष्ठ समिति ने इस बार भी होली भी जले और हरियाली भी सलामत रहे के मूल मंत्र पर काम तेज कर दिया है। इसके लिए गोशालाओं में बड़े पैमाने पर गोबर की लकड़ी (गोकाष्ठ) तैयार की जा रही है। समिति ने 10 मार्च तक छह हजार क्विंटल गोकाष्ठ तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसे 10 रुपये प्रति किलो की दर से आम लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।

गोकाष्‍ठ समिति के प्रवक्ता मम्तेश शर्मा ने बताया कि आगामी 17 मार्च को होने वाले होलिका दहन को लेकर अभी से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने का काम शुरू कर दिया गया है। शहर के आसपास बनी बड़ी गोशालाओं में जाकर बड़े पैमाने पर गोकाष्ठ तैयार करवाई जा रही है। समिति के अध्यक्ष अरुण चौधरी का कहना है कि शहर में 90 फीसद तक होलिका दहन में गोकाष्ठ का इस्तेमाल होने का हमने लक्ष्य रखा गया है। बुधवार तक उनके गोदाम में 1500 क्विंटल गोकाष्ठ जमा हो गई। 10 मार्च तक छह हजार क्विंटल का स्टाक हो जाएगा।

घर पहुंच सेवा भी रहेगी : गोकाष्ठ समिति की हाल ही में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि होली के एक सप्ताह पहले गोकाष्ठ की बुकिंग भी की जाएगी। साथ ही परिवहन सुविधा का शुल्क जोड़कर गोकाष्ठ की घर पहुंच सेवा भी दी जाएगी। समिति हर बस्ती में जाकर पर्यावरण संरक्षण, गोसंवर्धन और हरियाली को सहेजने के लिए लोगों को जागरूक भी कर रही है।

40 केंद्रों पर मिलेगी गोकाष्ठ : समिति के सचिव प्रमोद मोदी चुघ ने बताया कि प्रति वर्ष वन विभाग होली की लकड़ी प्रदाय करने के लिए शहर में 22 स्थानों पर अस्थाई टाल लगाता है। इन सभी केंद्रों पर समिति गोकाष्ठ भी बिक्री के लिए रखेगी। लोगों को होली में लकड़ी के बजाए गोबर की लकड़ी का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन्हें मिलाकर करीब 40 स्थानों पर गोकाष्ठ बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगी। 25 किलो गोकाष्ठ काटन के कपड़े से बने बैग में मिलेगी। इस प्रयास से गोशाला प्रबंधन भी आर्थिक रूप से मजबूत होगा।

मप्र कांग्रेस की बैठक में निर्णय – मंडलम, सेक्टर में नियुक्ति नहीं करने वाले जिला अध्यक्षों पर होगी कार्रवाई

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भोपाल । प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस मतदान केंद्र स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटी है। बूथ, मंडलम और सेक्टर इकाई का गठन कर नियुक्तियां की जा रही हैं। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने सभी जिला अध्यक्षों को हिदायत दी है कि 25 फरवरी तक यह काम पूरा कर लें। जिन जिलों में नियुक्तियां नहीं होंगी, उनके जिला अध्यक्षों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। सदस्यता अभियान 31 मार्च तक चलना है। कमल नाथ ने कहा कि यह काम पूरी ईमानदारी के साथ होना चाहिए, क्योंकि संगठन की मजबूती इस पर ही निर्भर करती है।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गुरुवार को सदस्यता और घर चलो, घर-घर चलो अभियान की समीक्षा की गई। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सदस्यता अभियान को सभी गंभीरता से लें। संगठन ने पचास लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। अभी तक जितनी भी सदस्यता हो चुकी है, उसकी जानकारी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को दी जाए। सदस्यता में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। इसमें पूरी ईमानदारी बरतें। चुनाव में अब 18 माह से कम का समय बचा है, इसलिए संगठन की गतिविधियों पर ध्यान दें। मंडलम और सेक्टर इकाई में नियुक्तियां 25 फरवरी तक हर हाल में हो जानी चाहिए। इसके बाद प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

बैठक में डिजिटल मेंबरशिप के राष्ट्रीय प्रभारी के राजू ने नई व्यवस्था की जानकारी दी। इसके लिए प्रदेश में प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाएगी। ये मोबाइल एप के माध्यम से सदस्य बनाएगा और उसकी जानकारी केंद्रीय संगठन को दी जाएगी। प्रत्येक सदस्य का सत्यापन भी किया जाएगा। बैठक में प्रदेश संगठन के प्रभारी महासचिव मुकुल वासनिक, संगठन चुनाव के प्रभारी रामचंदर खूंटियां, काति शुक्ला, तरुण त्यागी, राष्ट्रीय सचिव सीपी मित्तल, सुधांशु त्रिपाठी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

दिग्विजय सिंह, अरुण यादव नहीं पहुंचे

बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव नहीं पहुंचे। इसको लेकर जब कमल नाथ से प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि सिंह का पहले से खरगोन जाने का कार्यक्रम था और उन्होंने इसकी सूचना दे दी थी। वहीं, यादव खंडवा में हैं। प्रदेश में पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने पर हाईकोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार ने ठीक से पक्ष प्रस्तुत नहीं किया। शराब बंदी को लेकर उन्होंने कहा कि जो नीति बनाई गई है, उससे हर गांव और घर तक शराब पहुंचाने की व्यवस्था बना दी गई है। इस नीति के आधार पर शराब बंदी कभी नहीं हो सकती।

इंदौर में रंगपंचमी पर गेर निकालने को लेकर प्रशासन का पसोपेश कायम

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इंदौर। आजादी के समय से शहर में रंगपंचमी पर निकलने वाली पारंपरिक गेर का सिलसिला इस बार फिर शुरू हो सकता है। कोरोना महामारी के कारण पिछले तीन सालों से शहर में गेर नहीं निकल रही है। हालांकि अभी तक प्रशासन ने इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उधर आयोजक भी गेर निकालने की तैयारी में है, लेकिन गेर रुट का बड़ा हिस्सा खोदाई से प्रभावित हो चुका है। ऐसे में यदि यात्रा निकलती है तो रुट बदलना होगा।

कोरोना महामारी के चलते दो साल पहले तत्कालीन कलेक्टर लोकेश जाटव ने गेर नहीं निकालने का आग्रह किया था। तब गेर तो नहीं निकली, लेकिन राजवाड़ा पर लोग जमा हुए थे। कोरोना की दूसरी लहर में भी शहर में गेर नहीं निकली, लेकिन इस बार कई आयोजन शहर में हो रहे है और प्रशासन ने प्रतिबंधों में भी शिथिलता की है। गेर को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि इस मामले में फैसला शासन को लेना है।

उधर 75 साल से टोरी कार्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति द्वारा गेर निकाली जा रही है। समिति के समन्वयक शेखर गिरी का कहना है कि कोरोना से राहत मिलने के बाद प्रशासन का सहयोग व अनुमति मिलने की उम्मीद है लेकिन अब चिंता गेर मार्ग की है। गेर मार्ग से अतिक्रमण हटाने के साथ नवीन मार्ग निर्माण हो रहा है।मार्ग कार्य पूरा हो जाता है दो साल बाद एक बार फिर दोगुने उत्साह के साथ हम गेर निकालने की तैयारी कर रहे है।

हम तैयार है बस मार्ग का काम जल्द हो पूरा

संगम कार्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति ने 68 साल पहले गेर निकालने की शुरुआत की थी। समिति के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल का कहना है कि गेर को जिला प्रशासन द्वारा 2020 में गेर को यूनिस्को की सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रयास किया था। इस बार इस प्रयास में क्षत-विक्षत गेर मार्ग एक बड़ी समस्या बन सकता है। गेर में अभी सवा महीने का समय है। मार्ग का काम पूरा हो जाए तो बेहतर होगा। हमारी गेर निकालने की पूरी तैयारी है।

महाराष्ट्र के अमरावती से आएंगे ढोल पार्टी

मारल क्लब द्वारा 49 साल से गेर निकाली जा रही है। आयोजक अभिमन्यु मिश्रा ने बताया कि गेर को लेकर कार्यकर्ता में बहुत उत्साह है। इसके लिए महाराष्ट्र के अमरावती की 100 सदस्यी ढोल पार्टी से बात हो गई है। गेर में शामिल होने लिए उन्हें भी बुलाया जाएगा। अन्य तैयारियों को लेकर बैठक का दौर अगले महीने से शुरू करेंगे।

मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन में जबलपुर प्रदेश में अव्वल

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जबलपुर। मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन कार्य में प्रदेश भर में बाजी मारकर जबलपुर पहले नंबर पर आ गया है। जनवरी माह में जबलपुर आठवें स्थान पर था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई समीक्षा में मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन कार्य में जबलपुर व आलीराजपुर को एक समान अंक मिले हैं। जिससे दोनों जिले प्रदेश में अव्वल रहे। इस कार्य में सीधी, राजगढ़, रीवा, भोपाल, रायसेन, बैतूल, धार, मंदसौर टाप-10 जिलों में शामिल हैं। इसके विपरीत इंदौर व ग्वालियर क्रमश: 42 व 51 नंबर पर हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डीपीएम विजय पांडेय ने बताया कि राज्य शासन द्वारा मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन के लिए आठ बिंदु तय किए गए हैं। कलेक्टर इलैयाराजा टी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. रत्नेश कुरारिया के निर्देश पर कार्ययोजना बनाकर मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन कार्य को बेहतर किया जा सका। उन्होंने कहा कि रक्तअल्पता यानि एनीमिया के कारण गर्भवती महिलाओं व गर्भस्थ शिशु की सेहत पर खतरा मंडराता है।

सीएमएचओ डा. कुरारिया द्वारा बनाई गई कार्ययोजना के चलते एनीमिया व गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान कर उपचार दिया गया। आवश्यकतानुसार महिलाओं के ब्लड ट्रांसफ्यूजन की व्यवस्था कराई गई। गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप की पहचान व उसका प्रबंधन, प्रसव उपरांत जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत समय रहते हितलाभ दिया जा सका। विगत माह इस कार्य में जबलपुर आठवें स्थान पर था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाक्टर रत्नेश कुरारिया ने इस उपलब्धि का श्रेय अधीनस्थ अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिया है। उन्होंने कहा कि एनीमिया ग्रसित गर्भवती महिलाओं की पहचान व उपचार, प्रसव उपरांत जननी सुरक्षा योजना का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

ये हैं स्वास्थ्य संकेतक-

1-गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमास में स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन।

2-पंजीकृत गर्भवती महिला की चार बार प्रसव पूर्व देखभाल।

3-एनीमिया ग्रसित गर्भवती महिलाओं की पहचान व उपचार।

4-गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की पहचान व उपचार।

5-गर्भवती महिलाओं में हार्ट संबंधी बीमारियों की पहचान व उपचार।

6-गर्भवती महिलाओं की प्रसव की अनुमानित तारीख की गणना व पोर्टल में दर्ज करना।

7-शासकीय संस्था में प्रसव उपरांत जननी सुरक्षा योजना का भुगतान।

8-प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रसव उपरांत भुगतान।