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उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिष्ठानों को किया सम्मानित

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नर्मदापुरम। गोबर धन प्लांट के लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिले के सभी नगरीय निकायों में किया गया जहां लोगों ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के उद्बोधन को देखा और सुना।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को इंदौर स्थित गीले कचरे से बायो सीएनजी बनाने वाले एशिया के सबसे बड़े गोबर धन प्लांट का वर्चुअल लोकार्पण किया। नगर पालिका नर्मदापुरम अंतर्गत यह कार्यक्रम रामजी बाबा मेला, गुप्ता ग्राउंड में विधायक डा सीतासरन शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर नर्मदापुरम नीरज कुमार सिंह, अपर कलेक्टर आदित्य रिछारिया, एसडीएम वंदना जाट, डिप्टी कलेक्टर मोहिनी शर्मा आदि मौजूद रहे।

विधायक सीतासरन शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री की शपथ के साथ ही पूरे देश में स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया था। जिसे सभी राज्यों के मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया और जिला प्रशासन द्वारा इसे जन जन का अभियान बनाया गया। उन्होंने कहा कि इंदौर में स्वच्छता एक जन आंदोलन हैं। नर्मदापुरम जिले में भी कलेक्टर के निर्देशन में स्वच्छता के क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े बड़े नाले नालियों की सघन सफाई कर वहां से जल निकासी सुचारु की गई हैं। नर्मदा घाट स्वच्छता घाटों में से एक हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में आज एशिया के सबसे बड़े गीले कचरे से सीएनजी बनाने वाले गोबर धन प्लांट का लोकार्पण किया गया है। इससे निर्मित सीएनजी से लगभग 400 बसों का संचालन किया जाएगा। साथ ही यह प्लांट पूरी तरह सौर ऊर्जा के उपयोग पर आधारित है। विधायक शर्मा ने उपस्थित जनसमूह को प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को और मजबूत बनाने और सीएनजी प्लांट जैसी योजनाओं को हर नगरीय निकाय में स्थापित कर देश में एक नई क्रांति लाने का संकल्प दिलाया।

दुकान संचालकों को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, शासकीय कार्यालयों, शिक्षण एवं स्वास्थ्य संस्थानों एवं दुकान संचालकों को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। बेहतर होटल प्रबंधन के लिए वैभव विलास प्रथम, ओशिन कैफे द्वितीय एवं पलाश होटल तृतीय स्थान पर रहे। इसी तरह शिक्षण संस्थानों में नर्मदा महाविद्यालय प्रथम, शांति निकेतन स्कूल द्वितीय, एवं सेमरेटर्न्स स्कूल तृतीय स्थान स्थान पर रहे। स्वास्थ्य संस्थानों में नर्मदा अपना अस्पताल नर्मदापुरम प्रथमए जिला अस्पताल नर्मदापुरम को द्वितीय एवं सेंट जोसेफ हास्पिटल को तृतीय स्थान मिला। शासकीय कार्यालयों में सिटी थाना नर्मदापुरम प्रथम, कलेक्ट्रेट कार्यालय द्वितीय एवं नगरपालिका नर्मदापुरम तृतीय स्थान एवं हाकर्स क्षेत्र में भूरा फुल्की भंडार को प्रथम, मनीष चाट को द्वितीय एवं सागर चाट को तृतीय स्थान मिला।

कांग्रेस का 2023 का चुनाव आखिरी, अगर एक नहीं हुए तो फिर नहीं आएगी – दिग्विजय सिंह

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रतलाम। राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने रतलाम में कांग्रेस नेताओं से कहा कि 2023 का चुनाव आखिरी है, अब भी एक नहीं हुए तो फिर नहीं आएगी कांग्रेस। दरअलस यहां उनसे मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता अलग-अलग खड़े थे, जिससे दिग्विजय सिंह नाराज हो गए और कहा कि आप लोग एक-दूसरे के सामने बात करने को भी तैयार नहीं है, अलग-अलग खड़े हैं। इसमें मेरे सिर खपाने से कुछ नहीं होगा और ना ही कमल नाथ जी कुछ कर पाएंगे। एक नहीं हुए तो कभी नहीं जीतेंगे और फिर सब अपने-अपने घर बैठना।

भाजपा को उत्तर प्रदेश में हर वर्ग ने पसंद किया, विपक्षी दलों की आशा निराशा में बदल जाएगी : गोयल

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भोपाल । केंद्रीय वाणिज्यिक कर मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने अपना मन बना लिया है। जिस प्रकार से वोटिंग ट्रेंड देखने को मिला, समाज के हर वर्ग ने भाजपा का साथ दिया उससे स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मजबूत सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को आशा थी कि फिर एक बार उनके सरकार आएगी। उन्हें निराशा होगी। गोयल शनिवार को भोपाल हवाई अड्डे पर मीडिया से बात कर रहे थे।

उन्होंने इंदौर के बायोगैस संयंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि जब केंद्र और राज्य की सरकारें मिलकर काम करती हैं, तब ऐसे परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि यूनाइटेड एरव एग्रेस यूएई और भारत के बीच कांप्रिएंसिव इकोनॉमिक्स पार्टनरशिप एग्रीमेंट ( सिबा ) हुआ है। ये शायद विश्व में सबसे तेज गति से सिर्फ 88 दिन में एग्रीमेंट हुआ है। जिसमें कई विषय शामिल हैं। दोनों देशों के संबंध पिछले सालों में सुधरे हैं। यूएई ने भारत में निवेश के लिए पांच लाख करोड़ रुपये अलग रखे थे। इससे भारत के कपड़ा, चमड़े के उत्पादों को शून्य एक्पोर्ट ड्यूटी पर यूएई में बेच पाएंगे। 90 प्रतिशत उत्पाद यूएई जाते हैं। जिन्हें फायदा होगा। वो चाहते हैं कि फूड प्रोडक्ट प्रोसेस करके भेजे जाएं। यूएई से जुड़े कई देश हैं। उनमें भी हम अपने उत्पाद पहुंचा पाएंगे। ये हमारे व्यापार के लिए बड़ी छलांग होगी। मध्य प्रदेश में भी फूड प्रोसेसिंग पार्क बन रहा है। गोयल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

एक अप्रैल से रात दस बजे से सुबह छह तक इंदौर में उड़ानें बंद रहेंगी

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इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रनवे के विस्तार के कारण अप्रैल से अगले चार माह के लिए एयरपोर्ट रात में बंद रहेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इस संबध में सभी एयरलाइंस को पत्र लिख कर कहा है कि अप्रैल से चार माह के लिए वह रात 10 से सुबह छह बजे के बीच चलने वाली अपनी उड़ानों को रिशेड्यूल कर ले, जिससे यात्रियों को परेशानी नहीं हो।

एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार प्रधानमंत्री के नए एयर इंडिया वन बोइंग 777 विमान को इंदौर एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक लैंड करवाने के लिए रनवे के अंतिम छोर के यहां पर टर्न पैड को चौड़ा किया जाना है। इस काम के लिए करीब चार माह का समय लगेगा, इसलिए प्रबंधन ने चार माह का नोटम जारी किया है। अब एयरलाइंस को पत्र लिख कर इस संबध में जानकारी दी गई है और उन्हें रात 10 से सुबह छह बजे तक उड़ानें नहीं चलाने के लिए कहा गया है।

वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट से रात 10 बजे के बाद चार उड़ानों का संचालन हो रहा है। रात 10 बजे इंडिगो की फ्लाइट सूरत से, 10.55 बजे मुंबई से और रात 11.25 बजे कोलकाता से इंदौर आती है। वहीं रात 11.55 बजे इंडिगो की ही एक उड़ान पुणे जाती है। वहीं अक्सर रात को 10 बजे से पहले की कई उड़ानें भी लेट हो जाने पर 10 बजे के बाद आती और जाती है। 28 मार्च से लागू हो रहे समर शेड्यूल में इनकी संख्या बढ़ सकती है, लेकिन अब एयरलाइंस को इन्हें रीशेडयूल करना होगा।

कोरोना महामारी के दौरान कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें यात्रियों की कमी के चलते बंद कर दी थी। कई बार रद भी कर दी जाती रही है। लेकिन अब संक्रमण के कम होने के साथ ही यात्रियों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में एयरलाइंस कंपनियां इंदौर से बंद की गई अपनी कई उड़ानों को फिर से चालू करने जा रही है। साथ ही इंदौर से कई नई उड़ानें भी शुरू होने वाली हैं। हो सकता है कि ऐसे में इन नई फ्लाइट्स को कुछ और समय इंतजार करना पड़े।

शासन और प्रशासन की नीतियों को बेहतर बनाने में आइआइएम इंदौर करेगा काम

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इंदौर। भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर (आइआइएम इंदौर) लगातार शासन और प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे सरकारी अधिकारियों और पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित करने और प्रदान करने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों के साथ हाथ मिला रहा है। इसके तहत संस्थान ने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान (एआइजीजीपीए) भोपाल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य सार्वजनिक नीति, शासन, प्रशासन और संबंधित क्षेत्रों से संबंधित मामलों में सहयोग को बढ़ावा देना और पेशेवर, विद्वतापूर्ण और अकादमिक बातचीत के लिए अवसर प्रदान करना है।

समझौता ज्ञापन पर आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय और एआइजीजीपीए की मुख्य कार्यकारी अधिकारी जी.वी. रश्मि ने शनिवार को हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर एआइजीजीपीए के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी, कार्यक्रम की डीन प्रो. सौम्या रंजन दास, आइआइएम इंदौर की फैकल्टी प्रो. स्नेहा थपलियाल और अन्य अधिकारी मौजूद थे। आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. राय ने कहा यह सहयोग आइआइएम इंदौर मिशन के अनुरूप है और हम इस दुनिया को एक बेहतर जगह बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

हम सार्वजनिक नीति, प्रशासन और सरकार से संबंधित सामयिक मुद्दों पर संग्रह, नीति दस्तावेज आदि तैयार करने और नीति निर्माण के लिए सरकार को इन दस्तावेजों को सौंपने की योजना बना रहे हैं। सहयोग अन्य संस्थानों के सेवारत और सेवानिवृत्त सिविल सेवकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों और अन्य योग्य व्यक्तियों की पहचान करने और उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी केन्द्रित रहेगा।

शिक्षा और प्रशिक्षण को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी

हम उन्हें आपसी हित के तहत आयोजित कार्यक्रमों, अनुसंधान या विकास कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य सरकार और बाहरी एजेंसियों द्वारा संभावित वित्त पोषण के लिए नए शोध परियोजना प्रस्ताव या प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने और अवसरों की संयुक्त रूप से पहचान करना है। समझौता ज्ञापन दोनों संस्थानों के शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों के बीच सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगा। जी.वी. रश्मि ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि इस सहयोग से दोनों संस्थानों को इन क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी। पांच साल के लिए वैध समझौता ज्ञापन के तहत व्याख्यान, सेमिनार, कार्यशालाएं, पैनल चर्चा, संगोष्ठी, वेबिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और अन्य कार्यक्रमों की प्रोसीडिंग का प्रकाशन करना भी शामिल होगा।

शराब नीति पर मध्‍य प्रदेश सरकार और ठेकेदारों में ठनी, आरोप-ठेके लेने के लिए बनाया जा रहा दबाव

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भोपाल( । मध्य प्रदेश की नई शराब नीति से ठेकेदार नाखुश हैं और खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने गुरुवार रात से इंदौर, भोपाल और जबलपुर में चल रही कार्रवाई के खिलाफ सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं। मप्र आबकारी संघ के अध्यक्ष ऋ षिकांत शर्मा एवं अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि नीति की वजह से सरकार को नए ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। इसलिए दुकानें बंद कर हम पर ठेके लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि स्थानीय आबकारी अमले ने नियमित निरीक्षण करते हुए तीनों शहरों में कई शराब दुकानें सील कर दी हैं।

राजधानी में प्रेसवार्ता कर संघ पदाधिकारियों ने कहा कि ये कार्रवाई क्यों की जा रही है, इसका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों के पास भी नहीं है। उन्होंने कहा दुकान की सही कीमत ही दे सकते हैं। उसके लिए दुकानें सील कर दबाव बनाना सरकार की ओछी हरकत है। उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश में काम नहीं करेंगे, क्योंकि सरकार का संरक्षण नहीं मिल रहा है।

संघ के अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि ड्यूटी 33 प्रतिशत तक बढ़ा दी और मुनाफा 17 प्रतिशत कर दिया। इससे ठेकेदारों को नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि सरकार की दुकानें बंद करने की कार्रवाई से एक दिन में पांच करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।

इससे पहले ठेकेदारों ने आबकारी मंत्री के बंगले पर भी पहुंचे और दुकानें खोलने का निवेदन किया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक के लिए शराब दुकानें नीलाम की जा रही हैं। टेंडर की प्रक्रिया 11 फरवरी से शुरू हो गई है। ठेकेदारों का कहना है कि विभाग ने इस बार आरक्षित मूल्य 25 प्रतिशत बढ़ा दिया है। इसलिए दुकानें लेने में ठेकेदार रुचि नहीं ले रहे हैं।

सीहोर में निजी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही, 17 विद्यार्थी 10वीं की बोर्ड परीक्षा से वंचित

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सीहोर. । शहर के सीहोर अकादमी पब्‍लिक स्‍कूल में अध्ययनरत कक्षा 10वीं के विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा से वंचित रह गए। इसमें स्कूल प्रबंधन की लापरवाही सामने आ रही है, क्योंकि विद्यार्थियों को परीक्षा शुरू होने से पहले तक प्रवेश पत्र देने का आश्वासन देते रहे, लेकिन जब शुक्रवार को पहला पेपर हिंदी का हुआ तो प्रवेश पत्र नहीं मिलने से 17 विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा से वंचित रह गए। इससे जहां बच्चों व उनके पालकों में रोष है, वहीं डीईओ ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को प्रकरण भेजकर जिला प्रशासन को भी अवगत कराया है। साथ ही स्कूल संचालक को नोटिस जारी किया है। इधर स्‍कूल संचालक के बेटे द्वारा जहरीला पदार्थ खाने की बात भी सामने आ रही है। उसे अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस प्रकरण पर बवाल मचने के बाद उसने घबराहट में ऐसा कदम उठा लिया।

निजी संस्थान सीहोर अकादमी में कक्षा दसवीं में अध्ययनरत महेंद्र केथवार, अंकित केथवार, अभिषेक केथवार, हिमांशु प्रजापति, अभिषेक प्रजापति सहित अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि गुरुवार सुबह स्‍कूल पहुंचे और प्रबंधक आलोक सर से प्रवेश पत्र मांगे तो उनका कहना था कि फीस जमा करके प्रवेश पत्र ले जाओ, लेकिन जब शाम को पैसे लेकर पहुंचे तो कहा कि फार्म निरस्त हो गए हैं इसलिए प्रवेश पत्र नहीं आए। जिला शिक्षा अधिकारी से बात की तो उन्होंने कहा कि सुबह आकर मिलो। सुबह आठ बजे उनसे मिले और आवदेन दिया, तो उनका कहना था कि दो माह बाद अवसर मिलेगा, उसमें परीक्षा दे देना। हम पूरे मामले की जांच करवाएंगे। ऐेसे में विद्यार्थी परीक्षा से वंचित होने के बाद मायूस होकर घर लौट गए।

दस्तावेज नहीं हो रहे उपलब्ध
डीईओ यूयू भिड़े ने बताया कि मेरे पास विद्यार्थियों को गुरुवार को रात फोन आया था, तो मैंने बच्चों को बुलाया था, जिन्होंने मुझे एक आवेदन दिया, जिसमें स्कूल द्वारा प्रवेश पत्र नहीं देने की बात कही गई थी। जब स्कूल संचालक से बात की तो उसका कहना था कि मेरे बच्चे ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसमें व्यस्त था। करीब 17 बच्चों के फार्म जमा नहीं हो पाने से प्रवेश पत्र जारी नहीं हो सके हैं। इसके बाद मैंने बच्चों को ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत दो माह बाद परीक्षा में सम्मलित होने की बात कही। हालांकि हम प्रयास कर रहे हैं कि बच्चों के दस्तोवज उपलब्ध हो जाए और पूरी जानकारी मिल जाए तो माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय में उनकी जानकारी भेजकर परीक्षा में सम्मलित कराया जा सके।

टीम इंडिया ने वनडे के बाद T20 सीरीज पर भी किया कब्जा, वेस्टइंडीज को 8 रन से हराया

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भारत ने वेस्टइंडीज को शुक्रवार को ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए तीन मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मैच में 8 रन से हरा दिया है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 186 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 178 रन बना सकी। वेस्टइंडीज की ओर से निकोलस पूरन ने 62 और पॉवेल ने 68 रन बनाए। भारत की ओर से चहल, भुवनेश्वर और रवि को एक-एक विकेट मिला।

वेस्टइंडीज को आखिरी ओवर में जीत के लिए 24 रन बनाने थे, लेकिन विंडीज टीम सिर्फ 16 रन ही बना सकी और उसे 8 रन से हार का सामना करना पड़ा है। इस जीत के साथ भारत ने टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।

मुंबई से आए युवक के पास रतलाम रेलवे स्टेशन पर 24 लाख रुपये का सोना जब्त किया

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रतलाम। रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने रेलवे स्टेशन के बाहर से एक युवक को करीब 24 लाख रुपए के सोने के जेवरों के साथ हिरासत में लिया है। युवक मुंबई से आया था । उसके पास जेवरात से संबंधित कागजात नहीं पाए गए हैं। पुलिस ने इंदौर के जीएसटी व आयकर विभाग सूचना दी है। दोनों विभागों की टीम मामले की जांच करेगी।

अवंतिका एक्सप्रेस से एक युवक स्टेशन पर उतरा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह मुंबई से आई अवंतिका एक्सप्रेस से एक युवक स्टेशन पर उतरा और स्टेशन के बाहर आकर खड़ा हो कर किसी का इंतजार कर रहा था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि युवक के पास बैग में अवैध रूप से सोना रखा हुआ है।

पुलिस ने बैग की तलाशी देने के लिए कहा

प्रधान आरक्षक मांगूसिंह यादव व आरक्षक चेतन नरवले ने मौक़े पर पहुंचकर उससे बैग की तलाशी देने के लिए कहा, लेकिन उसने बैग की तलाशी नहीं दी। इस पर उसे थाने ले जाया गया ।

बैग में सोने के जेवरात पाए गए

थाने पर तलाशी लेने पर बैग में करीब 24 लाख रुपये के 490. 45 ग्राम सोने के जेवरात पाए गए। जीआरपी थाना प्रभारी जेएल अहिरवाल ने बताया कि पूछताछ में युवक ने अपना नाम पुष्पेंद्र पुत्र रवि जाट निवासी ग्राम बिलपांक बताया है। उसका कहना है कि सोना व्यापारी सुभाष सेठ का है।

जेवरात मुंबई पालिश कराने ले गया था

युवक ने बताया कि वह जेवरात मुंबई पालिश कराने ले गया था । पालिश कराकर वापस लाया है। जब्त जेवरात में 11 अंगूठियां, 6 चेन व 11 मंगलसूत्र हैं। उसके पास जेवरों के कागजात नहीं पाए गए हैं। टैक्स बचाने के लिये बगैर कागजात के सोना परिवहन करने की शंका जताई जा रही है। इंदौर के जीएसटी व आयकर विभाग को सभी जानकारियां दी गई है। उनकी टीम अब इस मामले में आगे की जांच करेगी।

रेलवे ने रियायत खत्म कर बढ़ा दी सुविधा, कमा लिए 46 सौ करोड़

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जबलपुर। कोरोना काल के दौरान बंद ट्रेनाें को पूरी रफ्तार से शुरू किया गया। स्पेशल ट्रेनों को सामान्य ट्रेनों में बदला गया। इतना ही नहीं सीनियर सिटीजन से लेकर पत्रकारों को मिलने वाली रियायत भी बंद कर दी। असर यह हुआ कि पश्चिम मध्य रेलवे ने अपनी आय को ग्राफ दो गुना कर दिया। दरअसल पश्चिम मध्य रेल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के अप्रैल से जनवरी तक 4656 करोड़ रेल राजस्व कमाया। यह आय पिछले साल की तुलना में 25 फीसदी अधिक है। वहीं पैसेंजर यातायात में अप्रैल से जनवरी 1042 करोड़ रुपये की आय हुई। यह कमाई भी पिछले साल की तुलना में 349 करोड़ अधिक है। इतना ही नहीं कोचिंग रेवेन्यू में भी पमरे ने अपनी कमाई का ग्राफ बढ़ा लिया। इससे 118 करोड की आय अर्जित हुई है। माल ढुलाई में अप्रैल से जनवरी तक 3376 करोड़ का रेलवे राजस्व मिला। पमरे में अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक रेल राजस्व में कुल 4656 करोड़ का इजाफा किया।

नए आयाम : यात्री यातायात के लिए अधिक से अधिक सुविधाओं का विस्तार करके रेल यात्रा को सुरक्षित और बेहतर बनाया गया। पमरे में 97 प्रतिशत यात्री गाड़ियों का संचालन पुनः प्रारंभ किया। अब तक पमरे से प्रारंभ एवं गुजरने वाली कुल 795 से अधिक यात्री गाड़ियों का संचालन हो रहा है। यात्री यातायात के लिए मेल एक्सप्रेस के संचालन के साथ नई मेमू ट्रेनों को चलाकर नियमित ट्रेन में सफर कर भी अपनी आय बढ़ा ली। इसके साथ ही लोडिंग की दिशाओं में बढ़ावा देने के लिए व्यापार विकास इकाइयां (बीडीयू) बनाई। नए लोडिंग स्ट्रीम से माल यातायात के लिए बढ़ावा दिया गया। गुड्स टर्मिनल की वर्किंग में सुधार करने के प्रयास एवं मालगाड़ियों के डिटेंशन को कम किया जा रहा। जिससे फ्रेट मालगाड़ियों के संचालन में तेजी से आयी और अधिक से अधिक माल ढुलाई के लादान में वृद्धि हुई।