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राष्‍ट्रपति भवन में पद्म पुरस्कार समारोह, CDS बिपिन रावत को मरणोपरांत मिला पद्म विभूषण

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दिल्ली | राष्ट्रपति भवन में आज पद्म पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यहां देश के पहले सीडीएस जनरल स्‍व. बिपिन रावत को पद्म विभूषण पुरस्कार (मरणोपरांत) मिला, जिसे उनकी बेटियों कृतिका और तारिणी को प्रदान किया गया। इसके अलावा समारोह में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने सार्वजनिक मामलों के क्षेत्र में पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त किया। पैरालंपिक रजत पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया को पद्म भूषण मिला। SII के एमडी साइरस पूनावाला ने व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में पद्म भूषण प्राप्त किया।

गुरमीत बावा की बेटी ने कला के क्षेत्र में पद्म भूषण पुरस्कार (मरणोपरांत) प्राप्त किया। भारतीय निर्देशक चंद्रप्रकाश द्विवेदी को सिनेमा में उनके काम के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पद्म श्री पुरस्कार मिला। राधे श्याम खेमका (मरणोपरांत) के पुत्र को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म विभूषण मिला।

सच्चिदानंद स्वामी को साहित्य और शिक्षा में उनके काम के लिए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पद्म भूषण पुरस्कार मिला। हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से पद्म श्री पुरस्कार मिला। पैरा-शूटर अवनि लेखारा को खेल श्रेणी में पद्म श्री पुरस्कार मिला

भस्म आरती में फूलों के रंग से होली खेलेंगे भगवान महाकाल

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उज्जैन । महाकाल मंदिर में रंगपंचमी पर मंगलवार को रंगोत्सव मनाया जाएगा। राजाधिराज भगवान महाकाल तड़के चार बजे भस्म आरती में टेसू के फूलों से बने रंग से होली खेलेंगे। मंदिर में रंगपर्व की तैयारी शुरू हो गई है।

सोमवार को पुजारियों ने तीन क्विंटल टेसू के फूलों से प्राकृतिक रंग बनाया। ज्योतिर्लिंग की परंपरा अनुसार रंगपंचमी का त्योहार सबसे पहले भगवान महाकाल के आंगन में मनाया जागा। भस्म आरती में पुजारी भगवान महाकाल के साथ फूलों के रंग से होली खेलेंगे। इसके बाद भक्तों को रंग लगाया जाएगा। पुजारियों ने तीन क्विंटल टेसू के फूलों से करीब 200 लीटर प्राकृतिक रंग तैयार किया है।

महाकाल में होली उत्सव के बाद दिन में शहरवासी रंगपर्व मनाएंगे। शहर में कई स्थानों पर सामूहिक होली उत्सव के आयोजन होंगे। यहां रंग तरंग की मस्ती में युवा रंग व गुलाल से होली खेलेंगे। शाम को महाकाल मंदिर, सिंहपुरी, कार्तिक चौक तथा भागसीपुरा से पारंपरिक गेर निकाली जाएगी। श्रद्धालु बैंड बाजे व ढोल ढमाकों के साथ शौर्य व विजय के प्रीतक ध्वज निशान लेकर निकलेंगे।

शिवराज सरकार ने मांगे जनता से सुझाव ताकि सरकारी योजनाओं का हो प्रभावी क्रियान्वयन

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भोपाल । सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली परेशानियों को दूर करने और उन्हें प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता से सुझाव मांगे हैं। इसमें प्रधानमंत्री आवास के लिए सस्ती दर पर आसानी से रेत उपलब्ध कराने के लिए कई व्यक्तियों ने सुझाव दिए हैं। रेत के डिपो खोलने, खदान क्षेत्रों में निश्शुल्क रेत उपलब्ध कराने, जनपद स्तर पर रेत का प्रबंध करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास के लिए निर्धारित राशि एक लाख बीस हजार रुपये बढ़ाने का सुझाव दिया है। 25 मार्च तक प्राप्त होने वाले सुझावों पर मंत्री समूह विचार करके तय करेगा कि किस तरह सस्ती दर पर आसानी से रेत उपलब्ध कराई जा सकती है। नई व्यवस्था अप्रैल से लागू की जा सकती है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार के निर्णयों में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न् योजनाओं को लेकर सुझाव मांगे हैं। प्रदेश में रेत खदानें ठेके पर दी जा चुकी हैं। एक प्रधानमंत्री आवास बनाने में दो से तीन ट्राली रेत लगती है। यह 15 से 20 हजार रुपये में मिलती है। काफी समय से रेत को सस्ती दर पर आसानी से उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है।

इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने मंत्री समूह का गठन किया है, जो जनता से प्राप्त होने वाले सुझावों का परीक्षण करने के बाद अनुशंसा करेगा। अभी तक मुख्यमंत्री सचिवालय को जो सुझाव प्राप्त हुए हैं, उसमें ग्राम पंचायत में मौजूद नदी व नालों की रेत निश्शुल्क देने, आवास हितग्राही को दो ट्राली रेत उत्खनन करने की अनुमति देने का सुझाव प्रमुख है।

जितेंद्र ओझा ने एक आवास में लगने वाली रेत की दर तय करके हितग्राही को राशि की प्रतिपूर्ति करने और जनपद या जिला पंचायत के माध्यम से हितग्राही को उचित मूल्य पर रेत देने की व्यवस्था बनाने की बात रखी है। बृजेंद्र सिंह कुशवाहा ने स्थानीय निकाय की सहमति से उपभोक्ता को कम रायल्टी लेकर रेत देने, रविशंकर कुशवाहा ने रेत के साथ-साथ लोहा की दर तय करने का सुझाव दिया है। ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास की राशि में वृद्धि की जाए।

अश्विन चंदेल ने रेत की दर तय करने और संजय मीना ने रेत की लागत का भुगतान हितग्राहियों को करने का सुझाव दिया है। सूत्रों का कहना है कि सरकार विचार कर रही है कि हितग्राहियों को रेत के लिए एक निश्चित राशि का भुगतान कर दिया जाए। इस पर 26 और 27 मार्च को पचमढ़ी में होेने वाले मंत्रिमंडल के दो दिवसीय चिंतन में विचार करके निर्णय लिया जाएगा।

कन्यादान योजना की गड़बड़ी रोकें

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में गड़बड़ियों को रोकने के लिए ग्राम स्तर पर शिक्षक को शामिल करते हुए समिति बनाने, चयन में पारदर्शिता बढ़ाने और सहयोग राशि सीधे खाते में अंतरित करने की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना की शुरुआत बस से करने, जन अभियान परिषद को योजना से जोड़ने और अमरनाथ यात्रा को शामिल करने का सुझाव भी दिया गया है। प्रवीण चौहान ने राशन में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए अधिकारियों को भेजकर जांच कराने और एपीएल कार्ड पर राशन देने की व्यवस्था फिर शुरू करने का सुझाव दिया है।

पुष्कर सिंह धामी फिर से बनेंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

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उत्तराखंड के कार्यवाहक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फिर से सत्ता संभालते हुए उत्तराखंड के 12 वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। सोमवार शाम को प्रदेश मुख्यालय में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में धामी को फिर से विधायक दल का नेता चुना गया। उत्तराखंड बनने के 21 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब विधानसभा चुनाव में पराजित होने के बावजूद किसी नेता को फिर से मुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। बीजेपी आलाकमान ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मीनाक्षी लेखी और राज्य के चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी को विधायक दल की बैठक के लिए पर्यवेक्षक बनाकर भेजा था। आखिरकार विधायक दल की बैठक में 11 दिनों के सस्पेंस के बाद मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति साफ हो पाई।

भाजपा ने चुनाव से पहले ही घोषणा कर दी थी कि सत्ता में आने की स्थिति में धामी को ही मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। पार्टी ने उनके नेतृत्व में ही विधानसभा चुनाव में जीत भी दर्ज की। पुष्कर सिंह धामी तीसरी व चौथी विधानसभा में ऊधमसिंह नगर जिले की खटीमा सीट से विधायक रहे, लेकिन इस बार यहीं से कांग्रेस के भुवन कापड़ी के हाथों वह सीट गंवा बैठे। यह पहली बार हुआ कि जब उत्तराखंड में किसी दल को लगातार दूसरी बार सरकार बनाने का अवसर मिला। धामी उत्तराखंड में अब तक के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री हैं। धामी पिछले वर्ष चार जुलाई को तीरथ सिंह रावत के स्थान पर उत्तराखंड के 11वें मुख्यमंत्री बने थे। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले धामी को मुख्यमंत्री के रूप में छह महीने का कार्यकाल मिला था। यह उनकी बड़ी उपलब्धि रही कि पांच साल की एंटी इनकंबेंसी को दरकिनार कर वह भाजपा को लगातार दूसरी बार सत्ता में लाने में सफल रहे।

सोमवार शाम पांच बजे भाजपा प्रदेश मुख्यालय में हुई विधायक दल की बैठक में पुष्कर सिंह धामी के नाम पर मुहर लगी। वैसे, नए मुख्यमंत्री को लेकर समर्थक अपने-अपने नेताओं के नाम के कयास लगा रहे थे। लेकिन धामी के नाम पर रखे गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी विधायक दल की बैठक में उपस्थित रहे। उत्तराखंड चुनाव प्रभारी रहे केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, लोकसभा सदस्य अजय टम्टा, महारानी माला राज्य लक्ष्मी शाह, तीरथ सिंह रावत, राज्यसभा सदस्य व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी, राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल भी इस अवसर पर मौजूद थे।

गोवा के अगले मुख्यमंत्री होंगे प्रमोद सावंत

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गोवा में मुख्यमंत्री का नाम तय हो गया है। सोमवार को हुई बीजेपी विधायक दल की बैठक में प्रमोद सावंत को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। उनके नाम का प्रस्ताव विश्वजीत राणे ने रखा और बाकी सदस्यों ने सहमति जताई। आपको बता दें कि प्रमोद सावंत लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनेवाले हैं। इस बैठक में बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर, एल मुरुगन और गोवा चुनाव के प्रभारी देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। तीनों नेताओं ने सभी विधायकों से एक-एक कर मुलाकात की, जिसमें तमाम विधायकों ने सावंत पर भरोसा जताया। अब वे राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। पार्टी के केन्द्रीय पर्यवेक्षक नरेन्द्र तोमर में मीडिया को विधायकों के फैसले की जानकारी दी।

इससे पहले चर्चा थी कि प्रमोद सावंत के अलावा मुख्यमंत्री की रेस में बीजेपी विधायक और राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे और गोवा के रहने वाले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर के नामों पर भी विचार हो सकता है। लेकिन माना जा रहा है कि बीजेपी आलाकमान ने प्रमोद सावंत को दुबारा सत्ता सौंपने का फैसला कर लिया था और विधायकों की बैठक में इसी पर सर्वसम्मति बनाने की कोशिश हुई।

गोवा विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने कुल 40 सीटों में से 20 पर जीत दर्ज की है। यहां सरकार बनाने के लिए 21 सीटों की जरूरत होती है। महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के दो विधायकों और तीन निर्दलियों ने बीजेपी को समर्थन देने का एलान किया है। ऐसे में बीजेपी के लिए गोवा में सरकार बनाने का रास्ता आसान हो गया है. राज्य में कांग्रेस को सिर्फ 11 सीटें मिली हैं।

रेवती नक्षत्र और इंद्र योग में 2 अप्रैल को होगा महाशक्ति का आगमन

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शक्ति की उपासना का नौ दिनी पर्व चैत्र नवरात्र 2 से 11 अप्रैल तक मनेगा। रेवती नक्षत्र और इंद्र योग में शक्ति का आगमन होगा। इस अवसर पर घट स्थापना होगी और साधक शक्ति की उपासना में जुटेंगे। इस अवसर पर माता के नौ स्वरूपों का पूजन किया जाएगा। माता मंदिरों में विभिन्न हवन-अनुष्ठान होंगे।वर्ष में आने वाली चार नवरात्र में चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व है।

चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल को सुबह 11.53 बजे होगी जो 2 अप्रैल को सुबह 11.48 बजे तक रहेगी। उदयकाल में प्रतिपदा तिथि 2 अप्रैल को होने से इस दिन से नवरात्र की शुरुआत मानना शास्त्र सम्मत होगा। इस दिन रेवती नक्षत्र सुबह 11.21 बजे तक और इंद्र योग सुबह 8.31 बजे तक रहेगा। घट स्थापना के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 6.24 बजे से 8.33 बजे तक है। इसके अतिरिक्त दोपहर 12.08 से दोपहर 12.57 बजे तक अभिजित मुहूर्त में घट स्थापना करना भी श्रेष्ठ फल प्रदान करेगा।

ऐसे करें कलश स्थापना – ज्योतिर्विद विनायक शर्मा के अनुसार, नवरात्र में कलश की स्थापना की जाती है। कलश को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है। देवी दुर्गा से पहले कलश की पूजा की जाती है। कलश की स्थापना से पूर्व उस स्थान को नदियों के पवित्र जल से शुद्ध करना चाहिए। इसके बाद भगवान गणेश सहित सभी देवी-देवताओं का आव्हान करना चाहिए। कलश स्थापना के बाद भगवान गणेश और मां दुर्गा की आरती कर नौ दिनी व्रत का संकल्प लेना चाहिए।

वर्ष में आती हैं चार नवरात्र – वर्ष में चार नवरात्र पौष, चैत्र, आषाढ और अश्विन माह में आती हैं। चारों नवरात्र में माता की उपासना प्रतिपदा से नवमी तिथि तक होती है। कई बार तिथियों की घट-बढ़ के चलते पर्व के दिनों में कमी या वृद्धि भी होती है। इसमें चैत्र माह की नवरात्र को बड़ी और अश्विन माह की नवरात्र को छोटी नवरात्र कहते हैं। यह दो प्रकट नवरात्र हैं। इसके अतिरिक्त आषाढ़ और पौष माह की नवरात्र को गुप्त नवरात्र कहते हैं।

लक्ष्य सेन इतिहास रचने से चूके

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वर्ल्ड चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट भारत के लक्ष्य सेन रविवार को ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में इतिहास रचने से चूक गए। लक्ष्य को मेंस सिंगल वर्ग के फाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। टॉप सीड एक्सेलसन ने युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य को 21-10, 21-15 से मात दी। लक्ष्य ने 53 मिनट में यह खिताबी मुकाबला गंवाया। इस हार के साथ ही लक्ष्य सेन 1980 में महान प्रकाश पादुकोण और 2001 में पुलेला गोपीचंद के बाद तीसरे भारतीय चैंपियन बनने से चूक गए।

लक्ष्य सेन फाइनल मुकाबले में विक्टर एक्सेलसन के खिलाफ शुरुआत में पीछे 0-6 से पीछे थे। इसके बाद भी एक्सेलसन ने अपनी लीड कायम रखते हुए स्कोर को 11-2 तक पहुंचा दिया। एक्सेलन ने इसके बाद 22 मिनट में 21-10 से एकतरफा अंदाज में पहला गेम अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में भी लक्ष्य शुरुआत में 4-7 से पीछे थे। इसके बाद भी वह विक्टर के अनुभव के टिक नहीं सके और मुकाबले में लगातार पीछे होते चले गए। एक्सेलसन ने आगे भी 17-10 की शानदार बढ़त बना ली। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार प्वाइंट्स लेते हुए 21-15 से लगातार दूसरा गेम जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया।

विश्व रैंकिंग में 11वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य ने इससे पहले, रोमांचक सेमीफाइनल में शनिवार को मलेशिया के जी जिया ली को तीन गेमों के संघर्ष में 21-13, 12-21, 21-19 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। वह 21 साल बाद फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने थे। लक्ष्य 1980 में महान प्रकाश पादुकोण और 2001 में पुलेला गोपीचंद के चैंपियन बनने के बाद फाइनल में पहुंचने वाले तीसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने थे।

20 साल के लक्ष्य का फाइनल में नंबर वन सीड डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन के खिलाफ भिड़ने से पहले 1-4 का रिकॉर्ड था। लक्ष्य पिछले छह महीने से शानदार लय में चल रहे है। उन्होंने इस साल जनवरी में इंडिया ओपन के रूप में अपना पहला सुपर 500 टूर्नामेंट जीता था और फिर पिछले सप्ताह जर्मन ओपन के उपविजेता रहे थे।

Mouni Roy ने देर रात समंदर किनारे दिखाया सिजलिंग अवतार

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फेमस टेलीविजन और फिल्म एक्ट्रेस मौनी रॉय (Mouni Roy) इस समय कोलंबो, श्रीलंका में हैं. वह होली के मौके पर वहां वेकेशन एंजॉय कर रही हैं. वह इस वेकेशन के दौरान हर दिन अल्ट्रा-ग्लैमरस तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर आग लगा रही हैं. रविवार, 20 मार्च को, मौनी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर ग्रीन कलर की ड्रेस में सिजलिंग हॉट तस्वीरों को शेयर किया है.

जेलेंस्की पुतिन से बात करने के लिए तैयार

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रूस और यूक्रेन के बीच जंग का आज 25वां दिन है। अभी तक दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया है। रूसी बलों ने मारियुपोल के एक स्कूल पर बमबारी की है। बताया जा रहा है कि इस स्कूल में लगभग 400 लोगों ने शरण ले रखी थी। उधर, यूक्रेन का दावा है कि आज (रविवार) सुबह 11 बजे तक युद्ध में रूस के लगभग 14,700 सैनिक मारे जा चुके हैं। यूक्रेन के सैन्य इंटेलिजेंस ने दावा किया है कि रूस के कुलीन देश के आर्थिक संबंधों को बहाल करने के लिए पुतिन को सत्ता से बाहर करने के लिए पश्चिमी देशों के साथ मिलकर योजना बना रहे हैं। यूक्रेन के जनरल स्टाफ ने देश के पश्चिमी हिस्सों पर बेलारूस की ओर से हमले के खतरे का उच्च जोखिम व्यक्त किया है।

यूक्रेन के खिलाफ रूस का युद्ध मानवता को अपवित्र’ करने वाला: पोप फ्रांसिस

24 फरवरी को शुरू हुए रूस के हमले को लेकर पोप फ्रांसिस ने कठोर टिप्पणी की है। उन्होंने सेंट पीटर्स स्क्वायर में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यूक्रेन में जमन रोज बढ़ रहा है। उन्होंने रूस के हमले को मानवता को अपवित्र करने वाला करार दिया और इसे ‘निरर्थक जनसंहार’ की भी संज्ञा दी।

भोपाल में बीएमडब्‍ल्‍यू सवार युवक की गुंडागर्दी

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भोपाल । लग्जरी कार के कार चालक ने ट्रैफिक पुलिस के एसआइ से बदतमीजी कर झूमाझटकी कर दी। उसे रोकने की कोशिश की गई, तो वह कार लेकर भाग गया। यह मामला टीटी नगर थाना इलाके में अपैक्स बैैंक तिराहे पर रविवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे का है। सिपाही की शिकायत पर पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक रविवार दोपहर में सिपाही प्रवीण कुमार कुशवाहा टीटी नगर में अपैक्स बैंक के पास वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच, रोशनपुरा चौराहे की तरफ से नीले रंग की लक्जरी कार (एमपी 09 एमएम 90) दिखाई दी। नंबर प्लेट पर अधूरा नंबर देखकर प्रवीण ने कार को रोक लिया। इस पर कार चालक गुस्से में उतारा और पुलिस कर्मियों को देख लेने की धमकी देते हुए गाली-गलौज करने लगा। इस दौरान एसआइ गजराज सिंह भी आ गए। वह कार चालक को समझाने लगे। ड्राइवर ने एसआइ के साथ बदतमीजी करते हुए झूमाझटकी कर दी। इसके बाद चालक ने कार में बैठकर कार स्टार्ट कर जाने लगा। दोनों पुलिसकर्मी कार के सामने खड़े होकर रोकने का प्रयास करने लगे। इसी बीच, कार चालक ने रफ्तार बढ़ा दी। दोनों पुलिसकर्मी कार के सामने से दूर हटकर जान बचाई। कार इंदौर में मधुरेश पब्लिकेशन प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के नाम से रजिस्टर्ड है। पुलिस उसके चालक की तलाश कर रही है। कार ड्राइवर खुद को अखबार का कर्मचारी बता रहा था। ट्रैफिक आरक्षक प्रवीण की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।