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मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ इलाके में लोगों को गिरता हुआ उल्कापिंड दिखा

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इंदौर। मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ इलाके में करीब आठ बजे लोगों ने आसमान से उल्कापिंड जैसी वस्तु गिरते देखी। दो टुकड़ों में गिरती हुई वस्तु चमक रही थी। इंदौर, धार, खंडवा सहित अन्य इलाकों में लोगों ने इसे नीचे गिरते हुए देखा, इस दौरान कुछ लोगों ने मोबाइल से इसके वीडियो भी बना लिए। वीडियो तुरंत ही इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गए और अलग-अलग जगहों से इसके देखे जाने की बात सामने आने लगी। इंटरनेट मीडिया पर चल रहे मैसेज में इसके धार और खंडवा में गिरने की बात चल रही थी।

शुक्रवार देर 8 बजे शहरवासियों ने आसमान में जलता हुआ उल्कापिंड देखा। इस उल्कापिंड के गिरने की घटना को एक प्रत्यदर्शी ने अपने मोबाइल में रिकार्ड किया। यह वीडियो देखते ही देखते इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया और आमजन के बीच चर्चा का विषय बन गया। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर वेद प्रकाश सिंह के मुताबिक उन्हें मिली सूचना के मुताबिक खंडवा में उल्कापिंड गिरने की घटना सामने आई है। उल्कापिंड पुच्छल तारे के रूप में होते है। ये जब गिरते हैं तो इनकी चमक इतनी ज्यादा होती है कि 200 से 300 किलोमीटर के दायरे के लोग भी आसमान में इसे देखा जा सकता है। छोटे-छोटे उल्कापिंड की उम्र 100 साल या उसके आसपास होती है। ये सौर मंडल में चक्कर लगाते हुए किसी भी ग्रह के वायुमंडल में प्रवेश कर जाते हैं।

इसी तरह ये पृथ्वी के वायुमंडल में जब आते है तो वायुमंडल की अधिक सघनता के कारण घर्षण से जल जाते हैं। इस तरह यह जलकर धरती पर गिर जाते हैं। राजस्थान में भी पिछले सप्ताह उल्कापिंड गिरने की इस तरह की घटना सामने आई थी। उल्कापिंड को टूटता हुआ तारा कहा जाता है। ये जहां भी गिरते हैं वहां पर गड्ढा होता है। छोटे आकार के उल्कापिंड के गिरने पर तीन से चार फीट का गड्ढा होता है। वहीं बड़े उल्कापिंड होने पर गड्ढे की गहराई अधिक होती है।

धार जिले में आसमान में दिखाई दिया चमकता हुआ उल्कापिंड

धार जिले के नालछा-बगड़ी क्षेत्र में भी शाम अचानक आसमान में मिसाइल जैसा चमकती हुई वस्तु दिखाई दी। तेज गति से निकलते हुए मिसाइल जैसे इस चमकीले अद्भुभूत चीज देखकर लोगों ने इसके वीडियो बनाए। चमकती हुई मिसाइल जैसे आसमान में तेज गति से जा रही थी जो कि जमीन की ओर बढ़ते हुए दिखाई दे रही थी। बाद में कुछ लोगों ने यह साफ किया कि यह मिसाइल नहीं उल्कापिंड है।

श्रीलंका में सोमवार तक लगा कर्फ्यू, भारत ने 6000 मीट्रिक टन ईंधन की आपूर्ति की

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श्रीलंका इस समय इतिहास के सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ईंधन, रसोई गैस के लिए लंबी लाइन, कम आपूर्ति में जरूरी सामान और घंटों बिजली कटौती से जनता हफ्तों से परेशान है। पर्यटन क्षेत्र के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण COVID-19 महामारी के बाद से श्रीलंका की अर्थव्यवस्था में गिरावट आई है। देश में सबसे खराब आर्थिक संकट को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने सार्वजनिक आपातकाल की घोषणा की है।

राष्ट्रपति के आदेश पर, राष्ट्रपति के सचिव गामिनी सेनारथ ने असाधारण गजट अधिसूचना जारी की। यह कदम गुरुवार को राजपक्षे के आवास के बाहर हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद आया, जब सैकड़ों प्रदर्शनकारी वहां जमा हो गए और द्वीप राष्ट्र में सबसे खराब आर्थिक संकट को संबोधित करने में उनकी विफलता के लिए उनके इस्तीफे की मांग की। आंदोलन के हिंसक होने से कई लोग घायल हो गए और वाहनों में आग लगा दी गई।

राष्ट्रपति के आवास के पास लगे स्टील बैरिकेड को गिराने के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारें कीं। घटना के बाद, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और कोलंबो शहर के अधिकांश हिस्सों में कुछ समय के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया था।

श्रीलंका के आर्थिक संकट में 6,000 मीट्रिक टन ईंधन की आपूर्ति

– श्रीलंका में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की सहायक कंपनी ने शनिवार को सीलोन बिजली बोर्ड को 6,000 मीट्रिक टन ईंधन की आपूर्ति की है, ताकि द्वीप देश में बिजली संकट को कम करने में मदद मिल सके, जो कि तीव्र बिजली कटौती देख रहा है। ईंधन की खेप भारत द्वारा दी गई 500 मिलियन अमेरिकी तेल लाइन ऑफ क्रेडिट का हिस्सा है। श्रीलंकाई सरकार ने शनिवार को शाम छह बजे से पूरे देश में कर्फ्यू की घोषणा की। राष्ट्रपति द्वारा आपातकाल की स्थिति घोषित करने के बाद शनिवार को सोमवार सुबह 6 बजे तक। सरकार के सूचना विभाग ने कहा, “राष्ट्रपति को दी गई शक्तियों के तहत शनिवार शाम छह बजे से सोमवार सुबह छह बजे तक देश भर में कर्फ्यू लगा दिया गया है।”

भोजन, ईंधन, बिजली और गैस की कमी

श्रीलंका वर्तमान में विदेशी मुद्रा की कमी का सामना कर रहा है जिसके कारण भोजन, ईंधन, बिजली और गैस की कमी हो गई है और आर्थिक सहायता के लिए मित्र देशों की सहायता मांगी है। देश में रोजाना कम से कम 10 घंटे बिजली कटौती हो रही है। श्रीलंका की मुद्रा का भी 8 मार्च से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग एसएलआर 90 का अवमूल्यन हुआ है।

इंदौर में फर्जी आइडीए अफसर गिरफ्तार

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इंदौर। पुलिस ने दो ठगोरों को गिरफ्तार किया है जो आइडीए एवं बैंक अफसर बनकर लोगों से लाखों रुपयों की धोखाधड़ी करते थे। आरोपितों ने इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना-134 में प्लाट व रो हाऊस आवंटन करवाने का झांसा देकर 25 लाख रुपये ठगे थे।पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

विजयनगर पुलिस के मुताबिक 25 अक्टूबर 2019 को प्रगतिशील सहकारी साख संस्था के पदाधिकारी घनश्याम पाटील व अन्य की शिकायत पर आरोपित संतोष जैन उर्फ संजू और बंटी उर्फ विपिन खंडेलवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है।पाटील ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2014 में आरोपितों ने खुद को आइडीए और बैंक अफसर बताया और कहा कि आइडीए की योजना 134 में रो हाउस और प्लाट आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। आरोपितों ने इस योजना में प्लाट व रो हाऊस का आवंटन करवाने के नाम पर अलग अलग किस्तों में 25 लाख रुपये जमा करवा लिए।

एक साल बाद भी रो हाऊस और प्लाट न मिलने पर आइडीए से जानकारी निकाली तब पता चला उनके साथ धोखा हुआ है। पीड़ितों ने थाना व अफसरों को शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत करने पर वर्ष 2019 में कायमी हुई लेकिन आरोपितों की गिरफ्तारी टलती गई। शुक्रवार रात टीआइ तहजीब काजी ने एसआइ प्रहलाद खंडाते को लेकर दबिश दी और दो आरोपित संतोष जैन निवासी शिवकंठ कालोनी और विजय यादव निवासी मालवीय नगर को गिरफ्तार कर लिया।

छत्तीसगढ़ कोर्ट ने कालीचरण की रिहाई एक दिन और टाली

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रायपुर । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपित कालीचरण को एक दिन जेल में और रहना पड़ेगा। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को ट्रायल कोर्ट में उसकी जमानत नहीं हो पाई। जानकारी के अनुसार जमानतदार के दस्तावेज अधूरे होने के कारण यह स्थिति बनी।

92 दिनों से जेल में बंद कालीचरण को हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सशर्त जमानत दे दी है। उसे एक लाख रुपये का निजी बांड व 50-50 हजार रुपये जमा करने वाले दो जमानतदार पेश करने के लिए कहा गया था।

रविवार को होगी कालीचरण की जमानत

शनिवार को हाई कोर्ट के आदेश के आधार पर रायपुर कोर्ट में जमानदार पेश किए गए। इनमें से एक जमानतदार के दस्तावेज अधूरे थे। इस वजह से जज ने रिहाई पर रोक लगा दी। संभवत: अब रविवार को कालीचरण की जमानत होगी।

शनिवार की शाम कालीचरण के स्वागत के लिए जेल के बाहर बड़ी संख्या में उसके समर्थक जुटे हुए थे। कई जगह कालीचरण के बैनर-पोस्टर भी लगाए गए हैं। पूरे जश्न की तैयारी थी, लेकिन रिहाई नहीं हो पाने से उन्हें निराश होना पड़ा।

इन धाराओं के तहत केस दर्ज

जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर कालीचरण के खिलाफ कार्रवाई में धारा 153 ए, 153 बी (1), 295 ए, 505(1) (बी) को भी शामिल किया गया है।

कालीचरण जेल से निकलते ही धर्म संसद आयोजक से करेंगे मुलाकात

कालीचरण की जमानत हाई कोर्ट ने मंजूर कर ली। वे कभी भी जेल से अब रिहा हो सकते है। बताया जा रहा है कि कालीचरण जेल से रिहा होते ही सबसे पहले धर्म संसद आयोजक पंडित नीलकण्ठ त्रिपाठी से मुलाकात करेंगे। कालीचरण जेल से सीधा नीलकण्ठ त्रिपाठी के निवास स्टेशन रोड नहर पारा स्थित नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में जाएंगे। वही मीडिया से प्रेसवार्ता कर अपने प्रशंसकों एवं शिष्यों से नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में ही मुलाकात करेंगे। उसके बाद वे अपने माता पिता से मिलने महाराष्ट्र जायेंगे।

सहायक शिक्षक परमार की पत्नी के दो बैंक लाकरों ने उगले 590 ग्राम सोने के गहने, व डेढ़ लाख रुपये

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ग्वालियर। आय से अधिक की संपत्ति के मामले में नामजद सहायक शिक्षक प्रशांत सिंह परमार व उनकी पत्नी शशि परमार की मौजूदगी में गुरुवार को ईओडब्ल्यू ने दो बैंक लाकर खुलवाए। सिटी सेंटर स्थित आइसीआइसीआइ बैंक के लाकर से 590 ग्राम सोने के आभूषण व 50 हजार रुपये निकले। दूसरा लाकर बैंक आफ इंडिया की फूलबाग ब्रांच स्थित शाखा में था। इस लाकर के खोलने पर केवल एक लाख रुपये मिले हैं। अभी बैंक खातों की जानकारी आना शेष है। इससे पहले ईओडब्ल्यू ने आरोपित के फ्लैट, आफिस, गार्डन व कालेज में छापा मारकर चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए थे। जिनका ईओडब्ल्यू द्वारा इनकी वास्तविक कीमत का पता लगाने के लिए आकलन किया जा रहा है। वर्तमान मूल्य के अनुसार अनुमानित संपत्ति 25 करोड़ के लगभग की है।

एसपी(ईओडब्ल्यू) बिट्टू सहगल ने बताया कि सहायक शिक्षक प्रशांत सिंह परमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। इस शिकायत पर 25 दिन की गई पड़ताल के बाद आय से अधिक संपत्ति होने की पुष्टि हुई थी। आरोपित के खिलाफ ईओडब्ल्यू में प्रकरण दर्ज करने के बाद न्यायालय से सर्च वारंट लेने के बाद शनिवार को आरोपित के अलकापुरी स्थित सत्यम रेजिडेंसी में फ्लैट,आफिस,कोटेश्वर स्थित गार्डन स्कूल व नूराबाद स्थित कालेज पर छापा मारकर चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए थे। पड़ताल में पता चला था कि आरोपित के परिवार के नाम पर दो लाकर हैं। डीएसपी लोकायुक्त सतीश चतुर्वेदी के साथ टीम ने आरोपित की पत्नी शशि परमार को साथ लेकर दोनों लाकर खुलवाए।

ईओडब्ल्यू की टीम ने सिटी सेंटर स्थित आइसीआइसीआइ बैंक का लाकर खुलवाया। इस लाकर में सोने के भारी हार, बाजुबंध सहित अन्य गहने मिले। टीम अपने साथ गहनों का परीक्षण व वजन कराने के लिए सुनार को साथ लेकर गई थीं। बैंक परिसर में गहनों का परीक्षण किया गया। सभी गहने सोने के थे, जो कि 590 ग्राम वजनी थी। इनकी कीमत 28 लाख 50 हजार रुपये के लगभग के हैं। इन गहनों के साथ 50 हजार रुपये भी मिले हैं। फूलबाग स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा के लाकर से सिर्फ एक लाख रुपये मिले हैं।

मध्‍य प्रदेश के रीवा जिले में दुष्कर्म के आरोपित महंत के मकान पर चला बुलडोजर

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रीवा । सर्किट हाउस में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित महंत सीताराम दास के मकान को प्रशासन ने गुरुवार को बुलडोजर चलवाकर जमींदोज कर दिया। पुलिस ने आरोपित महंत व हिस्ट्रीशीटर विनोद पांडे को जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने महंत को दो दिन के पुलिस रिमांड पर, जबकि विनोद को जेल भेज दिया। पुलिस महंत सीताराम को नकाब पहनाकर सिविल लाइन थाने से करीब सौ मीटर दूर स्थित न्यायालय पैदल लेकर पहुंची थी।

इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। अध‍िवक्ताओं ने आरोपित को फांसी की सजा देने की मांग कर नारेबाजी की। इस मामले के दो अन्य आरोपित अभी फरार हैं। एक अन्‍य आरो‍पित विनोद पांडे के गृह गांव नईगढ़ी थाना क्षेत्र के अकौरी में बने मकान को प्रशासन ने जमींदोज कर दिया।

बगैर अनुमति बना था मकान

गुढ़ थाना अंतर्गत गुढ़वा गांव में आरोपित महंत ने बगैर अनुमति के 2800 वर्गफीट में मकान बनवा रखा था। प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर कुछ घंटे में ही मकान को जमींदोज कर दिया।

मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद 24 घंटे के अंदर ढहाया मकान

रोजगार सम्मेलन में बुधवार को रीवा पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने मंच से कहा था कि अपराध‍ियों के घरों पर बुलडोजर चला दो, उन्हें कुचल दो। उनके बयान के आधा घंटे बाद सिंगरौली से आरोपित महंत को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, 24 घंटे के अंदर आरोपित के मकान पर भी बुलडोजर चल गया।

कांग्रेस में अब कोई असंतुष्ट नहीं, जी-23 की सभी मांगें मानी-कमल नाथ

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भोपाल । पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद जी-23 नेताओं द्वारा लगातार नेतृत्व पर सवाल उठाए जाने के बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने दावा किया कि पार्टी में अब कोई भी असंतुष्ट नहीं है। सभी नेता मेरे संपर्क में हैं और चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सारी चीजें सामने आ जाएंगी। मुझे किसी पद या कुर्सी का मोह नहीं है। जब भी पद छोड़ने के लिए कहा जाएगा, मैं तत्काल छोड़ दूंगा। उन्होंने मध्य प्रदेश में महंगाई मुक्त भारत अभियान की भोपाल से शुरुआत की और केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार को महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान और जी 23 के नेताओं द्वारा नेतृत्व को लेकर लगातार उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि उनकी (जी 23) सभी मांग मान ली गई हैं। हमने वर्षों साथ काम किया है। सभी से मेरे संबंध हैं और व्यक्तिगत तौर पर संपर्क में हूं। संगठन चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। महंगाई को लेकर उन्होंने कहा कि आज इससे सभी वर्ग परेशान हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों से सिर्फ वाहन ही नहीं बल्कि खाद्य पदार्थ, दूध, सब्जी, दवाई और रोजमर्रा के उपयोग की चीजें प्रभावित होती हैं। पहले जब महंगाई बढ़ती थी तो भाजपा नेता बड़ी-बड़ी बातें करते थे। शिवराज सिंह चौहान साइकिल चलाते थे लेकिन आज क्या हाल है। किसान, नौजवान, व्यापारी से लेकर हर वर्ग त्रस्त है। हमने शुद्ध का युद्ध अभियान चलाया था पर भाजपा सरकार ने बंद कर दिया। जब पांच राज्यों में चुनाव थे, तब पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ीं, पर परिणाम आने के बाद ऐसा कोई दिन नहीं जा रहा है, जब वृद्धि नहीं हो रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड की परीक्षाओं में गड़बड़ी सबके सामने आ चुकी है। महंगाई के विरोध में हम जिला और ब्लाक स्तर पर आंदोलन करके जन-जन को भाजपा सरकार की हकीकत बताएंगे। यह अभियान सात अप्रैल तक चलेगा। संगठन के प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने बताया कि पहले दिन घर के सामने प्रदर्शन होना था। अभियान की शुरुआत सभी जिलों में एक साथ की गई। इस दौरान थाली, ताली, मंजीरा बजाकर विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, पीसी शर्मा, आरिफ मसूद सहित अन्य पदाधिकारी-कार्यकर्ता मौजूद थे।

शुक्रवार सेमप्र बोर्ड के स्कूलों की पांचवीं और आठवीं की वार्षिक परीक्षा

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भोपाल । प्रदेश के सरकारी व निजी स्कूलों में पांचवीं व आठवीं की वार्षिक परीक्षाएं शुक्रवार से शुरू होंगी, जो नौ अप्रैल तक चलेंगी। प्रदेश में इस परीक्षा के लिए करीब 30 हजार परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें भोपाल जिले में 347 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। दोनों कक्षाओं में करीब 18 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें पांचवीं कक्षा में करीब 10 लाख और आठवीं में आठ लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा सुबह नौ बजे से 11.30 बजे तक आयोजित की जाएगी। पाचवीं व आठवीं का पहला पेपर हिंदी विशिष्ट का होगा।

इस संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संबंधी सामग्री भेज दी गई है। सभी विषयों के पेपर 100 अंक के होंगे। परीक्षा में 60 अंक का लिखित प्रश्नपत्र और 40 अंक का प्रोजेक्ट होगा। विद्यार्थी को प्रत्येक विषय में 33 फीसद अंक लाना अनिवार्य होगा, नहीं तो अनुत्तीर्ण कर दिया जाएगा। उसे दोबारा उसी कक्षा में पढ़ना होगा। हालांकि, अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की दो माह बाद पुन परीक्षा ली जाएगी।

कोविड काल के कारण दो साल से पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों पर परीक्षा का दबाव नहीं था। इस साल पांचवीं व आठवीं के बच्चों की वार्षिक परीक्षा ली जा रही है। यह परीक्षा बोर्ड की तर्ज पर आयोजित होगी, लेकिन इस परीक्षा को बोर्ड परीक्षा नहीं कहा जाएगा।

अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की दो माह तक तैयारी कराई जाएगी

पांचवीं व आठवीं की वार्षिक परीक्षा में अगर कोई विद्यार्थी 33 फीसद अंक नहीं ला पाया तो दो माह बाद फिर से उनकी परीक्षा ली जाएगी। इस दौरान शिक्षक उनकी अलग से कक्षा लगाएंगे। परीक्षा में जो भी सवाल गलत होंगे, उन्हें पढ़ाएंगे। विद्यार्थी को कक्षा में शिक्षक समझाएंगे और बतलाएंगे। इसके बाद भी किसी विद्यार्थी का पेपर बिगड़ता है तो उसे अगली कक्षा में प्रमोट नहीं किया जाएगा।

इस परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं इस बार संकुल केंद्रों पर जांची जाएंगी। उसी स्कूल के शिक्षक बच्चों की कापियां नहीं जाचेंगे। राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से सभी संकुल केंद्रों को पांच-पांच हजार रुपये की राशि आंवटित की गई है।

पीएम इमरान खान का देश को संदेश

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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी का संकट गहरा गया है। पाकिस्तानी संसद के निचले सदन में बैठक शुरु होने के कुछ ही देर बाद सदन को 3 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बैठक में पीएम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी थी। लेकिन कार्यवाही शुरु होते ही नेशनल असेंबली को 3 अप्रैल की सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस पर विपक्ष के नेताओं ने जमकर नारेबाजी की। आपको बता दें कि शाहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद ए-95 के तहत अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था और इस पर 161 सदस्यों ने दस्तखत कर रखे हैं। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान तीन अप्रैल को होगा।

पाकिस्तान के प्रधान मंत्री इमरान खान आज रात राष्ट्र को संबोधित कर सकते हैं। उन्होंने बुधवार को अपना भाषण स्थगित कर दिया था। पाकिस्तान के मंत्री शेख राशिद अहमद ने इस बारे में जानकारी दी। इससे पहले प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने आवास पर राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) की बैठक बुलाई। आपको बता दें कि एनएससी, जो सुरक्षा मुद्दों पर समन्वय के लिए सर्वोच्च मंच है, उसकी अध्यक्षता प्रधान मंत्री करते हैं और इसमें प्रमुख संघीय मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, सेवा प्रमुख और शीर्ष खुफिया अधिकारी शामिल होते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस बैठक में “विदेशी खतरे” वाले पत्र पर चर्चा की जाएगी। एक दिन पहले प्रधान मंत्री ने एक पत्र साझा किया था, जिसमें कथित तौर पर उनकी सरकार गिराने के लिए एक विदेशी साजिश का सबूत का दावा किया गया।

मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (MQM-P) के संघीय मंत्रियों के रूप में सेवारत दोनों सदस्यों, फारोग नसीम और अमीनुल हक ने इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में विपक्ष के साथ अपनी पार्टी की घोषणा के कुछ घंटों बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दिन के रूप में सरकार को बैक-टू-बैक झटके का सामना करना पड़ रहा है।

पाकिस्तान की 342 सदस्यीय नेशनल असेंबली में इमरान खान की पार्टी के 155 सदस्य हैं। इमरान को सत्ता में बने रहने के लिए कम से कम 172 सांसदों के समर्थन की जरूरत है। वैसे माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री को नेशनल असेंबली में बहुमत नहीं है, क्योंकि कई सहयोगियों ने सरकार के खेमे को छोड़ दिया है और विपक्ष का समर्थन करने का फैसला किया है।

इस दिन मनाई जाएगी राम नवमी

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राम नवमी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तिथि को मनाई जाती है। हिंदू धर्म में राम नवमी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन राजा दशरथ के घर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है। इस साल चैत्र नवरात्रि 02 अप्रैल से शुरू होने जा रहे हैं।

राम नवमी 2022 तिथि और शुभ मुहूर्त

रामनवमी (Ram Navami 2022) इस साल 10 अप्रैल 2022, रविवार को मनाई जाएगी। नवमी तिथि 10 अप्रैल को प्रातः 01.32 बजे से प्रारंभ होकर 11 अप्रैल को प्रातः 03.15 बजे समाप्त होगी। भगवान श्री राम की पूजा का शुभ मुहूर्त 10 अप्रैल 2022 को प्रातः 11.10 बजे से 01.32 बजे तक रहेगा।

राम नवमी पूजा विधि

रामनवमी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद रोली से भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्तियों का तिलक करें, फिर भगवान श्री राम को चावल, फूल, घंटी और शंख चढ़ाकर भगवान श्री राम की विधिवत पूजा करें। श्री राम के मंत्रों का जाप करें, रामायण का पाठ करें और रामचरितमानस का भी पाठ करें। अंत में सभी की आरती करें। इस दिन भगवान श्री राम को झूला झूलना चाहिए और किसी गरीब या ब्राह्मण को गेहूं और बाजरा दान करना चाहिए।

राम नवमी 2022 का महत्व

भगवान राम ने अपना चौदह वर्ष का वनवास किया और इस दौरान उन्होंने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से जीवन में हर तरह की सुख-समृद्धि आती है। अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर बन रहा है। यह भी एक कारण है कि इस बार भगवान राम के प्रति भक्ति का भाव विशेष दर्जे का होगा।