भोपाल: खाद वितरण में लापरवाही को लेकर ग्वालियर और चंबल संभाग के आयुक्त आशीष सक्सेना ने मुरैना के उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण पीसी पटेल को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें भिंड में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के कार्यालय में अटैच किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पटेल मुरैना में चल रहे खाद संकट के दौर में जिला प्रशासन को बिना बताए भोपाल चले गए थे, जिसके कारण किसानों को खाद वितरण में देरी हुई।
खाद्य वितरण मे लापरवाही के कारण कृषि उप संचालक निलंबित
मार्च में रिटायर हो रहे DGP, नये DGP के लिए तीन वरिष्ठ IPS का पैनल UPSC जाएगा,
भोपाल: मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी का कार्यकाल अगले साल मार्च में समाप्त हो जाएगा। इसलिए राज्य सरकार ने नये डीजीपी की नियुक्ति के लिए कवायद शुरु कर दी है। दिसंबर अंत तक गृह मंत्रालय वरिष्ठता के आधार पर तीन आईपीएस अफसरों का पैनल बनाकर संघ लोक सेवा आयोग को भेजेगा जिनमें से एक के नाम पर मुहर लगेगी। मध्यप्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अफसरों में से सुधीर सक्सेना या पवन जैन को मध्यप्रदेश का नया डीजीपी बनने का मौका मिल सकता है।
वर्तमान डीजीपी विवेक जौहरी की नियुक्ति पिछले साल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुई थी। उनकी नियुक्ति दो साल के लिए की गई थी। जौहरी का रिटायरमेंट पिछले साल सितंबर में था लेकिन दो साल के लिए नियुक्ति की वजह से अब वे मार्च में रिटायर होंगे। जौहरी की नियुक्ति के कुछ दिन बाद ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार गिर गई थी। लेकिन जौहरी की कार्यप्रणाली को देखते हुए भाजपा सरकार ने उन्हीं को डीजीपी रखने का निर्णय लिया था।
मार्च में जौहरी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है ऐसे में राज्य सरकार को नए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया दिसंबर माह में ही शुरु करना होगा। राज्य सरकार वरिष्ठता के आधार पर तीन आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल तय करके दिसंबर में संघ लोक सेवा आयोग को भेजेगी। दिल्ली से इसमें से एक अधिकारी का नाम फाइनल किया जाएगा। उसके बाद राज्य सकार मध्यप्रदेश में नये डीजीपी की नियुक्ति के आदेश जारी कर पाएगी। मौजूदा परिस्थतियों और वरिष्ठता के आधार पर वर्तमान में दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर तैनात सुधीर सक्सेना और सीनियर आईपीएस अधिकारी डीजी होमगार्ड्स पवन जैन में से एक अधिकारी को प्रदेश का अगला पुलिस महानिदेशक बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पुलिस महानिदेशक बनने वाले अधिकारी का कार्यकाल कम से कम छह माह शेष होना जरुरी है। जबकि इनकी नियुक्ति दो साल के लिए की जा सकती है।
स्पेशल NDPS Court का आर्यन, अरबाज और मुनमुन को Bail से इनकार
मुंबई : स्पेशल NDPS कोर्ट ने शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) समेत अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धामेचा को जमानत (Bail) देने से इनकार कर दिया। NCB ने कहा कि अभी Aryan से कुछ और जानकारियां लेना है। इस मामले में आज फैसले का ऑपरेटिव हिस्सा ही सामने रखा। डिटेल आना अभी बाकी है। 14 October को इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस पाटिल ने कहा था कि वे 20 अक्टूबर को व्यस्त हैं, लेकिन वे कोशिश करेंगे कि Aryan की Bail पर सुनवाई कर पाएं। 3 अक्टूबर को क्रूज़ से गिरफ्तार हुए शाहरुख़ के बेटे आर्यन 8 अक्टूबर से मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। Jail में आर्यन को कैदी नंबर 956 का बैच मिला है। उनकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत भी 21 अक्टूबर को समाप्त हो रही है।
आर्यन की जमानत का विरोध करते हुए NCB के वकील अनिल सिंह ने कहा था कि रिकॉर्ड और सबूतों से पता चलता है कि Aryan कुछ वर्ष से ड्रग्स का नियमित सेवन कर रहा है। ASG ने कहा कि आर्यन काफी प्रभावशाली हैं और जमानत पर रिहा होने पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उनके कानून से भागने की आशंका है। अनिल सिंह ने यह भी कहा कि ठोस सबूत के आधार पर आर्यन और उनके दोस्त अरबाज की गिरफ्तारी हुई है। Drug रैकेट के विदेशी लिंक की जांच भी होना है। ये बड़ी साजिश है जिसकी जांच होनी जरूरी है। Aryan और Arbaaz ड्रग्स लेते थे, इसलिए इन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए। NCB ने कोर्ट में वॉट्सऐप चैट भी रखी और दावा किया कि इस चैट की जांच से पता चला है कि ड्रग्स मामले में Aryan Khan की भूमिका रही है।
आर्यन की Bail में अड़चन
NCB के हाथ लगे आर्यन के कुछ चैट में वे एक उभरती हुई एक्ट्रेस संग Drug को लेकर चैट करते पकडे गए हैं। 14 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान NCB ने इसे सबूत के रूप में अदालत के सामने पेश किया था। कहा जा रहा है कि यह एक्ट्रेस क्रूज पर मौजूद थी। शुरू में NCB ने इसे जाने दिया था, पर आने वाले समय में इस एक्ट्रेस से भी NCB पूछताछ कर सकती है। एक्ट्रेस के साथ आर्यन की यह बातचीत उनकी जमानत में बड़ी अड़चन डाल सकती है।
141 साल बाद श्रीलंका से भारत आएगा भगवान बुद्ध का धातु अवशेष
कुशीनगर । कुशीनगर इंस्टरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह के दिन तथागत भगवान बुद्ध का धातु अवशेष (अस्थि अवशेष) 141 साल बाद श्रीलंका से भारत आएगा। श्रीलंका से आ रहे बौद्ध भिक्षु अपने साथ भगवान बुद्ध का धातु लेकर आएंगे,इस पहले कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रखा जाएगा।इसके बाद भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष को बुद्ध के महापरिनिर्वाण मंदिर लाया जाएगा, जहां विशेष पूजा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस विशेष पूजा में शामिल होने वाले है।
ब्रिटिश शासनकाल के दौरान 1880 में भगवान बुद्ध का अस्थि अवशेष भारत से श्रीलंका ले जाया गया था। बौद्ध धर्म में बुद्ध के धातु अवशेष का बड़ा महत्व है, जहां इस रखा जाता है, वह स्थल धार्मिक रूप से बहुत पवित्र होता है। भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण (भौतिक शरीर का परित्याग) करने के बाद उनके धातु अवशेष के बंटवारे को लेकर सात गणराज्यों में युद्ध की स्थिति बन गई थी।सात गणराज्य भगवान बुद्ध के धातु पर अपना अधिकार जताकर अपनी सेनाओं के साथ कुशीनारा (वर्तमान कुशीनगर) पहुंच गए थे। युद्ध की स्थिति को टालते हुए बुद्ध के शिष्य द्रोण ने शांति और अहिंसा की बात करते हुए धातु अवशेष को सात भागों में बांटते हुए गणराज्यों को दे दिया था।
बाद में भगवान बुद्ध के अवशेषों को दुनिया के कई भागों में ले जाया गया था।बौद्ध धर्म में धातु अवशेष का बहुत महत्व है।मूर्ति पूजा से पहले धातु की ही पूजा की जाती थी।बौद्ध धर्म को दुनिया में फैलाने वाले सम्राट अशोक ने 80 हजार से अधिक स्तूप बनवाया था और सभी में धातु अवशेष रखवाया था।इसकारण अशोक द्वारा बनवाए गए स्तूपों को बहुत पवित्र माना जाता है।केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की संयुक्त सचिव अमिता प्रसाद ने बताया की कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के पहले विदेशी यात्री बने श्रीलंका के प्रतिनिधिमंडल अपने साथ बुद्ध धातु के अवशेष का एक हिस्सा लेकर आएंगे। यह अवशेष सन 1880 में भारत से श्रीलंका गया था।यहां इसकी विशेष पूजा की जाएगी।
साँची दूध के टैंकर अब डिजिटल लॉक
भोपाल : प्रबंध संचालक एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन शमीमुद्दीन ने बताया कि साँची के दूध टैंकरों में दूध की चोरी और पानी मिलाने की घटनाओं को रोकने के लिये प्रदेश के सभी दुग्ध संघों के 155 टेंकरों में डिजिटल लॉक, व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम और पी.एच. सेंसर लगाये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का संभवत: पहला राज्य होगा, जहाँ राज्य दुग्ध संघ द्वारा दूध की उच्च गुणवत्ता बनाये रखने के लिये यह पहल की जा रही है।
प्रबंध संचालक ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिये कि टैंकर अधिकृत व्यक्ति द्वारा निर्धारित स्थान पर ही खोला जा रहा है, दूध टैंकरों में इनलेट और आउटलेट पर उच्च गुणवत्ता के आईपी-68, ईएन-16864, सीईएन-4 सर्टिफाइड मेकट्रॉनिक्स डिजिटल लॉक लगाये जाएंगे। यह लॉक वॉटरप्रूफ होंगे और 20 से 65 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कार्य कर सकेंगे। लॉक्स में 128 बिट इन्क्रिप्शन होगा, जिन्हें ओटीपी आधारित ब्लूटूथ चाबियों से ही खोला जा सकेगा।
छेड़-छाड़ की स्थिति में सक्रिय होगा एलर्ट
टैंकर निगरानी का पूरा कार्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश में 4 स्थानों पर स्थापित नियंत्रण कक्ष द्वारा नियंत्रित किया जाएगा। टैंकरों के संचालन की ट्रेकिंग व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। इससे टैंकर निर्धारित मार्ग से हट नहीं सकेंगे। टेंकर के पूर्व निर्धारित मार्ग से हटने, पूर्व निर्धारित समिति के अतिरिक्त अन्य स्थान पर पर खड़े होने अथवा छेड़-छाड़ किये जाने की स्थिति में संबंधितों को एलर्ट जारी होंगे। पीएच सेंसर से पता लगेगी दूध में मिलावट संबंधित अधिकारी मोबाइल एप के माध्यम से टैंकरों के परिचालन पर निगरानी रखेंगे। पीएच सेंसर के माध्यम से दूध में पानी अथवा किसी भी चीज़ की मिलावट होने पर पता लग जाएगा। उल्लेखनीय है कि साँची प्रदेश का प्रतिष्ठित ब्रांड है, जो गुणवत्ता के लिये कृत संकल्पित है।
CM शिवराजसिंह जोबट में आदिवासी भाइयों के साथ रात गुजारेंगे
Jobat (Aalirajpur) : मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान आज जोबट उपचुनाव में चुनाव प्रचार करने आए थे। लेकिन, वे वहां से वापस नहीं लौट रहे। वे भाबरा के नजदीक कबीरसेज गांव में आदिवासी भारचंद भूरिया के घर रात्रि विश्राम करेंगे। CM का रात्रि भोज भी इस आदिवासी परिवार के साथ उनके घर पर ही होगा। CM आदिवासियों के साथ रात में बैठकर करेंगे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। भारचंद भूरिया की पत्नी की पिछले दिनों कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। CM अपने श्रद्धा सुमन भी ज्ञापित करेंगे। बताया गया कि CM शिवराजसिंह गांव के घर पर खटिया पर ही विश्राम करेंगे।
विश्वविद्यालयों के नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में लगेगा वक्त
विश्वविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में यह देरी ऐसे समय में हो रही है जबकि यूजीसी कोरोना के चलते बुरी तरह लड़खड़ाए शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटा है।
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) सहित सभी शिक्षा बोर्डों ने बारहवीं के नतीजे भले ही 31 जुलाई तक जारी कर दिए थे, देश के ज्यादातर विश्वविद्यालयों में अभी तक नया शैक्षणिक सत्र शुरू नहीं हो सका है। अभी भी इनमें दाखिले की प्रक्रिया ही चल रही है। माना जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। ये भी संकेत मिल रहे हैं कि नए शैक्षणिक सत्र को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) जल्द ही संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
विश्वविद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने में यह देरी ऐसे समय में हो रही है जबकि यूजीसी कोरोना के चलते बुरी तरह लड़खड़ाए शैक्षणिक सत्र को पटरी पर लाने की कोशिशों में जुटा है। यही वजह है कि यूजीसी ने समय रहते ही नए शैक्षणिक सत्र को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिया था। इसमें 30 सितंबर तक दाखिला प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया था। हर हाल में 18 अक्टूबर से नए सत्र की पढ़ाई शुरू करने और अगले साल एक अगस्त तक इस सत्र को पूरा करने के का निर्देश भी दिया था। बावजूद इसके अभी दिल्ली विश्वविद्यालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित देश के ज्यादातर विश्वविद्यालयों में दाखिले की ही प्रक्रिया चल रही है। इसके पूरा होने में अभी कम से कम 15 दिन और लगेंगे। इलाहाबाद जैसे विश्वविद्यालयों में यह अवधि और भी बढ़ सकती है।
करीब दर्जनभर विश्वविद्यालयों ने यूजीसी से मांगा मार्गदर्शन
वैसे भी नए शैक्षणिक सत्र में हो रही देरी को देखते हुए करीब दर्जनभर विश्वविद्यालयों ने यूजीसी से मार्गदर्शन भी मांगा है, जिसमें शैक्षणिक सत्र की अवधि बढ़ाना भी शामिल है। सूत्रों की मानें तो यूजीसी ने शैक्षणिक सत्र को लेकर जारी गाइडलाइन में संशोधन पर मंथन शुरू कर दिया है। इसे लेकर शिक्षाविदों से राय मांगी गई है। गौरतलब है कि यूजीसी ने नए शैक्षणिक सत्र की यह गाइडलाइन 16 जुलाई को ही जारी की थी। उस समय तक बारहवीं के नतीजे भी जारी नहीं हुए थे।
यूपी चुनाव से पहले प्रियंका गांधी का बड़ा ऐलान
प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं उन लोगों के लिए आवाज बनूंगी जो अपनी बात नहीं कह पाते. यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस ने नया नारा भी दिया, `लड़की हूं लड़ सकती हूं.`
लखनऊ: कांग्रेस (Congress) की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने आज (मंगलवार को) प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा कि आज सत्ता में नफरत को बोलबाला है, उसको बदलना चाहती हूं. इसे महिलाएं बदल सकती हैं. अगर देश को जातिवाद और धर्म की राजनीति से निकाल कर समता की राजनीति की ओर ले जाना है तो महिलाओं को आगे आना पड़ेगा.
प्रियंका गांधी ने किया ये वादा
एक्ट्रेस पूजा बेदी और उनके मंगेतर को हुआ कोरोना
पूजा बेदी ने कोरोना वायरस के चपेट में आ गई हैं, उनके साथ उनके मंगेतर और मेड भी इस वायरस का शिकार हो गए है। पूजा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से उम्मीद व्यक्त करते हुए एक वीडियो शेयर किया है कि उनकी “नेचुरल इमिन्युटी” उन्हें ठीक होने में मदद करेगी। पूजा कोरोनो वायरस वैक्सीन नहीं लेने की अपनी “पसंद” के बारे में हमेशा मुखर थीं। बता दें, पूजा ने अभी तक वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लिया है।
कोविड पॉजिटिव हूं
रविवार को ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो में पूजा ने कहा, “सभी को नमस्कार! मैं सोच रही थी कि मुझे अब तक कोरोना वायरस क्यों नहीं हुआ। यह इतना संक्रामक है और हर कोई इसकी चपेट में आया है। अच्छा, ऐसा लगता है कि मैंने अब इसे पकड़ लिया है। मैं कोविड पॉजिटिव पाई गई हूं। ” फिर उसने खुलासा किया कि पिछले कुछ दिनों से मेरे गले में खराश और खांसी थी। मैंने कुछ दिनों पहले ही अपनी अलमारी की सफाई की थी तो मुझे लगा यह डस्ट एलर्जी है। फिर मुझे बुखार आया। टेस्ट कराया तो पता चला मुझमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं और मैं पॉजिटिव आई हूं।
सभी आवश्यक सावधानी बरत रही हूं
पूजा बेदी ने कहा, “हमें पता होना चाहिए कि वैक्सीन आने से पहले कोरोनो वायरस से पीड़ित 99% लोग बच गए हैं। टीकाकरण के बाद 99% बच गए हैं। हमें सावधानी की जरूरत है, घबराने की नहीं। मैं सभी जरूरी चीजें ताजे फल, स्टीम इनहेलेशन आदि ले रही हूं।
घबराना नहीं है
वीडियो को शेयर करते हुए पूजा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “COVID POSITIVE!!!! आखिरकार मुझे कोविड पॉजिटिव पाया गया है। मैंने कोविड वैक्सीन नहीं लगवाने का डिसीजन लिया है, और यह मेरा पर्सनल डिसीजन है क्योंकि मैं चाहती हूं कि मेरी नैचुरल इम्यूनिटी और वेलनेस प्रैक्टिस मुझे ठीक होने में मदद करें। आप वही करते हैं जो आपके लिए ठीक होता है। हम सबको अपनी सुरक्षा करनी है। घबराना नहीं है।
जेल में बढ़ाई गई आर्यन खान की सुरक्षा, विशेष बैरक में किया गया शिफ्ट
नई दिल्ली, शाह रुख खान के बेटे आर्यन खान फिलहाल मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के साथ उसकी हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। आर्यन की जमानत का आदेश 20 अक्टूबर के लिए सुरक्षित रखा गया है।
जेल अधिकारियों ने आर्यन खान की सुरक्षा बढ़ा दी है। कथित तौर पर, उसे एक विशेष बैरक में ले जाया गया है और अधिकारियों द्वारा उसकी निगरानी की जा रही है। स्टार किड्स भी ड्रग मामले के अन्य आरोपियों से बातचीत और मुलाकात नहीं कर रहे हैं।
आर्यन को जेल की स्थितियों और वहां का खाना रास नहीं आ रहा। पहले कुछ दिनों को आर्यन खान ने सिर्फ बिस्कुट खानकर दिन गुजारे थे। पीने के लिए भी उनके पास सिर्फ कुछ बॉटल ही मिनिरल वॉटर बचे थे। कहा जा रहा था कि आर्यन इसलिए भी कुछ नहीं खा रहे थे ताकि उन्हें जेल के गंदे टॉयलेट में जाना ना पड़ा।
इससे पहले, अधिकारियों ने खुलासा किया कि आर्यन के माता-पिता ने उसे कैंटीन के खर्च के लिए 4500 रुपए का मनी ऑर्डर भेजा था। कथित तौर पर उसके लिए अभी तक किसी भी घरेलू भोजन की अनुमति नहीं दी गई है।
एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने अपनी टीम के साथ हाल ही में आर्यन खान की काउंसलिंग की थी। इस दौरान आर्यन ने उनसे कहा कि जेल से बाहर निकलने के बाद वो गरीबों और कमजोरों की मदद करेंगे। काउंसलिंग सेशन में आर्यन ने ये भी वादा किया कि वो अब कभी कुछ गलत नहीं करेंगे जिसकी वजह से वो चर्चा में आएं। इसके साथ ही आर्यन ने कहा, ‘मैं एक दिन ऐसा कुछ जरूर करूंगा, जिससे आपको मुझ पर गर्व होगा।’





