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मंदसौर विधायक सिसोदिया की पहल पर मुख्यमंत्री ने बैंकों को दिए निर्देश

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मंदसौर : विधायक यशपालसिंह सिसोदिया (MLA Yashpal Singh Sisodia) के पत्र पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश के सभी निजी और सार्वजनिक बैंकों को निर्देश जारी किए हैं कि बैंक पासबुक में खाता क्रमांक और आईएफएससी कोड को स्पष्ट और बड़े अक्षरों में दर्ज किया जाए। प्रदेश की सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र, सहकारी, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों एवं स्मॉल फाइनेंस बैंक द्वारा पासबुक में खाता क्रमांक (Account Number in Passbook) और आईएफएससी कोड (IFSC Code) छोटे और अस्पष्ट लिखे पाए जाने के कारण शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं (Beneficiary Oriented Schemes) की राशि हितग्राहियों (Beneficiaries) के खातों तक पहुंच नहीं पा रहीं। ऐसे में हितग्राही राशि का इंतजार ही करता रह जाता। इसके अलावा सामान्य बैंकिंग कामकाज के साथ खातेदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसे देखते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा याचिका समिति सभापति एवं विधायक यशपालसिंह सिसोदिया (Yashpal Singh Sisodia) ने पहल की। वे ये मामला मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के संज्ञान में लाए। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी (Principal Secretary Manish Rastogi) द्वारा जारी पत्र के अनुसार मध्यप्रदेश संचालनालय संस्थागत वित्त भोपाल के सह आयुक्त भास्कर लक्षकार (Co-Commissioner Bhaskar Lakshkar) ने 25 अक्टूबर को इसे अति महत्वपूर्ण विषय मानकर समस्त सार्वजनिक, निजी, सहकारी व स्मॉल बैंकों को निर्देशित किया है कि बैंक पासबुक में खाता क्रमांक, आईएफएससी (IFSC Code) स्पष्ट और बड़े फॉन्ट में अंकित किए जाएं। साथ ही गत समय में कई सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों का विलय हुआ है, उन बैंकों के खातेदारों को अद्यतन नई पासबुक एवं चेकबुक जारी हों, जिससे सभी बैंकों केहितग्राहियों के खातों में राशि अंतरण आसान हो सके।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित होने वाले हितग्राहियों की राशि गलत बैंक खातों में ट्रांसफर हो रहीं है या हितग्राही के खातों में न जाते हुए ट्रांजेक्शन असफल हो जाते हैं। इससे चालान दुरस्ती के बाद एक से दो माह पश्चात हितग्राहियों के खातों में राशि पहुंचती है। बड़ी राशि बैंक खातों में ही पड़ी रह जाती है, जिससे हितग्राहियों को राशि प्राप्ति के लिए अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ रहा है।

इन सब समस्याओं का मुख्य कारण बैंक पासबुक में खाते नंबर और आईएफएससी कोड़ अत्यन्त सूक्ष्म और हलके होना है। विधायक ने पत्र में यह भी अवगत कराया कि गत दिनों लगभग दस बैंकों का अन्य बैंकों में विलय हुआ है। इससे हितग्राही जानकारी के अभाव में अपने IFSC कोड़ पुरानी बैंक के ही जानकारी में दे रहे हैं, जबकि उनकी पासबुक नई बैंक की होनी चाहिए। विधायक ने इस निर्णय की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का आभार माना है।

चन्नी ने AG का इस्तीफा मंजूर, DGP भी बदलने की तैयारी

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नई दिल्ली : पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार ने राज्य के महाधिवक्ता अमर प्रीत सिंह देओल का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। महाधिवक्ता के इस्तीफे के बाद अब पुलिस महानिदेशक को भी बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। बता दें कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने देओल की नियुक्ति का पुरजोर तरीके से विरोध किया था। जिसके देओल ने 1 नवंबर को इस्तीफा दे दिया था। जिसे अब मंजूरी किया गया है। पंजाब सरकार ने 27 सितंबर को देओल को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्त किया था।

सरकारी नियुक्तियों को लेकर पंजाब पीसीसी चीफ नवजोत सिंह सिद्धू और सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के बीच शुरू से ही तनातनी चल रही है। कई बार सार्वजनिक तौर सिद्ध प्रदेश सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। यही विवाद कांग्रेस पार्टी के लिए सिरदर्द बना हुआ है। सिद्धू अपनी सरकार और पार्टी को निशाने पर लेने का कोई मौका नहीं छोड़ते।

इस बीच सोमवार को पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने सोमवार को मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ बैठक की थी। यह बैठक ठीक उस वक्त बुलाई गई थी जब कुछ घंटे पहले 2015 कोटकपूरा पुलिस फायरिंग की घटना की जांच को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी और प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए थे।

मुख्यमंत्री ने ऑनलइन समाधान मे 11 लंबित प्रकरणों का निराकरण(solution) करवाया

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भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि समाधान ऑनलाइन (Samadhan Online), सीएम हेल्पलाइन (CM Help Line) और जनसुनवाई (Jansunwai) जैसे माध्यमों का उपयोग नागरिकों की समस्याओं के निराकरण में किया जाए।

CM ने आज के प्रकरणों में कई कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की। मुख्यमंत्री ने कहा शिकायतकर्ता के आवेदन को बिना निराकरण के प्रकरण बंद करने वाले (Forcefully Close) अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं के 11 लंबित प्रकरणों का निराकरण करवाया। इन जिलों में भोपाल, इंदौर, दतिया, निवाड़ी, डिंडोरी, दमोह आदि शामिल हैं।

Samadhan Online
मुख्यमंत्री ने आज समाधान ऑनलाइन (Samadhan Online) में कुछ प्रकरणों में दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की। शिवपुरी जिले आवेदक बालकृष्ण को जनकल्याण योजना की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान न करने और विलंब के दोषी जनपद पंचायत करैरा के लेखापाल रामचरण कुशवाहा, सुरेश गुप्ता, शाखा प्रभारी केके गुप्ता, सहायक विस्तार अधिकारी बलवंत सिंह कदम और तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनीषा चतुर्वेदी को कारण बताओ नोटिस दिए।

मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर (Madhya Pradesh University of Medical Sciences Jabalpur) के आवेदक संजय कुमार साकेत को समय पर मार्कशीट प्राप्त न होने पर विश्वविद्यालय के अधिकारी डॉ बीबी सिंह और डॉ वृंदा सक्सेना को कारण बताओ नोटिस दिए गए।

CM के निर्देश पर इंदौर के आवेदक सूरज को गृह निर्माण मंडल (Housing Board) के भूखंड मिलने में विलंब के प्रकरण में कार्यपालन यंत्री मनोज शेवाले, सहायक यंत्री संजय कुमार जैन को कारण बताओ नोटिस जारी किए।

टीकमगढ़ जिले के आवेदक ओम प्रकाश केवट के प्रकरण में जनपद पंचायत द्वारा BPL Card की पात्रता पर्ची में सदस्यों के नाम न जोड़े जाने के दोषी ग्राम पंचायत सचिव अरविंद खंगार को निलंबित करने के निर्देश दिए।

CM ने दमोह जिले के आवेदक नरेंद्र पाल लोधी के प्रकरण में परिवार सदस्य को प्रसूति सहायता राशि (Maternity Aid Amount) न मिलने पर विकास खंड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक और लेखा प्रबंधक की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

Samadhan Online
सभी कलेक्टर प्रयास करें

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समाधान ऑनलाइन, सीएम हेल्पलाइन और जन सुनवाई आम जनता की सहायता के लिए एक किस्म का पैकेज है।

जब इन माध्यमों की शुरुआत की गई तो निराकरण का प्रतिशत कम होता था। कोरोना काल में भी इस तरह के आवेदनों के निराकरण में कमी आई थी। लेकिन, अब स्थितियां सामान्य होते ही इस गति को बढ़ाना है।

CM ने कहा कि सभी कलेक्टर इसके लिए प्रयासरत रहें और आवश्यक समन्वय कर विभागों में आए नागरिकों के आवेदन पत्रों का निराकरण, प्राथमिकता और तत्परता से किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं को हल करने में जिन जिलों ने इन माध्यमों का उपयोग करते हुए अच्छा कार्य किया है, उन्हें मुख्यमंत्री ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं आगामी माह जिलों के परफॉर्मेंस की समीक्षा (Performance Review) करूंगा। इस एक माह में प्रत्येक जिला अपना परफॉर्मेंस बेहतर बनाने का प्रयास करे। जो जिले नागरिकों की समस्याओं के समाधान के कार्य में बहुत पिछड़े हैं, वहां अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने आज मंत्रालय से ‘समाधान ऑनलाइन’ के अंतर्गत प्रदेश के नागरिकों की समस्याओं के समाधान को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश भी दिए। समाधान ऑनलाइन के अवसर पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी ,अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार ,आयुक्त जनसंपर्क सुदाम खाडे भी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री ने प्रमुख निर्देश भी दिए जो इस प्रकार हैं।

* बैंकों में लंबित प्रकरण स्वीकृत हों!

* वित्त विभाग भी समन्वय करे।

* शासकीय योजनाओं में ऋण मंजूरी में विलंब न हो।

* राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की आगामी बैठक में यह मुद्दा भी एजेंडा में शामिल हो, ताकि ऋण प्रकरण स्वीकृत होने में देर न हो।

* जनता की समस्याओं के समाधान का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता हो। * निश्चित समय सीमा में कार्य हो।

* राजस्व प्रकरण भी लंबित न हों, प्रत्येक स्तर पर हो।

* सत्यापन प्रक्रिया ऐसी हो कि नागरिकों को दिक्कत न हो।

* लोगों की समस्याओं सुलझाने में विलंब के दोषी अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही हो।

* आवश्यकता अनुसार आवेदकों को विधिक सहायता भी दिलवाई जाए।

* आवेदक को संतुष्टि अवश्य हो, इसे सभी विभाग सुनिश्चित करें।

* दोष सिद्ध होने पर निलंबन, वेतन वृद्धि रोकने और कारण बताओ नोटिस की कार्यवाही की जाए।

विराट कोहली ने एमएस धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी की

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नई दिल्ली : विराट कोहली ने नामीबिया के खिलाफ टी-20 वर्ल्ड कप में खेले गए मुकाबले में एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। नामीबिया के खिलाफ विराट कोहली ने बतौर कप्तान 50 वां टी-20 इंटरनेशनल मैच खेला। इसी के साथ उन्होंने धोनी के खास रिकॉर्ड की बराबरी की। वो धोनी के बाद बतौर टीम कप्तान टीम इंडिया के लिए 50 टी-20 खेलने वाले दूसरे वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इतना ही नहीं वो धोनी के बाद टीम इंडिया के ऐसे दूसरे खिलाड़ी हैं, जिसने भारत की तरफ से  50 टेस्ट, वनडे और टी-20 इंटरनेशनल में भारत की कप्तानी की है।  विराट कोहली ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वो टी-20 वर्ल्ड कप के बाद टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ देंगे। हालांकि वो  वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में भारत के कप्तान बने रहेंगे। कोहली ने टॉस के बाद संकेत दिए कि रोहित शर्मा टी-20 की कप्तानी संभाल सकते हैं। विराट ने टॉस के बाद कहा कि मेरे लिए टीम को लीड करना सम्मान की बात है। मुझे मौका दिया गया और मैंने अपना बेस्ट देने की कोशिश की। लेकिन यह दूसरों के लिए जगह बनाने और आगे बढ़ने के बारे में है। टीम ने जिस तरह से खेला है, उस पर मुझे बहुत गर्व है। अब मुझे लगता है कि इस टीम को आगे बढ़ाने के लिए दूसरों को जिम्मेदारी देने का समय आ गया है। जाहिर तौर पर रोहित यहां हैं और वह कुछ समय से चीजों को देख रहे हैं।

विराट ने भारत की 50 टी-20 मैचों में कप्तानी की है। इसमें से उन्हें 30 मैचों में जीत मिली जबकि 16 मैचों में हार मिली।  दो मैच टाई रहे जबकि दो मुकाबले बिना किसी नतीजे के ही खत्म हुए। कप्तान के तौर पर कोहली ने  50 मैचों में 1570 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 13 फिफ्टी जड़ी। टी-20 में भारत की तरफ से सर्वाधिक 72 मैचों में धोनी ने कप्तानी की है। इसमें से उन्होंने 41 जीते और 28 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। आज के मैच की बात करें तो भारत ने नामीबिया को 9 विकेट से हरा दिया। नामीबिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में  8 विकेट के नुकसान पर 132 रन बनाए। इस लक्ष्य को टीम इंडिया ने 15.2 ओवर में  एक विकेट खोकर हासिल कर लिया।  भारत की तरफ से रोहित शर्मा ने 56 रन और केएल राहुल ने नाबाद 54 रन बनाए।

‘नोटबंदी सफल हुई तो आतंकवाद पर चोट क्यों नहीं हुई’- प्रियंका गांधी

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नोटबंदी के पांच साल पूरे होने पर लेफ्ट पार्टियो ने भी केंद्र को आड़े हाथों लिया। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया कि इस कदम के चलते भारत में अनौपचारिक क्षेत्र लगभग खत्म हो गया।

नई दिल्‍ली : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को नोटबंदी के पांच साल पूरे होने के मौके पर केंद्र सरकार पर जबरदस्त जुबानी हमला बोला। प्रियंका ने सवाल किया कि अगर यह कदम सफल था तो फिर भ्रष्टाचार खत्म क्यों नहीं हुआ और आतंकवाद पर चोट क्यों नहीं पहुंची।

प्रियंका ने अपने ट्वीट में लिखा, “अगर नोटबंदी सफल थी तो भ्रष्टाचार खत्म क्यों नहीं हुआ ? कालाधन वापस क्यों नहीं आया ? अर्थव्यवस्था कैशलेस क्यों नहीं हुई ? आतंकवाद पर चोट क्यों नहीं हुई ? महंगाई पर अंकुश क्यों नहीं लगा ?’’

पीएम मोदी ने आठ नवंबर 2016 को राष्ट्र के नाम संबोधन में नोटबंदी का एलान किया था। इसके तहत 1000 और 500 रुपये के नोट चलन से बाहर हो गए थे। फिर 2000 और 500 रुपये नए नोट जारी किए गए थे।

वाम दलों ने भी साधा केंद्र पर निशाना

इससे पहले वाम दलों ने अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा और इसके लिए केंद्र की विमुद्रीकरण नीति को जिम्मेदार करार दिया। सरकार के इस कदम पर सवाल उठाते हुए सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया कि इसने अनौपचारिक क्षेत्र को खत्म कर दिया।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अर्थव्यवस्था पीछे की ओर चल रही है, इससे गरीबों को नुकसान हुआ है। अनौपचारिक क्षेत्र का क्षय हुआ है। कोई काला धन बरामद नहीं हुआ, लेकिन इससे अमीर और अमीर हो गए। अर्थव्यवस्था में नकदी अब तक में सबसे अधिक है। इस सरकार को केवल एक व्यक्ति की सनक के लिये भारत को नीचे की ओर धकेलने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए ।

इसके अलावा सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने भी नोटबंदी को लेकर सरकार की आलोचना की।  विश्वम ने ट्वीट में कहा, ‘‘नवंबर 2016 में 17.97 लाख करोड़ रुपये की मुद्रा चलन में थी। अक्टूबर 2021 में यह आंकड़ा 28.30 लाख करोड़ था । पांच साल में करेंसी में 57% की वृद्धि । देश में काला धन 300 लाख करोड़। नोटबंदी एक आपदा थी । प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए।’’

‘बेटा राजनाति में नहीं चला इसलिए अब बेटी को लाए हैं’ – साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने गांधी परिवार पर निशाना साधा है  और कहा है कि परिवार का एक व्यक्ति राजनीति में चल नहीं पा रहा इसलिए अब पुत्री को भी ले आए हैं जो नाटक नौटंकी में लगी हुई हैं.  सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने यह बयान भोपाल में वाल्मीकि समाज के परिचय सम्मेलन के दौरान दिया.

मंच से लोगों को संबोधित करते हुए सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि ‘एक परिवार अभी हमें यूपी में देखने को मिला कि हमारे वाल्मीकि समाज के लिए उन्हे बड़ी पीड़ा हो गई. उस पीड़ा का और कोई कारण नहीं था. एक व्यक्ति जो राजनीति में चल नहीं पा रहा, तो उन्होने एक और प्रयास किया कि कांग्रेस में और कोई नेता तो बचा ही नहीं है. सिर्फ एक परिवार है जो कांग्रेस का नेतृत्व कर सकता है तो उन्होंने अपनी पुत्री को भी ला दिया जो कभी नाटक नौटंकी कर के कभी मंदिरो में जाती है तो कभी मस्जिद में जाती है कभी ईसाई बन जाती है.

लेकिन जब उनको वोट का ध्यान आता है तो दिखावा करने में भी यह पीछे नहीं हटते. मैं कहती हूं  कि सत्य जीवन क्यों नहीं जीते हो? इतने सालों के शासनकाल में क्यों उनको दलित किया गया, क्यों उनको उनके अधिकार नहीं दिए गए? अब मोदी जी की सरकार आ गई तो उन्हे तकलीफ होने लगी. महर्षि वाल्मीकि जी हमारे भगवान हैं, लेकिन उन्होंने (कांग्रेस ने) कभी भगवान नहीं माना. अगर माना होता तो उन्हें आज दिखावा करने की ज़रूरत नहीं होती.

गुरूर को छोड़िए और थरूर पर आइए – नरोत्तम मिश्रा का प्रियंका पर तंज

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मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सोमवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा हैं। नोटबंदी को लेकर प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। इसके जवाब में मिश्रा बोले- राहुल जी और प्रियंका जी से मैं कहता हूं, गुरूर को छोड़िए, शशि थरूर पर आइए। प्रियंका को नोटबंदी पर ट्वीट करने से पहले एक बार भ्रष्टाचार, कालेधन और आतंकी घटनाओं की संख्या का अध्ययन कर लेना चाहिए। प्रियंका और राहुल गांधी दोनों सिर्फ अपने ट्वीट से देश को गुमराह करने का काम करते हैं। मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कभी कश्मीर को लेकर कभी ट्वीट नहीं करते। सिर्फ घटना होने का इंतजार करते हैं। घटना होते ही ट्वीट कर देते हैं।

कांग्रेस के रिव्यू में जय कमलनाथ ही निकलेगा

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने उपचुनावों में मिली हार पर 9 नवंबर को बैठक बुलाई है। इसमें उम्मीदवारों और चुनाव प्रभारियों से फीडबैक लिया जाएगा। इस पर मिश्रा ने कहा कि परिस्थितियों का मंथन करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री, तथाकथित भावी मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सब कुछ कमलनाथ ही तो हैं। वे पूर्व सांसद हैं, पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। उन्होंने ही टिकट दिया, उन्हीं के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया। अंतर्मुखी होकर आत्ममंथन करेंगे तो हर जगह पर खुद को ही पाएंगे। कमलनाथ जो मंथन कर रहे हैं, उससे एक ही शब्द निकलेगा – जय जय कमलनाथ।

ग्वालियर के धर्मपुरा में लोगों ने 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश लाखन गडरिया को पीट-पीटकर मार डाला

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ग्वालियर के गिजौरा स्थित धर्मपुरा गांव में ग्रामीणों ने 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश लाखन गडरिया की पीट-पीटकर जान ले ली। सूत्रों के मुताबिक लखन बघेल का साथी भी इस दौरान मारा गया है। गडरिया का शव गांव में पड़ा हुआ है। घटना सुबह 11:30 बजे की बताई जाती है। बताया जाता है कि लाखन गडरिया लूट के मामले में भी वांटेड था। ग्रामीणों से किसी बात को लेकर झड़प हो गई थी। गोलीबारी चलने की भी सूचना है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

 

रवि शास्‍त्री और विराट कोहली युग का आज अंतिम मैच

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यूएई में खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप में सोमवार को भारत का मुकाबला नामीबिया से है। इस विश्व कप में यह भारत का आखिरी मैच है, क्योंकि टीम पहले ही सेमीफाइन की दौड़ से बाहर हो गई है। इसके साथ ही बतौर कप्तान और बतौर कोच, विराट कोहली और रवि शास्त्री की जोड़ी का भी यह आखिरी मैच है। हेड कोच के रूप में रवि शास्त्री का कार्यकाल खत्म हो चुका है, वहीं विराट कोहली कप्तानी से इस्तीफा देने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में टीम इंडिया जीत के साथ शास्त्री-कोहली दौर का अंत करना चाहेगी।

विश्व कप से बाहर होने के बाद BCCI से आया यह व्हाट्सऐप मैसेज: भारतीय टीम और करोड़ों फैन्स को उम्मीद थी कि यदि अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर लेती है तो टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। रविवार शाम करीब 6.30 बजे न्यूजीलैंड ने विजयी रन बनाया। इसके तत्काल बाद बीसीसीआई के ऑफिशियल व्हाट्सऐप ग्रुप पर पत्रकारों को मैसेज भेजा गया कि रविवार शाम होने वाला ऑप्शनल प्रैक्टिस सेशन रद्द कर दिया गया है। ड्रेसिंग रूप में खिलाड़ियों के चेहरे पर भी लटके नजर आए। 2012 के बाद यह पहला मौका है जब टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भी नहीं पहुंच पाई है।

AFG vs NZ मैच पर थी भारतीय खिलाड़ियों की नजर: अफगानिस्तान बनाम न्यूजीलैंड मैच पर टीम इंडिया के हर खिलाड़ी की नजर थी। हालांकि टीवी पर नजरें गढ़ाए बैठे खिलाड़ियों को पहले 20 ओवर बाद ही पता चला गया था कि एक मैच बाद उनको अपने बैग पैक कर घर रवाना होना होगा।

राष्ट्रपति ने 110 विभूतियों को पद्म अवॉर्ड से किया सम्मानित

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नई दिल्ली । इस साल देश के करीब 119 विभूतियों को पद्म अवॉर्ड से सम्मानित किया जा रहा है। आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन विभूतियों को सम्मानित किया। इनमें से कई हस्तियों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक 7 हस्तियों को पद्म विभूषण, 10 हस्तियों को पद्म भूषण और 102 शख्सियतों को पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। आज सम्मानित किए जाने वाले लोगों में 29 महिलाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा 16 ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें मरणोपरांत पद्म सम्मान दिया गया है।

सुषमा स्वराज को मरणोपरांत पद्म विभूषण सम्मान

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की तेजतर्रर नेता सुषमा स्वराज को मरणोपरांत पद्म विभूषण अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। सुषमा स्वराज का 6 अगस्त 2019 को निधन हो गया था। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी के दिवंगत नेता राम विलास पासवान को भी पद्म अवॉर्ड से दिया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया, उनकी पत्नी संगीता जेटली को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अवार्ड सौंपा।