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Lata Mangeshkar को याद कर भावुक हुए पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी चुनाव को लेकर वर्चुअल रैली को संबोधित किया। यूं तो यह चुनावी कार्यक्रम था, लेकिन लता मंगेशकर छाई रहीं। पीएम मोदी ने लता मंगेशकर को याद किया और भावुक भी हुए। पीएम ने कहा, आज हम सभी के लिए बहुत ही दुःखद खबर आई है। हमारी लता दीदी आज हमें छोड़कर चली गई हैं, परमात्मा में विलीन हो गई है। कल ही वसंत पंचमी का पर्व था, मां शारदा की हम आराधना कर रहे थे। जिनके कंठ से मां सरस्वती का आशीर्वाद छोटे बड़े हर किसी को मिलता था, वो लता दी ब्रह्मलोक की यात्रा पर चली गई। उनके व्यक्तित्व का विस्तार सिर्फ गानों की संख्या पर सीमित नहीं था।

पीएम मोदी ने कहा, मेरे जैसे अनेकों लोग हैं जो गर्व से कहेंगे कि लता दीदी के साथ उनका निकट संबंध था। जीवन के हर क्षेत्र के लोग हमें लता दीदी के प्रति अपना स्नेह जताते हुए हर पल मिलेंगे। इससे पता चलता है कि लता दीदी के व्यक्तित्व की विशालता कितनी बड़ी थी। आज हम सब दुखी हैं, पूरा देश दुखी है। लता जी जैसी आत्माएं मानवता को सदियों में कभी कभार वरदान की तरह मिलती है। आज हम सब दुःखी हैं, पूरा देश दुःखी है। लता जी जैसी आत्माएं मानवता को सदियों में कभी कभार वरदान की तरह आती हैं। भारत की जो पहचान उन्होंने बनाई, भारत के संगीत को जो स्वर दिया, उससे दुनिया को भारत को देखने का एक नया नजरिया मिला। वो आज भौतिक रूप से हमारे बीच भले ही न हों, लेकिन स्वर और स्नेह के रूप में वो हमारे बीच हमेशा उपस्थित रहेंगी। उनकी मधुर आवाज हमारे साथ हमेशा रहेगी। मैं भारी मन से लता जी को श्रद्धांजलि देता हूं।

वहीं मथुरा, आगरा और बुलंदशहर के मतदाताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, राजनीति में आप सभी माहौल का पता लगा लेते हैं। जब यहां के प्रत्याशी सुरेश चौहान का नाम लिया गया और जो आप सभी की जोरदार तालियां बजी उसने ये बता दिया है कि आपने भरपूर आशीर्वाद देने का मन बना लिया है। UP भारत का दिल है, धड़कन है। यूपी ने हमेशा देश को दिशा दिखाई है। और आज फिर यूपी देश को नया रास्ता दिखा रहा है। यूपी के लोगों ने दो टूक कह दिया है कि धन-दौलत, बाहुबल, जातिवाद, संप्रदायवाद के दम पर भले कुछ लोग कितनी ही राजनीति कर लें लेकिन वो जनता का प्यार नही पा सकते। जनता का आशीर्वाद तो उसे ही मिलेगा जो सेवा भावना से सेवक बनकर यूपी के लोगों की सेवा करेगा, यूपी के लोगों का विकास करेगा।

भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन ; प्रभु कुंज की आभा हुई गुम

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मुंबई / रविवार सुबह भारत ने अपना सबसे अमूल्य रत्न खो दिया। कोरोना की कर्कश आवाज भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर को लील गई। आज उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली। 92 साल की लता जी की 8 जनवरी को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके भर्ती होने की खबर भी 2 दिन बाद 10 जनवरी को सामने आई थी। उन्होंने कोरोना और निमोनिया दोनों से 29 दिन तक एक साथ जंग लड़ी।

उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल के ICU रखा गया था। लंबे समय से लता ताई का इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समधानी की देखरेख में ही डॉक्टर्स की टीम उनका इलाज कर रही थी। इलाज के दौरान उनकी हेल्थ में सुधार भी देखा जा रहा था। उन्हें लगातार ऑब्जर्वेशन में रखा गया। करीब 5 दिन पहले उनकी सेहत में सुधार होना भी शुरू हो गया था। ऑक्सीजन निकाल दी गई थी लेकिन ICU में ही रखा गया।

स्वर कोकिला, दीदी और ताई जैसे नामों से लोकप्रिय लता जी के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। फैंस उनके ठीक होने की दुआएं कर रहे थे, लेकिन आज इस बुरी खबर से करोड़ों संगीत प्रेमियों का दिल टूट गया। सैंकड़ों कालजयी गानों को अपनी आवाज देने वाली लता जी आज अनंत यात्रा पर चली गईं।

घर के नौकर के पॉजिटिव आने के बाद आईं कोरोना की चपेट में
लता जी लगभग दो साल से घर से नहीं निकली थीं। वे कभी-कभी सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के लिए संदेश देती थीं। बढ़ती उम्र और गिरती सेहत के कारण वे अपने कमरे में ही ज्यादा समय गुजारती थीं। उनके घर के एक स्टॉफ मेंबर की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उनका टेस्ट कराया गया था। 8 जनवरी को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।

संगीत की दुनिया के 8 सुरमयी दशक

92 साल की लता जी ने 36 भाषाओं में 50 हजार गाने गाए, जो किसी भी गायक के लिए एक रिकॉर्ड है। करीब 1000 से ज्यादा फिल्मों में उन्होंने अपनी आवाज दी। 1960 से 2000 तक एक दौर था, जब लता मंगेशकर की आवाज के बिना फिल्में अधूरी मानी जाती थीं। उनकी आवाज गानों के हिट होने की गारंटी हुआ करती थी। सन 2000 के बाद से उन्होंने फिल्मों में गाना कम कर दिया और कुछ चुनिंदा फिल्मों में ही गाने गाए। उनका आखिरी गाना 2015 में आई फिल्म डुन्नो वाय में था।

करीब 80 साल से संगीत की दुनिया में सक्रिय लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्य प्रदेश के ही इंदौर में हुआ था। 13 साल की छोटी उम्र में 1942 से उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। लता जी के पिता पं. दीनानाथ मंगेशकर संगीत की दुनिया और मराठी रंगमंच के जाने पहचाने नाम थे। उन्होंने ही लता जी जो संगीत की शिक्षा दी थी। 5 भाई-बहनों में सबसे बड़ी लता जी की तीन बहनें आशा भोंसले, उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और भाई हृदयनाथ मंगेशकर हैं।

प्रभु कुंज की आभा गुम

लता मंगेशकर अपनी बहन उषा और भाई हृदयनाथ के साथ मुंबई के पेडर रोड स्थित प्रभुकुंज में पहले फ्लोर पर रहती थीं। कई सालों से वे यहां रह रही थीं। बहन आशा भोंसले भी यहां से कुछ दूरी पर ही रहती हैं। सालों तक प्रभाकुंज सोसायटी की सुबह लता मंगेशकर के संगीत के रियाज से ही शुरू होती रहीं। करीब 4 साल से उनका रियाज खराब सेहत के कारण लगभग बंद सा ही था। नवंबर 2019 में भी लता जी को निमोनिया और सांस की तकलीफ के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। जहां वे 28 दिन भर्ती रही थीं। नवंबर 2019 के बाद से उनका घर से निकलना भी लगभग बंद हो चुका था।

2001 में मिला था भारत रत्न

लता मंगेशकर को 2001 में संगीत की दुनिया में उनके योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। इसके पहले भी उन्हें कई सम्मान दिए गए, जिसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और दादा साहेब फाल्के सम्मान भी शामिल हैं। कम ही लोग जानते हैं कि लता जी गायिका के साथ संगीतकार भी थीं और उनका अपना फिल्म प्रोडक्शन भी था, जिसके बैनर तले बनी फिल्म “लेकिन” थी, इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट गायिका का नेशनल अवॉर्ड भी मिला था, 61 साल की उम्र में गाने के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली वे एकमात्र गायिका रहीं। इसके अलावा भी फिल्म “लेकिन” को 5 और नेशनल अवॉर्ड मिले थे।

केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश में तीन शहरों के नाम बदलने को दी मंजूरी

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भोपाल। केंद्र ने मध्य प्रदेश में तीन शहरों के नाम बदलकर नए नाम रखे जाने को अपनी मंजूरी दे दी है। इन शहरों के नाम बदलने की संसंस्तुति मप्र की शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा की गई थी। केंद्र की मंजूरी के बाद होशंगाबाद को अब नर्मदापुरम के नाम से पहचाना जाएगा। नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित होशंगाबाद का नाम मालवा के पहले शासक होशंग शाह के नाम पर रखा गया था। इसी तरह शिवपुरी को कुंडेश्र्वर धाम के नाम से जाना जाएगा।

बाबई में जन्मे थे माखनलाल चतुर्वेदी : प्रसिद्ध पत्रकार और कवि माखनलाल चतुर्वेदी के नाम पर बाबई को माखन नगर के नाम से जाना जाएगा। माखनलाल चतुर्वेदी का जन्म बाबई में ही हुआ था। बाबई होशंगाबाद जिले का हिस्सा है और यह भोपाल से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। अधिकारियों के अनुसार 2021 में शिवराज सिंह चौहान सरकार से प्रस्ताव मिले थे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनापत्ति जरूरी 

रेलवे स्टेशनों, गांवों, कस्बों और शहरों का नाम बदलने के लिए सरकारी दिशानिर्देशों के तहत, राज्य सरकार को केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य है। एनओसी यह सुनिश्चित करती है कि जिले में रेलवे स्टेशन, हाई कोर्ट और विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थानों के नाम भी बदले जाएं। –

दृष्टिबाधित विश्व कप क्रिकेट के मुकाबलों की मेजबानी का तगड़ा दावेदार है मध्य प्रदेश : सोनू गोलकर

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भोपाल। सोनू गोलकर मप्र प्रदेश दृष्टिबाधित टीम के कप्तान और भारतीय टीम के अहम सदस्य है, उन्होंने कहा कि तीसरे विश्वकप की मेजबानी भारत को मिली है, पिछली बार इंदौर को विश्वकप के एक मुकाबले की मेजबानी मिली थी, इस बार इंदौर के अलावा भोपाल भी दावेदार है। हमारी कौशिश होगी की मप्र के इन दोनों शहरों को कम से कम एक-एक मुकाबले खेले जाए। यह टूर्नामेंट नवंबर 2022 में खेला जाएगा।

मप्र टीम के कप्तान व क्रिकेट एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड इन मध्यप्रदेश (सीएबीआई) के सचिव सोनू गोलकर ने बताया कि भारत ने पिछली बार 2017 में विश्वकप जीता था। उस समय इंदौर के होल्कर स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच मुकाबला भी खेला गया था, भारत को जीत मिली थी। सोनू ने कहा कि मप्र ने पिछले माह भारत और बांग्लादेश के बीच टी-20 और वन-डे मैचों की सीरीज भोपाल में खेली गई थी। भोपाल और इंदौर दोनों शहरों में सर्वधुविधायुक्त मैदान है। इसलिए हमें अधिक से अधिक मैचों की मेजबानी का मौका मिल सकता है। हमारी कौशिश है कि भारत के मुकाबले ही मिले। अभी कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। जल्दी ही इसकी घोषण की जाएगी।

सोनू है सीएबीआइ के फाउंडर सदस्य

35 वर्षीय सोनू गोलकर मध्य प्रदेश टीम के कप्तान और भारतीय टीम के अहम खिलाड;ी है, उन्होंने 2012 में बेंगलुरु में अपनी नौकरी छोड़कर मप्र लौटे थे। 2013 में अपने प्रयासों से क्रिकेट एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड इन मध्यप्रदेश की स्थापना में अपना विशेष योगदान दिया था। 2015 में उन्हें भारतीय टीम में पहली बार खेलने का मौका मिला था। भारत ने 2017 में विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य थे। सोनू ने कहा कि भारतीय टीम इस बार भी मजबूत है। सोनू वन-डे और टी 20 में 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके है।

पिछली बार भी 10 और इस बार भी 10 टीमें भाग लेंगी

वर्ल्ड ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन की 23वीं वार्षिक आम बैठक आज 29 जनवरी, 2022 को ऑनलाइन आयोजित की गई और 5 घंटे लंबी बैठक में 10 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। डब्ल्यूबीसी के रेमंड मोक्सली महासचिव ने बैठक का संचालन किया था। इसमें वर्ल्ड ब्लाइंड क्रिकेट के अध्यक्ष सैयद सुल्तान शाह, सीएबीआई के अध्यक्ष डॉ महंतेश किवादासनवर मौजूद थे।

डीफ नेशनल जोन क्रिकेट चैंपियंनशिप भोपाल में 23 मार्च से

भोपाल। केएफसी-3 वन-डे नेशनल जोन क्रिकेट चैंपियंनशिप भोपाल में 23 से 27 मार्च तक आयोजित हो रही है। इंडियन डीफ क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में मध्यांचल क्रिकेट सोसायटी आफ द डीफ व भोपाल डीफ क्रिकेट एसोसिएशन के सहयोग से इस टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। इसमें वेस्ट जोन, नार्थ जोन, साउथ जोन, ईस्ट जोन व सेंट्रल जोन की टीमें भाग ले रही है।

जल जीवन मिशन के लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद कर रहे सीएम शिवराज

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भोपाल । मध्‍य प्रदेश में 46 लाख 11 हजार ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद कर रहे हैं। इसके लिए कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे हाल में चल रहा है । संवाद के लिए उन 16 जिलों के एक-एक ग्राम को चुना गया है, जिनमें जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया गया है।

मुख्‍यमंत्री ने दोपहर तीन बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार पहुंचकर दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर “जल जीवन मिशन” में लाभान्वित ग्रामीण परिवारों से संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राज्य मंत्री – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बृजेंद्र सिंह यादव भी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री भोपाल जिले के बिलखिरिया, सीहोर के सतपिपलिया, देवास के बरखेड़ा कायम, सागर के चकेरी, पन्ना के रायनगर, जबलपुर के नीमखेड़ा, मंडला के भंवरदा, सिवनी के मुनगापार, रीवा के जुड़मुनियां मुरली, नीमच के उम्मेदपुरा, अशोकनगर के सेहराई, छिंदवाड़ा के मऊ, अनूपपुर के हर्राटोला, उज्जैन के रणायरापीर, दमोह के सिमरीशुक्ला और निवाड़ी जिले के बवई ग्राम के लाभार्थियों से संवाद कर रहे है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के लाभार्थियों से संवाद करते हुए पूछा कि घर पर पानी आने से ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी में क्या बदलाव आया है। प्रदेश में चार हजार 44 ग्रामों में हर घर पानी पहुंचाया जा चुका है।

सीएम श्री चौहान से संवाद के दौरान अनूपपुर जिले के ग्राम हर्राटोला जनपद पंचायत से ममता चंद्रवंशी ने बताया कि उनके गांव के हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। इससे पहले उन्हें घर से दूर कुआं या हैंडपंप से पानी लेने जाना पड़ता था।

भोपाल के अचारपुरा इलाके में टाफी फैक्ट्री में आग, फायर ब्रिगेड बुझाने में जुटी

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भोपाल। राजधानी के अचारपुरा इलाके में टॉफी फैक्ट्री में शुक्रवार दोपहर अचानक आग लग गई। इससेे इलाके में हड़कंप मच गया। आग किस वजह से लगी, फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो सका है। सूचना मिलने पर गांधी नगर और फतेहगढ़ समेत अन्य जगहों से दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर भेजी गई। स्थानीय लोग भी आग बुझाने में जुटे हैं। पुलिस बल भी मौके पर पहुंच चुका है।

PM मोदी ने SP पर साधा निशाना, कहा – नकली समाजवादियों से रहें सावधान

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यूपी विधानसभा चुनाव को बीजेपी बहुत गंभीरता से ले रही है। यहां की लड़ाई ना सिर्फ अपने गढ़ को बचाये रखने के लिए है, बल्कि भविष्य के लिए जनता के मूड भांपने का भी मौका है। इसलिए अपने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से चुनाव प्रचार में उतर चुके हैं। पीएम मोदी ने आज जनचौपाल कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच जिले मेरठ, गाजियाबद, अलीगढ़, हापुड़ और नोएडा की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को वर्चुअल रैली के माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे। उन्होंने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी को निशाना बनाया और जनता से फर्जी समाजवादियों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये फर्जी समाजवादी मौके की ताक में बैठे हैं और सत्ता मिलते ही फिर से पुरानी लूट-पाट की व्यवस्था कायम हो जाएगी।

पीएम मोदी के संबोधन की अहम बातें

    • आजादी के बाद यूपी ने अनेक चुनाव देखे हैं, अनेक सरकारें बनती-बिगड़ती देखी हैं। लेकिन ये चुनाव सबसे अलग है। ये चुनाव सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि की पहचान को बनाए रखने के लिए है। ये चुनाव हिस्ट्री शीटर्स को बाहर रखने और नई हिस्ट्री बनाने के लिए है।
    • मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश के लोगों ने ये मन बना लिया है कि दंगाइयों, माफियाओं को पर्दे के पीछे रहकर के प्रदेश की सत्ता हथियाने नहीं देंगे।
    • 5 साल पहले तक ये माफियावादी केंद्र की योजनाओं का लाभ यूपी के गरीब, दलित, पिछड़े तक नहीं पहुंचने देते थे। केंद्र की योजनाओं में उनकी मनमानी नहीं चलती थी, भ्रष्टाचार नहीं चलता था इसलिए ये उन योजनाओं में ब्रेक लगाकर रखते थे।
    • ये मध्यम वर्ग की जेब पर डाका डालकर रियल एस्टेट माफिया को दे देंगे। नोएडा-गाजियाबाद के लोगों से बेहतर इन्हें कौन जानता है? राशन माफिया से लेकर कमीशन माफिया तक, ठेका माफिया से लेकर खनन माफिया तक, नकली समाजवादी, फिर पुराने अवतार में आने के लिए तैयार बैठे हैं।
    • अगर इन्हें मौका मिल गया तो किसानों को मिल रही हज़ारों करोड़ की मदद ये परिवारवादी नकली समाजवादी बंद करा देंगे। किसानों के बैंक अकाउंट में जो MSP का पैसा जा रहा है, ये नकली समाजवादी उसे रोक देंगे। कोरोना काल में जो मुफ्त राशन मिल रहा है, ये नकली समाजवादी आपको भूखा छोड़ेंगे।
    • आज यूपी में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज शत-प्रतिशत लोगों को लग चुकी है. 70% से अधिक लोगों को दूसरी डोज भी लग चुकी है। ये यूपी के लोगों का, उन लोगों को करारा जवाब है, जो अफवाहें फैलाकर वैक्सीन पर question mark लगा देते थे।
    • 2017 से पहले जो सरकार थी, उसने एक्सप्रेसवे के नाम पर कैसी लूट मचाई, ये आप मुझसे ज़्यादा जानते हैं। योगी जी की सरकार में पूर्वांचल और दिल्ली-मेरठ एक्स्प्रेसवे पूरे हो चुके हैं। इन​का विकास कागजी था, ये सिद्ध हो चुका है कि ये समाजवादी भी सिर्फ और सिर्फ परिवारवादी हैं।

टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 96 रनों से हराया, लगातार चौथी बार फाइनल में पहुंची टीम

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इंडिया की अंडर 19 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए U19वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 96 रनों से करारी शिकस्त दी और फाइनल में जगह बना ली है। भारतीय टीम लगातार चौथी बार फाइनल में पहुंची है। वेस्ट इंडीज में एंटिगा के कूलीज क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 290 रन बनाये थे। इसमें कप्तान यश ढुलकी शतकीय पारी और शेख रशीद के शानदार 94 रन शामिल हैं। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 194 रनों पर ही ऑल आउट हो गई और पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई। भारत की ओर विक्की ओस्तवाल ने 3, निशांत सिंधु और रवि कुमार ने 2-2 विकेट हासिल किए। वहीं कौशल तांबे और अंगकृष रघुवंशी ने 1-1 विकेट हासिल किया।

पिछले तीन संस्करणों में यह तीसरा मौक़ा है, जब भारत और ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 विश्व कप के नॉकआउट मैच में आमने-सामने थे। इससे पहले 2018 में पृथ्वी शॉ की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फ़ाइनल में जीत दर्ज की थी। दो साल बाद 2020 में कार्तिक त्यागी और साथी तेज़ गेंदबाज़ों ने क्वार्टर-फ़ाइनल में उन्हें धूल चटाई थी। इस बार सेमीफ़ाइनल में यश ढुल की कप्तानी में टीम इंडिया ने उन्हें करारी मात दी है।

भारत ने अंडर-19 विश्व कप में लगातार 4 सेमीफ़ाइनल मैचों – 2016, 2018, 2020 और 2022 में जीत हासिल की है और फाइनल में जगह बनाई। भारत के नाम अंडर-19 विश्व कप में सबसे ज्यादा बार फाइनल में पहुंचने का रिकॉर्ड है। टीम इंडिया ने कुल 8 बार फाइनल का टिकट हासिल किया है, जबकि अब तक चार बार खिताब जीतने में भी कामयाब रही है। अब फाइनल में टीम इंडिया का सामना इंग्लैंड से होगा।

यूक्रेन पर वोटिंग से अनुपस्थित रहने पर रूस ने भारत समेत इन देशों को कहा धन्यवाद, कहा- अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुके

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संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में यूक्रेन की स्थिति पर बैठक से पहले प्रक्रियागत मतदान में भारत, केन्या और गैबान के अनुपस्थित रहने और चीन को इसके खिलाफ मत देने पर रूस ने धन्यवाद कहा है। संयुक्त राष्ट्र में एक रूसी राजनयिक ने ‘अमेरिकी दबाव के आगे’ न झुकने के लिए चारों देशों को शुक्रिया अदा किया। गौरतलब है कि  भारत ने यूक्रेन सीमा पर ‘तनावपूर्ण हालात’ के मद्देनजर चर्चा के लिए बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में प्रक्रियागत मतदान में हिस्सा नहीं लिया था।

संयुक्त राष्ट्र में रूस के पहले उप स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पालींस्की ने सोमवार को एक ट्वीट में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थामस ग्रीनफील्ड के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा, ‘जैसा कि हमें उम्मीद थी यह एक पीआर स्टंट के अलावा और कुछ नहीं था। यह ‘मेगाफोन डिप्लोमेसी’ का उदाहरण था। इसमें कोई तथ्य नहीं था, केवल आरोप और निराधार दावे थे। अमेरिकी कूटनीति सबसे खराब स्थिति में है। हमारे 4 सहयोगियों चीन, भारत, गैबान और केन्या को धन्यवाद, जो वोटिंग से पहले अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुके।’

थामस ग्रीनफील्ड ने कहा था, ‘रूस की आक्रामकता से न केवल यूक्रेन और यूरोप को खतरा है, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पर इसे जिम्मेदार बनाने का दायित्व है। यदि बलपूर्वक पूर्व साम्राज्यों को अपने क्षेत्र में शामिल कर लिया जाए, तो दुनिया के लिए इसके क्या मायने होंगे? इससे हम एक खतरनाक रास्ते पर जाएंगे । यूएनएससी में इस मुद्दों को लाने का कारण है कि संकट आने से पहले ही उसे रोक दिया जाए। रूस की सद्भावना की परीक्षा है। क्या वे वार्ता करेंगे और तब तक इसपर बने रहेंगे जब तक हम किसी सहमति पर नहीं पहुंच जाते। अगर वे ऐसा करने से इन्कार करते हैं, तो दुनिया को पता चल जाएगा कि क्यों और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।’

अमेरिका राहुल गांधी के “चीन-पाकिस्तान” पर दिए बयान का समर्थन नहीं करेगा

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अमेरिका (US) ने कहा है कि वो भारत की विदेश नीति पर दिए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के बयान का समर्थन नहीं करता. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने राहुल गांधी के बयान पर उठे एक सवाल का जवाब देते हुए यह कहा.राहुल गांधी ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को कई मुद्दों पर घेरते हुए कहा मौजूदा सरकार की घरेलू और विदेश नीति पर सवाल उठाए थे और कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की वजह से “दो भारत” बन गए हैं.
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर निशाना साधते हुए कहा था, “अपने आप से पूछिए कि क्यों आपको गणतंत्र दिवस पर कोई मेहमान नहीं मिल पाया. हम पूरी तरह से अकेले हो गए हैं और घिरे हुए हैं. आपने पाकिस्तान और चीन को साथ ला खड़ा किया है और भारत के लोगों के प्रति इससे बड़ा अपराध आप कर नहीं सकते.”
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस से राहुल गांधी की टिप्पणी पर पाकिस्तान और चीन के संबंधों पर सवाल किया गया था. इसके जवाब में उन्होंने कहा, “हम उस टिप्पणी का समर्थन नहीं करेंगे.”
नेड प्राइस ने आग कहा, ” मैं यह पाकिस्तान और चीन पर छोड़ता हूं कि वो अपने संबंधों पर क्या कहते हैं. मैं लेकिन निश्चित ही इस बयान का समर्थन नहीं करता. नेड प्राइस ने कहा, देशों को अमेरिका और चीन के बीच चुनाव की ज़रूरत नहीं है.”
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा, “अमेरिका की साझेदारी के लिए कई फ़ायदे हैं. पाकिस्तान अमेरिका का “रणनीतिक साझेदार” है.
राहुल गांधी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद ज्ञापन भाषण में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना की थी.
राहुल गांधी ने कहा था, ” चीन का लक्ष्य बहुत साफ है कि वो क्या करना चाहता है. भारत की विदेश का नीती का सबसे बड़ा रणनीतिक लक्ष्य पाकिस्तान और चीन को अलग-अलग रखना है. लेकिन आपने क्या किया? आपने उन्हें साथ ले आए हैं.”
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के भाषण के बाद उन्हें आड़े हाथों लिया था. भाजपा की ओर से राहुल गांधी पर भारत के इतिहास की जानकारी के बिना “दिशाहीन” और “अस्पष्ट” भाषण देने का आरोप लगाया था.
कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने आज प्रधानमंत्री पर तीखा हमला करते हुए उन पर “चीन और पाकिस्तान को एक साथ लाने” और जम्मू-कश्मीर में “बड़ी रणनीतिक गलती” करने का आरोप लगाया था. बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए राहुल बोले- देश हर तरफ से विरोधियों से घिरा हुआ है और इस क्षेत्र में अलग-थलग पड़ गया है.