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शिक्षकों ने वेतन के लिए बीईओ को घेरा

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शिवपुरी।पोहरी संकुल के बीईओ व बाबुओं की लापरवाही के कारण 100 से अधिक शिक्षकों को दो माह का पेंडिंग वेतन नहीं मिल पाया है। ऐसे में शिक्षकों की दीवाली काली हो गई है।
अधिकारियों की इस लापरवाही पर शनिवार को कुछ शिक्षकों ने शिक्षक नेताओं के साथ BEO मोतीलाल खंगार के घर पर डेरा डाल लिया और वहीं बैठकर वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई।
बीईओ के घर पर शिक्षक नेताओं के घर का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग में पोहरी के लापरवाह स्टाफ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
बीईओ कार्यालय की इस लापरवाही से 105 शिक्षकों के घर दीवाली पर रोशन नहीं हो पाए हैं।

*क्यों नहीं मिला वेतन*
उक्त कर्मचारियों का एम्प्लॉय कोड न बन पाने के कारण फिक्ससेशन नहीं हो पाया था, परंतु एक माह पहले यह कोड भी बन चुका है, इसके बाबजूद भी बीईओ कार्यालय के अधिकारियों व बाबुओं की लापरवाही के कारण यह फिक्ससेशन नहीं हो पाया। यही कारण रहा कि शिक्षकों का वेतन नहीं मिल पाया।

वायरल वीडियो में एक दूसरे पर आरोप
पोहरी में दो बीईओ काम देख रहे हैं। प्रशासनिक काम जहां मोतीलाल खंगार देखते हैं, वहीं आहरण पावर पातीराम पर हैं। फिक्ससेशन का काम बाबू प्रदीप शर्मा को करना था। वायरल वीडियो में जहां बीईओ लापरवाही के लिए बाबू प्रदीप को दोषी ठहरा रहे हैं, वहीं बीईओ बाबू की लापरवाही बता रहे हैं। कुल मिला कर बीईओ और बाबू की लड़ाई में नुकसान शिक्षकों का हो रहा है।

प्रदीप ने घर ले जाकर रख लीं सेवा पुस्तिका
बीईओ मोतीलाल खंगार का कहना है कि बाबू प्रदीप का पोहरी से ट्रांसफर हो चुका है, परंतु उसने अब तक दूसरे बाबू को चार्ज नहीं दिया है। कई शिक्षकों की सेवा पुस्तिका अपने घर ले जाकर रख ली हैं। यही वजह है कि फिक्ससेशन नहीं हो पाया है। मैंने यह बात डीईओ साहब को भी बता दी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि बाबू पर एफआईआर दर्ज करा दो। हम जल्द से जल्द भुगतान करवाएंगे, इसके लिए दिन रात काम कर रहे हैं।

Bhopal में बीजेपी नेता ने सुसाइड क्यों किया

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भोपाल : भोपाल के केरवा डैम इलाके में भाजपा नेता व पूर्व सरपंच ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। नीलबड़ निवासी विजय सिंह मारण (58) की इलाके में बड़े जमींदारों में भी गिनती होती थी।सुसाइड नोट नहीं मिलने के कारण पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बताया गया कि सुसाइड से पहले उन्होंने नौकर को फोन कर बोला कि चारों बेटों को केरवा नर्सरी के जंगल में भेज देना। उनसे जरूरी बात करनी है। नौकर के बताए अनुसार एक बेटा नर्सरी पहुंचा। वहां पेड़ पर पिता फांसी पर लटके मिले।
पुलिस के मुताबिक, उनके बेटे गोलू उर्फ अमरीश मारण ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पिता ने पेट्रोल पंप पर काम करने वाले नौकर को फोन किया। उन्होंने उससे कहा कि चारों बेटों को केरवा नर्सरी के पास जल्दी भेज देना। उनसे अर्जेंट बात करनी है।
नौकर के बताने पर गोलू करीब पौने 2 बजे नर्सरी के पास पहुंचा। मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर अंदर जंगल में जाकर देखा तो पिता सागौन के पेड़ पर लटके मिले। उसने तुरंत ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। तब तक काफी देर हो चुकी थी। विजय के दो बेटे हैं। जबकि दो भतीजे हैं। वह भतीजों को भी अपने बेटों की तरह ही मानते थे। विजय की अंतिम इच्छा के अनुसार उनके शव को खेत में ही अंतिम संस्कार किया गया।
परिजन के बयान नहीं हुए
पुलिस ने बताया कि विजय हर रोज की तरह शुक्रवार सुबह घर से निकले थे। परिजन को यकीन नहीं हो रहा कि विजय ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेंगे। परिजनों को लग रहा था कि वे लोगों से मिलने गए होंगे।

भ्रष्टाचार मे लिप्त DEO और पंचायत सचिव की सम्पत्ति होगी राजसात

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भोपाल: प्रदेश मेंCorruption के जरिए अवैधानिक कमाई करने वाले सरकारी महकमों के अफसरों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। एक जिला शिक्षा अधिकारी और एक पंचायत सचिव की सम्पत्ति राजसात करने के लिए भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत विशेष न्यायालय में केस चलाकर सुनवाई की जाएगी।

सिवनी जिले की माध्यमिक कन्या शाला मठ की प्रधान अध्यापिका और जिला शिक्षा अधिकारी ताराचंद पटले पर पद पर रहते हुए भ्रष्ट साधनों का इस्तेमाल करते हुए आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित की थी। उनके विरुद्ध वर्ष 2012 में जांच कर प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान मिले दस्तावेजो की छानबीन में यह प्रमाणित हुआ है कि वंदना पटले ने भ्रष्ट (Corruption}साधनों का सहारा लेकर आय से अधिक अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित की है।

राज्य सरकार ने उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार(Corruption) अधिनयम के अधीन गठित विशेष न्यायालय में केस चलाकर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय के आदेश पर उनकी अनुपातहीन सम्पत्ति राजसात की जाएगी।

इसी तरह सीधी जिले की जनपद पंचायत सीधी की ग्राम पंचायत जमुनिहा के सचिव राजकुमार सिंह ने भी पद पर रहते हुए भ्रष्ट साधनों से अपनी आय से अधिक अनुपातहीन सम्पत्ति अर्जित की है।

उनके विर्द्ध जांच एजेंसी ने वर्ष 2014 में कार्यवाही कर जांच की थी। उनके पास मिले दस्तावेजों के आधार पर सरकार ने पाया है कि उन्होंने भ्रष्ट साधनों से आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित की है। उनके विरुद्ध भी भ्रष्टाचार(Corruption) अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय में केस चलाते हुए सुनवाई की जाएगी। निर्णय के आधार पर सम्पत्ति राजसात करने की कार्यवाही की जाएगी।

मध्य प्रदेश मे 63.88% मतदान हुआ, पिछले चुनाव के मुकाबले 13% कम

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लोकसभा उपचुनाव के लिए आज शाम मतदान (Voting) की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई। पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदाता की उदासीनता और नाराज़गी ज्यादा नज़र आई। शाम 6  बजे मतदान थमने तक इस लोकसभा क्षेत्र में मतदान 63.88 प्रतिशत ही रहा! विधानसभा वार देखें तो सर्वाधिक मतदान बागली में 67.74 प्रतिशत रहा, जबकि खंडवा विधानसभा क्षेत्र में यह 54.39 प्रतिशत ही रहा। मांधाता में 63.74, पंधाना में 67.12, नेपानगर में 69.72, बुरहानपुर में 64.34 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि, भीकनगांव में 64 प्रतिशत और बड़वाह में 60.1 प्रतिशत ही मतदान हुआ। अमूमन शहरी क्षेत्र खंडवा, बुरहानपुर और बड़वाह में ज्यादा उदासीनता दिखी। जबकि, ग्रामीण क्षेत्र में तुलनात्मक रूप से स्थिति ठीक थी।

खंडवा लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। यहाँ भाजपा की कमान जहां स्वयं मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने हाथ में ले रखी थी, तो कांग्रेस की कमान पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के हाथ में थी। दोनों नेताओं ने खंडवा लोकसभा क्षेत्र में अनेक सभाएँ अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में की। भाजपा की तरफ से यहाँ ज्ञानेश्वर पाटिल उम्मीदवार हैं, तो कांग्रेस से राजनारायण सिंह। ज्ञानेश्वर पाटिल जहाँ खंडवा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं, तो राजनारायण सिंह मांधाता से दो बार विधायक चुने गए है। इस चुनाव में कुल 16 प्रत्याशी मैदान में थे। लेकिन, मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है।

यहाँ से 6 बार सांसद रह चुके नंदकुमार सिंह चौहान के आकस्मिक निधन के कारण यह चुनाव की नौबत बनी। कोरोना संक्रमण के बाद यहाँ जनजीवन अभी तक पूरी तरह सामान्य भी नहीं हो सका, इसका असर इस चुनाव पर भी साफ नज़र आया। यहाँ आज सुबह से ही मतदान बहुत धीमी गति से शुरू हुआ और मतदान समाप्ति तक भी यह कुछ ख़ास गति नहीं पकड़ सका। किसी भी मतदान केंद्र पर मतदाताओं की कतारे देखने को नहीं मिली।

यहाँ पिछले चुनाव में मतदान की स्थिति देखें तो जहाँ 2019 के लोकसभा चुनाव में मतदान 76. 90 प्रतिशत था वहीं इसके पहले 2014 में यह 71.48 प्रतिशत था। ये दोनों ही चुनाव में भाजपा के नंदकुमार सिंह चौहान ने विजयश्री हासिल की थी। 2019 में वे जहाँ 2 लाख 73 हजार 303 मतों से विजयी हुए थे, तो 2014 में यह अंतर 2 लाख 59 हजार 714 था। जबकि, 2009 में यहाँ मतदान गिरकर 60.01 प्रतिशत पर सिमट गया। तब यहाँ से कांग्रेस के अरुण यादव ने चौहान को 49 हजार 801 मतों से पराजित किया था।

हालाँकि, मतदान के घटते-बढते आंकड़ों से कोई अनुमान लगा पाना इस बार भी संभव नहीं है। फिर भी यह समझा जाता है कि खंडवा जो बीते तीन दशक से भाजपा के गढ़ में तब्दील हो गया, वहां मतदान का कम होना, भाजपा के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वहीं बुरहानपुर में जहाँ अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। मतदान का कम होना कांग्रेस के लिए मुश्किल बढ़ा सकता है। इधर, बड़वाह विधानसभा क्षेत्र में भी मतदान का कम होना दिखाता है कि यहाँ भी विधायक सचिन बिरला के कांग्रेस में भाजपा में जाने से मतदाताओं में निराशा बढ़ाई है।

खंडवा जिले की दो विधानसभा क्षेत्रो के दो गाँवो में मतदाताओं ने अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। पंधाना विधानसभा क्षेत्र के फतेहपुर गांव के लोग अपने यहाँ सड़क की समस्या से परेशान थे। वहीं उनके गांव में मतदान केंद्र नहीं बनना भी उनकी नाराज़गी की वज़ह थी। इसी तरह मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नांदिया रैयत में भी सड़क के साथ ही राशन की दुकान और वहां कब्रिस्तान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। इसी तरह बड़वाह विधानसभा क्षेत्र के खनगांव में लोगो ने बाँकुड नदी पर पुल बनाने की बरसों पुरानी मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया।

गौरतलब यह है कि किसी भी पार्टी के विधायक या नेता इन ग्रामीणों को समस्या के समाधान का वादा भी नहीं कर सके जिससे उनका विरोध थम पाता। जबकि, पिछले मांधाता विधानसभा उपचुनाव में भी ग्राम सिंधखेड़ा में भी ग्रामीण चुनाव के बहिष्कार पर आमदा थे। तब तत्कालीन सांसद नंदकुमार सिंह चौहान ने मोबाइल पर ही ग्रामीणों से चर्चा कर उनका भरोसा हासिल किया और वे मतदान पर राजी हुए। ज़ाहिर है इस क्षेत्र में अब चौहान जैसा कोई दूसरा कद्दावर नेता अब नहीं है, जो लोगो को चुनाव का बहिष्कार करने से रोक पाता।

जैन संत ने इंदौर में आत्महत्या की

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इंदौर : जैन संत विमद सागर महाराज ने lllआत्महत्या कर ली। यह घटना नंदानगर के एक जैन मंदिर के नजदीक की एक धर्मशाला में हुई। बताया गया कि उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। FSL की टीम भी जांच के लिए वहां पहुंच गई है।

संत का नाम आचार्य श्री 108 विमद सागर है। वे चातुर्मास के लिए इंदौर आए थे। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जानकारी जुटा रही है। जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु मौके पर जमा हैं। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका।
CSP निहित उपाध्याय के मुताबिक, नंदानगर जैन मंदिर के नजदीक एक धर्मशाला में जैन मुनि रुके थे। जानकारी मिलने पर परदेशीपुरा थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं।

राजस्थान मे थानों और ऑफिस में नहीं बन सकेंगे पूजा स्थल

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जयपुर : राजस्थान के किसी पुलिस थाने या ऑफिस में अब कोई पूजा स्थल नहीं बन सकेगा(No Temples in Offices & Police Stations)| पुलिस आवास विभाग (Police Housing Department) के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) ए पोन्नूचामी ने आदेश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी ADG, IG, SP और पुलिस कमिश्नर के नाम यह निर्देश जारी किया है। जबकि, राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी BJP ने यह आदेश वापस लेने की मांग की।

Rajasthan Police के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (Housing) ए पोन्नूचामी के मुताबिक, ‘राजस्थान धार्मिक भवन एवं स्थल अधिनियम 1954’ के नियमों का पालन कराए जाने के बारे में जारी परिपत्र का मकसद थानों में धार्मिक स्थल का निर्माण कराकर अनावश्यक दखल की संभावना को रोकना है।

उन्होंने बताया कि आम लोगों को मिलने वाले न्याय को प्रभावित करने के कतिपय उदाहरण सामने आए थे। इसे ध्यान में रखते हुए 1954 में जारी आदेशों के पालन के लिए परिपत्र जारी किया गया।

न्यूजीलैंड के खिलाफ इन 11 योद्धाओं के साथ मैदान में उतर सकती है इंडिया

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अबू धाबी: आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप 2021 (ICC Men’s T20 World Cup 2021) में भारतीय टीम (India) का दूसरा मुकाबला 31 अक्टूबर को न्यूजीलैंड (New Zealand) क्रिकेट टीम के साथ है. दोनों टीमों के बीच यह रोमांचक मुकाबला दुबई स्थित दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Dubai International Cricket Stadium) में खेला जाएगा. इस मुकाबले में टॉस के लिए दोनों टीमों के कप्तान शाम सात बजे मैदान में उतरेंगे, वहीं मैच का असल रोमांच आधे घंटे बाद यानी शाम 7.30 बजे से शुरू होगा.

 

भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जानें वाले इस मुकाबले में T20 वर्ल्ड कप 2021 में बनें रहने के लिए हर हाल में जीत हासिल करनी होगी. ऐसे में कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) इस हाईवोल्टेज मुकाबले में पिछली बार की प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव कर सकते हैं. ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ निराशानजक प्रदर्शन करने वाले मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव और ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को बाहर बैठना पड़ सकता है. वहीं मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के उपर भी गाज गिर सकती है. चक्रवर्ती पाकिस्तान के खिलाफ महामुकाबले में काफी औसत दर्जे की गेंदबाजी करते नजर आए थे.

CBI Court ने छोटा राजन को गवाहों के अभाव में छोड़ दिया

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मुंबई : सीबीआई की स्पेशल कोर्ट (CBI Special Court) ने कुख्यात गैंगस्टर छोटा राजन (राजेंद्र सदाशिव निकलजे) को एक मामले में 38 साल बाद बरी किया। यह मामला अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Daud Ibrahim) के दुश्मन समझे जाने वाले छोटा राजन की अपराध जिंदगी की पहली FIR से जुड़ा है। 1983 में उस पर एक पुलिस अधिकारी पर हमला करने का आरोप लगा था।

घटना के मुताबिक 1983 में एक टैक्सी में स्मगलिंग की शराब ला रहे छोटा राजन(Chhota Rajan) को तिलक नगर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने रोकने की कोशिश की थी।

उस दौरान छोटा राजन ने चाकू निकालकर एक पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला कर दिया था। शराब तस्करी मामले में छोटा राजन के खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ था।

छोटा राजन के वकील तुषार खंडारे ने बताया कि इस घटना के समय पुलिस टीम में दो अधिकारी और चार कॉन्स्टेबल थे। जबकि, राजन के साथ कार में दो अन्य साथी भी मौजूद थे।

तिलक नगर पुलिस के टैक्सी रोकने पर छोटा राजन ने चाकू निकालकर एक पुलिस अधिकारी पर हमला कर दिया था। पुलिस ने छोटा राजन और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया था। जबकि, एक साथी फरार हो गया।

छोटा राजन के साथ पकडे गए साथी को बाद में कोर्ट ने बरी कर दिया, छोटा राजन जमानत पर कोर्ट से बाहर निकल गया। लेकिन, राजन के खिलाफ मुकदमा चलता रहा।

वरिष्ठ IPS मिलिंद कानस्कर DG के वेतनमान में पदोन्नत

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भोपाल: राज्य शासन ने आज भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी मिलिंद कानस्कर को पदोन्नत कर विशेष पुलिस महानिदेशक वीसबल पुलिस मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया है। यह आदेश 1 नवंबर से लागू होगा। वे अभी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विसबल हैं।

शक्तिकांत दास बने रहेंगे RBI के गवर्नर

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नई दिल्ली: शक्तिकांत दास RBI गवर्नर बने रहेंगे । केंद्र सरकार की अपॉइंटमेंट कमिटी ऑफ कैबिनेट ने उनके नाम का अनुमोदन कर, रिअपॉइंटमेंट कर उन्हें 3 साल का एक्सटेंशन भी दिया गया है।