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मुख्यमंत्री चौहान खरगौन में जन-सेवा अभियान के संभाग स्तरीय स्वीकृति-पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विकास की पहली आवश्यकता शांति है। मध्यप्रदेश शांति का टापू है, यहाँ दंगे-फसाद और गुंडागर्दी नहीं चलने दी जायेगी। अशांति फैलाने वाले तत्वों को किसी स्थिति में छोड़ा नहीं जायेगा। शांति व्यवस्था के मद्देनजर खरगोन में विशेष सशस्त्र बल की तैनाती की जायेगी और एक नया थाना भी खोला जायेगा।
मुख्यमंत्री चौहान आज खरगौन में मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान संभाग स्तरीय स्वीकृति-पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने 660 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इनमें 371 करोड़ रूपये के लोकार्पण और 288 करोड़ रूपये के भूमि-पूजन शामिल थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हित-लाभ भी वितरित किये। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद भी किया।
इसके पहले उन्होंने सिकलसेल वॉलेंटियर्स बायकर्स को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और खरगोन की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत पर केन्द्रित पुस्तक का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि खरगोन निमाड़ का गौरव है। यहाँ का नवग्रह मंदिर सिद्ध है। नवग्रह मंदिर एवं कॉरिडोर का विकास किया जायेगा। खरगोन में मेडिकल कॉलेज भी खोला जायेगा। सिरवैल में स्थित महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य भी किया जायेगा। खरगोन में बिस्टान नाके का नाम टंट्या मामा भील के नाम पर, बावड़ी बस स्टेण्ड क्षेत्र का नाम महाराणा प्रताप नगर और पोस्ट-ऑफिस का नाम गुरूनानक के नाम पर होगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह लोकतंत्र जनता का राज्य है, इसमें जनता की सेवा सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान में पंचायत-पंचायत और वार्ड-वार्ड सरकारी अमला गया और जनता के कार्य किये गये। विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों का चयन कर उन्हें लाभ दिया जा रहा है। सरकार भोपाल से नहीं, चौपाल से चल रही है। जन-सेवा अभियान में इंदौर संभाग में 15 लाख नये हितग्राहियों का विभिन्न योजनाओं के लिये चिन्हांकन किया गया। खरगोन जिले में लगे शिविरों में 2 लाख 90 हजार आवेदनों में से 2 लाख 57 हजार को स्वीकृति-पत्र प्रदान किये गये। मुख्यमंत्री चौहान ने अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिये खरगोन जिला प्रशासन एवं संबंधित सभी की सराहना की।

उज्जैन में विराट संत सम्मेलन में मुख्यमंत्री हुए शामिल

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि संतों के चरणों में शांति और नई ऊर्जा प्राप्त होती है। संत हमें सन्मार्ग पर चलने का संदेश देते हैं। उनके ही आशीर्वाद से उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण साकार रूप ले सका है। इसके द्वितीय चरण निर्माण कार्य शीघ्र ही पूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी अवंतिकापुरी तीनों लोकों से न्यारी है। मुख्यमंत्री चौहान उज्जैन में चारधाम मंदिर के समीप विराट संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वे बाल ब्रह्मचारी त्यागमूर्ति अखंडानंदजी महाराज और सभी संतों को प्रणाम करते हैं। आदि गुरू शंकराचार्य जी ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता की रक्षा कर उसे महान बनाया। उन्होंने चारों
दिशाओं से सम्पूर्ण देश को जोड़ने का कार्य किया। नर्मदा सेवा यात्रा के समय ओंकारेश्वर में आदि गुरू शंकराचार्य जी की प्रतिमा और अद्वैत वैदिक संस्थान के निर्माण की कार्य-योजना को अमल में लाने का निर्णय लिया गया था। अब इस कार्य-योजना के निर्माण कार्य तेज गति से चल रहे हैं। अगस्त 2023 तक आदि गुरू शंकराचार्य की प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है। संत हमें सदबुद्धि दें और सन्मार्ग पर चलायें, यही कामना है। मुख्यमंत्री चौहान ने सम्मेलन में सभी संतों को सम्मानित किया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री को सन्त समाज ने भगवान महाकालेश्वर का चित्र भेंट किया।

स्मार्ट सिटी उद्यान में मुख्यमंत्री चौहान ने करंज, कदंब और सप्तपर्णी के पौधे लगाए

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्मार्ट सिटी उद्यान में करंज, कदंब और सप्तपर्णी के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री चौहान के साथ राजगढ़ जिले के ग्राम चाटूखेड़ा दांगी के माँ अंबिका स्व-सहायता समूह ग्राम संगठन की अध्यक्ष पवित्रा अग्रवाल ने अपने जन्म-दिवस पर करंज का पौधा लगाया। समूह की सदस्य पूजा सोंधिया, राजेश्वरी शर्मा, कोमल तोमर, कांता नागर, रूचि शर्मा और मंजू नागर ने भी पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान को समूह की सदस्यों ने अपने उत्पाद हल्दी और अदरक भेंट किए।
मुख्यमंत्री चौहान के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी संदेश यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक विशेष सोनी ने भी अपने जन्म-दिवस पर कदंब का पौधा लगाया। जय मिश्रा, रत्नेश सिंह तथा लक्ष्मण सिंह साथ थे। मुख्यमंत्री
चौहान के साथ सामाजिक कार्यकर्ता अमित चौहान, जितेन्द्र चौहान, शिवांशु चौहान, विनोद तिवारी, कोमल सिंह और ऋषि मीना ने सप्तपर्णी का पौधा लगाया। सोशल मीडिया के ऋषि रमन उपाध्याय अपनी दो वर्षीय बेटी सिया के जन्म-दिवस पर पौध-रोपण में शामिल हुए। अनुजा उपाध्याय भी साथ थी।

पश्चिम बंगाल में 70 लोगों से भरी बस सड़क किनारे खाई में गिरी, एक महिला की मौत

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पश्चिम बंगाल में 70 लोगों से भरी बस सड़क किनारे खाई में गिरी, एक महिला की मौत
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में बुधवार को एक बस के सड़क किनारे खाई में गिर जाने से एक महिला की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। हरिपाल पुलिस थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसा राज्य राजमार्ग-26 पर इलाहीपुर इलाके में सुबह करीब 4.30 बजे हुआ जब चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया और यात्री वाहन खाई में गिरकर पलट गया।
राज्य के मंत्री बेचाराम मन्ना ने कहा कि दुर्घटना में 50 वर्षीय तापसी हलदर की मौत हो गई और लगभग सभी यात्री घायल हो गए और स्थानीय लोगों और हरिपाल और चंदिताला पुलिस थानों के पुलिसकर्मियों ने उन्हें नजदीकी ग्रामीण अस्पताल ले जाया। उन्होंने कहा, घायल लोगों में से 12 की हालत गंभीर है और उन्हें कोलकाता के अस्पतालों में रेफर किया गया है। अधिकारी ने कहा कि यात्री सोमवार को रायदिघी से पुरुलिया जिले के अयोध्या हिल्स की यात्रा पर गए थे और जब वे लौट रहे थे तो यह दुर्घटना हुई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 12वीं की छात्रा पर एसिड अटैक

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 12वीं की छात्रा पर एसिड अटैक
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 12वीं की छात्रा पर एसिड अटैक का मामला सामने आया है। घटनाक्रम सुबह करीब 7.30 बजे का है। पुलिस को सुबह 9 बजे सूचना मिली कि बाइक सवार दो लड़के ने सड़क किनारे जा रही छात्रा पर एसिड फेंक दिया। लड़की को सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया है। दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी अस्पताल पहुंच गए हैं। छात्रा का बयान दर्ज करने की कोशिश जा रही है। छात्रा खतरे से बाहर बताई जा रही है। एक आरोपित को पकड़ लिया गया है। दूसरा फरार है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। घटना के समय वहां मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। लड़का-लड़की एक दूसरे के परिचित बताए जा रहे हैं। घटना के वक्त लड़की की छोटी बहन भी उसके साथ थी।
लड़की के पिता ने बताया, ‘छोटी बेटी दौड़ कर घर आई और कहा कि उसकी बहन पर तेजाब फेंका गया है। दोनों लड़कों ने अपने चेहरे ढके हुए थे, उनकी पहचान अभी बाकी है। दोनों आंखों में तेजाब चला गया है।
लड़की के पिता ने बताया कि स्कूल जाते समय दो लड़कों ने एसिड से हमला किया है। बेटी का चेहरा पूरी तरह झुलस गया है। उसकी आंख में भी एसिड गया है। छोटी बहन ने कुछ नाम पुलिस को बताए हैं।

उद्योगपतियों से मुख्यमंत्री चौहान ने की भेंट

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उद्योगपतियों से मुख्यमंत्री चौहान ने की भेंट
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जनवरी 2023 में इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। ऑटोमोबाइल, टेक्सटाईल, फार्मा सहित अन्य उद्योगों के लिए मध्यप्रदेश में अपार संभावनाएँ हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने उद्योगपतियों से भेंट में यह बात कही।
मुख्यमंत्री चौहान से मुख्यमंत्री कार्यालय समत्व भवन में फोर्स मोटर्स लिमिटेड के चेयरमेन अभय फिरोदिया और डीजीएम अभय सिंघी, व्ही.ई. कमर्शियल लिमिटेड के प्रबंध संचालक, सी.ई.ओ. विनोद अग्रवाल और वाइस प्रेसीडेंट नितिन नागड़ा, सागर ग्रुप के चेयरमेन सुधीर अग्रवाल, यशोदा लिनेन यार्न लिमिटेड के सी.एम.डी. अवंति कुमार कांकरिया और कार्यकारी संचालक आशीष कांकरिया, अवादा वेंचर्स प्रायवेट लिमिटेड के चेयरमेन विनीत मित्तल और जी.एम. मुकेश सिंघानिया ने भेंट की। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मनीष सिंह तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री चौहान को वॉल्वो ग्रुप तथा आयशर मोटर्स के संयुक्त उपक्रम व्ही.ई. कमर्शियल व्हीकल्स के विनोद अग्रवाल ने बताया कि उपक्रम भोपाल, धार और देवास जिलों में वाहन निर्माण से संबंधित इकाइयों में 1600 करोड़ रूपए निवेश करेगा। यशोदा लिनेन यार्न लिमिटेड के कांकरिया ने प्रदेश में लिनेन की इकाई स्थापित करने में रूचि दिखाई। उन्होंने कहा कि स्टिचिंग और वीविंग इकाई की स्थापना पर लगभग 450 करोड़ रूपये का निवेश किया जाएगा, जिससे 4 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह समूह पूर्वी मध्यप्रदेश क्षेत्र में जूट इकाई लगाने की संभावनाओं पर भी कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री चौहान से फोर्स मोटर्स लिमिटेड और सागर ग्रुप के प्रतिनिधियों ने प्रदेश की औद्योगिक नीति तथा निवेश प्रोत्साहन संबंधी सहायता के प्रावधानों के संबंध में चर्चा की। अवादा ग्रुप के प्रतिनिधियों ने प्रदेश में सी.एस.आर. गतिविधियों के बारे में विचार-विमर्श किया।

पेसा एक्ट के लिए आभार मानने आए जनजातीय युवाओं ने मुख्यमंत्री के साथ किया पौध-रोपण

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश में पेसा कानून लागू करने के लिए धन्यवाद देने गाडरवारा से भोपाल 200 किलोमीटर पैदल चल कर आए शानू धुर्वे, अतुल वाडिवा और संदीप कुलस्ते ने स्मार्ट सिटी उद्यान में मुख्यमंत्री के साथ अशोक का पौधा लगाया।
मुख्यमंत्री चौहान के साथ प्योर वेलफेयर सोसायटी के कुलदीप खरे, कौशलेन्द्र पांडे, आदित्य खरे, शालू श्रीवास्तव और बुलबुल खरे ने खिरनी का पौधा रोपा। सोसायटी द्वारा महिलाओं को स्व-रोजगार, कम्प्यूटर शिक्षा तथा वित्त प्रबंधन संबंधी जानकारी और मार्गदर्शन देने गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।
मुख्यमंत्री चौहान के साथ सामाजिक कार्यकर्ता श्री वासुदेव गुलानी ने अपने जन्म- दिवस पर गुलमोहर का पौधा लगाया। उनके परिजन तथा मित्र चेतन गिरि गोस्वामी, हितेश गुलानी, महेश गुलानी, प्रवीण प्रेमचन्दानी तथा पूनम गुलानी, सुश्री नेहा गुलानी और जानकी गुलानी भी पौध-रोपण में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्रीमद् भागवत कथा में हुए शामिल

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मुख्यमंत्री श्रीमद् भागवत कथा में हुए शामिल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हरदा में विख्यात कथा-वाचिका जया किशोरी की सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के समापन में शामिल हुए। कथा समापन पर मुख्यमंत्री ने 133 कन्याओं के मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हुए सामूहिक विवाह के नव-दम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में कथा के आयोजक किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, स्थानीय सांसद डी.डी. उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा‍कि परम पिता परमेश्वर को प्राप्त करने के लिये धर्मशास्त्र में भक्ति मार्ग, ज्ञान मार्ग और कर्म मार्ग बताये गये हैं। हम सभी बिना फल की इच्छा किये अपने कार्य पूरी कर्त्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कर ईश्वरीय मार्ग पर चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर- मरीजों का इलाज, शिक्षक-बच्चों की पढ़ाई और अधिकारी एवं नागरिक अपने कर्त्तव्यों और दायित्वों का निर्वहन कर समाज की बेहतरी के लिये अपना योगदान दें। इसीसे प्रदेश का कल्याण होगा।

मुख्यमंत्री चौहान की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार से संबंधित संबंधित प्रथम नीति का अनुमोदन प्रदान किया गया। मंत्रि-परिषद ने वर्तमान युग में नई प्रौद्योगिकी और तकनीकी का उपयोग जीवन से जुड़े प्रत्येक क्षेत्र में हो रहा है। ऐसी अनेक नई प्रौद्योगिकी उपलब्ध है, जिनका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों यथा भू-प्रबंधन, कृषि, उद्योग, उर्जा, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, खनिज, हितग्राहीमूलक योजनाओं, अधोसंरचना, इत्यादि में किया जाकर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। नवीन प्रौद्योगिकियों को विभिन्न विभागों में अंगीकृत करने से उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है तथा शासकीय सेवाओं को भी नागरिकों को सरलता और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा सकता है।उपरोक्त कारणों से म.प्र. विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति तैयार करने की आवश्यकता महसूस की गई। यह नीति प्रदेश में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का निर्माण, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सक्षम उद्यमिता को बढ़ावा देने, नई तकनीकी का उपयोग कर शासकीय सेवाओं को मजबूत करने, पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को संरक्षित करने और समावेश और भागीदारी को प्रोत्साहित करने की पहल करेगी।
इस नीति के प्रमुख उद्देश्यों में मध्य प्रदेश को देश में शीर्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (STI) गंतव्य के रूप में स्थान दिलाना। मानव संसाधन, निवेश, और ज्ञान आधारित श्रम शक्ति जैसे कारकों को सुदृढ़ करके वर्ष 2030 तक ‘इंडिया इनोवेशन इंडेक्स’ (अपने मौजूदा 13 वे रैंक से) में मध्य प्रदेश को शीर्ष 5 राज्यों में स्थान दिलाना। एक प्रभावी एसटीआई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर मध्य प्रदेश को अनुसंधान प्रकाशन, नवउद्यम, स्टार्टअप, औद्योगिक डिजाइन संबंधी नवाचार और पेटेंट जैसे संकेतकों को सुदृढ़ कर प्रदेश में ज्ञान आधारित उत्पादन को बढ़ाने में मदद करना। विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर राज्य के समग्र व्यय को बढ़ाना और राज्य में अनुसंधान एवं विकास संबंधी क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना। मध्य प्रदेश के शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना और प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी पुरस्कार (जैसे कि ‘विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार (SSB)’ ) प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करना। एसटीईएम (STEM) प्रयोगों और प्रतियोगिताओं के साथ पाठ्यक्रम को समृद्ध करके प्राथमिक स्तर से ही, विशेष रूप से छात्राओं के बीच एसटीईएम (STEM) शिक्षा को बढ़ावा देकर स्नातक, परास्नातक और पीएचडी स्तर पर एसटीईएम पाठ्यक्रमों में नामांकन अनुपात को बढ़ाना। वैज्ञानिक प्रमाणीकरण और व्यावसायीकरण के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान प्रणाली के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक आदर्श ढांचे को विकसित करना। धरातल की आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचारों को बढ़ावा देना। कृषि, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और ऊर्जा जैसे आर्थिक क्षेत्रों में नवाचार के माध्यम से विकास को बढ़ावा देना और इन क्षेत्रों में निजी उद्यमों के प्रोत्साहन के लिए आवश्यक अनुसंधान, विकास और नवाचार अधोसंरचना का निर्माण करना। नवीन प्रौद्योगिकियों पर आधारित सक्रिय, कुशल और पारदर्शी G2C और G2B प्रणालियां विकसित कर जन आवश्यकताओं का सटीक आंकलन कर घर पहुँच सेवा उपलब्धता सुनिश्चित करना। मेटावर्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, 5जी सेमीकंडक्टर्स, आईओटी, ब्लॉकचैन और डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजीज, एआई और एआर/वीआर जैसी नई और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों में विश्व स्तरीय मानव संसाधन का सृजन कर कौशल संवर्धन के क्षेत्र मैं अग्रेषित होना। शासकीय डोमेन में उपलब्ध विशाल डेटा भंडार का लाभ उठाकर, गोपनीयता संरक्षण संबंधी आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए एक सर्वसुलभ सैंडबॉक्स वातावरण निर्मित कर डेटा आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एक प्रभावी और उत्तरदायी नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण। नवीन एवं उन्नत प्रौद्योगिकियों के अधिग्रहण, हस्तांतरण, अनुकूलन और उपयोग को सुगम बनाने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को बढ़ावा देना। प्रसंगिक नवाचार और विज्ञान शिक्षा का बढ़ावा देने के लिए शीर्ष संस्थानों (जैस आई.आई.टी, आई.आई.एम.,ए.आई.आई.एम.एस.,एन.आई.टी., आई.आई.आई.टी., एन.आई.डी., एन.आई.एफ.टी, एन.एल.एस.) संस्थानों को मध्यप्रदेश के एक जिले को गोद लेकर उस जिले मे स्थानीय रूप से विज्ञान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। निजी क्षेत्र के साथ समन्वय के माध्यम से स्टार्टअप्स को प्रारम्भिक वित्त-पोषण मेंटरशिप,प्रशिक्षण और श्रेष्ठ प्रथाओं का लाभ उठाने में मदद करने हेतु अग्रणी संस्थाओं (जैस आई.टी.आई, आई.आई.आई.टी., आदि) में नवाचार समूहों, इन्क्यूबेटरों और एक्सेलेरटरों की स्थापना की जाएगी।

एसबीआई बैंक ने बढ़ा दी एफडी पर ब्याज दरें

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एसबीआई बैंक ने बढ़ा दी एफडी पर ब्याज दरें

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर में 65 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। रिजर्व बैंक ने हाल ही में रेपो रेट में 35 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की थी। उसके बाद अब एसबीआई ने एफडी पर ब्याज दर बढ़ा दी है। स्टेट बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, एफडी पर ब्याज दरों में 25 से 65 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है। यह वृद्धि 2 करोड़ रुपये तक के फिक्स्ड डिपॉजिट पर लागू होगी। नई दरें आज (मंगलवार) 13 दिसंबर, 2022 से लागू हैं। इससे पहले एसबीआई ने 22 अक्टूबर को रिटेल टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दर में वृद्धि की थी।

स्टेट बैंक ने 211 दिन से लेकर एक साल से कम की एफडी पर ब्याज दर 5.50 फीसदी से बढ़ाकर 5.75 फीसदी कर दी है। इस प्रकार, ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की गई है। इसी तरह एक वर्ष से दो साल की अवधि पर ब्याज दर 6.10 फीसदी से बढ़ाकर 6.75 फीसदी कर दी गई है। इसमें 75 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की गई है।

दो साल से तीन साल तक की अवधि के लिए ब्याज दर 6.25 फीसदी से बढ़ाकर 6.75 फीसदी कर दी गई है। तीन और पांच साल से कम की मैच्योरिटी रकम पर अब ब्याज दर 6.25 फीसदी कर दी गई है। वहीं पांच से दस साल तक की राशि पर ब्याज दर बढ़ाकर 6.25 फीसदी कर दी गई है। ये ब्याज दरें नए जमा और परिपक्व खातों के नवीनीकरण पर लागू होंगी।