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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज ‘सिडनी संवाद’ में ‘प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति’ पर देंगे मुख्य भाषण

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सिडनी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारतीय समय के अनुसार सुबह करीब 9 बजे सिडनी संवाद में मुख्य भाषण देंगे. प्रधानमंत्री देश के प्रौद्योगिकी विकास और क्रांति के विषय विचार व्यक्त करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से पहले ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री आरंभिक भाषण देंगे. बता दें, सिडनी संवाद 17 से 19 नवंबर तक आयोजित किया गया है. ये ऑस्ट्रेलियाई सामरिक नीति संस्थान की एक पहल है.

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का भी होगा संबोधन

दरअसल, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजनेताओं, उद्दोग हस्तियों समेत सरकारी प्रमुखों का व्यापक चर्चा, नए विचार पेश करना है. साथ ही महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों से उत्पन्न अवसरों व चुनौतियों की सामान्य समझ विकसित करने की दिशा में काम करने के लिए एक मंच सभी को लेकर आएगा. वहीं, इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन समेत जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का भी संबोधन होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्वाड शिखर सम्मेलन से पहले स्कॉट मॉरिसन से मुलाकात की थी. इस मुलाकात में उन्होंने हिंद-प्रशांत सहित द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा की थी. वहीं, इस बैठक से पहले दोनों ने फोन पर बातचीत की थी और उस दौरान भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक पर बातचीत हुई थी.

रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत के नाम जुड़ा स्पेशल रिकॉर्ड

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नए कप्तान रोहित शर्मा की अगुवाई में भारतीय टीम ने बुधवार को न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हराकर तीन मैचों की टी-20 सीरीज में 1-0 की बढ़त पा ली। टीम को जिताने में रोहित और सूर्यकुमार यादव ने अहम भूमिका निभाई। रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने इस मैच में टी-20 फॉर्मेट की अपनी 50वीं जीत दर्ज की। इसके साथ ही भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है, क्योंकि इससे पहले कोई भी टीम ऐसा नहीं कर सकी थी। इस मैच से पहले तक रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने एकसमान 49 मैचों में जीत दर्ज की थी, लेकिन अब भारतीय टीम आगे निकल गई है।

टी-20 फॉर्मेट में रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा मैच जीतने के मामले में इन तीनों टीमों के बाद इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड का आता है, जिनके नाम क्रमश: 42, 35 और 32 जीत दर्ज हैं। इस मैच में भारत के कप्तान रोहित ने दूसरे सेशन में ओस की आशंका को देखते हुए टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। कीवी टीम की शुरुआत खराब नही और टी-20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले डेरिल मिचेल बिना खाता खोले भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। टीम ने इसके बाद मार्टिन गप्टिल और मार्क चैपमैन की जोरदार फिफ्टी के दम पर 164 रन बनाए।

165 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को रोहित और सूर्यकुमार की पारियों का सहारा मिला, जिसके दम पर टीम ने यह लक्ष्य पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस मैच में लंबे समय बाद टीम में वापसी करने वाले श्रेयस अय्यर और डेब्यूटेंट वेंकटेश अय्यर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने डेरिल मिचेल की गेंद पर चौका जड़कर भारत की जीत पर मुहर लगाई।

पदोन्नति की आड़ में तबादलो से नहीं बच पाएंगे तीन साल से जमे पुलिस अफसर

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भोपाल: प्रदेश में होंने वाले त्रिस्तरीय और नगरीय निकायों के चुनावों में पदोन्नति के बाद उसी जिले में पदस्थ किए गए अफ सर नवीन पद के कार्यकाल के आधार पर तीन साल के क्राइटएरिया में तबादले से नही बच सकेंगे।
चुनाव आयोग ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि ऐसे अफसरों के पूर्व के पद और नवीन पद दोनो के कार्यकाल को जोड़कर तीन साल की पदस्थापना की गणना की जाए। कोई भी अफसर नए पद के कार्यकाल के आधार पर तबादलों से बचे ना यह सुनिश्चित किया जाए।

प्रदेश में होंने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और नगरीय निकायों के चुनावों में आयोग के पत्र के बाद पिछले चार साल के कार्यकाल में तीन साल से एक ही स्थान पर जमे पुलिस अधिकारियों के तबादलों को लेकर मचे हड़कंप के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा राज्य निर्वाचन आयुक्त बीपी सिंह को पत्र लिखकर इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा था।

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिन अधिकारियोें को चुनाव ड्यूटी में लगाया जाना प्रस्तावित है। उनमें जिलों के प्रभार में वरिष्ठतम अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसपी,ए एसपी,एसडीओपी, सीएसपी,टीआई, एस आई के लिए यह निर्देश लागू होंगे। ऐसे अधिकारी जो अगले छह माह के भीतर सेवानिवृत्त हो रहे है तथा आयोग के निर्देशों की सीमा के अंतर्गत आ रहे हो तो उन्हें इन निर्देशों से पृथक रखा जाए।

प्रदेश में फिर से वैक्सीनेशन महाअभियान

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दूसरे डोज पर किया जाएगा फोकस..

मध्यप्रदेश में सभी लोगों का वैक्सीनेशन हो, इसके लिए प्रदेश सरकार लगातार अभियान चला रही है। इसी कड़ी में आज फिर वैक्सीनेशन महाअभियान चलाया जाएगा। शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए आभियान का 5वां चरण चलाया जाएगा। आज 11 हजार 159 केन्द्रों पर वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई है। सुबह 9 बजे से टीकाकरण अभियान शुरु हो जाएगा। वहीं 24 नवंबर और 1 दिसंबर को भी महाअभियान चलाया जाएगा।

दूसरे डोज पर दिया किया जायेगा फोकस

10 नवंबर से वैक्सीनेशन महाअभियान एक बार फिर शुरू हो चुका है। प्रदेश में दूसरे डोज की रफ्तार कम होने से पेंडेंसी भी 1 करोड़ से ज्यादा हो गई है। वहीं अब सरकार दूसरे डोज का 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले 4 बुधवार को वैक्सीनेशन महाअभियान दोबारा शुरू कर रही है। यह अभियान 10 नवंबर, 17 नवंबर, 24 नवंबर और 1 दिसंबर प्रत्येक बुधवार को होगा। वहीं 17 नवंबर को वैक्सीनेशन महाअभियान का दूसरा दिन है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 16 नवंबर को प्रदेश में उन लोगों को चिन्हित किया है जिन्होंने अभी तक कोरोना का टीका नहीं लगवाया है। वहीं टीम वार्ड में घर-घर जाकर सर्वे भी कर रही है। बता दें कि प्रदेश में अब तक 5 करोड़ से ज्यादा लोगों को पहला डोज लग चुका है। वहीं सरकार ने 18 वर्ष के उपर के लोगों में दोनों डोज का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के लिए दिसंबर 2021 तक का समय तय किया है और उम्मीद है कि इस लक्ष्य को जल्द हासिल कर लिया जाएगा।

मप्र जनसम्पर्क विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म कू पर पोस्ट करते हुए लिखा- प्रदेश में आज एक बार फिर #MPVaccinationMahaAbhiyan के तहत द्वितीय डोज़ से छूटे हुए नागरिकों का कोविड टीकाकरण किया जाएगा। मेरी आप सभी से अपील है कि कोरोना से बचाव के लिए इस स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र का लाभ अवश्य लें . प्रदेश में आज एक बार फिर #MPVaccinationMahaAbhiyan के तहत द्वितीय डोज़ से छूटे हुए नागरिकों का कोविड टीकाकरण किया जाएगा।

मेरी आप सभी से अपील है कि कोरोना से बचाव के लिए इस स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र का लाभ अवश्य लें:

दिल्ली प्रदूषण के कारण स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद

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नई दिल्‍ली :देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के गंभीर स्‍तर के चलते स्कूल-कॉलेज अगले आदेश तक बंद, कर दिए गए हैं. साथ ही सरकारी विभाग में 100 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू कर दिया गया है.दिल्‍ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि देश की राजधानी में में 21 नवंबर तक निर्माण कार्य पर प्रतिबंध रहेगा, साथ ही सरकारी विभागों में 100% वर्क फ्रॉम होम लागू होगा. यहां ज़रूरी सेवाओं के अलावा अन्य ट्रकों की एंट्री बैन कर दी गई है. दिल्ली में 1000 CNG प्राइवेट बसों को कल से हायर किया जाएगा. DDMA से मेट्रो और बस में खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति मांगी गई है.
दिल्ली में 10 साल पुरानी डीजल, 15 साल पुरानी गाड़ियों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है.वाहन प्रदूषण सर्टिफिकेट की सघन जांच होगी. दिल्ली में 372 वॉटर टैंकर से छिड़काव हो रहा है, फायर ब्रिगेड की मदद से 13 हॉट स्पॉट पर पानी का छिड़काव किया जाएगा.दिल्ली में गैस के अलावा अन्य इंडस्ट्री को बैन किया गया इसके साथ ही ट्रैफिक कंजेन्शन की जांच के लिए ट्रैफिक पुलिस को आदेश दिया गया है.
दिल्‍ली और इसके आसपास के इलाकों में दिनों दिन बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्‍ली सरकार को आड़े हाथों लिया है. सु्प्रीम कोर्ट में हाल ही में केंद्र सरकार ने बताया था कि राजधानी में गंभीर प्रदूषण में पराली जलने से होने वाले धुएं का योगदान केवल 10 फीसदी ही है. दिल्ली के वायु प्रदूषण में खेत के कचरे को जलाने का योगदान 10 प्रतिशत है, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से ​कहा था कि वायु प्रदूषण में उद्योग और सड़क की धूल की बड़ी भूमिका है. इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने केंद्र से सवाल किया था , “क्या आप सैद्धांतिक रूप से इस बात से सहमत हैं कि पराली जलाना कोई प्रमुख कारण नहीं है और यह “हल्ला” वैज्ञानिक और कानूनी आधार के बिना था.” जब केंद्र के वकील ने इसे स्वीकार कर लिया, तो न्यायाधीश ने कहा कि “दिल्ली सरकार के हलफनामे का कोई मतलब नहीं है” क्योंकि वे “केवल किसानों को दोष दे रहे हैं”.

देश अब किसी भी संकट से निपटने के लिए तैयार: कमल पटेल

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भोपाल।किसान नेता एवं प्रदेश के कृषि मंत्री पटेल ने  कहा है कि अब हम किसी भी चुनौती को अवसर में बदल सकते हैं क्योंकि हमें सौभाग्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में मिले जिन्होंने निराशा को आशा में, नामुमकिन को मुमकिन और असंभव को संभव कर दिखाया है। देश अब किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार है।

कोरोनावायरस से निपटने के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने दो स्वदेशी वैक्सीन बना कर यह साबित कर दिया है। कृषि मंत्री कमल पटेल नर्मदापुरम के होशंगाबाद में कोरोना योद्धाओं के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री पटेल ने कहां की 100 साल की सबसे गंभीर महामारी कोरोना 2019 मे जब आया तो दुनिया के विकसित राष्ट्र भी इस माहमारी से अवगत नहीं थे, हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर और रिसर्च करने वालों को भी इस बीमारी के बारे में पता नहीं था।हमारे देश की गिनती तो बहुत बाद में होती थी ।जो भी दुनिया में नया आविष्कार होता था वह हमारे देश पहुंचते-पहुंचते पहले 50 साल और आज से 60 साल पहले 25 से 30 साल लगा देता था लेकिन इस महामारी में हमारे देश के वैज्ञानिको ने  प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वह कमाल कर दिखाया जो विकसित राष्ट्र नहीं कर पाए, विकसित राष्ट्रों को समय लगा ।हमारे देश में दो स्वदेशी वैक्सीनो को बनाने में हमने सफलता प्राप्त की और अभी तक 108 करोड़ से ऊपर लोगों को निशुल्क वैक्सीन लग चुकी है ।जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। श्री पटेल ने कार्यक्रम के माध्यम से समाज सभी वर्गों को आव्हान किया है कि कोरोना महामारी अभी पूरी तरीके से गई नहीं है इसलिए जरूरी है कोरोना के द्वितीय चरण के अभियान में सभी अपनी जनभागीदारी दें और इस महाअभियान को सफल बनाएं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्शत कोरोना प्रतिबंधों में छूट की घोषणा की

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भोपाल । मप्र कोरोना से जुडे सभी प्रतिबंध को हटाने जा रहा है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कोरोना के मौजूदा हालातों की समीक्षा आज सुबह मंत्रालय में स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी,विश्वास सारंग के साथ करते हुए निर्देश दिए कि अब सभी प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया जा रहा है। कुछ बिंदुओं में सावधानी बरतते हुए कुछ नियमों के पालन आवश्यक होंगे। शासकीय सेवकों को दोनों डोज अनिवार्य होंगे।इस फैसले के चलते अब विवाह समारोह हो सकेंगे इनमें संख्या का बंधन नहीं होगा। गौरतलब है कि   भिंड खरगोन और सीधी जिले में प्रथम डोज 85% से कम लोगों ने लगाया है। यह तत्काल अभियान चलाया जायेगा।

*विवाह समारोह हो सकेंगे। संख्या का बंधन नहीं होगा।

* मेलों में दुकान वही दुकानदार लगा सकेंगे जिन्होंने दोनों डोज लगवाए हैं।

* सिनेमा देखने जाने, राशन की दुकान से सामग्री लेने के लिए दोनों डोज अनिवार्य होंगे।

* किसी तरह का कर्फ्यू नहीं रहेगा.

* कोविड अनुकूल व्यवहार आवश्यक होगा ।

*मास्क और यथासंभव परस्पर दूरी रखना है और असावधान नहीं होना है।

* शिक्षण संस्थाओं और छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी डोज दोनों डोज आवश्यक हैं

*शासकीय सेवकों को वेकसीन के  दोनों डोज अनिवार्य हैं।

* जिन जिलों में वैक्सीन के दूसरे डोज में कमी देखी गई है ,वहां गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए ।

*31 दिसंबर तक संपूर्ण वैक्सीनेशन करना है।

मुख्यमंत्री ने  भिंड खरगोन और सीधी जिलों की भी जानकारी ली जहां प्रथम डोज 85% से कम लोगों ने लगाया है

*मुख्यमंत्री  ने वेक्सीन के दोनों डोज के प्रयास कर शतप्रतिशत वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मध्य प्रदेश में पधारे क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, सीएम शिवराज से की मुलाकात

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सचिन ने बताया उनके पिता का सपना था कि वे गरीब बच्चों के लिए कुछ करें और आज वे एक संस्था के 2300 बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं.

नेशनल – ‘गॉड ऑफ क्रिकेट’ कहे जाने वाले और दुनिया के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक सचिन तेंदुलकर ने मध्य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री आवास पर सीएम शिवराज सिंह चौहान से सौजन्‍य भेंट ली. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर मंगलवार को मध्यप्रदेश पहुंचे, जहां वे एक निजी संस्था के कार्यक्रम में शिरकत करने आये थे. देवास में मीडिया से चर्चा में करते हुए सचिन ने कहा कि इस संस्था में 2300 बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं, जिनके साथ मैं जुड़ा हूँ. मेरे पिता का सपना था कि गरीब बच्चों के लिए कुछ किया जाए. वो अगर आज हमारे बीच होते तो बहुत खुश होते.

सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री आवास पर की मुलाकात 

मध्यप्रदेश दौरे के दौरान सचिन ने मंगलवार देर रात सीएम शिवराज सिंह से मुलाकात की जिसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट कर दी. सचिन ने उन्‍हें अपने फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी. सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन मप्र में ‘परिवार फाउंडेशन’ नामक एक स्‍वयंसेवी संस्‍था के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इसके बाद सीएम शिवराज ने भी सचिन को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उनके फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे अच्छे कार्यों में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी. सीएम ने कहा कि जो भी जरूरत होगी, उसमें जिला प्रशासन का सहयोग मिलेगा. सरकार उनके साथ मिलकर कार्य करेगी. गरीब बच्चों के लिए काम कर रही है सचिन की संस्था

सचिन की संस्था सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए काम करती है. इस संस्था द्वारा देश में अलग-अलग जगहों पर गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद की जा रही है. देवास जिले के खातेगांव में संदलपुर गांव में कोलकाता की संस्था परिवार एजुकेशन सोसाइटी भी यही काम कर रही है. सचिन का मध्य प्रदेश में यह दौरा गरीब बच्चों की शिक्षा को लेकर ही था. उनके साथ एक टीम भी थी, जो इस विजिट को शूट कर रही है. सचिन ने परिवार संस्था की भगिनी निवेदिता विद्यापीठ की निर्माणाधीन बिल्डिंग का दौरा किया. वहां निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया.

SAS से IAS और SPS से IPS के लिए एक माह के भीतर होगी DPC

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भोपाल:मध्यप्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा से भारतीय प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नति के लिए डीपीसी की डेट इसी हफ्ते तय हो जाएगी। एक माह के भीतर डीपीसी होंने की संभावना है। राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अफसर इस डीपीसी के बाद आईएएस बनेंगे वहीं राज्य पुलिस सेवा के 11 अफसर आईपीएस बन जाएंगे। यूपीएससी ने इस सप्ताह डीपीसी की डेट फाइनल करने के संकेत राज्य सरकार को दिए है।

 

सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा था इस पर संघ लोक सेवा आयोग इसी सप्ताह डीपीसी की डेट फाइनल करके राज्य सरकार को सूचना भेजने वाला है।

 

वर्ष 2021 में राज्य प्रशासनिक सेवा के 18 अफसरों को पदोन्नत कर आईएएस बनाया जाएगा। 18 पदों के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के 54 अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के 94 से 2000 बैच के अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा।। वहीं गृह विभाग ने आईपीएस के 11 पदो के लिए राज्य पुलिस सेवा के वर्ष 95-96 के 33 अफसरों के नाम आईपीएस प्रमोट किए जाने के लिए हो रही डीपीसी के लिए प्रस्तावित किए है।

 

आईएएस के लिए इनके नामों पर होगा विचार- आईएएस में पदोन्नति के लिए राज्य प्रशासनिक सेवा के 94 से 2000 तक के बैच के अफसरों के नामों पर विचार किया जाएगा। 94 बैच के विवेक सिंह और 95 बैच के पंकज सिंह के नाम भी विचार के लिए रखे जाएंगे। दोनो को जांच के चलते पिछले साल मौका नहीं मिल पाया था। इसके अलावा

 

सुधीर कोचर,रानी बाटड, चंद्रशेखर शुक्ला, नारायण प्रसाद नामदेव, दिलीप कुमार कापसे, बुद्धेश वैद्ध जयेन्द्र कुमार विजयवत,, अभय अरविंद बेड़ेकर, अजय देब,नियाज अहमद खान, नीतू माथुर, मनोज मालवीय, अंजू पवन भदौरिया और जमुना भिडे।

 

आईपीएस के लिए इनके नामों पर होगा विचार- राज्य पुलिस सेवा के अनिल मिश्रा और देवेन्द्र कुमार सिरोलिया को इस बार भी जांच के कारण मौका नहीं मिलेगा वहीं 95-96 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अफसर

 

प्रकाशचंद्र परिहार, निश्चल झारिया, रचना ठाकुर, संतोष कोरी, जगदीश डाबर, मनोज सिंह मंडलोई, रामजी श्रीवास्तव, जितेन्द्र सिंह पवार, सुनील तिवारी, संजीव कुमार सिन्हा और संजीव कुमार कंचन को आईपीएस अवार्ड हो सकता है।

उदासीनता और लापरवाही की शिकार, हॉकी के जादूगर की प्रतिमा: अतुल मलिकराम

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मेजर ध्यान चंद भारत माता के उन सपूतों में से एक हैं, जिनका नाम ही उनकी पहचान है। अब तक के सबसे महान हॉकी खिलाड़ियों में से एक ध्यान चंद ने अपनी हॉकी स्टिक से पूरी दुनिया को मंत्रमुग्ध कर दिया, और तो और भारत को विश्व मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाने में भी अटूट योगदान दिया। हॉकी के जादूगर पद्म विभूषण मेजर ध्यान चंद सदैव देश का गौरव रहे हैं और अनंतकाल तक रहेंगे। लेकिन यहाँ एक सवाल उठता है कि क्या भारत माता के इस गौरव को आगामी समय में वह तवज्जो मिल सकेगी, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं? पीढ़ियों के आगे बढ़ने के साथ ही अब हम उनके योगदान को भूलते जा रहे हैं। कई मौकों पर ऐसा प्रतीत होता है कि देश के इस महान सपूत को असल सम्मान देने में हम कहीं पीछे छूट गए हैं। यूँ तो देश में कई शहरों के चौक-चौराहों पर ध्यान चंद की प्रतिमाएं देखने को मिल जाती हैं, लेकिन उनके रखरखाव और संरक्षण की तरफ शायद ही किसी का ध्यान जाता है। बुंदेलखंड स्थित ‘हॉकी के जादूगर’ की प्रतिमा की हमारे द्वारा काफी समय से लगातार उपेक्षा की जा रही है। गौर करने वाली बात यह है कि इस पर किसी का ध्यान भी नहीं है।
मेजर ध्यान चंद के गोल करने की क्षमता कमाल की थी। उनके अद्भुत गेंद नियंत्रण को देखते हुए ही उन्हें ‘हॉकी का जादूगर’ कहा जाने लगा। माना जाता है कि उनकी हॉकी स्टिक में गेंद के प्रति चुम्बकीय आकर्षण था। उनके खेलने के दौरान भारत ने हॉकी में तीन गोल्ड मैडल (1928, 1932 और 1936) ओलंपिक में जीते थे। उनकी आत्मकथा के अनुसार, उन्होंने 185 मैचों में 570 गोल किए। यदि हम इतिहास के पन्ने पलटें, तो पाएंगे कि यही वह समय था जब भारत में हॉकी की सबसे अच्छी टीम हुआ करती थी। हॉकी के जादूगर की प्रसिद्धि का बखान उनके जन्मदिन, यानि 29 अगस्त को मनाया जाने वाला राष्ट्रीय खेल दिवस करता है। इस बात से हम भली-भाँति परिचित हैं कि मेजर ध्यान चंद का देश तथा हॉकी के प्रति समर्पण अविश्वसनीय है। वे वास्तव में भारत के अनमोल रत्न हैं, जो नई पीढ़ियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल हैं।
लेकिन इसके बदले में देश उनके सम्मान के लिए क्या कर रहा है? हालात ये हैं कि उनकी प्रतिमा शहर में नगर निकाय की उदासीनता और लापरवाही का शिकार हो चुकी है। जी हाँ, उत्तर प्रदेश के झांसी में मेजर ध्यान चंद के पुराने स्मारक की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, जो चीख-चीखकर अपनी खोई हुई पहचान वापस पाने की गुहार लगा रही है। कैसी विडंबना है कि जहाँ एक ओर उनके जन्मदिन को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, वहीं दूसरी ओर उनकी प्रतिमा की अनदेखी कर दी जाती है। ऐसे में उनके स्मारक की दुर्दशा मन को झकझोर कर रख देती है कि महान हॉकी खिलाड़ी की इस हालत को देखकर कल के युवाओं पर क्या असर होगा। यदि हम ही भारत माता के इन सपूतों की छवि को धूमिल करने की वजह बन जाएँगे, तो आने वाली पीढ़ियों को इन देशभक्तों से कैसे रूबरू कराएँगे??
सत्य तो यह है कि भारत की महान विभूति मेजर ध्यान चंद को हमारे देश में वह तवज्जो मिली ही नहीं, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं। मेजर ध्यान चंद के समर्पण को देश को नहीं भूलना चाहिए, और उतना ही सम्मान उनके स्मारक को भी दिया जाना चाहिए। स्वच्छ भारत अभियान की दृष्टि से उनकी ख्याति और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए इस स्थान का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी भी हॉकी के जादू से परिचित हो सके और प्रेरित होकर स्वयं भी देश को गौरवान्वित कर सके।