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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के लिए शिप्रा घाटों के निर्माण का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ के लिए शिप्रा घाटों के निर्माण का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण
ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषक कल्याण वर्ष में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इस वर्ष 13 जिलों में जिन सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूर्ण हो गए हैं, उनके लोकार्पण की तैयारी कर ली गई है। आगामी 6 माह में लगभग 6 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि करने वाली इन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में गुरूवार को मंत्रालय में हुई जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि कृषक कल्याण वर्ष में अनेक सिंचाई परियोजनाओं के लोकार्पण होंगे। इनमें बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खण्डवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मण्डला जिलों की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी 3 परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्मदा घाटी विकास और जल संसाधन विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

केन-मंदाकिनी लिंक अंतर प्रांतीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित
बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना से 93 हजार 310 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा और 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबाई की टनल भी बनाई जाएगी। परियोजना की लागत 8400 करोड़ रुपए से अधिक होगी।

सिंहस्थ से जुड़ी परियोजनाओं के कार्यों में प्रगति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ आयोजन के उद्देश्य से पूर्ण की जाने वाली परियोजनाओं के कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इनमें सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82% कार्य पूर्ण हो गया है। बैठक में बताया गया कि कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66% प्रगति है। शिप्रा तट पर सिंहस्थ में करोड़ों लोगों द्वारा सुविधाजनक ढंग से पुण्य स्नान का लाभ लेने के दृष्टि से 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कार्य में भी 60% प्रगति है।

सिंचाई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि
प्रदेश में सिंचित रकबा निरंतर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में निर्मित और निर्माणाधीन परियोजनाओं से निकट भविष्य में मिलने वाले लाभ को जोड़ें तो प्रदेश में सिंचित क्षेत्र 95. 45 लाख हैक्टेयर हो जाएगा। इसके अलावा अन्य स्वीकृति प्राप्त परियोजनाओं को समाहित करें तो यह आंकड़ा 108 लाख हैक्टेयर होगा। कार्यों को तेजी से पूरा किए जाने के फलस्वरूप सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। गत ढाई वर्ष में लगभग 10 लाख हैक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि हुई है।

‘प्रहार’ का टीजर देख फैंस को याद आई ‘धुरंधर’

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‘प्रहार’ का टीजर देख फैंस को याद आई ‘धुरंधर’
राजकुमार राव की नई फिल्म आ रही है ‘प्रहार’, जिसका दमदार टीजर रिलीज कर दिया गया है। टीजर रिलीज होते ही छा गया है और राजकुमार राव की तारीफ हो रही है। यह एक बायोग्राफिकल फिल्म है, जिसमें राजकुमार राव जाने-माने वकील उज्जवल निकम के रोल में हैं। यह उनके अब तक के करियर का सबसे चैलेंजिंग रोल माना जा रहा है।

‘प्रहार’ को अविनाश अरुण ने डायरेक्ट किया है और यह मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले बनी है। इसमें राजकुमार राव के अलावा वामिका गब्बी और जयदीप अहलावत भी मौजूद हैं। यह फिल्म 7 अगस्त को थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में वामिका गब्बी ने राजकुमार राव की पत्नी का किरदार निभाया है, जबकि जयदीप अहलावत एक अन्य वकील बने हैं।

‘प्रहार’ के टीजर में क्या है?
‘प्रहार’ के टीजर की शुरुआत राजकुमार के किरदार उज्जवल निकम से होती है। वह कोर्ट में अजमल कसाब को फांसी देने की मांग करते हैं, और 26/11 आतंकवादी हमले की याद दिलाते हैं। वह कहते हैं, ‘यॉर ऑनर पिछले डेढ़ साल में इस केस के चलते बहुत बार लोगों ने मुझसे ये सवाल पूछे कि जब फोटोज-वीडियोज में साफ-साफ दिखाई दे रहा है, तो हम कसाब को फांसी क्यों नहीं दे रहे हैं? क्यों इतना पैसा, इतना वक्त बर्बाद कर रहे हैं एक आतंकवादी के ऊपर? कुछ देर के लिए अपनेआप को 26/11 की रात को इंस्पेक्टर गोविलकर की जगह रखकर देखिए, जिन्हें कसाब ने गोली मारी। बहुत ही जाहिर सी बात है कि गुस्सा भरा होगा गोलकर साहब में…और फाइनली जब कसाब को निहत्था पकड़ा, तो गोविलकार साहब ने ये नहीं कहा कि गोली मारो इसे, खत्म करो जल्दी।

अब बंगाल में UCC लागू करने की तैयारी में सरकार

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अब बंगाल में UCC लागू करने की तैयारी में सरकार
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। दरअसल मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली BJP सरकार 29 जून को विधानसभा में UCC विधेयक पेश कर सकती है। बताया जा रहा है कि सरकार ने इस प्रस्ताव को अंतिम रूप दे दिया है और विधानसभा सत्र में इसे पेश करने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

दरअसल मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य मंत्रिमंडल से जुड़े सूत्रों ने जानकारी दी है कि विधानसभा की बिजनेस एडवायजरी कमेटी की बैठक में UCC विधेयक पर चर्चा की गई और इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में सरकार बनने के छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया था। अब सरकार तय समय से पहले ही इस दिशा में कदम बढ़ाती नजर आ रही है।

विधानसभा में पेश होने से पहले पूरी हुई तैयारी
वहीँ सरकार के मुताबिक UCC विधेयक को लेकर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कार्यमंत्रणा समिति यानी बिजनेस एडवायजरी कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद इसे विधानसभा में पेश करने की तैयारी आगे बढ़ाई गई। राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम चुनाव के दौरान जनता से किए गए वादे का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य समान नागरिक संहिता को राज्य में लागू करने की प्रक्रिया शुरू करना है। फिलहाल सभी की नजर 29 जून को होने वाली विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी है, जहां इस विधेयक को पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

समान नागरिक संहिता पर सरकार का क्या है कहना?
दरअसल शुभेंदु अधिकारी सरकार के एक मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात, असम, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई BJP शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता से जुड़े प्रस्ताव लागू किए जा चुके हैं। उनका कहना है कि पश्चिम बंगाल भी उसी दिशा में आगे बढ़ेगा, जैसा चुनाव से पहले जनता से वादा किया गया था। सरकार का दावा है कि UCC को लेकर उसकी तैयारी पूरी है और विधानसभा में विधेयक पेश होने के बाद आगे की संवैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल सरकार की ओर से यही संकेत दिए गए हैं कि 29 जून को इस विधेयक को सदन के पटल पर रखा जा सकता है।

8 हजार के बम से उज्जैन में मोहर्रम जुलूस में उड़ाया गया था वाहन, जांच में जुटी ATS

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8 हजार के बम से उज्जैन में मोहर्रम जुलूस में उड़ाया गया था वाहन, जांच में जुटी ATS
उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र में मोहर्रम के जुलूस के दौरान क्रेन से हवा में लटकाए गए मैजिक वाहन में विस्फोट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। जैसे ही इस घटना का वीडियो सामने आया सोच तो मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई है।

घटना के बाद मैजिक और क्रेन को जब्त कर लिया गया है। उज्जैन के आसपास मौजूद उन्हेल, नागदा और महिदपुर क्षेत्र संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में कोई भी जोखिम न लेते हुए मामले की जांच स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एटीएस को सौंपी गई है।

वाहन में किया गया था विस्फोट
बता दे की 23 जून की रात को यह घटना बड़नगर के अडान मोहल्ले से निकले मोहर्रम जुलूस की है। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। जुलूस के दौरान एक मैजिक वाहन क्रेन की मदद से लगभग 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। इस पर दो युवक खड़े हुए थे और लाल झंडा लहरा रहे थे। इसके बाद विस्फोट किया गया। यहां हैरान करने वाली बात यह थी कि जिस वाहन में विस्फोट किया गया उसे पर ले फिर आ गए लिखा हुआ था।
8 हजार के पटाखों से विस्फोट

घटना के बारे में जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक भंगार में रखी हुई मैजिक गाड़ी को क्रेन में लटका कर लगभग 8000 रुपए के पटाखे से यह विस्फोट किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों ने 8 हजार के उताखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी जांच की जा रही है।

जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
जैसे ही घटना का वीडियो वायरल हुआ पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले से कई तरह के सवाल जुड़ गए हैं। विस्फोट क्यों किया गया इसके पीछे का मकसद क्या था। वहां पर ले फिर आ गए क्यों लिखा गया। कौन सा विस्फोटक था और कहां से लाया गया इन सभी चीजों को जांच चल रही है।

इस संबंध में क्रेन संचालक का कहना है कि पुष्प वर्षा करने के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही गई थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद चालक सहित क्रेन मौके पर भेज दी थी। मौके पर पहुंचने के बाद लोगों ने वाहन को क्रेन से लटका दिया। उन्हें वाहन में किसी तरह के विस्फोट की जानकारी नहीं थी।

जिस वाहन में विस्फोट हुआ उस पर ले फिर आ गए लिखा हुआ था जो कि जांच का विषय बन गया है। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में भी इसी संदेश की तख्तियां दिखाई दी थी। इसका आशय क्या है इसकी जांच की जा रही है।

BDS और फोरेंसिक की जांच
घटना के बाद विस्फोट में जिस मैजिक और क्रेन का इस्तेमाल किया गया था, उन्हें जप्त किया गया है। वाहन के अंदर अभी भी फटाके और विस्फोट के लिए लगाई गई केबल दिख रही है। फारेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचकर नमूने एकत्र करेगा। इनकी जांच के बाद विस्फोटक सामग्री की जानकारी सामने आएगी।

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए वैध रहेगा पासपोर्ट

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वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए वैध रहेगा पासपोर्ट
देश में चल रहे वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए भारतीय पासपोर्ट एक वैध दस्तावेज बना रहेगा। ये कहना है चुनाव आयोग का। विदेश मंत्रालय के हालिया बयान के बाद लोगों में भ्रम का स्थिति बनी हुई थी जिसके बाद चुनाव आयोग ने ये स्पष्टीकरण दिया।

लोगों में क्यों बनी ये स्थिति
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या अपनी पात्रता साबित करने के लिए जो 12 मान्य दस्तावेज जरूरी होते हैं, उनमें पासपोर्ट भी शामिल है और इसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय पासपोर्ट “मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज” है और इसे नागरिकता का पक्का या निर्णायक सबूत नहीं माना जाना चाहिए।

बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले का दिया था हवाला
सरकार ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20 और बॉम्बे हाई कोर्ट के 2013 के एक फैसले का हवाला देते हुए साफ किया कि विशेष परिस्थितियों में जनहित में गैर-नागरिकों को भी पासपोर्ट जारी किया जा सकता है, इसलिए सिर्फ पासपोर्ट होने से भारतीय नागरिकता साबित नहीं होती।

चुनाव आयोग ने दिया आश्वासन
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि बिहार और असम में हुए पिछले सुधार अभियानों की तरह ही इस बार भी पासपोर्ट पूरी तरह स्वीकार्य है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िसर (ERO) आवेदक की पात्रता तय करने के लिए इन 12 मान्य दस्तावेजों की जांच करते हैं, जिसमें पासपोर्ट पहचान साबित करने का एक मजबूत जरिया बना रहेगा।

वेनेज़ुएला में भीषण भूकंप से हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंका

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वेनेज़ुएला में भीषण भूकंप से हज़ारों लोगों के मारे जाने की आशंका
वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने कहा है कि बुधवार रात देश में आए भूकंप से मरने वालों की संख्या अब 164 हो गई है.

इस हादसे में अब तक क़रीब एक हज़ार लोगों से घायल होने की भी सूचना है. हालांकि भूकंप से इससे कहीं भारी जनहानि और व्यापक तबाही की आशंका जताई जा रही है.

यूनाइटेड स्टेट्स जीयोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इस बात की 44% आशंका है कि मृतकों की संख्या 10 हज़ार से ज़्यादा हो सकती है. वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी है.

वेनेज़ुएला में बिजली कटौती की समस्या काफ़ी आम है और भूकंप के बाद प्रभावित इलाक़ों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी असर पड़ा है, इसलिए भूकंप से प्रभावित लोगों और इसके असर की जानकारी मिलने में भी काफ़ी परेशानी हो रही है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है और हर संभव मदद की पेशकश की है.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका वेनेज़ुएला में “तुरंत खोज और बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता तैनात कर रहा है.”

एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में रुबियो ने कहा, “हमारी संवेदनाएँ उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, जो घायल हुए हैं, और उन साहसी बचावकर्मियों के साथ हैं जो इस त्रासदी के बाद लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं.”

झारखंड से राज्यसभा चुनाव में जीत कर परिमल नाथवानी पीएम मोदी से मिले

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झारखंड से राज्यसभा चुनाव में जीत कर परिमल नाथवानी पीएम मोदी से मिले
झारखंड से राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद परिमल नाथवानी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। नाथवानी ने इससे पहले राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ली। नाथवानी चौथी बार राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। उनके दो टर्म झारखंड और एक टर्म आंध्र प्रदेश से रहा है। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद नाथवानी ने एक्स पर तस्वीरें साझा कीं। इनमें उन्होंने झारखंड को अपनी कर्मभूमि बताया है। नाथवानी गुजरात के जामनगर में रहते हैं। पीएम मोदी से मुलाकात में उनके साथ उनकी पत्नी वर्षा नाथवानी उनके साथ मौजूद रहीं। पीएम मोदी परिमल नाथवानी के पोते शिवान नाथवानी और पोती कृषा नाथवानी से भी मिले। परिमल नाथवानी के बेटे धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष हैं।

परिमल नाथवानी प्रधानमंत्री के काफी करीबी लोगों में शामिल है। गुजरात के अहमदाबाद में स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम का निर्माण परिमल नाथवानी की देखरेख में ही पूरा हुआ था। परिमल नाथवानी ने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से शिष्टाचार भेंट करने का सौभाग्य मिला। झारखंड से राज्यसभा के लिए हाल ही में हुए चुनावों में NDA के महत्वपूर्ण समर्थन के लिए मैंने उनके प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया। देश के प्रति उनके विजन से प्रेरित होकर मैं अपनी कर्मभूमि में विकास की गति को और तेज करने के लिए तत्पर हूं।

नाथवानी की जीत पर मचा था हड़कंप
गौरतलब हो कि झारखंड से राज्यसभा चुनाव में एनडीए (NDA) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी को कुल 28 वैध वोट मिले। उन्हें कुल 30 वोट मिले थे, लेकिन उनमें से दो वोट अमान्य घोषित कर दिए गए थे। नाथवानी की जीत ने इंडिया ब्लॉक को हिला दिया था। नाथवानी ने झारखंड से एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ऐसे हालात में जीत दर्ज की है जब वहां केवल 24 विधायकों का समर्थन था। नाथवानी पहले भी दो टर्म झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। जमीन से उठकर बड़े आदमी बने नाथवानी रिलांयस के चेयरमैन मुकेश अंबानी के काफी नजदीक हैं। वह रिलायंस के बड़े फैसले में दखल रखते हैं।

सीएम मोहन यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों के खाते में 203 करोड़ 56 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर

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सीएम मोहन यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थियों के खाते में 203 करोड़ 56 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर
सीएम मोहन यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के खाते में राशि ट्रांसफर की है। उन्होंने वर्चुअली इसके लाभार्थियों के खाते में 203 करोड़ 56 रुपए ट्रांसफर किए हैं। उन्होंने कहा कि घर में बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद होना, तपती धूप में ठंडी छांव के समान होता है।

बुजुर्गों के खाते में ट्रांसफर की राशि
सीएम मोहन यादव ने 33 लाख 92 हजार 695 से अधिक भाई-बहनों और बुजुर्गों के खातों में मई महीने की 203 करोड़ 56 लाख रुपये की राशि सिंगल क्लिक से उनके खातों में ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में बुजुर्गों, असहायों और समाज के सबसे कमजोर वर्ग को आदर देना केवल कर्तव्य नहीं बल्कि हमारा धर्म माना गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध हैं।

खुद को बेसहारा न समझें
उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि राज्य का कोई भी निर्धन परिवार, माताएं, बहनें या हमारे दिव्यांग साथी स्वयं को बेसहारा न समझें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अंत्योदय का संकल्प सिद्ध हो रहा है। इसी दिशा में राज्य सरकार भी गरीबों, वंचितों और कमजोर वर्गों के कल्याण में जुटी है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन केवल आर्थिक सहायता नहीं है, अपितु निर्धन परिवारों, दिव्यांग साथियों में आपके प्रति सरकार का स्नेह, सम्मान और सुरक्षा का वचन है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त तेवर से खनिज माफियाओं पर शिकंजा

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त तेवर से खनिज माफियाओं पर शिकंजा

बीते दो माह में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के 1747 प्रकरण दर्ज

6.49 करोड़ रुपये से अधिक की दाण्डिक राशि वसूल

बलौदाबाजार में अवैध उत्खनन, जांजगीर-चांपा में अवैध परिवहन और रायपुर में अवैध भंडारण के सबसे ज्यादा मामले

अवैध खनन पर डबल वार, ताबड़तोड़ कार्रवाई के साथ जुर्माना भी कई गुना बढ़ा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख का असर अब खनिज माफियाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्यभर में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। राज्य में अप्रैल और मई 2026 के दौरान उक्त कार्रवाई के तहत 1,747 प्रकरण दर्ज कर 6 करोड़ 49 लाख 50 हजार 903 रुपये से अधिक की दाण्डिक राशि वसूल की गई है।

अभियान के दौरान सबसे अधिक 1,487 मामले अवैध परिवहन के सामने आए, जबकि 231 प्रकरण अवैध उत्खनन और 29 मामले अवैध भंडारण के दर्ज किए गए। इससे यह पता चलता है कि सरकार ने खनिजों की पूरी आपूर्ति श्रृंखला पर कड़ी निगरानी रखते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।

अवैध उत्खनन के मामलों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिला सबसे ऊपर रहा है, जहां 44 प्रकरण दर्ज किए गए। इसके बाद रायपुर में 15 तथा कबीरधाम में 14 और बालोद में 14 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। दूसरी ओर, अवैध परिवहन के सबसे अधिक रायपुर में 173 मामले दर्ज हुए। इसके बाद जांजगीर-चांपा में 162, बिलासपुर में 101 और धमतरी में 101 मामले पकड़ में आए हैं। अवैध भंडारण के सर्वाधिक 8 प्रकरण रायपुर में दर्ज किए गए, जबकि दंतेवाड़ा में 4 तथा कांकेर में 3 और बिलासपुर में 3 मामले पकड़ाए हैं।

अवैध उत्खनन में सबसे अधिक 55.32 लाख रुपये की दाण्डिक राशि दंतेवाड़ा जिले में वसूल की गई है। अवैध परिवहन में सर्वाधिक 54.69 लाख रुपये रायपुर से वसूले गए, जबकि अवैध भंडारण में भी सबसे अधिक 12.58 लाख रुपये की दाण्डिक राशि रायपुर में वसूली गई। इस प्रकार कुल दांडिक राशि की वसूली के मामले में रायपुर जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सख्त प्रशासनिक रुख के चलते सरकार ने एक ओर राज्यभर में खनिज माफियाओं के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है, वहीं दूसरी ओर नियमों में बदलाव कर जुर्माने और दण्ड के प्रावधान भी पहले से कहीं अधिक कठोर कर दिए हैं। मुख्यमंत्री साय का कहना है कि राज्य के खनिज संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौण खनिज नियमों में संशोधन के बाद अब किसी भी मामले में समझौता (प्रशमन) राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी। अवैध परिवहन पर प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से प्रशमन शुल्क के साथ-साथ खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा। ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का जुर्माना और रेत का मूल्य देना होगा। जब्त वाहन, मशीन या उपकरण की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन की श्रेणी के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, इसके बाद ही वाहन छोड़ा जाएगा।