भारत के सुरक्षाबल बेसब्री से अपने नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। जनरल रावत के निधन के एक महीने बाद भी केंद्र सरकार नए सीडीएस को लेकर फैसला नहीं कर पाई है। हालांकि, इस खोज के बीच सरकार थलसेना में नियुक्तियों को जारी रख रही है। इसी कड़ी में केंद्र ने पूर्वी सेना की कमान संभाल रहे लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे को देश का अगला उप सेना प्रमुख बनाने का फैसला किया है।
जनरल पांडे के इस पद पर नियुक्ति के प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। इसी के साथ जनरल पांडे उप सेना प्रमुख के तौर पर एक फरवरी से लेफ्टिनेंट जनरल सीपी मोहंती की जगह लेंगे। जनरल मोहंती 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
कौन हैं लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे?
जनरल पांडे को दिसंबर 1982 में कोर आफ इंजीनियर्स (द बॉम्बे सैपर्स) में नियुक्ति मिली थी। वे स्टाफ कालेज, केंबरली (ब्रिटेन) से ग्रेजुएट हैं। उन्होंने आर्मी वॉर कालेज महू और दिल्ली में नेशनल डिफेंस कालेज (एनडीसी) में हायर कमांड कोर्स में हिस्सा लिया। देश के लिए अपनी 37 वर्षों की विशिष्ट सेवा के दौरान पांडे ने आपरेशन विजय और आपरेशन पराक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया है।
ले. जनरल पांडे ने 1 जून को पूर्वी सेना कमान के नए कमांडर (जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ) के रूप में कार्यभार संभाला था। यह कमान पूर्वोत्तर राज्यों सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश क्षेत्रों में चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा के लिए तैनात है। इसका मुख्यालय कोलकाता में है। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे पूर्वी कमान के प्रमुख बनने से पहले अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ थे।
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे होंगे देश के अगले सेना उप प्रमुख, सरकार ने प्रस्ताव पर लगाई मुहर
आजम खां लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, सपा ने रामपुर शहर से दिया टिकट, स्वार टांडा से बेटे अब्दुल्ला भी मैदान में
समाजवादी पार्टी ने रामपुर जिले की पांचों विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। इसके तहत शहर विधानसभा सीट से सांसद आजम खां को प्रत्याशी बनाया गया है, जबकि स्वार टांडा से उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा चमरौआ और मिलक सुरक्षित सीट से पुराने चेहरों पर ही दांव लगाया है, जबकि, बिलासपुर विधानसभा सीट से अमरजीत सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है।
जिले में दूसरे चरण में विधानसभा चुनाव होना है। इसके लिए 21 जनवरी से नामांकन शुरू हो जाएंगे। जबकि, 14 फरवरी को मतदान होगा। ऐसे में भाजपा व कांग्रेस के बाद अब समाजवादी पार्टी ने भी मंगलवार को अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए।
शहर विधानसभा सीट से सांसद आजम खां चुनाव लड़ेंगे। आजम खां इस सीट से नौ बार विधायक रहे हैं। साथ ही प्रदेश में जब-जब सपा की सरकार बनीं, तो वे सबसे ताकतवर मंत्री बने। वहीं, स्वार टांडा विधानसभा सीट से आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम खां सपा के टिकट पर एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरेंगे।
हालांकि, 2017 के विधानसभा चुनाव में भी उन्हें प्रत्याशी बनाया गया था और जीत भी गए थे, लेकिन उम्र पूरी न होने के कारण हाईकोर्ट ने उनका निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। अब सपा ने उन्हें दोबारा प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा और कैप्टन ने लिखा चुनाव आयोग को पत्र, 16 फरवरी को गुरु श्री रविदास जयंती का दिया हवाला
पंजाब में 14 फरवरी को होने वाले मतदान को टालने की मांग अब तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी रविवार को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मतदान टालने की मांग की है। इसके पीछे वजह 16 फरवरी को होने वाली संत गुरु श्री रविदास की जयंती बताई है।
इससे पहले मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और बहुजन समाज पार्टी की पंजाब इकाई यह मांग चुनाव आयोग से कर चुके हैं। अब भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर सूबे में 14 फरवरी को होने वाली मतदान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की है। भाजपा ने पत्र में लिखा है कि 16 फरवरी को गुरु रविदास जयंती का पावन पर्व होने के कारण राज्य का एक बड़ा वर्ग वाराणसी जा सकता है। ऐसे में यदि राज्य में मतदान हुआ तो वह लोग वोट देने के अधिकार से वंचित रह जाएंगे। ऐसे में भाजपा पंजाब चुनाव आयोग से राज्य में 14 फरवरी को होने वाले मतदान को कुछ दिन आगे बढ़ाने की मांग करती है।
चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र की पुष्टि करते हुए पंजाब भाजपा के प्रदेश महासचिव डॉ. सुभाष शर्मा ने बताया कि भाजपा को उम्मीद है कि चुनाव आयोग उनकी इस मांग पर गौर करेगा। भाजपा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है, इसलिए वह नहीं चाहती कि कोई भी वर्ग अपने वोट के अहम अधिकार से वंचित रहे। वहीं, दूसरी तरफ पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मतदान प्रक्रिया की तिथि 20 फरवरी करने की मांग की है।
मान और केजरीवाल के बीच का जल्द फूटेगा बुलबुला
भाजपा पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता में बातचीत के दौरान कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार चुनने के लिए बनाया गया एप एक नाटक है। यह पूरी कवायद भगवंत मान को कुचलने की कुटिल चाल है। इसकी असली सच्चाई जल्द ही सबके सामने आ जाएगी। जिसके बाद मान और केजरीवाल के बीच का बुलबुला फूट जाएगा। अब केजरीवाल शैली की राजनीति का नाटक चरम पर पहुंच गया है।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के पंजाब और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तीखी नोकझोंक देखी जा रही है। दुर्भाग्य से आप के केंद्रीय नेता पंजाबी संस्कृति की बारीकियों, पंजाब के समृद्ध इतिहास के गौरव को नहीं समझते हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल खुद को पंजाब के मुख्यमंत्री के तौर पर पेश नहीं कर पाएंगे।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू और अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनने की जल्दी है। शर्मा ने कहा कि पार्टियां हमेशा व्यक्ति से ऊपर होती हैं लेकिन अति महत्वाकांक्षी राजनेताओं ने बेशर्मी की सभी हदें पार कर मुख्यमंत्री बनने की रट लगाई है। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रतिष्ठित पद सभी के कल्याण के प्रति अत्यधिक जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता का ताज है। बेहतर भविष्य और समतामूलक समाज की दिशा में काम करना हर राजनीतिक दल का धर्म है। दुर्भाग्य से आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू में परिपक्वता और दूरदर्शिता की भारी कमी है।
मध्य प्रदेश की पंचायतों की प्रशासकीय समितियों को मिल सकते हैं अधिकार, प्रधान और सदस्यों को मुख्यमंत्री करेंगे संबोधित
भोपाल। । मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार फिर से ग्राम स्तरीय आपदा प्रबंधन समूहों को सक्रिय करने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोेमवार को ग्राम, जनपद और जिला पंचायत की प्रशासकीय समितियों के प्रधान और सदस्यों को संबोधित करेंगे। इसमें उन्हें रोको-टोको अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। साथ ही पंचायतों की प्रशासकीय समितियों को फिर से अधिकार भी दिए जा सकते हैं। इसको लेकर पूर्व पंचायत प्रतिनिधि प्रदेशभर में ज्ञापन दे रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री से भी पूर्व सरपंचों ने मुलाकात की थी। छह जनवरी 2022 को पूर्व सरपंच (प्रधान) की प्रशासकीय समिति से वित्तीय अधिकार वापस ले लिए गए थे।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव ने सभी कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को मुख्यमंत्री के संबोधन के लिए पंचायत, जनपद और जिला पंचायत स्तर पर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जिले के एनआइसी केंद्र पर चयनित पंचायतों की प्रशासकीय समिति के सदस्य और प्रधान भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री इनसे संवाद भी करेंगे। बताया जा रहा है कि जिस तरह कोरोना की पहली और दूसरी लहर से निपटने में पंचायतों की प्रशासकीय समिति ने जागरुकता के काम किए थे, उसी तरह एक बार फिर गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री आपदा प्रबंधन समूहों को टीकाकरण से जो भी पात्र व्यक्ति या बच्चे वंचित रह गए हैं, उन्हें चिन्हित कराके टीका लगवाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की जिम्मेदारी सौंप चुके हैं। साथ ही यह अपील भी की है कि जिन व्यक्तियों को सर्दी, खांसी या बुखार है, उनकी पहचान करके स्वास्थ्य कर्मियों को सूचित करें ताकि जांच हो सके। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किसी भी जगह पर भीड़ को एकत्र न होने दें और मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए लोगों को प्रेरित करें। उधर, पंचायतों की प्रशासकीय समितियों को वित्तीय अधिकार वापस देने के संबंध में भी निर्णय लिया जा सकता है।
पंचायत चुनाव की घोषणा होने के बाद पूर्व सरंपच की अध्यक्षता वाली प्रशासकीय समितियों से अधिकार वापस ले लिए गए थे। चुनाव निरस्त होने के बाद चार जनवरी को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने फिर से वित्तीय अधिकार बहाल करने के आदेश जारी किए पर एक दिन बाद ही छह जनवरी को इस पर रोक लगा दी। पूर्व सरपंच इसका विरोध कर रहे हैं और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु दत्त श्ार्मा सहित मंत्रियों से मुलाकात करके ज्ञापन भी सौंप चुके हैं।
मध्य प्रदेश सरकार मंगलवार को दो हजार करोड़ रुपये का ऋण लेगी, अब तक इतना कर्ज!
भोपाल। । प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सरकार मंगलवार को दो हजार करोड़ रुपये का ऋण लेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के माध्यम से यह ऋण बीस साल के लिए लिया जाएगा।
प्रदेश सरकार इस वर्ष अब तक 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक ऋण ले चुकी है। सरकार के ऊपर मार्च 2021 की स्थिति में दो लाख 53 हजार 335 करोड़ रुपये का ऋण है। जो अब बढ़कर दो लाख 68 हजार 335 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। इसमें बाजार का ऋण सर्वाधिक एक लाख 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक है।
विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों ने प्रदेश के ऊपर ऋण की स्थिति को लेकर प्रश्न भी पूछे थे। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया था कि सरकार नियमों के दायरे में रहते हुए आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और विकास परियोजनाओं के लिए ऋण लेती है और उसके लिए बजट में प्रविधान भी किए जाते हैं।
केंद्रीय राज्यमंत्री डा.एल मुरुगन ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण, पशुपालन, मत्स्य और डेयरी राज्य मंत्री डा. एल मुरुगन ने रविवार को भोपाल में पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभाग के कामकाज की समीक्षा की। विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में विभिन्न् क्षेत्रों किए जा रहे कामों के बारे में जानकारी ली। साथ ही निर्देश दिए कि पशुपालन और मत्स्य पालन के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय कार्यक्रमों का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से किया जाए। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात भी की।
लक्ष्य सेन ने जीता इंडिया ओपन का खिताब, कड़े मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन को दी मात
भारत के शटलर लक्ष्य सेन ने रविवार को केडी जाधव स्टेडियम में चल रहे इंडिया ओपन 2022 का पुरुष एकल फाइनल जीता। लक्ष्य ने 54 मिनट तक चले मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन सिंगापुर के लोह कीन यू को 24-22, 21-17 से हराया। यह पहली बार है जब लक्ष्य सेन अपने करियर में सुपर 500 का खिताब जीतने में सफल रहे हैं। लक्ष्य ने शनिवार को सेमीफाइल में मलेशिया के एनजी त्जे योंग को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
सात्विक और चिराग की जोड़ी बनी चैंपियन, इंडोनेशिया को हराकर रचा इतिहास
सात्विक साईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) और चिराग शेट्टी (Chirag Shetty) की जोड़ी ने रविवार को केडी जाधव स्टेडियम में चल रहे इंडियन ओपन 2022 के पुरुष युगल फाइनल में जीत हासिल की। यह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट श्रृंखला (BWF World Tour Tournament Series) का हिस्सा है। भारतीय जोड़ी ने 43 मिनट तक चले मैच में इंडोनेशिया की मोहम्मद अहसान (Mohammad Ahsan) और हेंड्रा सेतियावान (Hendra Setiawan) की जोड़ी को 21-16, 26-24 से शिकस्त दी।
पीवी सिंधु सेमीफाइनल में हारी
इससे पहले सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने सेमीफाइनल में फ्रांस की फैबियन डेलरू (Fabien Delrue) और विलियम विलेगर (William Villegar) की जोड़ी को हराया था। वहीं शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) 59 मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में थाईलैंड की सुपनिदा कटेथोंग (Supanida Katethong) से 14-21, 21-13, 10-21 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
इंदौर के मेदांता अस्पताल में आग से हड़कंप, कोई जनहानि नहीं
इंदौर । विजय नगर क्षेत्र स्थित मेदांता अस्पताल की चौथी पर बने मेडिकल आइसीयू में रविवार शाम आग लग गई। हादसे के वक्त वहां एक दर्जन से ज्यादा मरीज भर्ती थे। इनमें से चार-पांच वेंटिलेटर पर थे। आग लगते ही आइसीयू में धुआं भराने लगा और अफरा-तफरी मच गई। धुएं की वजह से मरीजों को घबराहट होने लगी और उनकी सांस फूलने लगी। मरीजों के स्वजन ने आग लगने की जानकारी तुरंत मौके पर मौजूद स्टाफ को दी जिसके बाद आग काबू करने की कवायद शुरू हुई।
आइसीयू में भर्ती मरीजों को एक-एक कर तीसरी मंजिल पर शिफ्ट किया गया। जो मरीज वेंटिलेटर पर थे उन्हें सबसे अाखिरी में शिफ्ट किया गया। हादसे ने अस्पताल की फायर सेफ्टी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वजन का कहना है कि आग लगने की जानकारी उन्होंने खुद अस्पताल के कर्मचारियों को दी थी।
अलार्म बजा ही नहीं था जबकि प्रबंधन का दावा है कि तल मंजिल पर बने कंट्रोल रूम में फायर सेफ्टी अलार्म बजा था। कलेक्टर ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं। जांच दल में एडीएम पवन जैन, सीएमएचओ डा.बीएस सैत्या, अग्नि सुरक्षा अधिकारी और बिजली कंपनी के अधिकारियों को शामिल किया गया है। जांच दल जांच के बाद अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगा।
आग रविवार शाम करीब छह बजे लगी थी। अस्पताल की चौथी मंजिल पर बने आइसीयू में भर्ती मरीजों के स्वजन के मुताबिक वे अस्पताल की तीसरी, चौथी और पांचवी थे। अचानक उन्होंने देखा कि मेडिकल आइसीयू से धुआं उठने लगा। इसे देखकर वे घबरा गए और तुरंत आइसीयू के भीतर तरफ दौड़े।
उन्होंने देखा कि आइसीयू में धुआं भर रहा था। उन्होंने शोर मचाना शुरू किया। वे दौडकर अपने मरीज के पास गए। धुआं भराने से मरीज घबराने लगे थे। कुछ मरीजों की सांस अचानक फूलने लगी। आग की वजह से अस्पताल के कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने आग बुझाने के उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। करीब आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस बीच आइसीयू में भर्ती मरीजों को अस्पताल की तीसरी मंजिल पर दूसरे आइसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।
SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ FIR दर्ज, कोरोना प्रोटोकॉल का किया उल्लंघन
शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया एक बार फिर कानूनी मामले में फंस गये हैं। उनके खिलाफ कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन से संबंधित अधिनियम के तहत सुलतानविंड पुलिस थाने में FIR दर्ज किया गया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि शनिवार को अमृतसर शहर के प्रवेश द्वार पर सैकड़ों शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने कोविड प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया का स्वागत किया। इसमें कहा गया है कि शिरोमणि अकाली दल समर्थकों को पंजाब के पूर्व मंत्री को माला पहनाते और ‘सिरोपा’ पहनाते देखा गया। बयान में कहा गया है कि मजीठिया और उनके समर्थकों ने कोविड संबंधी प्रावधानों तथा निर्वाचन आयोग की ओर से लगाए प्रतिबंधों का उल्लंघन किया।
बिक्रम सिंह मजीठिया, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के साले और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं। पिछले महीने कांग्रेस सरकार ने बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत मिली है। जमानत मिलने के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की चन्नी सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा था कि इतिहास में पहली बार 3 महीने में 4 डीजीपी बदले गए हैं। उन्होंने सीएम पर अन्य मंत्रियों के साथ मिलकर फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। शिरोमणि अकाली दल ने भी इस एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया था। लेकिन अब मजीठिया के खिलाफ एक बार फिर से एफआईआर दर्ज हो गई है, जिसमें पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
कार्यकर्ताओं के स्वभाव और व्यवहार की निगरानी में जुटी भाजपा
भोपाल मिशन 2023 की तैयारी में जुटी भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों से जोड़ने के साथ उनके स्वभाव और व्यवहार की निगरानी रखने की तैयारी में भी जुटी है। प्रदेश संगठन ने इसी के चलते बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों को यह संदेश दिया है कि उनका स्वभाव और व्यवहार पार्टी की छवि और भविष्य तय करता है। इसलिए ऐसे कदम न उठाएं जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़े।
कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंचें तो उन्हें हर वर्ग के लिए शुरू की गई योजनाओं की जानकारी हो ताकि पब्लिक को उसके बारे में अवगत करा सकें। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने एक माह में किए गए जिलों के प्रवास के जरिये प्रदेश और केंद्र की मंशा से पार्टी के विधायकों सांसदों मोर्चा पदाधिकारियों और प्रदेश पदाधिकारियों को अवगत कराने का काम किया है। उन्होंने कई मौकों पर दल का महत्व बताते हुए कहा कि सफलता से हमारे अंदर घमंड नहीं आना चाहिए क्योंकि घमंड में सत्ता दुरावस्था की ओर जा सकती है। जब कार्यकर्ता हमारे महापुरुषों के जीवन की पृष्ठभूमि में झांकते हैं तो उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में काम करने की एक दिशा मिलती है।
हम पार्टी में जिस भी पद पर हैं उसके अनुरूप हमारा व्यवहार भी होना चाहिए। जब सभी कार्यकर्ता टीम भावना के साथ आगे बढ़ेंगे तो पार्टी का हर अभियान सफल होगा। इससे पार्टी भी मजबूत होगी और हमारा कार्यकर्ता भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा है कि हमें राजनीति में सामूहिकता लाने का प्रयास करना चाहिए। सुनने का मानस बनाकर कार्यप्रणाली में सुधार करने का प्रयास भी लगातार करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय, प्रभावी काम करने वाले लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष ने जिलों में प्रवास के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकतार्ओं की स्वभाव और व्यवहार पर भी निगाह रखने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हमारे पदाधिकारी का स्वभाव और व्यवहार पार्टी की छवि निर्माण करने का काम करता है। हमारे पदाधिकारी को समाज के लिए सहज, सुलभ और सरल होना चाहिए।
जिलों में प्रवास के दौरान पार्टी के विस्तार में सभी मोर्चो की भूमिका पर भी चर्चा हुई है। इनसे कहा गया है कि मोर्चा के कार्यकर्ता अपने संबंधित वर्ग को पार्टी से जोड़ने का काम करें। सभी मोर्चा कार्यकतार्ओं को संबंधित वर्ग की सारी जानकारियां होना चाहिए। मोर्चा पदाधिकारियों को उन वर्गों के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का भी पूरा अध्ययन होना चाहिए।
मोर्चा के कार्यकर्ता जब सारी जानकारियों से लैस होकर समाज के बीच में काम करेंगे तो निश्चित ही पार्टी का जनाधार बढेगा।मोर्चा पदाधिकारियों का दायित्व है कि वह इन सभी कामों को जनता के बीच में लेकर जाए और विस्तारक अभियान में भी अपनी भूमिका निभाएं।





