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इंदौर नगर निगार के चार कर्मचारियों का काम में लापरवाही करने पर वेतन रोका

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इंदौर । शुक्रवार को निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने जोन 18 के वार्डों में सुबह 7.30 बजे स्नेह नगर, अग्रवाल नगर, मनीष बाग कालोनी, पटेल नगर, अग्रसेन चौराहा, नवलखा रोड, मूसाखेड़ी व जोन के विभिन्न मार्ग, बैकलेन, उद्यानों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान वार्ड नंबर 63 में स्वच्छ सर्वेक्षण के प्रोटोकाल के अनुसार सफाई व्यवस्था ठीक नहीं पाए जाने व सफाई कार्य में लापरवाही मिलने पर इस वार्ड के सहायक दरोगा अंजू रील को रेशम केन्द्र गौशाला में भेजने तथा वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

इस वार्ड सफाई व्यवस्था के साथ ही उद्यान में संधारण कार्य में लापरवाही करने पर क्षेत्रीय सहायक सीएसआई आकाश अंसारी, दरोगा बंटी चांवरे, उद्यान दरोगा संतोष कदम का आगामी आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश दिए। आयुक्त के निरीक्षण के दौरान विद्युत उपयंत्री रोहण कडेकर, प्रवीण सिंह, आरीफ खान से बार-बार सेट पर संपर्क करने के उपरांत भी उपरोक्त उल्लेखित विद्युत उपयंत्रियों द्वारा रिस्पांस नहीं दिया गया। ऐसे में उनका एक-एक दिन का वेतन राजसात करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों को सर्वेक्षण के प्रोटोकाल के अनुसार काम करने के दिए निर्देश

आयुक्त ने निगम के सभी जोनल अधिकारी, झोन नियंत्रणकर्ता अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सीएसआई व अन्य अधिकारियों को स्वच्छ सर्वेक्षण की गाइड लाइन के अनुसार सफाई कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसमें उन्हें अपने-अपने इलाकों के सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालय, यूरिनल की सफाई, स्टार्म वाटर लाइन, सफाई, घरों से कचरा एकत्रीकरण व एकमुश्त कचरा संग्रहण व्यवस्था, फुटपाथ की सफाई, लिटरबीन की सफाई, ग्रीन बेल्ट का संधारण, सी एंड डी वेस्ट व मलबे को हटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सड़कों पर एकत्र होने वाली पेड़-पौधों की पत्तियों को हटवाने, उद्यान को साफ रखना, कम्पोस्ट पिट का व्यवस्थित संचालन करने के निर्देश दिए।

शानदार जीत के बाद भगवंत मान ने अरविंद केजरीवाल का लिया आशीर्वाद

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दिल्ली// पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) को जबरदस्त समर्थन मिला है और वहां पार्टी सरकार बनाने जा रही है। उससे पहले पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार भगवंत मान ने दिल्ली पहुंचकर मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और पैर छूकर उनके आशीर्वाद लिए। इस मौके पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी थे। भगवंत मान 16 मार्च को शपथ ग्रहण करेंगे।। उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित किया है। उनके दिल्ली दौरे का एक मकसद ये भी था। इसके अलावा वे दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल के साथ 13 मार्च को अमृतसर में रोड शो भी करेंगे।

इससे पहले भगवंत मान ने शपथ ग्रहण के बारे में पूछे जाने पर बताया था कि हम राजभवन में नहीं, बल्कि भगत सिंह के पैतृक गांव में शपथ लेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह नवांशहर जिले के महान स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां में होगा। उन्होंने दावा किया कि किसी भी सरकारी कार्यालय मुख्यमंत्री की तस्वीरें नहीं लगाई जाएगी। इसके बजाय सरकारी कार्यालयों में दीवारों पर भगत सिंह और बी आर अंबेडकर की तस्वीरें लगाई जाएंगी।

पंजाब में आम आदमी पार्टी ने क्लीन स्वीप किया है। पंजाब की 117 सीटों में से आप को 92, कांग्रेस को 18, अकाली दल+ 4, बीजेपी+ 2 और अन्य को 1 सीट मिली है। भगवंत मान ने भी धुरी से कांग्रेस के दलवीर सिंह गोल्डी को 58 हजार से अधिक वोटों से हराकर शानदार जीत दर्ज की। भगवंत मान ने लोगों से एकजुट होकर काम करने की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों ने आप को वोट नहीं दिया, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार समाज के सभी वर्गों के लिए काम करेगी।

बापू के सपनों को कर रहे साकार – पीएम मोदी

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अहमदाबाद// पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नये मिशन पर निकल गये हैं। अपने दो दिनों के दौरे पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद के GMDC ग्राउंड में गुजरात महा-पंचायत सम्मेलन में भाग लिया। इस कार्यक्रम में राज्य के एक लाख से ज्यादा पंचायती राज प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पीएमओ के मुताबिक, गुजरात में त्रिस्तरीय पंचायती राज के ढांचे में 33 जिला पंचायत, 248 तालुका पंचायत और 14,500 ग्राम पंचायत हैं। ‘गुजरात पंचायत महासम्मेलन : अपनू गाम, अपनू गौरव’ नाम के इस कार्यक्रम में राज्य के पंचायती राज संस्थानों के तीनों स्तरों से प्रतिनिधि शामिल हुए।

    • ये बापू की धरती है, ये सरदार वल्लभ भाई पटेल की धरती है। बापू ने हमेशा ग्रामीण विकास की बात, आत्मनिर्भर गांव की बात, सशक्त और समर्थ गांव की बात कही है।
    • जब आजादी के अमृतकाल में हम हैं और आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं तो पूज्य बापू के सपनों के हम सब एक प्रकार से प्रतिबद्ध है कि आजादी की जंग में जो सपने देख कर लोगों ने खुद को आहूत किया, अपनी जवानी खपा दी तो हमें उन सपनों को साकार करना चाहिए।
    • ग्राम स्वराज का सपना साकार करने के लिए पंचायती राज व्यवस्था अपने आप में एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है और उस व्यवस्था को दिशा देने का काम, परिवर्तन लाने का निरंतर प्रयास करने का काम, उसे गति देने का काम आप सभी जन प्रतिनिधि और पंच सरपंच कर रहे हैं।
    • कोरोना महामारी के दौरान भी हमारे छोटे किसानों ने सुनिश्चित किया कि भोजन की कोई कमी न हो।

कल का कार्यक्रम

यात्रा के दूसरे दिन पीएम मोदी पुलिसिंग, क्रिमिनल जस्टिस और सुधारात्मक एडमिनिस्‍ट्रेशन के प्रशिक्षण के लिए बनाई राष्ट्रीय पुलिस यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे। साथ ही शाम को 11वें खेल महाकुंभ का उद्घाटन करेंगे। सरकार ने रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में सुधार के द्वारा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय नाम से एक राष्ट्रीय पुलिस विश्वविद्यालय की स्थापना की है। कल यानी 12 मार्च को पीएम सुबह 11 बजे राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) की इमारत को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। बतौर मुख्य अतिथि वे RRU के पहले दीक्षांत समारोह में संबोधन देंगे। इसके बाद शाम 6.30 बजे, खेल महाकुंभ का उद्घाटन करेंगे।

ब्रैलेट और मैचिंग स्कर्ट में कैटरीना कैफ ने रोकी फैंस की सांसें

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क्ट्रेस कैटरीना कैफ हमेशा सुर्खियों में रहती है। पिछले साल उन्होंने विक्की कौशल संग सात फेरे लिए। जिसके बाद से ज्यादा लाइमलाइट में रहने लगी हैं। फैंस भी उनके बारे में सबकुछ जानना चाहते हैं। इस बीच उनकी कुछ गॉर्जियस फोटोज सामने आए हैं। जिसमें वो बेहद सुंदर दिख रही है। उन्होंने समंदर किनारे फोटोशूट कराया है। जिसकी तस्वीरें शेयर की है, जो काफी वायरल हो रही है।

समंदर किनारे दिखीं बोल्ड

कैटरीना कैफ ने इंस्टाग्राम पर फोटोज शेयर की है। इन तस्वीरों में अभिनेत्री ग्रीन कलर की ब्रैलेट और मैचिंग स्कर्ट पहने नजर आ रही हैं। उन्होंने बालों को खुला रखा है। वह गले में गोल्डन चेन से लुक को कंप्लीट किया। कैटरीना की फोटोज एक एड शूट की है। उन्होंने एक्टर धैर्य करवा के साथ स्लाइस मैंगो ड्रिंक के लिए किया था। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि खास जगह, खास दिन मेरे पसंदीदा के साथ।

बहनों संग फोटो की शेयर

इससे पहले कैटरीना कैफ ने अपनी बहनों के साथ दिल को छू लेने वाली फोटो शेयर कर इंटरनेशनल विमेंस डे सेलिब्रेट किया। उन्होंने कैप्शन दिया कि एक परिवार में बहुत सारी महिलाएं। वहीं कैटरीना और विक्की अपनी तस्वीरों से फैंस को शॉक्ड करते हैं। हाल ही में दोनों एयरपोर्ट पर साथ दिखे थे।

इन फिल्मों में आएंगी नजर

वर्कफ्रंट की बात करें तो कैटरीना कैफ टाइगर 3 में सलमान खान के साथ दिखाई देंगी। फिल्म 21 अप्रैल, 2023 को रिलीग होगी। वहीं एक्ट्रेस, जल्द ही विजय सेतुपति के साथ मेरी क्रिसमस की शूटिंग शुरू करेंगी। सिद्धांत चतुर्वेदी और ईशान खट्टर के साथ फोन भूत और जी ले जरा भी पाइपलाइन में है।

चुनाव नतीजों पर CM शिवराज ने कहा की : साफ है कि देश में तुष्टीकरण की राजनीति नहीं चलेगी

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भोपाल। ‘उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा विधानसभा के चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया है कि देश में तुष्टीकरण की राजनीति नहीं चलेगी। उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति श्रद्धा और विश्वास के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कामों को ठीक से जनता तक क्रियान्वित किया। उत्तराखंड में पुष्कर धामी जी, मणिपुर में बीरेन्द्र सिंह जी और गोवा में प्रमोद सावंत जी ने योजनाओं को ठीक से जमीन पर पहुंचाने का प्रयास किया है। नतीजतन भाजपा को जीत का आशीर्वाद मिला।

उन्‍होंने कहा कि इन चुनावों ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनता को बांटने वाले नकारे जाएंगे। आतंक और गुंडागर्दी फैलाने वालों का अब राजनीति में कोई स्थान नहीं रहेगा। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कही। विधानसभा परिसर में मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि चार राज्यों में यह विजय हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति जनता के विश्वास की विजय है। उन्हें जनता श्रद्धा और भक्ति भाव से देखती है।

शिवराज ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के विकास, गरीबों के कल्याण की योजनाएं और समाज के हर वर्ग का कल्याण के लिए जो काम किए, वे अद्वितीय हैं। माताएं-बहनें सर्वोपरि हैं। चुनाव में संप्रदायवाद, जातिवाद से ऊपर उठकर प्रधानमंत्री के प्रति विश्वास के रूप में जनता ने भाजपा को आर्शीवाद दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में कार्यकर्ता ने परिश्रम किया। कुशल संगठन अमित शाह ने अचूक रणनीति बनाई, इसलिए भारतीय जनता पार्टी विजय का नया इतिहास लिख रही है।

केसरिया साफा बांधकर विधानसभा पहुंचे गृहमंत्री

प्रारंभिक रुझान में ही भाजपा की उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में विजय सुनिश्चित होने के साथ भाजपा के विधायकों में खुशी का माहौल था। गृह मंत्री डा.नरोत्तम मिश्रा घर पर जीत का जश्न मनाने के बाद साफा बांधकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने सदन में कहा कि कि उत्तर से पूर्व तक और पूर्व से उत्तर तक, राष्ट्रवाद और भगवा ही चल रहा है। कमल ही कमल है। यह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और कांग्रेस तथा सपा को वनवास वाला दिन है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व वैश्विक है।

अनौपचारिक कैबिनेट में दी बधाई

चुनाव परिणाम आने के बाद विधानसभा परिसर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के सभा कक्ष में कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक बुलाई गई। इसमें उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भाजपा की जीत पर बधाई दी गई। मंत्रियों ने कहा कि जनता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भरोसा जताया है। केंद्र सरकार की योजनाओं पर जनता ने मुहर लगाई है। बैठक में प्रदेश के बजट को लेकर जनता से मिल रही प्रतिक्रिया को भी साझा किया गया और सभी को निर्देश दिए गए कि बजट के प्रविधानों को जन-जन तक पहुंचाएं।

70 में 47 सीटों पर भाजपा मिली जीत

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उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में से अभी तक 65 सीटों के परिणाम आ गए हैं। जिनमें से 47 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस के खाते में 19 सीटें गई हैं। बहुजन समाज पार्टी को दो सीटों पर जीत मिली हैं। साथ ही दो निर्दलीय भी जीते हैं।

सीएम योगी के नाम दर्ज हुए ये बड़े रिकॉर्ड

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उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक चुनाव जीत लिया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम कई रिकॉर्ड दर्ज होंगे। 18 साल में यह पहली बार था, जब किसी मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव लड़ा। इससे पहले 2003 में सीएम रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी से चुनाव लड़ा था। इस बार सीएम योगी ने गोरखपुर शहरी सीट से चुनाव लड़ा और रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी।

1. पांच साल का कार्यकाल पूरा कर फिर से सत्ता पाने वाले पहले सीएम

भाजपा की जीत चुकी है और यह भी तय है कि योगी आदित्यनाथ ही फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। देश की आजादी के बाद उत्तर प्रदेश में ऐसा पहली बार होगा, जब कोई मुख्यमंत्री अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा सत्ता पर काबिज होगा। प्रदेश के 70 साल के इतिहास में अब तक ऐसा नहीं हुआ है। यह अलग बात है कि यूपी में ऐसे कई मुख्यमंत्री हुए, जो दोबारा सत्ता में आए, लेकिन उनमें से किसी ने पहले पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया था। इनमें संपूर्णानंद, चंद्र भानू गुप्ता से लेकर हेमवती नंदन बहुगुणा तक के नाम शामिल हैं। ये सभी मुख्यमंत्री रहते हुए दोबारा सत्ता में काबिज हुए, लेकिन किसी का पहला कार्यकाल एक साल का था तो किसी का दो या तीन साल का।

2. 2003 के बाद योगी पहले ऐसे नेता, जो विधायक रहते हुए बनेंगे सीएम

यह भी एक संयोग ही है कि मायावती से लेकर अखिलेश यादव और खुद योगी आदित्यनाथ तक विधान परिषद के जरिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे। मतलब इनमें से कोई भी नेता विधायक रहते हुए सीएम नहीं बना। 2003 में आखिरी बार मुलायम सिंह यादव मैनपुरी के गुन्नौर से मुख्यमंत्री रहते हुए चुनाव लड़े थे। चुनाव जीतने के बाद वह विधायक बने और फिर 2007 तक सत्ता संभाली।

2007 में मायावती मुख्यमंत्री बनीं, लेकिन बिना चुनाव लड़े। 2012 में अखिलेश यादव और 2017 में योगी आदित्यनाथ भी विधान परिषद के रास्ते ही मुख्यमंत्री बने। इस बार योगी आदित्यनाथ विधायक चुने जा चुके हैं।

3. लगातार दूसरी बार शपथ लेने वाले भाजपा के पहले सीएम

2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने थे। अब वह पांच साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अब एक बार फिर वह सरकार बनाने को तैयार हैं। 1985 के बाद वह ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने अपनी पार्टी को लगातार दूसरी बार सत्ता दिलाई। उत्तर प्रदेश के इतिहास में ऐसे पहले मुख्यमंत्री और राजनेता होंगे, जिनके नेतृत्व में विधानसभा का निर्धारित पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद कोई दल फिर सत्ता में वापसी करेगा। यदि वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं तो लगातार पांच साल पूरा करने के बाद दूसरी बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले पहले भाजपा के नेता होंगे।

4. तोड़ दिया यह मिथक

यूपी में अब तक माना जाता रहा है कि नोएडा जाने वाले मुख्यमंत्री की कुर्सी सुरक्षित नहीं रहती है। उसकी सत्ता में वापसी नहीं होती। इस कारण कुछ मुख्यमंत्री तो नोएडा जाने से बचते रहे। उद्घाटन या शिलान्यास को लेकर कुछ को कार्यक्रम के सिलसिले में वहां जाने की जरूरत पड़ी तो नोएडा न जाकर अगल-बगल या दिल्ली के किसी स्थान से इस काम को पूरा किया गया। योगी ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जो नोएडा जाने से डरने के बजाय वहां कई बार गए। उन्होंने नोएडा जाने के बाद भी लगातार पांच साल मुख्यमंत्री रहकर एक मिथक तोड़ दिया, और अब फिर से सत्ता में आकर सारे मिथक तोड़ दिए।

कब से चल रहा यह मिथक?
1988 से यह मिथक है कि नोएडा जाने वाले मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाती है। वीर बहादुर सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। वह नोएडा गए और संयोग से उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी चली गई। नारायण दत्त तिवारी को मुख्यमंत्री बनाया गया। वह 1989 में नोएडा के सेक्टर-12 में नेहरू पार्क का उद्घाटन करने गए।

कुछ समय बाद चुनाव हुए, लेकिन वह कांग्रेस की सत्ता में वापसी नहीं करा पाए। इसके बाद कल्याण सिंह और मुलायम सिंह यादव के साथ भी ऐसा ही हुआ कि वह नोएडा गए और कुछ दिन बाद संयोग से मुख्यमंत्री पद छिन गया। राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री थे तो उन्हें नोएडा में निर्मित एक फ्लाईओवर का उद्घाटन करना था। पर, उन्होंने नोएडा की जगह दिल्ली से उद्घाटन किया। अगर भाजपा फिर से चुनाव में जीत हासिल करती है तो योगी आदित्यनाथ इस मिथक को भी तोड़ देंगे।

5. 39 साल बाद किसी सीएम ने लगातार दूसरी बार अपनी पार्टी को जीत दिलाई

39 साल बाद योगी पहले ऐसे सीएम हैं, जिन्होंने अपनी पार्टी को लगातार दूसरी बार जीत दिलाई है। ओरऑल देखें तो योगी ऐसा करने वाले पांचवें सीएम हैं। इसके पहले 1957 में संपूर्णानंद, 1962 में चंद्रभानु गुप्ता, 1974 में हेमवती नंदन बहुगुणा और 1985 में एनडी तिवारी भी ऐसा कर चुके हैं।

पीएम ने कार्यकर्ताओं का जताया आभार

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बीजेपी ने यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में शानदार कामयाबी हासिल की है और इन प्रदेशों में सरकार बनना लगभग तय है। इस शानदार जीत पर कार्यकर्ताओं को बधाई देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय पर पहुंचे और हजारों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं ने मुझसे वादा किया था कि 10 मार्च से ही होली शुरू हो जाएगी और उन्होंने अपना वादा निभाया।

इस मौके पर उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। संबोधन की शुरुआत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चार बार नरेंद्र मोदी को प्रदेश की जनता ने लगातार अपना आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की राजनीति की संस्कृति बदल दी है।

पीएम मोदी के संबोधन की अहम बातें

    • आज उत्साह और उत्सव का दिन है। मैं इन चुनावों में हिस्सा लेने वाले सभी मतदाताओं को बधाई देता हूं। उनके निर्णय के लिए मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं। विशेष रूप से हमारी माताओं, बहनों और युवाओं ने जिस तरह से BJP का समर्थन किया वह अपने आप में बड़ा संदेश है।
    • चुनाव के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं ने मुझसे वादा किया था कि इस बार होली 10 मार्च से ही शुरू हो जाएगी। हमारे कर्मठ कार्यकर्ताओं ने अपने वादे को पूरा करके दिखाया है। मैं अपने कार्यकर्ताओं की भूरी-भूरी प्रशंसा करूंगा, जिन्होंने इन चुनावों में कड़ी मेहनत की है।
    • उत्तर प्रदेश ने देश को अनेक प्रधानमंत्री दिए हैं लेकिन 5 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले किसी मुख्यमंत्री के दोबारा चुने जाने का ये पहला उदाहरण है।
    • उत्तर प्रदेश में 4 दशक बाद कोई सरकार लगातार दूसरी बार सत्ता में आई है। तीन राज्य उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर में सरकार में होने के बावजूद बीजेपी के वोट बैंक में वृद्धि हुई है।
    • गोवा में सभी एग्जिट पोल गलत निकले और वहां की जनता ने तीसरी बार सेवा करने का मौका दिया है। 10 साल तक सत्ता में रहने के बाद भी राज्य में BJP की सीटों की संख्या बढ़ी है।
    • उत्तराखंड में भी BJP ने नया इतिहास रचा है, राज्य में पहली बार कोई पार्टी लगातार दूसरी बार सत्ता में आई है।
    • उत्तर प्रदेश के चुनाव के नतीज़ों ने एक बात और साबित कर दी है और मैं सभी ज्ञानियों को कहता हूं कि देश की भलाई के लिए पुरानी घिसीपिटी रिकॉर्ड को छोड़कर जरा नए सिरे से सोचना शुरू कीजिए।

इंटरनेशनल फ्लाइट्स दो साल बाद इस दिन से शुरू होंगी

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दो साल बाद भारत 27 मार्च से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन फिर से शुरू करेगा। केंद्र सरकार ने एक आदेश में इसकी जानकारी दी। कहा कि दुनियाभर में टीकाकरण कवरेज में वृद्धि को मान्यता मिलने के बाद और हितधारकों से परामर्श से अनुसूचित वाणिज्यित अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को शुरू करने का निर्णय लिया है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि इंटरनेशनल परिचालन यात्रा के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के अधीन होगा। बता दें 28 फरवरी तो DGCA ने नियमित वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध अगले आदेश तक बढ़ा दिया था।

भारत पिछले वर्ष से एयर बबल व्यवस्था के तहत उड़ाने संचालित कर रहा है। वहीं अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, भूटान, बांग्लादेश, कनाडा, इथियोपिया, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इराक, जापान, कजाकिस्तान, केन्या, कुवैत, मालदीव, मॉरीशस, नेपाल, ओमान, कतर, सिंगापुर, सऊदी अरब, अमेरिका और उजबेकिस्तान के साथ एयर बबल समझौता किया है।

उड्डयन मंत्रालय ने पिछले साल 15 नवंबर 2021 से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने की घोषण की थी। लेकिन ओमिक्रोन केस में वृद्धि के कारण उस आदेश को रद्द कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी की पहली लहर से निपटने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन लागू होने के बाद मार्च 2022 में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को निलंबित कर दिया गया था।

मध्‍य प्रदेश की सरकार 80 हजार शिक्षकों को क्रमोन्नति देने पर विचार कर रही

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भोपाल । राज्य सरकार वर्ष 2006 के बाद नियुक्त करीब 80 हजार शिक्षकों को क्रमोन्नति देने पर विचार कर रही है पर उन्हें यह लाभ कब तक मिलेगा, यह बताना सरकार के लिए अभी मुमकिन नहीं है। विधायक राकेश मावई के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी सरकार की ओर से स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री इंदरसिंह परमार ने विधानसभा में लिखित में दी। नवदुनिया ने तीन मार्च के अंक में ‘शिक्षकों की क्रमोन्नति : किसको दें अधिकार, तीन साल में तय नहीं बना पाई सरकार” शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया है।

विधायक ने यह भी पूछा है कि अध्यापक संवर्ग की स्कूल शिक्षा विभाग में नियुक्ति की गई है या संविलियन। इस पर सरकार ने बताया कि मप्र राज्य स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षणिक संवर्ग) सेवा शर्तें एवं भर्ती नियम 2018 के तहत कार्रवाई की गई है।

विधायक ने राज्य शिक्षा केंद्र सहित अन्य इकाइयों के परस्पर संविलियन का सवाल किया, जिस पर सरकार ने साफ किया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वहीं मिडिल, हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों में पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक और प्राचार्य की भर्ती एवं पदोन्नति के सवाल पर सरकार ने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस मामलें में कोर्ट ने स्टेटस को (यथास्थिति) के निर्देश दिए हैं। इसलिए समय सीमा नहीं बता सकते हैं।

विधायक ने पूछा-सहायक शिक्षकों को पदनाम कब मिलेगा

विधायक निलय विनोद डागा ने पूछा है कि सहायक शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान के आधार पर पदनाम कब तक मिलेगा। इस पर सरकार ने साफ कर दिया है कि समय सीमा बता पाना संभव नहीं है। क्योंकि प्रकरण नीतिगत स्वरूप का है। डागा का सवाल था कि मुख्यमंत्री ने सितंबर 2017 में भोपाल और दिसंबर 2017 में नसरुल्लागंज में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में सहायक शिक्षकों को क्रमोन्नति के आधार पर पदनाम देने की घोषणा की थी। जिसका पालन चार साल बाद भी नहीं हो रहा है।