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अमिताभ बच्चन की नातिन Navya Naveli-Siddhant Chaturvedi के साथ रिलेशनशिप में ?

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मनोरंजन की दुनिया में पर्दे के पीछे के किस्से लोगों को और भी ज्यादा दिलचस्प लगते हैं. कई अलग-अलग कारणों से नव्या नवेली नंदा चर्चा में छाई रहती हैं। अब ताजा रिपोर्ट्स नव्या नवेली नंदा की पर्सनल लाइफ को लेकर आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, नव्या नवेली एक बॉलीवुड एक्टर के साथ रिलेशनशिप में हैं।

कथित तौर पर नव्या नवेली अपकमिंग फिल्म बंटी और बबली-2 के स्टार सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ सीरियस रिलेशनशिप(Love Birds )में हैं। दोनों एंटरटेनमेंट वर्ल्ड के सबसे नए कपल हैं। हालांकि, इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

श्वेता बच्चन नंदा की बेहद खूबसूरत बेटी नव्या की सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग भी किसी एक्ट्रेस से कम नहीं है. नव्या अक्सर इंस्टाग्राम पर ग्लैमरस फोटोशूट शेयर करती रहती हैं. इन दिनों नव्या का नाम ‘बंटी और बबली 2’एक्टर सिद्धांत चतुर्वेदी (Siddhant Chaturvedi) के साथ जुड़ रहा है. खबर है कि नव्या और सिद्धांत (Love Birds)सीरियस रिलेशनशिप में हैं.

 

नव्या नवेली नंदा और मीजान के डेटिंग की खबर थी
नव्या नवेली नंदा फेमस एक्टर जावेद जाफरी के बेटे मीजान जाफरी संग डेट कर रही थीं. नव्या और मीजान की दोस्ती जावेद की बेटी आलाविया जाफरी की वजह से है. मीजान ने पहले दिए कई इंटरव्यू में इस रिश्ते के बारे में कहा था कि वे और नव्या सिर्फ अच्छे दोस्त हैं और मीडिया में डेटिंग की खबरों की वजह से उनके लिए एक समय काफी अजीब सा हो गया. हालांकि अब जो खबर आ रही है उसके मुताबिक नव्या, सिद्धांत चतुर्वेदीको पसंद करती
गली बॉय’फेम एक्टर सिद्धांत चतुर्वेदी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह सिंगल नहीं हैं बल्कि किसी को डेट कर रहे हैं. वह लड़की फिल्म इंडस्ट्री से ताल्लुक तो रखती है लेकिन एक्ट्रेस नहीं है. ऐसे में माना जा रहा है कि सिद्धांत का इशारा नव्या की तरफ था.

नव्या और सिद्धांत अपने रिलेशनशिप को लेकर काफी सीरियस हैं. हालांकि इस बारे में ना नव्या ना ही सिद्धांत की तरफ से कोई रिएक्शन सामने आया है.उनका इरादा बॉलीवुड में करियर बनाने बनाने का नहीं है. नव्या अपने फैमिली बिजनेस में अपने पापा का हाथ बंटाना चाहती हैं.

माना जा रहा है कि नंदा खानदान की चौथी पीढ़ी की विरासत को आगे ले जाने वाली पहली लेडी होंगी जो बिजनेस में हाथ आजमाएंगी. नव्या के मुताबिक अपने परदादा एच पी नंदा की लीगेसी को आगे बढ़ाना उनके लिए गर्व की बात है.

100 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे स्कूल, छोटी कक्षाओं के बच्चे अभिभावकों की अनुमति से ही स्कूल आ सकेंगे

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भोपाल : मध्यप्रदेश में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत लगी सभी पाबंदियां हटा दी गई हैं। शादियों में मेहमानों की संख्या के अलावा सिनेमाघर के दरवाजे भी पूरे खुल गए। कोरोना के तहत लगी सारी पाबंदियां ख़त्म करने के आदेश जारी हो गए! अब 100 फीसदी क्षमता के साथ प्रदेश में सभी स्कूल भी खुलेंगे। लेकिन, अभी भी अभिभावकों की मंजूरी के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा।

कोरोना की पाबंदिया समाप्त (Covid Restrictions Removed) कर दी गई। स्कूल, कॉलेज, जिम, मॉल और सिनेमा हॉल पूरी क्षमता के साथ खुल गए। साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन भी होने लगे। लेकिन, छोटे बच्चों के स्कूल खुलने पर अभी कुछ प्रतिबंध है। क्लास वन के नीचे के बच्चे अभी स्कूल नहीं जा रहे। सरकार ने मंजूरी तो दे दी, पर बच्चों को स्कूल आने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता। इसके लिए अभिभावकों की अनुमति अनिवार्य होगी।

स्कूली शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट कर दिया कि छोटी कक्षाओं के बच्चों को बुलाने से पहले उनके अभिभावकों से संपर्क जाएगा। शिक्षा विभाग के मुताबिक, अभी पुराने प्रोटोकॉल के तहत ही अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजेंगे। बाकी निर्णय उच्च अधिकारियों के स्तर पर होगा। मतलब यह कि बच्चों को स्कूल भेजने का अंतिम फैसला उनके अभिभावक ही करेंगे। उधर, अभिभावकों के सामने बड़ा कि बिना वैक्सीनेशन के बच्चों को स्कूल कैसे भेजा जाए!

शिवाजी नगर के 64 फ्लैट हो सकते है नवागत IAS का बसेरा

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भोपाल: यहां शिवाजी नगर में बनने वाले डी टाइप 64 फ्लैट नवागत IAS अफसरों का बसेरा हो सकते है।
आईएएस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इन आवासों के लिए नवागत आईएएस अधिकारियों को पात्रता प्रदान किए जाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

आईएएस एसोएिशन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को 17 दिसंबर से 19 दिसंबर तक होंने वाली आईएएस मीट के लिए आमंत्रण देते समय यह मांग रखी थी। संभावना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस संबंध में मीट के दौरान ही कोई घोषणा करेंगे।

आईएएस मीट का शुभारंभ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। मीट के दौरान इस बार कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। कुछ विषय विशेषज्ञ भी इस मौके पर अपना उद्बोधन देंन दंगे। इस बार कुछ अलग प्रकार की खेल स्पर्धाएं होंगी और चूंकि अब दो साल बाद यह आयोजन होंने जा रहा है इसलिए इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी कुछ और रोचक अंदाज में पेश किया जाएगा।

बारह नये क्षेत्रों में सहकारिता विभाग

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भोपाल:किसानों को बिना ब्याज के कर्ज, पीडीएस की खरीदी, रियायती दरों पर खाद, बीज, कीटनाशक वितरण जैसी योजनाओं के संचालन के कारण ज्यादा मुनाफा नहीं कमा पा रहे सहकारी बैक, सहकारी समितियों को पुर्नजीवन देने, उनकी आय बढ़ाने के लिए अब सहकारिता विभाग बारह नये क्षेत्रों में काम करेगा। सहकारी संघों का गठन कर पीपीपी मोड पर ये काम किए जाएंगे। इससे सहकारिता विभाग,जिला सहकारी बैंक, राज्य सहकारी बैंक और प्राथमिक सहकारी समितियों की आमदनी भी बढ़ेगी और रोजगार के अवसरों में भी इजाफा होगा।

सहकारिता विभाग ने बारह नये क्षेत्र चिन्हित किए है। इनमें अलग-अलग सहकारी संघ गठित किए जाएंगे। इन सहकारी संघों से टू टियर और थ्री टियर सिस्टम बनाकर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए ये काम किए जाएंगे। विपणन संघ और राज्य सहकारी संघ के साथ पीपीपी मोड पर काम करने का प्रारुप भी तैयार किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सहकारिता विभाग जिन नये क्षेत्रों में प्रवेश करने जा रहा है उनमें खाद उत्पादन, श्रम, पर्यटन, खनिज, उद्योग, ग्रामीण पर्यटन, बहुउददेश्यीय राशन दुकाने,सर्विस सेक्टर, आईटी और उद्यानिकी सहित कुल बारह क्षेत्रों में काम करेगा।

सहकारिता विभाग उद्यानिकी और औद्योगिक क्षेत्रों में सहकारी संघों का गठन कर यहां थ्री टियर सिस्टम से काम करेगा।
अपैक्स बैंक,जिला सहकारी बैंक और प्राथमिक सहकारी समितियों को इनसे जोड़ा जाएगा। पूरा योजना बनाने और मानीटरिंग तथा वित्त उपलब्ध कराने का काम अपैक्स बैंक करेगा। जिला सहकारी बैंक तकनीकी और प्रशासनिक अमला उपलब्ध कराएंगे। प्राथमिक सहकारी समितियों के जरिए इसे मैदानी स्तर पर कराया जाएगा।

पर्यटन से सुविधा और आय-
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां आवागमन के साधन नहीं है या कम है वहां छोटे सात सीटर से लेकर 21 सीटर तक के वाहन बैंको से कर्ज लेकर सहकारी संघों के जरिए संचालित किए जाएंगे। इसमें यह भी देखा जाएगा कि किस क्षेत्र में परिवहन की संभावनाएं ज्यादा है वहां पहले इन वाहनों का संचालन किया जाएगा। इससे ग्रामीण अंचलों के रहवासियों को आवागमन की सुविधा भी मिलेगी और सहकारी संघ, बैंको और समितियों की आय भी बढ़ेगी।

सर्विस सेक्टर और आईटी-
कोरोना काल में सर्विस सेक्टर और आईटी के क्षेत्र में काम की संभावनाए बहुत बढ़ी है। सहकारिता विभाग विभिन्न सेवाएं ग्रामीण अंचलों तक रियायती शुल्क पर उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी की सेवाएंभी ग्रामीण अंचलों तक उपलब्ध कराई जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं सुविधाओें का लाभ भी लोगों को घर बैठे मिल सकेगा और सहकारी संस्थाओं, बैंको,संघों को लाभ भी होगा। स्थानीय युवाओं को इसके जरिए रोजगार से जोड़ा जाएगा।

खाद उत्पादन,उद्यानिकी-
ग्रामीण अंचलों में खेतों और उद्यानों के लिए जैविक खाद, वर्मी कंपोस्ट, नीम खली, केचुंआ खाद और अन्य खाद, कीटनाशक और प्रमाणित बीज स्थानीय स्तर पर तैयार किएजाएंगे। इसी तरह छोटी-छोटी नर्सरियां बनाकर वहां औषधीय पौधे, सजावटी पौधे, फलदार पौधे तैयार कराए जाएंगे। उनकी बिक्री गांव से लेकर शहर तक की जाएगी। किसान भी इसे खरीदेंगे और व्यापारी तथा आमजन भी इन्हें ले सकेंगे। बाद में पुष्पों की खेती कर उससे भी मुनाफा अर्जित किया जाएगा।

न्यू दिल्ली : विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में इंदौर को लगातार पांचवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया। केंद्र सरकार के घोषित ‘सफाई मित्र चैलेंज’ अवॉर्ड भी इंदौर को मिला है। पांच सितारा श्रेणी के पुरस्कार सहित इंदौर को तीन अवॉर्ड मिले। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान भवन में इंदौर को नंबर वन शहर, 12 करोड़ का सफाई मित्र अवॉर्ड और 5 स्टार रेटिंग अवाॅर्ड दिए। बीते चार साल से इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा है। चारों बार स्वच्छता के मामले में इंदौर ने देश में नंबर वन का अवॉर्ड अपने नाम किया। शहर की इस उपलब्धि के पीछे नगर निगम और सफाई मित्रों की मेहनत मानी जा रही है। इस बार इंदौर को तीन अवॉर्ड मिले। स्वच्छता में न केवल नंबर-वन अवॉर्ड दिया गया। साथ ही ‘सफाई मित्र चैलेंज अवार्ड’ और ‘फाइव स्टार कैटेगरी अवॉर्ड भी इंदौर के खाते में आया। केंद्र के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा हर साल सात सितारा रैंकिंग दी जाती है। लेकिन, इस बार पांच सितारे दिए गए। ‘सफाई मित्र चैलेंज’ अवॉर्ड के तहत 12 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी। नगर निगम को 45 करोड़ रुपए कचरा प्रबंधन के लिए जनता दे रही है। 137 किमी नदी-नालों की सफाई पर 343 करोड़ खर्च किए गए हैं। 1200 टन कचरे का रोज निपटान कर रहा है। शहर की व्यवस्था 11364 सफाई मित्रों के हवाले है। इंदौर जब इस मुकाबले में उतरा तो पहली बार निगम के 160 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। जबकि, अब 50 करोड़ सालाना खर्च हो रहे हैं। यहां हारा नहीं कोई सबकी हुई है जीत,दो कदम आगे बढ़ने एक कदम पीछे लेने की है रीति पहली बार में कचरा वाहन खरीदने, ट्रांसफर स्टेशन बनाने के कारण कचरा प्रबंधन पर 160 करोड़ खर्च हुए थे। लेकिन, अब यह खर्च सालभर में 50 करोड़ हो रहा है। शहर में कचरा प्रबंधन की वसूली ही 45 करोड़ के करीब होती है। गीले कचरे की गुणवत्ता 95% है, जो जर्मनी में भी नहीं होता। तीन साल में 100 करोड़ पार कचरे से अभी इंदौर नगर निगम 20 करोड़ रुपए साल कमा रहा है। इसमें कार्बन क्रेडिट, सीएनजी, कम्पोस्ट खाद, सीएनडी वेस्ट व सूखे कचरे से हो रही आमदनी शामिल है। जानकारों का मानना है कि जिस तेजी के साथ इंदौर कचरा प्रबंधन पर काम कर रहा है, तीन साल में कचरे से कमाई 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी। इसलिए दावा मजबूत पिछले एक साल के दौरान इंदौर में ऐसे कई काम किए, जिन्हें करने में दूसरे जिले कमजोर रहे। नगर निगम ने सीवरेज के पानी को ट्रीट करके बगीचों और फव्वारों के अलावा खेतों में भी इसका उपयोग किया। नदियों में आउट फाल रोका गया, जिससे अब नदियों में साफ पानी बहने लगा। गीले कचरे का सम्पूर्ण निष्पादन कर उससे खाद और CNG बनाने की तैयारी की गई। नालों को सुखाकर उनकी गंदगी दूर की। नदी की सूरत बदलने से शहर की सेहत भी बदल गई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों में पानी से जुड़ी बीमारियों के मामलों में जबरदस्त गिरावट आई है। चंदननगर, विराटनगर, आजादनगर, मूसाखेड़ी और पीलियाखाल के डॉक्टर्स, संजीवनी केंद्र, सिविल डिस्पेंसरी पर की गई पड़ताल में खुलासा हुआ कि इन इलाकों में गंदे पानी से होने वाली बीमारियों में 80% तक की कमी आई।

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न्यू दिल्ली : विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में इंदौर को लगातार पांचवीं बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया। केंद्र सरकार के घोषित ‘सफाई मित्र चैलेंज’ अवॉर्ड भी इंदौर को मिला है।

पांच सितारा श्रेणी के पुरस्कार सहित इंदौर को तीन अवॉर्ड मिले। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विज्ञान भवन में इंदौर को नंबर वन शहर, 12 करोड़ का सफाई मित्र अवॉर्ड और 5 स्टार रेटिंग अवाॅर्ड दिए।

बीते चार साल से इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा है। चारों बार स्वच्छता के मामले में इंदौर ने देश में नंबर वन का अवॉर्ड अपने नाम किया। शहर की इस उपलब्धि के पीछे नगर निगम और सफाई मित्रों की मेहनत मानी जा रही है। इस बार इंदौर को तीन अवॉर्ड मिले। स्वच्छता में न केवल नंबर-वन अवॉर्ड दिया गया।

साथ ही ‘सफाई मित्र चैलेंज अवार्ड’ और ‘फाइव स्टार कैटेगरी अवॉर्ड भी इंदौर के खाते में आया। केंद्र के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा हर साल सात सितारा रैंकिंग दी जाती है। लेकिन, इस बार पांच सितारे दिए गए। ‘सफाई मित्र चैलेंज’ अवॉर्ड के तहत 12 करोड़ रुपए की राशि दी जाएगी।

नगर निगम को 45 करोड़ रुपए कचरा प्रबंधन के लिए जनता दे रही है। 137 किमी नदी-नालों की सफाई पर 343 करोड़ खर्च किए गए हैं। 1200 टन कचरे का रोज निपटान कर रहा है। शहर की व्यवस्था 11364 सफाई मित्रों के हवाले है। इंदौर जब इस मुकाबले में उतरा तो पहली बार निगम के 160 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। जबकि, अब 50 करोड़ सालाना खर्च हो रहे हैं।

यहां हारा नहीं कोई सबकी हुई है जीत,दो कदम आगे बढ़ने एक कदम पीछे लेने की है रीति

पहली बार में कचरा वाहन खरीदने, ट्रांसफर स्टेशन बनाने के कारण कचरा प्रबंधन पर 160 करोड़ खर्च हुए थे। लेकिन, अब यह खर्च सालभर में 50 करोड़ हो रहा है। शहर में कचरा प्रबंधन की वसूली ही 45 करोड़ के करीब होती है। गीले कचरे की गुणवत्ता 95% है, जो जर्मनी में भी नहीं होता।

तीन साल में 100 करोड़ पार

कचरे से अभी इंदौर नगर निगम 20 करोड़ रुपए साल कमा रहा है। इसमें कार्बन क्रेडिट, सीएनजी, कम्पोस्ट खाद, सीएनडी वेस्ट व सूखे कचरे से हो रही आमदनी शामिल है। जानकारों का मानना है कि जिस तेजी के साथ इंदौर कचरा प्रबंधन पर काम कर रहा है, तीन साल में कचरे से कमाई 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर जाएगी।

इसलिए दावा मजबूत

पिछले एक साल के दौरान इंदौर में ऐसे कई काम किए, जिन्हें करने में दूसरे जिले कमजोर रहे। नगर निगम ने सीवरेज के पानी को ट्रीट करके बगीचों और फव्वारों के अलावा खेतों में भी इसका उपयोग किया। नदियों में आउट फाल रोका गया, जिससे अब नदियों में साफ पानी बहने लगा। गीले कचरे का सम्पूर्ण निष्पादन कर उससे खाद और CNG बनाने की तैयारी की गई। नालों को सुखाकर उनकी गंदगी दूर की।

नदी की सूरत बदलने से शहर की सेहत भी बदल गई है। नदी किनारे रहने वाले लोगों में पानी से जुड़ी बीमारियों के मामलों में जबरदस्त गिरावट आई है। चंदननगर, विराटनगर, आजादनगर, मूसाखेड़ी और पीलियाखाल के डॉक्टर्स, संजीवनी केंद्र, सिविल डिस्पेंसरी पर की गई पड़ताल में खुलासा हुआ कि इन इलाकों में गंदे पानी से होने वाली बीमारियों में 80% तक की कमी आई।

भोपाल के आठ मेट्रो रेल स्टेशनों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने किया भूमिपूजन

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भोपाल:।मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भोपाल अद्भुत शहर है। अब हम भोपाल शहर को हरित भोपाल, स्वच्छ भोपाल, हाईटेक भोपाल के साथ मेट्रो सिटी भोपाल भी कह सकते हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन,रानी कमलापति स्टेशन का शुभारंभ किया है। इस क्रम में अब आगे भोपाल में सितंबर 2023 तक मेट्रो रेल का परिवहन शुरू होगा, जिसका लाखों नागरिकों को लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना और अनेक अन्य योजनाओं में गरीबों का हित सुनिश्चित करते हुए विकास के आयामों को छुआ है। किसी भी क्षेत्र में विकास हो, निर्धन व्यक्ति को परेशान किए बिना उस कार्य और परियोजना की पूर्णता होना चाहिए। मुख्यमंत्री  चौहान ने इस अवसर पर स्व बाबूलाल गौर का स्मरण भी किया और मेट्रो रेल परियोजना के लिए उनके प्रयासों को याद किया।
मुख्यमंत्री  चौहान ने आज एम्स के पास भोपाल मेट्रो रेलवे परियोजना के अंतर्गत बनने वाले आठ रेलवे स्टेशनों का भूमि पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के अलावा नागरिक काफी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से की तीन अपील

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैं आज इस भूमि पूजन के कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थित आमजन से और प्रदेश के नागरिकों से तीन तरह की अपील कर रहा हूँ। पहली अपील यह है कि प्रत्येक व्यक्ति जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाते हुए पर्यावरण की रक्षा में भागीदारी करे। हर व्यक्ति वर्ष में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाए।

पेड़ लगाने का अवसर स्वयं का जन्मदिन, परिजन का जन्म दिन,विवाह वर्षगांठ और परिवार के दिवंगत सदस्यों के अवसान दिवस का हो सकता है। विवाह जैसे मांगलिक अवसर पर भी पौधे लगाए जाने चाहिए। हम मिलकर हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण बचाने का कार्य करें। इसके साथ ही स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में भी सहयोग दें। अपने शहर की सार्वजनिक सम्पत्ति को नष्ट करने का कार्य कोई नहीं करें।

मुख्यमंत्री चौहान ने दूसरी अपील में नागरिकों से स्वयं की सेहत की रक्षा करने की बात कही। कोरोना के संदर्भ में हर व्यक्ति को वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने के साथ ही मास्क के उपयोग और परस्पर दूरी को बनाए रखना है। मुख्यमंत्री चौहान ने विद्युत की बचत में भी सहयोग देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 21 हजार करोड़ रूपए की सब्सिडी प्रदान कर रही है। इस कारण घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को आसानी से सही कीमत पर बिजली मिल रही है। बिजली को बचाना बिजली को बनाने के बराबर है।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि भोपाल में मेट्रो रेल का आगमन मुख्यमंत्री  चौहान के प्रयासों से संभव हुआ है। मुख्यमंत्री चौहान विद्यार्थी जीवन में काफी समय भोपाल में रहे हैं। इस कारण उनका भोपाल से विशेष लगाव है। भोपाल में नर्मदा जल लाने के लिए भी मुख्यमंत्री  ने पहल की थी।

विधायक कृष्णा गौर ने कहा कि भोपाल में मेट्रो रेल शुरू हो जाने से नागरिकों को परिवहन में सुविधा होगी ।आज इस भूमि पूजन कार्यक्रम स्थल के पास एम,स का गेट नंबर 3 स्थित है। स्टेशन बन जाने से एम्स में उपचार के लिए आने वाले रोगियों और उनके परिजन को भी उसका लाभ मिलेगा। गोविंदपुरा क्षेत्र एक विकसित क्षेत्र के रूप में पहचान बना रहा है। भोपाल में अब मेट्रो रेल प्रारंभ होने से भोपाल की प्रगति को नया मिलेगा। मुख्यमंत्री शहरों के विकास को विकास को नए आयाम दिए हैं।

कार्यक्रम को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया।मंच पर विधायक  रामेश्वर शर्मा के अलावा  सुरजीत चौहान, सुमित पचौरी और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

प्रारंभ में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास मनीष सिंह ने कहा कि आज 8 मेट्रो स्टेशन निर्माण की शुरुआत हो रही है । मेट्रो का यह खण्ड एम्स से सुभाष नगर तक नए और पुराने शहर को जोड़ने का कार्य करेगा। नागरिक सुविधा को बढ़ाने के लिए और पर्यावरण की रक्षा के लिए इस कार्य विशेष महत्व होगा।

मुख्यमंत्री  चौहान का अभिनंदन

मेट्रो रेल परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  का उनके विकास के सतत प्रयासों और भोपाल में राजधानी के अनुरूप अत्याधुनिक कार्यों, नागरिक सुविधाएं बढ़ाने के लिए निरंतर संचालित विकास कार्यों के लिए गोविंदपुरा क्षेत्र के नागरिकों और संगठनों ने अभिनंदन किया। विधायक गोविंदपुरा  कृष्णा गौर और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने विशाल पुष्पहार से मुख्यमंत्री चौहान का अभिनंदन किया।

मेट्रो रेल परियोजना एक नजर में

भोपाल की मेट्रो रेल परियोजना में दो कॉरिडोर हैं। एक पर्पल कार्य डोर जिसकी लंबाई वन 16.74 किलोमीटर होगी । दूसरा रेड कॉरिडोर जिसकी लंबाई 14.21 किलोमीटर होगी।

भूमिगत और एलिवेटेड मेट्रो पर्पल कॉरिडोर भी बनेगा। रेड कॉरिडोर में 14 और पर्पल कॉरिडोर में 16 स्टेशन होंगे। स्वचालित किराया संग्रह की व्यवस्था होगी। परियोजना की अनुमानित लागत 6,941. 40 करोड़ है ।आज जिन आठ मेट्रो रेल स्टेशनों का भूमि पूजन हुआ उनमें एम्स, अलकापुरी ,रानी कमलापति, डीआरएम ऑफिस, एमपी नगर ,डीबी सिटी, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर शामिल हैं। इनकी कुल लागत 426.67 करोड़ है।

साउथ अफ्रीका के क्रिकेटर AB de Villiers के संन्यास लेने पर emotional हुए Virat Kohli

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मुंबई :दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज खिलाड़ी एबी डिविलियर्स ने सभी तरह के क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उनके इस फैसले का मतलब यह है अब वह IPL में भी नहीं खेलेंगे। क्रिकेट के ‘Mr 360 Degree’ के नाम से मशहूर डिविलियर्स पहले ही इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं।

उनके संन्यास लेने के बाद IPL में Royal Challengers, Bengaluru टीम के साथी और पूर्व कप्तान विराट कोहली का दिल टूट गया है। डिविलियर्स के संन्यास लेने के बाद कोहली ने एक इमोशनल पोस्ट लिखा है। कोहली और डिविलियर्स काफी समय से IPL फ्रेंचाइजी RCB के लिए खेल रहे हैं और इसलिए डिविलियर्स के संन्यास लेने के बाद कोहली काफी emotional नजर आ रहे हैं।

कोहली ने अपने खास दोस्त डिविलियर्स के संन्यास लेने के बाद ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मेरे लिए यह दिल तोड़ने वाली खबर है। लेकिन मैं जानता हूं कि आपने हमेशा की तरह अपने और परिवार के लिए सबसे अच्छा निर्णय लिया है। मैं हमेशा आप से प्यार करता रहूंगा।’ उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा, ‘हमारे समय के बेस्ट खिलाड़ी और सबसे प्रेरणादायक व्यक्ति जिनसे मैं मिला हूं। मेरे भाई आपने जो क्रिकेट और आरसीबी के लिए किया है, उस पर आपको वाकई गर्व होना चाहिए। हमारा रिश्ता खेल से परे है और हमेशा ऐसा ही रहेगा।’

कोहली ने फेसबुक पर भी डिविलियर्स के साथ एक फोटो पोस्ट करते हुए उन्हें महान खिलाड़ी बताया। भारतीय वनडे और टेस्ट कप्तान ने साथ ही कहा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम हमेशा डि​विलियर्स को मिस करेगा। उन्होंने लिखा, ‘आपने आरसीबी को सब कुछ दिया है और मैं इसे दिल में जानता हूं। इस फ्रेंचाइजी और मेरे लिए आपके क्या मायने हैं, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। चिन्नास्वामी स्टेडियम आपको हमेशा मिस करेगा। मैं आपके साथ खेलने को मिस करंगा मेरे भाई। मैं तुमसे प्यार करता हूं और हमेशा तुम्हारा नंबर 1 फैन रहूंगा। G.O.A.T एबी डिविलियर्स।’

पीएम मोदी के कृषि कानून वापस लेने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कू ऐप पर बोले- किसानों ने एक अहंकारी व जिद्दी सरकार को झुका दिया .

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आज सुबह 9 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम सम्बोधन देते हुए कृषि कानून वापस लिए जाने की घोसणा की. जहा विपक्ष इसे चुनाव के भय से लिया गया निर्णय बता रहा है तो भाजपा इस लोकतंत्र का सम्मान किये जाने वाला निर्णय बता रही है. इसी कड़ी में मप्र कोन्ग्रेस्स कमिटी के अध्क्षय और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कू ऐप के माध्यम से लिखते है- छले वर्ष सितंबर में संसद में पारित तीन कृषि कानूनों के विरोध में पिछले 1 वर्ष से अधिक

समय से देश भर के लाखों किसान भाई सड़कों पर आंदोलन कर रहे थे, सरकार से इन क़ानूनों को वापस लेने की गुहार लगा रहे थे, बारिश, ठंड, भरी गर्मी में भी वह इस कानूनों के विरोध में सड़कों पर डटे रहे। इस आंदोलन के दौरान 600 से अधिक किसानों की मौत हो गई, किसानों को इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जमकर प्रताड़ना भी झेलनी पड़ी, कई-कई राते सड़कों पर गुजारना गुजारना पड़ी, उन्हें तरह-तरह की उलाहना भी सहना पड़ी, कभी उन्हें आतंकवादी, कभी देशद्रोही, कभी दलाल, कभी अन्य नामों से संबोधन किया गया लेकिन किसान टस से मस नहीं हुए। कांग्रेस ने भी किसानों के इस आंदोलन का खुलकर समर्थन किया, खुलकर उनके समर्थन में लड़ाई लड़ी और आखिर 1 वर्ष बाद ऐतिहासिक दिन गुरु नानक जी के प्रकाश पर्व के दिन मोदी सरकार ने इन काले कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की है, उसका हम स्वागत करते हैं। यदि यह निर्णय पूर्व में ही ले लिया जाता, सरकार अपना अहंकारी व अड़ियल रवैया पूर्व में ही छोड़ देती तो कई किसानों की जान बचाई जा सकती थी। किसान जो सड़कों पर 1 वर्ष से अधिक समय तक डटे रहे, उन्हें तरह-तरह की परेशानियां व प्रताड़ना झेलना पड़ी, उस से बचा जा सकता था। जिन किसानों को भाजपा के लोग इन कृषि कानूनों के विरोध करने के कारण कभी कांग्रेस समर्थक, कभी देशद्रोही, दलाल, आतंकवादी तक कहते थे, यह उन लोगों की हार है और यह न्याय व सच्चाई की जीत है, किसानों के कड़े संघर्ष की जीत है, जिसने एक अहंकारी

International Men’s Day: श्रद्धा कपूर ने शेयर किया इमोशनल पोस्ट बताया उनकी ज़िन्दगी में कौन है जिस पर उनको है बड़ा नाज़

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अर्चना पूरन सिंह, डब्बू रत्नानी समेत कई बड़े कलाकारों ने शेयर किये अपने इमोशनल मोमेंट्स

 

बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत अभिनेत्रियों में से एक है | उनके सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोवर्स हैं. उनका एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होता है | आज इंटरनेशनल मेंस डे (International Men’s Day)

 

पर भी उन्होंने दो तसवीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है | ये तसवीरें उनकी आपने ख़ास चाहने वालों के साथ है उन्होंने पोस्ट की है जिनको वो सबसे ज़्यादा चाहती और मानती है |

 

श्रद्धा ने अपने पिता शक्ति कपूर और भाई सिद्धांत कपूर के साथ के साथ तसवीरें शेयर की है जिसमें वे काफी खूसूरत दिख रही है | तस्वीरों में देखा जा सकता है की वे अपनी निजी ज़िन्दगी में ना सिर्फ इनसे इतने करीब है बल्कि उनको “स्पेशल” मानती भी है |

 

इन तस्वीरों के साथ श्रद्धा ने एक इमोशनल पोस्ट भी अपने पिताऔर भाई के लिए लिखा | वे लिखती हैं ” असल ज़िन्दगी में एक सही आदमी वही है जो ज़िन्दगी में हर तरह की मुश्किलें झेलता है, फिर भी लोगों को माफ़ करना जानता है और सबकी मुश्किलों में खड़ा रहता है| और मुझे गर्व है ये की मेरी ज़िन्दगी में ये दो इंसान है जिन्हे में अच्छे से जानती हूँ | Happy Men’s Day!! ??#MensDay #KooOfTheDay #KooKiyaKya #Koo अगर हम उनके वर्क फ्रंट की बात करें तो श्रद्धा जल्द ही रणबीर कपूर के साथ पहली बार स्क्रीन शेयर करती नज़र आने वाली है. ये फिल्म का नाम अभी निर्माताओं ने मीडिया के से शेयर नहीं किया है पर फिल्म 2023 में रिलीज़ होगी | इसी के साथ-साथ 2022 में श्रद्धा की दो फिल्म “नागिन” और चालबाज़ रिलीज़ के लिए तैयार है |

 

एक्टिव है और अपने बेटों आर्यमान सेठी (Aaryamann Sethi) आयुष्मान सेठी (Ayushmaan Sethi) से काफी जुडी हुई है | इस मौके पर उन्होंने भी एक इमोशनल पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि कौन कहता है मर्द को दर्द नहीं होता ? मेरे पति और मेरे दोनों बेटे सेंसिटिव और कोमल दिल इंसान हैं जिन्हें आंसू बहाने से डर नहीं लगता। इससे मेरी नज़र में उनके लिए इज्जत और प्यार दोनों, और भी बढ़ते हैं।❤

. छोटे बेटे आयुष्मान सोशल मीडिया पर काफी पॉपुलर हैं. अक्सर वो अपनी मां या फिर गर्लफ्रेंड की तस्वीर शेयर करते रहते हैं. (Pic Credit: Ayushmaan Sethi Instagram)

“मेड इन हेवन सीजन 2” में दिखने वाले प्ण डबास, बॉलीवुड के मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी, सौंदर्य शर्मा ने भी शेयर किये सोशल मीडिया Koo पर पोस्ट|

कृषि कानून वापस लिए जाने के फैसले के बाद सोशल मीडिया ऐप कू पर ट्रेंड हुआ #Jaijawanjaikisan

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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कृषि कानून के वापस लिए जाने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया ऐप कू पर आम लोगों के रिएक्शन आने का सिलसिला शुरू हो गया और प्लेटफार्म पर #Jaijawanjaikisan ट्रेंड करने लग गया .

आज सुबह 9 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम सम्बोधन देते हुए कृषि कानून वापस लिए जाने की घोसणा की. जहा विपक्ष इसे चुनाव के भय से लिया गया निर्णय बता रहा है तो भाजपा इस लोकतंत्र का सम्मान किये जाने वाला निर्णय बता रही है. हलाकि इसके तुरंत बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा के लोकतंत्र का सम्मान किये जाने में सरकार ने इतना समय क्यों लगा दिया. इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रिया आने लगी और लोग प्रधानमंत्री मोदी के इस निर्णय पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देने लगे..एक यूजर सोशल मीडिया पर अपने विचार रखते हुए कहते है-

आज दूसरी बार भारत में लोकतंत्र की विजय हुई। इंदिरा सरकार के बाद मोदी सरकार ने भी जाना की किसान है तो हम है।

तो वही खुशलीन कौर नाम से एक यूजर कू पर लिखती है- किसानों की मेहनत रंग लाई। आज उनकी बात सुनी गई और मोदी सरकार ने फार्म बिल वापस ले लिए। ये बेहद जरूरी है क्योंकि किसानों ने इसको हटाने के लिए काफी संघर्ष किया है पिछले 2 सालों से।आज भारत में फिर से किसानों की जीत हुई है आज भारत में फिर से लोकतंत्र की जीत हुई है