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IAS अधिकारियों के प्रभार में बदलाव

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भोपाल: राज्य शासन ने आज 2 आईएएस अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया है।

निशांत वरवड़े को आप अपने वर्तमान दायित्व के साथ साथ सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग भी घोषित किया गया है।

श्रीमती अलका श्रीवास्तव को सचिव चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्य से मुक्त कर दिया गया है। वह अब केवल सदस्य सचिव मध्यप्रदेश खाद्य आयोग रहेंगी।

न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट में रहाणे करेंगे कप्तानी

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17 नवंबर से भारत और न्यूजीलैंड के बीच घरेलू सरजमीं पर तीन टी-20 और दो टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज होने जा रहा है। टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है, जबकि टेस्ट सीरीज को लेकर अभी तक कोई घोषणा नहीं हुई है।  टेस्ट सीरीज के लिए रोहित शर्मा ने BCCI से आराम मांगा है और पहले टेस्ट के लिए अजिंक्य रहाणे टीम के कप्तान होंगे।  टी-20 के अलावा पहले टेस्ट के लिए भी BCCI से आराम मांगा है।

रोहित को कप्तान बनाने पर चल रहा था विचार
टी-20 वर्ल्ड कप में हिटमैन की शानदार फॉर्म और इंग्लैंड दौरे पर उनके प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए BCCI और चयनकर्ता पहले टेस्ट के लिए रोहित शर्मा को कप्तान बनाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन अब उनके आराम की बात सामने आने के बाद टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे को कानपुर टेस्ट के लिए कप्तान बनाया जा सकता है। साथ ही विराट के पहले टेस्ट के अलावा तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी पूरी सीरीज के लिए रेस्ट दिया जा सकता है।

कप्तानी में रहाणे का कमाल का रिकॉर्ड

विराट कोहली की गैरमौजूदगी में अभी तक उपकप्तान अजिंक्य रहाणे को टेस्ट टीम की कप्तानी करते देखा गया है। अनुभवी खिलाड़ी ने अभी तक कुल पांच टेस्ट मैचों में भारत की कमान संभाली है और चार मुकाबले जीतने में सफल रहे हैं। खास बात ये है कि अपनी कप्तानी में उन्होंने एक भी टेस्ट मैच नहीं गंवाया। चार जीत के अलावा एक मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। इस साल कोहली की गैरमौजूदगी में भारत ने रहाणे की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 2-1 से ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।

ऐसा है सीरीज का शेड्यूल

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का पहला मैच 17 नवंबर को जयपुर, दूसरा मैच 19 नवंबर को रांची और आखिरी मैच 21 नवंबर को कोलकाता में खेला जाएगा। टेस्ट सीरीज का आगाज 25 नवंबर को होगा और पहला टेस्ट कानपुर में खेला जाएगा। जबकि दूसरा टेस्ट 3 दिसंबर से 7 दिसंबर के बीच मुंबई में होगा।

बीजेपी सलमान खुर्शीद द्वारा हिन्दुत्व की तुलना बोको हरम से करने पर भड़की – कहा यह भारत का अपमान है

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नई दिल्ली : कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की एक दिन पहले विमोचन की गई किताब में हिन्दुत्व को लेकर जो कुछ कहा गया है, उस पर भारी विवाद पैदा हो गया है. भारतीय जनता पार्टी ने इस किताब में हिन्दुत्व की तुलना आतंकी संगठन बोको हरम और आईएसआईएस से करने पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ हिन्दू ही नहीं बल्कि भारत की आत्मा को भी ठेस पहुंचाती है.

बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस मामले पर कहा कि सोनिया गांधी को चुप्पी तोड़नी होगी और इस पर अपना विचार साफ करना होगा. उन्होंने आगे कहा कि सवाल उठता है कि ये सोच शशि थरूर की है, या मणिशंकर अय्यर की है. क्या प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश की गलियों में जाकर इसे कहने की हिम्मत करेंगी. उन्होंने कहा कि ये तुलना उन 100 हिंदुओ से की गई है जो आजादी से पहले और आजादी के बाद सहिष्णुता का परिचय दिया है. सोनिया राहुल गांधी के इशारे पर हिंदुओं का अपमान है. चुनाव आते ही राहुल और प्रियंका इच्छाधारी हिन्दू बन जाते है.
खुर्शीद के खिलाफ दिल्ली पुलिस से शिकायत
इधर, सलमान खुर्शीद के खिलाफ दिल्ली पुलिस से शिकायत की गई है. उनके ऊपर आरोप है कि उन्होंने हिन्दुत्व की आतंकवाद से तुलना कर उसे बदनाम करने की कोशिश की है. खुर्शीद की किताब सनराइज ओवर अयोध्या में टिप्पणी के खिलाफ यह शिकायत दर्ज कराई गई है. विवेक गर्ग नाम के दिल्ली के वकील ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से शिकायत करते हुए केस दर्ज करने का अनुरोध किया है.

किताब में हिंदुत्व की तुलना आईएसआईएस और बोको हरम जैसे आतंकी संगठनों से करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि हिंदुत्व साधु-सन्तों के सनातन और प्राचीन हिंदू धर्म को किनारे लगा रहा है, जो कि हर तरीके से आईएसआईएस और बोको हरम जैसे जिहादी इस्लामी संगठनों जैसा है. इसकी वजह पूछे जाने पर सलमान ने कहा, “हिन्दू धर्म बहुत उच्च स्तर का धर्म है. इसके लिए गांधी जी ने जो प्रेरणा दी उससे से बढ़कर कोई प्रेरणा नहीं हो सकती है. कोई नया लेबल लगा ले तो उसे मैं क्यों मानूं? कोई हिन्दू धर्म का अपमान करे तो भी मैं बोलूंगा. मैंने ये कहा कि हिंदुत्व की राजनीति करने वाले गलत हैं और आईएसआईएस भी गलत है.”

वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले और अपनी किताब को लेकर सलमान खुर्शीद ने कहा, ‘’अयोध्या विवाद को लेकर समाज में बंटवारे की स्थिति थी. सुप्रीम कोर्ट ने उसका समाधान निकाला. कोर्ट के फैसले ने काफी दूर तक देखने की कोशिश की है. ऐसा फैसला है जिससे ये ना लगे कि हम हारे, तुम जीते.’’ बीजेपी सरकार की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘’ऐसा एलान तो नहीं हुआ कि “हम जीत गए” लेकिन कभी-कभी ऐसे संकेत दिए जाते हैं. सबको जोड़ने की कोशिश होनी चाहिए. फिलहाल अयोध्या के उत्सव में ऐसा लगता है कि एक ही पार्टी का उत्सव है.’’

खुर्शीद की किताब पर भारी विवाद

किताब में सलमान खुर्शीद लिखते हैं “बेशक, हिंदुत्व के समर्थक इसे इतिहास में अपने गौरव को उचित मान्यता मिलने के तौर पर देखेंगे. न्याय के संदर्भ सहित जीवन कई खामियों से भरा है, लेकिन हमें आगे बढ़ने के लिए इसके साथ समायोजन करने की जरूरत है. यह किताब एक विवेकपूर्ण फैसले में आशा को देखने की कोशिश है, फिर भले ही कुछ लोगों को यह लगता हो कि फैसला पूरी तरह उचित नहीं था.” किताब पर बात करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि समाज में एकता आएगी तो मानूंगा कि किताब लिखने का फैसला कामयाब रहा.

देश में हिंदुत्ववादी राजनीति के प्रभाव की चर्चा करते हुए सलमान खुर्शीद लिखते हैं, “मेरी अपनी पार्टी, कांग्रेस में, चर्चा अक्सर इस मुद्दे की तरफ मुड़ जाती है. कांग्रेस में एक ऐसा तबका है, जिन्हें इस बात पर पछतावा है कि हमारी छवि अल्पसंख्यक समर्थक पार्टी की है. यह तबका हमारी लीडरशीप की जनेऊधारी पहचान की वकालत करता है. इन्होंने अयोध्या पर आए फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए यह घोषणा कर दी कि अब इस स्थल पर भव्य मंदिर बनाया जाना चाहिए. इस रुख ने निश्चित तौर पर सर्वोच्च न्यायलय की ओर से दिए गए आदेश के उस हिस्से की अनदेखी की, जिसमें मस्जिद के लिए भी जमीन देने का निर्देश दिया गया था.”

इसको लेकर जब सलमान खुर्शीद से सवाल किया गया तो उन्होंने नहीं बताया कि उनका निशाना किन नेताओं की तरफ है, लेकिन कहा कि कुछ नेताओं ने अपनी समझ और निजी आस्था से ऐसा कहा होगा. हमें वो कहना चाहिए जो राहुल गांधी कहते हैं, वो नहीं जो कुछ लोगों ने कह दिया.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 12 नवम्बर को जनजातिय गौरव दिवस के संबंध में चर्चा करेंगे 

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भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में 12 नवंबर को सुबह 11:00 बजे से मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है।

 

इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में वे प्रदेश के समस्त कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी और एसपी से जनजातिय गौरव दिवस के संबंध में बात करेंगे।

 

वीडियो कांफ्रेंस में समस्त मंत्री और राज्य मंत्री भी भाग लेंगे। कार्यक्रम की दृष्टि से जिला स्तर पर जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। वे भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भाग लेंगे |

राजस्व मंत्री ने भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े की समय सीमा बढ़ाने के दिए निर्देश

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मध्यप्रदेश में पहली बार तैयार हो रहा कम्प्यूटराइज लैंड रिकॉर्ड, राजस्व मंत्री के नवाचार को मिल रही सराहना*

*भोपाल।* प्रदेश के राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की पहल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा एक नवंबर से प्रारंभ किए गए भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े को आगामी 15 दिन तक बढ़ाने के निर्देश राजस्व मंत्री द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए। दरअसल, प्रदेश की जनता की सुविधा के लिए प्रारंभ किए गए राजस्व विभाग के नवाचार भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े में राजस्व से जुड़ी विभिन्न त्रुटियों के सुधार को लेकर जनता में बढ़ती रूचि को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने मंत्रालय में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान पखवाड़े की अवधि 16 नवंबर से 30 नवंबर तक बढ़ाने के निर्देश अफसरों को दिए। बैठक में प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी, प्रमुख राजस्व आयुक्त संजय गोयल, आयुक्त भू अभिलेख ज्ञानेश्वर पाटिल सहित विभाग के अन्य आला अधिकारी मौजूद थे। समीक्षा बैठक के दौरान श्री राजपूत ने यह भी तय किया कि सरकार द्रारा प्रारंभ किए गए मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े की जमीनी हकीकत जानने के लिए वह संभागवार योजनाओं की समीक्षा करेंगे। राजस्व मंत्री ने तय किया है कि समीक्षा की शुरुआत मालवांचल के इंदौर से की जाएगी। इसके बाद ग्वालियर, जबलपुर, रीवा तथा अन्य संभागों में इन योजनाओं की विस्तृत समीक्षा राजस्व मंत्री श्री राजपूत करेंगे। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से प्रारंभ किए गए भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े में अब तक 33 लाख 6 हजार 664 अभिलेखों में विभिन्न प्रकार की त्रुटियों को सुधारा गया। उन्होंने कहा कि त्रुटिपूर्ण अभिलेखों के कारण भूमि स्वामियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए राजस्व मंत्री के निर्देश विभाग द्व्रारा भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़े की शुरुआत की गई। दरअसल, राजस्व अभिलेखों में क्षेत्रीय शब्दों के उपयोग के कारण नामों में एकरूपता नहीं रहती थी। साथ ही अभिलेख में भूमि स्वामी के प्रचलित नाम और आधार-कार्ड में वास्तविक नाम भिन्नता के कारण नामांतरण एवं बंटवारा प्रकरणों में भी क्षेत्रीय कर्मचारियों को परेशानी आती थी। बैंक से ऋण प्राप्त करने, प्रधानमंत्री किसान एवं फसल बीमा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का भी भूमिधारक लाभ नहीं ले पा रहे थे। जब इस तरह की परेशानियों से जूझ रही जनता ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अवगत कराया तो मुख्यमंत्री के निर्देश एवं राजस्व मंत्री की पहल पर अभिलेख शुद्धिकरण की शुरुआत की गई।

*योजनाओं में गति लाने राजस्व अफसरों को दिए निर्देश :*

विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान भू-अभिलेख शुद्धिकरण पखवाड़ा, ड्रोन सर्वेक्षण तथा मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के कार्यों में गति लाने के लिए राजस्व मंत्री श्री राजपूत ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में श्री राजपूत ने कहा कि राजस्व विभाग की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए न्यायालय परिसर, तहसील कार्यालय, जनपद कार्यालय तथा जिला पंचायत कार्यालय व कलेक्ट्रेट परिसर में डिस्प्ले बोर्ड / फ्लैक्स लगाए जाएं। उन्होंने विभाग की योजनाओं से जुड़ी छोटी-छोटी फिल्में बनाकर सोशल मीडिया के माध्यस से प्रचार करने के निर्देश अफसरों को दिए। बैठक में राजस्व मंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जताई की आजादी के 70 साल बाद पहली बार मध्यप्रदेश में भूमि का कम्पयूटीराइज्ड रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। उन्होंने बैठक में अफसरों को निर्देश दिए की सभी योजनाओं की लगातार मानीटिरिंग के लिए जिले के कलेक्टरों को निर्देश जारी करें ताकि किसी प्रकार की कोताही ना हो। बैठक में श्री राजपूत ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत सीहोर और सागर जिले को प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए।

*मुख्य सड़कों से हटाया जाएगा अतिक्रमण :*

समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जिले की नगरीय क्षेत्रों से गुजरने वाली मुख्य सड़कों में अतिक्रमण हटाए जाने के निर्देश राजस्व विभाग के अफसरों को दिए। उन्होंने कहा कि बेजा अतिक्रमण की वजह से सड़कों की चौड़ाई घटती जा रही है। जिसे रोकने विभाग के अफसर सख्त कदम उठाएं। श्री राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि का सर्वे कर 50 हजार ग्रामों में संपत्तिधारकों को उनका मालिकाना हक दिया जाएगा।

*वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जाएंगी :*

परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने निर्देश दिए हैं कि वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और दुर्घटनाओं को रोकने व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस/ पैनिक बटन तथा दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यवसायिक वाहनों में रेट्रो रिफ्लेक्टिग टेप लगाने की योजना पर चरणबद्ध तरीके से अमल किया जाए। इसके अलावा समीक्षा बैठक में परिवहन मंत्री श्री राजपूत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 नवम्बर को प्रस्तावित भोपाल यात्रा को लेकर भी व्यवस्थाओं को लेकर अफसरों से चर्चा की।

रोहित शर्मा बने टी-20 में भारत के कप्तान, केएल राहुल उप-कप्तान

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टी-20 वर्ल्डकप के ठीक बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो गया है. 17 नवंबर से शुरू होने वाली टी-20 सीरीज में रोहित शर्मा भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने के बाद अब रोहित ही टी-20 में टीम की कमान संभालेंगे.

विराट कोहली समेत कुल तीन खिलाड़ियों को आराम दिया गया है. टी-20 टीम में हार्दिक पंड्या का चयन नहीं हुआ है, जबकि कई ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिला है जो इस बार आईपीएल में कमाल करते हुए दिखे थे.

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम इंडिया: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), ऋतुराज गायकवाड़, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत, ईशान किशन, वेंकटेश अय्यर, युजवेंद्र चहल, रविचंद्रन अश्विन, अक्षर पटेल, आवेश खान, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, हर्षल पटेल, मोहम्मद सिराज

युवाओं को मिला मौका

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में कई युवा चेहरों को मौका दिया गया है, जिन्होंने आईपीएल में अपना नाम रोशन किया है. इनमें वेंकटेश अय्यर, आवेश खान, हर्षल पटेल, ऋतुराज गायकवाड़ जैसे नाम शामिल हैं. जबकि चोट के बाद श्रेयस अय्यर की वापसी हो रही है, वर्ल्डकप के लिए नहीं चुने गए युजवेंद्र चहल भी वापस आए हैं.

इन 3 खिलाड़ियों को मिला आराम

टी-20 सीरीज में विराट कोहली, जसप्रीत बुमराह, रवींद्र जडेजा को आराम दिया गया है. तीनों ही खिलाड़ी वो हैं, जो लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में टेस्ट मैच के बाद आईपीएल और फिर वर्ल्डकप खेलकर ये तीनों खिलाड़ी आए हैं. वहीं, अगर रोहित शर्मा की बात करें तो वो भी ऐसा ही कर रहे हैं लेकिन अब जब वही टी-20 में टीम इंडिया के कप्तान हो गए हैं, तब उनको आराम नहीं दिया गया और एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है.

इनके अलावा हार्दिक पंड्या को भी टीम में नहीं चुना गया है. माना जा रहा है कि हार्दिक पंड्या की खराब फिटनेस, खराब फॉर्म उनके सिलेक्शन ना होने की वजह बनी है. चोट के बाद वापसी कर रहे हार्दिक पंड्या ने आईपीएल और टी-20 वर्ल्डकप में बॉलिंग नहीं की, जिसके वजह से टीम इंडिया का कॉम्बिनेशन काफी बिगड़ा था.

सेलेक्टर्स की ओर से अभी टेस्ट सीरीज के लिए टीम का ऐलान नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि तीसरे टी-20 मैच तक टेस्ट टीम का भी ऐलान हो जाएगा. टेस्ट में विराट कोहली ही कप्तान होंगे, हालांकि उन्हें पहले टेस्ट मैच के लिए आराम मिल सकता है. अगर ऐसा होता है तो रोहित शर्मा ही पहले टेस्ट मैच में कप्तानी करते हुए दिख सकते हैं, जबकि अजिंक्य रहाणे उप-कप्तान होंगे.

कांग्रेस का जबलपुर में 15 नवंबर को जनजातीय सम्मेलन का ऐलान

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जबलपुर:मध्य प्रदेश में आदिवासी वोट बैक को लेकर सियासत तेज हो गई है। शिवराज सरकार 15 नवंबर को भोपाल में जनजातीय महासम्मेलन आयोजित कर रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत करेंगे। वहीं, कांग्रेस ने भी इसी दिन जबलपुर में जनजातीय सम्मेलन का ऐलान किया है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शामिल होंगे। इसे लेकर मंगलवार को पीसीसी में बैठक हुई।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि जबलपुर में आदिवासी सम्मेलन कर कांग्रेस बीजेपी को अपनी ताकत बताने जा रही है। सम्मेलन में प्रदेश भर से आदिवासियों को आमंत्रित किया गया है। सम्मेलन की जिम्मेदारी पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोट को सौंपी गई है। इससे पहले, 18 सितंबर को जबलपुर में राजा शंकरशाह- रघुनाथ शाह के शहीदी दिवस पर बीजेपी के आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे। शाह के बाद अब मोदी के दौरे को भी आदिवासियों को 2023 के चुनाव के लिए लुभाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

वजह है कि राज्य में 43 समूहों वाले आदिवासियों की आबादी 2 करोड़ से ज्यादा है, जो 230 में से 84 विधानसभा सीटों पर असर डालती हैं। मप्र में 2018 के विधानसभा चुनाव में BJP को आदिवासियों ने बड़ा नुकसान पहुंचाया था।

बता दें कि आदिवासियों पर सियासत विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुरू हुई थी। दरअसल, कमलनाथ ने राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश शुरू किया था। शिवराज सरकार के फिर से सत्ता में आने के बाद पिछले साल यानी 2020 को भी 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश था, लेकिन इस साल सार्वजनिक अवकाश की सूची से विश्व आदिवासी दिवस को हटा दिया गया था। कमलनाथ ने इसे मुद्दा बनाने में देर नहीं की थी। शिवराज ने ऐलान किया था कि 15 नवंबर को प्रदेश में शहीद बिरसा मुंडा की जंयती पर प्रदेश में बड़ा आयोजन किया जाएगा।

कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज के 6 माह बाद लगे तीसरा टीका

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नई दिल्ली : भारत बायोटेक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने बुधवार को कहा कि कोरोना रोधी वैक्सीन की दूसरी डोज के छह महीने बाद ही तीसरी डोज दी जानी चाहिए, यही सबसे उचित समय है। साथ ही, उन्होंने नाक से दिए जाने वाले टीके (नेजल वैक्सीन) के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि उनकी कम्पनी “जीका” रोधी टीका बनाने वाली दुनिया की पहली कंपनी है। भारत बायोटेक नाक से दिए जाने वाली टीके को “बूस्टर” खुराक के तौर पर लाने का भी विचार कर रही है। नेजल वैक्सीन के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि पूरा विश्व ऐसे टीके चाहता है। संक्रमण रोकने का यही एकमात्र तरीका है। हर कोई “इम्यूनोलाजी” का पता लगाने की कोशिश कर रहा है और सौभाग्य से, भारत बायोटेक ने इसका पता लगा लिया है। जीकारोधी टीके के बारे में एल्ला ने कहा कि भारत बायोटेक ने “जीका वायरस” रोधी टीका बना लिया है। परीक्षण का पहला चरण पूरा हो गया है। सरकार को और अधिक परीक्षण (ट्रायल) करने होंगे क्योंकि मामले अधिक हैं।
उन्होंने कहा कि हम 2014 में जीकारोधी टीका बनाने वाली विश्व की पहली कंपनी थे। सबसे पहले हमने ही जीकारोधी टीके के वैश्विक पेटेंट के लिए आवेदन दिया था। एल्ला ने एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का “कोवैक्सीन” टीका लगवाना उनका भारतीय विज्ञान में भरोसा दिखाता है। उन्होंने कहा कि दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए। तीसरी खुराक के लिए यही सबसे उचित समय है।

महिला पटवारी को लोकायुक्त टीम ने 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए किया गिरफ्तार

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राणापुर: इंदौर लोकायुक्त की टीम ने मोहनकोट की महिला पटवारी रेखा मेडा को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। उस समय महिला पटवारी वैक्सीनेशन कैंप में ड्यूटी कर रही थी।

यहीं पर उसने एक ग्रामीण से नामांतरण केस के लिए रिश्वत ली। महिला पटवारी ने पेटलावद विकासखंड के गांव पाडलघाटी के रहने वाले शिकायकर्ता जामसिंह से कृषि भूमि नामांतरण के लिए 6 हजार रुपये मांग की थी। वो पटवारी को 2 हजार रुपये दे चुका था, फिर इसकी शिकायत उसने इंदौर लोकायुक्त से कर दी।

बताया जा रहा है कि इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से आज जब फरियादी ग्राम रलियामन की शासकीय स्कूल में चल रहे महावैक्सीन अभियान के दौरान रिश्वत की रकम देने गया और रकम देकर जैसे ही बाहर आया वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने महिला पटवारी को पकड़ लिया।

महिला पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जा रही है।

बाहर से आने वाले व्यक्तियों और किरायेदारों की सूचना थाने में देना धारा 144 के तहत आवश्यक

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भोपाल: कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट भोपाल श्री अविनाश लवानिया ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए नगर निगम सीमा क्षेत्र में आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। जारी आदेश में किसी भी होटल, लॉज, धर्मशाला, ढाबा या अन्य ऐसे स्थान जहाँ पर बाहरी व्यक्ति आकर ठहरते हैं, के संचालक उनके परिसर का उपयोग किसी भी व्यक्ति को तब तक नहीं करने देंगे, जब तक निर्धारित फार्म में ठहरने वाले व्यक्ति का व्यक्तिगत विवरण पूर्ण रूप से रजिस्टर में दर्ज न कर लें। इसकी जानकारी प्रतिदिन संबंधित क्षेत्र के थाने में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।

15 नवम्बर 2021 को बिरसा मुण्डा जयंती, जनजातीय गौरव दिवस के भोपाल में विभिन्न कार्यक्रमों के दृष्टिगत सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के लिए भोपाल जिले में स्थित होटल, लॉज, धर्मशाला, ढाबों या अन्य ऐसे स्थान जहाँ पर बाहरी व्यक्ति आकर रूक सकते है, उनकी नियमित जाँच नितांत आवश्यक होने का उल्लेख करते हुए प्रतिबंधात्मक आदेश पारित किये गये है।

कोई भी मकान मालिक उस समय तक अपना मकान या उसका कोई भाग किरायें पर नही देंगे जब तक कि वे किरायेदार अथवा पेंइगगेस्ट का विवरण संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को प्रस्तुत नही कर देते। कोई भी मकान मालिक अथवा किरायेदार, घरेलू नौकर को तब तक नौकरी पर नहीं रखेंगे, जब तक उनके संबंध में जानकारी उस क्षेत्र के थाना प्रभारी को नहीं दे देते। पूर्व से ही जो व्यक्ति किरायेदार या नौकर की हैसियत से रह रहे है, उन्हें तब तक आगे की अवधि के लिये नहीं रखें, जब तक उनके सम्बंध में जानकारी थाना प्रभारी को नहीं दे देते। मकान मालिक, भवन निर्माण एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे मजदूर, कारीगरों की जानकारी को अनिवार्य रूप से संबंधित क्षेत्र के थाने में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।

यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।