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सेशेल्स ने PM मोदी को दिया ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ अवॉर्ड

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सेशेल्स ने PM मोदी को दिया ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ अवॉर्ड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स सरकार ने ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ अवॉर्ड से सम्मानित किया है. यह सेशेल्स का एक बड़ा सम्मान है, जो पर्यावरण संरक्षण, जलवायु बदलाव से लड़ाई और टिकाऊ विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) में बेहतरीन नेतृत्व के लिए दिया जाता है. यह सम्मान पीएम मोदी के उन प्रयासों को मान्यता देता है, जिनके जरिए उन्होंने क्लाइमेट एक्शन, ग्रीन ग्रोथ और पर्यावरण सुरक्षा को लगातार बढ़ावा दिया है.

यह अवॉर्ड पीएम मोदी की लंबे समय से चली आ रही उस सोच को दर्शाता है, जिसमें आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा को भी बराबर महत्व दिया गया है. इस सम्मान के तहत ब्लू इकॉनमी, समुद्री संसाधनों के सही उपयोग और प्रकृति संरक्षण के लिए उनके योगदान को विशेष तौर पर सराहा गया है. प्रेसिडेंशियल साइटेशन में छोटे द्वीपीय देशों के समर्थन, जलवायु संकट से निपटने की क्षमता बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और समुद्री संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के लिए पीएम मोदी की भूमिका को भी अहम बताया गया है. साथ ही भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते संबंधों को भी इसमें रेखांकित किया गया है.

पीएम मोदी ने दी प्रतिक्रिया
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि ‘गार्डियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न’ अवॉर्ड पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है. उन्होंने यह सम्मान भारत के लोगों को समर्पित करते हुए कहा कि यह देश के हर नागरिक की पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और योगदान का प्रतीक है. पीएम मोदी ने यह भी दोहराया कि भारत पर्यावरण की रक्षा, टिकाऊ विकास और हरित भविष्य के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. यह सम्मान पीएम मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में एक और बड़ी उपलब्धि है. इससे पहले मई 2026 में फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन ने उन्हें एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया था. यह सम्मान खाद्य सुरक्षा मजबूत करने, कृषि क्षेत्र में सुधार लाने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए दिया गया था.

पीएम मोदी को मिल चुके कई अन्य आवार्ड
इसके अलावा साल 2018 में पीएम मोदी को सियोल पीस प्राइज से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान उन्हें टिकाऊ आर्थिक विकास, वैश्विक सहयोग और समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए मिला था. इसी साल UN ने उन्हें ‘चैंपियंस ऑफ़ द अर्थ’ अवॉर्ड से भी सम्मानित किया था, जो संयुक्त राष्ट्र का सबसे बड़ा पर्यावरण सम्मान माना जाता है. यह सम्मान उन्हें जलवायु कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सहयोग में नेतृत्व के लिए दिया गया था. सेशेल्स से मिला यह नया सम्मान दिखाता है कि पीएम मोदी की पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से लड़ाई और टिकाऊ विकास को लेकर नीतियों को वैश्विक स्तर पर लगातार सराहना मिल रही है. यह सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और पर्यावरण के क्षेत्र में उसकी मजबूत पहचान को भी दर्शाता है.

एसआईटी की जांच में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे

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एसआईटी की जांच में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है. सूत्रों के मुताबिक SIT की जांच में कई संदिग्धों की आर्थिक हैसियत में भारी बढ़ोतरी की बात सामने आई है. किसी की हैसियत 50 गुना तो किसी की 100 गुना तक बढ़ने की जांच की जा रही है. जमीन, प्लॉट, होटल जैसे निर्माण और संदिग्ध संपत्तियां अब जांच के दायरे में हैं.

रकम के बंटवारे को लेकर आपसी विवाद में खुला खेल- सूत्र
सूत्रों की मानें तो टिन्नू यादव और उससे जुड़े नेटवर्क के 30 से अधिक लोग पुलिस और SIT के रडार पर बताए जा रहे हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रकम के बंटवारे को लेकर आपसी विवाद के बाद यह पूरा खेल खुलने लगा है.

ट्रस्ट से जुड़े बड़े नामों को अभी क्लीन चिट नहीं- सूत्र
एसआईटी की जांच में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे हैं. कंट्रोल रूम प्रभारी, सुरक्षा कर्मियों, PAC और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. SIT की विस्तृत जांच के बाद विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है. ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर भी जांच जारी है. सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट से जुड़े बड़े नामों को अभी क्लीन चिट नहीं मिली है और उनकी भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है.

नालंदा यूनिवर्सिटी में फिर से शुरू हुई ‘शास्त्रार्थ’ परंपरा

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नालंदा यूनिवर्सिटी में फिर से शुरू हुई ‘शास्त्रार्थ’ परंपरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नालंदा यूनिवर्सिटी में ‘शास्त्रार्थ’ की प्राचीन भारतीय परंपरा को फिर से शुरू करने की तारीफ की. उन्होंने कहा कि ये संस्थान भारत की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक शिक्षा और टेक्नोलॉजी के साथ सफलतापूर्वक जोड़ रहा है.

‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी में पीएम मोदी ने 2 साल पहले नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस के उद्घाटन को याद किया और तर्कपूर्ण बहस की पुरानी परंपरा को फिर से शुरू करने के लिए संस्थान की जमकर तारीफ की. पीएम मोदी ने कहा, “दो साल पहले मुझे नालंदा यूनिवर्सिटी के कैंपस का उद्घाटन करने का मौका मिला था. नालंदा यूनिवर्सिटी ने हमारी ‘शास्त्रार्थ’ की प्राचीन परंपरा को फिर से जीवित किया है. शास्त्रार्थ सिर्फ अपनी बात रखने का जरिया नहीं है बल्कि ये बहस बातचीत और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है.”

पीएम मोदी ने कहा कि शास्त्रार्थ की प्राचीन परंपरा प्रतिभागियों को तर्क और तथ्यों के साथ अपनी बात रखना सिखाती है और साथ ही विरोधी विचारों को धैर्यपूर्वक सुनने और समझने की सीख भी देती है. प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी खुशी जताई कि नालंदा यूनिवर्सिटी ने अपने दीक्षांत समारोह में ‘शास्त्रार्थ’ को शामिल किया है. उन्होंने कहा कि इसमें हिस्सा लेने वाले लगभग आधे छात्र दूसरे देशों से आए थे.

देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से भी अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल के लिए यूनिवर्सिटी को बधाई दी और देश भर के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों से भी ऐसी ही परंपराओं को अपनाने पर विचार करने की अपील की. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हो रही तरक्की का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इनोवेशन को अपनाते हुए इंसानी रचनात्मकता को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम कुकरू में ग्रामीणों के साथ सुना “मन की बात” कार्यक्रम

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम कुकरू में ग्रामीणों के साथ सुना “मन की बात” कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” के 135वें संस्करण का रविवार को रेडियो से प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के हिल स्टेशन ग्राम कुकरू में ग्रामीणों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम को सुना। इस अवसर पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, भैंसदेही के विधायक महेन्द्र केशर सिंह चौहान, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के लिए रविवार को तब गौरव और सम्मान क्षण रहा, जब प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में ब्यावरा में चल रहे ‘प्लास्टिक मुक्त अभियान’ का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यावरा की बहनों एवं पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं द्वारा सामाजिक सरोकार से जुड़े इस अनुकरणीय प्रयास के लिए मुक्त कंठ से सभी की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने अभियान को ‘जनभागीदारी से सामाजिक परिवर्तन’ और ‘वेस्ट टू वेल्थ’ का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायी बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में कहा कि उन्हें राजगढ़ जिले के ब्यावरा की कुछ बहनों के बारे में जानने का अवसर मिला, जिन्होंने अपने आसपास फैले प्लास्टिक कचरे को हटाने का संकल्प लिया। उन्होंने किसी और के साथ देने और किसी बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि स्वयं आगे बढ़कर पूरे शहर से प्लास्टिक कचरा और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया। देखते ही देखते यह पहल एक जन-आंदोलन बन गई। एकत्रित प्लास्टिक्स का पुनर्चक्रण (रि-सायकिल) कर उसका उपयोग शहर के सार्वजनिक स्थानों को और भी सुंदर बनाने में किया जा रहा है। बीते कुछ महीनों के दौरान यहां सैकड़ों किलो प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर उसका बेहतर उपयोग किया गया है , जो प्लास्टिक कभी शहर में प्रदूषण फैलाता था, वही आज इन बहनों के प्रयासों से शहर की सुंदरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ब्यावरा की सभी बहनों तथा इस अभियान से जुड़े सभी साथियों को उनके सामाजिक और प्रेरणादायक कार्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं भी दीं। प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ जैसे राष्ट्रीय मंच पर ब्यावरा में चल रहे अभियान का उल्लेख पूरे राजगढ़ जिले और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि बताती है कि जब समाज स्वयं परिवर्तन का संकल्प लेता है, तब एक छोटा-सा प्रयास भी राष्ट्रीय पहचान बन जाता है और पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने उद्बोधन में मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की उन सभी बहनों की सराहना की, जो प्लास्टिक कचरे को Recycle कर इको-ब्रिक्स तैयार कर रही हैं। यह सराहनीय पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ही महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरणादायी उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी गणेश महोत्सव में देशवासियों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाएं लेने का आग्रह भी किया है, जिससे हमारी आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी और सशक्त हो।

जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना ‘मन की बात’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना ‘मन की बात’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ की अनेक कड़ियों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा ‘हरगिला आर्मी’ के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने, अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

भारत ने एफआईएच पुरुष प्रो लीग हॉकी में पाकिस्तान को 7-1 से हराया

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भारत ने एफआईएच पुरुष प्रो लीग हॉकी में पाकिस्तान को 7-1 से हराया
एफआईएच पुरूष प्रो लीग हॉकी में, कल रात भारत ने पाकिस्‍तान को 7-1 से करारी शिकस्‍त दी। लंदन के ली वैली हॉकी सेंटर में खेले गये मैच के पहले र्क्‍वाटर में अबू बकर ने पेनल्‍टी कॉर्नर को गोल में बदलकर पाकिस्‍तान को बढ़त दिलाई। दूसरे क्वार्टर में सुखजीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह के गोल ने मैच का रुख पलट दिया। इसके बाद तीसरे क्वार्टर में हार्दिक सिंह, जुगराज सिंह, अभिषेक और राजकुमार पाल ने चार और गोल किए। सातवां गोल चौथे क्वार्टर में दिलप्रीत सिंह ने किया।

सिया-केतन को मिलाने में मित्तल परिवार की अहम भूमिका

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सिया-केतन को मिलाने में मित्तल परिवार की अहम भूमिका
केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक नया एंगल सामने आया है, जिसमें सिया गोयल और केतन की सगाई में अहम भूमिका निभाने वाले मित्तल परिवार की भूमिका भी चर्चा में है. जिस परिवार ने दोनों को मिलवाया, वही अब इस पूरे मामले से हैरान और स्तब्ध है. पुलिस मित्तल परिवार से पूछताछ कर रही है ताकि यह समझा जा सके कि रिश्ते की शुरुआत से लेकर हत्या तक के बीच क्या-क्या हुआ?

रिश्ता तय कराने में मित्तल परिवार की भूमिका
सिया गोयल के रिश्तेदार नरेंद्र मित्तल और रेनू मित्तल ने ही सिया और केतन अग्रवाल के बीच शादी की बातचीत शुरू करवाई थी. उनके मुताबिक, उनका काम सिर्फ दोनों परिवारों को मिलाने और शादी की बात आगे बढ़ाने तक सीमित था. जनवरी 2026 में दोनों परिवारों के बीच बातचीत शुरू हुई और फरवरी में सगाई भी हो गई थी.

‘हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था’- मित्तल परिवार
पुलिस पूछताछ में मित्तल दंपति ने कहा कि उन्हें कभी शक नहीं हुआ कि सिया इस तरह का कदम उठा सकती है. उन्होंने बताया कि सिया और केतन दोनों ही शांत और अच्छे स्वभाव के थे. मित्तल परिवार का कहना है कि सिया के किसी और के साथ रिश्ते के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी.

ट्रेकिंग ट्रिप में केतन की हत्या
दरअसल, 18 जून को केतन अग्रवाल की मौत पुणे के लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान हुई थी. शुरुआत में इसे हादसा माना गया, लेकिन सिया के व्यवहार पर शक होने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई. जांच में धीरे-धीरे यह मामला एक साजिश के रूप में सामने आया.

परिवारों के बीच मतभेद और बयान
वहीं, सिया के माता-पिता का कहना है कि उन्हें उसकी निजी जिंदगी के बारे में कुछ भी पता नहीं था. उन्होंने तो यहां तक कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी साबित होती है, तो उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. दूसरी ओर, मित्तल परिवार ने खुद को इस साजिश से पूरी तरह अलग बताया है.

सूत्रों के मुताबिक, सिया ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उसने कहा कि उसके लिए केतन की हत्या करना अपने परिवार से सच छुपाने का आसान तरीका था. फिलहाल पुलिस इस पूरे केस के हर पहलू की जांच कर रही है.

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जरूर करें ये 5 अचूक उपाय

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ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जरूर करें ये 5 अचूक उपाय
इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा का पर्व 29 जून, 2026 को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 29 जून की सुबह 3 बजकर 6 मिनट पर शुरु होकर अगले दिन 30 जून को सुबह 5 बजकर 26 मिनट पर खत्म होगी। मान्यता है कि, इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

इस साल की ज्येष्ठ पूर्णिमा बेहद खास है, क्योंकि इस दिन मूल नक्षत्र और शुक्ल योग का मिलाजुला संयोजन देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि, ऐसी अनूठी खगोलीय घटनाएं सुख और समृद्धि को अपनी ओर आकर्षित करती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर कुछ खास उपाय करने से पैसों से जुड़ी समस्या से राहत मिल सकती है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा के 5 असरदार उपाय
मां लक्ष्मी को मिश्री वाली खीर का भोग लगाएं
ज्येष्ठ पूर्णिमा के मौके पर देवी लक्ष्मी को खुश करने के लिए उन्हें प्रणाम करने के बाद खीर बनाएं और उसमें मिश्री भी मिलाएं। मान्यता है कि मां लक्ष्मी को इसका भोग लगाने से घर में कभी भी दुख-दरिद्रता नहीं रहती है।

चंद्रमा को अर्घ्य दे
पूर्णिमा का चंद्रमा चंद्र देवता से घनिष्ठ रूप से जुड़ा होता है। ऐसा माना जाता है कि, पूर्णिमा की रात को चंद्रमा उदय होने के बाद जल, दूध, अक्षत और सफेद फूलों का अर्घ्य देना चाहिए। मान्यता है कि, इस अनुष्ठान का पालन करने से मानसिक तनाव कम होता है।

मुख्य प्रवेश द्वार को आशीर्वाद दें
किसी भी घर का मुख्य द्वारा सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है। पूर्णिमा की सुबह इस द्वार पर घी का दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

शिवलिंग पर खास जल अभिषेक
पूर्णिमा के मौके पर भगवान शिव की भी पूजा आध्यात्मिक रूप काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन शिवलिंग पर बेलपत्र और फूल अर्पित करना चाहिए। ऐसा भी माना जाता है कि, इससे भगवान शिव खुश होते हैं और जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं।

पूर्णिमा पर जरूरतमंदों की सहायता
ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन दान-पुण्य से जुड़े कार्यों के लिए खास माना जाता है। जरुरतमंद को खाने खिलाने से सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। ज्येष्ठ पूर्णिमा पर इन अनुष्ठानों में भाग लेने से व्यक्ति की आध्यात्मिक यात्रा को बढ़ावा मिल सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आसान होती है।

दिल्ली-NCR में महसूस किए गए भूकंप के झटके

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दिल्ली-NCR में महसूस किए गए भूकंप के झटके
राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाके में शनिवार शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए। लोग डर से अपने घरों और दफ्तरों से बाहर आ गए।

इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं।

सेशेल्स में 194 साल के ‘जोनाथन’ से मिले पीएम मोदी

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सेशेल्स में 194 साल के ‘जोनाथन’ से मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने शनिवार को विक्टोरिया में सेशेल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान का दौरा किया। अभयारण्य के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को बड़े कछुओं को खाना खिलाते हुए देखा गया, जिनमें प्रसिद्ध 194 वर्षीय जोनाथन कछुआ भी शामिल था। जोनाथन कछुआ को दुनिया का सबसे पुराना जीवित स्थलीय जानवर माना जाता है।

एक पेड मां के नाम
‘एक पेड़ मां के नाम’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी जन-अभियान है। इसका उद्देश्य अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। पीएम मोदी और पैटिक हर्मिनी ने परिसर के भीतर एक स्मारक पौधा भी लगाया और संरक्षण केंद्र के कर्मचारियों के साथ गहन बातचीत की, जिन्होंने अतिथि गणमान्य व्यक्तियों को अभयारण्य की अनूठी वनस्पति और जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी दी।

तीन दिन के दौर पर पहुंचे सेशेल्स
प्रधानमंत्री शनिवार दोपहर तीन दिवसीय दौरे पर राजधानी पहुंचे। द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी देश के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में विशिष्ट अतिथि होंगे, जो 1976 में यूनाइटेड किंगडम से सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।

एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत
दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच गहरे राजनयिक संबंधों को दर्शाते हुए एक विशेष संकेत के रूप में, राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने कई शीर्ष कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया।

स्वागत समारोह में गुजरात के कच्छ क्षेत्र के पारंपरिक नृत्य सहित जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस सांस्कृतिक प्रस्तुति पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘अद्भुत सांस्कृतिक जुड़ाव! सेशेल्स हवाई अड्डे पर स्वागत में कच्छ का नृत्य शामिल था। जिस तरह से हमारे प्रवासी भारतीयों ने भारत के विभिन्न हिस्सों की संस्कृति को संरक्षित और मनाया है, वह सराहनीय है।’
पीएम मोदी ने जताया आभार

प्रधानमंत्री मोदी ने X पर भव्य स्वागत की तस्वीरें भी अपलोड कीं और भारतीय प्रवासी भारतीयों के अपार स्नेह और प्रेम के लिए आभार व्यक्त किया। सेशेल्स में उतरते ही मिले आधिकारिक स्वागत को स्वीकार करते हुए, प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा के प्रति आशावाद व्यक्त किया और X पर पोस्ट किया, ‘सेशेल्स में उतरा। हवाई अड्डे पर डॉ. पैट्रिक हर्मिनी द्वारा दिए गए हार्दिक स्वागत के लिए मैं अत्यंत आभारी हूं। सेशेल्स एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार और हिंद महासागर में एक घनिष्ठ मित्र है। हमारे दीर्घकालिक संबंधों को और मजबूत करने तथा दोनों देशों के लोगों के हित में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से एक सार्थक यात्रा की आशा करता हूं।’