टेलीविजन की दुनिया में ख्यात कॉमेडी क्वीन भारती सिंह के घर जल्द ही नन्हा मेहमान आने वाला है। भारती और हर्ष लांबाचिया जल्द ही माता-पिता बनने वाले हैं और इस सूचना के बाद भारती सिंह और उनके परिवार में काफी खुशी है। साथ ही फैंस भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
जल्द ही मां बनने वाली है कॉमेडियन भारती सिंह
केंटकी राज्य में बवंडर ने मचाई तबाही, कम से कम 50 लोगों की मौत
अमेरिका (USA) के केंटकी राज्य (Kentucky) में आए तूफान (Tornado) की वजह से कम से कम 50 लोगों के मारे जाने की खबर है। राज्य के गवर्नर एंडी बेशियर (Andy Beshear) ने इसकी जानकारी दी। ये तूफान या बवंडर शुक्रवार की रात में आया था, और बेशियर ने नेशनल गार्ड को तैनात करते हुए रातोंरात आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी थी। गर्वनर के मुताबिक इसने सबसे ज्यादा नुकसान ग्रेव्स काउंटी (Graves County) में पहुंचाया है, जिसमें मेफील्ड शहर भी शामिल है। बवंडर की वजह से प्रभावित इमारतों में ग्रेव्स काउंटी कोर्टहाउस और आसपास की जेल शामिल हैं। बेशियर ने कहा कि हमारे पास मेफील्ड में एक कारखाना है, जिसकी छत ढह गई है। ये एक बड़ी घटना है। इसने बवंडर ने मेफील्ड में उतनी ही तबाही मचाई है, जितना किसी भी शहर में आमतौर पर बवंडर आने पर होता है।
NOAA स्टॉर्म प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, पांच राज्यों अर्कांसस, इलिनोइस, केंटकी, मिसौरी और टेनेसी में कम से कम 24 बवंडर की सूचना मिली थी। पूर्वोत्तर अर्कांसस के मोनेट में शुक्रवार को बवंडर ने एक नर्सिंग होम को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, और कम से कम 20 लोग घायल भी हुए। वहीं, बवंडर की वजह से 2.4 लाख लोगों को अंधेरे में रहने पर मजबूर होना पड़ा है।
और बिगड़ सकता है मौसम
वीकेंड में मौसम के अधिक गंभीर होने की संभावना बनी हुई है, क्योंकि बवंडर पूर्व की ओर बढ़ेगा। वहीं शनिवार को बवंडर के अलावा तेज हवाओं के चलने की भी आशंका है, जिसकी वजह से ओलावृष्टि भी हो सकती है। पूर्वी अमेरिका का अधिकांश भाग शनिवार शाम तक बारिश से प्रभावित होगा। स्टॉर्म प्रेडिक्शन सेंटर के अनुसार, ओहियो और टेनेसी घाटियों से उत्तरी खाड़ी राज्यों में तेज आंधी, ओले और एक और बवंडर की संभावना भी है।
पोखरण रेंज में सेना ने पिनाका एक्सटेंडेड रेंज सिस्टम और SANT का किया सफल परीक्षण
जोधपुर। राजस्थान के पोकरण रेंज में पिनाक ईआर मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। इस प्रणाली को संयुक्त रूप से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) व आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान ( एआरडीई), पुणे और उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला पुणे की प्रयोगशालाओं द्वारा डिजाइन किया गया है।देश में पहली बार इस सिस्टम को स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास प्रयासों के माध्यम से विकसित किया गया है।
डीआरडीओ ने सेना के साथ मिलकर पिछले तीन दिनों के दौरान फील्ड फायरिंग रेंज में इन स्वदेशी निर्मित रॉकेटों के लांचिग परीक्षणों की सीरीज आयोजित की। इन परीक्षणों में, उन्नत रेंज के पिनाक रॉकेटों का विभिन्न वार हेड क्षमताओं के साथ विभिन्न रेंजों पर परीक्षण किया गया। परीक्षण के सभी उद्देश्यों को संतोषजनक ढंग से पूरा किया गया। सटीकता और निरंतरता के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विभिन्न रेंज और वारहेड क्षमताओं के लिए 24 रॉकेट दागे गए। इसके साथ, पिनाका-ईआर ( एक्सेटेंडेंड रेंज) के प्रौद्योगिकी अवशोषण का शुरुआती प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, इसके साथ ही ये रॉकेट प्रणाली के श्रृंखला उत्पादन के लिए तैयार है।
स्वदेशी डिजाइन और तकनीक से विकसित है पिनाक
पिनाका-ईआर पिछले पिनाका संस्करण का उन्नत संस्करण है, जो पिछले एक दशक से भारतीय सेना के साथ सेवा में है। इस प्रणाली को सीमा को बढ़ाने वाली उन्नत प्रौद्योगिकियों के साथ उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसे पहली बार समर्पित स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास प्रयासों के माध्यम से विकसित किया गया है। ये स्वदेशी रूप से विकसित फ़्यूज़ आयातित फ़्यूज़ की जगह लेंगे और विदेशी मुद्रा की बचत करेंगे। एआरडीई ने एडीएम के लिए लघु फ़्यूज़ भी डिज़ाइन किए हैं। दोहरे उद्देश्य वाली डायरेक्ट-एक्शन सेल्फ डिस्ट्रक्शन (डीएएसडी) और एंटी-टैंक मुनिशन (एटीएम) फ़्यूज़ को भी वर्तमान उड़ान परीक्षणों के दौरान जांचा गया , जिनका परिणाम संतोषप्रद रहा और उसने मिशन के सभी उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा किया। जहां परीक्षण के दौरान टेक्नोलॉजी के अपग्रेडेशन के साथ विकसित रॉकेटों का प्रदर्शन परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है।
SANT का भी सफल परीक्षण
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायु सेना ने शनिवार को राजस्थान के पोखरण रेंज में कई परीक्षण किये. इसमें स्टैंड-ऑफ एंटी-टैंक (SANT) मिसाइल भी शामिल है। इसे स्वदेश में ही विकसित किया गया है और इसकी मारक क्षमता जबरदस्त है। DRDO द्वारा शेयर किये गये वीडियो में साफ दिखता है कि हेलिकॉप्टर से दागी गयी मिसाइल ने अपनी टार्गेट को कितनी सटीकता से हिट किया। इसके अलावा एरिया डिनायल म्यूनिशंस (एडीएम) और न्यू इंडीजिनस फ्यूज (नव स्वदेशी विस्फोटक) का भी सफल परीक्षण विभिन्न परीक्षण स्थलों पर किया गया।
बलरामपुर में CM योगी की पीएम मोदी ने थपथपाई पीठ
उत्तर प्रदेश : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में सरयू नाहर राष्ट्रीय परियोजना का उद्घाटन करने के बाद रैली को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने योगी सरकार के कामकाज के जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले की सरकारें माफिया को संरक्षण देना, बाहुबलियों को बढ़ावा देना और जमीनों पर अवैध कब्जा करवाती थीं लेकिन आज योगी की सरकार माफिया की सफाई में जुटी है, गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासी सभी को सशक्त करने में जुटी है। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के प्रमुख बातें –
भाषण के शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि मैं आज देश के उन वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि दे रहा हूं जिनका 8 दिसंबर को हेलिकॉप्टर में निधन हो गया था। भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत जी का जाना हर भारतप्रेमी, हर राष्ट्रभक्त के लिए बहुत बड़ी क्षति है। पीएम मोदी ने कहा कि यूपी के सपूत देवरिया के रहने वाले ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह जी का जीवन बचाने के लिए डॉक्टर जी-जान से लगे हुए हैं। मैं मां पाटेश्वरी से उनके जीवन की रक्षा की प्रार्थना करता हूं। देश आज वरुण सिंह जी के परिवार के साथ है, जिन वीरों को हमने खोया है, उनके परिवारों के साथ है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं जब आज दिल्ली से चला तो मैं सुबह से इंतजार कर रहा था कि कब कोई आएगा और कहेगा कि मोदी जी इस योजना का फीता तो मैंने काटा था। कुछ लोगों की ऐसा कहने की आदत है, हो सकता है कि बचपन में इस योजना का फीता भी उन्होंने ही काटा हो। कुछ लोगों की प्राथमिकता फीता काटना है।
बलरामपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि मैं जब आज दिल्ली से चला तो मैं सुबह से इंतजार कर रहा था कि कब कोई आएगा और कहेगा कि मोदी जी इस योजना का फीता तो मैंने काटा था। कुछ लोगों की ऐसा कहने की आदत है, हो सकता है कि बचपन में इस योजना का फीता भी उन्होंने ही काटा हो। कुछ लोगों की प्राथमिकता फीता काटना है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज से करीब 50 साल पहले इस योजना पर काम शुरू हुआ था और आज इसका काम पूरा हुआ है। जब इस परियोजना पर काम शुरू हुआ था तो इसकी लागत 100 करोड़ से भी कम थी,आज ये लगभग 10,000 करोड़ खर्च करने के बाद पूरी हुई है। पहले की सरकारों की लापरवाही की 100 गुना ज्यादा कीमत देश को चुकानी पड़ी है।
मकरंद देऊस्कर भोपाल और हरिनारायण चारी मिश्रा इंदौर पुलिस कमिश्नर बने
भोपाल (राज्य ब्यूरो)। इंदौर और भोपाल में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के बाद सरकार ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों की पदस्थापना कर दी। मकरन्द देऊस्कर को भोपाल का पहला पुलिस आयुक्त बनाया गया है, वहीं इंदौर के पहले पुलिस आयुक्त हरिनारायाण चारी मिश्र बनाए गए हैं। दोनों अधिकारियों के पास पुलिस महानिरीक्षक देहात जोन का अतिरिक्त प्रभार रहेगा।
भोपाल के पुलिस उपमहानिरीक्षक इरशाद वली को भोपाल का अतिरिक्त पुलिस आयुक्त तैनात किया गया है। इसी प्रकार इंदौर के पुलिस उपमहानिरीक्षक मनीष कपूरिया को इंदौर का अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बनाया गया है। इनके पास अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध व मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
गृह विभाग ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की हरी झंडी मिलने के बाद शुक्रवार को पुलिस आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए। वहीं, एक अन्य आदेश से अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक भोपाल ए साईं मनोहर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी मध्य प्रदेश भवन नई दिल्ली पदस्थ किया गया है।
आयुक्त बनाए गए दोनों ही अधिकारी पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) स्तर के हैं। बाकी पदों पर जो जहां है, उन्हें वहीं का प्रभार दिया गया है।
मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारी हैं दोनों पहले पुलिस आयुक्त
भोपाल के पुलिस आयुक्त बनाए गए 1997 बैच के आइपीएस मकरन्द देऊस्कर और इंदौर के 2003 बैच के आइपीएस हरिनारायण चारी मिश्र मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारी हैं।
देऊस्कर मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के साथ पुलिस महानिरीक्षक एससीआरबी पुलिस मुख्यालय हैं। इसके पहले वे पुलिस महानिरीक्षक इंटेलिजेंस भी रह चुके हैं। तो मिश्र इंदौर जोन के पुलिस महानिरीक्षक हैं। इससे पहले भी मिश्र इंदौर में ही पुलिस उपमहानिरीक्षक के पद पर भी रह चुके हैं। कांग्रेस सरकार बनने पर उन्हें हटा दिया गया था लेकिन शिवराज सरकार की वापसी पर फिर मिश्र को इंदौर में ही तैनात कर दिया गया। दोनों अधिकारियों को शहरी पुलिसिंग में दक्ष माना जाता है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मध्य प्रदेश के दो शहर भोपाल और इंदौर में लागू नए पुलिस कमिश्नर सिस्टम पर कहा है कि महानगरों में अलग-अलग प्रकार की समस्याएं सामने आती हैं। इन्हें दूर करने के लिए यह सिस्टम लागू किया गया। नया सिस्टम प्रभावी और कारगर साबित होगा।
इंदौर और भोपाल में गुरुवार से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने के बाद अब दोनों शहरों में पुलिस के मुखिया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के स्थान पर पुलिस आयुक्त हैं। यह प्रणाली लागू करने वाला मध्य प्रदेश देश का 17वां राज्य बन गया है। इससे पहले देश के 77 शहरों में आयुक्त प्रणाली लागू की जा चुकी है।
अब इंदौर और भोपाल दोनों शहरों में पुलिस आयुक्त को मजिस्ट्रियल शक्तियां और कानून-व्यवस्था से जुड़े अन्य अधिकार प्राप्त हैं। अब धरना, प्रदर्शन, जुलूस, रैली आदि निकालने के लिए अनुमति पुलिस आयुक्त के स्तर से भी दी जाएगी।
महाराष्ट्र में ओमिक्रोन वैरियंट के 7 नए मामले मिले, राज्य में अब कुल संक्रमितों की संख्या 17
महाराष्ट्र महाराष्ट्र में ओमिक्रोन वैरियंट के 7 नए मामले सामने आए- 3 मुंबई से और 4 पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम से हैं।महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में कुल ओमिक्रोन मामले अब 17 हो गए हैं। दूसरी तरफ पुणे में सामने आए ओमिक्रोन के सात में से पांच मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। कोरोना संक्रमण के नए मामले भी 10 हजार के नीचे बने हुए हैं, लेकिन चंडीगढ़, केरल और गोवा द्वारा पुराने आंकड़ों को जोड़ने से मरने वालों की संख्या बढ़ गई है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने शुक्रवार को पुणे में कहा कि ओमिक्रोन वैरिएंट के पुणे में एक और पिंपरी-चिंचवाड़ में छह मामले मिले थे। इनमें से पुणे के इकलौते मरीज और पिंपरी-चिंतवाड़ के चार मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है यानी उनमें अब ओमिक्रोन वैरिएंट नहीं रह गया है। संक्रमित पाए जाने के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पवार पुणे के प्रभारी मंत्री भी हैं। वहीं, गोवा में ब्रिटेन से आए तीन लोगों को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद आइसोलेशन में रखा गया है। ये तीनों गोवा मूल के ही हैं।
मांगलिक कार्यों पर कोरोना के कारण नहीं सूर्य के राशि में परिवर्तन से लगेगा लाकडाउन
इंदौर । पांव पसारते कोरोना के नया वेरिएंट ओमिक्रोन के बीच 16 दिसंबर से मांगलिक आयोजन पर लाकडाउन लगेगा। यह लाकडाउन कोरोना के कारण नहीं बल्कि सूर्य के राशि परिवर्तन की वजह से लगेगा। सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर सुबह 3 बजकर 28 मिनिट पर धनुराशि में प्रवेश करेगा। इसके साथ ही खरमास की शुरुआत होगी जो 14 जनवरी तक रहेगा। अब विवाह के दो शुभ मुहूर्त 11 व 13 दिसंबर को शेष है। इसके बाद दोबारा विवाह के शुद्ध मुहूर्त 22 जनवरी 2022 से होंगे।
सूर्य 14 जनवरी को दोपहर 2 बजकर 30 मिनिट पर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिर्विद् अचार्य शिवप्रसाद तिवारी के मुताबिक विवाह के लिए मुहू्र्त का विशेष महत्व है। हिंदू पंचांग में कुछ माह ऐसे होते हैं जिसमें मांगलिक कार्य नहीं होते हैं। इसमें चातुर्मास और खरमास भी शामिल है।
इसे मलमास, धर्नुमास और खरमास भी कहा जाता है। इसमें शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश आदि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। सूर्य धनु राशि में मकर सक्रांति तक रहेंगे। धनु राशि में सूर्य की स्थित कमजोर मानी गई है। इसके चलते मांगलिक आयोजन नहीं किए जाते हैं।
नववर्ष में विवाह के 37 मुहूर्त
वर्ष 2022 में विवाह के 37 मुहूर्त है। इसमें जनवरी में 22,23, फरवरी में 5,6,10,18,19, अप्रैल में 19,20,21,22,23 और मई में 2,3,10,11,12,18,20,25,26 व 31 को शादियों के मुहूर्त है। इसके अलावा जून में 1,6, 8,11, 13, 20,21, जुलाई में 3,4,8,9 को विवाह होंगे। इसके बाद चातुर्मास लगेगा। इसके बाद वर्ष के अंतिम माह दिसंबर में 2, 8, 9 और 14 को शादियां होगी। इसके बाद पुन: खरमास लगेगा।
इन तारीखों पर रहेगा स्वयं सिद्ध मुहूर्त
आने वाले वर्ष में स्वयं सिद्ध मुहूर्त 5 फरवरी बसंत पंचमी, 3 मई अक्षय तृतीया, 8 जुलाई भड़ली नवमी रहेगी। माना जाात है कि इन अबूझ मुहूर्त पर विवाह के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं है। इन मुहूर्त पर किसी भी राशि के जातक बिना मुहूर्त देख विवाह कर सकते हैं।
इंदौर के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में शुरू हुई एंजियोप्लास्टी, आयुष्मान कार्डधारकों के लिए इलाज निशुल्क
इंदौर । सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में शुक्रवार से एंजियोप्लास्टी शुरू हो गई। 60 वर्षीय महिला को 6 दिसंबर को हार्ट अटैक आया था। वह एक निजी अस्पताल में इलाज करवा रही थी। शुक्रवार को सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की। उसे एक स्टैंट लगाया गया। अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारकों के लिए इलाज पूरी तरह से निशुल्क है जबकि अन्य लोगों को भी इन सुविधाओं के लिए केंद्रीय शासन चिकित्सा योजना (सीजीएचएस) के तहत निर्धारित शुल्क ही देना होगा।
सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल महीनों पहले तैयार हो चुका था, लेकिन महामारी की वजह से इसे कोरोना के इलाज के लिए अधिकृत कर दिया गया था। जून की शुरुआत में कोरोना संक्रमित के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद से ही अस्पताल में अन्य बीमारियों का इलाज शुरू करने की कवायद शुरू हो गई थी। कुछ दिन पहले ही अस्पताल में डायलिसिस यूनिट शुरू हुआ है। शुक्रवार से सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में एंजियोप्लास्टी भी शुरू हो गई।
आयुष्मान कार्डधारकों का मुफ्त होगा इलाज
अस्पताल की कार्डियोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ.एडी भटनागर ने बताया कि कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों को एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी सहित अन्य सुविधाएं आयुष्मान कार्डधारियों को मुफ्त मिलेगी। जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं उन्हें भी यह केंद्र शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही मिलेगी। यह बाजार से बहुत कम होगी। डॉ.भटनागर ने बताया कि सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों के स्वजन जानकारी लेने आ रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही यहां ज्यादा संख्या में आपरेशन होने लगेंगे।
शुरू होगा न्यूरोलॉजी विभाग, हो सकेगा दिमाग का इलाज
सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुमित शुक्ला ने बताया कि अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग भी शुरू होने वाला है। शुक्रवार को संस्था पर पीड़ाहर की तरफ से अस्पताल को एक ईईजी मशीन मिली है। इस मशीन की मदद से दिमाग की तरंगों की जांच की जा सकती है। कोमा में गए मरीज, मिर्गी के मरीजों और किसी मरीज के ब्रेनडेड होने की स्थिति में इस मशीन की मदद से उसके दिमाग की तरंगों की जांच आसानी से की जा सकेगी। शुक्रवार को संस्था के राधेश्याम साबू ने यह मशीन अस्पताल को सौंपी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का मोर्चा संभालेंगे मध्य प्रदेश के कार्यकर्ता
भोपाल। उत्तर प्रदेश में अगले तीन महीने में संभावित विधान सभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य से लगने वाली सीमा पर उत्तर प्रदेश के 11 जिलों में कुल 49 विधानसभा क्षेत्र हैं। इनके लिए मध्य प्रदेश के हर जिले से दो ऐसे कार्यकर्ताओं का चयन किया जा रहा है, जिनका वहां कहीं प्रभाव या अच्छा संपर्क हो। फिलहाल यह कार्यकर्ता वहां संगठनात्मक कार्यों में मदद के साथ चुनावी जमावट को मजबूत बनाने के लिए काम करेंगे।
उत्तर प्रदेश के लिए यह प्रारंभिक तैनाती है, इसके बाद वरिष्ठ नेताओं को भी भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में 50 से ज्यादा सीटों के प्रभारी नरोत्तम मिश्रा थे, वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भी भेजा गया था। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे और उन्हें पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार दिया था। सिंधिया अब भाजपा में है और केंद्रीय मंत्री भी हैं। पार्टी उन्हें युवा चेहरे के रूप में उत्तर प्रदेश भेज सकती है।
भाजपा विधानसभा चुनाव में विभिन्न राज्यों से उन कार्यकर्ताओं को पहले ही बुला लेती है, जिन्हें कई राज्यों में चुनाव के दौरान सांगठनिक कार्यों का लंबा अनुभव हो। इन जमीनी कार्यकर्ताओं को विधानसभा क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक स्थिति के अनुसार रणनीति बनाने में महारत होती है।
मध्य प्रदेश चूंकि उत्तर प्रदेश का पड़ोसी राज्य है, इसलिए इसकी सीमा पर आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में उन कार्यकर्ताओं की पहले ही सूची तैयार की जा रही है, जिनके संपर्क इन क्षेत्रों में हैं। इन 49 सीटों में से कई पर 2017 में भाजपा को करीबी मुकाबले में जीत हासिल हुई है, वहीं जातिगत समीकरण भी ऐसे हैं कि मामूली हेरफेर में भी कई सीटों पर संभावनाएं बिगड़ सकती हैं।
ऊपर से बिखरा हुआ कुछ विपक्ष भाजपा के खिलाफ अंदरुनी तौर पर एकजुट है। ऐसे में संगठन की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा सकती। दोनों राज्यों के बीच बुंदेलखंड क्षेत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती का भी खासा प्रभाव है। वह दोनों राज्यों से लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं। उनके प्रभाव को देखते हुए उमा भारती के करीबी और समर्थकों को भी उत्तर प्रदेश के इन क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के प्रभाव क्षेत्र ग्वालियर चंबल से भी कई कार्यकर्ताओं को भेजने की तैयारी है। कांग्रेस में रहते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी संभाली थी। उनकी जमीनी पकड़ देखते हुए भाजपा भी बतौर युवा चेहरा उत्तर प्रदेश भेजेगी।
देश के अगले CDS एमएम नरवणे या आर हरिकुमार हो सकते हैं
तमिलनाडु : तमिलनाडु के कन्नूर में हेलिकॉप्टर क्रैश में CDS बिपिन रावत के असामयिक निधन के बाद अब सभी यह जानना चाहते हैं कि आखिर अब उनकी जगह कौन संभालेंगा? देश में नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की नियुक्ति को लेकर अटकलें तेज हो चुकी है और इस रेस में फिलहाल नौसेना प्रमुख आर. हरिकुमार, और सेना प्रमुख एमएम नरवणे का नाम सबसे आगे हैं।
थल सेनाध्यक्ष नरवणे भी CDS बनने की रेस में





