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इंदौर में रंगपंचमी पर गेर निकालने को लेकर प्रशासन का पसोपेश कायम

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इंदौर। आजादी के समय से शहर में रंगपंचमी पर निकलने वाली पारंपरिक गेर का सिलसिला इस बार फिर शुरू हो सकता है। कोरोना महामारी के कारण पिछले तीन सालों से शहर में गेर नहीं निकल रही है। हालांकि अभी तक प्रशासन ने इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उधर आयोजक भी गेर निकालने की तैयारी में है, लेकिन गेर रुट का बड़ा हिस्सा खोदाई से प्रभावित हो चुका है। ऐसे में यदि यात्रा निकलती है तो रुट बदलना होगा।

कोरोना महामारी के चलते दो साल पहले तत्कालीन कलेक्टर लोकेश जाटव ने गेर नहीं निकालने का आग्रह किया था। तब गेर तो नहीं निकली, लेकिन राजवाड़ा पर लोग जमा हुए थे। कोरोना की दूसरी लहर में भी शहर में गेर नहीं निकली, लेकिन इस बार कई आयोजन शहर में हो रहे है और प्रशासन ने प्रतिबंधों में भी शिथिलता की है। गेर को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह का कहना है कि इस मामले में फैसला शासन को लेना है।

उधर 75 साल से टोरी कार्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति द्वारा गेर निकाली जा रही है। समिति के समन्वयक शेखर गिरी का कहना है कि कोरोना से राहत मिलने के बाद प्रशासन का सहयोग व अनुमति मिलने की उम्मीद है लेकिन अब चिंता गेर मार्ग की है। गेर मार्ग से अतिक्रमण हटाने के साथ नवीन मार्ग निर्माण हो रहा है।मार्ग कार्य पूरा हो जाता है दो साल बाद एक बार फिर दोगुने उत्साह के साथ हम गेर निकालने की तैयारी कर रहे है।

हम तैयार है बस मार्ग का काम जल्द हो पूरा

संगम कार्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति ने 68 साल पहले गेर निकालने की शुरुआत की थी। समिति के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल का कहना है कि गेर को जिला प्रशासन द्वारा 2020 में गेर को यूनिस्को की सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल करने का प्रयास किया था। इस बार इस प्रयास में क्षत-विक्षत गेर मार्ग एक बड़ी समस्या बन सकता है। गेर में अभी सवा महीने का समय है। मार्ग का काम पूरा हो जाए तो बेहतर होगा। हमारी गेर निकालने की पूरी तैयारी है।

महाराष्ट्र के अमरावती से आएंगे ढोल पार्टी

मारल क्लब द्वारा 49 साल से गेर निकाली जा रही है। आयोजक अभिमन्यु मिश्रा ने बताया कि गेर को लेकर कार्यकर्ता में बहुत उत्साह है। इसके लिए महाराष्ट्र के अमरावती की 100 सदस्यी ढोल पार्टी से बात हो गई है। गेर में शामिल होने लिए उन्हें भी बुलाया जाएगा। अन्य तैयारियों को लेकर बैठक का दौर अगले महीने से शुरू करेंगे।

मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन में जबलपुर प्रदेश में अव्वल

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जबलपुर। मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन कार्य में प्रदेश भर में बाजी मारकर जबलपुर पहले नंबर पर आ गया है। जनवरी माह में जबलपुर आठवें स्थान पर था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई समीक्षा में मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन कार्य में जबलपुर व आलीराजपुर को एक समान अंक मिले हैं। जिससे दोनों जिले प्रदेश में अव्वल रहे। इस कार्य में सीधी, राजगढ़, रीवा, भोपाल, रायसेन, बैतूल, धार, मंदसौर टाप-10 जिलों में शामिल हैं। इसके विपरीत इंदौर व ग्वालियर क्रमश: 42 व 51 नंबर पर हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक डीपीएम विजय पांडेय ने बताया कि राज्य शासन द्वारा मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन के लिए आठ बिंदु तय किए गए हैं। कलेक्टर इलैयाराजा टी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. रत्नेश कुरारिया के निर्देश पर कार्ययोजना बनाकर मातृ स्वास्थ्य मूल्यांकन कार्य को बेहतर किया जा सका। उन्होंने कहा कि रक्तअल्पता यानि एनीमिया के कारण गर्भवती महिलाओं व गर्भस्थ शिशु की सेहत पर खतरा मंडराता है।

सीएमएचओ डा. कुरारिया द्वारा बनाई गई कार्ययोजना के चलते एनीमिया व गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान कर उपचार दिया गया। आवश्यकतानुसार महिलाओं के ब्लड ट्रांसफ्यूजन की व्यवस्था कराई गई। गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप की पहचान व उसका प्रबंधन, प्रसव उपरांत जननी सुरक्षा योजना एवं प्रसूति सहायता योजना के अंतर्गत समय रहते हितलाभ दिया जा सका। विगत माह इस कार्य में जबलपुर आठवें स्थान पर था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाक्टर रत्नेश कुरारिया ने इस उपलब्धि का श्रेय अधीनस्थ अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को दिया है। उन्होंने कहा कि एनीमिया ग्रसित गर्भवती महिलाओं की पहचान व उपचार, प्रसव उपरांत जननी सुरक्षा योजना का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।

ये हैं स्वास्थ्य संकेतक-

1-गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमास में स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन।

2-पंजीकृत गर्भवती महिला की चार बार प्रसव पूर्व देखभाल।

3-एनीमिया ग्रसित गर्भवती महिलाओं की पहचान व उपचार।

4-गंभीर एनीमिया से ग्रसित गर्भवती महिलाओं की पहचान व उपचार।

5-गर्भवती महिलाओं में हार्ट संबंधी बीमारियों की पहचान व उपचार।

6-गर्भवती महिलाओं की प्रसव की अनुमानित तारीख की गणना व पोर्टल में दर्ज करना।

7-शासकीय संस्था में प्रसव उपरांत जननी सुरक्षा योजना का भुगतान।

8-प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना अंतर्गत प्रसव उपरांत भुगतान।

मध्‍य प्रदेश में ढलान पर कोरोना, 1328 नए संक्रमित मिले

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भोपाल। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर लगातार कमजोर पड़ती जा रही है। बुधवार को प्रदेश में कोरोना के 1328 नए मामले सामने आए, जबकि 6 मौत हुई हैं। ये संक्रमित 70,975 सैंपल की जांच में मिले हैं। इस तरह संक्रमण दर 1.87 फीसदी रही। प्रदेश में आगर मालवा, आलीराजपुर, बड़वानी समेत 15 जिले ऐसे हैं, जहां नए संक्रमितों का आंकड़ा 2 से 10 के बीच रहा है। प्रतिदिन कोरोना जांच रिपोर्ट में प्रदेश के 15 से अधिक किसी न किसी जिले में 10 से कम संक्रमित मिल रहे हैं। बाकी के जिलों में 11 से लेकर 300 तक मरीज मिल रहे हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण को काबू में करने के लिए सरकार ने जांच के दायरे को कम नहीं किया है। पिछले कुछ दिनों से 60,000 सैंपल की जांच रोज की जा रही थी, जिसे बढ़ाकर फिर से औसतन 70000 कर दिया है।

इन जिलों में हुई मौतें

जिन छह संक्रमितों की मौत हुई है, वे भोपाल, इंदौर, जबलपुर, दतिया, खरगोन और उज्जैन के थे। इनका इलाज लंबे समय से चल रहा था। बीच में इन संक्रमित की हालत में सुधार आ गया था, लेकिन तबीयत दोबारा बिगड़ गई और इनकी मौत हो गई है।

इन जिलों में 10 से कम मिले संक्रमित

प्रदेश के जिन जिलों में 10 से कम संक्रमित मिले हैं, उनमें आगर मालवा, बड़वानी, सिंगरौली सीधी, सतना मुरैना, श्योपुर, शाजापुर, रतलाम, राजगढ़, खंडवा, ग्वालियर, डिंडोरी बुरहानपुर, भिंड और आलीराजपुर शामिल है।

प्रदेश में अब 11,535 सक्रिय संक्रमित

प्रदेश में अब सक्रिय संक्रमितों की संख्या 11,535 रह गई है। रोजाना 2000 से लेकर 3000 मरीज ठीक हो रहे हैं। यही सिलसिला जारी रहा तो अगले एक हफ्ते में सक्रिय संक्रमितों की संख्या घटकर हजार के नीचे आ जाएगी। भोपाल में सर्वाधिक 2760 सक्रिय मरीज हैं। इनमें से 93 मरीज मरीज निजी व सरकारी अस्‍पतालों में भर्ती हैं। वही इंदौर में 767 सक्रिय संक्रमित है। हालांकि प्रदेश में फिलहाल एक भी जिला ऐसा नहीं है, जिसमें मौजूदा स्थिति में एक भी सक्रिय संक्रमित न हो।

रतलाम के प्राइवेट स्कूल में गिरने से सातवीं की छात्रा की मौत

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रतलाम। बरबड़ रोड स्थित गुरुतेग बहादुर एकेडमी में गुरुवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे कक्षा सातवीं की 13 वर्षीय छात्रा अशरा पुत्री निखिल मूणत निवासी सेट जी का बाजार की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। स्कूलों के कर्मचारियों का कहना है कि वह कक्षा से बाहर निकल कर बगीचे की तरफ जा रही थी। तभी अचानक नीचे गिर गई थी। उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां से उसे जिला अस्पताल ले जाते समय उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। छात्रा के पिता निखिल मूणत कहना है कि उनकी पुत्री पूरी तरह स्वस्थ थी ऐसे कोई कैसे चक्कर आने से गिरकर मर सकता है पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए। परिजनों ने छात्रा के नेत्रदान करने का निर्णय लिया है, उधर पुलिस एकडमी पहुंची और सीसीटीवी कैमरे चेक कर रही है।

साड़ी व्यापारी निखिल की पुत्री अक्षरा सुबह स्कूल गई थी दोपहर करीब 11:45 बजे उसके स्कूल में गिरने की खबर शहर में तेजी से फैली। सूचना मिलने पर स्वजन व अन्य लोग अस्पताल पहुंचे व एकेडमी प्रबंधकों को बुलाने की मांग करने लगे। इसी बीच कुछ लोग कहने लगे कि एक घंटे बाद भी एकेडमी के प्रबंधक क्यों नहीं आए। छात्रा कैसे गिरी, कोई बताने को तैयार नहीं है। इससे शोर-शराबा होने लगा व हंगामे की स्थिति बन गई। पुकिस अधिकारी दल के साथ अस्पताल पहुंचे व स्वजन तथा आकोषित लोगों से बात कर उन्हें शांत किया। प्रारंभिक रूप से मिली जानकारी के अनुसार छात्रा के स्कूल में गिरने के बाद स्कूल के कुछ शिक्षक व कर्मचारी कार से लेकर उसे अस्सी फ़ीट रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए थे।

वहां से उसे दोपहर 12:20 बजे जिला अस्पताल लाया गया जिला अस्पताल में डाक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित किया। छात्रा के दादा अमृतलाल मूणत ने बताया कि उन्हें स्कूल से फोन आया था कि अशरा को चक्कर आ गए और उसे अस्पताल लेकर जा रहै है। सूचना के बाद वे अस्पताल पहुंचे। उधर स्कूल की तरफ से कुछ कर्मचारी भी अस्पताल पहुंचे। छात्रा कैसे गिरी और उसकी मौत कैसे हुई इसका स्पष्ट कारण अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस जांच कर रही है। जांच के बाद ही छात्रा की मौत का कारण पता चल पाएगा।

टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को 6 विकेट से हराया, इंदौर के वेंकटेश अय्यर ने छक्के से दिलाई जीत

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टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच आज कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मैच खेला गया। इंडिया ने वेस्टइंडीज को पहले मैच में 6 विकेट से हरा दिया। इंदौर के बल्‍लेबाजी वेंकटेश अय्यर ने छक्का जड़कर जीत दिलाई। टीम इंडिया ने टास जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की टीम ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 157 रन बनाए। टीम इंडिया को 158 रनों का लक्ष्य दिया। जवाब में भारत ने 18.5 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 162 रन बनाए। टीम इंडिया ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है। कप्तान रोहित शर्मा ने ईशान किशन के साथ मिलकर टीम इंडिया को शानदार शुरुआत दिलाई। 7.3 ओवर में दोनों ने 64 रन जोड़े। पहला झटका रोहित शर्मा के तौर पर लगा। वह 19 गेंदों पर 40 रन बनाकर रस्टन चेज की गेंद पर आउट हुए। दूसरा झटका ईशान किशन के तौर पर लगा। चेज ने उन्हें 35 रन पर आउट किया। इसके अगले ही ओवर में विराट कोहली को 17 रन पर फैबियन एलन ने पवेलियन भेज दिया। रिषभ पंत को आठ रन पर शेल्डन काटरेल ने आउट किया। सूर्यकुमार यादव 34 और वेंकटेश अय्यर 24 रन बनाकर नाबाद रहे।

रवि विश्नोई का डेब्यू

युवा स्पिनर रवि विश्नोई को इस मैच में टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने का मौका मिला है। रोहित शर्मा की अगुवाई में मेजबान टीम ने वनडे सीरीज में अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में शानदार प्रदर्शन किया था और 3-0 से मेहमान टीम का क्लीन स्वीप किया था। कोरोना के कारण सीरीज के तीनों मैच ईडन गार्डन्स स्टेडियम में ही खेले जाएंगे।

कोहली टी-20 इंटरनेशनल में रनों के मामले में नंबर 2 पर

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कोलकत्ता : भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच बुधवार को पहला टी-20 मुकाबला खेला गया. वेस्टइंडीज़ की टीम ने भारत को 158 रनों का टारगेट दिया, टीम इंडिया को शानदार शुरुआत भी मिली. लेकिन इस मैच में एक आंकड़ों की रेस भी हुई, ये रेस किसी और नहीं, बल्कि कप्तान रोहित शर्मा, पूर्व कप्तान विराट कोहली के बीच में थी.

दरअसल, दोनों ही बल्लेबाज जब बल्लेबाजी करने उतरे तब उनके सामने टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड सामने था. टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन मार्टिन गुप्टिल के नाम हैं, लेकिन दूसरे और तीसरे नंबर के लिए रोहित शर्मा, विराट कोहली में रेस लग रही है.

कप्तान रोहित शर्मा ने पहले टी-20 मुकाबले में शानदार बैटिंग की और सिर्फ 19 बॉल पर चालीस रन बनाए. जब रोहित बैटिंग कर रहे थे, तब उन्होंने सबसे ज्यादा रनों के मामले में विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया था. लेकिन रोहित शर्मा आउट हुए तो विराट कोहली बल्लेबाजी करने आए.

विराट कोहली ने अपनी पारी में 17 रन बनाए और अपना विकेट गंवा बैठे. लेकिन इतनी ही पारी में वह फिर टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रनों के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए.

मैच शुरू होने से पहले
•    मार्टिन गुप्टिल – 112 मैच, 3299 रन
•    विराट कोहली – 95 मैच, 3227 रन
•    रोहित शर्मा – 119 मैच, 3197 रन

मैच शुरू होने के बाद
•    मार्टिन गुप्टिल – 112 मैच, 3299 रन
•    विराट कोहली – 96 मैच, 3244 रन
•    रोहित शर्मा – 120 मैच, 3237 रन

आपको बता दें कि टीम इंडिया ने इस मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बॉलिंग का फैसला लिया था, वेस्टइंडीज़ की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 157 रन बनाए. टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने वाले रवि बिश्नोई ने दो विकेट लिए. टीम इंडिया ने इस मुकाबले को 6 विकेट से जीता है, भारत की ओर से कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार 40 रन बनाए.

मध्‍य प्रदेश में दो हिस्से में बंटेगा राजधानी परियोजना प्रशासन, कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव

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भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राजधानी परियोजना प्रशासन (सीपीए) को बंद करने की घोषणा के बाद अब इसका खाका तैयार हो गया है। इसे दो हिस्से में बांटे जाने की तैयारी है। सड़क और भवनों के रखरखाव का काम लोक निर्माण विभाग देखेगा। जबकि, उद्यानों की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी जाएगी। पहले यह काम नगर निगम की उद्यानिकी शाखा को देने की तैयारी थी लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी। अब वन विभाग इसके लिए अलग से शाखा बनाएगा।

प्रतिनियुक्ति पर आए लगभग सवा तीन सौ अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके मूल विभागों में वापस लौटाया जाएगा और बाकी कर्मचारियों को नगर निगम और लोक निर्माण विभाग में समायोजित करना प्रस्तावित है। इस पर अंतिम निर्णय गुरुवार को होने वाली कैबिनेट में हो सकता है।

सीपीए के कामों को लेकर बार-बार उठने वाले सवालों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बंद करने के निर्देश दिए थे। दरअसल, भोपाल में प्रतिवर्ष सड़कों के खराब होने की समस्या सामने आती है। इसको लेकर लोक निर्माण, नगर निगम और सीपीए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते रहे हैं।

इसको लेकर मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में नाराजगी जताते हुए कहा था कि सीपीए का कोई मतलब नहीं रह गया है। इसे बंद करके एक ही एजेंसी को सड़क और भवनों के रखरखाव के काम सौंप दिए जाएं। सीपीए के पास शहर की 92 किलोमीटर की 52 सड़कें हैं। करीब 25 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने लोक निर्माण और वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद सीपीए को बंद करने और उसके दायित्व का बंटवारा विभागों के बीच करने का प्रस्ताव तैयार किया है।

सड़क और भवनों के रखरखाव के काम लोक निर्माण को सौंपे जाएंगे। शहर के 132 एकड़ में एकांत, प्रियदर्शनी, मयूर, चिनार, प्रकाश तरण पुष्कर सहित अन्य उद्यान को वन विभाग को देना प्रस्तावित किया गया है। विभाग इनके संधारण के लिए अलग से शाखा बनाएगा। इसमें उन अधिकारियों-कर्मचारियों को समायोजित किया जाएगा, जो फिलहाल सीपीए में उद्यानों से जुड़ा काम देखते हैं।

महाकाल मंदिर परिसर के 44 मंदिरों में सजेगी दीपमालिका, महाशिवरात्रि पर उज्‍जैन में दीपोत्सव

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उज्जैन । ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर दीपोत्सव की निराली छटा बिखरेगी। मंदिर प्रशासन कोटितीर्थ कुंड, परिसर में निर्धारित स्थान तथा सभा मंडप की छत पर 51 हजार दीप प्रज्वलित करेगा। इसके अलावा मंदिर परिसर स्थित 44 मंदिरों में भी दीपमालिका सजाई जाएगी। मंदिर प्रशासन ने पुजारियों से दीप प्रज्वलित करने का आह्वान किया हैं।

प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ ने बुधवार को परिसर स्थित मंदिरों में जाकर पुजारियों से दीपोत्सव को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि पर पहली बार नगर में दीपोत्सव मनाया जा रहा है। महामहोत्सव को चिरस्मरणीय बनाने के लिए हम सभी को पुरजोर प्रयास करना है। कोटितीर्थ कुंड के अलावा परिसर के सभी 44 मंदिरों में दीपमालिका सजाई जाएगी। इसके लिए पुजारियों को प्रत्येक मंदिर में क्षमता अनुसार दीपक लगाना है। शिखर पर विद्युत रोशनी भी की जानी चाहिए।

दीपोत्सव को लेकर पुजारियों में उत्साह नजर आ रहा है। प्रशासक के आह्वान पर सभी पुजारियों ने दीप प्रज्वलित करने को लेकर सहमती जताई तथा कहा कि पृथ्वी के नाभी केंद्र पर स्थित ज्योतिर्लिंग महाकाल महाशिवरात्रि पर दीपो की रोशनी से आकाशगंगा की तरह दमकता दिखाई देगा। देश और दुनिया के लिए दीपोत्सव का यह नजारा अद्वितीय होगा।

मंदिर कार्यालय में तैयार हो रही सूची

दीप प्रज्वलित करने के लिए अलग-अलग सेक्टर में कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई जाएगी। एक समय पर दीप प्रज्वलित करने के लिए स्वयंसेवक 1 मार्च को दोपहर से ही तैयारी में जुट जाएंगे। दिन में दीपक में तेल व बाती रखी जाएगी। शाम को कार्यकर्ता अलग-अलग लाइन में दीप प्रज्वलित करेंगे। सेक्टर वाइज कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय करने के लिए मंदिर कार्यालय में सूची तैयार की जा रही है।

प्रजापति समाज बना रहा दीपक

महाशिवरात्रि पर प्रशासन ने शहर में विभिन्ना् स्थानों पर 12 लाख दीपक प्रज्वलित करने का निर्णय लिया है। इतनी बड़ी तादाद में प्रजापति समाज द्वारा दीपक उपलब्ध कराए जाएंगे। माटी शिल्प से जुड़े प्रजापति समाजजन दीपक उपलब्ध कराने के लिए तैयारियों में जुट गए हैं। मौजूद स्टाक के अलावा नए दीये बनाने का काम शुरू हो गया है। अगर फिर भी दीपक कम पड़े तो समाजजन आसपास के शहरों में निवासरत प्रजापति बंधुओं से दीपक मंगवाएंगे।

वैदिक सत्संग मंडल 3100 दीप प्रज्वलित करेगा

वैदिक सत्संग मंडल द्वारा एक मार्च को ऋषि बौद्ध उत्सव एवं महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। मंडल अध्यक्ष पं.सुखदेव व्यास ने बताया बुधवार को बैठक में महाशिवरात्रि पर 3100 दीप प्रज्वलित करने का निर्णय लिया गया।

पीएससी में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर लगाई रोक, राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस

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बलपुर। हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश के जरिये एमपी पीएससी परीक्षा में 27 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग, ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी। इसी के साथ राज्य शासन व पीएससी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया।

मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ व न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता बैतूल निवासी निहारिका त्रिपाठी की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायदृष्टांतों के तहत किसी भी सूरत में आरक्षण का कुल प्रतिशत 50 से अधिक नहीं हो सकता। इसके बावजूद एमपी पीएससी द्वारा 31 दिसंबर, 2021 को पीएससी मुख्य परीक्षा का रिजल्ट घोषित करते हुए ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दे दिया गया। इस वजह से ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व ईडब्ल्यूएस का आरक्षण मिलाकर कुल प्रतिशत 73 पर पहुंच गया है। कायदे से सिर्फ 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण दिया जाना चाहिए। चूंकि ऐसा नहीं किया गया, अत: सामान्य वर्ग की याचिकाकर्ता हाई कोर्ट चली आई। हाई कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश के साथ नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया।

पीएससी को नए सिरे से सूची जारी करनी होगी : अधिवक्ता संघी ने बताया कि हाई कोर्ट के उक्त अंतरिम आदेश के साथ ही अब पीएससी को नए सिरे से सूची जारी करनी होगी। इसके तहत मुख्य परीक्षा-2021 के ओबीसी उम्मीदवारों को 27 के बदले 14 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित करना होगा। इससे सामान्य सहित अन्य वर्ग के जो आवेदक पिछड़ गए थे, वे स्थान पा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पूर्व आदेशों में जो व्यवस्था दी है, उसके अनुसार आरक्षण का प्रतिशत किसी भी हालत में 50 प्रतिशत से अधिक न होने पाए। लेकिन इस मामले में ऐसी गलती हुई। इसीलिए न्याय की मांग की गई है। हाई कोर्ट ने अंतरिम राहत दे दी है। लिहाजा, अंतिम आदेश भी याचिकाकर्ता के हक में सुनाए जाने की उम्मीद जाग गई है। इसे लेकर लंबे समय से सामान्य वर्ग के छात्र आवाज उठाते आए हैं। जबकि ओबीसी संगठन 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग पर अड़े हैं। इस सिलसिले में हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक बहस हो चुकी है। इसके बावजूद आरक्षण का प्रतिशत संवैधानिक व्यवस्था के विपरीत निर्धारित करना सर्वथा अनुचित है।

जल्द खत्म होंगे कोरोना से जुड़े तमाम प्रतिबंध, केंद्र ने राज्यों को लिखी चिट्ठी, शुरू हो सकती हैं नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

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देश में कोरोना के घटते मामलों को देखते हुए सरकार जल्द ही इससे जुड़े तमाम प्रतिबंध हटा सकती है। बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (States and UTs) से अपने राज्यों में लागू कोरोना प्रतिबंधों की समीक्षा कर उन्हें कम या खत्म करने के लिए कहा है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि देश में कोरोना के मामले (Corona Cases) लगातार घट रहे हैं, ऐसे में कोरोना प्रतिबंधों की समीक्षा कर उन्हें कम या खत्म करें। इसके साथ ही उन्होंने कोरोना की ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट और टीकाकरण को भी जारी रखने का आग्रह किया। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 30,615 नए मामले सामने आये। इस दौरान 514 मरीजों की मौत भी हुई।

अगले महीने शुरु हो सकती है रेग्यूलर अंतरराष्ट्रीय उड़ानेंं

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार मार्च से अप्रैल महीने के बीच कभी भी रेग्युलर इंटरनेशनल फ्लाइट्स को फिर से शुरू करने की इजाजत दे सकती है। माना जा रहा है कि डोमेस्टिक एयर ट्रैवलिंग कोविड पूर्व लेवल के 80 फीसदी पार होते ही रेग्युलर इंटरनेशनल फ्लाइट्स की सर्विस शुरू हो सकती है। कोविड पूर्व स्तर के 80 फीसदी तक पहुंचने के लिए 2,200 उड़ानों का उड़ान भरना जरुरी है। अभी लगभग 2000 डोमेस्टिक फ्लाइट्स उड़ान भर रही हैं। कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में निर्धारित इंटरनेशनल पैसेंजर फ्लाइट्स 23 मार्च, 2020 यानी करीब 23 महीने से निलंबित हैं। हालांकि, एयर बबल व्यवस्था के तहत जुलाई 2020 से भारत और लगभग 40 देशों के बीच विशेष यात्री उड़ानों का संचालन हो रहा है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी राहत

इससे पहले विदेश से आने वाले यात्रियों को बड़ी राहत प्रदान की कई है। विदेश से आनेवाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अब सात दिनों तक होम क्वांरटीन में रहने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, एयरपोर्ट पर होने वाली अनिवार्य कोविड टेस्टिंग से भी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को छूट मिलेगी। और ना ही उन्हें आठवें दिन आरटी-पीसीआर जांच कराने की जरूरत होगी। विदेशों से एयरपोर्ट पहुंचने वाले सभी यात्रियों में कुल यात्रियों के दो प्रतिशत की ही कोविड जांच की जा रही है। इस दौरान जिन लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं, उन्हें एयरपोर्ट से बाहर जाने की इजाजत भी दी जा रही है।