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दिग्विजय कांग्रेस का इकलौता चेहरा, जिसके खिलाफ शिवराज सरकार तल्ख और भाजपा मुखर

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भोपाल। सियासत में कुछ चेहरे ऐसे भी होते हैं, जो अपनी पार्टी से ज्यादा विपक्ष के लिए मुफीद बन जाते हैं। मध्य प्रदेश की सियासत में ऐसा ही चेहरा दिग्विजय सिंह बन चुके हैं, जो कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के लिए कारगर माने जा रहे हैं। अब तो कांग्रेस में एकमात्र वही ऐसे नेता बन गए हैं, जिनके खिलाफ हमेशा शिवराज सरकार की तल्खी बनी रहती है और भाजपा भी मुखर रहती है। शिवराज सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी हमलावर रहते हैं, लेकिन अघोषित तौर पर सत्ता-संगठन उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया नहीं करता। ताजा मामला सीएम हाउस के बाहर डूब प्रभावितों के हक के लिए दिग्विजय सिंह द्वारा धरना देने का है।

दिग्विजय के विरोध की पांच वजह

चुनाव नगर निकाय से लेकर विधानसभा या लोकसभा का क्यों न हो, दिग्विजय के कार्यकाल को भाजपा याद न दिलाए, ऐसा हो नहीं सकता है। दरअसल वर्ष 2003 से दिग्विजय सिंह सत्ता से बाहर हैं। 2018 में कमल नाथ कांग्रेस सरकार के मुखिया बने फिर भी भाजपा के लिए चुनौती सिर्फ दिग्विजय ही रहते हैं। इसकी पांच बड़ी वजहें सामने आती हैं, जो कमल नाथ के मुकाबले दिग्विजय सिंह को विरोध के लिए अधिक फायदेमंद साबित करती हैं।

1- सिंह की असफल मुख्यमंत्री की छवि गढ़ने में भाजपा की सफलता। भाजपा ने चुनावी अभियानों के साथ ही सियासत के हर छोटे-बड़े घटनाक्रम में दिग्विजय सिंह को कांग्रेस की विफल सरकार का चेहरा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। भाजपा, विशेषकर मुख्यमंत्री कांग्रेस की असफलता के लिए कमल नाथ के बजाय अब भी दिग्विजय सिंह की सरकार की याद दिलाते हैं।

2- दिग्विजय का हिंदुत्व विरोधी जिससे भाजपा को सियासत में हमेशा फायदा मिलता रहा है। सिंह की इसी छवि के चलते उन्हें 2019 के लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट से हार का सामना करना पड़ा था। सिंह के बयानों के आधार पर भाजपा कई बार चुनावों का धार्मिक ध्रुवीकरण करने में सफल रही है। ऐसा लाभ भाजपा को मध्य प्रदेश से बाहर दूसरे राज्यों में भी मिल चुका है। इस मामले में सॉफ्ट हिंदुत्व के चलते कमल नाथ भाजपा के निशाने पर नहीं आते।

3- दिग्विजय सिंह को राजा कहे जाने से उनके लिए गढ़ी गई गरीब विरोधी छवि। उन पर कांग्रेस में ही आदिवासी, दलित, पिछड़ेे और कमजोर वर्ग के नेताओं को अहम जिम्मेदारी से दूर रखने के आरोप लगते रहे हैं। जबकि कमल नाथ ने अपनी सरकार और संगठन में जातिगत संतुलन साधने की कोशिश की थी, जिसके चलते वह भाजपा के निशाने पर आने से बचते रहे हैं।

4-एक बड़ी वजह संगठन स्तर पर मिलने वाला लाभ। दिग्विजय के पूरे मध्य प्रदेश में समर्थक हैं। उनका विरोध करने पर पूरे प्रदेश से प्रतिक्रिया होती है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय हो जाते हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्तर के नेता के विरोध का मौका मिल जाता है। कमल नाथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, लेकिन प्रदेश में उनके उतने समर्थक नहीं हैं, जितने की दिग्विजय सिंह के।

5- दिग्विजय के राष्ट्रीय स्तर के सियासी कद का फायदा भी भाजपा को मिलता है। उनके विवादित बयान और उस पर कांग्रेस हाईकमान की चुप्पी साबित करती रही है कि वह किसी की परवाह नहीं करते। ऐसे में भाजपा जब दिग्विजय को घेरती है, तो न सिर्फ मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आता है, बल्कि हाईकमान को ही सीधे चुनौती देने का मौका मिल जाता है। जबकि कमल नाथ के साथ ऐसा नहीं है। वह विवादित बयानों से तो बचते ही हैं, साथ ही दिल्ली के संपर्क में रहते हैं। कोई विवादित स्थिति बन जाने पर पार्टी को साथ लेकर चलते हैं।

PM Modi ने होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण कर नेताजी को दी श्रद्धांजलि

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125वीं जयंती के मौके पर पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया। पीएम मोदी ने प्रतिमा के अनावरण के बाद कहा कि भारत मां के वीर सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर पूरे देश की तरफ से मैं आज उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि आज हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और इस मौके पर हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। पिछले साल देश ने नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाना शुरू किया गया है। आज इस अवसर पर सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार भी दिए गए। नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेकर ही इन पुरस्कारों को देने की घोषणा की गई थी।

पीएम मोदी के संबोधन की अहम बातें

    • भारत मां के वीर सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्म जयंती पर मैं पूरे देश की तरफ से कोटि-कोटि नमन करता हूं। ये दिन ऐतिहासिक है, ये कालखंड भी ऐतिहासिक है और ये स्थान जहां हम सब एकीकृत हैं, ये भी ऐतिहासिक है।
    • जिन्होंने भारत की धरती पर पहली आज़ाद सरकार को स्थापित किया था, हमारे उन नेताजी की भव्य प्रतिमा आज डिजिटल स्वरूप में इंडिया गेट के समीप स्थापित हो रही है। जल्द ही इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर ग्रेनाइट की विशाल प्रतिमा भी लगेगी।
    • आज़ादी के अमृत महोत्सव का संकल्प है कि भारत अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करेगा। ये दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया।
    • स्वाधीनता संग्राम में लाखों-लाख देशवासियों की तपस्या शामिल थी लेकिन उनके इतिहास को भी सीमित करने की कोशिशें हुईं। लेकिन आज आजादी के दशकों बाद देश उन गलतियों को डंके की चोट पर सुधार रहा है, ठीक कर रहा है।
    • ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष, आज के ही दिन मुझे कोलकाता में नेताजी के पैतृक आवास भी जाने का अवसर मिला था। जिस कार से वो कोलकाता से निकले थे, जिस कमरे में बैठकर वो पढ़ते थे, उनके घर की सीढ़ियां, उनके घर की दीवारें, उनके दर्शन करना, वो अनुभव, शब्दों से परे है।
    • मैं 21 अक्टूबर 2018 का वो दिन भी नहीं भूल सकता जब आजाद हिंद सरकार के 75 वर्ष हुए थे। लाल किले में हुए विशेष समारोह में मैंने आजाद हिंद फौज की कैप पहनकर तिरंगा फहराया था। वो पल अद्भुत है, अविस्मरणीय है।
    • नेताजी कहते थे- “कभी भी स्वतंत्र भारत के सपने का विश्वास मत खोना, दुनिया की कोई ताकत नहीं है जो भारत को झकझोर सके।”आज हमारे सामने आज़ाद भारत के सपनों को पूरा करने का लक्ष्य है। हमारे सामने आज़ादी के सौंवे साल से पहले नए भारत के निर्माण का लक्ष्य है।
    • नेताजी सुभाष कुछ ठान लेते थे तो फिर उन्हें कोई ताकत रोक नहीं पाती थी। हमें नेताजी सुभाष की ‘Can Do, Will Do’ स्पिरिट से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है।
    • 2001 में गुजरात में भूकंप आने के बाद जो कुछ हुआ, उसने आपदा प्रबंधन के मायने बदल दिए। हमने तमाम विभागों और मंत्रालयों को राहत और बचाव के काम में झोंक दिया। उस समय के जो अनुभव थे, उनसे सीखते हुए ही 2003 में गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन अधिनियम बनाया गया।
    • रिलीफ, रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन पर जोर देने के साथ ही रिफॉर्म पर भी बल दिया है। हमने NDRF को मज़बूत किया, उसका आधुनिकीकरण किया, देश भर में उसका विस्तार किया। स्पेस टेक्नोलॉजी से लेकर प्लानिंग और मैनेजमेंट तक, बेस्ट पॉसिबल प्रैक्टिस को अपनाया गया।

पश्चिम बंगाल में कोरोना से 36 मौतें, पॉजिटिविटी रेड 9.53 फीसदी

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर देश के चार सबसे बड़े शहरों में चरम पर पहुंच चुकी है. दिल्ली में इस साल जनवरी में, शनिवार तक, लगभग 70 मिलीमीटर बारिश हुई जो कि इस महीने में पिछले 32 साल में हुई सर्वाधिक बारिश है.

पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस के संक्रमण से पिछले 24 घंटे में 36 लोगों की मौत हो गयी. इस दौरान 6,980 लोग संक्रमित पाये गये हैं. राज्य में कोरोना की पॉजिटिविटी रेट 9.53 फीसदी है, जबकि एक्टिव केस की संख्या 1,10,183 पहुंच गयी है.

COVID-19 के बढ़ते मामलों के चलते चुनाव आयोग ने रैलियों पर 31 जनवरी तक बढ़ाया प्रतिबंध

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भारत के चुनाव आयोग ने शनिवार को COVID-19 मामलों में वृद्धि के मद्देनजर चुनावी रैलियों पर प्रतिबंध 31 जनवरी 2022 तक बढ़ा दिया। घर-घर जाकर प्रचार करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा 5 व्यक्तियों की सीमा 10 व्यक्तियों तक बढ़ा दी गई है। पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान अगले महीने शुरू होने वाला है।

चुनाव आयोग ने COVID-19 मामलों में वृद्धि के बीच चुनाव प्रचार के नियमों में कुछ छूट दी थी। 22 जनवरी से, चरण -1 के चुनाव अभियान के लिए, अधिकतम 500 व्यक्तियों को COVID प्रोटोकॉल का पालन करते हुए खुले स्थानों में एकत्र होने की अनुमति है। 1 फरवरी से, चरण -2 चुनाव अभियान के लिए, उम्मीदवारों या राजनीतिक दलों को COVID प्रोटोकॉल का पालन करते हुए निर्दिष्ट खुले स्थानों में 500 व्यक्तियों तक की सार्वजनिक बैठकें करने की अनुमति है।

कोरोना महामारी के बीच चुनाव सुरक्षित भी हो और उम्मीदवारों को जनता के बीच जाने का अवसर भी मिले, इसे लेकर मंथन तेज हो गया है। इस संबंध में शनिवार को चुनाव आयोग की केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव के साथ बैठक हुई है। हर चरण में एक हफ्ते तक प्रचार की छूट देने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। पांच राज्यों में लगे प्रतिबंध को 31 जनवरी के अंत तक बढ़ाया गया है। उसके बाद पहले चरण वाले क्षेत्रों में प्रचार की अनुमति दी जा सकती है। यह छूट चरणवार दी जाएगी, ताकि एकबारगी पूरे प्रदेश में भीड़ न इकट्ठी होने लगे।

सारा अली खान और विक्की कौशल की शादी का सीन इंदौर में हुआ शूट

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इंदौर। इंदौर में चल रही लुकाछुपी 2 की शूटिंग के दौरान शनिवार को सारा अली खान और विक्की कौशल की शादी का सीन फिल्माया गया। इंदौर के केट रोड पर स्थित पुष्प वाटिका में इसकी शूटिंग की गई। सारा पिंक कलर की साड़ी में नजर आईं और विक्की कौशल सिर पर साफा बांधे और शेरवानी पहने दिखे। सारा अली खान और विक्की कौशल लुकाछुपी 2 के लिए पिछले कई दिनों से इंदौर के अलग-अलग इलाकों में शूटिंग कर रहे हैं। कभी सारा अली खान विक्की कौशल के साथ इंदौर की सड़कों पर बाइक पर घूमती नजर आईं तो कभी उनके साथ शापिंग करती दिखी थीं।

विक्की कौशल से मिलने कैटरीना कैफ भी आ गई थीं इंदौर

विक्की कौशल से मिलने के लिए कैटरीना कैफ मुंबई से इंदौर आ गई थीं। शादी को एक महीना पूरा होने पर उन्होंने यहां सेलिब्रेट भी किया और साथ मौजूद फिल्म के क्रू मेंम्बर्स को पार्टी भी दी। कैटरीना कुछ दिनों तक इंदौर में ही रुकीं और विक्की के साथ वक्त बिताया। लुकाछुपी 2 की शूटिंग के दौरान विक्की लंबे समय से इंदौर में ही थे और वे मुंबई नहीं जा पा रहे थे, तो कैटरीना खुद ही उनसे मिलने चली आईं।

सारा अली खान के साथ मां अमृता सिंह

सारा अली खान के इंदौर पहुंचने के बाद मां अमृता सिंह भी यहां आ गईं थी। इसके बाद वे उज्जैन के महाकाल मंदिर और इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में दर्शन करने भी गए थे। अमृता सिंह और सारा अली खान फिल्म की शूटिंग ज्यादातर समय होटल में ही बिताते हैं।

मध्य प्रदेश के चंबल, सागर संभाग समेत कई जिलों में रविवार को भी बारिश की संभावना

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भोपाल । मध्य प्रदेश में एक सप्ताह के बाद एक बार फिर बारिश को लेकर अलर्ट की स्थिति बनी है। राजस्थान में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मध्य प्रदेश के चंबल और सागर संभाग समेत कई जिलों में शनिवार शाम को बारिश हुई और रविवार को भी इन्हीं क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। यह पहला मौका है जब ठंड के सीजन में कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके अलावा वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। इसके प्रभाव से ही पश्चिमी राजस्थान के मध्य में एक प्रेरित कम दबाव का क्षेत्र बना है।

ठंड में कम दबाव दुर्लभ घटना

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रेरित कम दबाव का क्षेत्र बनना मौसम विज्ञान की दुर्लभ घटनाओं में से एक है। इन दो वेदर सिस्टम के असर से ग्वालियर, चंबल, सागर, भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर उज्जैन संभागों के जिलों में बारिश हो रही है। रविवार को भी बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं बौछारें पड़ सकती हैं।

रीवा में 5 मिलीमीटर बारिश हुई

मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक रीवा में पांच, धार में तीन, रतलाम में तीन, खजुराहो में 2.2, शाजापुर में दो, नौगांव में दो, सतना में 0.6, ग्वालियर में 0.5, इंदौर में 0.2 मिलीमीटर बारिश हुई।

भोपाल का तापमान सामान्य से अधिक

भोपाल का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से एक डिग्री से. अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री से. रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से तीन डिग्री से. अधिक रहा। यह शुक्रवार के न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री से. की तुलना में 2.2 डिग्री से. अधिक रहा। साहा के मुताबिक बादल छाने के कारण रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि प्रेरित चक्रवात के रूप में कम दबाव का क्षेत्र बनने की घटना बहुत ही कम देखने में आती है। वर्तमान में पाकिस्तान और राजस्थान पर बने वेदर सिस्टम के कारण मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश हो रही है। रविवार को भी बादल बने रहने के साथ ही ग्वालियर, चंबल, रीवा, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश होने के आसार हैं। सोमवार से मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है।

भारत में ही आयोजित होगा इस साल आईपीएल, मुंबई में होंगे बिना भीड़ के मैच

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भारत में ही होगा। यह मुंबई में होगा और बिना भीड़ के होगा। बीसीसीआई के शीर्ष सूत्र ने समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से बताया कि #IPL2022 बिना भीड़ के भारत में होगा। संभावित स्थान वानखेड़े स्टेडियम, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया (सीसीआई), मुंबई और पुणे में डीवाई पाटिल स्टेडियम हैं। पिछले साल, आईपीएल को साल के उत्तरार्ध में यूएई में स्थानांतरित करने से पहले भारत के कुछ हिस्सों में आयोजित किया गया था। 2021 का संस्करण भारत में दर्शकों के बिना शुरू हुआ था, लेकिन COVID-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान जैव-बुलबुले के भीतर COVID-19 मामलों के उभरने के बीच इसे बीच में ही स्थगित कर दिया गया था। बाद में सितंबर में आईपीएल का बचा हुआ हिस्सा यूएई में खत्म हुआ।

इससे पहले, बीसीसीआई ने 2020 में आईपीएल के 13वें संस्करण और पिछले साल आईपीएल के 14वें संस्करण के दूसरे चरण के आयोजन के लिए अमीरात क्रिकेट बोर्ड को लगभग 150 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में बीसीसीआई अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि बोर्ड लगातार तीसरे साल उस तरह का पैसा देने को तैयार नहीं है।

इसके अतिरिक्त, दो नई टीमों (अहमदाबाद और लखनऊ फ्रेंचाइजी) के आने से आईपीएल का विस्तार 10 फ्रेंचाइजी तक हो गया है, और इसलिए मैचों की संख्या में भी वृद्धि होगी। “यूएई में केवल तीन मैदान हैं, इसलिए टूट-फूट और अधिक होगी। दूसरी बात, शारजाह जैसे स्थल को देखें – टॉस के आधार पर यह पिछले सीजन में इतना अनुमानित था।

प्रियंका वाड्रा बोली, मैंने चिढ़कर कहा था कि मैं ही CM का चेहरा हूं, भाजपा का पलटवार

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कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका वाड्रा ने आज कहा कि मेरी पार्टी कहीं-कहीं पर ये तय करती है कि CM का चेहरा कौन बनेगा और कहीं पर तय नहीं करती है,ये पार्टी का तरीका है। मैं ये नहीं कह रही हूं कि CM का चेहरा मैं ही हूं,वो मैंने चिढ़ कर कह दिया क्योंकि बार-बार वो ही सवाल पूछे जा रहे हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि हम पूरी शक्ति से चुनाव लड़ रहे हैं। विकास, बेरोज़गारी, महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा के जिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए वो मुद्दे मुख्य तौर पर कांग्रेस उठा रही है। कांग्रेस जनता की आवाज़ उठा रही है,आशा है कि इसका नतीजा अच्छा होगा।

#WATCH मेरी पार्टी कहीं-कहीं पर ये तय करती है कि CM का चेहरा कौन बनेगा और कहीं पर तय नहीं करती है,ये पार्टी का तरीका है। मैं ये नहीं कह रही हूं कि CM का चेहरा मैं ही हूं,वो मैंने चिढ़ कर कह दिया क्योंकि बार-बार वो ही सवाल पूछे जा रहे हैं

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि सभी राजनीतिक दल असलियत को छुपाकर चुनाव के समय ऐसे मुद्दे उठाना चाह रहे हैं जो जज़्बाती हैं जैसे जाति, सांप्रदायिकता पर आधारित मुद्दे क्यों​कि वो विकास की बात नहीं करना चाहते हैं। इससे नुकसान सिर्फ जनता और ​फायदा राजनीतिक दलों का होता है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने बेरोज़गारों नौजवानों के लिए क्या किया है? चुनाव आता है तो कहते हैं कि 25 लाख नौकरियां देंगे, कभी ये समझाया है कि रोज़गार कहां से आएगा? हमने ये कहा कि हम 20 लाख नौकरियां देंगे, हमने हवा में नहीं कहा। हमने पूरा घोषणापत्र निकाला है।

प्रियंका वाड्रा ने कहा कि 5 साल से उत्तर प्रदेश में इनकी सरकार है, इनको पिछला महीना ही मिला हवाईअड्डे, हाईवे का उद्घाटन करने और नई इंडस्ट्री लगाने के लिए..क्या इससे पहले इनके पास समय नहीं था? चुनाव के सिर्फ एक महीने पहले आप सब घोषणाएं कर रहे हैं, घोषणाएं करनी हैं तो ठोस तरह से करें। जब एक पार्टी 400 सीटों में से सिर्फ 100 या 200 सीटों पर चुनाव लड़ती है तो ये बात साफ है कि पार्टी जिन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ती है उन सीटों पर वो कमजोर होती जाती है। हमारी पार्टी के लिए अकेले चुनाव लड़ना और अपनी पार्टी को सशक्त बनाना बहुत जरूरी था।

भाजपा ने किया पलटवार

उत्तर प्रदेश के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने प्रियंका गांधी वाड्रा पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्होंने कल कहा कि मैं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की तरह से मुख्यमंत्री का चेहरा हूं और आज उस बात से पलट गई हैं। तो साफ है कि ‘मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारा उनका खोखला है। पहले आप अपने नारे को सिद्ध करके दिखाएं।

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों द्वारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने के साथ ही चुनावी घोषणा पत्र में कई लोक लुभावने वादे किए जा रहे हैं। कांग्रेस की पोस्टर गर्ल प्रियंका मौर्य ने भाजपा ज्वाइन करके भले ही कांग्रेस के कैम्पेन ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ की हवा निकाल दी हो लेकिन कांग्रेस पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा को अभी लगता है कि कांग्रेस चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेगी।

कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर चुनावी घोषणा पत्र जारी किया तो एक पत्रकार ने प्रियंका वाड्रा से सवाल पूछ लिया कि क्या आप उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का चेहरा है और विधानसभा चुनाव लड़ेगी क्या तो इस पर पलटवार करते हुए प्रियंका वाड्रा ने सवाल कर लिया कि उत्तर प्रदेश में क्या आपको और कोई चेहरा नजर आ रहा है क्या?

प्रियंका चुनाव लड़ेंगी या नहीं, नहीं किया खुलासा

हालांकि प्रियंका वाड्रा ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह चुनाव लड़ेंगी या नहीं। मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में उनसे पूछे गए सवाल का सीधा जवाब नहीं देते हुए उन्होंने कहा कि आपको कोई दूसरा चेहरा नहीं दिखता।

प्रियंका चोपड़ा शादी के 3 साल बाद सरोगेसी से बनी मां

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बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और उनके पति व मशहूर सिंगर निक जोनस के घर खुशखबरी आई है। यह चर्चित जोड़ी अब माता-पिता बन चुके हैं। देर रात प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस ने वेलकम बेबी का मैसेज शेयर किया और इसके बाद प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस को उनके फैन्स ने बधाई देना शुरू कर दी। गौरतलब है कि प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की शादी के तीन साल बाद उनके घर में यह खुशखबरी आई है।

मां बनकर काफी खुश है प्रियंका

मां बनने के बाद बेहद खुश प्रियंका चोपड़ा ने फैन्स को बताया कि उनके घर में सरोगेसी के जरिए बच्चे का जन्म हुआ है। हालांकि अभी यह नहीं बताया गया है कि सरोगेसी के जरिए उनके घर कोई बेटा आया है या बेटी। ‘देसी गर्ल’ प्रियंका चोपड़ा ने देर रात सोशल मीडिया पर निक जोनस को टैग करते हुए एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा- ‘हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम सरोगेसी के जरिए एक बच्चे का स्वागत कर रहे हैं। हम सम्मान पूर्वक कहना चाहेंगे कि इस खास समय में हम अपनी निजता का ख्याल रखते हुए अपने परिवार पर ध्यान देना चाहेंगे। सभी को धन्यवाद’। इस पोस्ट को शेयर करते हुए प्रियंका चोपड़ा ने एक हार्ट इमोजी शेयर की है।

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस को कई हस्तियों ने दी बधाई

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनास के बच्चे के जन्म के बाद कई बॉलीवुड सेलेब्स ने उन्हें बधाई देना शुरू कर दिया। अथिया शेट्टी, लारा भूपति, पूजा हेगड़े, नेहा धूपिया, हुमा कुरैशी, प्रज्ञा कपूर और कई अन्य सेलेब्स ने उनके पोस्ट पर उन्हें बधाई दी है। साथ ही आलिया भट्ट, कार्तिक आर्यन, विक्की कौशल, अर्जुन कपूर समेत कई लोगों ने प्रियंका के पोस्ट को लाइक किया है।

‘द जोनस ब्रदर्स फैमिली रोस्ट’ शो में प्रियंका ने किया था खुलासा

प्रियंका चोपड़ा ने ‘द जोनस ब्रदर्स फैमिली रोस्ट’ शो के दौरान निक के साथ बेबी प्लानिंग को लेकर कुछ बातें कहीं थीं। तब प्रियंका ने कहा था कि ‘हम अकेले ऐसे कपल हैं, जिनके अभी तक बच्चे नहीं हुए हैं। इसी कारण से आज मैं सबके सामने बताना चाहती हूं कि निक और मैं बेबी प्लान कर रहे हैं।

इसके अलावा भी एक इंटरव्यू में प्रियंका चोपड़ा ने बच्चों के लिए अपनी योजनाओं के बारे में कहा था कि ‘बच्चे भविष्य के लिए हमारी इच्छा का एक बड़ा हिस्सा हैं। ईश्वर की कृपा से जो होता है, होता है। लेकिन जब बताया गया कि वह और निक जोनस काफी बिजी लाइफस्टाइल जीते हैं। तो प्रियंका कहती हैं- ‘नहीं, हम अभ्यास करने में ज्यादा व्यस्त नहीं हैं।’ गौरतलब है कि प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की शादी 3 साल 22 दिन पहले उदयपुर के उम्मेद भवन में हुई थी। शादी हिंदू और ईसाई रीति-रिवाजों से हुई थी।

भोपाल में सीएम हाउस दंडवत करते हुए जा रहे मिर्ची बाबा को पुलिस रोककर साथ ले गई

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भोपाल। गो-माताओं की भूख व सड़क हादसों मौतें न हो। उनकी रक्षा करने के लिए प्रदेश सरकार गंभीरता दिखाए। इसी मांग को लेकर मिर्ची बाबा का अनशन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्‍यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा का मीनाल रेसीडेंसी अपने घर के बरामदे में अनशन कर रहे हैं। शनिवार को भी मिर्ची बाबा अपने घर के बरामदे में अनशन पर बैठे हैं। इसी दोपहर को वे दंडवत करते हुए मुख्यमंत्री आवास रवाना हो गए थे। मिर्ची बाबा को राजभवन के पास पुलिस ने रोका और अपने साथ ले गई।

मिर्ची बाबा ने बताया कि गो-माता की रक्षा के लिए प्राण भी त्यागने पड़ें तो भी पीछे नहीं हटूंगा। बाबा ने अपनी मांग फिर दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गो-माताओं की रक्षा की जाए। उनके लिए चारे व भूसा की पर्याप्‍त व्यवस्था की जाए। हर गोमाता के हिसाब से सरकार रोजाना 50-50 रुपये स्वीकृत करे। शुक्रवार को मिर्ची बाबा से मिलने मुरैना से कांग्रेस विधायक राकेश मावई पहुंचें। विधायक मावई से बाबा ने मुरैना में बीते दिनों हुई गो-माताओं की मौतों के बारे में जानकारी ली। उधर मिर्ची बाबा के घर के बाद पुलिस की तैनाती बनी रही। अयोध्या नगर के टीआई शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि मिर्ची बाबा घर के बरामदे में अनशन कर रहे हैं। बाहर पुलिस के जवानों की तैनाती की गई। बता दें कि मिर्ची बाबा गो-माताओं के विरोध में गुरुवार को मीनाल रेसीडेंसी से मुख्यमंत्री निवास पर पैदल यात्रा निकाल रहे थे। पुलिस ने बाबा को घर के बाहर ही रोक दिया। इससे नाराज मिर्ची बाबा घर में अनशन पर बैठे हुए हैं। मिर्ची बाबा के सहयोगी गोपाल ने बताया कि पुलिस बाबा को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से नहीं मिलने दे रही है। बाबा एक बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर प्रदेश में हो रही गो-माताओं की मौतों पर चर्चा करनी है।